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	<title>तीर्थ स्वरूप &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>तीर्थ स्वरूप &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पैसा कमाना जरुरी है धर्म करना उससे भी ज्यादा जरूरी: मुनिश्री आदित्यसागरजी ने जीवन के उन्नयन की चर्चा की  </title>
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		<pubDate>Wed, 27 May 2026 11:13:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को अपनी मंगल देशना तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में प्रवचन देते हुए जीवन के उन्नयन की चर्चा करते हुए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को अपनी मंगल देशना तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में प्रवचन देते हुए जीवन के उन्नयन की चर्चा करते हुए सही जीवन जीने की कला सिखाई। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को अपनी मंगल देशना तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में प्रवचन देते हुए जीवन के उन्नयन की चर्चा करते हुए सही जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने कहा कि धन कमाने की धुन में लोग 60-70 वर्ष तक लगे रहते हैं। धन कमाना जरुरी है, लेकिन धर्म करना उससे भी ज्यादा जरूरी है। मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति भोगों में आसक्ति कम कर संकलेष एवं चिंता रहित समर्पण विश्वास और श्रद्धा पूर्वक भगवान की भक्ति करता है, वह निरोगी रहकर लंबा जीवन जीता है। भोग वृत्ति एवं संकलेषता रोग उत्पन्न करती है। आपने निरोगी एवं सार्थक जीवन जीने की चर्चा करते हुए कहा कि जो व्यक्ति सूर्याेदय के पूर्व उठता और सूर्यास्त के पूर्व भोजन ग्रहण करता है, खानपान में भक्ष-अभक्ष का ध्यान रखता है और भोजन ग्रहण करने के बाद सौ कदम चलता और वज्रासन में बैठता एवं व्यसन मुक्त एवं तनाव रहित धर्ममय जीवन जीता है, उसका जीवन सार्थक जीवन है। प्रवचन के पूर्व मुनि श्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डॉ. जैनेंद्र जैन ने प्रकाश डाला। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर मुनि श्री अप्रमित सागर जी, मुनि श्री सहज सागर जी एवं क्षुल्लक श्री श्रेयस सागर जी महाराज भी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का किया सौभाग्य प्राप्त </strong></p>
<p>प्रारंभ में मंगलाचरण सोनाली बगड़िया ने एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के चित्र का अनावरण एवं चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, संरक्षक प्रकाशचंद जैन, ट्रस्टी निलेश जैन, उज्जवल जैन, रमेश चंद्र जैन ने किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन सुलभ, आकांक्षा, माही एवं आरोही छाबड़ा ने किया। मुनि संघ को शास्त्र भेंट श्री शैलेंद्र, अभिषेक, एवं अतिशय सोनी परिवार ने किए। मुनि श्री के समक्ष श्री हंसमुख गांधी, वीरेंद्र जैन देवरी, आलोक जैन, अतुल जैन एवं अजय जैन रेनबो, अरविंद अखिलेश सोधीया आदि ने श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन ट्रस्ट के महामंत्री विपुल बांझल ने किया।</p>
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		<title>परीक्षा में सफल होने वाले शिविरार्थियों को गिफ्ट प्रमाण पत्र दिए : छत्रपति नगर में धार्मिक शिक्षण शिविर संपन्न  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 11:31:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। इंदौर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। शिविर संयोजिका शुभ्रा जैन ने बताया कि शिविर में 5 से 15 वर्ष तक के 60 बच्चों को सांगानेर से आए युवा विद्वान सौरभ शास्त्री एवं सृजन शास्त्री ने जैन धर्म का प्रशिक्षण देकर उन्हें जैन धर्म से संस्कारित किया एवं देव दर्शन, प्रक्षाल, पूजन, अभिषेक एवं शांतिधारा करने की प्रक्रिया सिखाई और पूजन में प्रयुक्त अष्ट द्रव्य का नाम उनका महत्व एवं 24 तीर्थंकर के नाम एवं उनकी पहचान के चिन्ह भी याद कराए।</p>
<p>इसी प्रकार महिलाओं के लिए भी सायंकालीन शिविर में स्थानीय वरिष्ठ विद्वान भरत शास्त्री ने 40 महिलाओं को छहढाला, आलाप पद्धति का स्वाध्याय कराया एवं जैन धर्म के मूल स्वरूप और जैन धर्म के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी से भी अवगत कराया।</p>
<p><strong>इन्होंने परीक्षा में मारी बाजी </strong></p>
<p>राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शिविर के अंतिम दिन बच्चों एवं महिलाओं की परीक्षा भी हुई। बच्चों के लिए आयोजित जैन धर्म प्रथम भाग की परीक्षा में मीत जैन ने प्रथम, अवनी जैन ने द्वितीय एवं भव्य जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आलाप पद्धति की परीक्षा में सुरेखा प्रदीप जैन प्रथम, सविता मुकेश द्वितीय एवं नेहा सिंघई तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। छहढाला की परीक्षा में अपेक्षा जैन प्रथम, रागिनी जैन द्वितीय एवं एषणा जैन तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण रही। सभी शिविरार्थियों को प्रोत्साहन पुरस्कार एवं परीक्षा में सफल होने वाले शिविरार्थियों को गिफ्ट एवं प्रमाण पत्र दिए गए।</p>
<p><strong>दान के रूप में 61 हजार की निधि प्रदान की</strong></p>
<p>इस अवसर पर जिनालय ट्रस्ट द्वारा युवा विद्वान भरत शास्त्री, सौरभ शास्त्री एवं सृजन शास्त्री का सम्मान किया गया एवं ट्रस्ट द्वारा श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर को ज्ञान दान के रूप में 61 हजार की निधि प्रदान की गई। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, डॉ. जैनेंद्र जैन, कमल जैन, कैलाश जैन नेता, सोनू बेगमगंज एवं महिला मंडल की शुभ्रा जैन, मनीष जैन, वैशाली जैन, सोनाली बागड़िया, सुनीता नायक साधना जैन आदि महिला नेत्री उपस्थित थीं।</p>
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		<title>श्री जिनबिंब पंच कल्याणक महोत्सव के पात्रों का चयन : महोत्सव 3 अप्रैल से होगा आरंभ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:43:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चंदा प्रभु जिनालय मल्हारगंज में रजत चौबीसी का जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मुनिश्री विमलसागर जी मुनिराज ससंघ के सान्निध्य में इंदौर की पुण्य वसुधा पर 3 से 9 अप्रैल तक दलालबाग में श्री 1008 रजतमय चौबीसी जिनबिम्ब पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव होने जा रहा है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। मां अहिल्या की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>चंदा प्रभु जिनालय मल्हारगंज में रजत चौबीसी का जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मुनिश्री विमलसागर जी मुनिराज ससंघ के सान्निध्य में इंदौर की पुण्य वसुधा पर 3 से 9 अप्रैल तक दलालबाग में श्री 1008 रजतमय चौबीसी जिनबिम्ब पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> मां अहिल्या की नगरी इंदौर स्थित चंदा प्रभु जिनालय मल्हारगंज में रजत चौबीसी का जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मुनिश्री विमलसागर जी मुनिराज ससंघ के सान्निध्य में इंदौर की पुण्य वसुधा पर 3 से 9 अप्रैल तक दलालबाग में श्री 1008 रजतमय चौबीसी जिनबिम्ब पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव</p>
<p><strong> होने जा रहा है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि </strong></p>
<p>जिसके महापात्रों एवं पात्रों का चयन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय के ऋषभ सभागृह में बुधवार को मुनि श्री विमल सागर जी एवं अनंत सागर जी के मंगल सानिध्य में एवं बालब्रह्मचारी विनय भैया जी के निर्देशन में चयन हुआ। महामहोत्सव के भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य गौतम शोभा जैन ने प्राप्त किया। महोत्सव में ध्वजारोहण करने का सौभाग्य बीड़ी वाले परिवार के राजीव मीना जैन ने प्राप्त किया। महोत्सव के सौधर्म इंद्र परवार समाज के अध्यक्ष राजेश जैन लारेल के पुत्र सिद्धार्थ राबी जैन ने प्राप्त किया। महोत्सव के कुबेर इंद्र शशांक प्रीसी जैन लारेल परिवार,महायज्ञनायक</p>
<p>हेमंत संगीता मोदी, यज्ञनायक शरद सीमारावत परिवार महेंद्र विनोद जैन, राजा श्रेयांश राजकुमार, अशोक कुमार, पंकज पिंकी जैन ग्वालियर वाले सियागंज, राजा सोम देवेंद्र सीमा डीके परिवार बनाए गए। इन सभी सौभाग्यशाली परिवार को दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, भूपेंद्र जैन, कमल जैन, मुकेश जैन, एनके जैन, मनीष नायक, राहुल जैन अखिलेश सोधिया आदि ने बधाई दी।</p>
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