<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>प्रधानमंत्री &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Tue, 26 May 2026 11:12:05 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>प्रधानमंत्री &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>आर्यिका साध्वियों साथ हुए हादसे के विरोध में जैन समाज का आक्रोश : सैकड़ों ने मौन प्रदर्शन कर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_community_expresses_anger_against_the_incident_involving_aryaka_nuns/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_community_expresses_anger_against_the_incident_involving_aryaka_nuns/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 11:12:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bakswaha Tehsil]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[memorandum]]></category>
		<category><![CDATA[Nationwide Movement]]></category>
		<category><![CDATA[President]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Silent Procession]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञापन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[बकस्वाहा तहसील]]></category>
		<category><![CDATA[मौन जुलूस]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रव्यापी आंदोलन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107365</guid>

					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश के रीवा में हुई दु:खद घटना के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बकस्वाहा तहसील क्षेत्र की सकल जैन समाज ने भी एकजुट होकर अनुशासित शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। बकस्वाहा से पढ़िए, राजेश जैन रागी और रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट&#8230; बकस्वाहा। मध्यप्रदेश के रीवा में हुई दु:खद घटना के विरोध [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मध्यप्रदेश के रीवा में हुई दु:खद घटना के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बकस्वाहा तहसील क्षेत्र की सकल जैन समाज ने भी एकजुट होकर अनुशासित शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, राजेश जैन रागी और रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> मध्यप्रदेश के रीवा में हुई दु:खद घटना के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बकस्वाहा तहसील क्षेत्र की सकल जैन समाज ने भी एकजुट होकर अनुशासित शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया तथा पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। रीवा में हुई जैन साध्वियों की मर्मान्तक सड़क दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है । बीती 20 मई को घटित इस हृदयविदारक हादसे में आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं श्री उपशममति माताजी के असामायिक समाधिमरण से देश भर के जैन समुदाय में गहरा शोक और भारी आक्रोश है। सम्पूर्ण देश में राष्ट्रव्यापी एक साथ सोमवार को शांतिपूर्ण मौन जुलूस प्रदर्शन की कड़ी में बकस्वाहा तहसील मुख्यालय पर क्षेत्रीय जैन समाज एकत्रित होकर सड़कों पर उतरकर अनुशासित शांतिपूर्ण मौन प्रर्दशन किया। समाज का स्पष्ट मत है कि धर्म ,अहिंसा, मानवता की रक्षा,अपरिग्रह और निहत्थे रहकर निरन्तर पैदल/विहार पदयात्रा करने जैन साधु &#8211; संतों की सुरक्षा के लिए सरकार अब मूकदर्शक बनी नहीं रह सकती। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि रीवा में जैन साध्वी आर्यिकाओं पर योजनाबद्ध इरादतन हमला हुआ है और निर्दोष आर्यिकाओं की हत्या राशिद अली की जिहादी कुत्सित मानसिकता का दुष्परिणाम है। जिसमें इस कार ड्राइवर के अतिरिक्त अनेक लोगों के शामिल होने की आशंका है, ईर्यापथ पर चलने वाले हमारे साधु मात्र चार हाथ की दूरी पर अपनी दृष्टि रखते हैं। सामने से आती हुई कार तक नहीं देखते हैं और इस हमले की चपेट में आ गए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक समाज विशेष का नहीं बल्कि संतों की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। लोगों ने मांग की है कि सभी दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर सभी को फांसी की सजा और बुलडोजर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाना आवश्यक है।</p>
<p>इस राष्ट्रव्यापी अनुशासित शांतिप्रिय मौन प्रर्दशन आंदोलन में बकस्वाहा तहसील मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन में ग्राम सुनवाहा , ग्राम मडदेवरा की जैन समाज बड़ी संख्या में शामिल हुई, इसी प्रकार तहसील क्षेत्र के बाजना ग्राम में हुए प्रदर्शन में ग्राम दरगुवां की समाज तथा क्षेत्र के ही ग्राम बम्हौरी में हुए प्रदर्शन में जैन तीर्थ नैनागिरि , ग्राम निवार, ग्राम मझगुवांघाटी के समाजजन, महिलाएं एवं युवा ,बच्चे भारी संख्या में शामिल हुए। जो पुरुष वर्ग सफेद वस्त्र तथा महिला वर्ग पीले वस्त्र पहने हुए थे, सभी ने एक स्वर में कहा कि अविलंब ही मांगों की पूर्ति एवं कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्ञापन में संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने,संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरन्त लागू करने, घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी , राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाने, संतों के विरुद्ध अपराधियों को विशेष संवेदनशील ‌श्रेणी मिलने, प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र बनाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_community_expresses_anger_against_the_incident_involving_aryaka_nuns/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान को बंद करने का विरोध : प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जताई नाराजगी  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/protest_against_the_closure_of_the_prakrit_jain_scriptures_and_nonviolence_research_institute/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/protest_against_the_closure_of_the_prakrit_jain_scriptures_and_nonviolence_research_institute/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 05:16:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ahimsa Research Institute]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Closure]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[memorandum]]></category>
		<category><![CDATA[Opposition. श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Prakrit Jain Scriptures]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अहिंसा शोध संस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञापन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृत जैन शास्त्र]]></category>
		<category><![CDATA[बंद करने]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[विरोध]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106411</guid>

					<description><![CDATA[भगवान महावीर स्वामी की पावन जन्मस्थली बासोकुंड, वैशाली स्थित ऐतिहासिक ‘प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान’ को बंद करने की सरकारी अधिसूचना पर देशभर में तीखा विरोध शुरू हो गया है। इंदौर/बदनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर/बदनावर। भगवान महावीर स्वामी की पावन जन्मस्थली बासोकुंड, वैशाली स्थित ऐतिहासिक ‘प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान’ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान महावीर स्वामी की पावन जन्मस्थली बासोकुंड, वैशाली स्थित ऐतिहासिक ‘प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान’ को बंद करने की सरकारी अधिसूचना पर देशभर में तीखा विरोध शुरू हो गया है। <span style="color: #ff0000">इंदौर/बदनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर/बदनावर।</strong> भगवान महावीर स्वामी की पावन जन्मस्थली बासोकुंड, वैशाली स्थित ऐतिहासिक ‘प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान’ को बंद करने की सरकारी अधिसूचना पर देशभर में तीखा विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय वर्द्धमानपुर शोध संस्थान एवं सकल जैन समाज ने माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री बिहार एवं राज्यपाल महोदय को ज्ञापन भेजकर अधिसूचना तत्काल रद्द करने की मांग की है।</p>
<p><strong>क्या है मामला</strong></p>
<p>इस संस्थान का शुभारंभ स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने महावीर जन्म कल्याणक उत्सव, चौत्र शुक्ल त्रयोदशी वीर निर्वाण संवत 2482, तदनुसार 23 अप्रैल 1956 को किया था। लगभग 70 वर्षों से यह संस्थान प्राकृत भाषा, जैन आगम और अहिंसा दर्शन पर शोध का विश्व का एकमात्र केंद्र रहा है। वर्तमान में एक सरकारी प्रस्ताव के तहत इसे बंद करने की अधिसूचना जारी की गई है, जिसका जैन समाज और भाषा प्रेमियों ने सख्त विरोध जताया है। वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने बताया कि 70 वर्ष पूर्व भारत सरकार ने संस्कृत, प्राकृत और पाली की त्रिवेणी को संरक्षित करने के लिए तीन अलग शोध केंद्र स्थापित किए थे। इन केंद्रों ने हजारों विद्वान देश को दिए। प्राकृत भाषा का प्रतिनिधित्व करने वाले इस इकलौते संस्थान को षड्यंत्रपूर्वक बंद करना भारतीय ज्ञान परंपरा को नष्ट करने का उपक्रम है। इसे कोई भी भारतीय विद्वान बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद से आंदोलन गतिमान है, राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के आह्वान पर देशभर के प्राकृत प्रेमियों एवं जैन समाज ने केंद्र व बिहार सरकार को ज्ञापन सौंपकर अधिसूचना रद्द करने की मांग की है।</p>
<p><strong>ज्ञापन</strong> में मांग</p>
<p>वर्द्धमानपुर शोध संस्थान एवं दिगम्बर जैन समाज, बदनावर सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि संस्थान बंद करने की अधिसूचना तत्काल रद्द की जाए। प्राकृत भाषा के विकास हेतु संस्थान को पुनः शुरू कर सुदृढ़ बनाया जाए। पिछले 20 वर्षों से रिक्त पदों पर नियुक्ति कर संस्थान का पुनरुत्थान किया जाए। ज्ञापन भेजने वालों में संस्थान के भोपाल इंदौर बदनावर के कार्यकर्ता और समाजजनों में राजेश जैन फूलजी बा, राजमल सूर्या, मुकेश विनायका, सुरेन्द्र मूणत, राजेश मोदी, विजय बाफना, महेन्द्र सुंदेचा, राजेन्द्र सराफ, अनिल लुनिया, सर्वेश मंडलेचा, सौरभ जैन बिट्टू, हेमंत मोदी, अभिषेक टल्ला, सुशील जैन, पवन पाटोदी, सुशील मोदी, ललित गोधा, विपिन पाटनी, स्वप्निल जैन, ओम पाटोदी सहित नगर के गणमान्य नागरिक शामिल थे।</p>
<p><strong>पृष्ठभूमि</strong></p>
<p>यह संस्थान 19 हजार दुर्लभ पुस्तकों व पांडुलिपियों से सुसज्जित है। यहां जापान, श्रीलंका, कंबोडिया तक के शोधार्थी अध्ययन करते रहे हैं। जैन समाज का आरोप है कि दरभंगा के संस्कृत संस्थान और नालंदा के पाली संस्थान को चलाया जा रहा है लेकिन, प्राकृत संस्थान के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/protest_against_the_closure_of_the_prakrit_jain_scriptures_and_nonviolence_research_institute/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गाय का सम्मान हो गौ माता बचेगी तभी राष्ट्र बचेगा : गोरीलाल कुंज वृन्दावन के महंत श्री की अगुवाई में गौ माता की रक्षा के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/cow_should_be_respected_only_if_mother_cow_survives_the_nation_will_survive/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/cow_should_be_respected_only_if_mother_cow_survives_the_nation_will_survive/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:03:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Block Level]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Gorilal Kunj Vrindavan]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[memorandum]]></category>
		<category><![CDATA[Mother Cow]]></category>
		<category><![CDATA[President]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[गोरीलाल कुंज वृन्दावन]]></category>
		<category><![CDATA[गौ माता]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञापन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<category><![CDATA[विकासखंड स्तर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=105803</guid>

					<description><![CDATA[पूरे देश में तहसील और विकासखंड स्तर पर गौ माता सम्मान आह्वान के तहत प्रदर्शन करते हुए गौ माता की रक्षा करने हेतु विभिन्न बिंदुओं का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230; बकस्वाहा। पूरे देश में तहसील [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पूरे देश में तहसील और विकासखंड स्तर पर गौ माता सम्मान आह्वान के तहत प्रदर्शन करते हुए गौ माता की रक्षा करने हेतु विभिन्न बिंदुओं का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> पूरे देश में तहसील और विकासखंड स्तर पर गौ माता सम्मान आह्वान के तहत प्रदर्शन करते हुए गौ माता की रक्षा करने हेतु विभिन्न बिंदुओं का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। बकस्वाहा तहसील मुख्यालय में भी गौ माता की रक्षा हेतु हजारों सनातन धर्मावलंबियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस पूरे कार्यक्रम की अगवाई श्रीधाम वृन्दावन स्थित गोरीलाल कुंज और पड़रिया धाम के महंत श्री किशोरदास जी महाराज ने की। महाराज श्री ने कहा कि जब गाय बचेगी तभी राष्ट्र बचेगा। उन्होंने गौ माता की महिमा का बखान करते हुए कहा कि गौ माता से ही सारे संकट दूर होंगे। तपती दोपहर के बावजूद हजारों की संख्या में सनातन धर्म प्रेमी ढोल-नगाड़ों और संकीर्तन के साथ सड़क पर उतरे और गौ माता की रक्षा के लिए अपनी एकजुटता दिखाई।</p>
<p><strong> अभ्यारण (गौशालाओं) के निर्माण की मांग की</strong></p>
<p>स्थानीय सिद्ध स्थल श्री बिहारी जी मंदिर में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। यहीं से प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड कदम्ब मैदान पर पहुंचे , जहां विशाल सभा का आयोजन किया गया । सभा के माध्यम से लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने गौ संरक्षण को राष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता आस्था से जोड़ते हुए गौ अभ्यारण (गौशालाओं) के निर्माण की मांग की। साथ ही देश में संचालित हो रहे बूचड़खानों को बंद करने की पुरजोर मांग भी उठाई गई।कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर महंत श्री किशोरदास जी महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति की आधारशिला है और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने प्रशासन से गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक , सामाजिक, राजनीतिक सहित विभिन्न संगठनों में काम करने वाले सनातनी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/cow_should_be_respected_only_if_mother_cow_survives_the_nation_will_survive/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव मनाया जाए: लेखिका पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोेध किया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami-2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 12:28:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bharatotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra Vadhi Navami]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[First Chakravarti Bharat]]></category>
		<category><![CDATA[First Tirthankara Lord Rishabh Dev]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Painter Pushpa Pandya]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Senior Writer]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[चित्रकार पुष्पा पांड्या]]></category>
		<category><![CDATA[चैत्र वदी नवमी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम चक्रवर्ती भरत]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[भारतोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[वरिष्ठ लेखिका]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99789</guid>

					<description><![CDATA[वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। यह दिवस इस बार 12 मार्च को है। इस दिन को भारत दिवस के रूप में मनाए जाने का की घोषणा से समग्र जैन समाज हर्षित होगा। उन्होंने बताया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव और उनके ज्येष्ठ पुत्र प्रथम चक्रवर्ती भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा है। इसलिए चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव या भारत दिवस के रूप में मनाया जाना श्रेयस्कर होगा। पत्र में उन्होंने मांग की है कि पाठ्य पुस्तकों में उनके पाठ पढ़ाए जाएं। उनकी विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित भी होनी चाहिए। साथ ही यह भी अनुरोध किया कि इस दिन पशु वध एवं मांस विक्रय केंद्र बंद रखे जाएं तथा मांसाहारी खाद्य सामग्री हवाईजहाज, रेल, होटल्स, दाबों ठेलों आदि में भी बनाने और परोसने पर पाबंदी लगाई जाए। पुष्पा पांड्या ने बताया कि कर्मयुग के प्रारंभ कर्ता छह कर्मों की शिक्षा द्वारा कौशल की शिक्षा देकर जीवन जीने की कला सिखाने वाले 72 कला के प्रणेता जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव जी और उनके ज्येष्ठ पुत्र प्रथम चक्रवर्ती सम्राट भरत जिनके नाम से देश का नाम ‘भारतवर्ष’ पड़ा। वे छह खंड के अधिपति 9 निधि और चौदह रत्न धारी थे। भरत जी का जन्म भी अयोध्या नगरी में उनके पिता ऋषभ देव जी के जन्म दिन चैत्र वदी नवमी के दिन हुआ था। जो इस वर्ष 12 मार्च को है। इस दिन को भारतोत्सव के रूप में मनाया जाए। भरत जी और ऋषभ देव जी के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हो। उनके जीवन पर आधारित जानकारी पाठ्य पुस्तकों में पढ़ाई जाए। भरत चक्रवर्ती जी की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा अयोध्या में स्थापित होनी चाहिए। इससे पूर्व भारत देश ऋषभ देव जी के पिता और भरत के दादाजी राजा नाभिराय जी के नाम से अजनाभ वर्ष कहलाता था। शकुंतला पुत्र भरत के नाम से देश का नाम भारत हुआ ये सर्वथा गलत है। इस आशय को पाठ पाठ्य पुस्तकों से हटाए जाए। शकुंतला पुत्र भरत की कहानी महाभारत के समय की है। जो जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ जी के समय की बात है जबकि, हजारों साल पूर्व से ही हमारे देश का नाम भारत है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव मनाया जाए: लेखिका पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोेध किया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Feb 2026 12:49:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bharatotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra Vadhi Navami]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[First Chakravarti Bharat]]></category>
		<category><![CDATA[First Tirthankara Lord Rishabh Dev]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Painter Pushpa Pandya]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Senior Writer]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[चित्रकार पुष्पा पांड्या]]></category>
		<category><![CDATA[चैत्र वदी नवमी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम चक्रवर्ती भरत]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[भारतोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[वरिष्ठ लेखिका]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99500</guid>

					<description><![CDATA[वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> वरिष्ठ लेखिका और चित्रकार पुष्पा पांड्या ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और उनके ज्येष्ठ पुत्र भरत चक्रवर्ती जी के जन्म दिवस चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की जाए। यह दिवस इस बार 12 मार्च को है। इस दिन को भारत दिवस के रूप में मनाए जाने का की घोषणा से समग्र जैन समाज हर्षित होगा। उन्होंने बताया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव और उनके ज्येष्ठ पुत्र प्रथम चक्रवर्ती भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा है। इसलिए चैत्र वदी नवमी को भारतोत्सव या भारत दिवस के रूप में मनाया जाना श्रेयस्कर होगा। पत्र में उन्होंने मांग की है कि पाठ्य पुस्तकों में उनके पाठ पढ़ाए जाएं। उनकी विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित भी होनी चाहिए। साथ ही यह भी अनुरोध किया कि इस दिन पशु वध एवं मांस विक्रय केंद्र बंद रखे जाएं तथा मांसाहारी खाद्य सामग्री हवाईजहाज, रेल, होटल्स, दाबों ठेलों आदि में भी बनाने और परोसने पर पाबंदी लगाई जाए। पुष्पा पांड्या ने बताया कि कर्मयुग के प्रारंभ कर्ता छह कर्मों की शिक्षा द्वारा कौशल की शिक्षा देकर जीवन जीने की कला सिखाने वाले 72 कला के प्रणेता जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव जी और उनके ज्येष्ठ पुत्र प्रथम चक्रवर्ती सम्राट भरत जिनके नाम से देश का नाम ‘भारतवर्ष’ पड़ा। वे छह खंड के अधिपति 9 निधि और चौदह रत्न धारी थे। भरत जी का जन्म भी अयोध्या नगरी में उनके पिता ऋषभ देव जी के जन्म दिन चैत्र वदी नवमी के दिन हुआ था। जो इस वर्ष 12 मार्च को है। इस दिन को भारतोत्सव के रूप में मनाया जाए। भरत जी और ऋषभ देव जी के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हो। उनके जीवन पर आधारित जानकारी पाठ्य पुस्तकों में पढ़ाई जाए। भरत चक्रवर्ती जी की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा अयोध्या में स्थापित होनी चाहिए।</p>
<p>इससे पूर्व भारत देश ऋषभ देव जी के पिता और भरत के दादाजी राजा नाभिराय जी के नाम से अजनाभ वर्ष कहलाता था। शकुंतला पुत्र भरत के नाम से देश का नाम भारत हुआ ये सर्वथा गलत है। इस आशय को पाठ पाठ्य पुस्तकों से हटाए जाए। शकुंतला पुत्र भरत की कहानी महाभारत के समय की है। जो जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ जी के समय की बात है जबकि, हजारों साल पूर्व से ही हमारे देश का नाम भारत है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_bharatotsav_festival_should_be_celebrated_on_chaitra_vadya_navami/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राष्ट्र गौरव डॉ. इंदु जैन ने किया महावीराष्टक स्तोत्र का पाठ : उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने गांधी जी को किया नमन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/national_pride_dr_indu_jain_recited_mahavirashtak_stotra/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/national_pride_dr_indu_jain_recited_mahavirashtak_stotra/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Oct 2025 12:58:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[30 January Marg New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Father of the Nation Mahatma Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Gandhi Smriti and Darshan Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[International Non-Violence Day]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavirashtak Stotra]]></category>
		<category><![CDATA[Prayer and Devotional Music]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vice President]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[उपराष्ट्रपति]]></category>
		<category><![CDATA[गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[प्रार्थना एवं भक्ति संगीत]]></category>
		<category><![CDATA[महावीराष्टक स्तोत्र]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपिता महात्मा गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91677</guid>

					<description><![CDATA[राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली में सर्वधर्म प्रार्थना एवं भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में गूँजा। नईदिल्ली से पढ़िए, यह खबर&#8230; नईदिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली में सर्वधर्म प्रार्थना एवं भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में गूँजा। <span style="color: #ff0000">नईदिल्ली से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नईदिल्ली।</strong> राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली में सर्वधर्म प्रार्थना एवं भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में गूँजा। गांधी जयंती पर आयोजित समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अनेक गणमान्य अतिथियों ने बापू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन को विश्व अहिंसा दिवस घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस ने संदेश पढ़कर सुनाया। देश के प्रसिद्ध भजन गायक पद्मश्री अनूप जलोटा ने गांधी जी के प्रिय भजन सुनाकर वातावरण भक्तिमय कर दिया। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के गीत की प्रस्तुति ने भी मन मोह लिया।</p>
<p><strong>सर्वधर्म प्रार्थना में एक हुए सभी के स्वर </strong></p>
<p>सर्वधर्म प्रार्थना के अंतर्गत जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी, बहाई, यहूदी,मुस्लिम,सिक्ख, हिन्दु सभी धर्म के प्रतिनिधियों ने बापू को नमन करते हुए विश्व शांति की भावना से प्रार्थनाएं कीं। जैन धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. इंदु जैन राष्ट्र गौरव ने तीर्थंकर महावीर के पंच अणुव्रत के सिद्धांतों को बताते हुए सभी के कल्याण की भावना से महावीराष्टक स्तोत्र का सस्वर पाठ किया। प्रार्थना के अंत में डॉ. इन्दु ने ‘ॐ ह्रीं नमः सबको क्षमा-सबसे क्षमा’ कहकर अपनी वाणी को विराम दिया। संचालन जैनेन्द्र महोदय ने किया। दूरदर्शन एवं विभिन्न चैनल्स के माध्यम से यह कार्यक्रम लाखों लोगों तक पहुंचा।</p>
<p><strong>सभी का किया अभिवादन </strong></p>
<p>गांधी स्मृति दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने सभी धर्म के प्रतिनिधियों का अभिवादन किया। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का अभिवादन डॉ. इन्दु जैन ने णमो जिणाणं-जय जिनेन्द्र-उत्तम क्षमा-मिच्छामि दुक्कडम कहा तो उन्होंने भी प्रसन्न मुद्रा में सहज भावों से मिच्छामि दुक्कडम् कहकर आत्मीय अभिव्यक्ति दी। इस संवाद का एक चित्र भी पीएमओ के आधिकारिक चित्र संग्रह से सांझा किया। ज्ञातव्य है कि डॉ. इन्दु जैन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रूप में जैन धर्म की प्रतिनिधि हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में विशेषज्ञ सलाहकार सदस्य हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/national_pride_dr_indu_jain_recited_mahavirashtak_stotra/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य विद्यानंद जी महाराज की शताब्दी समारोह का किया शुभारंभ : जारी किए डाक टिकट और स्मृति सिक्का </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/prime_minister_modi_inaugurated_the_centenary_celebrations_of_acharya_vidyanand_ji_maharaj/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/prime_minister_modi_inaugurated_the_centenary_celebrations_of_acharya_vidyanand_ji_maharaj/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Jun 2025 13:11:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vidyananda Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Centenary Celebrations]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Commemorative Coin]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[New Delhi  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Postage Stamp]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Shravanabelagola]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Swasthi Sri Charukirti Bhattaraka Swami]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विद्यानंद जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[डाक टिकट]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[नरेंद्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[शताब्दी समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[श्रवणबेलगोला]]></category>
		<category><![CDATA[स्मृति सिक्का]]></category>
		<category><![CDATA[स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83927</guid>

					<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जैन मुनि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आचार्य विद्यानंद जी को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधुनिक प्रकाश स्तंभ बताते हुए उनकी शिक्षाओं को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जैन मुनि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आचार्य विद्यानंद जी को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधुनिक प्रकाश स्तंभ बताते हुए उनकी शिक्षाओं को भारत की सेवा, संयम और करुणा प्रधान संस्कृति से जोड़कर याद किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जैन मुनि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आचार्य विद्यानंद जी को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधुनिक प्रकाश स्तंभ बताते हुए उनकी शिक्षाओं को भारत की सेवा, संयम और करुणा प्रधान संस्कृति से जोड़कर याद किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य विद्यानंद जी महाराज के सम्मान में विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का भी जारी किया। प्रधानमंत्री को इस अवसर पर &#8216;धर्म चक्रवर्ती&#8217; की उपाधि से सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83934" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011.jpg" alt="" width="1240" height="943" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011.jpg 1240w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-300x228.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-1024x779.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-768x584.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0011-990x753.jpg 990w" sizes="(max-width: 1240px) 100vw, 1240px" />सेवामय जीवन ही धर्ममय जीवन है</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आचार्य विद्यानंद महाराज कहते थे कि जीवन तभी धर्ममय हो सकता है, जब जीवन स्वयं ही सेवामय बन जाए। यह विचार न सिर्फ जैन दर्शन की मूल भावना से जुड़ा है, बल्कि भारत की चेतना का भी आधार है। भारत सेवा प्रधान देश है, मानवता प्रधान देश है।&#8221;</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83933" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010.jpg" alt="" width="1600" height="875" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-300x164.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-1024x560.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-768x420.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-1536x840.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-990x541.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0010-1320x722.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />प्राकृत भाषा को शास्त्रीय दर्जा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आचार्य श्री ने प्राकृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृत भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है, जो भगवान महावीर के उपदेशों की भाषा रही है। लेकिन अपनी संस्कृति की उपेक्षा करने वालों के कारण यह भाषा सामान्य प्रयोग से बाहर हो गई थी। हमने आचार्य श्री जैसे संतों के प्रयासों को देश का प्रयास बनाया और प्राकृत को &#8216;शास्त्रीय भाषा&#8217; का दर्जा दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत सरकार भारत की प्राचीन पाण्डुलिपियों को डिजिटाइज करने का अभियान चला रही है ताकि आने वाली पीढ़ियों को हमारी समृद्ध विरासत से जोड़ा जा सके।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83932" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0009.jpg" alt="" width="720" height="650" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0009.jpg 720w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0009-300x271.jpg 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" />विकास और विरासत साथ-साथ</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि &#8220;हमें विकास और विरासत को साथ लेकर चलना है। इसी सोच के तहत हम भारत के सांस्कृतिक स्थलों और तीर्थ स्थानों का भी विकास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 28 जून 1987 को ही आचार्य विद्यानंद जी को ‘आचार्य’ की उपाधि प्राप्त हुई थी, और यह दिन जैन समाज ही नहीं, समस्त भारत के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का ऐतिहासिक क्षण बन गया।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83931" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013.jpg" alt="" width="1600" height="890" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-1024x570.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-768x427.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-1536x854.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-990x551.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0013-1320x734.jpg 1320w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />अहिंसा ही भारत का मार्गदर्शन रही</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत की शाश्वत सभ्यता और ऋषि-मुनियों की परंपरा को स्मरण करते हुए कहा कि जब दुनिया में हजारों वर्षों तक हिंसा से हिंसा शांत करने के प्रयास होते रहे, तब भारत ने दुनिया को अहिंसा की शक्ति का बोध कराया। हमारा चिंतन अमर है, दर्शन अमर है, और आचार्य विद्यानंद जी जैसे संत उस दर्शन के आधुनिक युग में प्रतीक हैं।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83929" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014.jpg" alt="" width="1600" height="862" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-300x162.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-1024x552.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-768x414.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-1536x828.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-990x533.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250628-WA0014-1320x711.jpg 1320w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />जैन धर्म की ध्वजा लहराई</strong></p>
<p>इस मौके पर श्रवबेलगोला मठ के स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी ने कहा कि आज हम सबके लिए बहुत खास दिन थे। आचार्य विद्यानंद जी तपस्वी और ज्ञानी संत थे। उन्होंने हजारों मंदिरों की जीर्णोद्धार कराया और जैन धर्म को दुनिया भर में फैलाया। उन्होंने भगवान महावीर और भगवान बाहुबली के संदेशों को लोगों तक पहुंचाया। विद्यानंद जी ने दक्षिण भारत से उत्तर भारत आकर जैन धर्म का ध्वज लहराया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी जी भारत को विश्व गुरु का स्थान दिलवाया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/prime_minister_modi_inaugurated_the_centenary_celebrations_of_acharya_vidyanand_ji_maharaj/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मंदिर तीर्थ साधुओं पर हमलों के खिलाफ जैन समाज एकजुट: डिप्टी कलेक्टर ब्रजेंद्र यादव को दिया ज्ञापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_society_united_against_attacks_on_temple_pilgrimage_sadhus/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_society_united_against_attacks_on_temple_pilgrimage_sadhus/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Apr 2025 12:53:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Badarbas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Karaira]]></category>
		<category><![CDATA[Khaniyadhana]]></category>
		<category><![CDATA[Kolaras]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra and Madhya Pradesh Chief Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Municipal Council BMC]]></category>
		<category><![CDATA[Pohri]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Rannaud]]></category>
		<category><![CDATA[Shivpuri]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vile Parle (East) Mumbai]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[करैरा]]></category>
		<category><![CDATA[कोलारस]]></category>
		<category><![CDATA[खनियांधाना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पोहरी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[बदरबास]]></category>
		<category><![CDATA[महानगर पालिका परिषद बीएमसी]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[रन्नौद]]></category>
		<category><![CDATA[विले पार्ले ईस्ट मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[शिवपुरी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=79738</guid>

					<description><![CDATA[जैन मंदिर को ध्वस्त करने जैन तीर्थों पर कब्जा करने एवं जैन साधु संतों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में शिवपुरी जैन समाज ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। शिवपुरी, पोहरी, कोलारस, बदरबास,रन्नौद, खनियांधाना, करैरा में भी ज्ञापन दिए गए। इसमें समाजजनों ने भाग लेकर अपनी मांग प्रशासन को बताई। शिवपुरी से पढ़िए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन मंदिर को ध्वस्त करने जैन तीर्थों पर कब्जा करने एवं जैन साधु संतों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में शिवपुरी जैन समाज ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। शिवपुरी, पोहरी, कोलारस, बदरबास,रन्नौद, खनियांधाना, करैरा में भी ज्ञापन दिए गए। इसमें समाजजनों ने भाग लेकर अपनी मांग प्रशासन को बताई। <span style="color: #ff0000">शिवपुरी से पढ़िए मनोज जैन नायक तथा महेंद्र जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>शिवपुरी।</strong> जैन मंदिर को ध्वस्त करने जैन तीर्थों पर कब्जा करने एवं जैन साधु संतों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में शिवपुरी जैन समाज ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र जैन भैयन ने बताया कि विले पार्ले ईस्ट मुंबई के जैन मंदिर को 16 अप्रैल को महानगर पालिका परिषद बीएमसी द्वारा बिना कारण तोड़े जाने के साथ ही अहिंसा शांति का संदेश देने वाली भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा (ग्वालियर) के अनादर, नीमच में जैनसाधु संतों के साथ हुई मारपीट की घटना तथा जैन संतों के साथ हो रही सड़क दुघर्टना को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्टोरेट शिवपुरी में सकल जैन समाज के समस्त संगठनों ने सामूहिक रूप से एकजुट होकर प्रधानमंत्री, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन का वाचन करते हुए महेन्द्र जैन भैयन ने बताया कि पिछले 15-20 वर्षों से भारत में प्राचीन जैन तीर्थ, जैन साधु और जैन मंदिर असामाजिक तत्वों के निशाने पर हैं। हमारे प्राचीन जैन तीर्थ स्थल, जैन मंदिरों पर और जैन साधुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। फिर भी सरकारें ध्यान नहीं दे रही हैं। इस कारण शांति प्रिय जैन समाज को बार-बार सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। केंद्र सरकार एवं सभी राज्य सरकारों से जैन समाज निवेदन करता है कि अल्प संख्यक जैन समाज के तीर्थ स्थल, जैन साधु एवं सभी नागरिकों के साथ जैन धर्म की सुरक्षा को भी सरकार विशेष ध्यान दे।</p>
<p><strong>शिवपुरी के अलावा यहां भी दिए गए ज्ञापन </strong></p>
<p>शिवपुरी जिला मुख्यालय के साथ साथ ही जिले के सभी तहसील मुख्यालय पोहरी, कोलारस, बदरबास, रन्नौद, खनियाँधाना एवं करैरा में भी जैन समाज द्वारा ज्ञापन दिये गए। गुरुवार को सकल जैन समाज एवं समस्त जैन संगठन प्रातः 10 बजे श्री छत्री जैन मंदिर जी शिवपुरी पर एकत्रित हुए। यहां से सभी समाजजन एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री महाराष्ट्र देवेंद्र फडणवीस के नाम ज्ञापन दिया। जिसे डिप्टी कलेक्टर ब्रजेंद्र यादव ने स्वीकार किया। इस अवसर जैन समाज द्वारा पहलगांव कशमीर में आतंकवादियों द्वारा मारे गए निहत्थे लोगों की हत्या पर भी रोष प्रकट किया और सरकार से निवेदन किया कि ऐसे आतंवादियों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने दिया ज्ञापन  </strong></p>
<p>ज्ञापन देते समय सकल जैन समाज शिवपुरी की ओर से तेजमल सांखला, चंद्रसेन जैन, प्रकाश जैन, दिनेश जैन कल्लू भैया, सूरज जैन, बाई के जैन, लाभचंद जैन, विजय पारिख, सुरेंद्र जैन, मुकेश जैन, प्रमोद जैन, अशोक जैन, संतोष जैन, देवेंद्र जैन, सुनील जैन, चंद्र प्रकाश जैन, प्रदीप जैन, अभिषेक जैन, शुभम जैन, मनोज जैन, संजीव बांझल, अनूप जैन, विजय जैन, नरेश जैन, कल्याण जैन, पंकज जैन, संजय जैन सहित अनेक महानुभाव उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_society_united_against_attacks_on_temple_pilgrimage_sadhus/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>युवाओं को गांव में लौटाया जाएः एक गौ माता से 30 एकड़ भूमि में खेती हो सकती है-पद्मश्री सुभाष पालेकर </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/30_acres_of_land_can_be_cultivated_with_one_cow_padmashri_subhash_palekar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/30_acres_of_land_can_be_cultivated_with_one_cow_padmashri_subhash_palekar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Apr 2025 19:02:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[2016]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Global Warming]]></category>
		<category><![CDATA[Government of India]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Nimar region]]></category>
		<category><![CDATA[Padma Shri Award]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Rajendra Mahavir]]></category>
		<category><![CDATA[Sanawad]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Social Worker Teacher]]></category>
		<category><![CDATA[Subhash Palekar]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[ग्लोबल वार्मिंग]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[निमाड क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[पद्मश्री सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[भारत सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[राजेंद्र महावीर]]></category>
		<category><![CDATA[सनावद]]></category>
		<category><![CDATA[समाजसेवी शिक्षक]]></category>
		<category><![CDATA[सुभाष पालेकर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=78618</guid>

					<description><![CDATA[एक गौ माता से 30 एकड़ भूमि में कृषि का भरपूर उत्पादन लिया जा सकता है। आज का युवा गांव छोड़कर भाग रहा है। हरित क्रांति से उत्पादन तो बढ़ा है गांव में बहुत बड़े और अच्छे आधुनिक मकान भी बने हैं लेकिन युवा गांव में नहीं है उन्हें वापस गांव में लौटना होगा, अन्यथा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>एक गौ माता से 30 एकड़ भूमि में कृषि का भरपूर उत्पादन लिया जा सकता है। आज का युवा गांव छोड़कर भाग रहा है। हरित क्रांति से उत्पादन तो बढ़ा है गांव में बहुत बड़े और अच्छे आधुनिक मकान भी बने हैं लेकिन युवा गांव में नहीं है उन्हें वापस गांव में लौटना होगा, अन्यथा देश की स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी। उक्त विचार भारत सरकार द्वारा 2016 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सुभाष पालेकर ने कहीं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेंद्र महावीर से सनावद की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> निमाड़ क्षेत्र में चिकनी काली उपजाऊ मिट्टी है, निमाड़ी गोवंश खेती के लिए बहुत उपयोगी है। एक गौ माता से 30 एकड़ भूमि में कृषि का भरपूर उत्पादन लिया जा सकता है। आज का युवा गांव छोड़कर भाग रहा है। हरित क्रांति से उत्पादन तो बढ़ा है गांव में बहुत बड़े और अच्छे आधुनिक मकान भी बने हैं लेकिन युवा गांव में नहीं है उन्हें वापस गांव में लौटना होगा, अन्यथा देश की स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी। उक्त विचार भारत सरकार द्वारा 2016 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सुभाष पालेकर ने बासवा में समाजसेवी शिक्षक राजेंद्र महावीर के साथ हुई चर्चा में व्यक्त किए।</p>
<p><strong>युवाओं को गांव में लौटाया जाए </strong></p>
<p>इस चर्चा में पद्मश्री सुभाष पालेकरजी ने अनेक बिंदुओं को छूते हुए प्रश्नों का निराकरण भी किया, उन्होंने कहा की ग्लोबल वार्मिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह दो ऐसे भस्मासुर हैं जो पूरी दुनिया को नष्ट कर सकते हैं, संपूर्ण विश्व का इकोसिस्टम समाप्त हो रहा है इसका एक ही उपाय है कि युवाओं को गांव में लौटाया जाए और सुभाष पालेकर कृषि मॉडल से शून्य बजट प्राकृतिक खेती की जाए।</p>
<p><strong>रासायनिक और जैविक दोनों कृषि से बढ़ती है ग्लोबल वार्मिंग</strong></p>
<p>पद्मश्री सुभाष पालेकर ने कहा कि प्राकृतिक खेती नाम की कोई व्यवस्था नहीं है रासायनिक और जैविक कृषि दोनों ही घातक है वास्तव में किसानों को खेती के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है इसलिए वे आधुनिक भ्रमजाल में उलझ कर खेती की जमीन और खुद का स्वास्थ्य खराब कर रहा है। किसानों को रासायनिक, जैविक नहीं सुभाष पालेकर कृषि मॉडल पर कार्य करना चाहिए ।</p>
<p><strong>पालेकर कृषि कैंसर डायबिटीज से मुक्त कराकर डेढ़ गुना ज्यादा दाम दिलाएगी</strong></p>
<p>पद्मश्री सुभाष पालेकर ने कहा कि मेरे द्वारा जो मॉडल विकसित किया गया है वह जीव, जमीन, पानी, पर्यावरण विनाश को रोकता है और भूमि सरंक्षण संवर्धन करता है। हम अगली पीढ़ी को ऐसी भूमि बनाकर देते हैं, जिसमें कोई खाद नहीं डालना है इससे उत्पादन घटेगा नहीं, लागत बढ़ेगी नहीं और उपज का दाम डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगा। हमारे मॉडल से जो कृषि उपज होगी वह कैंसर और डायबिटीज से मुक्त होगी। किसान एक देसी गाय के गोबर से और गोमूत्र से 30 एकड़ खेती में उत्पादन ले सकता है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री की इच्छा है सुभाष पालेकर कृषि से किसानों आय दोगुना</strong></p>
<p>सन 2016 में भारत सरकार के नागरिक सम्मान पद्मश्री सम्मानित सुभाष पालेकर कृषि विशेषज्ञ हैं। जिन्होंने शून्य बजट प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय बनाकर कई किताबें भी लिखी है। अभी तक 40 लाख से अधिक किसानों को अपनी शिक्षा व प्राकृतिक खेती से उन्होंने लाभान्वित किया हैं। पद्मश्री पालेकर ने पुआल का उपयोग गाय के गोबर, गो मूत्र के मिश्रण का छिड़काव करने व पांच परतों में फसल उगाने का शिविर सनावद में लगाया। जिसमें 350 कृषको ने सुभाष पालेकर कृषि करने का प्रशिक्षण लिया। श्री पालेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी चाहते हैं कि किसानों की आय दोगुना हो। इस हेतु शून्य बजट खेती को जन आंदोलन बनाना होगा। जिससे उनके स्वप्न को ग्राम ग्राम तक पहुंचाया जा सके।</p>
<p><strong>मॉडल बनाने के लिए प्रेरित किया</strong></p>
<p>पद्मश्री सुभाष पालेकर से प्रभावित सेवानिवृत प्रोफेसर मणि शंकर डोंगरे, बासवा निवासी आईआईटी कानपुर के छात्र हरिओम बिरला ने कहा कि वह अपने खेतों में पालेकर कृषि मॉडल बनाकर कृषि करेंगे। श्री पालेकर ने बासवा के बीच स्थित नंदराम बिरला के खेत का अवलोकन कर मॉडल बनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p><strong>गांव में मॉडल खड़ा होना चाहिए</strong></p>
<p>पद्मश्री सुभाष पालेकरजी का स्वागत राजेंद्र जैन महावीर, दिनेश राठौर, बालकराम रावत, गणेश बिरला, अनोखीलाल सेजगाया, राकेश बिरला, अंकित रेवापाटी, मानकचंद रेवापाटी, दंदू मलगाया आदि ने किया। उल्लेखनीय पद्मश्री पालेकर संपूर्ण देश में कृषि मॉडल का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं उनका मानना है कि नई पीढ़ी बदलाव लाएगी और खेतों में मॉडल बनेगा तो उसे देखकर किसान समझ सकेंगे, इस हेतु हर गांव में मॉडल खड़ा होना चाहिए।</p>
<p><strong>कृषि करने के तरीकों में बदलाव लायें </strong></p>
<p>किसान मित्रों को यह समझना चाहिए कि कोई कानून नहीं है कि वह खेतों में रासायनिक खाद डालें, किसान भ्रम में है और वह भ्रमित होकर कृषि में वे सब प्रयोग कर लेते है, जो उसे नहीं करना चाहिए। किसान को अपना निर्णय स्वयं करना होगा। हमें प्रकृति को जीवित रखना है और ग्लोबल वार्मिंग से बचाना है तो हमें कृषि करने के तरीकों में भी बदलाव लाना पड़ेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/30_acres_of_land_can_be_cultivated_with_one_cow_padmashri_subhash_palekar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>9 अप्रैल को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस का आयोजन पूरे विश्व में एक साथः  आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी भी शामिल होंगे </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_9th_april_world_namokar_mahamantra_day_was_organized_simultaneously_across_the_world/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/on_9th_april_world_namokar_mahamantra_day_was_organized_simultaneously_across_the_world/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Apr 2025 11:48:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jhumri Tilaiya]]></category>
		<category><![CDATA[Message of Goodwill]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri 108 Vishalya Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modiji]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Salvation]]></category>
		<category><![CDATA[Saraswati Bhawan]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Spiritual Peace]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara God]]></category>
		<category><![CDATA[World Namokar Mahamantra Day]]></category>
		<category><![CDATA[World Peace Mahamantra Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[आध्यात्मिक शांति]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[झूमरी तिलैया]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थंकर भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नरेंद्र मोदीजी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मोक्ष]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व णमोकार महामंत्र दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वशांति महामंत्र श्री दिगम्बर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[सद्भावना का संदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सरस्वती भवन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=78357</guid>

					<description><![CDATA[9 अप्रैल 2025 को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस का आयोजन पूरे विश्व में एक साथ किया जा रहा है। जैन धर्म का विश्वशांति महामंत्र का यह आयोजन झूमरी तिलैया के श्री दिगम्बर जैन मंदिर के सरस्वती भवन में सराक केशरी जैन संत मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी मुनिराज के सानिध्य में णमोकार मंत्र का पाठ किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>9 अप्रैल 2025 को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस का आयोजन पूरे विश्व में एक साथ किया जा रहा है। जैन धर्म का विश्वशांति महामंत्र का यह आयोजन झूमरी तिलैया के श्री दिगम्बर जैन मंदिर के सरस्वती भवन में सराक केशरी जैन संत मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी मुनिराज के सानिध्य में णमोकार मंत्र का पाठ किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए झूमरी तिलैया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरी तिलैया।</strong> 9 अप्रैल 2025 को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस का आयोजन पूरे विश्व में एक साथ एक समय पर किया जा रहा है। जैन धर्म का विश्वशांति महामंत्र का यह आयोजन झूमरी तिलैया के श्री दिगम्बर जैन मंदिर के सरस्वती भवन में सराक केशरी जैन संत मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी मुनिराज के सानिध्य में णमोकार मंत्र का पाठ किया जाएगा। प्रातः 8.01 से 9.36 तक अखण्ड यह मंत्र भक्तजन उच्चरित करेंगे। यह आयोजन सार्वजनिक शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जीतो संस्था के द्वारा कराया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मोदीजी भी शामिल होंगे</strong><br />
दिल्ली में 9 तारीख को इस आयोजन में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी भी शामिल होंगे। यह आयोजन 180 देश के लाखों भक्तों की भागीदारी, विश्व भर में 100$मेगा इवेंट्स, 6000 से अधिक मंदिरों एवं अन्य स्थलों में एकजातीय बंधनों को तोड़कर सभी समुदाय के लोगों को सम्मिलित होगें और सद्भावना का संदेश विश्वभर में फैलायेगें।</p>
<p><strong>सकल जैन समाज और जीतो परिवार की विश्व कल्याण की सोच</strong><br />
यह आयोजन सकल जैन समाज और जीतो परिवार की विश्व कल्याण की सोच को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। जैन संत मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी मुनिराज ने कहा कि णमोकार महामंत्र किसी धर्म विशेष का नहीं है। सभी लोग इसका उच्चारण कर अपना आत्म कल्याण कर सकतें हैं, इस मंत्र में सभी अरिहंतों, सभी सिद्धों, सभी आचार्यों, सभी उपाध्यायों एवं समस्त मानव को नमस्कार किया गया है। णमोंकार मंत्र शांति एवं आध्यात्मिक शुद्धता को प्रोत्साहित करता है। णमोंकार महामंत्र का उच्चारण बहुत सरल है। इसे किसी भी समय और किसी भी स्थान पर पढ़ा जा सकता है। यह मंत्र सभी के लिए समान रूप से लाभदायक है। णमोंकार महामंत्र का जाप करने से हमें आध्यात्मिक शांति, मोक्ष की प्राप्ति होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हमें प्रतिदिन नवकार महामंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।</p>
<p><strong>पोस्टर लॉन्च किया </strong><br />
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाते के लिए पोस्टर विमोचन किया गया। जिसमें दिगंबर जैन समाज के उपमंत्री नरेन्द्र जैन झांझरी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला, जय कुमार जैन, ललित जैन सेठी, सुरेश जैन महिला समाज की त्रिशला जैन गंगवाल, शशि जैन छाबड़ा, मीरा राज जैन छाबड़ा, जैन युवक समिति पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से पोस्टर लॉन्च किया! इस अवसर पर कोलकत्ता से पश्चिम बंगाल जीतो के चैयरमेन धर्मेन्द्र जैन चोरड़िया, रांची विंग की वाइस प्रेसीडेंट विनीता जैन सेठी, वार्ड पार्षद पिंकी जैन, झूमरी तिलैया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष जैन सेठी, राज कुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन अभिषेक जैन, अमित जैन सेठी, मोहित जैन सोगानी ने पूरे भारत से आह्वान किया है कि इस जाप में आप सभी शामिल हो। इससे पूरे जगतप्राणी के कल्याण हो सकें। कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/on_9th_april_world_namokar_mahamantra_day_was_organized_simultaneously_across_the_world/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
