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	<title>पाश्चात्य संस्कृति &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>संस्कार ही भविष्य की दिशा तय करते हैं : मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने बच्चों को प्रारंभ से ही धार्मिक संस्कार देने पर दिया जोर </title>
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		<pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:14:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हिरनई गांव में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति इसलिए हावी हो रही है, क्योंकि हम बच्चों को संस्कार देना तो चाहते हैं लेकिन, स्वयं वैसा आदर्श प्रस्तुत नहीं कर पाते। हिरनई से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;   हिरनई। हिरनई गांव में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>हिरनई गांव में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति इसलिए हावी हो रही है, क्योंकि हम बच्चों को संस्कार देना तो चाहते हैं लेकिन, स्वयं वैसा आदर्श प्रस्तुत नहीं कर पाते। <span style="color: #ff0000">हिरनई से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>  हिरनई</strong>। हिरनई गांव में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति इसलिए हावी हो रही है, क्योंकि हम बच्चों को संस्कार देना तो चाहते हैं लेकिन, स्वयं वैसा आदर्श प्रस्तुत नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के हृदय में प्रारंभ से ही धर्म के संस्कार दिए जाएं तो उनके भटकाव की संभावनाएं अत्यंत कम हो जाती है।</p>
<p>मुनि श्री ने समझाया कि छोटे बच्चों का मन धर्म और पूजा-पाठ में स्वाभाविक रूप से लगता है, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं। पढ़ाई, करियर और प्रतिस्पर्धा की ओर ध्यान बढ़ जाता है। ऐसे में प्रारंभिक दिनों में दिए गए अच्छे संस्कार ही दिशा-सूचक दीपक बनते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कभी बच्चे भटक भी जाएं तो संस्कार उन्हें वापस सही मार्ग पर ले आते हैं। इसलिए पाठशालाओं और अन्य माध्यमों से संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि, धार्मिक संस्कार जीवन का मूल तत्व हैं। मुनि श्री ने बच्चों के लिए सरल संदेश दिया और कहा कि धर्म भले कम करो, लेकिन अधर्म से अवश्य बचो। यदि पीढ़ी अधर्म से बचेगी तो वही सबसे बड़ा धर्म कहलाएगा। बच्चों को जीवन की मर्यादा समझाना और सही–गलत का विवेक देना ही माता-पिता का सच्चा धर्म है।</p>
<p><strong>मंदिर तो सुंदर बन गया, मन को मंदिर कैसे बनाएं? </strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि जैसे आस्था ने भगवान का सुंदर मंदिर बनाया है उसी आस्था को भीतर जगाएं तो मन भी मंदिर बन जाएगा। धर्मसभा में मुनि श्री संधानसागर जी महाराज ने शंका-समाधान कार्यक्रम का संचालन किया। उपस्थित श्रावकों ने अपने व्यावहारिक जीवन, धर्म और आस्था से जुड़े प्रश्न रखे। जिनका समाधान मुनि श्री ने अत्यंत सहजता और स्पष्टता से किया।</p>
<p><strong>मंगल विहार अटारी खैजड़ा गांव की ओर हुआ</strong></p>
<p>प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि प्रातःकालीन बेला में लाल पाषाण से निर्मित दिव्य जिनालय में मुनि श्री के मुखारबिंद से शांतिधारा हुई इसके बाद विश्वविख्यात शंका-समाधान कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान के समवशरण में इंद्रभूति गौतम अपने प्रश्न रख रहे हों और समाधान मिल रहा हो। इस अवसर पर विदिशा, गंजबासोदा, भोपाल, सागर और राहतगढ़ से आए श्रावकों ने भी अपने प्रश्न रखकर समाधान पाया। दोपहर बाद मुनि श्री का मंगल विहार अटारी खैजड़ा गांव की ओर हुआ।</p>
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		<title>परिवार, समाज, राष्ट्र सुरक्षा के लिए युवाओं को धर्म के संस्कार दें: आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने सहारनपुर की धर्मसभा में दी मंगल देशना  </title>
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		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 11:34:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सहारनपुर के जैनबाग प्रांगण में देखने को मिला एक अनूठा दृश्य। राजधानी दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी श्रावक संघ के बाल-युवा साथी जब एक जैसे लाल रंग के परिधान में नजर आए तब संपूर्ण, वातावरण ही लाल रंग में रंग गया। सहारनपुर से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; सहारनपुर। विमर्श संयमोत्सव 14 दिसंबर को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सहारनपुर के जैनबाग प्रांगण में देखने को मिला एक अनूठा दृश्य। राजधानी दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी श्रावक संघ के बाल-युवा साथी जब एक जैसे लाल रंग के परिधान में नजर आए तब संपूर्ण, वातावरण ही लाल रंग में रंग गया। <span style="color: #ff0000">सहारनपुर से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सहारनपुर</strong>। विमर्श संयमोत्सव 14 दिसंबर को गुरु चरण सानिध्य में संघ का 100 वां जिनाभिषेक होगा। लाली तेरे लाल की, जित-जित देवू लाल। लाली देखन जो गया वह भी हो गया लाल। जी हाँ, सहारनपुर के जैनबाग प्रांगण में देखने को मिला एक अनूठा दृश्य। राजधानी दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी श्रावक संघ के बाल-युवा साथी जब एक जैसे लाल रंग के परिधान में नजर आए तब संपूर्ण, वातावरण ही लाल रंग में रंग गया। आचार्य श्री विमर्श सागर जी की दिव्य प्रेरणा एवं मंगल आशीर्वाद से संस्थापित जिनागम पंथी श्रावक संघ, दिल्ली प्रदेश ने सोमवार को सुबह सहारनपुर के जैनबाग में श्री जिन आदिनाय चैत्यालय में आचार्यश्री के ही पावन सानिध्य में जिनेंद्र भगवान का मंगलमय अभिषेक किया। आकर्षण का केन्द्र था सभी बाल-युवा साथियों एक जैसा लाल वर्ण का परिधान। ज्ञातव्य हो कि आचार्य के आशीर्वाद से विभिन्न नगर शहरों में जिनागम पंथी श्रावक संघ की स्थापना की जा रही है। 3 वर्ष पूर्व दिल्ली में संस्थापित इस संगठन के अभी 90 साप्ताहिक अभिषेक हो चुके हैं।</p>
<p>दिल्ली प्रदेश का यह जिनागम पंथी श्रावक संघ अपने संगठन द्वारा भगवान जिनेन्द्र देव 100 वां अभिषेक महती धर्म प्रभावना के साथ करना चाहता है। संयोग वश संगठन का यह 100 वां अभिषेक आचार्य श्री विमर्शसागर जी की दीक्षा तिथि 14 दिसंबर को ही बन रहा है। इसीलिए संगठन ने यह निर्णय लिया कि हम अपने संघ का यह अभिषेक आचार्य श्री के ही ससंघ सानिध्य में महती धर्म प्रभावना के साथ करेंगे। इस भावना को लेकर सभी जिनागम पंथी बाल-युवा साथियों ने आचार्यश्री के चरणों में अपना भावभीना निवेदन-प्रार्थना श्रीफल चढ़ाकर ज्ञापित की।</p>
<p><strong>आचार्यश्री ने दिया मंगलमय आशीर्वाद </strong></p>
<p>मैं 2022 में दो दिन के लिए दिल्ली कृष्णानगर आया था। तब इस जिनागम पंथी श्रावक संघ की स्थापना हुई थी। माता-पिता आकर कहते थे कि आचार्य श्री हमारे बच्चे भी धर्म मार्ग से लग गए हैं। वास्तव में आज यदि हम अपने परिवार, समाज, नगर, एवं देश की सुरक्षा करना चाहते हैं तो हमें अपने घर के बच्चों को पाश्चात्य संस्कृति से बचाते हुए समीचीन धर्ममार्ग में अग्रसर करना होगा। आज कितनी प्रफुल्लता और प्रसन्नता होती है जब हम अपने बाल-युवा बच्चों को भगवान का अभिषेक करते हुए देखते हैं। आचार्य भगवंतों ने कहा है कि इस पंचम काल में युवा ही धर्म रथ को खींचने में समर्थ हो सकेंगे। आज सभी बच्चे गुरु चरणों में भावना-प्रार्थना लेकर मंगल-मंगल आशीर्वाद अतिशय प्रभावना करते आए हैं। मेरा पूरे जिनागम पंथी श्रावक संघ को मंगल मंगल आशीर्वाद है। आप सभी जिनधर्म-जिनागम पंथ की चिरकाल तक अतिशय प्रभावना करते रहे।</p>
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		<title>जीवन में श्रद्धा से ही मिलता मोक्षमार्ग: आचार्य निर्भय सागरजी ने श्रद्धा भक्ति की शक्ति को बलशाली  </title>
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		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 13:53:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। ललितपुर से अशोक कुमार जेतावत -धरियावद की पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से अशोक कुमार जेतावत -धरियावद की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। चाहे कितना भी तूफान आए तो भी अंगारा बुझाता नहीं है बल्कि और ध़धकता है। इसी प्रकार कितनी भी भौतिकता भोगवादिता और पाश्चात्य संस्कृति का तूफान आए तो भी हमारी श्रद्धा नहीं बुझाना चाहिए। जिसे अपने किए कर्मों पर भगवान द्वारा बतलाए धर्म पर गुरु द्वारा चलाए गए मार्ग पर और जिनवाणी में लिखे वाक्यों पर सच्चा श्रद्धा होती है। वह सदा धर्म मार्ग पर चलता है। पाप से डरता है और घर में बैरागी बनकर चक्रवर्ती की तरह रहता है। उसके लिए चक्रवर्ती की संपदा और स्वर्ग के इंद्र जैसे भोग मिलने पर भी वह विचलित नहीं होता है।</p>
<p><strong>गणधराचार्य का गूथा गया हो और मुनियों का लिखा वह जैन आगम है</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने आगम शब्द की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो आप्त अर्थात भगवान के द्वारा कहा गया हो। गणधराचार्य द्वारा गूथा गया हो और मुनियों द्वारा लिखा गया हो वह जैन आगम है। जैन आगम पढ़ने और सुनने से विषय वासना ईर्ष्या और कषायों की आग शांत होती है। यह विचार आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने पार्श्व नाथ जैन अटा मंदिर में धर्म सभा में व्यक्त किए। गुरुवार को प्रातः काल भारतीय स्टेट बैंक के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सर्वेश त्रिपाठी, मुख्य प्रबंधक संजीव लोहिया एवं हिमांशु तिवारी ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस मौके पर दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, मन्दिर प्रबंधक मनोज बबीना, सनत खजुरिया, राजकुमार जैन, अखिलेश कुमार गदयाना,अक्षय अलया मीडिया प्रभारी, स्वतंत्र मोदी अमित सराफ, पुष्पेंद्र जैन, आनंद जैन एवं शादी लाल जैन एड, अनिता मोदी,ममता मोहनी,वीणा जैन,संगीता जैन,आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>जीवन में श्रद्धा से ही मिलता मोक्षमार्ग: आचार्य निर्भय सागरजी ने श्रद्धा भक्ति की शक्ति को बलशाली  </title>
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		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 13:52:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि जीवन में श्रद्धा से ही संसार और मोक्ष का मार्ग मिलता है। श्रद्धा पागलों में नहीं होती है। श्रद्धा दीपक की कांपती हुई लौं के समान नहीं होना चाहिए बल्कि अंगारे के समान होना चाहिए। चाहे कितना भी तूफान आए तो भी अंगारा बुझाता नहीं है बल्कि और ध़धकता है। इसी प्रकार कितनी भी भौतिकता भोगवादिता और पाश्चात्य संस्कृति का तूफान आए तो भी हमारी श्रद्धा नहीं बुझाना चाहिए। जिसे अपने किए कर्मों पर भगवान द्वारा बतलाए धर्म पर गुरु द्वारा चलाए गए मार्ग पर और जिनवाणी में लिखे वाक्यों पर सच्चा श्रद्धा होती है। वह सदा धर्म मार्ग पर चलता है। पाप से डरता है और घर में बैरागी बनकर चक्रवर्ती की तरह रहता है। उसके लिए चक्रवर्ती की संपदा और स्वर्ग के इंद्र जैसे भोग मिलने पर भी वह विचलित नहीं होता है।</p>
<p><strong>गणधराचार्य का गूथा गया हो और मुनियों का लिखा वह जैन आगम है</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने आगम शब्द की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो आप्त अर्थात भगवान के द्वारा कहा गया हो। गणधराचार्य द्वारा गूथा गया हो और मुनियों द्वारा लिखा गया हो वह जैन आगम है। जैन आगम पढ़ने और सुनने से विषय वासना ईर्ष्या और कषायों की आग शांत होती है। यह विचार आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने पार्श्व नाथ जैन अटा मंदिर में धर्म सभा में व्यक्त किए। गुरुवार को प्रातः काल भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सर्वेश त्रिपाठी, मुख्य प्रबंधक संजीव लोहिया एवं हिमांशु तिवारी ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस मौके पर दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, मन्दिर प्रबंधक मनोज बबीना, सनत खजुरिया, राजकुमार जैन, अखिलेश कुमार गदयाना,अक्षय अलया मीडिया प्रभारी, स्वतंत्र मोदी अमित सराफ, पुष्पेंद्र जैन, आनंद जैन एवं शादी लाल जैन एड, अनिता मोदी,ममता मोहनी,वीणा जैन,संगीता जैन,आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>आज शिक्षा के क्षेत्र में गुरुकुल पद्धति होना जरूरी है-मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज: पूर्व मंत्री कसरावद विधायक ने लिया मुनि श्री का आशीर्वाद लिया  </title>
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		<pubDate>Fri, 11 Apr 2025 12:07:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर गुरुवार रात को बालक वर्धमान एवं उनके माता-पिता की शोभायात्रा निकाली। बग्गी में विराजमान बालक वर्धमान सभी के आकर्षण का केंद्र थे। शोभायात्रा को पूरे नगर का भ्रमण करवाया गया। पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर गुरुवार रात को बालक वर्धमान एवं उनके माता-पिता की शोभायात्रा निकाली। बग्गी में विराजमान बालक वर्धमान सभी के आकर्षण का केंद्र थे। शोभायात्रा को पूरे नगर का भ्रमण करवाया गया। पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज से आशीर्वाद लिया और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर गुरुवार रात को बालक वर्धमान एवं उनके माता-पिता की शोभायात्रा निकाली। भगवान महावीर स्वामी के जन्म के अवसर पर भक्त ‘त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की’ गगनभेदी जयकारे लगा रहे थे। समाज प्रवक्ता सन्मति काका ने बताया कि गुरुवार रात आठ बजे कोर्ट रोड स्थित पवनकुमार विनीश कुमार यश गोधा परिवार के निवास शोभायात्रा निकली। जो नगर में मुख्य मार्गाे से होती हुई नवीन जैन परिसर पहुंची। शोभायात्रा के दौरान विद्युत लड़ियों से सजी बग्गी में विराजमान बालक वर्धमान सभी के आकर्षण का केंद्र थे। बालक वर्धमान के पिता के रूप में यश गोधा राजा सिद्धार्थ एवं शैली गोधा माता त्रिशला के रूप में विराजित थे। शोभायात्रा को पूरे नगर का भ्रमण करवाया गया। नवीन जैन परिसर में कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुईं। दीप प्रज्वलन पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला, प्रदेश महामंत्री नरेंद्र पटेल, आशीष चौधरी, भागचंद जैन, विशाल जैन, सोनू विशाल सराफ, विशाल चौधरी ने किया। अगली कड़ी में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्हें पुरस्कार वितरित किए गए। बालक वर्धमान को प्रथम पालना झूलने का सौभाग्य सालितकुमार भाई प्रफुल्ल कुमार कुंदन केमिस्ट परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर संगीता पटौदी, पंकज जटाले, प्रांशुल पंचोलिया, प्रशांत चौधरी ने मंत्र मुग्ध कर देने वाले भजनों की प्रस्तुति देकर सभी समाजजनों को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। सभी समाजजनों ने बालक वर्धमान को पालना झुलाकर पुण्य अर्जित किया। संचालन प्रशांत चौधरी ने किया। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78916" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0037-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />पहले संस्कार और सम्मान दोनों एक साथ मिलते थे: मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज </strong></p>
<p>नगर में विराजित अंतमुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज से पूर्व कृषि मंत्री एवं विधायक सचिन यादव ने चर्चा की। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक धर्म संस्कार और आज बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति को लेकर चर्चा हुई। पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव गुरुवार शाम को नगर में आए थे। उन्होंने विराजमान मुनि पूज्य सागर महाराज से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। जहां मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने कहा कि आज संस्कार पाने के लिए जहां विद्यालय में पहले की तरह शिक्षा की पद्धति होती थी। आज पढ़ाई के जोर से बच्चे भी अभी से आगे की कक्षा के लिए तैयार किया जा रहे हैं लेकिन, संस्कारों में कमी आ रही हैं। अब जरूरी है कि शिक्षा के क्षेत्र में गुरुकुल पद्धति होना जरूरी है। संस्कार को लेकर मुनि श्री ने कहा कि पहले संस्कार और सम्मान दोनों एक साथ मिलते थे लेकिन, जैसे-जैसे सदी आगे बढ़ते जा रही है। वैसे-वैसे सम्मान और संस्कार भी व्यक्ति के बीच से कम हो रहे हैं। बच्चों में आजकल संस्कार और सोशल मीडिया पर खुलेआम अपनी संस्कृति में जो बातों का उल्लेख नहीं है। उसका दिखावा किया जा रहा है।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78920" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035.jpg" alt="" width="1600" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-1536x691.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-990x446.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250411-WA0035-1320x594.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />पूर्व मंत्री के साथ यह समाजजन भी मौजूद रहे</strong></p>
<p>पूर्व कृषि मंत्री यादव ने भी उन्हें धर्म एवं सामाजिक बातों को लेकर चर्चा की। मुनि श्री का जन्म स्थल कसरावद क्षेत्र का होने से विधायक यादव का पूर्व से जुड़ाव रहा है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री नरेंद्र पटेल, विशाल सोनू जैन, देवेंद्र काका, आशीष चौधरी, इंदर बिरला, सुनील जैन, डीपीएस हेमेंद्र जैन, भागचंद जैन, गोरु जटाले, अक्षय जैन, राजेंद्र महावीर, मौसम जैन, विशाल चौधरी सहित जैन समाजजन एवं कांग्रेस के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</p>
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