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	<title>नवागढ़ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>नवागढ़ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नवागढ़ में प्राकृत प्रशिक्षण कार्यशाला ने रचा इतिहास : भारतीय संस्कृति और प्राचीन भाषाओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम </title>
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		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:39:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ में आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से 12 से 14 अप्रैल तक आयोजित त्रिदिवसीय प्राकृत प्रशिक्षण कार्यशाला ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस कार्यशाला में देशभर से आए 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों के लिए प्रशिक्षित किया गया। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ में आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से 12 से 14 अप्रैल तक आयोजित त्रिदिवसीय प्राकृत प्रशिक्षण कार्यशाला ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस कार्यशाला में देशभर से आए 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों के लिए प्रशिक्षित किया गया। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> निकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ में आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से 12 से 14 अप्रैल तक आयोजित त्रिदिवसीय प्राकृत प्रशिक्षण कार्यशाला ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस कार्यशाला में देशभर से आए 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों के लिए प्रशिक्षित किया गया। बुंदेलखंड जैसे दूरस्थ क्षेत्र में इतने भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। कार्यशाला के मीडिया प्रभारी राजेश जैन रागी ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता में ब्रह्मचारी जय निशांत भैया की सहृदयता एवं क्षेत्र के महामंत्री वीरचंद जी नेकोरा के उत्कृष्ट नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आधुनिक सुविधाओं से युक्त हॉल, उत्तम ध्वनि व्यवस्था, आवास एवं भोजन की श्रेष्ठ व्यवस्था ने आयोजन को महानगर स्तर की गरिमा प्रदान की। उद्घाटन सत्र में थाना प्रमुख पांडे जी की उपस्थिति रही, वहीं समापन समारोह में विधायक यादवेंद्र बुंदेला ने इसे भारतीय संस्कृति और प्राचीन भाषाओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यशाला के दौरान प्रतिदिन अभिषेक पूजन, आध्यात्मिक साधना एवं जैन पुरातात्विक स्थलों के भ्रमण ने प्रतिभागियों को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। इस आयोजन से प्राकृत शिक्षकों की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की संभावना व्यक्त की गई।</p>
<p><strong> विद्वानों ने दिया प्रशिक्षण</strong></p>
<p>प्रशिक्षक के रूप में ब्र. जयकुमार जैन निशांत (टीकमगढ़), पं. विनोद जैन (रजवांस), राजकुमार जैन शास्त्री (सागर), डॉ. आशीष जैन आचार्य (शाहगढ़), डॉ. शैलेश जैन (उदयपुर), डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर , डॉ. आशीष जैन शास्त्री (दमोह), डॉ. आशीष जैन (बम्होरी), डॉ. राजेश जैन (ललितपुर), डॉ. निर्मल जैन शास्त्री एवं पं. पवन जैन शास्त्री (दीवान, सागर) ने प्रशिक्षण दिया। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. ऋषभ चंद जैन, महामंत्री डॉ. आशीष जैन आचार्य सहित समस्त पदाधिकारियों ने नवागढ़ क्षेत्र कमेटी एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला ज्ञान-यज्ञ के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।</p>
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		<title>नवागढ़ में प्राकृत विद्या प्रशिक्षण कार्यशाला आरंभ: विद्वानों की रही गरिमामयी उपस्थिति </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:00:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से नवागढ़ में त्रिदिवसीय प्राकृत विद्या प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार प्रातः 8 बजे भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में विद्वान शिक्षकों, प्राकृत प्रेमियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। नवागढ़ से पढ़िए, यह खबर&#8230; नवागढ़। प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से नवागढ़ में त्रिदिवसीय प्राकृत विद्या प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार प्रातः 8 बजे भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में विद्वान शिक्षकों, प्राकृत प्रेमियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से नवागढ़ में त्रिदिवसीय प्राकृत विद्या प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार प्रातः 8 बजे भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में विद्वान शिक्षकों, प्राकृत प्रेमियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का प्रारंभ मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिसके पश्चात वक्ताओं ने प्राकृत भाषा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, साहित्यिक समृद्धि एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. आशीष जैन (दमोह), डॉ सुनील संचय ललितपुर, डॉ. आशीष जैन शास्त्री (बम्होरी), राजकुमार जैन शास्त्री (सागर), डॉ. निर्मल जैन आदि विषय विशेषज्ञ विद्वानों ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुधाकर पांडेय (थाना प्रभारी सौजना), श्रवण कुमार पांडेय (एसआई), चंचल शर्मा (एसआई), रोविन जैन (तहसीलदार, दमोह), श्रीपाल वांसा, रामनारायण यादव (सरपंच) आदि उपस्थित रहे। अतिथियों व विद्वानों ने अपने उद्बोधन में प्राकृत भाषा को भारतीय संस्कृति की मूल धारा बताते हुए इसके अध्ययन-अध्यापन को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. शैलेश जैन (उदयपुर) द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को रोचक एवं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।</p>
<p><strong>प्रशिक्षण शिविर की प्राकृत भाषा के प्रति जन-जागरण में भूमिका</strong></p>
<p>कार्यशाला के संयोजक डॉ. आशीष जैन आचार्य ने बताया कि प्रथम दिवस पर विभिन्न शैक्षणिक सत्रों एवं समूह परिचर्चाओं का आयोजन किया गया। जिनमें प्रतिभागियों को प्राकृत भाषा की मूलभूत संरचना, व्याकरणिक स्वरूप तथा व्यवहारिक प्रयोग से परिचित कराया गया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं व्यवहारिक पद्धति से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे प्रतिभागी न केवल प्राकृत को समझ सकें, बल्कि उसे प्रभावी रूप से पढ़ा और पढ़ा सकें। मुख्य अतिथि पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर प्राकृत भाषा के प्रति जन-जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन भाषाई विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। कार्यशाला के आगामी सत्रों में प्राकृत साहित्य, अनुवाद, व्याकरण एवं शिक्षण विधियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p><strong>अतिथियों का स्वागत किया </strong></p>
<p>सभी प्रतिभागियों से सक्रिय सहभागिता एवं निरंतर अभ्यास का आह्वान किया गया, ताकि प्राकृत भाषा के संरक्षण का यह अभियान और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बन सके। आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था एवं अनुशासन की भी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा सराहना की गई। क्षेत्र कमेटी की ओर से महामंत्री वीरचंद जैन नेकौरा, संदीप जैन एडवोकेट ने अतिथियों का स्वागत किया।</p>
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		<title>नवागढ़ में प्राकृत साधना का महापर्व: त्रिदिवसीय प्रशिक्षण शिविर, संस्कृति, साधना और शिक्षा का संगम </title>
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		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 10:10:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ मे प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी और राकेश जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>निकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ मे प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी और राकेश जैन रागी की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> बकस्वाहा।</strong> निकटवर्ती जैन तीर्थ नवागढ़ मे प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है। यह शिविर प्रागैतिहासिक एवं पवित्र तीर्थस्थल नवागढ़ में होगा, जहाँ देशभर से विद्वान, शिक्षक एवं साधक सहभागिता करेंगे। इस आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक आयोजन को चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज की प्रेरणा प्राप्त है। साथ ही आचार्य श्री समयसागरजी महाराज, आचार्य श्री वसुनंदीजी महाराज, आचार्य श्री विशुद्धसागरजी महाराज एवं आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज का मंगल आशीर्वाद भी इस शिविर को प्राप्त होगा। प्राकृत भाषा, जो भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम अभिव्यक्तियों में से एक है, केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि सरलता, अहिंसा, करुणा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त आधार है। यही वह भाषा है जिसमें जैन आगमों की दिव्य वाणी निहित है, जो मानव जीवन को संयम, शांति और आत्मबोध की दिशा प्रदान करती है। वर्तमान समय में इस भाषा का पुनर्जागरण अत्यंत आवश्यक है, और इसी उद्देश्य से यह शिविर एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। शिविर में प्रतिभागियों को प्राकृत भाषा के विविध आयामों से परिचित कराया जाएगा, जिसमें प्राकृत व्याकरण, साहित्य का इतिहास, ब्राह्मी लिपि, शिक्षक उत्तरदायित्व, तथा प्राकृत विज्ञान, समय विज्ञान, लेश्या विज्ञान एवं सल्लेखना विज्ञान जैसे गूढ़ विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। दैनिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकालीन योग, पूजन, विभिन्न प्रशिक्षण सत्र, परिचर्चा एवं आध्यात्मिक संवाद शामिल रहेंगे।</p>
<p><strong>नैतिकता, शांति और मानवीय मूल्यों का विकास संभव</strong></p>
<p>इस अवसर पर प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आशीष जैन आचार्य ने कहा कि “प्राकृत भाषा हमारी आत्मा की भाषा है, यह हमें हमारे मूल से जोड़ती है और जीवन में सरलता, संयम तथा आध्यात्मिकता का संचार करती है। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर प्राकृत के पुनर्जागरण में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।, वहीं प्रशिक्षण शिविर के ’निदेशक ब्र. जयकुमार जैन निशांत’ (टीकमगढ़) ने</p>
<p>कहा कि प्राकृत भाषा केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि इसे व्यवहार में उतारा जाए तो समाज में नैतिकता, शांति और मानवीय मूल्यों का विकास संभव है। इस शिविर के माध्यम से हम नई पीढ़ी को इस अमूल्य धरोहर से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p><strong>गरिमापूर्ण भारतीय वेशभूषा धारण करना अनिवार्य</strong></p>
<p>आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया है कि वे 11 अप्रैल की रात्रि तक अथवा 12 अप्रैल प्रातः 7.30 बजे तक अनिवार्य रूप से पहुँचकर शिविर को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। साथ ही गरिमापूर्ण भारतीय वेशभूषा धारण करना अनिवार्य रहेगा। त्यागी एवं व्रतधारी अतिथियों के लिए शुद्ध एवं पृथक भोजन व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, वहीं आमंत्रित शिक्षकों को द्वितीय श्रेणी रेल या बस का वास्तविक यात्रा व्यय भी प्रदान किया जाएगा।</p>
<p><strong>इनकी भूमिका सराहनीय रहेगी </strong></p>
<p>12 अप्रैल प्रातः 8 बजे उद्घाटन सत्र एवं 14 अप्रैल दोपहर 2 बजे समापन समारोह आयोजित होगा। आयोजन स्थल तक पहुँचने के लिए सागर, टीकमगढ़, बड़ागाँव एवं ललितपुर से सुगम मार्ग उपलब्ध हैं तथा बड़ागाँव से नवागढ़ तक वाहन व्यवस्था भी आयोजकों द्वारा की गई है। आयोजन में प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. ऋषभचंद जैन फौजदार (दमोह), महामंत्री डॉ. आशीष जैन आचार्य (शाहगढ़) एवं निदेशक ब्र. जयकुमार जैन निशांत (टीकमगढ़) के साथ-साथ श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के अध्यक्ष एड. सनतकुमार जैन (ललितपुर) एवं महामंत्री वीरचन्द जैन नैकोरा की विशेष भूमिका रहेगी। शिविर के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. शैलेष जैन (उदयपुर), शिविर समन्वयक अरुण जैन शास्त्री (जबलपुर), शिविर संयोजक सुनील जैन शास्त्री (बड़गाँव) एवं क्षेत्र मैनेजर प्रवीण जैन (नवागढ़) सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। प्राकृत केवल भाषा नहीं, बल्कि जीवन की सरलता और आध्यात्मिकता की अभिव्यक्ति है। आइए, इस साधना से जुड़ें।</p>
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		<title>पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी ने की नवागढ़ में अर्चना : अरनाथ महामंडल विधान में बरसा भक्ति का आनंद </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 08:43:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> बकस्वाहा।</strong> निकटवर्ती प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प की ओर से अन्वेषित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के चरणों में पुष्प परिवार की चौथी पीढ़ी की अस्मिता जैन एवं नमन जैन ने शुक्रवार प्रातः की बेला में भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। इंजी. संजय कुमार अनुपमा जैन भिलाई, नमन अस्मिता जैन नोएडा ने भक्ति भाव से श्री अरनाथ महामंडल विधान संपन्न कर मंगलमय जीवन की भावना व्यक्त की। पुष्प परिवार के पितामह गुलाबचंद पुष्प के पुत्र शिखर चंद पौत्री अनुपमा जैन एवं प्रपौत्री अस्मिता जैन ने नवागढ़ में अर्चना कर अपने जीवन को धन्य किया है।</p>
<p><strong>नवागढ़ गुरुकुलम का निरीक्षण</strong></p>
<p>श्रीमती अनुपमा जैन जो लगातार नवागढ़ गुरुकुलम की देखरेख कर रही हैं । उन्होंने नमन जी एवं अस्मिता के साथ बच्चों की परीक्षा कापियों का निरीक्षण किया। उनके पढ़ाई के स्तर का आकलन किया एवं आगामी कल में संचालित होने वाले सत्र के लिए आवश्यक निर्देश प्राचार्य संध्या दीदी, विनीत सर, संजय सर एवं अधिष्ठाता अनुराग को उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए निर्देशित किया।</p>
<p><strong>भावभीना अभिनंदन</strong></p>
<p>क्षेत्र के महामंत्री वीर चंद्र एवं मैनेजर प्रवीण ने सभी का माला, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति से अभिनंदन करते हुए उन्हें नवागढ़ आने का आमंत्रण दिया। सभी परिवारों ने एक माह तक शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया। ब्रह्म जयकुमार निशांत के निर्देशन में होने वाले कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री नवागढ़ गुरुकुलम के पंजीकरण का निर्णय लिया गया, जिससे हम व्यवस्थित रूप से शासन प्रशासन की व्यवस्थाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। पुष्प परिवार की ओर से सभी को बधाई, शुभकामनाएं दी गई।</p>
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		<title>नवागढ़ जी में ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का आगमन : प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में दर्शन, गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया संवाद </title>
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		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 19:01:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230; नवागढ़। अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>नवागढ़</strong>। अखिल भारतीय ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत का प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय रहा। उनके पावन आगमन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रफुल्लित हो उठा। क्षेत्र के पदाधिकारियों, श्रद्धालुओं तथा गुरुकुलम् के छात्रों और शिक्षकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।</p>
<p><strong>अरनाथ भगवान के दर्शन कर प्राप्त किया धर्मलाभ</strong></p>
<p>अपने प्रवास के दौरान जमनालाल हपावत ने क्षेत्र में स्थित सातवीं शताब्दी के भौंयरे से प्रकटित अतिशयकारी एवं चमत्कारी भगवान अरनाथ के दर्शन किए। उन्होंने आरती और ध्यान कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा मंदिर परिसर में कुछ समय आध्यात्मिक चिंतन में भी व्यतीत किया।</p>
<p><strong>प्राचीन विरासत और मानव सभ्यता के आयामों का अवलोकन</strong></p>
<p>मंदिर परिसर में संगृहीत लगभग पांच लाख वर्ष प्राचीन मानव सभ्यता के क्रमिक विकास से जुड़े विशेष आयामों का उन्होंने अवलोकन किया। क्षेत्र की प्राचीनता, धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक विरासत को देखकर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया तथा यहां की व्यवस्थाओं का गंभीरता से निरीक्षण करते हुए उनकी सराहना भी की।</p>
<p><strong>गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद</strong></p>
<p>इसके पश्चात उन्होंने श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। छात्रों से चर्चा करते हुए उन्होंने जीवन में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् जैसे संस्थान केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि बच्चों में संस्कार, नैतिकता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का भी विकास करते हैं।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों को दिए जीवन निर्माण के संदेश</strong></p>
<p>जमनालाल हपावत ने विद्यार्थियों को परिश्रम, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन को अनुशासन और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>पुनः परिवार सहित आने का व्यक्त किया संकल्प</strong></p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने पुनः परिवार सहित नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा और विधान करने का भाव भी व्यक्त किया।</p>
<p><strong>गुरुकुलम् का उद्देश्य संस्कारयुक्त शिक्षा देना</strong></p>
<p>कार्यक्रम में गुरुकुलम् के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में श्रेष्ठ चरित्र, संस्कार और आत्मानुशासन का विकास करना है। उन्होंने बताया कि यहां विद्यार्थियों को आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के साथ तैयार किया जाता है, ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बन सकें।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों ने किया सम्मान और अभिनंदन</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र कमेटी के महामंत्री वीरचंद्र जैन नैकोरा, गुरुकुलम् के मंत्री अशोक मैनवार तथा गुरुकुलम् के शिक्षकों ने जमनालाल हपावत का सम्मान कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया। वीरचंद्र जैन नैकोरा ने उनके अमूल्य विचारों और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पावन आगमन से समस्त क्षेत्र में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। कार्यक्रम का समापन धर्म, शिक्षा और संस्कारों के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ।</p>
<p><strong>संगीतमय भक्ति और भक्तामर स्तोत्र की आराधना</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत रात्रि में स्थानीय भजन मंडलियों द्वारा भगवान की संगीतमय भक्ति की गई तथा 48 दीपों से भक्तामर स्तोत्र की आराधना की गई। मंडल विधान में पूजन सामग्री देने का सौभाग्य कोमल जैन और आशीष झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>बड़े मंदिर और णमोकार धाम में भी हुए विशेष कार्यक्रम</strong></p>
<p>वहीं बड़े मंदिर में प्रातःकाल भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया, जबकि णमोकार धाम में भी भक्तों द्वारा वृहद स्तर पर पंचामृत अभिषेक और पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।</p>
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		<title>भगवान महावीर स्वामी का 2552वां निर्वाण महोत्सव मनाया : नवागढ़ में भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाने उमड़े श्रद्धालु </title>
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		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 04:56:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयकुमार निशांत ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में उतारें। नवागढ़ प्रागैतिहासिकअतिशय क्षेत्र में भगवान महावीर स्वामी का 2552वां निर्वाण महोत्सव मंगलवार को मनाया। ललितपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230; ललितपुर। नवागढ़ प्रागैतिहासिकअतिशय क्षेत्र में भगवान महावीर स्वामी का 2552वां निर्वाण महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जयकुमार निशांत ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में उतारें। नवागढ़ प्रागैतिहासिकअतिशय क्षेत्र में भगवान महावीर स्वामी का 2552वां निर्वाण महोत्सव मंगलवार को मनाया। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> नवागढ़ प्रागैतिहासिकअतिशय क्षेत्र में भगवान महावीर स्वामी का 2552वां निर्वाण महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ क्षेत्र के निर्देशक जय निशांत भैया जी के सानिध्य में क्षेत्र कमेटी एवं स्थानीय समाज जनों के सहयोग से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान अरनाथ जी का अभिषेक, शांतिधारा एवं विधान पूजन अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में संगीत के साथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात सभी श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई।</p>
<p>नवागढ़ तीर्थक्षेत्र कमेटी के प्रचारमंत्री डॉ.सुनील संचय ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी के निर्वाणोत्सव पर मुख्य लाडू का सौभाग्य पुष्प परिवार टीकमगढ़, आनंदीलाल जैन, राकेश कुमार जैन, प्रशांत कुमार बच्चू, कपूरचंद जैन ढूंढा, तेजाराम पठया, अशोक कुमार कपासिया मड़ावरा को प्राप्त हुआ। इस मौके पर क्षेत्र निर्देशक जय निशांत ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी जी का जीवन मानवता, करुणा और आत्मसंयम का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यदि हम भगवान महावीर जी के सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह को अपने जीवन में अपनाएं तो समाज में शांति, सद्भाव और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि भगवान महावीर जी के आदर्शों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारें ताकि जीवन सार्थक बन सके। क्षेत्र महामंत्री वीरचंद्र जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का जीवन केवल एक धार्मिक प्रेरणा नहीं, बल्कि एक आदर्श जीवन की दिशा है। उन्होंने कहा कि आज के युग में जब मनुष्य भौतिक सुखों की दौड़ में उलझ गया है, तब महावीर स्वामी के त्याग, तप और संयम का मार्ग ही सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति करा सकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे धर्म, अहिंसा और सत्य के मार्ग पर दृढ़ता से चलें और समाज में सदाचार का प्रसार करें।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र कोषाध्यक्ष इंद्रकुमार जैम ने सभी आगंतुकों, समाजजनों एवं सहयोगियों का हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>यह समाजजन उपस्थित रहे </strong></p>
<p>इस अवसर पर अध्यक्ष सनत कुमार जैम एडवोकेट ललितपुर, महामंत्री वीरचंद्र जैन , कोषाध्यक्ष इंद्रकुमार जैम, मंत्री अशोककुमार जैन,उपाध्यक्ष कपूरचंद्र ढूंढा, राकेशकुमार जैन ककरवाहा, आनंदीलाल जैन लुहर्रा, सुरेंद्र जैन आदि के साथ पंडित मनीष जैन संजू टीकमगढ़, पंडित अजीत शास्त्री बड़ागांव, सोमचंद शास्त्री मैनवार, पंडित कैलाश चंद्र जैन, अंकित जैन सोजना, विकास जैन नेकोरा, पंडित रवि जैन शास्त्री आदि उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>निर्वाण कल्याणक से ही दीपावली पर्व की शुरुआत</strong></p>
<p>जैन दर्शन के अध्येता डॉ सुनील संचय ने जानकारी देते हुए बताया कि जैन परम्परा में तीर्थंकर महावीर स्वामी के निर्वाण कल्याणक से ही दीपावली पर्व की शुरुआत मानी जाती है। इसी दिन से वीर निर्वाण संवत् की शुरुआत हुई थी जो कि सभी संवतों में सबसे प्राचीन संवत् है। जैन परंपरा में नए वर्ष की शुरुआत इसी दिन से होती है। 21 अक्टूबर को भगवान महावीर का 2552 वां निर्वाण महोत्सव अगाध श्रद्धा से मनाया गया।</p>
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		<title>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस समारोह : ध्वजारोहण, देशभक्ति गीत और पिरामिड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र </title>
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		<pubDate>Sun, 17 Aug 2025 17:03:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नवागढ़ के श्री अतिशय क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के जोश के साथ मनाया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता के महत्व और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे। गुरुकुलम के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत और पिरामिड प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। पढ़िए नवागढ़ से मनोज जैन की खास रिपोर्ट&#8230; नवागढ़। श्री अतिशय क्षेत्र नवागढ़ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नवागढ़ के श्री अतिशय क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के जोश के साथ मनाया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता के महत्व और जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे। गुरुकुलम के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत और पिरामिड प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए नवागढ़ से मनोज जैन की खास रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> श्री अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में स्वतंत्रता दिवस का पर्व देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि श्री मनोज राय ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया और कहा कि स्वतंत्रता केवल उपहार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जय निशांत जी ने कहा कि देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, कर्मों में झलकनी चाहिए और आने वाली पीढ़ियों को इससे प्रेरित करना होगा। एडवोकेट संदीप जी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को एकता और भाईचारे से सुदृढ़ बनाना होगा। महामंत्री वीरचंद्र नैकोरा ने इसे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को दोहराने का अवसर बताया। मंत्री अशोक कुमार जी ने कहा कि हम सभी भारत माता के सपूत हैं और उसका गौरव बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।</p>
<p><strong>बच्चों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए</strong></p>
<p>गुरुकुलम के शिक्षकों और बच्चों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए और बच्चों द्वारा प्रस्तुत पिरामिड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे जनसमूह ने खूब सराहा।कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र महामंत्री वीरचंद्र नैकोरा ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए सभी को निरंतर योगदान देते रहना चाहिए।</p>
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		<title>नवागढ़ में मनेगा पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव : समाजजनों ने किया शामिल होने का आह्वान </title>
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		<pubDate>Thu, 31 Jul 2025 04:42:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीत मय विधान के साथ होगा। नवागढ़ से पढ़िए, राजेश जैन रागी व रत्नेश जैन की यह खबर&#8230; नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीत मय विधान के साथ होगा। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, राजेश जैन रागी व रत्नेश जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में विराजित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के चरण सानिध्य में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीत मय विधान के साथ होगा। नवागढ़ के भौंयरा खनन कार्य में प्राप्त शतफणी श्री पारसनाथ भगवान एवं ताम्र श्री पारसनाथ भगवान का अतिशय विलक्षण है। नवागढ़ में प्राप्त जैन विरासत का दिल्ली की टीम द्वारा काल निर्धारण का कार्य संपादित किया जा रहा है। जिसमें जैन दर्शन के विशेष साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे है एवं अन्वेषण किया जा रहा है।</p>
<p><strong>कार्यक्रम का भावभीना आमंत्रण</strong></p>
<p>आप सभी इस महा महोत्सव में अपने परिवार सहित उपस्थित होकर भगवान के मोक्ष कल्याणक की विधि संपन्न करें। अभिषेक, शांति धारा एवं विधान का सौभाग्य प्राप्त करें। आप सभी सादर आमंत्रित हैं। क्षेत्र के अध्यक्ष एडवोकेट सनतकुमार जैन ललितपुर, महामंत्री वीरचंद्र जैन नेकोरा,कोषाध्यक्ष पंडित इंद्र कुमार शास्त्री, प्रचार मंत्री सुनील संचय ने सभी को इस महा महोत्सव का साक्षी बनने के लिए सादर आमंत्रित किया है। अवश्य पधारें।</p>
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		<title>नवागढ़ में बह रही है भक्ति की बयार : 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का दिव्य आयोजन जारी </title>
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		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 15:05:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्राचीन तीर्थक्षेत्र नवागढ़ की पुण्यभूमि पर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां चल रहे 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का आयोजन ब्र. जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। यह विशेष विधान 28 मई से 12 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्राचीन तीर्थक्षेत्र नवागढ़ की पुण्यभूमि पर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां चल रहे 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का आयोजन ब्र. जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। यह विशेष विधान 28 मई से 12 जून 2025 तक संपन्न होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़ ( ललितपुर)।</strong> प्राचीन तीर्थक्षेत्र नवागढ़ की पुण्यभूमि पर इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां चल रहे 16 दिवसीय अरिष्ट निवारक शांतिनाथ विधान का आयोजन ब्र. जयकुमार निशांत भैया जी के निर्देशन में श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जा रहा है। यह विशेष विधान 28 मई से 12 जून 2025 तक संपन्न होगा।</p>
<p><strong>प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़</strong></p>
<p>आयोजन समिति के प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा, अर्घ्य, स्तवन और आराधना में भाग ले रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-82499" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034.jpg" alt="" width="1200" height="1599" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034.jpg 1200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034-225x300.jpg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034-768x1023.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034-1153x1536.jpg 1153w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0034-990x1319.jpg 990w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ, मंत्रोच्चारण से गूंजा परिसर</strong></p>
<p>इस पावन विधान का शुभारंभ मंगलाचरण, कलश यात्रा और शांतिधारा के साथ हुआ, जिसमें महिला मंडल, युवावर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिदिन प्रातःकालीन पूजन विधि का संचालन विधानाचार्य ब्र. पारस भैया एवं ब्र. संतोष भैया के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया जा रहा है। साथ ही प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रहे हैं।</p>
<p><strong>विधान का उद्देश्य: शांति, संयम और समृद्धि की स्थापना</strong></p>
<p>निर्देशक ब्र. जयकुमार निशांत ने बताया कि इस विधान के माध्यम से भगवान शांतिनाथ की आराधना कर जीवन में शांति, समृद्धि और संयम के सिद्धांतों की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र बन गया है और जनमानस में नवचेतना का संचार कर रहा है।</p>
<p><strong>आतिथ्य और आभार</strong></p>
<p>आगंतुक अतिथियों का स्वागत तीर्थक्षेत्र समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सनत जैन, महामंत्री वीरचन्द्र जैन, इंजीनियर शिखरचंद्र जैन, आनंदी लाल लुहर्रा, अशोक मैनवार आदि द्वारा किया गया। समापन पर महामंत्री वीरचन्द्र जैन नेकौरा ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>गुरुवरों का मिला मंगल आशीर्वाद</strong></p>
<p>इस आयोजन के लिए परम पूज्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज, आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज, गणिनी आर्यिकारत्न स्वस्तिभूषण माताजी और गणिनी आर्यिका आर्षमती माताजी का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, जो आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बल प्रदान कर रहा है।</p>
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		<title>श्री अरनाथ स्वामी के प्रगटन दिवस पर होगा लाडू समर्पणः 29 मार्च को भगवान का मोक्ष कल्याणक </title>
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		<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 09:23:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है। याद रहें यहां पुरापाषाण काल से प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं।  नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सातवीं सदी के मंदिर के साथ प्रगटित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है। <span style="color: #ff0000">याद रहें यहां पुरापाषाण काल से प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं</span>। </strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सातवीं सदी के मंदिर के साथ प्रगटित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में 29 मार्च 2025 शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है, इसी दिन भगवान को प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाब चंद्र पुष्प ने जमीन से 15 फीट नीचे भौंयरे में खोजा था।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77484" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034.jpg" alt="" width="864" height="1152" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034.jpg 864w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034-225x300.jpg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 864px) 100vw, 864px" />इतिहास का संरक्षण</strong></p>
<p>प्राचीन जैन इतिहास एवं संस्कृति के लिए विख्यात नवागढ़ में निरंतर अनुसंधान एवं खोज जारी है। अभी भी वहां संरक्षित पुरा संपदा का रासायनिक प्रक्रिया द्वारा संरक्षण एवं डॉक्यूमेंटेशन दिल्ली की टीम के द्वारा किया जा रहा है। यहां पुरापाषाण काल से लेकर 8000 वर्ष प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं।</p>
<p><strong>विशेष शांतिधारा, विधान सहित लाडू समर्पण</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया के निर्देशन में 29 मार्च को भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक विशेष शांतिधारा एवं विधान के साथ लाडू समर्पित किया जाएगा। जिसमें देश-विदेश के श्रावक एवं श्राविकाओं के साथ क्षेत्रीय समाज का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। आप भी अपने परिवार की ओर से लाडू समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं ।</p>
<p><strong>आगामी सौभाग्य व भेंट समर्पण</strong></p>
<p>40 दिवसीय जाप अनुष्ठान में संलग्न परिवारों को मंत्रित मंगल कलश भी भेंट किए जाएंगे। गणिनी आर्यिका भारत गौरव स्वस्ति भूषण माताजी के मंगल निर्देशन में 18 वें तीर्थंकर अरनाथ स्वामी का 18 मार्च माह तक लगातार विधान संपन्न किया जाएगा। साथ ही मात्र 518 रुपए की राशि में कूपन दिया जाएगा। इसके ड्रा से उन्हें वार्षिक महामस्तकाभिषेक का सौभाग्य 35 ग्राम के रजत कलश के साथ प्रदान किया जाएगा।</p>
<p><strong>सपरिवार आमंत्रण</strong></p>
<p>इस अवसर पर आप भी अपने परिवार सहित उपस्थित होकर अरनाथ स्वामी के अतिशय का साक्षात्कार करें और धर्मलाभ लें।</p>
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