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	<title>नवागढ़ गुरुकुलम् &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>नवागढ़ गुरुकुलम् &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>प्राकृत विद्या के मनीषी डॉ. ऋषभचंद्र फौजदार का आगमन : प्राकृत विद्या के ग्रंथों का प्रकाशन किया बिहार प्रदेश की सरकार ने </title>
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		<pubDate>Sun, 10 May 2026 13:33:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पुष्प प्रतिष्ठाचार्य की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को प्राकृत विद्या के मनीषी विद्वान डॉ.ऋषभ चंद्र फौजदार डायरेक्टर जैन विद्या संस्थान एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह का सौभाग्य प्राप्त हुआ। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प प्रतिष्ठाचार्य की स्मृति में संचालित श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पुष्प प्रतिष्ठाचार्य की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को प्राकृत विद्या के मनीषी विद्वान डॉ.ऋषभ चंद्र फौजदार डायरेक्टर जैन विद्या संस्थान एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह का सौभाग्य प्राप्त हुआ। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प प्रतिष्ठाचार्य की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को प्राकृत विद्या के मनीषी विद्वान डॉ.ऋषभ चंद्र फौजदार डायरेक्टर जैन विद्या संस्थान एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह का सौभाग्य प्राप्त हुआ। डॉ.जैन छतरपुर जिले के द्रोणगिरी में जन्मे, जिन्होंने विपन्नता में रहते हुए शिक्षा को आधार बनाकर स्याद्वाद महाविद्यालय बनारस से उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने जीवन को शिक्षा जगत् से जोड़ा। उनके सुदीर्घ सेवा काल में प्राकृत शोध संस्थान वैशाली बिहार का विशेष उन्नयन हुआ। जिसके माध्यम से प्राकृत विद्या के सैकड़ो ग्रंथों का प्रकाशन बिहार प्रदेश की सरकार द्वारा किया गया। उन्होंने परिवार सहित अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ भगवान साहित्य उत्खनन से प्राप्त विलक्षण मूर्तियां के दर्शन, मंगल आरती का सौभाग्य प्राप्त किया।</p>
<p><strong> समाज से धरोहर का संरक्षण की अपील</strong></p>
<p>जैन दर्शन की विशेष सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार इस प्रकार जैन दर्शन के विशेष एवं विलक्षण कृतियों का अवलोकन कर रहा हूं। जिसमें उपाध्याय परमेष्ठी सहित मानस्तंभ,पिच्छी चिन्ह सहित उपाध्याय परमेष्ठी, अकलंक विकलंक, लकड़ी के मानस्तंभ, बेदी एवं जीवनोपयोगी काष्ठ उपकरण अद्भुत हैं। यहां सातवीं सदी के भौयरा मंदिर के साथ, प्रतिहार कालीन एवं गुप्तकालीन संस्कृति के साक्ष्य अच्छे तरीके से संरक्षित किए गए हैं। समिति को चाहिए इस धरोहर का प्रदर्शन अच्छे स्तर पर करते हुए इसका प्रचार प्रसार करें, जिससे हमारी समाज में जैन पुरातत्व एवं संस्कृति के प्रति निष्ठा जागृत हो सके। डॉ. जैन श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आपका सौभाग्य है जो आप ब्रह्मचारी निशांत भैया जी के निर्देशन में इस प्रकार के परिवेश में धार्मिक संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मैं चाहता हूं आप सभी अच्छे से शिक्षा प्राप्त कर जिन शासन की सेवा करें प्रभावना करें एवं अपने जीवन को मंगलमय बनाते हुए उच्च पदों पर आसीन होकर नवागढ़ गुरुकुलम् का बहुमान बढ़ाएं ।बच्चों ने डॉक्टर जैन के उद्बोधन से प्रेरणा लेते हुए अच्छी तरह से विद्या अध्ययन करने का संकल्प लिया। क्षेत्र के महामंत्री वीरचंद जी नैकोरा, अशोक क्रांतिकारी ,पंडित अजीत कुमार ने सभी का भाव बिना स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए पुनः पधारने का निवेदन किया।</p>
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		<title>नवागढ़ गुरुकुलम् के गौरवशाली तीन छात्रों को शिक्षा के लिए भेजा : अकलंक शरणालय रेवाड़ी में अध्ययन करेंगे छात्र </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 08:43:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निकटवर्ती जैन तीर्थ प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाब चंद्र पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम ने अपने 5 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। गुरुकुलम से शिक्षा प्राप्त करने वाले तीन छात्रों को श्री अकलंक शरणालय रेवाड़ी जो मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से संचालित है। बकस्वाहा से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>निकटवर्ती जैन तीर्थ प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाब चंद्र पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम ने अपने 5 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। गुरुकुलम से शिक्षा प्राप्त करने वाले तीन छात्रों को श्री अकलंक शरणालय रेवाड़ी जो मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से संचालित है। <span style="color: #ff0000">बकस्वाहा से पढ़िए, रत्नेश जैन/राजेश रागी की रिपोर्ट&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> निकटवर्ती जैन तीर्थ प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाब चंद्र पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम ने अपने 5 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। गुरुकुलम से शिक्षा प्राप्त करने वाले तीन छात्रों को श्री अकलंक शरणालय रेवाड़ी जो मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से संचालित है। वहां अध्ययन करने के लिए भेजा गया। वहां इन छात्रों ने अनुशासन, सांस्कृतिक गतिविधि एवं शिक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। आयुष जैन भगवां, ऋतिक जैन गुलगंज एवं संभव जैन खरगापुर में प्रथम पांच छात्रों में प्रथम द्वितीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त कर श्री नवागढ़ गुरुकुलम का गौरव एवं मान बढ़ाया है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-105634" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260426-WA0007.jpg" alt="" width="148" height="204" /></p>
<p><strong>बधाई एवं शुभकामना</strong></p>
<p>श्री नवागढ़ गुरुकुलम अतिशय क्षेत्र नवागढ़ एवं पंडित गुलाबचंद पुष्प स्मृति ट्रस्ट की ओर से इन छात्रों को बधाई दी गई। इन्होंने गुरुकुलम का ही नहीं जैन संस्कृति एवं जैन संस्कारों का बहुमान करते हुए समाज का गौरव बढ़ाया है। श्री नवागढ़ गुरुकुलम संस्थापक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष योग्य छात्रों को विभिन्न स्थान पर शिक्षा हेतु भेजा जाता है। खुरई गुरुकुलम में अध्ययनरत छात्रों में से दो छात्रों ने विशेष स्थान प्राप्त किया है एवं बढ़िया जिला टीकमगढ़ में संचालित सर्वोदय जो आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के आशीर्वाद से संचालित है में अध्ययनरत 12 छात्रों में से 8 छात्रों ने प्रवीण्य सूची में में स्थान प्राप्त कर श्री नवागढ़ गुरुकुलम का गौरव बढ़ाया है। छात्रों के परिजनों एवं शिक्षकों के लिए सभीकी ओर से बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं आपके सहयोग से ही इन छात्रों को गौरव में स्थान प्राप्त हुआ है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-105635" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260426-WA0008-195x300.jpg" alt="" width="195" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260426-WA0008-195x300.jpg 195w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260426-WA0008.jpg 320w" sizes="(max-width: 195px) 100vw, 195px" /></p>
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		<title>श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया बाल दिवस : विद्यार्थियों ने विचार, संस्कार और प्रेरणा से भरा बाल दिवस कार्यक्रम प्रस्तुत किया </title>
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		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 09:55:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में जवाहरलाल नेहरू की जयंती उपलक्ष्य में बाल दिवस कार्यक्रम उत्साह, संस्कार और प्रेरणा के साथ मनाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने विचार, संस्कार और ज्ञान से भरे संदेश दिए। पढ़िए मनोज नायक की पूरी रिपोर्ट… श्री अतिशय क्षेत्र नवागढ़ गुरुकुलम् में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में जवाहरलाल नेहरू की जयंती उपलक्ष्य में बाल दिवस कार्यक्रम उत्साह, संस्कार और प्रेरणा के साथ मनाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने विचार, संस्कार और ज्ञान से भरे संदेश दिए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज नायक की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>श्री अतिशय क्षेत्र नवागढ़ गुरुकुलम् में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस पर बाल दिवस का कार्यक्रम हर्ष, गरिमा और संस्कारपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही गुरुकुल परिसर बच्चों की ऊर्जा, उल्लास और सांस्कृतिक माहौल से भर गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।</p>
<p>विचार अभिव्यक्ति के अंतर्गत कक्षा 8वीं के छात्र अनुपम ने बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह दिवस बच्चों की मासूमियत, प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है। वहीं छात्र अक्षत ने पंडित नेहरू के बच्चों के प्रति स्नेह और ‘चाचा नेहरू’ के रूप में उनकी लोकप्रियता को याद करते हुए ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।</p>
<p>गुरुकुल के शिक्षकों ने भी बच्चों को प्रेरक विचारों से मार्गदर्शन दिया। शिक्षक संजय जी ने कहा कि बाल दिवस बच्चों की क्षमताओं को उभारने का महत्वपूर्ण अवसर है और हर बच्चा एक अनमोल धरोहर है। शिक्षक विनीत जी ने बच्चों को सपनों को लक्ष्य बनाकर अनुशासनपूर्वक आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और नेहरू जी के शिक्षा एवं सत्यनिष्ठा के आदर्शों पर प्रकाश डाला। शिक्षक अनुराग जी ने बाल दिवस को मानसिक, शैक्षणिक और नैतिक उन्नति का पर्व बताया तथा कहा कि प्रत्येक बच्चे में छिपी विशेष प्रतिभाओं को विकसित करना ही शिक्षा का उद्देश्य है। शिक्षिका ब्र. संध्या जी ने जीवन में प्रेम, करुणा, अनुशासन और सम्मान जैसे मूल्यों को अपनाने की बात कही।</p>
<p><strong>बच्चों की मुस्कान, ऊर्जा और प्रेरणा का समन्वय </strong></p>
<p>अंत में शिक्षक अनुराग जी ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत बच्चों को स्मृति उपहार वितरित किए गए। पूरे आयोजन में बच्चों की मुस्कान, ऊर्जा और प्रेरणा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। बाल दिवस कार्यक्रम उत्साह और सफलता के साथ सम्पन्न हुआ।</p>
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