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	<title>फिरोजाबाद &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>फिरोजाबाद &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मुनिश्री 108 अमितसागर जी महाराज का फिरोजाबाद में भव्य मंगल प्रवेश : श्रद्धा, भक्ति और जयघोष से धर्ममय हुआ वातावरण </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:12:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण बालयोगी मुनिश्री 108 अमितसागर जी महाराज का मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। महिला मंडलों, जैन मिलन एवं समाजजनों ने भव्य अगवानी कर गुरुवर का आशीर्वाद प्राप्त किया। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट। फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)। परम पूज्य प्रज्ञा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण बालयोगी मुनिश्री 108 अमितसागर जी महाराज का मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। महिला मंडलों, जैन मिलन एवं समाजजनों ने भव्य अगवानी कर गुरुवर का आशीर्वाद प्राप्त किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)</strong>। परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण बालयोगी मुनिश्री 108 अमितसागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश मंगलवार को फिरोजाबाद नगर में श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। नगर में निकली मंगल प्रवेश यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिकों, महिला मंडलों, युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।</p>
<p><strong>जयघोष से गूंजा नगर</strong></p>
<p>मंगल प्रवेश यात्रा के दौरान सम्पूर्ण मार्ग &#8220;जय जिनेन्द्र&#8221; एवं गुरुवर के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लेते हुए धर्म प्रभावना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।</p>
<p><strong>महिला मंडलों ने की भव्य अगवानी</strong></p>
<p>महिला मंडल नशियां जी एवं महिला मंडल न्यू तिलक नगर द्वारा पूज्य मुनिश्री का मंगल कलश, पुष्पवर्षा, मंगल गीत एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरुवर के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और भक्ति भाव व्यक्त करते हुए उनका मंगल अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती</strong></p>
<p>जैन मिलन मुख्य शाखा, फिरोजाबाद के पदाधिकारियों एवं वीर बंधुओं ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यात्रा मार्ग में भी अनेक स्थानों पर समाजजनों द्वारा पाद प्रक्षालन एवं आरती का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।</p>
<p><strong>गणमान्यजनों की उपस्थिति</strong></p>
<p>इस अवसर पर अरुण कुमार जैन (पीली कोठी), संभव प्रकाश जी जैन, अशोक कुमार जैन (भदावर), मनीष जैन, विमलेश कुमार जैन (सिंघई), मुकेश कुमार जैन (रैमजा), धीरेश जैन (सिंघई), विकास जैन (रपरिया), अमित कुमार जैन सहित अनेक समाजसेवी, पदाधिकारी एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>आत्मकल्याण का लिया संकल्प</strong></p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनिश्री के श्रीचरणों में नमन कर उनके मंगलमय सान्निध्य में धर्म आराधना, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।</p>
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		<title>जैन मिलन मुख्य शाखा के निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर में 100 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ : विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिया निःशुल्क परामर्श </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:30:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन मिलन मुख्य शाखा, चन्द्र नगर फिरोजाबाद द्वारा मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर में 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श का लाभ लिया। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट। फिरोजाबाद। जनसेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन मिलन मुख्य शाखा, चन्द्र नगर फिरोजाबाद द्वारा मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर में 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श का लाभ लिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फिरोजाबाद।</strong> जनसेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए जैन मिलन मुख्य शाखा, चन्द्र नगर, फिरोजाबाद द्वारा मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से रघु शांति हॉस्पिटल, सेंट्रल चौराहा में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए 100 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचों एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ</strong></p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अशोक कुमार जैन, श्री अनुज कुमार जैन एवं श्री अभिषेक जैन (तुलसी विहार परिवार) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काटकर किया गया। आयोजन में समाजसेवा और जनकल्याण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।</p>
<p><strong>विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं</strong></p>
<p>शिविर में डॉ. एस.सी. ठाकुर (नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजिस्ट) एवं डॉ. विजय शर्मा (एम.डी. फिजिशियन) ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। डॉ. डी.के. गुप्ता (जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. भरत गुप्ता ने भी शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।</p>
<p><strong>निःशुल्क हुई विभिन्न स्वास्थ्य जांचें</strong></p>
<p>शिविर में ब्लड प्रेशर (BP), शुगर, ECG, BMI एवं PFT (फेफड़ों की जांच) सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण निःशुल्क किए गए। चिकित्सकों ने हृदय रोग, मधुमेह एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने संबंधी उपयोगी सुझाव भी दिए।</p>
<p><strong>सहयोगकर्ताओं का किया सम्मान</strong></p>
<p>मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम से आईं कोऑर्डिनेटर श्रीमती विनीता सिंह के विशेष सहयोग की सराहना की गई। शिविर के समापन पर सहयोग देने वाले चिकित्सकों, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का श्री अशोक कुमार जैन, श्री अनुज कुमार जैन एवं श्री अभिषेक जैन (तुलसी विहार परिवार) द्वारा स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प</strong></p>
<p>शाखा अध्यक्ष वीर राजेश कुमार जैन (आइडिया) ने कहा कि जैन मिलन मुख्य शाखा भविष्य में भी समाजहित एवं जनकल्याण के ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित करती रहेगी। महामंत्री वीर राहुल जैन (एम.आर.) ने सभी चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। शिविर की व्यवस्थाओं का संचालन कोषाध्यक्ष वीर मनीष जैन (न्यू तिलक नगर) एवं ऑडिटर वीर निमिष जैन (महावीर नगर) ने किया।</p>
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		<title>ट्रांस यमुना कॉलोनी में वर्षायोग 2026 की घोषणा : धर्मसभा में उमड़ा आस्था का सागर, जयकारों के बीच गूंजा गुरुदेव का मंगल संदेश  </title>
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		<pubDate>Fri, 22 May 2026 10:10:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ट्रांसयमुना कॉलोनी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ इन दिनों विराजमान हैं। 22 मई को आचार्यश्री के मंगल सानिध्य में धर्मसभा की गई। जिसमें वर्षायोग 2026 को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। धर्मसभा में फिरोजाबाद, अलीगढ़, टूंडला, बरहन, छीपीटोला, कमलानगर और जयपुर हाउस सहित विभिन्न क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ट्रांसयमुना कॉलोनी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ इन दिनों विराजमान हैं। 22 मई को आचार्यश्री के मंगल सानिध्य में धर्मसभा की गई। जिसमें वर्षायोग 2026 को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। धर्मसभा में फिरोजाबाद, अलीगढ़, टूंडला, बरहन, छीपीटोला, कमलानगर और जयपुर हाउस सहित विभिन्न क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा</strong>। ट्रांसयमुना कॉलोनी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ इन दिनों विराजमान हैं। 22 मई को आचार्यश्री के मंगल सानिध्य में धर्मसभा की गई। जिसमें वर्षायोग 2026 को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। धर्मसभा में फिरोजाबाद, अलीगढ़, टूंडला, बरहन, छीपीटोला, कमलानगर और जयपुर हाउस सहित विभिन्न क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा में विभिन्न नगरों की संस्थाओं ने आचार्यश्री से चातुर्मास के लिए भावपूर्ण निवेदन प्रस्तुत किए, जिस पर गुरुदेव ने सभी समाजों को धर्म प्रभावना एवं आध्यात्मिक उन्नति का मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। सभा में घोषणा की गई कि वर्षायोग 2026 का मंगल सौभाग्य फिरोजाबाद जैन समाज को प्राप्त हुआ है जबकि, मुनिश्री शिवदत्त सागर जी महाराज ससंघ अलीगढ़ में चातुर्मास करेंगे। इसके साथ ही कमलानगर एवं छीपीटोला जैन समाज ने आचार्यश्री के समक्ष श्रीफल भेंटकर ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए निवेदन किया, जहां आचार्यश्री ससंघ ने कमलानगर और छीपीटोला में वाचना करने का सौभाग्य प्रदान किया।</p>
<p><strong>मुनिश्री शिवदत्त सागर जी शीघ्र ही उपाध्याय पद से होंगे विभूषित </strong></p>
<p>धर्मसभा में यह भी घोषित किया गया कि मुनिश्री शिवदत्त सागर जी महाराज को शीघ्र ही उपाध्याय पद से विभूषित किया जाएगा। वहीं 25 मई को आचार्यश्री अपनी 8 पिच्छी के विशाल ससंघ के साथ ट्रांस यमुना कॉलोनी से मंगल विहार कर श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कमलानगर डी-ब्लॉक पहुंचेंगे। इस घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और पूरे परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई दी। इस अवसर पर आगरा दिगंबर जैन परिषद के जगदीश प्रसाद जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, कुमार मंगलम जैन, नीरज जैन, मनोज जैन बल्लो, मुरारीलाल जैन, राजीव जैन, अनिल जैन, नरेश जैन, अभिषेक जैन, प्रमोद जैन, चंद्रकांत जैन, राजेश जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित समस्त आगरा जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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		<title>श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम : पद्मप्रभ जिनालय में “एक पौधा &#8211; प्रकृति के नाम” अभियान का आयोजन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/one_plant_in_the_name_of_nature_campaign_organized_at_padmaprabha_jinalaya/</link>
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		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:14:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर न्यू तिलक नगर स्थित श्री 1008 पद्मप्रभ जिनालय में “एक पौधा – प्रकृति के नाम” अभियान के तहत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के साथ सम्पन्न हुआ। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; फिरोजाबाद। भगवान महावीर स्वामी के पावन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर न्यू तिलक नगर स्थित श्री 1008 पद्मप्रभ जिनालय में “एक पौधा – प्रकृति के नाम” अभियान के तहत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के साथ सम्पन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फिरोजाबाद।</strong> भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर न्यू तिलक नगर स्थित श्री 1008 पद्मप्रभ जिनालय में “एक पौधा – प्रकृति के नाम” अभियान के तहत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः 7:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार सहभागिता की। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण और अहिंसा के संदेश को आत्मसात करते हुए जिनालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए। इस दौरान वातावरण भक्तिमय, उत्साहपूर्ण और हरियाली के संकल्प से ओतप्रोत रहा। अभियान के अंतर्गत चम्पा, सुदर्शन, बरगद सहित छायादार, औषधीय और पर्यावरण के लिए लाभकारी पौधे लगाए गए। चम्पा अपने सुगंधित पुष्पों से वातावरण को पवित्र बनाता है, वहीं बरगद का वृक्ष दीर्घायु, विशालता और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक है। ये पौधे वायु शुद्ध करने और तापमान संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से विमलेश कुमार जैन, दिनेश कुमार जैन (मामा स्वीट्स), मनीष जैन, रवीश जैन, सन्नी जैन (एचडीएफसी), आरुष जैन, रोहन जैन, विशाल जैन और नैतिक जैन शामिल रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय बताया। यह आयोजन श्री 1008 पद्मप्रभ जिनालय समिति के तत्वावधान में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें पूजारीगण का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगे और भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा मार्ग पर चलते हुए समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे।</p>
<p>यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम बनकर सामने आया, जिसने प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।</p>
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		<title>ऑनलाइन बैठक में देशभर के पदाधिकारी जुड़े, नई कार्यकारिणी का गठन : वीतराग जिनशासन द्वारा छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 15:53:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन (रजि.) की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक जूम ऐप के माध्यम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में देशभर से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। बैठक में विभिन्न धार्मिक विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा समाजहित में नई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। पढ़िए मनोज जैन नायक की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन (रजि.) की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक जूम ऐप के माध्यम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में देशभर से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। बैठक में विभिन्न धार्मिक विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा समाजहित में नई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। पढ़िए <span style="color: #ff0000">मनोज जैन नायक की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना/फिरोजाबाद।</strong> अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन (रजि.) की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक जूम ऐप के माध्यम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में देशभर से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। बैठक में विभिन्न धार्मिक विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा समाजहित में नई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक परम पूज्य उच्चारणाचार्य श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य युवा प्रणेता वात्सल्य मुनि श्री विनंदसागर जी मुनिराज की प्रेरणा से आयोजित की गई, जिससे आयोजन को आध्यात्मिक दिशा प्राप्त हुई।</p>
<p><strong>‘गोपालदास वरैया छात्रवृत्ति योजना’ का शुभारंभ</strong></p>
<p>बैठक के दौरान जैन दर्शन के प्रकांड विद्वान पंडित गोपालदास वरैया के नाम पर “गुरुणांगुरु गोपालदास वरैया छात्रवृत्ति योजना” का शुभारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत अनेक श्रद्धालुओं ने सहयोग राशि प्रदान की।</p>
<p>प्रतीक शास्त्री (नोएडा) – ₹15,000</p>
<p>दीपचंद कोठिया (नागपुर) – ₹11,000</p>
<p>सुरेशचंद बावूजी (इंदौर) – ₹5,100</p>
<p><strong>नई कार्यकारिणी का गठन</strong></p>
<p>बैठक में संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें निम्नलिखित नियुक्तियां की गईं—</p>
<p>महेंद्र कुमार शास्त्री (मुरैना) – निर्देशक</p>
<p>डॉ. हरिश्चन्द्र शास्त्री (सागर) – अध्यक्ष</p>
<p>डॉ. पंकज जैन (इंदौर) – कार्याध्यक्ष</p>
<p>पवन शास्त्री दीवान (सागर) – उपाध्यक्ष</p>
<p>प्रतीक शास्त्री (नोएडा) – महामंत्री</p>
<p>प्रिंस जैन देवांश (फिरोजाबाद) – कोषाध्यक्ष</p>
<p><strong>परामर्श मंडल एवं अन्य जिम्मेदारियां</strong></p>
<p>परामर्श मंडल में सुरेशचंद बावूजी (इंदौर), रमेशचंद शास्त्री (दाऊ जोबनेर), दीपचंद्र कोठिया (नागपुर), चंद्रेश शास्त्री (भोपाल), मुकेश शास्त्री (मधुर, श्री महावीर जी) एवं नाथूलाल (बनेठा) को शामिल किया गया। अन्य नियुक्तियों में संभव जैन (फिरोजाबाद) को कार्यालय मंत्री, अंशुल शास्त्री (बांसा तारखेड़ा) को शिविर संयोजक बनाया गया। कार्यकारिणी सदस्य आकाश जैन (फिरोजाबाद), नियम जैन (विदिशा), शिवानी जैन (आगरा), लौकेश जैन (बनेठा), संदीप संगम (इंदौर) को बनाया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ. हरिश्चन्द्र शास्त्री (सागर) ने की। कार्यक्रम का मंगलाचरण मुकेश शास्त्री (मधुर, श्री महावीर जी) द्वारा किया गया तथा संचालन प्रिंस जैन देवांश (फिरोजाबाद) ने किया। बैठक में संगठन के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा जिनशासन की प्रभावना को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।</p>
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		<title>भक्ति और समर्पण में कोई विकल्प नहीं होता : मुनिश्री संभवसागरजी ने प्रवचन में भक्ति समर्पण और भक्त की मनःस्थिति का सटीक वर्णन किया  </title>
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		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 10:49:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भक्ति में सिर्फ समर्पण होता है। उसमें कोई विकल्प नहीं होता। जितना आपका भगवान और गुरु के प्रति अनुराग और समर्पण होगा। उतने ही आपके परिणाम निर्मल होंगे और कर्म अपने आप दूर होते चले जाएंगे। यह उदगार मुनिश्री संभवसागरजी महाराज ने मंगलवार को प्रातः प्रवचन सभा में व्यक्त किए। विदिशा से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भक्ति में सिर्फ समर्पण होता है। उसमें कोई विकल्प नहीं होता। जितना आपका भगवान और गुरु के प्रति अनुराग और समर्पण होगा। उतने ही आपके परिणाम निर्मल होंगे और कर्म अपने आप दूर होते चले जाएंगे। यह उदगार मुनिश्री संभवसागरजी महाराज ने मंगलवार को प्रातः प्रवचन सभा में व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">विदिशा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> विदिशा।</strong> भक्ति में सिर्फ समर्पण होता है। उसमें कोई विकल्प नहीं होता। जितना आपका भगवान और गुरु के प्रति अनुराग और समर्पण होगा। उतने ही आपके परिणाम निर्मल होंगे और कर्म अपने आप दूर होते चले जाएंगे। यह उदगार मुनिश्री संभवसागरजी महाराज ने मंगलवार को प्रातः प्रवचन सभा में व्यक्त किए। मुनिश्री ने कहा कि जिनके प्रति हमारा राग होता है, उनसे कभी कोई गिला सिकवा नहीं होता। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया प्रतिदिन मुनि श्री के प्रवचन 9 बजे से श्री शांतिनाथ जिनालय स्टेशन जैन मंदिर में चल रहे हैं। मुनिश्री ने फिरोजाबाद की नसिया का एक उत्कृष्ट संस्मरण सुनाते हुए कहा कि बात 1975 की है जब आचार्य श्रीविद्यासागरजी महाराज फिरोजाबाद पहुंचे तो वह नए-नए साधु थे और कोई उनका नाम भी नहीं जानता था। नसिया जी के मैनेजर ने जब यह जानकारी सेठ छदामीलाल जी को दी कि कोई युवा आचार्य पधारे हैं और उनके साथ एक क्षुल्लक जी है तो उनके माथे पर बल पड़ गए कि चातुर्मास का समय है। यदि महाराज रूक गये तो? लेकिन जैसे ही उनको यह जानकारी मिली कि यह तो चतुर्थ कालीन चर्या के धारी आचार्य विद्यासागरजी महाराज है तो वह प्रोफेसर नरेंद्र प्रकाश के साथ वहां आए। उन्होंने आचार्य गुरुदेव की चर्या को देखा और उनसे प्रभावित हुए तथा उनसे चातुर्मास के लिए निवेदन कर दिया। चातुर्मास प्रारंभ हो गया तो उनके प्रवचनों से प्रभावित होकर पांडाल भी छोटे पड़ने लगे और प्रतिदिन गुरुदेव की प्रभावना संपूर्ण फिरोजाबाद में फैल गई।</p>
<p><strong> भगवान भी भक्त के धैर्य की परीक्षा लेते हैं</strong></p>
<p>सेठ छदामीलाल जी प्रतिदिन गुरुदेव के पड़गाहन के लिए पहले दिन से ही खड़े होते थे लेकिन, गुरुदेव उनकी ओर देखते तथा मुस्कुराते हुए नसिया जी से बाहर लगभग दो किमी दूर शहर की ओर निकल जाते। ऐसा करके एक माह, दो माह, तीन माह निकल गए, लेकिन सेठजी को पड़गाहन नहीं मिला। कहते हैं कि भगवान भी भक्त के धैर्य की परीक्षा लेते हैं। चातुर्मास समापन होने को आया लेकिन, सेठजी विल्कुल भी आकुल-व्याकुल नहीं थे। उनके धैर्य की परीक्षा थी और उस धैर्य में ऐसे पास हुए कि भगवान महावीर के निर्वाण कल्याणक महोत्सव दीपावली के दिन उन्होंने पड़गाहन कर गुरुदेव को आहार कराया। मुनि श्री ने कहा कि है आप लोगों को इतना धैर्य ? दो तीन दिन होते हैं तो आप लोगों का धैर्य जबाव देने लगता है और तो और गुरुजी पर आरोप लगाने से भी नहीं चूकते, फौरन मुंह से निकल जाता है कि महाराज जी तो चिन्ह-चिन्ह कर जाते हैं, लेकिन सेठजी पहले दिन से ही खड़े हैं लेकिन, परिणामों में कोई आकुलता-व्याकुलता नहीं और भक्ति भाव से खड़े रहे। यही होती है परिणामों की निर्मलता और भक्त की भगवान के प्रति परीक्षा और इसी को कहते है भक्ति भाव और गुरु के प्रति जब समर्पण।</p>
<p><strong>कार्यक्रम की संयोजना समग्र पाठशाला समिति कर रही </strong></p>
<p>जहां पर सिर्फ भक्ति होती है लेकिन, कोई गिला सिकवा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समस्या आए तो णमोकार महामंत्र का स्मरण कर लिया करो। यह महामंत्र आपकी सभी समस्याओं का टूल है तथा णमोकार महामंत्र को आप किसी भी समय पर किसी भी हालत में पड़ सकते हैं। मुनि श्री ने कहा कि ‘षठखंडागम ग्रंथ’ को साक्षात भगवान की दिव्यध्वनि का अंग माना जाता है और इसमें आचार्य पुष्पदंत ने मंगलाचरण के रूप में सबसे पहले णमोकार महामंत्र लिखा है। अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कार्यक्रम की संयोजना समग्र पाठशाला समिति द्वारा की जा रही है। मुनि श्री निस्सीम सागरजी महाराज द्वारा प्रवचन के अंत में प्रश्नमंच का कार्यक्रम प्रतिदिन किया जाता है। सही उत्तर देने वालों को तुरंत पुरस्कृत किया जा रहा है।</p>
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		<title>सोनल जैन को आदिनाथ मेला महोत्सव मीडिया प्रभारी बनाया : फिरोजाबाद के जलालपुर गांव में लगाया जाएगा मेला  </title>
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		<pubDate>Fri, 12 Sep 2025 14:02:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एक दिवसीय मेला 14 सितंबर को पारंपरिक रूप में लगाया जा रहा है। इसमें संस्था की ओर से सोनल जैन को मीडिया प्रभारी पद पर सुशोभित किया गया है। फिरोजाबाद से पढ़िए, यह खबर&#8230; फिरोजाबाद। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी फिरोजाबाद जिले के ग्राम जलालपुर में श्री 1008 आदिनाथ मेला महोत्सव समिति की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एक दिवसीय मेला 14 सितंबर को पारंपरिक रूप में लगाया जा रहा है। इसमें संस्था की ओर से सोनल जैन को मीडिया प्रभारी पद पर सुशोभित किया गया है। <span style="color: #ff0000">फिरोजाबाद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फिरोजाबाद।</strong> प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी फिरोजाबाद जिले के ग्राम जलालपुर में श्री 1008 आदिनाथ मेला महोत्सव समिति की ओर से एक दिवसीय मेला 14 सितंबर को पारंपरिक रूप में लगाया जा रहा है।</p>
<p>इसमें संस्था की ओर से सोनल जैन को मीडिया प्रभारी पद पर सुशोभित किया गया है। हम सभी पदाधिकारी आपके सहयोग के आकांक्षी हैं। मेला कमेटी अध्यक्ष शिवा जैन, मनीष जैन मोनू जैन, कोषाध्यक्ष विकास जैन, ऑडिटर रिषभ जैन एवं समस्त मेला कमेटी ने सोनल जैन को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।</p>
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		<title>रइधू राष्ट्रीय पुरस्कार उदयपुर के मुकेश जैन गोटी को दिया : फिरोजाबाद में हुए कार्यक्रम में किया गया प्रदान </title>
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		<pubDate>Wed, 23 Apr 2025 10:48:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महावीर जयंती महोत्सव समिति के मंच पर गुरुगल रिसर्च इंटरनेशनल एलएलपी के डायरेक्टर डॉ. अमित जैन एवं एडवोकट रीनू जैन ने 20वां रइधू राष्ट्रीय पुरस्कार उदयपुर के मुकेश जैन गोटी को दिया। यह कार्यक्रम मुनि श्री अमित सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर आरा बिहार से डॉ. विश्वनाथ चौधरी, राष्ट्रपति पुरस्कार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महावीर जयंती महोत्सव समिति के मंच पर गुरुगल रिसर्च इंटरनेशनल एलएलपी के डायरेक्टर डॉ. अमित जैन एवं एडवोकट रीनू जैन ने 20वां रइधू राष्ट्रीय पुरस्कार उदयपुर के मुकेश जैन गोटी को दिया। यह कार्यक्रम मुनि श्री अमित सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर आरा बिहार से डॉ. विश्वनाथ चौधरी, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता डॉ. ज्योति जैन, उप्र सरकार से सम्मानित सुनील जैन का भी अभिनंदन किया गया। <span style="color: #ff0000">फिरोजाबाद से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>फिरोजाबाद।</strong> विगत 11 अप्रैल को महावीर जयंती महोत्सव समिति के मंच पर गुरुगल रिसर्च इंटरनेशनल एलएलपी के डायरेक्टर डॉ. अमित जैन एवं एडवोकट रीनू जैन ने 20वां रइधू राष्ट्रीय पुरस्कार उदयपुर के मुकेश जैन गोटी को दिया। यह कार्यक्रम मुनि श्रर अमित सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर आरा बिहार से डॉ. विश्वनाथ चौधरी, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता डॉ. ज्योति जैन, उप्र सरकार से सम्मानित सुनील जैन का भी अभिनंदन किया गया। चित्र अनावरण नवीन जैन, समीर जैन, मुकुल रानीवाल ने किया। दीप प्रज्वलन एडवोकेट रीनू जैन और सीए मानवी जैन ने किया। मंगलाचरण मुकेश जैन गोटी ने किया। इस अवसर पर अतिथि डॉ. अमित जैन ने सम्मानित व्यक्तियों की दिगंबर मुनियों की सेवा, धर्म प्रभावना और सामाजिक कार्यों की सराहना की।</p>
<p><strong>वर्ष 1999 में पुरस्कार की शुरुआत की थी</strong></p>
<p>डॉ. अमित जैन ने बताया कि वर्ष 1999 में फिरोजाबाद के पंडित श्यामसुंदर जैन शास्त्री और प्राचार्य नरेंद्रप्रकाश जैन ने इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। यह पुरस्कार वर्ष 2017 तक निरंतर देश के सर्वश्रेष्ठ जैन विद्वानों को शोध, शिक्षा तथा सेवा के क्षेत्र में दिया जाता रहा। वर्ष 1999 में पंडित शास्त्री का निधन हो गया। उसके बाद वर्ष 2017 तक प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन के निर्देशन में दिया जाता रहा। वर्ष 2018 में नरेंद्र प्रकाश जैन का निधन के बाद समाज की इस धरोहर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। तब से यह बंद था, जबकि समाज के कई प्रतिष्ठित लोग इससे जुड़े हुए थे।</p>
<p><strong>महाकवि रइधू के नाम पर है पुरस्कार </strong></p>
<p>प्राचार्य जैन के रिश्तेदार और शिष्य डॉ. अमित जैन ने इस पुरस्कार को फिरोजाबाद, चावली, पाढम, जारखी, टेहू आदि गांव में जन्मे जैन विद्वानों की स्मृति में पुनः आरंभ किया। इन विद्वानों में पंडित पन्नालाल जैन, माणिकचंद जैन, बाबू हजारीलाल जैन, स्वतंत्रता सेनानी वैद्य पन्नालाल जैन सरल, पंडित मक्खनलाल जैन शास्त्री, लालाराम जैन, प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन, श्यामसुंदरलाल जैन, शिवमुखराय जैन, पंडित गजाधर जैन और गोपालदास जैन वरैया हैं। उन्होंने बताया कि इसकी सभी प्रशस्तियां वेबसाइड पर उपलब्ध रहेंगी। पुरस्कार के लिए फंड भी डॉ. जैन की कंपनी गुरुगल रिसर्च इंटरनेशनल एलएलपी ने की है। उन्होंने बताया कि वे इस पुरस्कार को और अधिक आकर्षक बनाएंगे।</p>
<p><strong>1008 जिन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की थी</strong></p>
<p>महाकवि रइधू विक्रम संवत 1457 में ग्वालियर के पास मप्र में कहीं जन्मे थे। वे पद्मावती पुरवाल जैन कुल के थे। आपने संवत 1497 में भगवान आदिनाथ की प्रतिमा प्रतिष्ठा गोपांचल दुर्ग में कराई थी। अब तक आपके 40 से अधिक ग्रंथ प्राप्त हुए है। आपने अपने गुरु भट्टारक गुरु कीर्ति, यशकीर्ति, शुभचंद्र आदि का नाम लिखा है। वे जैन धर्म के प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने ग्वालियर के किले में गोपांचल और सिद्धांजल पर्वत पर लगभग 1008 जिन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा तोमरवंश के राजा वीरमदेव, डूंगरसिंह और कीर्तिसिंह के शासन काल में की थी। ये प्रतिमाएं वहां सन 1398 से 1536 के बीच तराशी गई थीं। इसलिए रइधू राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना उन्हीं के नाम पर की गई।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>कार्यक्रम में कंपनी की उच्च स्तरीय संचालन समिति, आयोजक प्रतिनिधि मंडल, महावीर जयंती महोत्सव समिति के पदाधिकारी राजेंद्र जैन राजू, प्रमोद जैन, सोनल, सीए मानवी जैन, मोहित जैन, मुकेश जैन, नितिन जैन, आध्या जैन, अयांश जैन, नवीन जैन, समीर जैन, मुकुल रानीवाला, निखिल जैन, संजय जैन, पुष्पा जैन, रश्मि जैन, नीलू जैन, डॉ. विवेक जैन, पंकज जैन आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के पावन सान्निध्य में भव्य जैन दीक्षा समारोह का आयोजन : संयम का मार्ग अपनाकर आत्मा के उद्धार की ओर बढ़े नत्थीलाल जैन </title>
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		<pubDate>Mon, 14 Oct 2024 07:36:20 +0000</pubDate>
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<p><strong>संसार के भोग विलास को त्यागकर संयम के पथ पर बढ़ना कोई सरल कार्य नहीं है। आज के युग में भौतिक आकांक्षाओं का त्याग कर आत्मा के उद्धार का मार्ग स्वीकार करने वाले विरले ही होते हैं। रविवार को आचार्य वसुनंदी महाराज के चातुर्मासिक स्थल फिरोजाबाद में ऐसा ही एक विरला दृश्य देखने को मिला, जहां चांदपुर दिमनी के नत्थीलाल जैन ने संयम जीवन को स्वीकार कर अपना जीवन आत्मा के उद्धार और परोपकार के लिए समर्पित कर दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अंबाह।</strong> संसार के भोग विलास को त्यागकर संयम के पथ पर बढ़ना कोई सरल कार्य नहीं है। आज के युग में भौतिक आकांक्षाओं का त्याग कर आत्मा के उद्धार का मार्ग स्वीकार करने वाले विरले ही होते हैं। रविवार को आचार्य वसुनंदी महाराज के चातुर्मासिक स्थल फिरोजाबाद में ऐसा ही एक विरला दृश्य देखने को मिला, जहां चांदपुर दिमनी के नत्थीलाल जैन ने संयम जीवन को स्वीकार कर अपना जीवन आत्मा के उद्धार और परोपकार के लिए समर्पित कर दिया। यहां आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के पावन सान्निध्य में भव्य जैन दीक्षा समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें तीन दीक्षाएं प्रदान की गईं।</p>
<p>आचार्य श्री के सानिध्य में दीक्षा समारोह से श्रद्धालुओं का उत्साह द्विगुणित हो गया। हजारों की संख्या में विशाल जन समुदाय इस भव्य दीक्षा समारोह का साक्षी बनने के लिए उपस्थित था। समारोह में आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज ने नत्थीलाल जैन को विधि-विधान पूर्वक क्षुल्लक दीक्षा प्रदान कर दयानंद जी महाराज नाम दिया। उन्हें नवीन पिच्छी, कमंडल और शास्त्र भी भेंट किए गए। आयोजन में ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन आदि धार्मिक कार्य भी संपन्न कराए गए। समारोह में दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में आचार्य श्री का आशीर्वाद लेने के लिए राज्यसभा सांसद नवीन जैन भी पधारे। इस अवसर पर आर्यिका संघ भी मौजूद था।</p>
<p><strong>दीक्षा लेना कठिन काम</strong></p>
<p>आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में दीक्षा लेना बहुत कठिन कार्य है, यह कांटों से भरा ताज पहनने के समान है। किंतु यदि हम किसी कठिन कार्य को करने की ठान लें, तो वह कार्य भी सरल लगने लगता है। जैनेश्वरी दीक्षा बिरले ही ले पाते हैं, क्योंकि यह संयम का मार्ग है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षण में वैराग्य उमड़ सकता है, और संसार में रहकर प्राणी संसार को तज सकता है। इससे पहले, ब्रह्मचारी ब्रह्म प्रकाश भैया उर्फ़ नत्थीलाल जैन ने आचार्य श्री से क्षुल्लक दीक्षा देने के लिए निवेदन किया। आचार्य श्री ने उनकी संयम साधना को देखते हुए दीक्षा की स्वीकृति प्रदान की।</p>
<p>दीक्षा देने से पूर्व आचार्य श्री ने ब्रह्मचारी ब्रह्म प्रकाश भैया के परिजनों, रिश्तेदारों, उपस्थित जन समुदाय और संघस्थ सभी साधुओं से दीक्षा के लिए स्वीकृति प्राप्त की। इस दौरान दीक्षार्थी ने संसार के सभी जीवों से जानबूझकर या अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की और अपनी ओर से सभी जीवों को क्षमा किया।</p>
<p>आयोजन में नत्थीलाल जैन के परिजन संतोष जैन, नीलेश जैन और दीपक जैन सहित मुरैना से लगभग चार सैकड़ा लोग उपस्थित थे।</p>
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		<title>नत्थीलाल जैन 13 को लेंगे जैनेश्वरी दीक्षा : मंदिर में हुई गोद भराई की रस्म </title>
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		<pubDate>Fri, 04 Oct 2024 15:47:45 +0000</pubDate>
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<p><strong>जैन संत बनने जा रहे नत्थीलाल जैन की गोद भराई का कार्यक्रम बड़ा जैन मंदिर में आयोजित हुआ। अंबाह रोड मुरैना निवासी 74 वर्षीय नत्थीलाल जैन आगामी 13 अक्टूबर को फिरोजाबाद में चातुर्मासरत अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य वसुनंदी महाराज के कर कमलों द्वारा जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रहे हैं। जैन सिद्धांतों के अनुसार जैनेश्वरी दीक्षा से पूर्व किए जाने वाले संस्कारों के तहत बिनोली शोभायात्रा व गोद भराई का कार्यक्रम किया जाता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अंबाह।</strong> जैन संत बनने जा रहे नत्थीलाल जैन की गोद भराई का कार्यक्रम बड़ा जैन मंदिर में आयोजित हुआ। अंबाह रोड मुरैना निवासी 74 वर्षीय नत्थीलाल जैन आगामी 13 अक्टूबर को फिरोजाबाद में चातुर्मासरत अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य वसुनंदी महाराज के कर कमलों द्वारा जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रहे हैं। जैन सिद्धांतों के अनुसार जैनेश्वरी दीक्षा से पूर्व किए जाने वाले संस्कारों के तहत बिनोली शोभायात्रा व गोद भराई का कार्यक्रम किया जाता है। बड़ा जैन मंदिर कमेटी के पूर्व मंत्री पदमचंद जैन ने बताया कि नत्थीलाल जैन की गोद भराई की रस्म बड़ा जैन मंदिर में की गई। समाज के लोगों ने पंच मेवा से श्री जैन की गोद भराई की रस्म अदा की। ज्ञात हो कि बीते साल नत्थीलाल जैन की पत्नी ने भी संत बनने के लिए दीक्षा ली थी।</p>
<p>नत्थीलाल जैन भी अब इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। वही गोद भराई की रस्म के दौरान उपस्थित जनसमूह ने णमोकार मंत्र के साथ मंगल गीतों का गुणगान किया। पदम चंद जैन ने बताया कि नत्थी लाल जैन संयम का मार्ग अपनाकर अनेक वर्षों से त्याग, तप की साधना मे अग्रसर है। इन्होंने सभी तरह के सुख, वैभव, घर परिवार का त्याग कर ब्रह्मचारी व्रत की साधना की है उसका पालन करते हुए वह गुरु सेवा में लीन रहे ओर जैनेश्वरी दीक्षा के भाव बनाते रहे साथ ही धार्मिक ग्रथों का अध्ययन भी करते रहे अब वह पुनीत अवसर इनके जीवन मे आया है की वह दीक्षा धारण कर संयम के मार्ग पर चलते हुए जैन धर्म का प्रचार प्रसार करेंगे और मोक्ष महल की ओर अग्रसर होंगे। जिसका हर दीक्षार्थी को सदैव इंतज़ार रहता है कि वह संयम की धारणा को भा कर नियम पूर्वक धर्म का पालन करते हुए भगवान महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।</p>
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