<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 01 Apr 2026 06:11:04 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पंच कल्याण महोत्सव का चौथा दिन : भगवान का तप कल्याण धूमधाम से संपन्न हजारों श्रद्धालु पहुंचे </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/fourth_day_of_the_panch_kalyan_mahotsav/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/fourth_day_of_the_panch_kalyan_mahotsav/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 06:11:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Panch Kalyan Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shree Vishuddha Sagar Ji Maharaj. श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Shree Digambar Jain Temple (Lar)]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[The Lord's Tap Kalyan (Austerity Ceremony)]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[पंच कल्याण महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान का तप कल्याण]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर लार]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103669</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल पावन सानिध्य मे चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन भगवान का तप कल्याणक महोत्सव एवं आचार्य पदारोहण दिवस बड़े ही भक्तिभाव से मनाया गया।बड़ागांव धासन से पढ़िए, यह खबर&#8230;  बड़ागांव धासन। श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में पट्टाचार्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल पावन सानिध्य मे चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन भगवान का तप कल्याणक महोत्सव एवं आचार्य पदारोहण दिवस बड़े ही भक्तिभाव से मनाया गया।<span style="color: #ff0000">बड़ागांव धासन से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> बड़ागांव धासन</strong>। श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल पावन सानिध्य मे चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन भगवान का तप कल्याणक महोत्सव एवं आचार्य पदारोहण दिवस बड़े ही भक्तिभाव से मनाया गया।</p>
<p>नगर के स्कूल परिसर पर अयोध्या नगरी में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव में सुबह के समय जाप्यानुष्ठान, अभिषेक,विश्व मे शांति भाईचारे एवं जगत कल्याण के लिये महाशांतिधारा करने का महा सौभाग्य सवाई चौधरी ज्ञान चंद्र मनीष जैन,जगदीप जी पन्नालाल जैन देवासा,राजीव निराला को प्राप्त हुआ। नित्य नियम पूजन, जन्मकल्याणक पूजन,नवग्रह शांति यज्ञ के कार्यक्रम सम्पन्न हुए।चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्जवन किया गया। इसके बाद आचार्य श्री के मंगल प्रवचन हुए जिसके बाद तप कल्याणक के अंतर्गत बालक आदिकुमार से राजा बने भगवान ने मनुष्यों को असि, मसि, कृषि, शिल्प, वाणिज्य और कला की शिक्षाएं आमजन की जीवन यापन के लिए प्रदान की । उन्होंने लोगों को ईमानदारी, अनुशासन व धर्म परायण में रहते हुए जीवन बिताने का संदेश दिया।</p>
<p>राजा को दरबार में नीलांजना का नृत्य देखकर वैराग्य उत्पन्न हुआ और दीक्षा लेने के लिए वन की ओर चल दिए। इसको देखकर माता मरु देवी अश्रुपूरित नेत्रों से भगवान को रोकने का प्रयास करती है। यह दृश्य देखकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। वैराग्य के दृश्य से महिलाओं के नेत्रों से अश्रुधारा बहने लगी। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने श्रावक-श्राविकाओं को तप का महत्व समझाते हुए कहा कि तप कल्याण के समय भगवान आदिकुमार की पालकी को उठाने को लेकर देवताओं और मनुष्यों में विवाद हो गया। दोनों वर्ग पालकी उठाना चाहते थे। देवता लोग संयम धारण नहीं कर सकते । अतः ये अधिकार मनुष्यों का है। इसलिए मनुष्यों को अपने जीवन की श्रेष्ठता को समझते हुए श्रेष्ठ तप द्वारा जीवन को सार्थक बनाना चाहिये। दोपहर में 32000 मांडलिक राजाओं की भव्य राज दरबार लगा और भगवान आदिकुमार का राज्याभिषेक किया गया।</p>
<p><strong>सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए</strong></p>
<p>भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रभु के वैराग्य दृश्यों का मंचन किया गया। किस प्रकार से राजा आदि कुमार को वैराग्य उत्पत्ति होती है और वह सांसारिक सुख को त्याग कर राजपाट को त्याग कर वन विहार कर लेते हैं कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय जैन् समाज के साथ साथ सुनील जैन पूर्व विधायक सागर, निधि जैन प्रबंध सम्पादक दैनिक आचरण सागर,बाबूलाल मैनवार,जितेन्द्र क्रांतिकारी,वीर चंद्र नेकोरा,राजकुमार पठा सहित सैकड़ों श्रदालु मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/fourth_day_of_the_panch_kalyan_mahotsav/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा निकाली गई : गुरुवर की अगवानी में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_crowd_of_devotees_surged_to_welcome_the_revered_tacher/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_crowd_of_devotees_surged_to_welcome_the_revered_tacher/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 12:11:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Gajarath Festival]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lar]]></category>
		<category><![CDATA[Manastambh Installation]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddh Sagar Ji Maharaj श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri 1008 Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shrimajjineendra Jain Image Panch Kalyanak]]></category>
		<category><![CDATA[tikamgarh]]></category>
		<category><![CDATA[गजरथ महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[टीकमगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मानस्तंभ प्रतिष्ठा]]></category>
		<category><![CDATA[लार]]></category>
		<category><![CDATA[श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103307</guid>

					<description><![CDATA[निकटवर्ती श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर, लार में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक मानस्तंभ प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर श्री पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। पढ़िए मुकेश जैन की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>निकटवर्ती श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर, लार में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक मानस्तंभ प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर श्री पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुकेश जैन की यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> निकटवर्ती श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर, लार में आयोजित श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिंब पंचकल्याणक मानस्तंभ प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के प्रथम दिवस भव्य घट यात्रा जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर श्री पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। घट यात्रा के दौरान बग्गी, घोड़े, हाथी, बैंड-बाजे, डीजे, रमतूला बुंदेली रबला पार्टी एवं जेसीबी द्वारा पुष्पवर्षा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला कि पूरा मार्ग धर्ममय वातावरण में परिवर्तित हो गया।</p>
<p><strong>धार्मिक उल्लास और भव्य सजावट</strong></p>
<p>घट यात्रा मार्ग पर जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर दिखाई दी। बग्गी, घोड़े, हाथी और धार्मिक झांकियों के साथ निकली यह यात्रा अत्यंत भव्य रही। बच्चे, युवा, महिलाएं एवं बुजुर्ग—हर वर्ग के श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर मुनि संघ के दर्शन करते नजर आए। कई बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे, हाथों में ध्वज लिए यात्रा में सम्मिलित हुए। सकल जैन समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में इस घट यात्रा में शामिल हुए। जहां-जहां से यात्रा नगर की सड़कों से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान जिनेंद्र के जयकारों के साथ स्वागत किया, जिससे पूरा नगर अयोध्या नगरी जैसा प्रतीत हो रहा था।</p>
<p><strong>महिलाओं की विशेष सहभागिता</strong></p>
<p>घट यात्रा में लगभग 300 से अधिक जैन एवं जैनेत्तर महिलाएं लाल वस्त्र धारण कर, सिर पर कलश लेकर नंगे पांव चल रही थीं, जो आस्था और समर्पण का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। पंचकल्याणक में भगवान के माता-पिता के स्वरूप धारण किए हुए श्रद्धालु भी रथ पर सवार होकर शोभायात्रा का हिस्सा बने।</p>
<p><strong>नगर बना दुल्हन समान</strong></p>
<p>पूरे लार नगर को बंदनवारों, रंग-बिरंगी सजावट एवं आकर्षक स्वागत द्वारों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने मुनि संघ की अगवानी में पलक-पांवड़े बिछा दिए। जैसे ही पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज घट यात्रा में पधारे, पूरे नगर में उल्लास और उमंग की लहर दौड़ गई। भगवान महावीर एवं गुरुवर के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते नजर आए।</p>
<p><strong>विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन</strong></p>
<p>प्रचार मंत्री मुकेश जैन एवं मीडिया प्रभारी प्रभात जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के अंतर्गत देवज्ञा, गुरु आज्ञा, तीर्थमंडल पूजन, ध्वजारोहण, दोपहर में यज्ञ मंडल विधान एवं आचार्य श्री के मंगल प्रवचन आयोजित किए गए। रात्रि में इंद्र दरबार, तत्व चर्चा, कुबेर इंद्र द्वारा अयोध्या की रचना, रत्नवृष्टि, छप्पन कुमारियों द्वारा माता की सेवा, सोलह स्वप्न एवं गर्भ कल्याणक की यंत्रिक क्रियाएं संपन्न हुईं। साथ ही अनुनय बालिका मंडल द्वारा भव्य नाटक का मंचन भी किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_crowd_of_devotees_surged_to_welcome_the_revered_tacher/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पथरिया में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी का हुआ पुनः मंगल प्रवेश : समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/patacharya_shri_vishuddha_sagar_ji_makes_a_ceremonial_re_entry_into_pathariya/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/patacharya_shri_vishuddha_sagar_ji_makes_a_ceremonial_re_entry_into_pathariya/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 14:03:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Birthplace]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Ganacharya Shri Virag Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Patharia]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Upadhyay Shri Vishok Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[उपाध्याय श्री विशोकसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जन्मस्थली]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[पथरिया]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=102986</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है तथा नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230; पथरिया (दमोह)। गणाचार्य श्री विरागसागर जी की जन्मस्थली, जहां वर्ष 2025 में पट्टाचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है तथा नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया (दमोह)।</strong> गणाचार्य श्री विरागसागर जी की जन्मस्थली, जहां वर्ष 2025 में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने चातुर्मास किया था। यहां आचार्य और उपाध्याय श्री विशोकसागर जी महाराज ने आचार्य विद्यासागर जी और आचार्य विरागसागर जी की चरण वंदना की थी। भक्तों ने बड़े हर्ष और उल्लास से आस्था का समर्पण किया। मुनि श्री सर्वार्थ सागर महाराज के भक्त अभि गोयल ने बताया कि</p>
<p>आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है तथा नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के मंगल प्रवचन एवं सान्निध्य से समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी मेरी गुरुभक्ति है और उस भक्ति का केन्द्र पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज हैं। वे केवल मेरे गुरु नहीं, बल्कि मेरे जीवन की वह शक्ति हैं जो मुझे भीतर से संभालती है, टूटते हुए मन को सहारा देती है और अंधकार में भी प्रकाश का मार्ग दिखाती है। उनके प्रवचनों में केवल उपदेश नहीं, बल्कि माँ जैसी ममता और पिता जैसी दृढ़ता समाहित है। उनके चरणों में बैठकर ऐसा अनुभव होता है की मानो जीवन की सारी उलझनें स्वतः सुलझ जाती हों।मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे ऐसे आचार्य भगवन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनका प्रत्येक क्षण लोककल्याण और आत्मकल्याण के लिए समर्पित है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/patacharya_shri_vishuddha_sagar_ji_makes_a_ceremonial_re_entry_into_pathariya/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मिलेगा मंगल सान्निध्य : नैनागिरि में भव्य धार्मिक समारोह 23-24 मार्च को </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/grand_religious_ceremony_in_nainagiri_on_23_24_march/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/grand_religious_ceremony_in_nainagiri_on_23_24_march/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 07:31:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bakswaha]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Chhatarpur  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[nainagiri]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddh Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Reshandigiri]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Siddh Kshetra]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[छतरपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नैनागिरि]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[बकस्वाहा]]></category>
		<category><![CDATA[बुंदेलखंड]]></category>
		<category><![CDATA[रेशंदीगिरि]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=102746</guid>

					<description><![CDATA[वरदत्तादि ऋषियों की पावन निर्वाण स्थली एवं तेईसवें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ स्वामी की समवशरण/देशना स्थली, श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि, तहसील बकस्वाहा, जिला छतरपुर (बुंदेलखंड, मप्र) की पावन भूमि पर सोमवार 23 एवं मंगलवार 24 मार्च 2026 को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; नैनागिरि। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वरदत्तादि ऋषियों की पावन निर्वाण स्थली एवं तेईसवें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ स्वामी की समवशरण/देशना स्थली, श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि, तहसील बकस्वाहा, जिला छतरपुर (बुंदेलखंड, मप्र) की पावन भूमि पर सोमवार 23 एवं मंगलवार 24 मार्च 2026 को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नैनागिरि।</strong> वरदत्तादि ऋषियों की पावन निर्वाण स्थली एवं तेईसवें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ स्वामी की समवशरण/देशना स्थली, श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि, तहसील बकस्वाहा, जिला छतरपुर (बुंदेलखंड, मप्र) की पावन भूमि पर सोमवार 23 एवं मंगलवार 24 मार्च 2026 को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस पावन अवसर पर परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा, जिससे कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।</p>
<p><strong>विशेष कार्यक्रम</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत 23 मार्च की रात्रि विश्राम, 24 मार्च की आहारचर्या श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि में संपन्न होगी।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं से पधारने का आह्वान</strong></p>
<p>श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया है कि वे सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित नैनागिरि जी पधारकर इस पावन अवसर का लाभ प्राप्त करें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/grand_religious_ceremony_in_nainagiri_on_23_24_march/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन तीर्थ नैनागिरि में 23 एवं 24 मार्च को होंगे कार्यक्रम: पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ का मिलेगा सान्निध्य  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shri_digambar_jain_siddhakshetra_reshandigiri_nainagiri_trust_committee/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shri_digambar_jain_siddhakshetra_reshandigiri_nainagiri_trust_committee/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 13:50:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tirtha Nainagiri]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Siddhakshetra (Reshandigiri) Nainagiri Trust Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vishuddha Sagar Knowledge Center]]></category>
		<category><![CDATA[जैन तीर्थ नैनागिरि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=101710</guid>

					<description><![CDATA[तहसील अंतर्गत स्थित देश का सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च को आचार्य चरण प्रतिष्ठा, वरदत्त विश्राम भवन का लोकार्पण, विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह सहित अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तहसील अंतर्गत स्थित देश का सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च को आचार्य चरण प्रतिष्ठा, वरदत्त विश्राम भवन का लोकार्पण, विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह सहित अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>’बकस्वाहा।</strong> तहसील अंतर्गत स्थित देश का सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 23 एवं 24 मार्च को आचार्य चरण प्रतिष्ठा, वरदत्त विश्राम भवन का लोकार्पण, विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह सहित अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र (रेशंदीगिरि) नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश रागी एवं प्रबंध समिति के प्रचार मंत्री सुरेश सिंघई ने बताया कि 23 मार्च को प्रातः 7 बजे से तीन मूर्ति मंदिर पारस देशना स्थल एवं पारसनाथ चौबीसी मंदिर में महामस्तकाभिषेक तथा भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। अपराह्न पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ का नैनागिरि में मंगल प्रवेश होगा। 4 बजे जल मंदिर के मानस्तंभ का महामस्तकाभिषेक एवं शाम 7बजे से विद्वत सम्मेलन होगा। नैनागिरि सहस्त्राब्दि समारोह (1050-2050),षटखंडागम का 1940 वर्षीय समारोह, रचना तिथि श्रुत पंचमी सन 0087, षटखंडागम धवला टीका का 1210 वर्षीय समारोह रचना तिथि 8 अक्टूबर 816 दिन बुधवार ,बाबा दौलतराम वर्णी द्वारा विचरित छंदोदय का 124 वर्षीय समारोह रचना तिथि अश्विन चतुर्थी बिक्रम संवत 1959 तदनुसार 6 सितंबर 1902 शनिवार, पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा विरचित वस्तुत्व महाकाव्य समारोह, नैनागिरि पुरातत्व संग्रहालय का संस्थापन कार्यक्रम कराया जाएगा ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-101707" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023-300x107.jpg" alt="" width="300" height="107" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023-300x107.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023-1024x365.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023-768x274.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023-990x353.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0023.jpg 1034w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>पारसनाथ चौबीसी जिनालय में महामस्तकाभिषेक होगा</strong></p>
<p>24 मार्च प्रातः 7बजे पारसनाथ चौबीसी जिनालय में महामस्तकाभिषेक तथा भगवान संभवनाथ का मोक्ष कल्याणक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। आचार्य श्री विद्यासागर जी, आचार्य श्री विरागसागर जी तथा आचार्य विद्यानंद जी के चरण प्रतिष्ठा समारोह एवं पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल उद्बोधन होगा। अपराह्न वरदत्त विश्राम भवन एवं 10 केवीए सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण, जैन विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन नैनागिरि पुरातत्व संग्रहालय के समीप विशुद्ध सागर ज्ञान केंद्र का शुभारंभ समारोह होगा। जिसमें जैन आगम ग्रंथों तथा आधुनिक आगम स्वरूप वस्तुत्व महाकाव्य के वृहद संस्करण का संस्थापन, डॉ. लक्ष्मीचंद्र जैन जबलपुर द्वारा विरचित जैन दर्शनः एक वैज्ञानिक अनुशीलन का लोकार्पण तथा 4 बजे से सिद्धचक्र महामंडल विधान का ध्वजारोहण किया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति उमेशचंद्र माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एनके जैन जयपुर, न्यायमूर्ति विमला जैन भोपाल, न्यायमूर्ति जरद कुमार जैन इंदौर की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shri_digambar_jain_siddhakshetra_reshandigiri_nainagiri_trust_committee/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के प्रथम शिष्य मनोज्ञसागर जी महाराज की संल्लेखनापूर्वक समाधि : आचार्य श्री वैराग्य नंदी जी द्वारा मुनि श्री की अस्वस्थता के चलते गत 2 वर्षों से वात्सल्यता, समर्पण से परिपूर्ण वैयावृत्ति की गई  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/inscribed_samadhi_of_pattacharya_shri_vishuddha_sagar_jis_first_disciple_manognyasagar_ji_maharaj/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/inscribed_samadhi_of_pattacharya_shri_vishuddha_sagar_jis_first_disciple_manognyasagar_ji_maharaj/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 08:01:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Vairagyanandi Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Affection]]></category>
		<category><![CDATA[Dedication and Intimacy]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[First Disciple Manogya Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Sammedshikharji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vaiyavriti]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री वैराग्यनंदी जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम शिष्य मनोज्ञसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[वात्सल्यता]]></category>
		<category><![CDATA[वैयावृत्ति]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समर्पण और आत्मीयता]]></category>
		<category><![CDATA[सम्मेदशिखरजी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=100670</guid>

					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के प्रथम शिष्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संल्लेखनापूर्वक समाधि मरण 24 फरवरी को रात्रि 10.05 बजे आचार्यश्री वैराग्यनंदी जी महाराज के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर में हुआ। समाजजनों ने मुनि श्री के श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन प्रस्तुत किया है। सम्मेदशिखरजी से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के प्रथम शिष्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संल्लेखनापूर्वक समाधि मरण 24 फरवरी को रात्रि 10.05 बजे आचार्यश्री वैराग्यनंदी जी महाराज के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर में हुआ। समाजजनों ने मुनि श्री के श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन प्रस्तुत किया है। <span style="color: #ff0000">सम्मेदशिखरजी से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सम्मेदशिखरजी(झारखंड)।</strong> पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के प्रथम शिष्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संल्लेखनापूर्वक समाधि मरण 24 फरवरी को रात्रि 10.05 बजे आचार्यश्री वैराग्यनंदी जी महाराज के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर में हुआ। समाजजनों ने मुनि श्री के श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन प्रस्तुत किया है। मंगलवार को शाश्वत सिद्ध भूमि पर एक दैदीप्यमान सूर्य ने अपना मानव जीवन सफल कर लिया। आचार्य श्री वैराग्य नंदी जी के निर्यापकत्व और अनेक आचार्यों एवं अनेक साधुओं की उपस्थिति में संल्लेखना पूर्वक अत्यंत शांत परिणामों के साथ समाधि मरण हो गया है। दीक्षा प्रदाता आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ( ससंघ ) का अंतिम क्षणों तक आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री वैराग्य नंदी जी महाराज (ससंघ 30पिच्छी )ने मुनि श्री की अस्वस्थता के चलते गत 2 वर्षों से अत्यंत वात्सल्यता, समर्पण और आत्मीयता से परिपूर्ण की गई वैयावृत्ति के परिणाम स्वरूप उनकी 20 वर्षों की तपश्चर्या मानव जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता को प्राप्त हुई है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/inscribed_samadhi_of_pattacharya_shri_vishuddha_sagar_jis_first_disciple_manognyasagar_ji_maharaj/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महाराज श्री की रचित चंद्र अर्चना पुस्तक का भव्य विमोचन : मिला मुनि श्री मुनि श्री सदभाव सागर जी का मंगल सानिध्य  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/grand_launch_of_the_book_chandra_archana_written_by_maharaj_shri/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/grand_launch_of_the_book_chandra_archana_written_by_maharaj_shri/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Feb 2026 14:45:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ahmedabad]]></category>
		<category><![CDATA[Chandra Archana Book]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Sadbhav Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Release]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अहमदाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र अर्चना पुस्तक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[विमोचन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=100455</guid>

					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज के सानिध्य में रविवार सुबह 9:30 बजे चंद्रअर्चना पुस्तक का विमोचन किया गया। अहमदाबाद से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; अहमदाबाद। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज के सानिध्य में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज के सानिध्य में रविवार सुबह 9:30 बजे चंद्रअर्चना पुस्तक का विमोचन किया गया। <span style="color: #ff0000">अहमदाबाद से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अहमदाबाद</strong>। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज के सानिध्य में रविवार सुबह 9:30 बजे चंद्रअर्चना पुस्तक का विमोचन किया गया। इसमें नारोल में विराजित श्री चंद्रप्रभु भगवान का पूजन एवं नमोकार मंत्र चालीसा, आरती, अर्घ्य एवं लघु प्रतिक्रमण की जानकारी है, जो महाराज श्री द्वारा रचित है। जिसका प्रकाशन अपने नारोल समाज के समाजसेववी अंकुर जैन के परिवार के द्वारा किया गया। जिन्होंने मुनि श्री द्वारा रचित पूजन को महाराज जी की उपस्थिति में विमोचन करने का निर्णय लिया था। मुनि श्री के आशीर्वाद से सब कुछ संभव है। मंदिर जी के पंडाल में आकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। जिसमें कमेटी के सभी पदाधिकारी लोग उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/grand_launch_of_the_book_chandra_archana_written_by_maharaj_shri/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनिश्री प्रणुत सागर जी मुनिराज ने कहा धर्म से ही सुख मिलता है : मुनिश्री ने प्रवचन में कर्म फल की विशद विवेचना की  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_pranut_sagar_ji_maharaj_said_that_happiness_is_attained_only_through_religion/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_pranut_sagar_ji_maharaj_said_that_happiness_is_attained_only_through_religion/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Jan 2026 12:43:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Barwani City]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri Pranut Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shanti Dhara]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[बड़वानी नगर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री प्रणुत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97775</guid>

					<description><![CDATA[बड़वानी नगर में विराजित पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य श्रमण मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज ने सोमवार को दिगंबर जैन मंदिर में भगवान के दर्शन किए। मुनिश्री के सानिध्य में भगवान के अभिषेक किया गया और शांतिधारा हुई। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230; धामनोद। बड़वानी नगर में विराजित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बड़वानी नगर में विराजित पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य श्रमण मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज ने सोमवार को दिगंबर जैन मंदिर में भगवान के दर्शन किए। मुनिश्री के सानिध्य में भगवान के अभिषेक किया गया और शांतिधारा हुई। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद।</strong> बड़वानी नगर में विराजित पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य श्रमण मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज ने सोमवार को दिगंबर जैन मंदिर में भगवान के दर्शन किए। मुनिश्री के सानिध्य में भगवान के अभिषेक किया गया और शांतिधारा हुई। मुनिश्री ने धर्मसभा में कहा कि आप को जो कुछ मिला है और मिल रहा है। सब धर्म के अनुसार मिल रहा है। आपने धर्म किया है तो सुख मिल रहा है। यदि पाप किए है तो दुःख मिल रहा है। मुनिराज ने कहा कि आप खुद अंतर्मन से सोचना कि कोई दो व्यक्ति एक जैसा सामान का व्यापार कर रहे हैं और एक की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी है और दूसरे की दुकान पर बमुश्किल कोई ग्राहक आ रहा है तो ये निश्चित है जिस व्यक्ति के दुकान पर ग्राहकों की भीड़ है, उसने पिछले जन्म में पुण्य कार्य धर्म कार्य किया है। इसलिए उसकी दुकान पर भीड़ है और जिसकी दुकान पर ग्राहकों की कमी है, उसके धर्म करने में कमी थी या पाप कार्य किए थे। धर्म का सबसे बड़ा फल तो ये मानो कि आपको ईश्वर ने मनुष्य जीवन दिया। उसमें भी उच्च कुल,परिवार दिया। साथ ही आपके शरीर के सब अंग अच्छे हैं। यदि आपमें कुछ भी कमी है तो उसकी वजह आप खुद हैं।</p>
<p><strong> अच्छा कुल, अच्छा समाज चाहिए तो धर्म कार्य में लग जाएं</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि आपके कर्म का उदय में आना है। आज के समय में भगवान सभी बनना चाहते हैं पर भगवान की सुनते कोई नहीं। अभी आप बासा खा रहे हो। पिछले पुण्य के उदय से आपका सबकुछ अच्छा चल रहा है। यदि थोड़ा सा भी विपरीत समय आए तो समझ लेना कि हमारे पाप कर्म उदय में आ रहे है और इन उदय कर्मों को समता से झेल लेना और प्रभु की भक्ति, धर्म साधना में लगा देना। साथ ही जिन लोगों का भी पुण्य प्रबल चल रहा है और हर सुख सुविधा भोग रहे हो तो ये मत समझ लेना कि हम बहुत पुण्यशाली है। यदि पुनः अच्छी योनि में जन्म लेना है। अच्छा कुल, अच्छा समाज चाहिए तो धर्म कार्य में लग जाएं।</p>
<p>मुनिश्री ने एक बहुत बड़े व्यापारी का दृष्टांत देकर बताया कि एक अजेन व्यक्ति भी जैन धर्म में आस्था और विश्वास रखता था वो कई करोड़ों का मालिक था। वो बिल्कुल अनपढ़ था। अभी कुछ वर्षों पहले ही वो पढ़ना और लिखना सीखा ,इसके पूर्व वो व्यक्ति बिल्कुल अंगूठा छाप था। अतः यहां ये भी बात है कि यदि आपका पुण्य जोरदार है तो आप अनपढ़ भी है तो भी आप पैसे वाले बन सकते हैं। अतः धर्म कीजिए जिससे आने वाले भव में आपको सुखों की प्राप्ति हो। मुनि श्री ने बताया कि आप एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक मिलाएंगे और उसको पियेंगे तो उससे आपको उल्टी या दस्त हो जाएंगे और उस नमक का खारापन दबाने के लिए आपको कम से कम सात से आठ चम्मच शकर मिलाना पड़ेगी तब जाकर उसका खारापन दूर होगा।</p>
<p><strong>जब पाप कर्म उदय में आते है तो वो कष्ट देते हैं </strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि ठीक वैसा ही आपका थोड़ा सा किया गया पाप को कम करने के लिए आपको कई गुना धर्म या पुण्य कार्य करना होगा और आपने यदि पाप किए है तो उसे आप अगले जन्म में भोगने के लिए भी तैयार रहना क्योंकि, पाप किसी को छोड़ता नहीं है। यदि कोई आज गलत कार्य करके सुखी हैं तो ये मान के चलिए कि अभी उसका पिछला पुण्य चल रहा है। इसलिए वो बुरे कार्य में भी सुख भोग रहा है किन्तु, जब पाप कर्म उदय में आते है तो वो कष्ट देते हैं और रुलाते भी हैं, अतः धर्म कीजिए निश्चित ही सुख ही सुख मिलेगा। इस अवसर पर समाज के महिला, पुरुष, युवा उपस्थित थे। यह जानकारी मनीष जैन ने दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_pranut_sagar_ji_maharaj_said_that_happiness_is_attained_only_through_religion/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मंगलगिरी महामहोत्सव में तृतीय कार्यकारिणी तीर्थ रक्षा सम्मेलन : भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 के तत्वावधान में आचार्य विशुद्धसागर जी ससंघ का मिला सान्निध्य  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/third_executive_tirtha_raksha_conference_in_mangalgiri_maha_mahotsav/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/third_executive_tirtha_raksha_conference_in_mangalgiri_maha_mahotsav/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 07:14:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Mangalagiri Mahamahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Shri Vishuddha Sagar Ji Sansangh]]></category>
		<category><![CDATA[Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Third Executive Tirtha Raksha Sammelan]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तृतीय कार्यकारिणी तीर्थ रक्षा सम्मेलन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मंगलगिरी महामहोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सागर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95874</guid>

					<description><![CDATA[ मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 का तृतीय कार्यकारिणी तीर्थक्षेत्र रक्षा सम्मलेन अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में हुआ। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ ( 27पिच्छी) के सान्निध्य में विविध विषयों पर चर्चा हुई। सागर से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230; सागर। मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 का तृतीय कार्यकारिणी तीर्थक्षेत्र रक्षा सम्मलेन अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में हुआ। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ ( 27पिच्छी) के सान्निध्य में विविध विषयों पर चर्चा हुई। <span style="color: #ff0000">सागर से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 का तृतीय कार्यकारिणी तीर्थक्षेत्र रक्षा सम्मलेन अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में हुआ। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ ( 27पिच्छी) के सान्निध्य में विविध विषयों पर चर्चा हुई। प्रारंभ में भगवान महावीर स्वामी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन ब्र. जयकुमार निशांत, पं. पवन दीवान सहित समस्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक महावीर प्रार्थना से की गई। तीर्थ रक्षा सम्मेलन तृतीय कार्यकारिणी की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर अरुण जैन चंदेरिया ने की। मुख्य अतिथि समारोह गौरव राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेंद्र, विशिष्ट अतिथि अतिवीर इंजी. आरके जैन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंचासीन रहे। मंच संचालन क्षेत्रीय मंत्री अति वीरांगना कविता ऋषभ जैन, क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वीर जिनेश जैन, आभार क्षेत्र उपाध्यक्ष मनीष विद्यार्थी ने माना । स्वागत भाषण क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं द्वितीय कार्यकारिणी की गतिविधियां क्षेत्रीय मंत्री दी गई। जैन मिलन के पदाधिकारियों ने आगंतुक शाखों के पदाधिकारी का सम्मान किया। उपस्थित पदाधिकारियों ने तीर्थ क्षेत्र रक्षा पर अपने विचार रखे एवं बुंदेलखंड तीर्थ रक्षा कमेटी बनाने का सुझाव दिया। अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी अध्यक्ष ने भी अपने विचार रखे एवं क्षेत्र की बाउंड्री बाल बनाकर सुरक्षित करने की बात रखी।</p>
<p><strong>मुख्य मार्ग से दूर प्राचीन तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा हो</strong></p>
<p>मुख्य अतिथि अतिवीर कमलेंद्र ने बताया कि भारतीय जैन मिलन ने यह वर्ष तीर्थ रक्षा एवं साधु साध्वी सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत दिगंबर, श्रेतांबर, स्थानकवासी साधुओं चातुर्मास के दौरान भारतीय जैन मिलन के 19 क्षेत्र की 1600 से अधिक शाखाओं ने अनेक नगरों में तीर्थ रक्षा सम्मेलन आयोजित कर जैन साधर्मी बंधुओं को तीर्थ रक्षा के लिए जागरूक करने में महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि गांव के श्रावक पलायन कर शहरों में कॉलोनियों में बस कर नए मंदिर बना रहे हैं, गांव के मंदिरों की व्यवस्था भी करें। मुख्य मार्ग से दूर प्राचीन तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा हो, कम प्रभावना वाले साधुओं के आहार विहार की व्यवस्था एवं सुरक्षा हो, प्राचीन जैन मंदिरों से संबद्ध जमीनों एवं संपत्ति की सुरक्षा जैसे अनेक विषयों पर समाज को सजग होकर महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी एवं जैन तीर्थ एवं जैन विरासत की रक्षा जैसे ज्वलंत विषय पर अपनी बात रखी।</p>
<p><strong>यह भी रहे उपस्थित </strong></p>
<p>आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने भारतीय जैन मिलन की प्रशंसा करते हुए तीर्थ रक्षा एवं जैन सनातन धर्म पर केंद्रित ही अपने संपूर्ण प्रवचन दिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कार्यकारिणी अध्यक्ष वीर संजय जैन शक्कर, कोषाध्यक्ष प्रमोद जैन भाईजी, उपाध्यक्ष मंजू सतभैया, राष्ट्रीय संयोजक इंजी.वीर महेश जैन एवं जैन मिलन की 30 शाखों के पदाधिकारी सदस्य गण उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/third_executive_tirtha_raksha_conference_in_mangalgiri_maha_mahotsav/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज़िंदगी में सफलता पाने का सबसे बड़ा मंत्र है कोशिश: मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने भक्तों को प्रयास का महत्व बताया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_biggest_mantra_to_get_success_in_life_is_effort/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_biggest_mantra_to_get_success_in_life_is_effort/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Aug 2025 10:55:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri Sarvarth Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharaya Shri Vishuddha Sagar Maharaj Sangh]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[religious devotees]]></category>
		<category><![CDATA[sermon]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मानुरागी भक्तजन]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87043</guid>

					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन मुनिराजों के प्रवचन से माहौल धर्ममय हो रहा है। समाज के धर्मानुरागी भक्तजन यहां प्रवचन और धर्मसभा में ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो रहे हैं। पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230; पथरिया। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन मुनिराजों के प्रवचन से माहौल धर्ममय हो रहा है। समाज के धर्मानुरागी भक्तजन यहां प्रवचन और धर्मसभा में ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया।</strong> पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन मुनिराजों के प्रवचन से माहौल धर्ममय हो रहा है। समाज के धर्मानुरागी भक्तजन यहां प्रवचन और धर्मसभा में ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो रहे हैं। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील कोल्हापुर ने कहा कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने यहां प्रवचन में कहा कि -ज़िंदगी में सफलता पाने का सबसे बड़ा मंत्र है-कोशिश लेकिन, सिर्फ कोशिश नहीं, कोशिश दमदार होनी चाहिए। जब हम दिल और जुनून से कोशिश करते हैं तो वक्त भी हमारा साथ देता है और किस्मत भी बदलने लगती है।</p>
<p>हम अक्सर कहते हैं, ‘मेरा वक्त नहीं है’ या ‘मेरी किस्मत खराब है’ लेकिन, याद रखें वक्त और किस्मत स्थिर नहीं रहते। वे बदलते रहते हैं। जिस व्यक्ति की कोशिशों में जुनून और निरंतरता होती है। वह वक्त को अपने पक्ष में कर लेता है। हमारा काम है कोशिश करते रहना, संघर्ष करते रहना, हार न मानना। जैसे नदी पत्थर से टकराकर रास्ता बनाती है।</p>
<p>वैसे ही हमारी कोशिशें भी मुश्किलों को पार कर हमें मंज़िल तक पहुंचाती हैं। इसलिए जब भी मुश्किलें आएं, हिम्मत न हारें। अपनी कोशिशों को और मजबूत करें क्योंकि, वक्त और किस्मत दोनों हमारे प्रयासों के सामने झुक जाते हैं। याद रखें-कोशिश दमदार हो, तो वक्त भी बदलता है और किस्मत भी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_biggest_mantra_to_get_success_in_life_is_effort/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
