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	<title>बारिश &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>माताजी संघ की इंद्रदेव ने की अभूतपूर्व अगवानी: बारिश भी नहीं तोड़ पाई भक्तों का उत्साह  </title>
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		<pubDate>Sun, 22 Jun 2025 16:59:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के शिष्य आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी की शिष्या आर्यिका प्रशममति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी का शनिवार सुबह नगर में आगमन हुआ। जैसे ही नगर में आगमन हुआ इंद्रदेव जमकर बरसे। मानो लग रहा था इंद्रदेव भी आगमन से हर्षित हो रहे हैं। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। समाधिस्थ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के शिष्य आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी की शिष्या आर्यिका प्रशममति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी का शनिवार सुबह नगर में आगमन हुआ। जैसे ही नगर में आगमन हुआ इंद्रदेव जमकर बरसे। मानो लग रहा था इंद्रदेव भी आगमन से हर्षित हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के शिष्य आचार्य श्री ज्ञेय-सागर जी की शिष्या आर्यिका प्रशममति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी का शनिवार सुबह नगर में आगमन हुआ। जैसे ही नगर में आगमन हुआ इंद्रदेव जमकर बरसे। मानो लग रहा था इंद्रदेव भी आगमन से हर्षित हो रहे हैं। माताजी संघ को नगर की सीमा पर स्थित कमल फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप से थाना चौराहा होते हुए बाजार नंबर एक शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। मार्ग में माताजी संघ ने श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के भी दर्शन किए। माताजी संघ का भारी वर्षा के बीच नगर के प्रमुख मार्गाे से होते हुए आगमन हो रहा था तो इंद्रदेव उनकी अगवानी में जमकर बरस रहे थे । भारी वर्षा के बीच भक्तों के उत्साह में भी कोई कमी नहीं थी एवं तन-मन-धन समर्पित करते हुए भक्त गुरु मां के साथ भारी बारिश की परवाह किए बिना अपना सर्वत्र समर्पित किए हुए थे एवं भक्तिमय भजनों पर झूम रहे थे। बस यही मन में भाव कर रहे थे बारिशों की छम-छम में गुरु मां तेरे दर पर आए हैं।</p>
<p><strong> ‘गुरु मा दया कर दो झोलियां सबकी भर दो’ भजनों पर झूमे भक्त </strong></p>
<p>‘गुरु मा दया कर दो झोलियां सबकी भर दो पारस प्यारा लागों’ आदि भजनो पर झूमते हुए भक्त भक्ति से ओत-प्रोत थे। निश्चित रूप से रामगंजमंडी में भक्तों की भक्ति समर्पण का एक अभूतपूर्व उदाहरण देखने को मिला। जैसे ही गुरु मां शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची मंदिर के प्रवेश द्वार पर संरक्षक अजीत कुमार सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, एवंम समाजबंधुओं ने गुरु मां की अगवानी की। माताजी ने मूलनायक शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए एवं समस्त जिनालय के दर्शन करते हुए जिनालय का अवलोकन किया। माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि नगर में साधु विराजमान हैं तब तक साधु को ही प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि धरती पर साधु का अभाव हो जाएगा तो धर्म समाप्त हो जाएगा। जैन धर्म बहुत सुंदर हैं, लेकिन स्वार्थ के कारण हमने इस जटिल बना दिया है। दोपहर की बेला में स्वाध्याय हुआ एवं संध्या बेला में माताजी का मंगल विहार सराफ फार्म हाउस तक हुआ। रविवार की प्रातः माता जी का आगमन मोड़क ग्राम में हुआ। आहारचर्या भी वही हुई। माताजी संघ का इस वर्ष का वर्षायोग सिंगोली मध्यप्रदेश में होगा।</p>
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		<title>बरसात में बीमारियों से कैसे करें बचाव : घर में बना भोजन लें, स्ट्रीट फूड बिल्कुल न खाएं- डाॅ. लेफ्टिनेंट कर्नल रवि जैन  </title>
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		<pubDate>Sat, 20 Jul 2024 08:33:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बारिश के आते ही बढ़ गया मौसमी बीमारियों का खतरा, जानें-कैसे करें इससे बचाव, क्‍या कहते हैं चिकित्‍सक रवि जैन। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230; मुरैना। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बारिश के आते ही बढ़ गया मौसमी बीमारियों का खतरा, जानें-कैसे करें इससे बचाव, क्&#x200d;या कहते हैं चिकित्&#x200d;सक रवि जैन। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है। बारिश के आते ही बढ़ गया मौसमी बीमारियों का खतरा, जानें-कैसे करें इससे बचाव, क्&#x200d;या कहते हैं चिकित्&#x200d;सक रवि जैन ।</p>
<p>ऐसे मौसम में बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना भोजन ले।</p>
<p>मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी की मार से राहत तो मिली हैं लेकिन मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित करने के लिए अच्छे पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बीमारियों से लड़ने में सफल रहे।</p>
<p><strong>इन बीमारियों के फैलने की आशंका ऐसे करे बचाव</strong></p>
<p>वरिष्ठ चिकित्सक डा. रवि जैन के अनुसार वर्षाकाल में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरो से फैलने वाली बीमारियों में मलेरिया, डेंगू, हैजा, टाइफोइड, हेपेटाइटिस ए आदि शामिल है।</p>
<p>&#8211; बरसात के मौसम में मलेरिया से अधिक लोग ग्रस्त होते है। बारिश के पानी से भरे रहने पर उसमे मच्छरो की प्रजनन क्रिया होती है। बचाव को भरे पानी को साफ कर मलेरिया के खतरे को रोका जा सकता हैं।</p>
<p>&#8211; डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जोकि एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचने के लिए मच्छरो को शरीर पर काटने से बचाये तथा मच्छरदानी का प्रयोग व पूरी बाहे के कपडे पहने।</p>
<p>&#8211; हैजा एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कलरा फैलाता है। इस रोग के होने पर दस्त व दिहाइड्रैशन की समस्या हो सकती है। बचाव के लिए हल्का गर्म पानी पीना चाहिए।</p>
<p>&#8211; टाइफाइड बुखार दूषित भोजन व पानी से होता है। बचाव के लिए घर के आसपास स्वच्छता बनाएं और गंदगी जमा न होने दे। बीमार पडऩे पर तुरंत चिकिस्तक से संपर्क करे।</p>
<p>&#8211; हेपेटाइटिस ए संक्रमण दूषित पानी व भोजन के कारण होता है। यह बीमारी लिवर को अधिक प्रभावित करती है। बचाव के लिए साफ सफाई से भोजन व पानी पिए।</p>
<p><strong>यह बचाव के देसी उपाय</strong></p>
<p>बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पीना उचित होता हैं और सीधे नल का पानी न पीये।</p>
<p>&#8211; बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना भोजन ले।</p>
<p>&#8211; अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए।</p>
<p>&#8211; सक्रमण व बुखार से बचने के लिए अदरक, तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी, इलायची की चाय बनाकर पीनी चाहिए।</p>
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		<title>अच्छी वर्षा एवं उत्तम फसल उत्पादन का योग: आद्रा नक्षत्र में आज होगा सूर्य का प्रवेश </title>
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		<pubDate>Sat, 22 Jun 2024 03:30:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ आद्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। इस बार गर्मी अधिक पड़ी है तो सामान्य बात है वर्षा अच्छी होगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने ज्योतिष गणना द्वारा बताया कि 21 जून रात्रि 12:05 बजे सूर्य आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> आद्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। इस बार गर्मी अधिक पड़ी है तो सामान्य बात है वर्षा अच्छी होगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने ज्योतिष गणना द्वारा बताया कि 21 जून रात्रि 12:05 बजे सूर्य आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मीन लग्न उदित हो चुका होगा। पूर्णिमा तिथि, शुक्रवार, मूल नक्षत्र, शुक्ल योग, बव करण का संयोग बन रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> आद्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। इस बार गर्मी अधिक पड़ी है तो सामान्य बात है वर्षा अच्छी होगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने ज्योतिष गणना द्वारा बताया कि 21 जून रात्रि 12:05 बजे सूर्य आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मीन लग्न उदित हो चुका होगा। पूर्णिमा तिथि, शुक्रवार, मूल नक्षत्र, शुक्ल योग, बव करण का संयोग बन रहा है। जैन ने बताया कि सूर्य के आद्रा लग्न कुंडली का वर्षा, फसल,अनाजो, दाल,तिलहन की सभी उपज पर सीधा असर पड़ने से इनकी मंहगाई,और सस्ती को प्रभावित करती है। पूर्णिमा तिथि में आद्रा नक्षत्र में प्रवेश से जनता में खुशी,सुख समृद्धि रहेगी वर्षा सामान्य कही अधिक होगी।</p>
<p>तिल तिलहन, दलहन, चना, किराना, मूंग, उड़द, हल्दी में तेजी का रुख वर्ष में आगे बनेगा। शुक्रवार को आद्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से जनता सुरक्षित और अपने आप को शांति का अनुभव करेगी श्रम का उचित मूल्य मिलेगा देश में फिल्म एंड्रस्टीज का आकर्षण युवाओं में बढ़ेगा लोगो का भोग- विलासिता की तरफ आकर्षण बढ़ेगा। उस दिन मूल नक्षत्र होने से वे मौसम वर्षा से दलहन, तिलहन मूंग,मोठ की पैदावार कम होने से आगे इनके अच्छे दाम बढ़ने से तेजी बनेगी। जनता में संक्रमण रोग फैलने से भय बनेगा। शुक्ल योग होने से पृथ्वी पर वर्षा अच्छी होगी दक्षिण, पश्चिमी दिशा, विहार, केरल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड में अधिक वर्षा बाढ़ से जन जीवन अस्त व्यस्त रहेगा। .</p>
<p>बव करण से खेती की उपज अच्छी होगी वर्षा अनेक स्थानों पर समय अनुसार होती रहेगी इस से कृषक वर्ग प्रसन्न रहेगा। आद्रा लग्न मीन लग्न होने से केंद्र में सूर्य, बुध, शुक्र की युति एवं इन पर चंद्रमा की दृष्टि से कुल मिलाकर वर्षा सामान्य और कुछ स्थाने पर अति वर्षा, बाढ़ से जन धन हानि भूस्खलन के योग बनते हैं।</p>
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