<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%88%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Mon, 11 May 2026 13:36:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>नवागढ़ में संस्कृति विभाग ने जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर लगाया : पाश्चात्य संस्कृति से बचाने के लिए नैतिक संस्कार शिविर बेहद जरूरी  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_department_of_culture_organized_a_camp_on_jain_culture_and_moral_values_in_nawagarh/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_department_of_culture_organized_a_camp_on_jain_culture_and_moral_values_in_nawagarh/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 13:35:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Extravagant Shri Arnath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Culture Moral Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Extravagant Area Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[Shreefal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Navagarh Gurukulam]]></category>
		<category><![CDATA[Wish Fulfillment]]></category>
		<category><![CDATA[अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[मनोकामना पूर्ण]]></category>
		<category><![CDATA[श्री नवागढ़ गुरुकुलम्]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106624</guid>

					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़, जो मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान के आशीष से अभिषिक्त है। यहां प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को जैन संस्कारों के बीजारोपण के लिए उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ जो संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़, जो मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान के आशीष से अभिषिक्त है। यहां प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को जैन संस्कारों के बीजारोपण के लिए उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ जो संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संयुक्त तत्वावधान में जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर का आयोजन कर रहा है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़, जो मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान के आशीष से अभिषिक्त है। यहां प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को जैन संस्कारों के बीजारोपण के लिए उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ जो संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संयुक्त तत्वावधान में जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर का आयोजन कर रहा है। सोमवार को विधिवत शिविर का उदघाटन किया गया। मुख्य अतिथि प्रकाश चंद्र जैन (गृहस्थ पिता मुनिश्री निश्चित सागर जी महाराज), अध्यक्षता प्रेमचंद जैन सागर,दीप प्रज्वलन ब्रह्म. संध्या दीदी ब्रह्म. साधना दीदी, गीता जैन, प्रतिभा जैन सागर एवं सविता मेरठ ने किया। शास्त्र स्थापना ब्रह्म.जयकुमार निशांत, प्रेमचंद प्रकाश चंद्र एवं स्वतंत्र कुमार सागर ने की। मंगलाष्टक एवं मंगलाचरण श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने प्रस्तुत किया।</p>
<p><strong>इस प्रकार के शिविरों की अत्यंत आवश्यकता </strong></p>
<p>शिविर की उपयोगिता बताते हुए ब्रह्म. जय निशांत भैया ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आदित्य योगी एवं जयपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का उपक्रम निश्चित रूप से नैतिक मूल्यों की स्थापना के साथ बच्चों में नैतिकता, भारतीयता, संस्कृति एवं इतिहास के प्रति रुझान को बढ़ाएगा। ब्रह्म.संध्या दीदी ने शिविर की उपयोगिता बताते हुए कहा आज वर्तमान में शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। गुरुकुलों के माध्यम से जो संस्कार बच्चों में दिए जाते हैं उनके लिए इस प्रकार के शिविरों की अत्यंत आवश्यकता है। जिससे भविष्य में बच्चे अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा पूर्वक कर सके। ब्रह्म. साधना दीदी ने नवागढ़ में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम के माध्यम से होने वाले संस्कारों के बीजारोपण का विशेष बहुमान करते हुए कहा आज जो प्रयास पंडित गुलाब चंद्र पुष्प परिवार एवं नवागढ़ समिति कर रही है यह भविष्य में जैन संस्कृति, श्रमणसंस्कृति एवं जैन शासन का विशेष प्रचार प्रसार का आधार बनेगा।</p>
<p><strong>जीवनोपयोगी विद्या का शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा</strong></p>
<p>प्रतिभा ने कविता के माध्यम से बच्चों का दिशा निर्देशन किया। उन्हें विपरीत परिस्थिति में भी अपने कर्तव्यों में लगे रहने एवं ईमानदारी से अपने दिनचर्या को संचालित करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत अभ्यास की प्रेरणा दी। अष्ट दिवसीय शिविर के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने बताया लखनऊ के प्रोफेसर अभय कुमार की सक्रियता से यहां आयोजित शिविर में प्रतिदिन योग साधना, व्यायाम, प्रार्थना, दिव्यार्चना के साथ उन्हें जीवनोपयोगी विद्या का शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा। जिससे वह सभी विद्या में पारंगत होकर जैन संस्कृति के साथ भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुंबकम परस्परोपग्रहो जीवानाम् तथा सर्वे भवंतु सखिनः का प्रचार-प्रसार कर जनहित के कार्यों को संपादित कर सके। एक दूसरे के प्रति सद्भावना करते हुए हम सबके विकास एवं उन्नयन में सहयोगी बने। प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना को सफल बनाने के लिए श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संस्थापक ब्रह्मचारी निशांत भैया के साथ श्री नवागढ़ गुरुकुलम की प्राचार्य ब्रह्मचारी संध्या दीदी, अनुराग जैन, विनती, संजय जैन एवं क्षेत्रीय विद्वान् पंडित इंद्रकुमार शास्त्री, पंडित सोमचंद शास्त्री, डॉ. सुनील हटा, सौरभ जैन, पंडित अजीत शास्त्री बड़ागांव आदि महानुभाव सहयोगी रहेंगे।</p>
<p><strong>समाजजनों ने शिविर को लाभकारी बताया </strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर अभय कुमार जैन ने बताया कि संस्कृति विभाग के इस उपक्रम से भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति द्वारा किए जाने वाले कुठाराघात, विध्वंस एवं युवाओं की स्वच्छंद प्रवृत्ति, मोबाइल का दुरुपयोग, अकर्मान्यता से युवा शक्ति को हटाकर उन्हें व्यसनमुक्तजीवन ,भारतीय जीवन शैली, परंपरा, संस्कृति, लोकाचार एवं पारिवारिक व्यवस्थाओं की जानकारी के साथ उन्हें पाश्चात्य संस्कृति की अंधी दौड़ से, अनैतिक दुष्कृत से, अभक्ष्य सेवन से अवगत कराकर उस से दूर करने का यह विशेष उपक्रम है। क्षेत्र के अध्यक्ष सनत कुमार जैन एडवोकेट ललितपुर, महामंत्री वीर चंद्र जैन निकौरा, कोषाध्यक्ष पंडित इंद्र कुमार शास्त्री, मंत्री राकेश जैन, अशोक जैन मैनवार ,सुरेंद्र जैन सोजना नवागढ़ के समस्त पदाधिकारीगण अतिशय क्षेत्र नवागढ़ समिति तथा श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के अध्यक्ष राकेश जैन लोटस, उपाध्यक्ष अभय कुमार जैन प्रीति विहार दिल्ली ,महामंत्री डॉ. प्रदीप जैन छतरपुर, उपाध्यक्ष मुकेश जैन सोनीपत, चक्रेश जैन छतरपुर, डॉ. भरत गुढा़ ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को अत्यंत लाभकारी बताया है। जिससे हमारे छात्रों में भारतीय संस्कृति के प्रति, नैतिक जीवन के प्रति विश्वास बढ़ेगा। अपने सभी को इस संयोजना से लाभ लेने हेतु आमंत्रित किया है। आभार अनुराग जैन ने व्यक्त किया। 18 मई तक आयोजित अष्ट दिवसीय शिविर में बच्चों को प्रतिदिन विशेषज्ञ विद्वान, योगाचार्य, वरिष्ठ शिक्षक, साहित्यकार एवं ज्योतिष वास्तु के मर्मज्ञ विद्वानों द्वारा शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे बच्चों को विशिष्ट जनों के अनुभव का लाभ प्राप्त हो सके।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_department_of_culture_organized_a_camp_on_jain_culture_and_moral_values_in_nawagarh/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी ने की नवागढ़ में अर्चना : अरनाथ महामंडल विधान में बरसा भक्ति का आनंद </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_fourth_generation_of_the_pushp_family_performed_worship_in_nawagarh/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_fourth_generation_of_the_pushp_family_performed_worship_in_nawagarh/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 08:43:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aranatha Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[fourth generation]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[prehistoric miraculous area Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[Pushp family]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[अरनाथ महामंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[चौथी पीढ़ी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[नवागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[पुष्प परिवार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103895</guid>

					<description><![CDATA[निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> बकस्वाहा।</strong> निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। इंजी. संजय कुमार अनुपमा जैन भिलाई, नमन अस्मिता जैन नोएडा ने भक्ति भाव से श्री अरनाथ महामंडल विधान संपन्न कर मंगलमय जीवन की भावना व्यक्त की। पुष्प परिवार के पितामह गुलाबचंद पुष्प के पुत्र शिखर चंद पौत्री अनुपमा जैन एवं प्रपौत्री अस्मिता जैन ने नवागढ़ में अर्चना कर अपने जीवन को धन्य किया है।</p>
<p><strong>नवागढ़ गुरुकुलम का निरीक्षण</strong></p>
<p>श्रीमती अनुपमा जैन जो लगातार नवागढ़ गुरुकुलम की देखरेख कर रही हैं । उन्होंने नमन जी एवं अस्मिता के साथ बच्चों की परीक्षा कापियों का निरीक्षण किया। उनके पढ़ाई के स्तर का आकलन किया एवं आगामी कल में संचालित होने वाले सत्र के लिए आवश्यक निर्देश प्राचार्य संध्या दीदी, विनीत सर, संजय सर एवं अधिष्ठाता अनुराग को उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए निर्देशित किया।</p>
<p><strong>भावभीना अभिनंदन</strong></p>
<p>क्षेत्र के महामंत्री वीर चंद्र एवं मैनेजर प्रवीण ने सभी का माला, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति से अभिनंदन करते हुए उन्हें नवागढ़ आने का आमंत्रण दिया। सभी परिवारों ने एक माह तक शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया। ब्रह्म जयकुमार निशांत के निर्देशन में होने वाले कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री नवागढ़ गुरुकुलम के पंजीकरण का निर्णय लिया गया, जिससे हम व्यवस्थित रूप से शासन प्रशासन की व्यवस्थाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। पुष्प परिवार की ओर से सभी को बधाई, शुभकामनाएं दी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_fourth_generation_of_the_pushp_family_performed_worship_in_nawagarh/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नवागढ़ जी में ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का आगमन : प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में दर्शन, गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया संवाद </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/arrival_of_national_president_of_global_mahasabha_jamnalal_hapawat_in_navagarh_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/arrival_of_national_president_of_global_mahasabha_jamnalal_hapawat_in_navagarh_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 19:01:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Adinath Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[All India Global Mahasabha]]></category>
		<category><![CDATA[birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Jamnalal Hapawat]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Adinath]]></category>
		<category><![CDATA[National President]]></category>
		<category><![CDATA[Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Miracle Area श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[procession]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabhdev]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा]]></category>
		<category><![CDATA[आदिनाथ जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जन्म कल्याणक महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[जमनालाल हपावत]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थंकर]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नवागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान आदिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय अध्यक्ष]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=101765</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230; नवागढ़। अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़</strong>। अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। क्षेत्र के पदाधिकारियों, श्रद्धालुओं तथा गुरुकुलम् के छात्रों और शिक्षकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।</p>
<p><strong>अरनाथ भगवान के दर्शन कर प्राप्त किया धर्मलाभ</strong></p>
<p>अपने प्रवास के दौरान जमनालाल हपावत ने क्षेत्र में स्थित सातवीं शताब्दी के भौंयरे से प्रकटित अतिशयकारी एवं चमत्कारी भगवान अरनाथ के दर्शन किए। उन्होंने आरती और ध्यान कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा मंदिर परिसर में कुछ समय आध्यात्मिक चिंतन में भी व्यतीत किया।</p>
<p><strong>प्राचीन विरासत और मानव सभ्यता के आयामों का अवलोकन</strong></p>
<p>मंदिर परिसर में संगृहीत लगभग पांच लाख वर्ष प्राचीन मानव सभ्यता के क्रमिक विकास से जुड़े विशेष आयामों का उन्होंने अवलोकन किया। क्षेत्र की प्राचीनता, धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक विरासत को देखकर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया तथा यहां की व्यवस्थाओं का गंभीरता से निरीक्षण करते हुए उनकी सराहना भी की।</p>
<p><strong>गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद</strong></p>
<p>इसके पश्चात उन्होंने श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। छात्रों से चर्चा करते हुए उन्होंने जीवन में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् जैसे संस्थान केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों में संस्कार, नैतिकता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का भी विकास करते हैं।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों को दिए जीवन निर्माण के संदेश</strong></p>
<p>जमनालाल हपावत ने विद्यार्थियों को परिश्रम, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन को अनुशासन और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>पुनः परिवार सहित आने का व्यक्त किया संकल्प</strong></p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने पुनः परिवार सहित नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा और विधान करने का भाव भी व्यक्त किया।</p>
<p><strong>गुरुकुलम् का उद्देश्य संस्कारयुक्त शिक्षा देना</strong></p>
<p>कार्यक्रम में गुरुकुलम् के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में श्रेष्ठ चरित्र, संस्कार और आत्मानुशासन का विकास करना है। उन्होंने बताया कि यहां विद्यार्थियों को आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के साथ तैयार किया जाता है, ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बन सकें।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों ने किया सम्मान और अभिनंदन</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र कमेटी के महामंत्री वीरचंद्र जैन नैकोरा, गुरुकुलम् के मंत्री अशोक मैनवार तथा गुरुकुलम् के शिक्षकों ने जमनालाल हपावत का सम्मान कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया। वीरचंद्र जैन नैकोरा ने उनके अमूल्य विचारों और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पावन आगमन से समस्त क्षेत्र में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। कार्यक्रम का समापन धर्म, शिक्षा और संस्कारों के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ।</p>
<p><strong>संगीतमय भक्ति और भक्तामर स्तोत्र की आराधना</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत रात्रि में स्थानीय भजन मंडलियों द्वारा भगवान की संगीतमय भक्ति की गई तथा 48 दीपों से भक्तामर स्तोत्र की आराधना की गई। मंडल विधान में पूजन सामग्री देने का सौभाग्य कोमल जैन और आशीष झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>बड़े मंदिर और णमोकार धाम में भी हुए विशेष कार्यक्रम</strong></p>
<p>वहीं बड़े मंदिर में प्रातःकाल भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया, जबकि णमोकार धाम में भी भक्तों द्वारा वृहद स्तर पर पंचामृत अभिषेक और पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/arrival_of_national_president_of_global_mahasabha_jamnalal_hapawat_in_navagarh_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नीति आयोग की सदस्य ने जैन तीर्थ पर मनाई शादी की वर्षगांठ : आचार्य श्री उदार सागर जी महाराज एवं मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज का लिया आशीर्वाद  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_member_of_niti_aayog_celebrated_her_wedding_anniversary_at_a_jain_pilgrimage_site/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_member_of_niti_aayog_celebrated_her_wedding_anniversary_at_a_jain_pilgrimage_site/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:54:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[30 वीं सालगिरह]]></category>
		<category><![CDATA[30th Anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Udar Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Upshant Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[NITI Aayog]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Atishay Kshetra Nawagarh]]></category>
		<category><![CDATA[Pushpashray Gaushala]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री उदार सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नीति आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[पुष्पाश्रय गौशाला]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97436</guid>

					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ की पुष्पाश्रय गौशाला में एक विशेष दृश्य देखने को मिला। जब खुरई में निवासरत सुनीलकुमार एवं अर्चना जैन (नीति आयोग सदस्य) ने अपने परिवार एवं हितैषी जनों के साथ अपनी शादी की 30 वीं सालगिरह मनाई। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ की पुष्पाश्रय गौशाला में एक विशेष दृश्य देखने को मिला। जब खुरई में निवासरत सुनीलकुमार एवं अर्चना जैन (नीति आयोग सदस्य) ने अपने परिवार एवं हितैषी जनों के साथ अपनी शादी की 30 वीं सालगिरह मनाई। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ की पुष्पाश्रय गौशाला में एक विशेष दृश्य देखने को मिला। जब खुरई में निवासरत सुनीलकुमार एवं अर्चना जैन (नीति आयोग सदस्य) ने अपने परिवार एवं हितैषी जनों के साथ अपनी शादी की 30 वीं सालगिरह मनाई। ललितपुर के प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पहुंचकर उन्होंने श्रद्धा भाव से भगवान अरनाथ के दर्शन कर मंगलमय जीवन एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। आपकी विशेष श्रद्धा भगवान अरनाथ स्वामी के प्रति है, आप समय-समय पर अपने परिवारजनों के साथ यहां की योजनाओं में सक्रिय सहभागिता प्रदान करते हैं। चाहे वह गौशाला में गाय दान हो, भूमि क्रय करने में भूमि दान हो या नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों की शिक्षा का कार्य हो, आपकी विशेष भूमिका रहती है।</p>
<p><strong>छात्रों के साथ वत्सलमयी आयोजन  </strong></p>
<p>आज जहां लोग अपनी सालगिरह मनाने होटल, गार्डन आदि जगहों में जाते हैं, मौज मस्ती करते हैं, वहीं उन्होंने अपना जन्मदिन पावन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में भगवान अरनाथ स्वामी के आशीष तले सादगी एवं धार्मिक भावनाओं के साथ आचार्य श्री उदार सागर जी महाराज एवं मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज के आशीर्वाद के साथ मनाया।</p>
<p><strong>गुरुकुल परंपरा की अनिवार्यता</strong></p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने गुरुकुलम् के विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। आपने अपने वक्तव्य में कहा कि जैन धर्म को संरक्षित करने के लिए निशांत भैया जो प्रयास कर रहे हैं। वह अनुकरणीय हैं। यदि हम गुरुकुल परंपरा को जीवंत नहीं करेंगे तो कुछ ही वर्षों में जैन धर्म खतरे में पड़ जाएगा। अर्चना जैन ने छात्रों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आपका सौभाग्य है कि आप ऐसे अतिशय क्षेत्र में निशांत भैया जी के निर्देशन में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आपको इस प्रकार श्रम करना है कि आपके द्वारा आपके परिवार का नाम ऊंचा हो, जिनशासन का संरक्षण हो, आप अच्छे से अच्छे पद पर पहुंचे लेकिन, अपने इस जैन शासन के अनुशासन एवं धर्म के प्रति सदैव सजग रहें। मैं चाहती हूं आप आगे बढ़ते हुए अपने जीवन को मंगलमय बनाएं। आपके पास आकर मुझे अपना बचपन याद आ रहा है। मैं चाहती हूं कि हमेशा आपका विचार कर आपके साथ समय बिताऊं।</p>
<p><strong>गौसेवा से मन को शांति मिलती है </strong></p>
<p>मैं अनुरोध करती हूं, सभी जैन बंधु अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी की वंदना अवश्य करें। यहां भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन से मानसिक शांति एवं उल्लास की अनुभूति होती है। इस अवसर पर आपके परिवार एवं परिजनों ने ने गायों को गुड़ खिलाकर अपने मंगलमय एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि गौसेवा से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरुकुलम् के छात्रों ने भी उनके साथ इस पुण्य अवसर में सहभागिता की और उनके दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p><strong>नवागढ़ क्षेत्र के विकास एवं संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं</strong></p>
<p>मेरी आत्मा इन पवित्र स्थलों से ही जुड़ी है। नवागढ़ क्षेत्र वास्तव में आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। और यही वह भावना है की जिसके वशीभूत होकर मुझे अपनी सालगिरह इस पावन क्षेत्र पर मनाने की भावना हुई। क्षेत्र संचालक ब्र. जय निशांत जी ने भी बताया कि आप सभी इसी प्रकार नवागढ़ क्षेत्र के विकास एवं संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। अब आप अपने सभी परिवार जनों एवं परिजनों के साथ यहां विधान का विशेष आयोजन संपन्न करें। महामंत्री श्री वीरचंद्र जैन तथा गौशाला के संयोजक सुरेंद्र सोजना के साथ ब्रह्मचारी निशांत भैया के सानिध्य में ब्रह्मचारी संध्या दीदी,अनुराग जैन, रौनक जैन, प्रवीण जैन, विनीत सर, संजय सर ने सभी का भावभीना स्वागत करते हुए पुनः आगमन का आमंत्रण दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_member_of_niti_aayog_celebrated_her_wedding_anniversary_at_a_jain_pilgrimage_site/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लंदन के राजेश जैन ने जैन तीर्थ नवागढ़ में मनाया जन्मदिन : गायों को गुड़ खिलाकर अपने मंगलमय एवं स्वस्थ जीवन की कामना की </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/rajesh_jain_from_london_celebrated_his_birthday_at_the_jain_pilgrimage_site_of_nawagarh/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/rajesh_jain_from_london_celebrated_his_birthday_at_the_jain_pilgrimage_site_of_nawagarh/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 07:45:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Gurukulam]]></category>
		<category><![CDATA[Harrow London]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[London]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Shantinath]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Atishay Kshetra Nawagarh]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Jain]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[गुरुकुलम्]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान शांतिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[राजेश जैन]]></category>
		<category><![CDATA[लंदन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[हैरो लंदन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=96416</guid>

					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब हैरो लंदन (यूके) में निवासरत भारत प्रवासी राजेश जैन ने अपनी माताजी चंद्रकांता जैन के साथ अपना जन्मदिन मनाया। जैन पिछले कई वर्षों से लंदन में निवास कर रहे हैं। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना/नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब हैरो लंदन (यूके) में निवासरत भारत प्रवासी राजेश जैन ने अपनी माताजी चंद्रकांता जैन के साथ अपना जन्मदिन मनाया। जैन पिछले कई वर्षों से लंदन में निवास कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना/नवागढ़</strong>। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब हैरो लंदन (यूके) में निवासरत भारत प्रवासी राजेश जैन ने अपनी माताजी चंद्रकांता जैन के साथ अपना जन्मदिन मनाया। जैन पिछले कई वर्षों से लंदन में निवास कर रहे हैं लेकिन, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना ने उन्हें भारत की तीर्थयात्रा के लिए प्रेरित किया। ललितपुर के प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पहुंचकर उन्होंने श्रद्धा भाव से भगवान अरनाथ के दर्शन किए और मंदिर परिसर में विशेष पूजन-अर्चन भी किया। आपने हेरो लंदन में अपने निवास पर भगवान शांतिनाथ सहित पांच बिंबों की स्थापना क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में संपन्न कराकर सभी जैन प्रवासियों को जिन दर्शन, पूजा का सौभाग्य प्रदान किया है। आपकी दिनचर्या लंदन जैसे शहर में भी व्रतियों के समान है। आप शनिवार एवं रविवार को एकासन तथा प्रतिदिन अभिषेक, पूजा करने के बाद ही भोजन करने का संकल्प लिए हैं । आपकी पुत्री अनन्या, मीता जैन तथा पुत्र अरिहंत भी लंदन में रहकर अपनी चर्या जैन श्रावकों के अनुसार कर रहे हैं। राजेश एवं नीता ने अपने गृह चैत्यालय के माध्यम से सभी को देव दर्शन, देव पूजन स्वाध्याय, सामाजिक आदि सम्यक क्रियायों में संलग्न किया है । बालक बालिकाओं को पानी छानना द्रव्य बनाना तथा पूजा करना सिखाकर जैन संस्कारों का बीजारोपण किया है। आज जहां लोग अपना जन्मदिन मनाने होटल, गार्डन आदि जगहों में जाते है, मौज मस्ती करते है, वहीं इतने वर्ष विदेश में रहने के बाद भी उन्होंने अपना जन्मदिन पावन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सादगी एवं धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया।</p>
<p><strong>गुरुकुल परंपरा की अनिवार्यता</strong></p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने गुरुकुलम् के विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। आपने अपने वक्तव्य में कहा कि जैन धर्म को संरक्षित करने के लिए निशांत भैया जो प्रयास कर रहे हैं, वह अनुकरणीय हैं। यदि हम गुरुकुल परंपरा को जीवंत नहीं करेंगे तो कुछ ही वर्षों में जैन धर्म खतरे में पड़ जाएगा। हमारे संस्थानों, क्षेत्र एवं मंदिरों का संरक्षण अत्यंत जटिल हो जाएगा । अतिक्रमण रोकना संभव नहीं हो सकेगा। मैं अनुरोध करता हूं कि प्रवासी जैन बंधु जब भी भारत आए नवागढ़ की वंदना अवश्य करें। यहां भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन से मानसिक शांति एवं उल्लास की अनुभूति होती है।</p>
<p><strong>विलक्षण संयोग</strong></p>
<p>राजेश के साथ सागर निवासी इंजीनियर डीके जैन के सुपुत्र प्रेमदीप प्रतिवर्ष अपना जन्मदिन यहां मानते हैं तथा श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्र संस्कार का भी जन्मदिन आज गौशाला में सामूहिक रूप से मनाया गया। इस अवसर पर जैन ने गायों को गुड़ खिलाकर अपने मंगलमय एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि गौसेवा से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुरुकुलम् के छात्रों ने भी उनके साथ इस पुण्य अवसर में सहभागिता की और उनके दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आपने नवागढ़ के इतिहास एवं पुरा संपदा का दर्शन करके जैन दर्शन की प्राचीनता व्यक्त करते हुए यहां संचालित गुरुकुलम में शिक्षारत छात्रों के बीच अपने बचपन को याद किया।</p>
<p>इस अवसर पर श्री राजेश जैन ने कहा कि भले ही मैं विदेश में रहता हूं, पर मेरी आत्मा की शांति भारत के इन पवित्र स्थलों से ही जुड़ी है। नवागढ़ क्षेत्र वास्तव में आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। और यही वह भावना है की जिसके वशीभूत होकर मुझे अपना जन्मदिन इस पावन क्षेत्र पर मनाने की भावना हुई। क्षेत्र संचालक ब्र. जय निशांत जी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए बताया कि विदेशी भूमि से प्रवासी भारतीयों का इस प्रकार का जुड़ाव भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है। महामंत्री श्री वीरचंद्र जैन तथा गौशाला के संयोजक सुरेंद्र सोजना के साथ ब्रह्मचारी निशांत भैया के सानिध्य में ब्रह्मचारी संध्या दीदी,अनुराग जैन, रौनक जैन, प्रवीण जैन, विनीत सर, संजय सर ने सभी का भाव भीना स्वागत करते हुए पुनः आगमन का आमंत्रण दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/rajesh_jain_from_london_celebrated_his_birthday_at_the_jain_pilgrimage_site_of_nawagarh/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नवागढ़ में मनाया जाएगा पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव: मोक्ष सप्तमी पर होगा विधान चढ़ाया जाएगा निर्वाण लाडू </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/parshvanath_nirvana_festival_will_be_celebrated_in_navagarh/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/parshvanath_nirvana_festival_will_be_celebrated_in_navagarh/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Jul 2025 16:34:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Musical Ritual]]></category>
		<category><![CDATA[Nirvana Laddu]]></category>
		<category><![CDATA[Parshvanath Nirvana Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Atishya area Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[ritual]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण लाडू]]></category>
		<category><![CDATA[पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[विधान]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[संगीतमय विधान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=86315</guid>

					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ 31 जुलाई को मनाया जाएगा। अभिषेक, शांतिधारा और विधान कर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। ललितपुर से सुनील जैन संचय की पढ़िए, यह खबर&#8230;   ललितपुर। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ 31 जुलाई को मनाया जाएगा। अभिषेक, शांतिधारा और विधान कर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से सुनील जैन संचय की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>  ललितपुर।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ 31 जुलाई को ब्र.जयकुमार निशांत भैया के निर्देशन में संपन्न किया जाएगा। नवागढ़ के भौंयरा खनन कार्य में प्राप्त श्री पारसनाथ भगवान शतफणी पारसनाथ भगवान एवं ताम्र पारसनाथ भगवान का अतिशय विलक्षण है।</p>
<p>नवागढ़ तीर्थक्षेत्र कमेटी ने आह्वान किया है कि आप सभी इस महा महोत्सव में अपने परिवार सहित उपस्थित होकर भगवान के मोक्ष कल्याणक की विधि संपन्न करें। अभिषेक, शांति धारा एवं विधान का सौभाग्य प्राप्त करें। आप सभी सादर आमंत्रित हैं। क्षेत्र के अध्यक्ष एडवोकेट सनतकुमार जैन ललितपुर, महामंत्री वीरचंद्र जैन नेकोरा, कोषाध्यक्ष पंडित इंद्रकुमार शास्त्री, प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने सभी को इस महा महोत्सव का साक्षी बनने के लिए सादर आमंत्रित किया है। अवश्य पधारें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/parshvanath_nirvana_festival_will_be_celebrated_in_navagarh/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वार्षिक मेला व महामस्तिकाभिषेक महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्नः  नारी शक्ति की सजगता से ही संस्कृति संरक्षण संभव ! </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_preservation_is_possible_only_with_the_awareness_of_women_power/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_preservation_is_possible_only_with_the_awareness_of_women_power/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Mar 2025 09:46:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Advocate]]></category>
		<category><![CDATA[All India Women's Conference]]></category>
		<category><![CDATA[Archana Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Brahmachari Jai Kumar Nishant Bhaiya]]></category>
		<category><![CDATA[Cinematography]]></category>
		<category><![CDATA[Dazzle]]></category>
		<category><![CDATA[Decoration]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Drone]]></category>
		<category><![CDATA[fashion]]></category>
		<category><![CDATA[Government of India]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Mahamastakabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Member]]></category>
		<category><![CDATA[Navagarh]]></category>
		<category><![CDATA[NITI Aayog]]></category>
		<category><![CDATA[Physical Resources]]></category>
		<category><![CDATA[Prehistoric Atishya Kshetra]]></category>
		<category><![CDATA[President]]></category>
		<category><![CDATA[Promotion of Women Power]]></category>
		<category><![CDATA[Rashmi Goyal]]></category>
		<category><![CDATA[Rashmi Ritu]]></category>
		<category><![CDATA[ritual]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[video]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय महिला सम्मेलन]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यक्ष]]></category>
		<category><![CDATA[अनुष्ठान]]></category>
		<category><![CDATA[अर्चना जैन]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[एडवोकेट]]></category>
		<category><![CDATA[चकाचौंध]]></category>
		<category><![CDATA[छायांकन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[डेकोरेशन]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नवागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[नारी शक्ति के उन्नयन]]></category>
		<category><![CDATA[नीति आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[फैशन]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया]]></category>
		<category><![CDATA[भारत सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[भौतिक संसाधन]]></category>
		<category><![CDATA[महामस्तकाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[रश्मि ऋतु]]></category>
		<category><![CDATA[रश्मि गोयल]]></category>
		<category><![CDATA[विडियो]]></category>
		<category><![CDATA[सदस्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=75871</guid>

					<description><![CDATA[नवागढ़ में वार्षिक मेला एवं महामस्तिकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। सम्मेलन में विभिन्न नगरों से आए हुए महिला मंडलों के माध्यम से वैचारिक मंथन किया गया। ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया एवं महोत्सव समिति ने नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नवागढ़ में वार्षिक मेला एवं महामस्तिकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। सम्मेलन में विभिन्न नगरों से आए हुए महिला मंडलों के माध्यम से वैचारिक मंथन किया गया। ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया एवं महोत्सव समिति ने नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता को ध्यान में रखते हुए महिला सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ प्रदर्शन, संस्कार विहीन शिक्षा, युवाओं में धर्म के प्रति अरुचि, विषयों पर विचार रखे गए।<span style="color: #ff0000"> पढ़िए नवागढ़ से मनोज जैन नायक की पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में वार्षिक मेला एवं महामस्तिकाभिषेक महोत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में आयोजित नवागढ़ महोत्सव के अंतर्गत अखिल भारतीय महिला सम्मेलन में विभिन्न नगरों से आए हुए महिला मंडलों के माध्यम से वैचारिक मंथन किया गया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-75868" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1.jpeg" alt="" width="1094" height="772" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1.jpeg 1094w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1-300x212.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1-1024x723.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1-768x542.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-05-at-3.07.21-PM-1-990x699.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1094px) 100vw, 1094px" />नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता </strong><br />
नवागढ़ महोत्सव के निर्देशन में ब्रह्मचारी जय कुमार निशांत भैया एवं महोत्सव समिति ने नारी शक्ति के उन्नयन एवं सक्रियता को ध्यान में रखते हुए महिला सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ प्रदर्शन, संस्कारविहीन शिक्षा, युवाओं में धर्म के प्रति अरुचि, विषयों पर विचार रखे गए। सम्मेलन की अध्यक्षता अर्चना जैन सदस्य नीति आयोग भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में रश्मि ऋतु एडवोकेट, सागर एवं मुख्य वक्ता के रूप में रश्मि गोयल के साथ द्विशताधिक बहनों ने सक्रियता एवं उत्साह पूर्वक उपस्थिति प्रदान की।</p>
<p><strong>स्वयं पर अनुशासन</strong><br />
रश्मि ऋतुने अपने विचार रखते हुए कहा आज वर्तमान में धार्मिक अनुष्ठानों को महोत्सव का रूप प्रदान किया जा रहा है, जिसमें भौतिक संसाधनों की चकाचौंध, विशेष डेकोरेशन, ड्रोन, विडियो आदि द्वारा छायांकन एवं अनुष्ठानों में बढ़ता हुआ फैशन विचारणीय है।</p>
<p><strong>शालीनता के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता दें </strong><br />
धार्मिक अनुष्ठानों का मूल आधार अहिंसा एवं वीतरागता होती है। वर्तमान में प्रदर्शन की होड़ में वस्त्रों की शुद्धि, समयबद्धता, अनुशासन एवं अनुष्ठान में सादगी का अभाव दिखाई दे रहा है, जिससे यह भेद करना बड़ा मुश्किल हो गया है कि हमारी बहनें धार्मिक अनुष्ठान में जा रही हैं या किसी शादी समारोह में। हम बहनों का कर्तव्य है हम स्वयं शालीनता के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता दें एवं अपने बच्चों को भी जिनशासन की गरिमा एवं महत्व से अवगत कराएं, जिससे उनका रुझान प्रदर्शन न होकर आत्मदर्शन की ओर हो ।</p>
<p><strong>नारी शक्ति का जागरण</strong><br />
रश्मि गोयल ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा वर्तमान में होने वाली विसंगतियों की जिम्मेदारी हमारी है, यदि हम अपने आप को अनुशासित करें तो समाज में भी अनुशासन दिखाई देगा। नारी शक्ति यदि चाहे तो अपने बच्चों में उन संस्कारों का बीजारोपण कर सकती है जो उसके जीवन की दिशा एवं दशा को सुनिश्चित करती है। मेरा बेटा आर्मी में होकर भी शाकाहार का पक्षधर है यह मेरे लिए गौरव की बात है। हम जानते हैं वर्तमान में आधुनिक शिक्षा के लिए अपने बेटे बेटियों को बाहर भेजना होता है, वहां उनके खान-पान, रहन-सहन एवं आधुनिक परिवेश का आकर्षण उन्हें आकर्षित करता है, परंतु हमारी सजगता उनके प्रति हमारा खुला व्यवहार एवं संस्कार अपना प्रभाव अवश्य डालते हैं। हमारे परिवार में धर्म के प्रति आस्था, श्रद्धा, समर्पण ही जैन संस्कृति का संरक्षण कर सकता है, जिसे हम महिलाओं को संकल्पपूर्वक अपने जीवन में उतारने का प्रयोग करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>सार्थक विचार मंथन</strong><br />
समारोह की अध्यक्षा अर्चना जैन ने कहा इस प्रकार के आयोजनों से समाज में होने वाली विकृतियों, भ्रांतियों, रूढ़ियों का निरसन होता रहता है। ब्रह्मचारी निशांत भैया सदैव संस्कृति संरक्षण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। चाहे वह नवागढ़ गुरुकुलम् हो या नवागढ़ के इतिहास का संरक्षण। आपने आज नारी शक्ति को एकत्रित करके उनमें उत्साह एवं धर्म के प्रति आस्था का जो आयोजन किया है, अनुकरणीय है। हमें स्वयं को बदलना होगा तभी समाज में बदलाव आएगा, अपने बालक-बालिकाओं को उत्साहित करना हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए, तभी हम जैन संस्कृति का संरक्षण कर पाएंगे। आज प्रदर्शन की होड़ पुरुषों में कम महिलाओं में ज्यादा हो रही है। हम ही अपने नौनिहालों को आधुनिक शिक्षा के नाम पर अपने से दूर करते हुए जैन संस्कृति से भी दूर कर रहे हैं। यह अक्षम्य अपराध है इसके प्रति हमें सजग होना पड़ेगा तभी संस्कृति का संरक्षण संभव हो सकेगा।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों का सम्मान किया गया</strong><br />
इसी श्रृंखला में कामिनी जैन शाहगढ़, आशा जैन बड़ागांव, प्रीति जैन मैनवार, अर्चना जैन पम्मी बरायठा आदि ने भी अपने विचार रखें। सभा का सफल संचालन संतोष जैन ने किया। सभी महिला मंडलों के पदाधिकारी का सम्मान शशि जैन, किरण जैन प्रीति जैन ने करते हुए आभार प्रकट किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_preservation_is_possible_only_with_the_awareness_of_women_power/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
