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	<title>धूबड़ी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>धूबड़ी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सम्मेद शिखर जी तीर्थ से उग्र विहार करते हुए पहुंचे असम : आचार्य श्री‌ प्रमुख सागर जी महाराज का‌ हुआ ऐतिहासिक भव्य मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Wed, 10 May 2023 11:57:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य प्रमुख 108 श्री प्रमुख सागर‌ जी महाराज ससंघ का सम्मेद शिखर जी तीर्थ से उग्र विहार होते हुए असम की सीमा में धूबड़ी में‌ गाजे-बाजे के साथ सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जयकारों की ध्वनि के साथ सुबह लगभग 8:00 बजे मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; गुवाहाटी। पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य 108 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य प्रमुख 108 श्री प्रमुख सागर‌ जी महाराज ससंघ का सम्मेद शिखर जी तीर्थ से उग्र विहार होते हुए असम की सीमा में धूबड़ी में‌ गाजे-बाजे के साथ सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जयकारों की ध्वनि के साथ सुबह लगभग 8:00 बजे मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुवाहाटी।</strong> पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य 108 श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के प्रियाग्र शिष्य परम पूज्य आचार्य प्रमुख 108 श्री प्रमुख सागर‌ जी महाराज ससंघ का सम्मेद शिखर जी तीर्थ से उग्र विहार होते हुए असम की सीमा में धूबड़ी में‌ गाजे-बाजे के साथ सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जयकारों की ध्वनि के साथ सुबह लगभग 8:00 बजे मंगल प्रवेश हुआ।</p>
<p><strong>राज्य अतिथि घोषित</strong></p>
<p>आचार्य श्री की तपस्या का प्रभाव अलौकिक है। इनकी तपस्या का तेज अब दिखने लगा है। गुरुवर के दर्शन व एक झलक पाने को लालायित भक्तों की भीड़ एवं उनका तप-त्याग-संयम यह परिलक्षित करता है कि धरती पर फिर से‌ समकालीन महावीर ने‌ जन्म लिया है। अध्यात्म योगी आचार्य‌ प्रमुख सागर‌ जी‌ महाराज की तपस्या का ही प्रभाव‌ है कि असम सरकार‌ द्वारा भी असम‌ सीमा में‌ प्रवेश‌ के‌ साथ ही ससंघ को राज्य‌ अतिथि के रूप में घोषित कर‌ दिया जो जिनशासन की अद्भुत प्रभावना को भी प्रमाणित करता है।</p>
<p><strong>जैन-जैनेतर समाज ने की अगवानी</strong></p>
<p>यह गुरुवर की तपस्या का ही प्रभाव है कि इतनी भीषण गर्मी-सर्दी तथा अनेक परिषह को सहते हुए भी सम्मेद शिखर तीर्थ से‌ पद विहार की प्रलंब दूरी तय करता हुआ संघ निर्विघ्न धूबड़ी पहुंचा। पद विहार के मार्ग में‌ जगह-जगह जैनेतर समाज भी आचार्य श्री की आगवानी करते नजर आया तथा अपने- अपने‌ हिसाब से पूजा-अर्चना करते हुए आचार्य श्री के प्रति अपने भक्तिभाव को प्रकट किया। जब आचार्य‌ श्री‌ ने जैन धर्म के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की अपने सोच के साथ धूबड़ी के चौराहे पर प्रवचन करने की अपनी‌ मंशा समाज के सामने जाहिर की तो तुरंत ही सरकार‌ व समाज सक्रियता दिखाते हुए नजर आया। श्री दिगम्बर जैन‌ पंचायत गुवाहाटी (असम) के अध्यक्ष महावीर जैन हाथीगोला और मंत्री बीरेंद्र कुमार सरावगी ने बताया कि यह बहुत कम दिखाई पड़ता है कि सरकार द्वारा पूरा क्षेत्र प्रतिबंधित कर दिया गया हो तथा सम्पूर्ण सामाजिक व्यवस्था के तहत वहां आचार्य श्री का शानदार प्रवचन हुआ, जिसमें जैन एवं जैनेतर की काफी संख्या में उपस्थिति देखी गई। यही भक्तों की भीड़ भगवान महावीर के समय‌ की याद दिलाती है।</p>
<p><strong>शीघ्र होगा विहार </strong></p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार पूज्य आचार्य श्री का धूबड़ी से शीघ्र ही विहार होने की संभावना है। इनके आगे से आगे पद-विहार की गति स्पष्ट इंगित करती है कि इनका इस वर्ष का चातुर्मास गुवाहाटी में होना संभावित है। अगर ऐसा ही होता है‌ तो यह गुवाहाटी समाज का असीम पुण्य का योग होगा। कहा गया भी है‌ कि संतों‌ के चरण और वर्षायोग का पुण्य किसी अमृत पुण्य से कम नहीं होता।</p>
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		<title>गुरु मां ससंघ का 19 मार्च को धूबड़ी में होगा: आज बिलासीपाड़ा समाज को दर्शन वंदन का मिला सौभाग्य </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Mar 2023 14:48:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गुरुमां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का विहार धूबड़ी की ओर चल रहा है। इस विहार के अन्तर्गत आज बिलासीपाड़ा समाज को दर्शन-वंदन एवं प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट&#8230; गुवाहाटी। गुरुमां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का विहार धूबड़ी की ओर चल रहा है। इस विहार के अन्तर्गत आज बिलासीपाड़ा समाज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गुरुमां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का विहार धूबड़ी की ओर चल रहा है। इस विहार के अन्तर्गत आज बिलासीपाड़ा समाज को दर्शन-वंदन एवं प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुवाहाटी।</strong> गुरुमां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का विहार धूबड़ी की ओर चल रहा है। इस विहार के अन्तर्गत आज बिलासीपाड़ा समाज को दर्शन-वंदन एवं प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु मां के ओजस्वी प्रवचन से प्रभावित होकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा-भक्ति को प्रकट करते हुए बिलासीपाड़ा के श्रेष्ठी सर्वश्री नरेंद्र जी सेठिया ने छगनमल सरावगी एण्ड सन्स के बगल में अपनी ‌जमीन पर पद विहार कर रहे साधु-साध्वियों के‌ आहार-निहार-प्रवास की व्यवस्था देने हेतु विन्ध्य संत निवास के नाम से एक संत निवास बनाने की‌ घोषणा की जिसमें तीन कमरे, हॉल, रसोईघर आदि व्यवस्था की‌ जाएगी। नरेंद्र जी सेठिया की ओर से विन्ध्य संत निवास बनाने की इस घोषणा का श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी तहे दिल से आभार व्यक्त करती है। साथ ही उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य के सुख-समृद्धि, सुस्वास्थ्य एवं दीर्घ जीवन की मंगल कामना करती है।<br />
पूज्या गुरु मां ससंघ के विहार क्रम में कल शनिवार 18 मार्च को सुबह सवा पांच बजे 11 किमी की प्रलंब दूरी तय करता हुआ संघ पानबाड़ी पहूंचेगा जहां संघ की विधिवत आहारचर्या सामायिक संपन्न होगी।<br />
इसी दिन दोपहर दो बजे संघ का पुनः विहार होकर 10 किमी की दूरी तय करता हुआ गौरीपुर पहुंचेगा जहां संघ का रात्रिकालीन विश्राम रहेगा।</p>
<p><strong>मंगल प्रवेश के साथ महामिलन</strong><br />
धूबड़ी समाज के उपाध्यक्ष श्री अजय कुमार कानुगा एवं मंत्री श्री पन्नालाल जी छाबड़ा ने बताया कि रविवार को सुबह सवा आठ बजे गाजे-बाजे के साथ श्री दिगम्बर जैन मंदिर में संघ का भव्य मंगल प्रवेश के साथ परम पूज्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सुयोग्य मुनि 108 श्री अरिजीत सागर जी महाराज का भव्यातिभव्य महामिलन होगा। इस भव्यातिभव्य मंगल प्रवेश एवं महामिलन के ऐतिहासिक क्षणों का आनंद लेने के लिए आप सभी को स्थानीय समाज के लिए अल्पाहार व्यवस्था एवं बाहर से पधारने वाले सभी अतिथियों के लिए अल्पाहार वात्सल्य भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था के तहत आमंत्रित किया है।</p>
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		<title>गुरुमां का अनवरत विहार धूबड़ी की ओर: समाजजनों ने बिलासीपाड़ा रुकने का किया अनुरोध </title>
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		<pubDate>Fri, 17 Mar 2023 09:57:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की परम विदुषी शिष्या, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, जिनशासन सूर्या, संस्कार दर्शिका, गणिनी पद‌ विभूषिता, आर्यिका शिरोमणि गुरुमॉं 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का पद-विहार धूबड़ी की ओर अनवरत जारी है। पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट&#8230; ग्वालपाड़ा (असम)। परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की परम विदुषी शिष्या, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, जिनशासन सूर्या, संस्कार दर्शिका, गणिनी पद‌ विभूषिता, आर्यिका शिरोमणि गुरुमॉं 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का पद-विहार धूबड़ी की ओर अनवरत जारी है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ग्वालपाड़ा (असम)।</strong> परम् पूजनीय राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागरजी महामुनिराज की परम विदुषी शिष्या, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, जिनशासन सूर्या, संस्कार दर्शिका, गणिनी पद‌ विभूषिता, आर्यिका शिरोमणि गुरुमॉं 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का पद-विहार धूबड़ी की ओर अनवरत जारी है। आपको बता दें बिलासीपाड़ा के स्थानीय श्वेताम्बर जैन समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महामाया इन्डस्ट्रीज, चिरकुटा में प्रवासित गुरु मां ससंघ को कुछ दिन बिलासीपाड़ा में रूककर सभी को प्रवचन का लाभ देने और समाज को संघ की सेवा का मौका देने का निवेदन किया।</p>
<p><strong>जैन समाज की एकता का उदाहरण पेश किया &#8211;</strong><br />
श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी श्वेताम्बर जैन समाज का आभार व्यक्त करती है जिन्होंने दिगम्बर जैन साध्वियों के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करते हुए जैन समाज की एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस विहार के क्रम में शुक्रवार को गुरुमां ससंघ सुश्रावक श्रेष्ठी सर्वश्री अंजय कुमार श्रीमती शशि कानुगा की मॉडर्न आटा मिल, चिरकुटा से सुबह सवा पांच बजे मंगल विहार कर साढ़े नौ किमी की‌ दूरी तय करता हुआ बिलासीपाड़ा, छगनमल सरावगी एण्ड सन्स के पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा। जहां गुरु मां का‌ मंगल प्रवचन, विधिवत आहार चर्या, सामायिक संपन्न होगी। उसके बाद दोपहर दो बजे गुरुमां ससंघ का पुनः विहार होगा जो दस किमी की दूरी तय करता हुआ काली मंदिर बुगरीबाड़ी पहुंचेगा जहां गुरुमां का रात्रि विश्राम होगा। यह जानकारी श्री सूर्य पहाड़ अतिशय क्षेत्र विकास समिति की ओर से दी गई।</p>
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