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	<title>नव निर्मित जिनालय &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>नवनिर्मित हो रहे जिनालय में तिलकदान के साथ प्रभु हुए विराजित : अशोक नगर जैन समाज प्रतिनिधि मंडल ने मुनिश्री ससंध को श्रीफल किए भेंट   </title>
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		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 08:48:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। मुंगावली से पढ़िए, यह खबर&#8230; मुंगावली। गृहस्थ जीवन में रहते [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">मुंगावली से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंगावली।</strong> गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यहां तक कि जीव आत्मा को अपने दुःख का भी भान नहीं रहता। जब कभी सौभाग्य से सदगुरु का समागम मिलता है, तब उसे समझ में आता है कि मैं कहां उलझ गया और अब उलझन सुलझने का नाम ही नहीं ले रही। मुनिश्री ने कहा कि उसी भूल को सुधारने का मौका हमें इस दुर्लभ मनुष्य जन्म में मिला है। इसे हाथ से नहीं निकलने देना। जगत की भलाई के लिए जो कुछ भी बन पड़े करते चले जाना।</p>
<p><strong>अशोक नगर समाज ने किए श्रीफल भेंट</strong></p>
<p>बुधवार को अशोक नगर जैन समाज पंचायत कमेटी के अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित बरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, मंत्री शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी, संयोजक उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, पंचायत सदस्य विपिन सिंघई, नितिन बज, हेमंत टडैया, पंच कल्याणक के पात्र शैलेंद्र दददा, धर्मेंद्र रोकड़िया, सचिन कांसल, गिरीश अथाईखेडा रिंकेश कांसल, मुनेश विजयपुरा, मुन्ना बांझल, अक्षय टडैया प्रमुखजनों ने मुनि संघ को श्रीफल भेंटकर शांतिनगर गांव मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का निवेदन किया। इस दौरान जैन समाज के मंत्री धुर्रा ने कहा कि गुरुदेव शांतिनगर गांव मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए हम सब निवेदन लेकर आए हैं।आपके चरण पड़ते ही सब कार्य पूरा हो जाएगा।</p>
<p><strong>अशोक नगर से बने आईएएस चितवन जैन का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>अशोक नगर जिले से बने आईएएस चितवन जैन ने श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के साथ पहुंचकर परिवार सहित मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा का मन में प्रबल भाव था। गुरुदेव यह भावना आपके आशीर्वाद से प्रल्लवित हुई। इस सेवा को और भी अच्छी तरह से करते हुए ऐसा क्या करें कि लोग याद रखें। मुनिश्री सुधासागरजी ने कहा कि सबसे पहले राष्ट्र है, राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तब आप और हम सब मिलकर धर्म संस्कृति के लिए कुछ कर सकते हैं। आज सबसे अच्छा समय है, जब आप अपनी इच्छा के अनुसार धर्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ही भूल के कारण ये जीव आत्मा भटक रही है। हमारी ही भूल हम पर हावी हो रही है इन भूलों को सुधारने का करने उद्यम करना होगा। कर्मों के अनुसार न करके स्वयं को निरखकर, ज्ञाता, दृष्टा स्वभाव की ओर अपने चंचल चित्त को लगाए रखना होगा। इससे राग, द्वेष, मोह में कमी आएगी। जो दःुखों का मुख्य कारण है। अपने स्वभाव रूप आनंद पाने की तरफ़ कम से कम एक कदम तो उठाएं।</p>
<p><strong>णमोदय तीर्थ के नाम से जाना जाएगा नव निर्मित जिनालय</strong></p>
<p>पिछले 12 वर्षों से बन रहे नवीन जिनालय में विराजमान होने वाले भगवान श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का तिलकदान करने का सौभाग्य उषा देवेंद्रकुमार अर्पितकुमार सिंघई ने प्राप्त किया। सर्व प्रथम तिलकदान की क्रिया को मुनिश्री सुधासागरजी ससंघ के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार के बीच किया। इसके बाद सर्व समाज और बाहर से पधारे भक्तों भी तिलकदान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बताया गया कि यह मंदिर णमोदय तीर्थ के नाम से जाना जाएगा। इस अवसर पर जैन समाज अध्यक्ष रूपेश जैन, मंत्री शशांक सिंघई, पूर्व अध्यक्ष चंद्रकुमार मोदी, अरविंदकुमार मक्कू, मनीष मोदी, दीप टडैया काली मोदी, संजय सिंघई उपस्थित थे।</p>
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		<title>ध्वजारोहण से शुभारंभ हुआ सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव: आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के सानिध्य में गर्भकल्याणक का जीवंत मंचन </title>
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		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 07:01:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पावन नगरी सलेहा में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक के प्रथम दिन पर मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की क्रियाओं का चित्रण है। सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पावन नगरी सलेहा में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक के प्रथम दिन पर मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की क्रियाओं का चित्रण है। <span style="color: #ff0000">सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सलेहा।</strong> पावन नगरी सलेहा में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक के प्रथम दिन पर मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की क्रियाओं का चित्रण है। वहां तीर्थंकरों के जीवन चरित्र लोगों को परिचित कराया जाता है। पंचकल्याणक के प्रथम दिवस पर पूर्व गर्भकल्याणक की क्रियाओं के अंतर्गत सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र आगमन, अयोध्या नगरी की रचना, अष्टकुमारियों द्वारा माता की सेवा, सोलह स्वप्न, गर्भकल्याणक की आंतरिक क्रियाओं का जीवंत मंचन किया गया। सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी के मंगल आशीर्वाद एवं सानिध्य में यह दिव्य आयोजन होने जा रहा है।</p>
<p><strong>श्रद्धालुजन सलेहा पहुंचे</strong></p>
<p>यह पंचकल्याणक महोत्सव नव निर्मित जिनालय में अत्यंत श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम में गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान एवं मोक्ष इन पांचों कल्याणकों की भव्य क्रियाएं होंगी। दूर-दूर से श्रद्धालुजन सलेहा पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।</p>
<p><strong>धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम के रंग छाए </strong></p>
<p>आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन को लेकर नगर में व्यापक स्तर पर स्वागत की तैयारियां की गईं। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया तथा विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हं। रांछी से पधारी हुई मनाली पाटणी ने कहा कि यह महोत्सव न केवल सलेहा, बल्कि समस्त विंध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण है। धर्म, संयम और साधना की इस पावन धारा में सहभागी बनकर श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं।</p>
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