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	<title>ध्वजा रोहण &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>ध्वजा रोहण &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जीवन में लोभ और वासना बुद्धि को भ्रष्ट करती है : घट यात्रा से वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 18:05:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने प्रथम दिन धर्म सभा को संबोधित किया। सोमवार को खरगोन में घट यात्रा, वेदी शुद्धि,मंदिर शिखर शुद्धि हुई। आरती के लिए शोभायात्रा निकली। खरगोन से पढ़िए दीपक प्रधान की यह खबर&#8230; खरगोन। जीवन कुख्यात नहीं विख्यात होना चाहिए। खोटे कार्य करने की भावना कीचड़ में पत्थर फेंकने के समान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने प्रथम दिन धर्म सभा को संबोधित किया। सोमवार को खरगोन में घट यात्रा, वेदी शुद्धि,मंदिर शिखर शुद्धि हुई। आरती के लिए शोभायात्रा निकली। <span style="color: #ff0000">खरगोन से पढ़िए दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खरगोन।</strong> जीवन कुख्यात नहीं विख्यात होना चाहिए। खोटे कार्य करने की भावना कीचड़ में पत्थर फेंकने के समान है, जो स्वयं का जीवन बर्बाद करती है। योग्यता रखी नहीं जाती, योग्यता प्रकट की जाती है। यदि योग्यता को बढ़ाना है तो योग्य लोगों के साथ रहना चाहिए। अयोग्य की संगति जीवन बर्बाद करती है । ध्यान रहे सुविधाओं से योग्यता का विकास नहीं होता है। जीवन में किसी के अहित करने का भाव मन में नहीं लाना चाहिए। हमेशा हित करने का भाव रखें। जीवन में लोभ और वासना बुद्धि को भ्रष्ट करती है, इसलिए इनसे बचे। यह विचार वेदी शिखर प्रतिष्ठा महा महोत्सव समारोह के प्रथम दिवस आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने राधा कुंज सभागृह में व्यक्त किए। आचार्य श्री ने वर्तमान जीवन शैली में अपना जीवन बर्बाद कर रहे लोगों को सुलभ मार्गदर्शन दिया। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि जिस क्रिया से वर्तमान में शांति नहीं है तो भविष्य क्या होगा। धन कमाने के लिए व्यक्ति समय पर भोजन नहीं करता, धन कमाने के लिए शरीर बर्बाद करता है, इस शरीर को बीमारियां होने पर बचाने के लिए अस्पतालों में वही धन खर्च करता है। मोबाइल पर घंटों निंदा में लगा रहता है। ध्यान रहे जो शरीर मिला है, वह उत्पत्ति है,उत्पत्ति के साथ नाश प्रारंभ हो जाता है। उत्पत्ति नाश सहित है। यही वस्तु तत्व है ध्यान रहे। नाश उपकारी होता है जिस प्रकार भोजन यदि पेट में जाने के बाद नाश न हो तो वह नुकसान पहुंचता है इसलिए उत्पत्ति और नाश दोनों ही सार्थक है।</p>
<p><strong>घट यात्रा, वेदी शुद्धि,मंदिर शिखर शुद्धि हुई</strong></p>
<p>प्रातः काल ध्वजा रोहण राधा कुंज परिसर में हुआ। प्रतिष्ठाचार्य पंडित धर्मचन्द शास्त्री दिल्ली, पंडित नितिन झांझरी इंदौर, जिनेश भैया आदि के मंत्रोच्चार व विधि विधान से संपन्न कराया। उपरांत मस्तक पर मंगल कलश लेकर समाज महिलाएं व इंद्र इंद्राणी पोस्ट ऑफिस चौराहा पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर पहुंचा ,जहां प्रतिष्ठा आचार्य ने वेदी शुद्धि, मंदिर शिखर शुद्धि की। दोपहर में सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा,मंगल प्रतिष्ठा,विधान पूजन, जाप अनुष्ठान संपन्न हुई ।</p>
<p><strong>आरती के लिए निकली शोभायात्रा</strong></p>
<p>सायंकालीन आरती करने का सौभाग्य सुनीता जितेंद्र जैन ,नेहा अरिहंत जैन ने प्राप्त किया। टैगोर पार्क से सपरिवार बग्घी पर निकले परिवार ने भक्ति भावपूर्वक संगीत में आरती की। नव देवता मंडल, विधान अनेक धान्य से बनाया गया। प्रातः अभिषेक शांति धारा हुई। रात्रि में खरगोन नगर के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर जैन धर्म का महत्व बताया। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य तरुण कुमार,अरुण धनोते,अभिषेक, बृजेश कुमार बड़वाह,प्रांजल, प्रदीप जैन खरगोन, दयाचंद जैन, प्रखर अनिल जैन खरगोन ने प्राप्त किया। मीडिया प्रभारी राजेंद्र जैन महावीर, आशीष जैन ने बताया कि खरगोन पोस्ट ऑफिस चौराहा पर स्थित धर्मशाला में मंदिर 80 वर्ष प्राचीन था, जिसे सुंदर ढंग से मकराना के मार्बल से बनाया गया है। दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष विनोद जैन, विजय जैन, प्रदीप जैन, लोकेंद्र जैन, अरुण धनोते, जितेंद्र जैन, संयोजक अनिल जैन, राकेश जैन,विवेक जैन, प्रमोद छाबड़ा, पंकज जैन, राजेश जैन,संतोष खड़के, नीना बेनाडा,डॉक्टर कीर्ति जैन, रजनी अजमेरा, सुनील अजमेरा, मनीष बड़जात्या, सौरभ जैन,नेहा अरिहंत जैन आदि ने सभी से समारोह में पधारने की अपील की है।</p>
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