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	<title>पावागिरी जी ऊन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>पावागिरी जी ऊन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य कुमुद नंदी जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : पावागिरी जी ऊन सिद्ध क्षेत्र पर आध्यात्मिक रंगों की होली  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 11:10:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निमाड़ मालवा का प्रथम नवीन सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमयी भगवान की प्रतिमाएं 8 मार्च को विराजित होगी। आचार्यश्री विप्रणत सागर जी एवं आचार्य कुमुद नंदी जी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;  ऊन। इस वर्ष भी पावागिरी जी ऊन सिद्ध क्षेत्र का 20 वा वार्षिक मेला और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>निमाड़ मालवा का प्रथम नवीन सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमयी भगवान की प्रतिमाएं 8 मार्च को विराजित होगी। आचार्यश्री विप्रणत सागर जी एवं आचार्य कुमुद नंदी जी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> ऊन।</strong> इस वर्ष भी पावागिरी जी ऊन सिद्ध क्षेत्र का 20 वा वार्षिक मेला और आध्यात्मिक रंगों की होली और वार्षिक मेले का आयोजन दिनांक 6,7,और ,8 मार्च को रंग पंचमी के अवसर पर आयोजित किया गया है। इस वार्षिक मेले को 20 वर्ष हो गए, जो समस्त निमाड़ मालवा के निवासियों का महत्व पूर्ण उत्सव है। इस वर्ष वार्षिक मेले की विशेषता यह रहेगी है कि पूरे निमाड़ मालवा के किसी तीर्थ पर प्रथम सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमयी प्रतिमाएं 8 मार्च को विराजित होगी। इस बार मेले में 2 आचार्य आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज, आचार्य श्री कुमुद नंदी जी ससंघ एवं अरिहंत कीर्ति भट्ठारक पट्टाचार्य महा स्वामी जी का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। त्यागी व्रती बाल ब्रह्मचारी डॉ. उषा दीदी ने बताया कि मंगलवार को दोनों आचार्य का भव्य मंगल आगमन सुबह पावागिरी ऊन में हुआ। आचार्य संघ की मंगल अगवानी बैंडबाजे के साथ की गई। 6 मार्च को प्रातः ध्वजारोहण देवेंद्र शाह परिवार इंदौर भोपाल एवं अविनाश जी परिवार खंडवा द्वारा किया जाएगा। 6 मार्च को वैदि शुद्धि, संस्कार विधि, इंद्र प्रतिष्ठा के बाद नव देवता विधान पूजन भक्ति भाव से संपन्न होगा।</p>
<p><strong>अभिषेक और शांतिधारा की जाएगी</strong></p>
<p>7 मार्च को भी आचार्य संघ की दिव्य देशना, वास्तु शांति विधान, विश्व शांति महायज्ञ आदि आयोजन होंगे। पूरे देश भर से जिन जिन श्रावक श्राविकाओं ने प्रतिमा विराजित करने की स्वीकृति प्रदान की है। वे सपरिवार पधार कर 8 मार्च को भगवान विराजमान करेंगे। 8 तारीख को प्रातः तलहटी में भगवान महावीर स्वर्ण जिनालय में भगवान के अभिषेक, शांतिधारा,नित्य नियम की पूजन, मंडल जी का विसर्जन और विश्व शांति के लिए हवन होगा। साथ ही आचार्य संघ की आहार चर्या संपन्न होगी ,दोपहर को आचार्य श्री के प्रवचन ,सम्मान समारोह और तलहटी से भगवान शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ पहाड़ी पर शोभायात्रा के रूप में जाकर अभिषेक और शांतिधारा की जाएगी। मुख्य विधान एवं 7 मार्च के वात्सल्य भोग के पुण्यार्जक राजकुमारी गुलाबराव मंडलोई परिवार महेश्वर एवं दीप प्रज्वलन सुधा महेंद्र जैन सनावद द्वारा किया जाएगा।</p>
<p><strong>धर्म लाभ लेने की अपील</strong></p>
<p>स्वल्पाहार के पुण्यार्जक सपना प्रकाश चंद इंदौर एवं प्रमिला रमेश चंद्र जैन लोनारा है सारे कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी पंडित धर्म चंद्र जी शास्त्री,अष्टापद दिल्ली ,अक्षय भैया, और इंदौर नगर पुरोहित पंडित नितिन झांझरी का मार्गदर्शन और निर्देशन में संपन्न होगा। कमेटी ने सभी साधर्मियों श्रावकों से इस अभूतपूर्व कार्यक्रम में शामिल होकर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना कर धर्म लाभ लेने की अपील की है।</p>
<p><strong>कवि सम्मेलन एवं नृत्य नाटिका होगी </strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत 6 मार्च को सायं मयूर जैन एवं पार्टी दिल्ली द्वारा सुंदर नृत्य नाटिका एवं 7 मार्च को भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। कवि सम्मेलन में सहनाज हिंदुस्तानी जयपुर, मुकेश मनमौजी छपरा, अशोक नागर शाजापुर, संगीता सरल भोपाल, धर्मेंद्र सोलंकी भोपाल, कवि जैन विद्रोही ललितपुर अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।</p>
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		<title>आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : मुनि श्री प्रणुत सागर जी ससंघ से हुआ मंगल मिलन  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 12:28:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बड़वानी नगर में शुक्रवार को सुबह जैन धर्म की बड़ी आर्यिकाओं में से एक आचार्यश्री सन्मति सागर जी की शिष्य आर्यिका श्री सृष्टिभूषणमति जी माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। माताजी का राजधानी भोपाल में मंगल चातुर्मास के बाद नेमावर, सिद्धवरकूट, पावागिरी जी ऊन, सिद्ध क्षेत्र की वंदना कर पहली बार इस क्षेत्र में आगमन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बड़वानी नगर में शुक्रवार को सुबह जैन धर्म की बड़ी आर्यिकाओं में से एक आचार्यश्री सन्मति सागर जी की शिष्य आर्यिका श्री सृष्टिभूषणमति जी माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। माताजी का राजधानी भोपाल में मंगल चातुर्मास के बाद नेमावर, सिद्धवरकूट, पावागिरी जी ऊन, सिद्ध क्षेत्र की वंदना कर पहली बार इस क्षेत्र में आगमन हुआ है। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद</strong>। बड़वानी नगर में शुक्रवार को सुबह जैन धर्म की बड़ी आर्यिकाओं में से एक आचार्यश्री सन्मति सागर जी की शिष्य आर्यिका श्री सृष्टिभूषणमति जी माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। माताजी का राजधानी भोपाल में मंगल चातुर्मास के बाद नेमावर, सिद्धवरकूट, पावागिरी जी ऊन, सिद्ध क्षेत्र की वंदना कर पहली बार इस क्षेत्र में आगमन हुआ है। माताजी के संघ में कुल तीन आर्यिका माताजी हैं। माताजी सिद्ध क्षेत्र बावनगजा की वंदना करते हुए तीर्थंकर लेणि, सिद्ध क्षेत्र मांगीतुंगी, गजपंथा होते हुए णमोकर तीर्थ पर आगामी माह में होने वाले भव्य पंच कल्याणक में शामिल होंगी। माताजी के मंगल प्रवेश पर समाज के श्रावकों ने आर्यिका संघ के पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। माताजी की अगवानी के लिए यहां पूर्व से विराजित मुनि श्री प्रणुत सागर जी के संघस्थ क्षुल्लक विनियोग सागर जी ने भी अगवानी की। जिन मंदिर में आर्यिका संघ ने भगवान के वेदियों के दर्शन कर मुनि श्री प्रणुत सागर जी का भी आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा के पूर्व आर्यिका श्री, मुनि श्री और क्षुल्लक जी महाराज को समाज जन ने शास्त्र भेंट किया। कल्पना काला द्वारा मंगलाचरण किया गया। धर्म सभा में विश्वयश मति जी माता जी ने बहुत ही संक्षिप्त और मधुर आवाज में कविता की पंक्तियां प्रस्तुत की। साथ ही कहा कि आप जो कुछ अच्छा होता है उसका श्रेय खुद लेना चाहते हो और यदि कुछ बुरा होता है तो भगवान को दोष देते हो।</p>
<p><strong>आज परिणाम की विकृति का नाम पाप है</strong></p>
<p>आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी द्वारा छोटे-छोटे मुक्तक और काव्य शैली में धर्मसभा को रोचक बना दिया। माताजी ने बताया कि जिसका प्रभु से वास्ता वही सच्चा नाश्ता है। माताजी ने कहा कि पहले बाप बेटे को सिखाता था पर आज इस पश्चिमी सभ्यता में बेटा बाप को सिखा रहा है। पश्चिम की दौड़ ने सभ्यता तो सिखा दी है लेकिन, संस्कृति और संस्कार बिगाड़ दिए है। आज परिणाम की विकृति का नाम पाप है। आप आज धर्म के नाम पर लड़ रहे हो यदि धर्म के लिए लड़ते तो भगवान बन गए होते। परमेष्ठि बन गए होते, आप के कही भी किए गए पाप मंदिर ने प्रक्षालित होते है ,लेकिन मंदिर में किए गए पाप कही भी प्रक्षालित नहीं होते हैं।</p>
<p><strong>गौशाला के लिए भी चारे आदि की व्यवस्था में सहयोगी </strong></p>
<p>माताजी ने काव्यात्मक अंदाज में बहुत अच्छी ज्ञान वर्धक और जीवन को सुधारने वाली बातें बताईं। माताजी ने कहा कि आज हर मां राम जैसा बेटा चाहती है और टीवी पर चरित्रहीन के चरित्र देख रही है तो राम जैसे पुत्र कैसे होंगे। पाश्चात्य की हवा ने हमंे हिला दिया है। माताजी के द्वारा महावीर जी तीर्थ पर और शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर पर साधु संतों और त्यागी वृत्तियों के आहार की व्यवस्था करवा रखी है। साथ ही गौशाला के लिए भी चारे आदि की व्यवस्था में सहयोगी है।</p>
<p><strong>क्षुल्ल्क श्री विनियोग सागर जी के मंगल अवतरण दिवस पर शास्त्र भेंट </strong></p>
<p>मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज ने कहा कि आज से मंदिर का कार्य प्रारंभ हो रहा है और माताजी का उसके ठीक पहले आगमन हुआ। ये शुभ मंगल का प्रतीक है। भरा हुआ कलश, गाय का बछड़े को दूध पिलाने का ये मंगल शुभ संकेत होते हैं और ऐसे में मां का आगमन बहुत ही शुभ संकेत हैं। महाराज ने बताया कि आप जिस भी व्यक्ति को जिस प्रकार से देखोगे, उसी प्रकार से दिखेगा। क्षुल्ल्क श्री विनियोग सागर जी के मंगल अवतरण दिवस पर आर्यिका संघ और प्रणुत सागर जी महाराज ने मंगल आशीर्वाद प्रदान कर शास्त्र भेंट किया। मुनिश्री प्रणुत सागर जी महाराज ने कहा कि जब पुण्य का जलवा चलता है तब पाप का दिल जलता है।</p>
<p><strong>माताजी का मंगल विहार </strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन समाज के महिला, पुरुष, युवा बच्चे उपस्थित थे। प्रवचन पश्चात मुनि संघ आर्यिका संघ की आहारचर्या हुई और दोपहर को माताजी का मंगल विहार सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी के लिए हुआ। शाम को क्षुल्लक श्री विनियोग सागर जी के पाद प्रक्षालन और प्रवचन हुए।</p>
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