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	<title>द्रोणगिरि &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी का स्वर्ण जयंती महोत्सव आयोजित : भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व जैन संस्कृति से परिपूर्ण था : डॉ. राजमल जैन </title>
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		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:14:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वर्तमान में जब जैन समुदाय की चर्चा होती है, तो अक्सर यह कहा जाता है कि इनकी संख्या 50 लाख से भी कम है, जबकि जैन समाज का इतिहास इसे अत्यंत प्राचीन और मूल संस्कृति का वाहक बताता है। प्रथम संस्कृति, प्रारंभिक जीवन संस्कार तथा मनुष्य को सभ्य बनाने का श्रेय प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वर्तमान में जब जैन समुदाय की चर्चा होती है, तो अक्सर यह कहा जाता है कि इनकी संख्या 50 लाख से भी कम है, जबकि जैन समाज का इतिहास इसे अत्यंत प्राचीन और मूल संस्कृति का वाहक बताता है। प्रथम संस्कृति, प्रारंभिक जीवन संस्कार तथा मनुष्य को सभ्य बनाने का श्रेय प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को दिया जाता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> वर्तमान में जब जैन समुदाय की चर्चा होती है, तो अक्सर यह कहा जाता है कि इनकी संख्या 50 लाख से भी कम है, जबकि जैन समाज का इतिहास इसे अत्यंत प्राचीन और मूल संस्कृति का वाहक बताता है। प्रथम संस्कृति, प्रारंभिक जीवन संस्कार तथा मनुष्य को सभ्य बनाने का श्रेय प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को दिया जाता है।</p>
<p>उक्त विचार निकटवर्ती जैन तीर्थ द्रोणगिरि में आयोजित उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के स्वर्ण जयंती महोत्सव के अवसर पर पधारे डॉ. राजमल जैन कोठारी, प्रमुख वैज्ञानिक (इसरो) ने पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि धरती पर मानव संस्कृति के प्रथम प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में पृथ्वी के विभिन्न खंडों का भ्रमण करते हुए अनेक शिष्यों को दीक्षित किया और निर्ग्रंथ श्रमण संस्कृति की स्थापना की।</p>
<p>डॉ. राजमल जैन कोठारी, जो 100 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं, ने बताया कि जब प्रागैतिहासिक (prehistory) काल के पुरातात्विक साक्ष्यों, भौगोलिक एवं सामाजिक इतिहास तथा प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों का अध्ययन किया जाता है, तो यह स्पष्ट होता है कि संपूर्ण विश्व में श्रमण संस्कृति का व्यापक प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक इस संस्कृति के प्रमाण मिलते हैं।</p>
<p>उन्होंने आगे बताया कि उनके द्वारा संचालित “विश्व में श्रमण संस्कृति की खोज” कार्यक्रम के अंतर्गत एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप एवं दक्षिण अमेरिका में भी श्रमण संस्कृति के पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो इसकी प्राचीनता की पुष्टि करते हैं।</p>
<p>इस संदर्भ में द्रोणगिरि में आयोजित महोत्सव के अंतर्गत 21 मार्च को डॉ. राजमल जैन कोठारी द्वारा एक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें वे पीपीटी स्लाइड्स के माध्यम से भगवान ऋषभदेव की अयोध्या से प्रशांत महासागर तक की यात्रा एवं वहां स्थापित श्रमण संस्कृति की प्राचीनता पर प्रकाश डालेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समय के साथ यह संस्कृति विभिन्न रूपों में परिवर्तित होकर आगे बढ़ती गई।</p>
<p>डॉ. राजमल जैन कोठारी, जो लंबे समय से उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी से जुड़े हुए हैं, ने बताया कि इस संस्था ने पिछले 50 वर्षों में भारत में श्रमण संस्कृति की धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण कार्य किया है।</p>
<p>इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र जैन (अलीगढ़) ने भी संस्था द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री समत्व महाराज का वंदन करते हुए समिति के सदस्यों ने महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की, जिस पर मुनि श्री ने आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
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		<title>द्रोणगिरि में 64 दिवसीय विधान समापन, पिच्छिका परिवर्तन, रथयात्रा समारोह ः 4 नवंबर सोमवार को होंगे विविध कार्यक्रम </title>
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		<pubDate>Sat, 02 Nov 2024 13:22:12 +0000</pubDate>
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<p><strong>समीपस्थ श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम द्रोणगिरि में पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज के परम शिष्य उपाध्याय श्री आदिश सागर जी, मुनि श्री प्रवर सागर जी महाराज ससंघ वर्षायोग 2024 के पावन अवसर पर 64 दिवसीय चौंसठ मण्डलीय चौंसठ ऋध्दि विधान समापन, रथयात्रा, पिच्छिका परिवर्तन समारोह 4 नबम्वर 2024 सोमवार को विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> समीपस्थ श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम द्रोणगिरि में पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज के परम शिष्य उपाध्याय श्री आदिश सागर जी, मुनि श्री प्रवर सागर जी महाराज ससंघ वर्षायोग 2024 के पावन अवसर पर 64 दिवसीय चौंसठ मण्डलीय चौंसठ ऋध्दि विधान समापन, रथयात्रा, पिच्छिका परिवर्तन समारोह 4 नबम्वर 2024 सोमवार को विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है। श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम समिति द्रोणगिरि के अधिष्ठाता भागचन्द्र पीली दुकान, प्रचार मंत्री राहुल जैन बीला, शाह लोकेश जैन ने बताया कि श्री गुरुदत्तादि मुनिराजों की निर्वाण स्थली श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि (लघु सम्मेद शिखर) में स्थित उदासीन आश्रम परिसर स्थित अतिशकारी चिंतामणि पाश्वऺनाथ मंदिर जी में मुनिराजों के सानिध्य में 64 रिद्धि विधान का आयोजन किया गया।</p>
<p>जिस विधान का भव्य समापन एवं महाराजश्री का पिच्छिका परिवर्तन, रथयात्रा समारोह दिनांक 4 नवंबर दिन सोमवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 4 नवंबर के प्रातः 7 बजे अभिषेक शांतिधारा, पूजन विधान, प्रातः 10 बजे आहार चर्या, दोपहर 1 बजे से धर्म प्रभावना यात्रा, 2.30 बजे से पिच्छिका परिवर्तन समारोह, 3.30 बजे मुनिश्री के मंगल प्रवचन किया जायेगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर्ता पुष्पा &#8211; सुरेश चंद्र गूगरा वाले बण्डा परिवार, पूजन द्रव्य प्रदाता पुष्पा &#8211; कपूर चन्द्र कर्री वाले बड़ामलहरा परिवार, भोजन सौजन्य कर्ता नेहा &#8211; डॉ. सुनील कुमार बाम एपी स्पेशल बरायठा परिवार, प्रभा राजेश सतपारा परिवार, शांतकुमार बरायठा परिवार, केशर रजनी &#8211; राजेन्द्र मण्डी परिवार, स्वल्पाहार निखिल निलय बड़ामलहरा परिवार सौजन्य कर्ताओं ने सभी साधर्मी बन्धुओं से पधारने की अपील की है।</p>
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		<title>वर्णी जी की 151वीं जन्म जयंती पर द्रोणगिरि में रविवार को विविध कार्यक्रम होंगे: प्रतिभा सम्मान समारोह व विद्वत संगोष्ठी का आयोजन भी होगा  </title>
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		<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 17:17:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[द्रोण प्रांतीय नवयुवक सेवा संघ द्रोणगिरि के तत्वाधान में पूज्य क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद वर्णी जी की 151वीं जन्म जयंती के अवसर पर जैन तीर्थ द्रोणगिरि (लघु सम्मेद शिखर) में 29 सितंबर 2024 रविवार को वर्णी जयंती महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह व विद्वत संगोष्ठी का आयोजन होगा। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट द्रोणगिरि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>द्रोण प्रांतीय नवयुवक सेवा संघ द्रोणगिरि के तत्वाधान में पूज्य क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद वर्णी जी की 151वीं जन्म जयंती के अवसर पर जैन तीर्थ द्रोणगिरि (लघु सम्मेद शिखर) में 29 सितंबर 2024 रविवार को वर्णी जयंती महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह व विद्वत संगोष्ठी का आयोजन होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>द्रोणगिरि (छतरपुर)।</strong> द्रोण प्रांतीय नवयुवक सेवा संघ द्रोणगिरि के तत्वाधान में पूज्य क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद वर्णी जी की 151वीं जन्म जयंती के अवसर पर जैन तीर्थ द्रोणगिरि (लघु सम्मेद शिखर) में 29 सितंबर 2024 रविवार को वर्णी जयंती महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह व विद्वत संगोष्ठी का आयोजन होगा। विविध कार्यक्रम उपाध्याय आदिश सागर जी महाराज व मुनिश्री प्रवर सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में किया जा रहा है।</p>
<p>इस अवसर पर प्रातः 6 बजे से नित्य पूजन, अभिषेक, विधान, ध्वजारोहण, सामूहिक तीर्थ वंदना एवं 9.30 बजे आहारचर्या, दोपहर 11.30 बजे से विद्वत संगोष्ठी एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में महेश मलैया, श्रेणिक मलैया सागर, भागचंद पीली दुकान, शील डेवडिया बड़ामलहरा, महेन्द्र जैन बड़ागांव, राजेश रागी (वरिष्ठ पत्रकार) बकस्वाहा, डॉ. सुंदरलाल ककरवाहा, बाबूलाल मेनवार, सुनील घुवारा, पवन घुवारा टीकमगढ़, प्रो. सुमति प्रकाश छतरपुर तथा कपिल मलैया सागर, सनत कुमार कुटौरा वाले देवेंद्र चौधरी घुवारा, वीरेन्द्र जैन, सुकमाल जैन बकस्वाहा, राजेश जैन मंटू, अमित शाह, कमल जैन सूरजपुरा बाले बड़ामलहरा, श्रीमती रेखा जैन, राजेश जैन पनवारी बाले, डा. ज्ञानचन्द्र जैन, डा. पवन जैन मवई बाले घुवारा सहित अनेक महानुभावों को आमंत्रित किया गया है।</p>
<p>इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों में पार्थ जैसवाल कलेक्टर, अगम जैन एसपी, प्रशांत अग्रवाल एसडीएम, शशांक जैन एसडीओपी, आलोक जैन तहसीलदार को आमंत्रित किया गया है। द्रोण प्रांतीय नवयुवक सेवा संघ द्रोणगिरि के अध्यक्ष सिं. पंकज जैन व मंत्री भागचंद जैन सतपारा तथा संघ के पदाधिकारी व सदस्यों ने सभी प्रतिभाओं व सधर्मी बंधुओं से पधारकर लाभ लेने की अपील की।</p>
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		<title>मनाई गयी अक्षय तृतीया : उदासीन आश्रम द्रोणगिरि में अक्षय तृतीया को हुई महापारणा </title>
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		<pubDate>Fri, 10 May 2024 10:20:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सुविख्यात उदासीन आश्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान को मुनि अवस्था में प्रथम बार इक्षु रस से हुए आहार दिवस अक्षय तृतीया के महापर्व पर उपाध्याय मुनि श्री आदिश सागर जी महाराज की अहार महापारणा हुई। इस अवसर पर अनेक महानुभावों को सौभाग्य प्राप्त हुआ। पढ़िए रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सुविख्यात उदासीन आश्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान को मुनि अवस्था में प्रथम बार इक्षु रस से हुए आहार दिवस अक्षय तृतीया के महापर्व पर उपाध्याय मुनि श्री आदिश सागर जी महाराज की अहार महापारणा हुई। इस अवसर पर अनेक महानुभावों को सौभाग्य प्राप्त हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>द्रोणगिरि सेंधपा।</strong> यहां के सुविख्यात उदासीन आश्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान को मुनि अवस्था में प्रथम बार इक्षु रस से हुए आहार दिवस अक्षय तृतीया के महापर्व पर उपाध्याय मुनि श्री आदिश सागर जी महाराज की अहार महापारणा हुई। इस अवसर पर अनेक महानुभावों को सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसी अवसर पर आज की शांति धारा का सौभाग्य इंदु , विहान जैन सपरिवार वसुंधरा गाजियाबाद उप्र, पल्लव जैन सपरिवार कलकत्ता, ओमप्रकाश जैन, अंशुल जैन सपरिवार तिजारा, चंद्र कुमार अरुणा पीयूष सपना कृष पर्ल जैन सपरिवार हैदराबाद को प्राप्त हुआ। महापारणा आहार दान आहारचर्या के पुण्यार्जक परिवार आदीश्वर प्रसाद जैन सपरिवार तिजारा, ओमप्रकाश ,अंशुल जैन सपरिवार तिजारा, अखिलेश जैन सपरिवार नोएडा , मौजीलाल जैन सपरिवार नागपुर , चंद्र कुमार अरुणा पियूष सपना कृष पर्ल जैन सपरिवार हैदराबाद, चेतन दोषी सपरिवार अकलूज, सुनील प्रखर सपरिवार चेन्नई , नेमिचन्द दगड़ा सपरिवार असम, राजेश रागी रत्नेश जैन पत्रकार सपरिवार बकस्वाहा रहे।</p>
<p><strong>साधना, ध्यान, तप के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान</strong></p>
<p>श्री गुरुदत्त दि. जैन उदासीन आश्रम द्रोणगिरि के अधिष्ठाता भागचंद्र जैन पीली दुकान ने बताया कि श्री गुरुदत्तादि सहित साढ़े आठ करोड़ मुनिराजों की निर्वाण स्थली लघु सम्मेद शिखरजी श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि प्रकृति की अदभुत छठा सुरम्य वातावरण शयामरी नदी के तट पर स्थित श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम साधना, ध्यान, तप के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है। त्यागी वृति आत्म साधना के लिए अग्रसर उदासीन एकल एवं गृहस्थ युगल दंपति सभी के लिए यहां आवास सात्विक शुद्ध आहार औषधि उपचार वैयावृत्ति की श्रेष्ठतम व्यवस्था नि:शुल्क रहती है। यहां सभी आत्मसाधना कर आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यहां भव्य सहस्त्रकूट जिनालय भी निर्माणाधीन है। दान की महिमा अचिंत्य बताई है दानों में दान महादान आहार दान है, वह भी महाव्रती त्यागी आत्मसाधना में रत श्रावकों को दिया गया आहार दान का महाफल होता है। कमेटी ने अपील की है कि आप स्वयं आश्रम में पधार कर अपने कर कमलों से आहार दान देकर सौभाग्य प्राप्त करें।आप यदि नहीं आ सकते तो विभिन्न प्रकार से दान देकर तथा अति चमत्कारी सहस्त्रफणी पारसनाथ भगवान की शांतिधारा करवाकर पुन्य प्राप्त करें।</p>
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		<title>अनंत ऊर्जा का खजाना है यहां आनन्द के क्षण व्यतीत करने के लिए भारत का सबसे प्रशांत स्थान ‘द्रोणगिरि’ </title>
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		<pubDate>Fri, 03 May 2024 11:25:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत, जिले से 57 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 86 बड़ामलहरा कस्बा के 7 किमी निकट ,कलकल बहती दो नदियों के मध्य प्राकृतिक सौंदर्यता से भरपूर विशाल गगनचुम्बी जिन मन्दिरों से युक्त सर्व सुविधाओं से सम्पन्न गुरुदत्तादि साढ़े आठ करोड़ मुनिराजों की निर्वाण स्थली लघु सम्मेद शिखर नाम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत, जिले से 57 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 86 बड़ामलहरा कस्बा के 7 किमी निकट ,कलकल बहती दो नदियों के मध्य प्राकृतिक सौंदर्यता से भरपूर विशाल गगनचुम्बी जिन मन्दिरों से युक्त सर्व सुविधाओं से सम्पन्न गुरुदत्तादि साढ़े आठ करोड़ मुनिराजों की निर्वाण स्थली लघु सम्मेद शिखर नाम से विख्यात दिगम्बर जैन तीर्थ ‘द्रोणगिरि’ ऊर्जा के खजाने से भरपूर, देश में अपनी अलग पहिचान रखता है। पढि़ए मनीष शास्त्री विद्यार्थी की पूरी रिपोर्ट</strong></p>
<hr />
<p><strong>द्रोणगिरि।</strong> भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत, जिले से 57 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 86 बड़ामलहरा कस्बा के 7 किमी निकट ,कलकल बहती दो नदियों के मध्य प्राकृतिक सौंदर्यता से भरपूर विशाल गगनचुम्बी जिन मन्दिरों से युक्त सर्व सुविधाओं से सम्पन्न गुरुदत्तादि साढ़े आठ करोड़ मुनिराजों की निर्वाण स्थली लघु सम्मेद शिखर नाम से विख्यात दिगम्बर जैन तीर्थ ‘द्रोणगिरि’ ऊर्जा के खजाने से भरपूर, देश में अपनी अलग पहिचान रखता है। यात्रियों को रुकने के लिए थ्री स्टार लेबेल की वातानुकूलित धर्मशालाएं एवं शुद्ध सात्विक भोजन की पूर्ण व्यवस्था है। आवागमन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त है। द्रोणगिरि की 100 किमी की परिधि में अनेक तीर्थ स्थल हैं एवं 7 से 10 किमी की दूरी पर सेवा भावी जैन समाज के परिवारों से युक्त बड़े कई कस्बे हैं। द्रोणगिरि में संचालित श्री दि0 जैन गुरुदत्त उदासीन आश्रम भारत में अपनी अलग पहचान रखता है। इस आश्रम में गृहस्थ, एकल एवं पति-पत्नी जोड़ी से एवं त्यागी व्रती, साधु संत रहकर आत्म साधना करते हैं।आश्रम में (365 दिन) प्रति दिन चौका लगता है। वर्तमान में महान तपस्वी, विद्वान मुनि श्री आदिश सागर जी मुनि महाराज विराजमान हैं। उनकी आहारचर्या एवं स्वाध्याय का लाभ भी सभी को मिल रहा है। त्यागी व्रतियों,गृहिस्थजनों की आवास एवं भोजन की सभी व्यवस्था नि:शुल्क है। बच्चों के उच्च शिक्षत होने के कारण बच्चे देश, विदेशों में दूर रह रहे हैं। माता- पिता एकांत जीवन व्यतीत कर रहे हैं। किसी की वृद्ध अवस्था भी है एवं जो श्रावक आत्म साधना करना चाहते हैं उन सभी के लिए उदशीन आश्रम अनूठा स्थान है। गृहस्थ जनों को चाय, दूध, स्वल्पहार, मध्यान्ह अल्पाहार एवं सुबह शाम शुद्ध, सात्विक, पौष्टिक भोजन सुविधा उपलब्ध है। परिवार जैसा वातावरण है, स्वध्याय हेतु बड़ा पुस्तकालय है। आश्रम परिसर में ही अति मनोज्ञ, चमत्कारी सहस्त्र फणी पाश्र्वनाथ भगवान का मंदिर है।</p>
<p>चिकित्सा की सुविधाएं &#8211; प्राथमिक उपचार द्रोणगिरि एवं निकट बड़ामलहरा, छतरपुर में सभी सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल हैं। आश्रम के कुएं का जल अमृत तुल्य है, हजार रोगों की दवा तो अकेले यहां के कुएं के जल में है। आयुर्वेदिक औषधालय है। आश्रम के गेट से आवागमन के हर 5 मिनिट में पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं। जो साधु संत, त्यागी व्रती, एकल, युगल गृहस्थ अल्प समय या स्थाई रूप से यहां रहकर साधना करना चाहते हों आनन्द का जीवन व्यतीत करना चाहते हों उनका स्वागत है। कमेटी उनकी सेवा के लिए तत्पर है।</p>
<p>परस्परोपग्रहो जीवानाम &#8211; जो भी महानुभाव चाहते हैं कि हम अप्रत्यक्ष रूप से भी सेवा करें, तो आप अपनी पूण्य से अर्जित चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग आहार दान, औषधि दान, दूध, फल, राशन के रूप में करना चाहते हैं उन सभी दातारों का स्वागत है। भागचन्द जैन पीलीदुकान बड़ामलहरा अधिष्ठाता, संतोष कुमार घड़ी सागर अध्यक्ष प्रबन्ध समिति, महेंद्र कुमार जैन एल आई सी महामंत्री ट्रस्ट, गजेंद्र जैन मंडी बड़ामलहरा मंत्री प्रबन्ध समिति, हरिश्चंद जैन मुंगवारी कोषाध्यक्ष प्रबन्ध समिति, श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट एवं प्रबन्ध समिति द्रोणगिरि जिला छतरपुर। देशों में दूर रह रहे हैं। माता- पिता एकांत जीवन व्यतीत कर रहे हैं। किसी की वृद्ध अवस्था भी है एवं जो श्रावक आत्म साधना करना चाहते हैं उन सभी के लिए उदशीन आश्रम अनूठा स्थान है। गृहस्थ जनों को चाय, दूध, स्वल्पहार, मध्यान्ह अल्पाहार एवं सुबह शाम शुद्ध, सात्विक, पौष्टिक भोजन सुविधा उपलब्ध है। परिवार जैसा वातावरण है, स्वध्याय हेतु बड़ा पुस्तकालय है। आश्रम परिसर में ही अति मनोज्ञ, चमत्कारी सहस्त्र फणी पाश्र्वनाथ भगवान का मंदिर है।</p>
<p>चिकित्सा की सुविधाएं &#8211; ंप्राथमिक उपचार द्रोणगिरि एवं निकट बड़ामलहरा, छतरपुर में सभी सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल हैं। आश्रम के कुएं का जल अमृत तुल्य है, हजार रोगों की दवा तो अकेले यहां के कुएं के जल में है। आयुर्वेदिक औषधालय है। आश्रम के गेट से आवागमन के हर 5 मिनिट में पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं। जो साधु संत, त्यागी व्रती, एकल, युगल गृहस्थ अल्प समय या स्थाई रूप से यहां रहकर साधना करना चाहते हों आनन्द का जीवन व्यतीत करना चाहते हों उनका स्वागत है। कमेटी उनकी सेवा के लिए तत्पर है।</p>
<p>परस्परोपग्रहो जीवानाम &#8211; जो भी महानुभाव चाहते हैं कि हम अप्रत्यक्ष रूप से भी सेवा करें, तो आप अपनी पूण्य से अर्जित चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग आहार दान, औषधि दान, दूध, फल, राशन के रूप में करना चाहते हैं उन सभी दातारों का स्वागत है। भागचन्द जैन पीलीदुकान बड़ामलहरा अधिष्ठाता, संतोष कुमार घड़ी सागर अध्यक्ष प्रबन्ध समिति, महेंद्र कुमार जैन एल आई सी महामंत्री ट्रस्ट, गजेंद्र जैन मंडी बड़ामलहरा मंत्री प्रबन्ध समिति, हरिश्चंद जैन मुंगवारी कोषाध्यक्ष प्रबन्ध समिति, श्री गुरुदत्त दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट एवं प्रबन्ध समिति द्रोणगिरि जिला छतरपुर।</p>
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		<title>परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आने पर सिद्धायतन के छात्रों को बधाई छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं  </title>
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		<pubDate>Fri, 26 Apr 2024 06:37:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समन्तभद्र शिक्षण संस्थान विद्यालय की कक्षा 6 से 10 वीं तक तथा कक्षा 8 वीं एवं 10 वीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आने पर खुशी जाहिर की गई। सत्र 2023 &#8211; 24 में बोर्ड के परीक्षा परिणाम में कक्षा 8 में 27 में 27 छात्र उत्तीर्ण रहे, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समन्तभद्र शिक्षण संस्थान विद्यालय की कक्षा 6 से 10 वीं तक तथा कक्षा 8 वीं एवं 10 वीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आने पर खुशी जाहिर की गई। सत्र 2023 &#8211; 24 में बोर्ड के परीक्षा परिणाम में कक्षा 8 में 27 में 27 छात्र उत्तीर्ण रहे, तथा कक्षा 10 वीं में 27 में 26 छात्र उत्तीर्ण रहे। कक्षा 8 वीं में 90 प्रतिशत तक बच्चों ने अंक प्राप्त किये एवं दसवीं में 92 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं।<span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा की रिपोर्ट …</span></strong></p>
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<p><strong> द्रोणगिरि</strong> । तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समन्तभद्र शिक्षण संस्थान विद्यालय की कक्षा 6 से 10 वीं तक तथा कक्षा 8 वीं एवं 10 वीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आने पर खुशी जाहिर की गई। सत्र 2023 &#8211; 24 में बोर्ड के परीक्षा परिणाम में कक्षा 8 में 27 में 27 छात्र उत्तीर्ण रहे, तथा कक्षा 10 वीं में 27 में 26 छात्र उत्तीर्ण रहे। कक्षा 8 वीं में 90 प्रतिशत तक बच्चों ने अंक प्राप्त किये एवं दसवीं में 92 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं।</p>
<p>विद्यालय के प्राचार्य रोहित शास्त्री ने बताया कि हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में अरिहंत जैन -91.6 , अंशुल जैन -90.4 , अभि जैन 88.8 , ऋषित जैन 87.6 , पारस जैन समर्रा -87.2 , पारस जैन गुलगंज -85.2 , गौरव जैन -84.2 , आदीश जैन -83 , सौरभ जैन -82.2 , आदर्श जैन -81.8 , अंकित जैन -80.4 , अशेष जैन -79.6 , संभव जैन -79 , मोहित जैन -78.4 , प्रिस जैन -77.6 , वीर जैन -77.4 , अर्हम जैन -76.6 , सरस जैन -73.2 , अंचल जैन -73 , अर्पित जैन -72.4 , श्रेयांस जैन -71 , उमा राजपूत 70.4 , संदेश जैन -66.8 , ब्रजेन्द्र सिंह-65.4 , अमित प्रजापति -65 प्रतिशत अंक हासिल किए।</p>
<p>माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा के परिणाम में आदर्श जैन -89.5 , अजित जैन -89.5 , अर्हम जैन-89.3 , आगम जैन -87.1 , आशीष जैन -85.5 , संयम जैन -82.8 , तरुण जैन -78.1 , सुलभ जैन -76.1 , नैतिक फुटेरा -73.5 , सुयश जैन-73.5 , प्रिसी राजा -73 , सम्यक जैन बीला-73 , गोविन्द राजपूत -72.5 , नैतिक अमरमऊ-71.5 , पारस बंडा-69.1 , पारस जैन रुरावन-69.1 , शरद जैन -68.3 , अतिशय जैन-68 , सौरभ सिंह -67.6 , सृष्टि घोषी-65.6 , आदि जैन-65.5 , सम्यक जैन घुवारा -65.3 , सार्थक जैन-65 , निसेन्द्र सिंह घोषी-64.5 प्रतिशत अंक हासिल किए ।</p>
<p>तीर्थधाम सिद्धायतन के अध्यक्ष विनोद डेवडिया , मंत्री प्रद्युम्न फौजदार , विद्यालय समिति के अध्यक्ष आलोक दाऊ , मंत्री संतोष जैन , जैन तीर्थ नैनागिरि के अध्यक्ष सुरेश जैन आईएएस , मंत्री राजेश रागी व देवेंद्र लुहारी सहित अनेक महानुभावों ने छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की तथा विद्यालय परिवार शिक्षकों को धन्यवाद दिया है ।</p>
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		<title>कुण्डलपुर में होगा आचार्य पदारोहण समारोह : मुनि श्री प्रमाण सागर जी एवं श्री प्रणम्य सागर जी का हुआ प्रवेश </title>
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		<pubDate>Tue, 02 Apr 2024 06:18:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन धरा पर परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुणायतन प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ एवं अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का सोमवार को मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए रत्नेश जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन धरा पर परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुणायतन प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ एवं अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का सोमवार को मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर।</strong> दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन धरा पर परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुणायतन प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ एवं अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज का सोमवार को मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य मुनि श्री की गाजे-बाजे के साथ भव्य अगवानी की गई। कुंडलपुर में पूर्व से विराजित निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी, निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी, निर्यापक मुनि श्री संभव सागर जी, मुनि श्री प्रभात सागर जी, मुनि श्री चंद्र सागर जी, मुनि श्री आनंद सागर जी, मुनि श्री निर्णय सागर जी, मुनि श्री अजितसागर जी, मुनि श्री विनम्र सागर जी, मुनि श्री विराटसागर जी, मुनि श्री विशद सागर जी ससंघ, आर्यिकारत्न तपोमती माताजी ससंघ, आर्यिका रत्न ऋजुमती माताजी ससंघ, आर्यिकारत्न चिंतनमति माताजी ससंघ, आर्यिकारत्न श्री सोम्यमति माताजी ससंघ आदि का मंगल मिलन हुआ।</p>
<p><iframe title="मुनि श्री प्रमाण सागर जी एवं श्री प्रणम्य सागर जी का हुआ प्रवेश" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/jdqS2XlUwr8?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p><strong>जारी है आगमन</strong></p>
<p>कुंडलपुर महामहोत्सव मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा तथा राजेश रागी बकस्वाहा ने बताया कि कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महामहोत्सव हेतु आचार्य श्री के समस्त शिष्य मुनि आदि ससंघों का निरंतर आगमन और मिलन हो रहा है। इसी क्रम में शनिवार को पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अजितसागर जी महाराज ससंघ 5 मुनिराज, पूज्य मुनि श्री प्रयोगसागर जी महाराज ससंघ तीन मुनिराज, पूज्य मुनि श्री सौम्यसागर जी महाराज ससंघ 6 मुनिराज ,पूज्य मुनि श्री निर्दोष सागर जी मुनिराज ससंघ तीन मुनिराज का मंगल प्रवेश कुंडलपुर में हुआ। इस अवसर पर कुंडलपुर में पूर्व से विराजित पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि तथा अन्य मुनि ऐलक, क्षुल्लक, आर्यिका आदि साधु-संतों व माताजी ससंघ आदि का मंगल मिलन हुआ । इस अवसर पर कुंडलपुर में बड़ी संख्या में उपस्थित यात्रीगण, ब्रह्मचारी भैया जी, दीदी जी, कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी पदाधिकारी सदस्य, महोत्सव समिति के संयोजक, सहसंयोजक ,प्रभारी सदस्य गण, कुंडलपुर जैन समाज आदि की उपस्थिति रही।</p>
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		<title>सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि में हुई थी प्रथम मुनि दीक्षा : निर्यापक श्रमण श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस मनाया गया </title>
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		<pubDate>Tue, 02 Apr 2024 06:15:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्यों के बीच पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस भव्यता के साथ मनाया गया। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; कुण्डलपुर। दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान संत शिरोमणि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्यों के बीच पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस भव्यता के साथ मनाया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर।</strong> दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्यों के बीच पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस भव्यता के साथ मनाया गया। कुण्डलपुर महामहोत्सव की मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा तथा राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने बताया कि इस अवसर पर पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज ने कहा कि आज ज्येष्ठ श्रेष्ठ प्रथम मुनि श्री समयसागर जी महाराज का 45वां मुनि दीक्षा दिवस है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-58018" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002.jpg" alt="" width="1280" height="576" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240402-WA0002-990x446.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /> समय शब्द के बहुत अर्थ होते हैं। हम सब तो समय का ध्यान करने ही वाले हैं। समय का सदुपयोग करो, गुरु मुख से कई बार सुना है। अब हमें समझ में आ रहा है उनके कहे वाक्य का अर्थ। पूज्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कई संस्मरण सुनाते हुए बताया कि गुरुदेव ने 10 निर्यापक मुनिराज को संघ की व्यवस्था करने की जवाबदारी दी है। जो सब मिलकर संघ को सुव्यवस्थित करेंगे। मुनि समय सागर जी की मुनि दीक्षा आज ही के दिन श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के कर कमलों से हुई थी।</p>
<p>निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज , मुनि श्री प्रवोध सागर जी महाराज, मुनि श्री प्रशस्तसागर जी महाराज, मुनि श्री निश्चय सागर जी महाराज, मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज, आर्यिकारत्न श्री चिंतनमति माताजी ने पूज्य निर्यापक श्रमण श्री समयसागर जी महाराज के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सभी मुनिराज, आर्यिका माता जी के साथ बड़ी संख्या में श्रावक- श्राविकाओं की उपस्थिति रही।</p>
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		<title>तीर्थधाम सिद्धायतन में विदाई समारोह और स्मरणांजलि सभा आयोजित : अतिथियों ने कहा संस्था ने जो संस्कार दिये उन्हें अक्षुण्ण बनाये रखना </title>
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		<pubDate>Thu, 29 Feb 2024 11:47:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि की तलहटी में श्री गुरुदत्त कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट द्वारा स्थापित तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समंतभद्र शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का विदाई समारोह गरिमामयी उपस्थिति में स्वाध्याय भवन में आयोजित किया गया। पढ़िए राजेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; बड़ामलहरा। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि की तलहटी में श्री गुरुदत्त कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट द्वारा स्थापित तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समंतभद्र शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का विदाई समारोह गरिमामयी उपस्थिति में स्वाध्याय भवन में आयोजित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बड़ामलहरा।</strong> बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि की तलहटी में श्री गुरुदत्त कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट द्वारा स्थापित तीर्थधाम सिद्धायतन में संचालित श्री समंतभद्र शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का विदाई समारोह गरिमामयी उपस्थिति में स्वाध्याय भवन में आयोजित किया गया। विद्यालय समिति के अध्यक्ष आलोक दाऊ ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि घुवारा नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदमचंद जैन ने सिद्धायतन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुये संस्था के नींव के पत्थर स्व.मा.चंद्रभान जैन एवं स्व.डा. शीतल प्रसाद फौजदार की मेहनत और लगन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्था शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है। संस्था द्वारा संस्कारित शिक्षा देकर बच्चों का भविष्य उज्ज्वल किया जा रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सिद्धायतन ट्रस्ट के मंत्री प्रद्युम्न फौजदार ने कहा कि ट्रस्ट की स्थापना के बाद 2003 में विद्यालय की स्थापना की गई थी जिसमें मात्र तीन ही विद्यार्थी थे लेकिन वर्तमान में शताधिक से अधिक विद्यार्थी संस्था में अध्ययनरत है जो यहां से जाकर अन्य अनेक संस्थाओं में अध्ययन कर विभिन्न शासकीय और अशासकीय संस्थाओं में कार्यरत है। प्रद्युम्न फौजदार ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये कहा कि यहां मिले संस्करों को आत्मसात कर आगे बढ़ें तथा ऐसे कार्य करें जिसमें संस्था के साथ-साथ माता-पिता,गांव और देश का नाम रोशन हो। इस दौरान शिक्षण संस्थान के सदस्य अरविंद जैन तथा ज्ञानोदय भोपाल से पधारे युवा विद्वान शुभम शास्त्री ने भी सारगर्भित उद्वोधन दिया। विदाई समारोह के कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा 9 वीं के छात्र रौनक जैन एवं हर्ष जैन ने किया तथा मंगलाचरण अनुराग जैन कक्षा 9 वीं, स्वागत गीत शुलभ जैन कक्षा 8वीं विदाई गीत हर्ष जैन कक्षा 9 वीं के द्वारा प्रस्तुत किया गया। कक्षा 10 वीं के छात्र वीर जैन ,आदीश जैन ऋषित जैन के द्वारा  पांच वर्ष के अनुभव बताये गये एवं छात्र सरस जैन जैन द्वारा एक सुन्दर दिनचर्या बताते हुए गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान कक्षा नवमीं के विद्यार्थियों ने 10 वीं के विद्यार्थियों को उपहार स्वरूप ग्रुप फोटो भेंट किये तथा दसवीं के छात्रो ने विदाई के अवसर पर स्मृति स्वरूप वाशिग मशीन संस्था को भेंट की जबकि ट्रस्ट ने धर्म विशारद के प्रमाण पत्र प्रदान किये।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-56447" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016.jpg" alt="" width="1600" height="719" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-1536x690.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-990x445.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/IMG-20240229-WA0016-1320x593.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />बाल ब्र. रविन्द्र जी को किया याद</strong></p>
<p>तीर्थधाम सिद्धायतन द्रोणगिरि के प्रति हार्दिक वात्सल्य रखते हुए मार्गदर्शन व संरक्षण प्रदान करने वाले बाल ब्रह्मचारी रवीन्द्र जैन आत्मन् (बड़े पंडित जी साहब) का देह वियोग हुए एक माह हो चुकने पर उनके द्वारा ही रचित 64 ऋद्धि विधान के माध्यम से भक्ति, अध्यात्म की स्वर लहरियों द्वारा पंच परमेष्ठी भगवन्तों का गुणानुवाद करते हुए अपने हृदय में समता भाव जागृत कर उनके पद पर चलने की भावना भायी गई तथा उनके सीडी प्रवचन उपरांत स्मरणांजलि सभा आयोजित की गई।</p>
<p><strong>ये रहे उपस्थित</strong></p>
<p>तीर्थधाम सिद्धायतन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद डेवडिया, मंत्री प्रद्युम्न फौजदार, कोषाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद  जैन, उपमंत्री सेवकचंद्र जैन, ट्रस्टी जमुनालाल जैन, उदयचंद जैन, विद्यालय समिति के अध्यक्ष आलोक दाऊ, सचिव संतोष जैन एवं जैन मिलन शाखा के अध्यक्ष संजीव जैन,निखिल जैन,पंकज शास्त्री बड़ामलहरा,भरत सेठ घुवारा के अलावा विद्यालय स्टाफ एवं भारी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्य विद्यासागर महाराज का समाधिमरण : आचार्य श्री को दी विनयांजलि </title>
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		<pubDate>Thu, 29 Feb 2024 07:46:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समतापूर्वक उत्कृष्ट समाधि की अनुमोदना भावपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन श्री दिगंबर सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि में किया गया। द्रोणगिरि ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्यों के साथ क्षेत्रीय एवं स्थानीय समाज ने दीप प्रज्वलन किया। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; द्रोणगिरि (सेंधपा)। आचार्य श्री विद्यासागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समतापूर्वक उत्कृष्ट समाधि की अनुमोदना भावपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन श्री दिगंबर सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि में किया गया। द्रोणगिरि ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्यों के साथ क्षेत्रीय एवं स्थानीय समाज ने दीप प्रज्वलन किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>द्रोणगिरि (सेंधपा)।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समतापूर्वक उत्कृष्ट समाधि की अनुमोदना भावपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन श्री दिगंबर सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरि में किया गया। द्रोणगिरि ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति के सभी पदाधिकारी व सदस्यों के साथ क्षेत्रीय एवं स्थानीय समाज ने दीप प्रज्वलन किया। मंगलाचरण कु. भारती फौजदार ने किया। द्रोणगिरि कमेटी के उपाध्यक्ष राजेश जैन रागी ने बताया कि विनयांजलि सभा में पूज्य गुरुदेव के उपकारों को याद किया और आचार्यश्री द्वारा द्रोणगिरि से समता सागर महाराज की प्रथम मुनि दीक्षा कार्यक्रम तथा चौबीसी जिनालय में विराजमान प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा हेतु आचार्यश्री के सान्निध्य में आयोजित पंचकल्याणक व गजरथ महोत्सव के संस्मरणों को बताया गया। इस मौके पर प्रबंध समिति के मंत्री सनत जैन कुटोरा, उपाध्यक्ष सुशील मोदी, संयुक्त मंत्री निर्मल वारौ व प्रमोद पाटनी, उपमंत्री कैलाश चौधरी, आडीटर नरेन्द्र जैन शिक्षक मुंगवारी, प्रचार मंत्री पं. शुभम शास्त्री बड़ामलहरा, प्रबधन प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य देवेश शास्त्री वलेह, नरेन्द्र पाटन, मा.सुरेशचंन्द्र वारौं, पं. लालचंद, संजीव हरपालपुर, पं. महेश शास्त्री, प्रदीप मासाब घुवारा, सन्तोष कुमार शिक्षक, पं. मयंक द्रोणगिरी, पं.अजय द्रोणगिरी, पं.अंकित रजपुरा, सौरभ जैन मलगुंवा सहित न्यास एवं प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सदस्य, आमंत्रित सदस्य, महासमिति सदस्य, क्षेत्रीय समाज व गणमान्य नागरिकों की उपस्थित रही।</p>
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