<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 28 Jan 2026 12:09:58 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कारीटोरन पंचकल्याणक के प्रमुख पात्र हुए चयनित : मुनि श्री समत्व सागरजी ससंघ के सानिध्य में हुआ भव्य वेदिका शिलान्यास </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/karitoran_has_been_selected_as_the_main_character_for_the_panchkalyanak_ceremony/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/karitoran_has_been_selected_as_the_main_character_for_the_panchkalyanak_ceremony/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:09:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[11 फिट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी]]></category>
		<category><![CDATA[कारीटोरन पंचकल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समत्व सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[वेदिका शिलान्यास]]></category>
		<category><![CDATA[श्री मज्जिनेंद्र सहसकूट]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99102</guid>

					<description><![CDATA[शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन, ललितपुर (उत्तरप्रदेश) में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के आशीर्वाद से मुनि श्री समत्व सागर जी एवं मुनि श्री शील सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 7 से 13 मार्च तक होने वाले श्री मज्जिनेंद्र सहसकूट 11 फिट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन, ललितपुर (उत्तरप्रदेश) में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के आशीर्वाद से मुनि श्री समत्व सागर जी एवं मुनि श्री शील सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 7 से 13 मार्च तक होने वाले श्री मज्जिनेंद्र सहसकूट 11 फिट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की वेदिका शिलान्यास रजनेशकुमार अवशेषकुमार ने किया। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन, ललितपुर (उत्तरप्रदेश) में 25 जनवरी को आचार्य श्री विराग सागर जी के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के आशीर्वाद से मुनि श्री समत्व सागर जी एवं मुनि श्री शील सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगामी 7 से 13 मार्च तक होने वाले श्री मज्जिनेंद्र सहसकूट 11 फिट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की वेदिका शिलान्यास रजनेश कुमार अवशेष कुमार ने किया। प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेश कुमार डीमापुर के निर्देशन में विधानाचार्य ऋषभ कुमार बड़ागांव ने धार्मिक विधि विधान से संपन्न कराया। बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया पुण्यांश ने मंच संचालन किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन नाभि मरु देवी परिवार पंडित महेश कुमार डीमापुर ने किया।</p>
<p>मुनि श्री समत्व सागरजी ने बतलाया कि पंचकल्याणक में प्रमुख पात्र बनने का जो महत्व है वह वचन गम्य में नहीं है। अनुभव गम्य है, जैसे मीठा का स्वाद कहकर नहीं मीठा खाकर अनुभव किया जा सकता है। वैसे ही वह है पात्र बनकर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।</p>
<p><strong>प्रमुख पात्र चयन प्रक्रिया</strong></p>
<p>सौधर्म इन्द्र मुकेश कुमार-मीना जैन दमोह, कुबेर सवाई सेठ डॉ. विजयकुमार सुधा कारीटोरन, महायज्ञ नायक डॉ. श्रेयांश सुमन ककरवाहा, चक्रवर्ती डॉ. अंकुर-पायल मुंबई, कारीटोरन, राजा श्रेयांश पं माधव शास्त्री रश्मि शाहगढ़ को बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। स्मरण रहे पं महेश कुमार डीमापुर-सुखवती देवी को माता-पिता बनने का सौभाग्य पहले ही प्राप्त हो चुका है।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर मेला अध्यक्ष मुंन्ना लाल जेन अभिलाषा, अनिल जैन अंचल,अजित जैन खजुरिया, डॉ. विजय कुमार कारीटोरन, डॉ. श्रेयांशकुमार ककरवाहा, शिखरचंद भेलसी, अनंदीलाल लुहर्रा, पदम सेठ शाहगढ़ सीएमओ, पं माधव शास्त्री, राजाराम समर्रा, प्रेमचंद ककरवाहा, इंद्रकुमार ककरवाहा, सेठ विजय शाहगढ़, वरिष्ठ पत्रकार अक्षय अलया, मनोज जैन, अनंत सराफ ललितपुर, राजेश रागी बक्सवाहा, राजेश फणींद बड़ागांव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><strong>1635 वर्ष प्राचीन है क्षेत्र</strong></p>
<p>इसे बुंदेलखंड का सबसे प्राचीन जीवंत तीर्थ क्षेत्र कहा जा सकता है।</p>
<p>700 प्रतिमाओं कीप्राण प्रतिष्ठा होगी 11 फिट खड्गासन अदृभुत 26 प्रतिमाएं, उपरत्नों की 31 प्रतिमाएं, संगमरमर की 24 उत्तंग शिखर प्रतिमाएं सहित 700 प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इतना उत्तंग एवं विस्तृत जिनालय, इतना ऊंचा शिखर संभवतः अन्यत्र नहीं है इस तरह की संरचना बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलती है इस निर्माण में शास्त्री एवं तकनीकी बिंदुओं पर भली भांति दृष्टिपात किया गया है। तीन-चार किलोमीटर दूर से ही नवनिर्मित शिखर की छटा देखते ही बनती है।</p>
<p><strong>ऐसी अद्भुत प्रतिमाएं संपूर्ण उत्तर भारत में तो हैं ही नहीं</strong></p>
<p>जहां प्राचीन जिनालय में विराजमान प्रतिमाएं हृदय में श्रद्धा भर देती हैं। जिससे हृदय में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। नवीन जिनालय में खड़ी हुई 11 फिट की खड्गासन प्रतिमाएं बरबस ही चित्र का हरण कर लेती है। यह प्रतिमाएं आचार्य यति वृषभ स्वामी द्वारा रचित तिलोम पण्णति एवं आचार्य बसु बंधी स्वामी तथा उमा स्वामी द्वारा रचित श्राविकाचार्य में वर्णित प्रतिमाओं के स्वरूप के आधार पर बनाई गई हैं और ऐसी अद्भुत प्रतिमाएं संपूर्ण उत्तर भारत में तो हैं ही नहीं। दक्षिण भारत में भी ऐसी परिकल सहित प्रतिमाओं का मिलना असंभव जैसा है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/karitoran_has_been_selected_as_the_main_character_for_the_panchkalyanak_ceremony/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
