<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>देवपुरा बूंदी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Mon, 04 Aug 2025 13:41:07 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>देवपुरा बूंदी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मानव संसार को जानने का प्रयास करता है स्वयं से अनजान रहता है- मुनि सुप्रभ सागर जी : समिति ने पार्श्व मणि का किया अभिनंदन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/man_tries_to_understand_the_world_but_remains_ignorant_of_himself_muni_suprabh_sagar_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/man_tries_to_understand_the_world_but_remains_ignorant_of_himself_muni_suprabh_sagar_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Aug 2025 13:41:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[1008 Sambhavnath Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[1008 संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Devpura Bundi]]></category>
		<category><![CDATA[Dharm Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Vairagya Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Suprabh Sagar ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देवपुरा बूंदी]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री वैराग्य सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुप्रभ सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=86824</guid>

					<description><![CDATA[ 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव संसार को जानने का प्रयास करता है और स्वयं से अनभिज्ञ है संसार को नहीं। देवपुरा (बूंदी) से पढ़िए, यह खबर.. देवपुरा (बूंदी)। श्री 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव संसार को जानने का प्रयास करता है और स्वयं से अनभिज्ञ है संसार को नहीं। <span style="color: #ff0000">देवपुरा (बूंदी) से पढ़िए, यह खबर..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>देवपुरा (बूंदी)</strong>। श्री 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव संसार को जानने का प्रयास करता है और स्वयं से अनभिज्ञ है संसार को नहीं। सबसे पहले स्वयं को जानों। भगवान महावीर स्वामी ने अपने उद्देश्य में कहा कि संसार को नहीं स्वयं को देखने की जरूरत है। संसार को नहीं स्वयं को सुधारने की जरूरत है। स्वयं सुधरेंगे तो संसार स्वयं सुधर जाएगा। वह एक लाइन थी ना शाश्वत निधि का धाम है। क्यों बनता दिन</p>
<p>है उसको बस देख ले निज में होकर लीन। द्रव्य संग्रह ग्रंथ पर आध्यात्मिक प्रवचन देते हुए मुनि श्री ने आगे कहा कि मानव अनादि काल से पुद्ग़ल को ही अपना मान रहा है जबकि जीव ओर पुद्ग़ल भिन्न भिन्न है उन्होंने आगे कहा कि पुद्ग़ल धर्म अधर्म आकाश काल, इनसे न्यारी है जीव चाल</p>
<p>ताकों न जान विपरीत मान निज करें देह में निज पहचान । अर्थात जीव आदिकाल से मतलब शरीर को ही अपना मानता है इसके सुखी रहने पर सुख मानता है और इसके दुखी होने पर दुख मानता है यह बहुत बड़ी विडंबना है जीवन में सदैव जीव द्रव्य को पहचानने के लिए सतत प्रयास करना चाहिए। मुनि श्री वैराग्य सागर जी ने भी धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जैन जैन धर्म दर्शन के अनेकांत और स्वादवाद के सिद्धांत से समस्त समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। आज का मानव मोबाइल को हर समय साथ रखता है। शरीर के नित्य कर्म करते समय भी मोबाइल साथ रखते हैं। जीवन के लिए खतरनाक है। जीवन में सदैव मर्यादा में रहकर उसका उपयोग करे। देवपुरा मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद कोटिया ने बताया कि आज की धर्म सभा में मंगलाचरण राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन &#8220;पार्श्वमणि&#8221; पत्रकार कोटा ने किया। मंगलदीप प्रज्वलन पारस जैन, विनोद जैन खटोड़, अशोक सबदरा ने किया। शास्त्रदान का सौभाग्य प्राप्त सुहाग दशमी के उपवास करने वाली महिलाओं ने किया। धर्मसभा में विगत 35 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पारस जैन पार्श्वमणी ने मेरी भावना शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रम में लागू हो एवं प्रार्थना के रूप में बोली जाए विषय पर भारत की अनेक भाषाओं में प्रकाशित आलेख की फाइल मुनि द्वय केकर कमल में भेंट की। इस अक्सर पर पूर्व सरावगी जैन समाज अध्यक्ष रविंद्र काला भी साथ थे। मंदिर समिति एवं वर्षायोग समिति के पदाधिकारियों द्वारा पारस जैन &#8220;पार्श्वमणि&#8221; पत्रकार का उनकी 35 साल की पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देखते हुए भाव भीना अभिनंदन कर सिर पर पगड़ी पहलनाकर गले में माला पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/man_tries_to_understand_the_world_but_remains_ignorant_of_himself_muni_suprabh_sagar_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वर्षा योग के लिए देवपुरा पहुंचे दिगंबर संत: संतों की अगवानी में उमड़ा जैन समाज </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_saints_reached_devpura_for_varsha_yoga/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_saints_reached_devpura_for_varsha_yoga/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:31:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vardhman Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Bagherwal Hostel]]></category>
		<category><![CDATA[Circuit House]]></category>
		<category><![CDATA[College Road]]></category>
		<category><![CDATA[Devpura Bundi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Gopal Singh Plaza]]></category>
		<category><![CDATA[Grand Procession]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri Vairagya Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Nava Road]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Suprabh Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य वर्धमान सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[कॉलेज रोड़]]></category>
		<category><![CDATA[गोपाल सिंह प्लाजा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देवपुरा बूंदी]]></category>
		<category><![CDATA[नवा रोड]]></category>
		<category><![CDATA[बघेरवाल छात्रावास]]></category>
		<category><![CDATA[भव्य जुलूस]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सर्किट हाउस]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रभ सागर महाराज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84620</guid>

					<description><![CDATA[वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज रोड़ होते हुए बघेरवाल छात्रावास पहुंचा। <span style="color: #ff0000">यहां धर्मसभा हुई। बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बूंदी।</strong> वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए आचार्य वर्धमान सागरजी के शिष्य सुप्रभ सागर महाराज व मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज का सोमवार को प्रातः देवपुरा बूंदी में भव्य जुलूस के साथ मंगल प्रवेश हुआ। सुबह रजत गृह कॉलोनी में स्थित शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मुनिश्री का भव्य जुलूस प्रारंभ हुआ। जो नैनवा रोड, गोपाल सिंह प्लाजा, सर्किट हाउस, कॉलेज रोड़ होते हुए बघेरवाल छात्रावास पहुंचा। एक किमी की शोभायात्रा में जुलूस के आगे दो घुड़सवार घोड़ी पर बैठकर जैन ध्वज लेकर आगे चल रहे थे। उसके पीछे जैन संस्कार महिला मंडल बड़े-बड़े श्रीफल लेकर गुजराती रंग बिरंगी छत्रियां के साथ संभवनाथ पाठशाला देवपुरा बूंदी के नन्हें-मुन्ने बालक बालिकाएं रंग बिरंगे गुब्बारे के ध्वज लेकर चल रहे थे। इसके साथ देवपुरा पाठशाला महिला मंडल की महिलाएं जैन धर्म के आचार्यों की तख्तियां तथा मुनि वैराग्य सागर महाराज व सुप्रभ सागर महाराज की तख्तियां लेकर चल रही थी। जिन शासन प्रभावना महिला मंडल आसमान में जैन ध्वज लहरा रही थी।</p>
<p><strong> पुण्य कार्य से धर्म की उंचाइयों को छुआ जा सकता है</strong></p>
<p>मुनिश्री की अगवानी में दिगम्बर जैन समाज बून्दी के साथ साथ कोटा व आसपास का जैन समाज भी उमड़ पड़ा। मुनिश्री के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए तथा पाद प्रक्षालन व आरती उतारी गई। शोभायात्रा में रजत महिला मंडल का जयघोष, सकल जैन समाज महिला मंडल का नमोस्तु जयघोष आकर्षण का केन्द्र रहा। शोभा यात्रा का संचालन संभवनाथ नवयुवक मंडल देवपुरा के युवा वर्ग कर रहे थे। शोभायात्रा बघेरवाल छात्रावास पर पहुंचते ही धर्मसभा मंे परिवर्तित हो गई। धर्मसभा में मुनि वैराग्य सागर महाराज ने चातुर्मास के महत्व पर कहा कि जिस प्रकार मनुष्य अपने परिश्रम के माध्यम से उंचाइयों को छूता है। उसी प्रकार श्रावक चातुर्मास में अपनी दैनिक चर्या को बदलकर पुण्य कार्य के माध्यम से धर्म की उंचाइयों को छू सकता है।</p>
<p><strong>गुरु के सानिध्य में रहकर मोक्ष मार्ग पा सकते हैं</strong></p>
<p>मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने धर्मसभा में चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चातुर्मास में गुरु भक्ति का श्रावकों को अवसर प्राप्त होता है और उस गुरु भक्ति व धार्मिक कार्यों के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन की दैनिक चर्या में परिवर्तन ला सकता है। मुनिश्री ने कहा कि चातुर्मास में गुरु के सानिध्य में रहकर मोक्ष मार्ग रूपी महल की प्राप्ति कर सकता है। धर्मसभा में भगवान संभवनाथ की तस्वीर पर बघेरवाल प्रांत के केन्द्रीय अध्यक्ष महेंद्र हरसौरा, बूंदी प्रांत के अध्यक्ष महावीर जैन, सकल जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट संजय जैन, संरक्षक त्रिलोकचंद जैन, ओमप्रकाश बड़जात्या, धर्मचंद कोट्या राजेंद्र सामरिया ने दीप प्रज्वलन किया। पाद प्रक्षालन महेंद्र हरसौरा परिवार ने किया। शास्त्र भेंट देवपुरा महिला मंडल ने किया। मंगलाचरण देवपुरा पाठशाला की नन्हीं-मुन्नी बालिकाओं ने किया। संचालन ओमप्रकाश ठग ने किया।</p>
<p><strong>इस अवसर पर यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर सकल जैन समाज के कोषाध्यक्ष रामविलास जैन, मंत्री महावीर धनोप्या, खण्डेलवाल सरावगी समाज के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र काला, देवपुरा दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद कोट्या मंत्री ओमप्रकाश ठग, कोषाध्यक्ष अशोक धानोत्या मुनि सुव्रतनाथ जैन मंदिर मधुबन कॉलोनी के मंत्री नमन जैन, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पदम बरमुण्डा, संयोजक कमल कोटिया, उप संयोजक सुरेश कोटिया महेन्द्र सामरिया, भानू खटोड़, महावीर कोटिया, रितेश धनोप्या, चिराग जैन सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_saints_reached_devpura_for_varsha_yoga/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भौतिक सुख सुविधाओं से सच्चे सुख की प्राप्ति नहीं : मुनि महाराजों का मंगल प्रवेश हुआ </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/true_happiness_cannot_be_achieved_through_material_comforts/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/true_happiness_cannot_be_achieved_through_material_comforts/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 09:09:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Devpura Bundi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Suprabh Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Vairagya Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Suvratnath Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Rajatgrih Colony]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देवपुरा बूंदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री वैराग्य सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सुप्रभ सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन सर्वार्थ सिद्धि जिनालय]]></category>
		<category><![CDATA[रजतगृह कॉलोनी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83682</guid>

					<description><![CDATA[मुनि श्री वैराग्य सागरजी और मुनि श्री सुप्रभ सागर जी का वर्ष 2025 का चातुर्मास देवपुरा बूंदी में होने जा रहा है। दोनों मुनि महाराजों का मंगल प्रवेश 23 जून को मधुबन कॉलोनी में स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। यहां पर मुनिराज धर्म की प्रभावना करते हुए रजतगृह कॉलोनी के साथ-साथ नागदी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि श्री वैराग्य सागरजी और मुनि श्री सुप्रभ सागर जी का वर्ष 2025 का चातुर्मास देवपुरा बूंदी में होने जा रहा है। दोनों मुनि महाराजों का मंगल प्रवेश 23 जून को मधुबन कॉलोनी में स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। यहां पर मुनिराज धर्म की प्रभावना करते हुए रजतगृह कॉलोनी के साथ-साथ नागदी बाजार में भी धर्म प्रभावना करेंगे। <span style="color: #ff0000">बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बूंदी।</strong> आचार्य सुमति सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री वैराग्य सागरजी एवं आचार्य वर्धमान सागर के शिष्य मुनिश्री सुप्रभ सागर जी महाराज का वर्ष 2025 का चातुर्मास देवपुरा बूंदी में होगा। दोनों मुनि महाराजों का मंगल प्रवेश 23 जून को मधुबन कॉलोनी में स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। यहां पर मुनिराज धर्म की प्रभावना करते हुए रजतगृह कॉलोनी के साथ-साथ नागदी बाजार में भी धर्म प्रभावना करेंगे। उसके बाद 7 जुलाई को चातुर्मास के लिए नागदी बाजार से भव्य जुलूस के साथ देवपुरा बूंदी में मंगल प्रवेश होगा।</p>
<p>मधुबन कॉलोनी में स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन में मुनिश्री सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि आज का व्यक्ति भौतिक सुख सुविधाओं से अपनी पहचान मानता है जबकि, सही अर्थ में आत्मा की पहचान करना चाहिए। आत्मा की पहचान करने के लिए ज्ञान का अर्जन करना चाहिए तथा ज्ञान के अर्जन के लिए मनुष्य को सजगता लानी चाहिए। उन्होंने धर्मसभा में कहा कि आज मनुष्य भौतिकता की ओर अपने जीवन को लेकर जाता है लेकिन, असल में आत्म कल्याण ही सत्य मार्ग है। जो विपरीत ज्ञान को रखता है वह व्यक्ति अज्ञानी है। मुनिश्री वैराग्य सागर महाराज ने धर्म सभा में कहा कि देव शास्त्र गुरु की भक्ति करने पर सुंदर रूप की प्राप्ति होती है।</p>
<p>श्रावक को परिवार में रहकर भी षष्ट आवश्यक का पालन करना चाहिए। रागी व्यक्ति सदैव संकलेश्न में जीवन जीता है। चंचल मन कभी आत्म शांति की प्राप्ति नहीं कर सकता। इस अवसर पर दीप प्रज्वलन दुर्लभ जठयानीवाल एवं राजकुमार जैन ने किया। मुनिश्री को शास्त्र भेंट रविंद्र काला, रमेश बडजात्या ने किया। मंगलाचरण शकंुतला बडजात्या ने किया एवं धर्मसभा का संचालन नमन जैन ने किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/true_happiness_cannot_be_achieved_through_material_comforts/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
