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	<title>बघेरवाल छात्रावास &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मुनिश्री सुप्रभसागरजी ने कहा बैर भाव, क्रोध, कषाय की गांठ क्षमा धर्म से ही खुलती है: मुनिराजों के सानिध्य में दशलक्षण पर्व आरंभ, द्वितीय विद्या वर्धन श्रावक संस्कार शिविर भी होगा </title>
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		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 09:42:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री शांतिसिंधु प्रभावना पावन वर्षायोग के तत्वावधान में आचार्य श्री वर्धमानसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुप्रभ सागरजी महाराज और आचार्य श्री सुमति सागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री वैराग्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व की आराधना देवपुरा स्थित बघेरवाल छात्रावास के शांतिसिंधु सभा मंडपम में गुरुवार को आरंभ हुई। बूंदी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री शांतिसिंधु प्रभावना पावन वर्षायोग के तत्वावधान में आचार्य श्री वर्धमानसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुप्रभ सागरजी महाराज और आचार्य श्री सुमति सागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री वैराग्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व की आराधना देवपुरा स्थित बघेरवाल छात्रावास के शांतिसिंधु सभा मंडपम में गुरुवार को आरंभ हुई। <span style="color: #ff0000">बूंदी से पढ़िएरविन्द्र काला की , यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बूंदी।</strong> श्री शांतिसिंधु प्रभावना पावन वर्षायोग के तत्वावधान में आचार्य श्री वर्धमानसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुप्रभ सागरजी महाराज और आचार्य श्री सुमति सागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री वैराग्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व की आराधना देवपुरा स्थित बघेरवाल छात्रावास के शांतिसिंधु सभा मंडपम में गुरुवार को आरंभ हुई। चातुर्मास व्यवस्था समिति के मंत्री दिनेश बोरखंडिया ने बताया कि दशलक्षण पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म पर प्रवचन हुए। मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि इन दस दिनों में धर्म आराधना और चिंतन नहीं कर पाए तो पूरा वर्ष व्यर्थ हो जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व के दिनों में मन और मतभेद को मिलाने की आवश्यकता है। व्यक्ति ने मन में जो बैर भाव, क्रोध, कषाय की गांठ बांध रखी है वह गांठ केवल धर्मरूपी क्षमा धर्म से ही खुल सकती है। जीवन में मन के क्रोध, कषाय, बैर भाव को समाप्त करके ही मनुष्य सच्चे सुख व शांति को प्राप्त कर सकता है।</p>
<p><strong>किसी भी समस्या का हल क्षमा भाव से ही संभव </strong></p>
<p>मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज ने कहा कि क्रोधी व्यक्ति का धर्म, धन, बुुद्धि नष्ट हो जाती है। व्यक्ति को मन में क्रोध का भाव हो तो उसके निर्णय करने की शक्ति भी समाप्त हो जाती है। मुनिश्री ने कहा कि क्रोध में व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ दूसरे को भी जलाता है।</p>
<p>किसी भी समस्या का हल क्षमा भाव से ही होता है। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष पदम बरमुंडा और संयोजक कमल कोठिया ने बताया कि दशलक्षण मंडल एवं श्रावक संस्कार शिविर के मुख्य मंगल कलश की स्थापना कैलाशचंद, ओमप्रकाश, नरोत्तम आयुष, आरुष ठग परिवार ने की। इस विधान मंडल के चारों ओर कलश स्थापना नरेंद्र कुमार, सुरेंद्रकुमार हरसौरा, केसरीलाल धानोत्या, रितेशकुमार सबदरा, पवनकुमार राहुल कुमार पेठावालों ने किया।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने भी लिया धर्मलाभ </strong></p>
<p>चातुर्मास व्यवस्था समिति के उपाध्यक्ष गजेंद्र हरसोरा, उप संयोजक सुरेश कोटिया, भानु खटोड कोषाध्यक्ष जम्बूकुमार धानोत्या ने बताया कि दस दिनों तक चलने वाला अखंड दीप प्रज्वलन शांतिसिंधु प्रभावना वर्षा योग ने किया। जिनवाणी स्थापना देवपुरा मंदिर प्रबंध समिति ने की। मंडल विधान में सौधर्म इंद्र और इंद्राणी बनकर पूजन करने का सौभाग्य चक्रवर्ती अशोककुमार धानोत्या व अक्षया जैन को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य नरेंद्र कुमार महेंद्र कुमार कोठिया परिवार को प्राप्त हुआ। मीडिया प्रभारी नरोत्तम जैन ने बताया कि जबलपुर से आई संगीतकार प्राची जैन ने संगीतमय तरीके से पूजन करवाई। सभी धार्मिक क्रियाएं बा.ब्र. मनीष भैया एवं देवेन्द्र कुमार जैन ने करवाई।</p>
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		<title>गुरु नाविक के समान है भव सागर से पार लगाता है: बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में मना गुरु पूर्णिमा महोत्सव  </title>
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		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 13:30:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230; बंूदी। बूंदी देवपुरा जैन मंदिर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। <span style="color: #ff0000">बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बंूदी।</strong> बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। धर्म सभा में मुनिश्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका उत्थान कभी नहीं हो सकता और वह पतन के मार्ग पर प्रशस्त होता है। रावण के जीवन में गुरु नहीं होने के कारण से पतन का कारण बना। उससे पूर्व मूनि सुप्रभ सागर महाराज ने गुरु के महत्व पर कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन अंधकार के समान होता है। गुरु की संज्ञा देते हुए बताया कि गुरु एक कुंभकार भी होता है तथा एक इंजीनियर के समान होता है जिस प्रकार इंजीनियर भवन का निर्माण करता है उसी प्रकार गुरु शिष्य के जीवन का निर्माण करता है और अच्छे संस्कार देता है मुनि श्री ने गुरु को एक नाविक की संज्ञा भी दी है। जिस प्रकार एक नाविक के बिना नदी को पर नहीं किया जा सकता इस प्रकार से गुरु के बिना संसार सागर से पर नहीं उतार सकते। उन्होंने द्रोणाचार्य और एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि शिष्य भी गुरु चरण में बिना शर्त व समर्पण के समर्पित होकर गुरु के पास आना चाहिए।</p>
<p><strong>श्रद्धा भक्ति से अर्घ्य किए समर्पित </strong></p>
<p>इससे पूर्व भगवान संभवनाथ की तस्वीर पर शांन्तीलाल प्रेमचंद अमित कुमार मोहिवाल ने दीप प्रज्वलन किया। मेवाड़ के सुधा सागर क्रांति मंच तथा बिजोलिया देवली टोंक नीमच, झातला,ठुकराई, पेच की बावड़ी, हिंडोली, कोटा डाबी आदि जगहों के सैकड़ो लोगों उपस्थित हुए, जैन संस्कार महिला मंडल, जिन शासन महिला मंडल, देवपुरा सकल दिगम्बर जैन समाज की महिला मंडल देवपुरा पाठशाला के बालक बालिकाओं, रजत महिला मंडल, मधुबन कॉलोनी महिला मंडल, संभवनाथ नवयुवक मंडल देवपुरा मन्दिर कार्यकारिणी के पदाधिकारी चातुर्मास समिति के सदस्यों ने भक्ति भाव पूर्वक अर्घ्य चढ़ाया। मुनि वैराग्य सागर जी महाराज का पाद पक्षालन रमेश चंद, अनिल कुमार सीदडातोड, शास्त्र भेंट लोकेशकुमार सेठिया महुआ, मुनि सुप्रभसागर सागर जी का पाद पक्षालन सिलोरिया हरसोरा परिवार ने तथा शास्त्र भंेट प्रेम बाई ने किया। सभी धार्मिक क्रियाएं पंडित देवेंद्र जैन, संगीतकार शुभम जैन ने संपन्न कराई। कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश ठग ने किया।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित </strong></p>
<p>इस अवसर पर बगैरवाल प्रांत के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र हरसोरा, बूंदी बगैरवाल प्रांत के अध्यक्ष महावीर धानोतया, सकल जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट संजय जैन, संरक्षक त्रिलोकचंद जैन, ओमप्रकाश बड़जात्या, खंडेलवाल सरावगी समाज के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र काला, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पदम जैन, संयोजक कमल जैन, कोषाध्यक्ष जम्मूकुमार जैन देवपुरा, जैन समाज के अध्यक्ष विनोद कोटिया, कोषाध्यक्ष अशोक जैन, धर्मचंद कोटिया, दिनकेश जैन, कुशालचंद सहित बूंदी हाडोती क्षेत्र मेवाड़ प्रांत के आए भक्तजन उपस्थित थे।</p>
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		<title>वर्षा योग के लिए देवपुरा पहुंचे दिगंबर संत: संतों की अगवानी में उमड़ा जैन समाज </title>
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		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:31:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज रोड़ होते हुए बघेरवाल छात्रावास पहुंचा। <span style="color: #ff0000">यहां धर्मसभा हुई। बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बूंदी।</strong> वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में भव्य जुलूस के साथ मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज रोड़ होते हुए बघेरवाल छात्रावास पहुंचा। एक किमी की शोभायात्रा में जुलूस के आगे दो घुड़सवार घोड़ी पर बैठकर जैन ध्वज लेकर आगे चल रहे थे। उसके पीछे जैन संस्कार महिला मंडल बड़े-बड़े श्रीफल लेकर गुजराती रंग बिरंगी छत्रियां के साथ संभवनाथ पाठशाला देवपुरा बूंदी के नन्हें-मुन्ने बालक बालिकाएं रंग बिरंगे गुब्बारे के ध्वज लेकर चल रहे थे। इसके साथ देवपुरा पाठशाला महिला मंडल की महिलाएं जैन धर्म के आचार्यों की तख्तियां तथा मुनि वैराग्य सागर महाराज व सुप्रभ सागर महाराज की तख्तियां लेकर चल रही थी। जिन शासन प्रभावना महिला मंडल आसमान में जैन ध्वज लहरा रही थी।</p>
<p><strong> पुण्य कार्य से धर्म की उंचाइयों को छुआ जा सकता है</strong></p>
<p>मुनिश्री की अगवानी में दिगम्बर जैन समाज बून्दी के साथ साथ कोटा व आसपास का जैन समाज भी उमड़ पड़ा। मुनिश्री के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए तथा पाद प्रक्षालन व आरती उतारी गई। शोभायात्रा में रजत महिला मंडल का जयघोष, सकल जैन समाज महिला मंडल का नमोस्तु जयघोष आकर्षण का केन्द्र रहा। शोभा यात्रा का संचालन संभवनाथ नवयुवक मंडल देवपुरा के युवा वर्ग कर रहे थे। शोभायात्रा बघेरवाल छात्रावास पर पहुंचते ही धर्मसभा मंे परिवर्तित हो गई। धर्मसभा में मुनि वैराग्य सागर महाराज ने चातुर्मास के महत्व पर कहा कि जिस प्रकार मनुष्य अपने परिश्रम के माध्यम से उंचाइयों को छूता है। उसी प्रकार श्रावक चातुर्मास में अपनी दैनिक चर्या को बदलकर पुण्य कार्य के माध्यम से धर्म की उंचाइयों को छू सकता है।</p>
<p><strong>गुरु के सानिध्य में रहकर मोक्ष मार्ग पा सकते हैं</strong></p>
<p>मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने धर्मसभा में चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चातुर्मास में गुरु भक्ति का श्रावकों को अवसर प्राप्त होता है और उस गुरु भक्ति व धार्मिक कार्यों के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन की दैनिक चर्या में परिवर्तन ला सकता है। मुनिश्री ने कहा कि चातुर्मास में गुरु के सानिध्य में रहकर मोक्ष मार्ग रूपी महल की प्राप्ति कर सकता है। धर्मसभा में भगवान संभवनाथ की तस्वीर पर बघेरवाल प्रांत के केन्द्रीय अध्यक्ष महेंद्र हरसौरा, बूंदी प्रांत के अध्यक्ष महावीर जैन, सकल जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट संजय जैन, संरक्षक त्रिलोकचंद जैन, ओमप्रकाश बड़जात्या, धर्मचंद कोट्या राजेंद्र सामरिया ने दीप प्रज्वलन किया। पाद प्रक्षालन महेंद्र हरसौरा परिवार ने किया। शास्त्र भेंट देवपुरा महिला मंडल ने किया। मंगलाचरण देवपुरा पाठशाला की नन्हीं-मुन्नी बालिकाओं ने किया। संचालन ओमप्रकाश ठग ने किया।</p>
<p><strong>इस अवसर पर यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर सकल जैन समाज के कोषाध्यक्ष रामविलास जैन, मंत्री महावीर धनोप्या, खण्डेलवाल सरावगी समाज के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र काला, देवपुरा दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद कोट्या मंत्री ओमप्रकाश ठग, कोषाध्यक्ष अशोक धानोत्या मुनि सुव्रतनाथ जैन मंदिर मधुबन कॉलोनी के मंत्री नमन जैन, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पदम बरमुण्डा, संयोजक कमल कोटिया, उप संयोजक सुरेश कोटिया महेन्द्र सामरिया, भानू खटोड़, महावीर कोटिया, रितेश धनोप्या, चिराग जैन सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया।</p>
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