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	<title>प्रभावना &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>दीपिका, खुशबू, दिशा, सुविधि और अनंत देंगे रत्नाकर अवार्ड परीक्षा : जनकपुरी में श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर स्वाध्याय प्रभावना के साथ संपन्न </title>
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		<pubDate>Fri, 29 May 2026 10:01:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन मंदिर जनकपुरी ज्योतिनगर में 17 मई से चल रहे श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर स्वाध्याय व धर्म प्रभावना की भावना के साथ गुरुवार को भव्य समापन समारोह हुआ। जयपुर से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230; जयपुर। श्री दिगम्बर जैन मंदिर जनकपुरी ज्योतिनगर में 17 मई से चल रहे श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर स्वाध्याय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगम्बर जैन मंदिर जनकपुरी ज्योतिनगर में 17 मई से चल रहे श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर स्वाध्याय व धर्म प्रभावना की भावना के साथ गुरुवार को भव्य समापन समारोह हुआ। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> श्री दिगम्बर जैन मंदिर जनकपुरी ज्योतिनगर में 17 मई से चल रहे श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर स्वाध्याय व धर्म प्रभावना की भावना के साथ गुरुवार को भव्य समापन समारोह हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकुमारी पाटनी व सुनीता भोंच द्वारा मंगलाचरण के साथ हुआ। कार्यक्रम संस्थान के मानद मंत्री सुरेश कासलीवाल, जयपुर शिविर प्रभारी विनीता जैन तथा दीपिका बिलाला के आतिथ्य में हुआ। दीप प्रज्वलन सुनील सीमा ठोलिया के साथ प्रबंध समिति के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश छाबड़ा, मंत्री देवेन्द्र कासलीवाल तथा अतिथियों ने किया। शिविर के मुख्य संयोजक पदम जैन बिलाला ने बताया की सुरेश कासलीवाल ने शिविरार्थियों को उद्बोधन में संस्थान की ओर से सभी प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
<p><strong>हाइकू वाचन और भजन की प्रस्तुति दी</strong></p>
<p>विदुषी काजल व साक्षी ने प्रत्येक विषय के प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान के नाम की घोषणा की, जिन्हें अतिथियों ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले शिविरार्थी दीपिका बिलाला, ख़ुशबू जैन, दिशा काला, सुविधि जैन और अनंत जैन रत्नाकर अवार्ड परीक्षा के लिए पात्र घोषित किए गए। बालिका अवनी ने चौबीस तीर्थंकर के चिह्न तथा भाषण और हाइकू वाचन में प्रथम स्थान प्राप्त दिशा काला ने हाइकू का वाचन किया। भजन प्रतियोगिता में प्रथम मीनाक्षी जैन रही थी।</p>
<p><strong>विदुषियों को सम्मानित किया</strong></p>
<p>संयोजक राजेन्द्र ठोलिया, मिश्री लाल काला सहित सभी संयोजकों और स्थानीय शिक्षिका दर्शी का संस्थान की ओर से सम्मान किया गया। अशोक पदम कमलेश बंथलीवाला परिवार की ओर से संयोजकों द्वारा विदुषियों को सम्मानित किया गया। विनीता जैन ने अपने उद्बोधन में जनकपुरी के शिविर की सराहना करते हुए रत्नाकर अवार्ड परीक्षा तथा 31 मई को प्रात: होने वाले समापन समारोह के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में पदम बिलाला ने संस्थान तथा छात्रावास की प्रबंध समिति, मंदिर प्रबंध समिति, संयोजक गण, शिविरार्थी, विदुषियों, स्थानीय शिक्षक सभी से प्राप्त सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
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		<title>युगनायक भंडारी पदमचंद्र मसा का भावपूर्ण स्मरण : आचार्य हितेशचंद्र सूरीश्वर के सान्निध्य में कार्यक्रम </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 12:46:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी मसा के सान्निध्य में धर्मसभा में दादा गुरुदेव भंडारी श्री पदमचंद्र मसा के दिव्य जीवन और योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मात्र 17 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने तप, त्याग, ज्ञान, ध्यान और सेवा के माध्यम से जन-जन के हृदय में श्रद्धा का केंद्र स्थापित किया। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी मसा के सान्निध्य में धर्मसभा में दादा गुरुदेव भंडारी श्री पदमचंद्र मसा के दिव्य जीवन और योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मात्र 17 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने तप, त्याग, ज्ञान, ध्यान और सेवा के माध्यम से जन-जन के हृदय में श्रद्धा का केंद्र स्थापित किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए, इंदौर की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी मसा के सान्निध्य में धर्मसभा में दादा गुरुदेव भंडारी श्री पदमचंद्र मसा के दिव्य जीवन और योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मात्र 17 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने तप, त्याग, ज्ञान, ध्यान और सेवा के माध्यम से जन-जन के हृदय में श्रद्धा का केंद्र स्थापित किया। श्रमण संघ के प्रथम आचार्य श्री आत्माराम मसा के प्रिय शिष्य रहे भंडारी जी महाराज को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भंडारी की उपाधि प्रदान की गई, जो आगे चलकर उनकी पहचान बनी।</p>
<p><strong>108 मुमुक्षुओं को दीक्षा, जिनशासन की प्रभावना</strong></p>
<p>उनके आशीर्वाद से असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-शांति का संचार हुआ तथा उनकी प्रेरणा से 108 मुमुक्षु आत्माओं ने जैन दीक्षा ग्रहण कर जिनशासन की प्रभावना की। इनमें आचार्य डॉ. श्री शिव मुनि म.सा. का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य विश्वरत्न सागर जी महाराज ने कहा कि गुणी संतों के गुणों का स्मरण करना पुण्य जागृत करने वाला होता है और जीवन को दिशा प्रदान करता है।</p>
<p><strong>पंकज मुनि व वरुण मुनि को अलंकरण</strong></p>
<p>आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी म.सा. ने भंडारी पदमचंद्र जी महाराज के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए उप प्रवर्तक श्री पंकज मुनि जी महाराज को दक्षिण भारत धर्म प्रभावक तथा श्री वरुण मुनि जी महाराज को “शासन सूर्य” की पदवी से अलंकृत किया।</p>
<p><strong>शिक्षा, चिकित्सा व समाजसेवा में योगदान</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि गुरुदेव की प्रेरणा से प्रवर्तक श्री अमर मुनि जी म.सा. ने जैनागम प्रकाशन का ऐतिहासिक कार्य किया तथा उनके मार्गदर्शन में देशभर में शिक्षा, चिकित्सा और समाजसेवा से जुड़ी अनेक संस्थाओं की स्थापना हुई, जो आज भी मानव सेवा में समर्पित हैं।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में भक्ति व सामाजिक सेवा का समावेश</strong></p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। संघ के महामंत्री रमेश भंडारी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि महासती श्री रश्मि जी एवं महासती श्री विजया जी सुमन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अभिग्रहधारी श्री राजेश मुनि जी महाराज ने गुरु गुणगान प्रस्तुत किया तथा आदर्श ज्योति बहु मंडल द्वारा स्वागत गीत एवं रोहन जैन द्वारा गुरु भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। संचालन श्री रुपेश मुनि जी महाराज एवं प्रकाश भटेवरा ने किया। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा मानव सेवा के उद्देश्य से अस्पताल को एक दंत चिकित्सा मशीन भेंट की गई।</p>
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		<title>झाड़ोल में पर्यूषण पर्व समापन पर निकली रथयात्रा : नगर भ्रमण कर पांडूक शिला परिसर पहुंची शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ प्रभावना वितरण </title>
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		<pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:52:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झाड़ोल में सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में पर्यूषण पर्व का समापन भगवान मल्लिनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा नगर भ्रमण कर पांडूक शिला परिसर पहुंची जहां अभिषेक और पूजन अर्चना की गई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… झाड़ोल। प्रसिद्ध जयसमंद झील के समीप झाड़ोल में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्यूषण पर्व के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झाड़ोल में सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में पर्यूषण पर्व का समापन भगवान मल्लिनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा नगर भ्रमण कर पांडूक शिला परिसर पहुंची जहां अभिषेक और पूजन अर्चना की गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झाड़ोल।</strong> प्रसिद्ध जयसमंद झील के समीप झाड़ोल में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर रथयात्रा का आयोजन किया गया। प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि प्रातः भगवान मल्लिनाथ का पंचामृत अभिषेक एवं दूध सहित विभिन्न द्रव्यों से महाशांतिधारा संपन्न हुई। इसके बाद दोपहर 3 बजे मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से भगवान को रथ में विराजमान कर बैंड-बाजों और भक्तिधुनों के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान को रथ में विराजमान करने का सौभाग्य लक्ष्मी लाल सकरावत परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>प्रभावना स्वरूप मिठाई का वितरण</strong></p>
<p>शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई विभिन्न मार्गों से पांडूक शिला परिसर पहुंची, जहां भगवान का अभिषेक, पूजन एवं अर्चना की गई। समाज अध्यक्ष केशुलाल मालवी, सेठ मोतीलाल, सेठ शांतिलाल, नवयुवक मंडल अध्यक्ष संजय चिबोडिया, महामंत्री जितेंद्र धूरावत, नाथूलाल पीलादरा, पवन सकरावत, झमक लाल धूरावत, मनीष सडावत, जयेश कसलावत, रमेश सेलावत, हिमांशु सडावत, राहुल पीलादरा, शंशाक जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजनों एवं महिला मंडल की धूली देवी मालवी, लीला देवी सकरावत, सुमित्रा देवी चिबोडिया, आशा देवी मौजूद रहीं। पूरे मार्ग में जगह-जगह समाजजनों द्वारा प्रभावना स्वरूप मिठाई का वितरण किया गया। इस रथयात्रा में सकल जैन समाज ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
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		<title>ममता गांधी ने लिखा आचार्य श्री सुनील सागर महाराज को पत्र: पत्र में गुरुकृपा के अनुभव गुरु भक्तों से किए साझा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/mamta_gandhi_wrote_a_letter_to_acharya_shri_sunil_sagar_maharaj/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 08:18:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुंबई निवासी ममता गांधी ने आचार्यश्री सुनीलसागर जी को पत्र लिखकर अपने अनुभव साझा किए हैं। जिसमें उन्होंने गुरुकृपा का बखान कर ऐसी प्रभावना व्यक्त की है, जो समाजजनों के लिए प्रेरणादायक है। मुंबई से अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह विशेष प्रस्तुति&#8230; गुरुं वन्दे मातृपम्। गुरुं वन्दे पितृपम्। गुरुं वन्दे कृणामयम्। गुरुं वन्दे सुज्ञानमयम्। गुरुं [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुंबई निवासी ममता गांधी ने आचार्यश्री सुनीलसागर जी को पत्र लिखकर अपने अनुभव साझा किए हैं। जिसमें उन्होंने गुरुकृपा का बखान कर ऐसी प्रभावना व्यक्त की है, जो समाजजनों के लिए प्रेरणादायक है। <span style="color: #ff0000">मुंबई से अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह विशेष प्रस्तुति&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुरुं वन्दे मातृपम्।</strong> गुरुं वन्दे पितृपम्। गुरुं वन्दे कृणामयम्। गुरुं वन्दे सुज्ञानमयम्। गुरुं वन्दे सिद्धिप्रदं। गुरुं वन्दे बुद्धिप्रदं। गुरुं वन्दे विमलमतिम्। गुरुं वन्दे अमलकृतिम्। चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्यश्री सुनीलसागरजी गुरुदेव को, मन, वचन, काय से त्रिवार नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु।।</p>
<p><strong>“मेवा मले के ना मले मारे सेवा तमारी करवी छे”</strong></p>
<p>मुंबई। मुंबई निवासी ममता गांधी ने आचार्यश्री सुनीलसागर जी को पत्र लिखकर अपने अनुभव साझा किए हैं। जिसमें उन्होंने गुरुकृपा का बखान कर ऐसी प्रभावना व्यक्त की है, जो समाजजनों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त बात मेरे लिए तो पूरी-पूरी सार्थक हुई है, जैनाचार के माध्यम से मैं गुरुदेव और जिनधर्म की प्रभावना करती रही और मुझे मेवा ही मेवा मिलता रहा। हमारे गुरुदेव के वात्सल्य और आशीर्वाद की तो क्या बात करें।</p>
<p>आचार्य श्री के आशीर्वाद मिलते रहे और मैं हर एक मुश्किल को पार करती रही, यहा तक कि मैं, ज़िंदगी तक जीत गई। इतना दिया मेरे गुरुदेव ने, कि मेरी झोली छोटी पड़ गई। ममता गांधी ने बताया कि मैं 2011 से गुरुदेव ससंघ जब मुंबई पधारे तब से उनके सानिध्य में जुड़ी हुई हूं, या फिर ऐसा कहो कि तब से मेरी जिंदगी में खुशियों का उदय हुआ। गुरुदेव के आशीर्वाद से हर बात अच्छे से चल रही थी। अचानक से 2017 में मुझे यूट्रस में तकलीफ हुई। मुंबई के लेटेस्ट डॉक्टर के हिसाब से रिपोर्ट करवाया तो उन्होंने बोला कि एक दिन भी रुकना नहीं है। कल ही दो ऑपरेशन करवाने हैं। अब मैं आप सबको क्या बताऊं, मुझे तो सुबह शाम मेरे गुरुदेव के सिवा कुछ भी याद ही नहीं था। मैंने तुरंत अमृता दीदी को कॉल लगाया और बोला कि गुरुदेव को नमोस्तु बोलना और गुरुदेव से ऑपरेशन के लिए आशीर्वाद मांगना। 15 मिनट में दीदी का कॉल आया कि आचार्य श्री ने आशीर्वाद दिया है और आपको कोई ऑपरेशन नहीं करवाना है। मैंने घर पर बोल दिया कि अब मुझे कोई ऑपरेशन नहीं करवाना है। घरवालों की तसल्ली के लिए हम दूसरे दिन डॉक्टर के पास वही रिपोर्ट लेकर गए। आप सब यकीन नहीं करोगे। डॉक्टर ने तुरंत बोल दिया कि आपको कोई भी ऑपरेशन नहीं करना है</p>
<p><strong>बस यही है मेरे गुरुदेव मेरे भगवान</strong></p>
<p>इसके बाद मुझे उसी बात के लिए कभी भी दर्द नहीं हुआ है। फिर 2022 में आचार्य श्री जयपुर में थे। तब हम 4 दिन वहीं पर गुरुदेव के दर्शन के लिए गए थे। वहीं से आचार्य श्री के आशीर्वाद लेकर हम मुंबई पहुंचे। उसके दूसरे ही दिन मुझे ब्रेन स्ट्रोक आया। मेरा लेफ्ट साइड पैरालिसिस जैसा हो रहा था। पर मेरी किस्मत देखिए, मेरे साथ हमेशा से गुरुदेव के आशीर्वाद रहे हैं। इतनी बड़ी तकलीफ के बाद भी गुरुदेव ने वहीं से आशीर्वाद भेजा तो मेरी सारी तकलीफ दूर हो गई और मैं फिर से चलने-फिरने लगी और धर्म प्रभावना करने लगी</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-79328" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003.jpg" alt="" width="1280" height="721" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-1024x577.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-768x433.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-414x232.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250418-WA0003-990x558.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />बस गुरुवर की कृपा से मेरा काम हो रहा था</strong></p>
<p>करते थे मेरे गुरुवर, मेरा नाम हो रहा था। एक समय ऐसा आ गया कि गुरुदेव के दर्शन न मिले तो मुझे चैन नहीं मिलता था। मैं हर महीने मुंबई से गुरुदेव के दर्शन के लिए जाने लगी थी। कई बार तो कुछ दिन ऐसे होते थे कि गुरुदेव ने मुझे सपने में आकर दर्शन दिए हैं। यही हैं मेरे गुरुदेव के चमत्कार। जब गुरुदेव के दर्शन किए बहुत दिन हो गए थे और गुरुदेव सरवाड़ में थे तब हम एक दिन के लिए सरवाड़ पहुंचे और वहां पर प्रतिष्ठा हो रही थी तो हमें लगा कि गुरुदेव पूरे दिन कार्यक्रम में व्यस्त रहेंगे और हमें गुरुदेव का सानिध्य अधिक देर नहीं मिलेगा। इसी लालच में हम सुबह 5 बजे गुरुदेव के पास दर्शन के लिए पहुंचे। मैंने गुरुदेव के दर्शन किए और नमोस्तु करके जैसे ही बैठने गई और सीढ़ियों से गिर गई और सामने मेरे गुरुदेव, मेरे भगवान थे। तो क्या मजाल कि मुझे कुछ होता। जितने भी श्रावक बैठे थे। सबने बोला कि जो भी गिरी है वो गई&#8230; पर आचार्य श्री ने तुरंत बोला- ‘वो दो मिनट में खड़ी हो जाएगी।’ आप सब यकीन मानो कि मैं तीन गुलाटी खाने के बाद भी और भारी शरीर होने के बाद भी मुझे खरोंच तक नहीं आई क्योंकि, गुरुदेव मेरे सामने थे और मैंने दूसरे ही मिनट खड़े होकर नमोस्तु बोला। बाकी सब महाराज जी का कहना था कि ‘तुम यहां बहुत बड़ी घात मिटाने आई हो।’ इसे कहते हैं कि सूली का घाव सुई से टल गया और मैं बिना किसी तकलीफ के अपने घर मुंबई पहुंच गई।</p>
<p>मैं आप सब गुरु भक्तों को कहना चाहूंगी कि सच्चे मन से गुरु भक्ति में समर्पित हो जाओ तो गुरुदेव के आशीर्वाद हर पल आपके साथ रहते हैं। 2025 में गुरुदेव जब संतरामपुर थे। तब मैं दो दिन के लिए वहाँ दर्शन के लिए गई थी। वहां से मुंबई आने के बाद मुझे फिर से ब्रेन स्ट्रोक आया। उसके बाद मेरे लेफ्ट साइड और चेहरे के लेफ्ट साइड पर पैरालिसिस का असर हुआ। कहते हैं ना कि गुरु का हाथ पकड़ने की बजाय अपने हाथ गुरु को पकड़ा दो क्योंकि, हम गुरु का हाथ गलती से छोड़ सकते हैं किंतु गुरु हाथ पकड़ेंगे तो कभी नहीं छोड़ेंगे।</p>
<p>हे गुरुदेव, एक पल आपका नाम ना बिसरूँ, मुझपे इतनी रहमत कर दे,</p>
<p>हर साँस में सिमरन करूँ, मुझपे इतनी बरकत कर दे।</p>
<p>जब मैं हॉस्पिटल में थी तब मेरे परिवारवालों ने डब्बू भैया को कॉल किया और बोला कि मम्मी को अर्जेन्ट गुरुदेव का दर्शन करवा दो। यहां पर मैं डब्बू भैया का भी शुक्रिया करना चाहूंगी कि हर बार उन्होंने मुझे हर बार गुरुदेव के दर्शन करवाए हैं।</p>
<p>ऐ मुसीबत, तू मेरे सर पर बेकार में ही मँडराती है, गौर से देख मेरे अंग-संग मेरे गुरुदेव की छत्रछाया लहराती है!</p>
<p>एक समय ऐसा आया कि मेरी हालत क्रिटिकल हो गई। डॉक्टर ने बोल दिया कि ब्रेन एंजियोप्लास्टी करने का 10 प्रतिशत रिस्क है, पर मुझे मेरे गुरुदेव के आशीर्वाद पर पूरा भरोसा था कि मुझे कुछ नहीं होगा और आज मेरा एंजियोप्लास्टी होकर मुझे डिस्चार्ज भी मिल गया और मुझे कोई भी तकलीफ नहीं है क्योंकि जिस दिन ऑपरेशन था। उसके पहले दिन मुझे सुनील भाई गांधीनगर वाले ने मुझे गुरुदेव के दर्शन करवाए। गुरु कृपा इतनी है कि खराब नेटवर्क होने के बावजूद भी गुरुवर मुझे देख पाए और आशीर्वाद दिया।</p>
<p>खुद पर हो विश्वास और गुरु पर हो आस्था,फिर कितनी भी आएं बाधाएं मिल जाता है रास्ता।</p>
<p>हे गुरुदेव, हम सब भक्तों पर कृपा बरसाते रहना।</p>
<p>गुरुदेव के श्री चरणों में श्रद्धा सुमन संग वंदन।</p>
<p>जिनकी कृपा-नीर से जीवन हुआ चंदन।</p>
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		<title>आर्यिका संघ का 15 अप्रैल को होगा मंगल प्रवेश : मंगल अगवानी ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पर होगी </title>
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		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 13:24:20 +0000</pubDate>
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<p><strong>संतों की नगरी सनावद में निरंतर साधुओं का आना बड़ा हर्ष का विषय है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रातः 7 बजे खंडवा की ओर से गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज की सुशिष्या आर्यिका श्री विदुषीश्री माताजी ससंघ (5 पिच्छी) का मंगल प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> संतों की नगरी सनावद में निरंतर साधुओं का आना बड़ा हर्ष का विषय है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रातः 7 बजे खंडवा की ओर से गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज की सुशिष्या आर्यिका श्री विदुषीश्री माताजी ससंघ (5 पिच्छी) का मंगल प्रवेश होगा। सन्मति जैन काका ने बताया कि सभी समाजजन आर्यिका संघ की मंगल अगवानी के लिए ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पर पहुंचकर प्रभावना में सहयोगी बनेंगे। मंगल प्रवेश के बाद प्रातः 8:15 बजे मुनि और आर्यिका संघ के मंगल प्रवचन होंगे। 9:30 बजे मुनि और आर्यिका संघ की आहारचर्या होगी।</p>
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		<title>आचार्य वर्धमान सागर विधान भक्ति से किया : 75 दीपकों से महाआरती की </title>
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		<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 17:04:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान का पूजन शनिवार को किया गया। 75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया। इंदौर से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान का पूजन शनिवार को किया गया। 75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का हीरक जन्म जयंती वर्ष के तहत श्री आदिनाथ चैत्यालय में आचार्य वर्धमान सागर विधान किया गया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के आशीर्वाद एवं समाधिस्थ मुनि श्री चारित्र सागर जी की प्रेरणा से स्कीम नंबर 71 में श्री आदिनाथ चैत्यालय में आरती,सनत, निखिल, रिया की ओर से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान पूजन शनिवार को किया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78993" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041.jpg" alt="" width="720" height="406" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041.jpg 720w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" />आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का जन्म वर्ष 1950 में हुआ। आचार्य श्री 33 साधुओं सहित मंदसौर विराजित हैं। महेंद्र अध्यक्ष एवं सचिव सुनील जैन ने बताया कि अजय पंचोलिया के निर्देशन में श्री जी का पंचामृत अभिषेक एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पूजन भक्ति भाव नृत्य पूर्वक किया गया। आरती जैन, आशा कोरिया, शशि बंडी, संगीता पंचोलिया, रीना गोठाने, सनत जैन, राजेश पंचोलिया, सुशील जैन, राजेंद्र निखिल, विशाल, महेंद्र टी जैन, राजेंद्र टी जैन, पंकज सेठिया सहित अनेक भक्तों ने पूजन किया।75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया।</p>
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		<title>मुनिश्री 108 पूज्यसागरजी महाराज के आहारचर्या एवं चरण वंदना का पुण्य लाभः महाराज श्री की सन्निधि में बैठकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया </title>
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		<pubDate>Tue, 08 Apr 2025 09:25:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रीमान लोकेंद्र बीना जैन परिवार की ओर से डेविड जैन, सनावद परिवार द्वारा मुनिश्री 108 पूज्यसागर जी महाराज के आहारचर्या एवं चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त कर अनंत अनुमोदना व्यक्त की गई। इसके उपरांत, उपस्थित सभी भक्तजनों को प्रभावना का वितरण उनके परिवार द्वारा किया गया। पढ़िए सनावद की यह पूरी खबर&#8230; सनावद। श्रीमान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्रीमान लोकेंद्र बीना जैन परिवार की ओर से डेविड जैन, सनावद परिवार द्वारा मुनिश्री 108 पूज्यसागर जी महाराज के आहारचर्या एवं चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त कर अनंत अनुमोदना व्यक्त की गई। इसके उपरांत, उपस्थित सभी भक्तजनों को प्रभावना का वितरण उनके परिवार द्वारा किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सनावद की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> श्रीमान लोकेंद्र जैन एवं श्रीमती बीना जैन परिवार की ओर से डेविड जैन, सनावद परिवार द्वारा मुनिश्री 108 पूज्यसागर जी महाराज के आहारचर्या एवं चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त होने पर अनंत अनुमोदना व्यक्त की गई। श्रीमान लोकेंद्र जैन एवं श्रीमती बीना जैन के सुपुत्र नकुल जैन एवं उनकी पत्नी श्रीमती शिवानी जैन, साथ ही कुश जैन और किवी जैन को आज, 8 अप्रैल को जैन संत पूज्य सागर जी महाराज की आहारचर्या का सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p>श्री डेविड जैन ने प्रसन्नता एवं अनुमोदना व्यक्त करते हुए कहा कि हम श्री लोकेंद्र जैन एवं सनावद स्थित उनके परिवार के इस पुण्य कार्य की अनुमोदना करते हैं। उन्होंने बताया कि आहारचर्या के उपरांत, उपस्थित सभी भक्तजनों को प्रभावना का वितरण उनके परिवार द्वारा किया गया। आहारचर्या संपन्न होने के पश्चात, श्री लोकेंद्र जैन एवं परिवार जैन मंदिर सनावद में महाराज श्री की सन्निधि में बैठकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने आप को धन्य माना।</p>
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		<title>बाल ब्रहमचारिणी अनिता व ललिता दीदी श्रावकों की गोद भराईः विशद सागरजी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न  </title>
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		<pubDate>Tue, 07 Jan 2025 13:01:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विशद सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्रावकों द्वारा बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी व ललिता दीदी श्रावकों की हुई गोद भराई हुई। इसके उपरान्त सायंकाल में विनौली शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली जिसमें दीक्षार्थी बहिनों की श्रावकों के पुण्य की अनुमोदना की। पढ़िए ललितपुर से अक्षय अलय की यह पूरी खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्यश्री विशद सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्रावकों द्वारा बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी व ललिता दीदी श्रावकों की हुई गोद भराई हुई। इसके उपरान्त सायंकाल में विनौली शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली जिसमें दीक्षार्थी बहिनों की श्रावकों के पुण्य की अनुमोदना की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए ललितपुर से अक्षय अलय की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर में आचार्यश्री विशद सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में जैनेश्वरी दीक्षा पूर्व बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी एवं ललिता दीदी की गोद भराई श्रावकों ने प्रभावना पूर्व की। इसके उपरान्त सायंकाल में विनौली शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली जिसमें दीक्षार्थी बहिनों की श्रावकों के पुण्य की अनुमोदना की।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-72130" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014.jpg" alt="" width="1040" height="780" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014.jpg 1040w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250107-WA0014-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1040px) 100vw, 1040px" />मुनिश्री विशाल सागरजी ने की 15 घंटे की कठोर साधना</strong></p>
<p>पार्श्वनाथ जैन अटा मंदिर में विराजमान आचार्य श्री विशद सागरजी महाराज संघस्थ मुनि विशाल सागरजी महाराज ने भीषण शीत लहर के चलते खुले हाल में एक आसन ध्यानमुदा में पदमासन में ध्यान लगाकर साधना की। एक ओर जहां शीतलहर के बचाव के लिए श्रावक जहां ठंड से बचाव के लिए कहीं अग्नि का सहारा लेते हैं तो कहीं गर्म कपड़ों से बचाव करते हैं। ऐसे में दिगम्बर साधू की साधना को हम नमन करते है जिन्होंने विगत जनवरी की शाम 8 बजे से 7 जनवरी को सुबह 11 बजे तक बिना किसी अग्नि का सहारा लिए कठोर साधना की। श्रावकों ने पहुंचकर मुनिश्री के दर्शन कर पुर्ण्याजन किया।</p>
<p><strong>आचार्यश्री के सानिध्य में दीक्षा हुई</strong></p>
<p>सायंकाल दिगम्बर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज की विदुषि बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी एवं ललिता दीदी जैनेश्वरी दीक्षा के पूर्व आचार्यश्री विशद सागरजी महाराज एवं मुनि अविचल सागरजी महाराज के सानिध्य में आयोजन हुआ।</p>
<p><strong>भक्ति नृत्य से मंगलाचरण </strong></p>
<p>जिसका शुभारम्भ सुनंदा महिला संभाग की श्राविकाओं ने भक्ति नृत्य के माध्यम से मंगलाचरण कर किया। प्रिंसी एवं सिद्धी जैन ने भक्ति नृत्य एवं श्रद्धा सुरभि एवं रेशू जैन ने मेहंदी गीत प्रस्तुत किया। आचार्य श्री विशद सागरजी महाराज, मुनि अविचल सागरजी महाराज एवं मुनि विशाल सागरजी महाराज ने दीक्षार्थियों के पुण्य को प्रशंसनीय बताते हुए आर्शीवाद प्रदान किया और कहा अनवरत साधना का परिणाम है कि वह जैनेश्वरी दीक्षा के संकल्प को पूर्ण कर रही है।</p>
<p><strong>अनवरत साधना और धर्म की प्रभावना की</strong></p>
<p>गौरतलब रहे कि बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी एवं ललिता दीदी सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज के संघस्थ रहकर अनवरत साधना की और धर्म की अपूर्व प्रभावना की। दोनों दीक्षार्थी दीदीयों ने बचपन के संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा गुरुओं की सतत प्रेरणा रही कि आज हमारे निवेदन को आचार्यश्री ने स्वीकारा। उन्होंने संयम और संस्कारों को जीवन में धारण करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p><strong>सैकडों श्रावकों के साथ गोद भराई की</strong></p>
<p>दीक्षार्थी बहिनों की गोदभराई का शुभारम्भ नगर की ब्रह्मचारिणी अनिता, सीमा, मंजू, रजनी, अनिता मोदी द्वारा किया गया। जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, निर्माण कमेटी प्रमुख शीलचंद अनौरा, अखिलेश दवाना, मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना, संयोजक सनत जैन खजुरिया, सीए सौरभ जैन, जयकुमार चौधरी, राजेन्द्र जैन थनवारा, डॉ. सुनील जैन संचय, श्रेयांश जैन, विजय जैन तागौन, घन्यकुमार जैन एक सुनील सवैया, संजीव सौरवा, सुनील जैन प्राचार्य नरेन्द्र जैन, राजीव जैन खजरा, अजय जैन साइकिल, दीपक जैन बाबी, चंचल पहलवान, चंदन सिंघइर्, अमित सर्राफ, चंचल पहलवान, शिवाक पुष्पेन्द्र जैन महिला मण्डल की प्रमुख वीणा जैन, अनिता मोेदी, सुधा जैन सिमरा, सुषमा जैन, नीता बरया, उमा जैन सैदपुर, डॉ. नीलम सर्राफ, रागिनी जैन, किरण सतभैया, ज्योति औलिया, आरती जैन, अंजली सर्राफ, ममता मोहनी आदि ने सैकडों श्रावकों के साथ गोदभराई की। कार्यकम का संचालन जैन पंचायत मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने किया।</p>
<p><strong>20 जनवरी को दोनों दीदीयों को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की जाएगी</strong></p>
<p>यहॉ विनौली शोभायात्रा निकाली गई जिसमें जैनेश्वरी दीक्षार्थी अनिता दीदी एवं ललिता दीदी के साथ गौरव ब्रह्मचारिणी बहिनें विराजित हुई। मंगल गीतों के साथ शोभायात्रा में श्रावक-श्राविकाएँ भक्ति नृत्य करते हुए चल रहे थे। श्रावकों ने द्वारे-द्वारे गोदभराई कर दीक्षार्थी बहिनों के पुण्य की अनुमोदना की। शोभायात्रा तालाबपुरा वाटरवर्क्स होते हुए नजाई बाजार से तहसील तिराहा घंटाघर चौक से सावरकर चौक होते हुए अटा मंदिर पर विसर्जित हुई। स्मरण रहे। आगामी 20 जनवरी को अतिशय क्षेत्र बडागांव, बागपत में बाल ब्रह्मचारिणी अनिता दीदी एवं ललिता दीदी की जैनेश्वरी दीक्षा आचार्यश्री ज्ञेयसागरजी महाराज के सानिध्य में प्रदान की जाएगी।</p>
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