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	<title>तीर्थक्षेत्र &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड अंचल का दो दिवसीय आंचलिक अधिवेशन : तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए संकल्पित होने का समय </title>
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		<pubDate>Fri, 12 Apr 2024 11:49:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार यह तीर्थंकर पार्श्वनाथ की केवलज्ञान भूमि है , यहीं पार्श्वनाथ भगवान पर घोर उपसर्ग भी किया था। यहां चमत्कार के अनेक कथानक उपलब्ध हैं। विक्रम की छठी शताब्दी में इसी भूमि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार यह तीर्थंकर पार्श्वनाथ की केवलज्ञान भूमि है , यहीं पार्श्वनाथ भगवान पर घोर उपसर्ग भी किया था। यहां चमत्कार के अनेक कथानक उपलब्ध हैं। विक्रम की छठी शताब्दी में इसी भूमि पर पात्रकेसरी  के द्वारा धर्म प्रभावना की गई थी। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड अंचल का दो दिवसीय आंचलिक अधिवेशन पर <span style="color: #ff0000">पढ़िए डॉ सुनील जैन संचय का विशेष आलेख</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong>  श्री  पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र अहिक्षेत्र,  रामनगर किला (बरेली) उत्तर प्रदेश में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड अंचल का दो दिवसीय आंचलिक अधिवेशन 30-31 मार्च 2024 को सम्पन्न हुआ। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड का मंत्री होने के नाते इस आयोजन में मैं भी शामिल हुआ।</p>
<p>श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार यह तीर्थंकर पार्श्वनाथ की केवलज्ञान भूमि है, यहीं पार्श्वनाथ भगवान पर घोर उपसर्ग भी किया था। यहां चमत्कार के अनेक कथानक उपलब्ध हैं।विक्रम की छठी शताब्दी में इसी भूमि पर पात्रकेसरी  के द्वारा धर्म प्रभावना की गई थी। प्राचीन कुएं के चमत्कार की भी किवदंती प्रसिद्ध है, पास ही पात्र केसरी जी के चरण बने हुए हैं। भव्य चौबीसी भी है। मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के अतिशय की प्रसिद्धि के कारण यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है, जो मैंने रविवार 31 मार्च को स्वयं देखा। मैं खुद  प्रातः मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक करने लंबी कतार में लगकर लगभग एक घंटे बाद कर पाया। प्रतिमा दर्शनीय, आकर्षक, दिव्य और भव्य है। मान्यता है कि मूलनायक पार्श्वनाथ की वेदी का निर्माण देवताओं ने किया था। क्षेत्र कमेटी ने आवास भोजन आदि की सुंदर व्यवस्था की। पूरा आयोजन उत्तर प्रदेश उत्तरांचल तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जवाहर लाल जैन  सिकंदराबाद के संयोजन में हुआ। जहाँ नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष समाज श्रेष्ठि जम्बुप्रसाद जी, महामंत्री संतोष जी पेंडारी का भावभीना अभिनन्दन , स्वागत किया गया वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के विस्तार की भी घोषणा की गई जिसमें उपाध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के नामों की घोषणा की गई।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड के आंचलिक अधिवेशन में राष्ट्रीय कमेटी के पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर तीर्थों के संरक्षण और संवर्द्धन पर विचार मंथन किया। जैन तीर्थ क्षेत्रों का विकास एवं प्राचीनता पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।</p>
<p>भारत के संपूर्ण सांस्कृतिक वैभव के निर्माण और विकास में श्रमण संस्कृति और कला का अनुपम योगदान है। तीर्थक्षेत्र हमारी आस्था, श्रद्धा के केन्द्रबिन्दु हैं। मूर्तियां, तीर्थ क्षेत्र एवं वास्तुकला के विशिष्ट प्रतिमान हैं। ऐसे स्थानों पर जाकर हम संस्कारित होते हैं।  प्राचीन तीर्थ क्षेत्र, मंदिर हमारे अतीत के गौरव हैं।  तीर्थक्षेत्रों, पवित्र स्थानों के आसपास मांस, मदिरा की दुकानें नहीं होनी चाहिए। तीर्थक्षेत्र हमारी संस्कृति, आस्था के प्रतीक हैं । अनेक स्थानों पर हमारी विरासत बिखरी पड़ी है। उसको सहेजने की जरूरत है। जगह-जगह प्राचीन तीर्थक्षेत्र हैं, ये हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान हैं। इनके संरक्षण के लिए आगे आएं। प्राचीन धरोहरों को सुरक्षित, स्वच्छ रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्तव्य है। सभी इनके संरक्षण के लिए तन, मन और धन  और समय का दान करें। इतिहास को संजोना सभी का कर्तव्य है।</p>
<p>अनेक प्राचीन ऐतिहासिक विरासत समेटे अतिशय व सिद्ध क्षेत्र हैं। ये हमारी विरासत की अमूल्य धरोहर और हमारी पहचान हैं। हमारे ये तीर्थ हमारी आन-बान-शान हैं ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि इनके संरक्षण और संबर्द्धन के लिए हम आगे आएं।</p>
<p>इसके लिए जल्द ही निर्धारित प्रोफार्मा पर पूरे देश के तीर्थों का सर्वेक्षण कर पूरी जानकारी सुरक्षित कर लेना चाहिए।</p>
<p>जहाँ हमारे तीर्थ हैं और जैन समाज नगण्य है वहाँ कुछ कमजोर स्थिति वाले जैन परिवारों को रोजगार देकर बसाया जाय। एक उच्च स्तरीय ऐसी अंतरराष्ट्रीय कमेटी बने जिसमें बहुत अधिक प्रभावशाली जैन प्रशासनिक, जज, वकील ,राजनेता,प्रोफेशनल, प्रशासनिक अधिकारी और बहुत बड़े उद्योगपति हों । सत्ता का साथ देकर उससे सहयोग लेने की नीति ही एक मात्र मार्ग है जिससे चल अचल तीर्थों का संरक्षण किया जा सकता है ।आशा है इस दिशा में तीर्थक्षेत्र कमेटी के नए अध्यक्ष और उनकी टीम तत्परता से ध्यान देगी।</p>
<p>आज अनेक तीर्थ स्थलों की दशा अच्छी नहीं है, आए दिन हमारे तीर्थों पर हो रहे अतिक्रमण, अबैध कब्जे आदि की घटनाएं किसी से छिपी नहीं हैं , यह गंभीर चिंतन का विषय है। तीर्थ स्थलों के विकास की रफ्तार कभी नहीं रुकना चाहिए, तीर्थ स्थल हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती है, इसे बचाने के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा, क्योंकि तीर्थ स्थलों की स्थिति काफी बिगड़ी हुई है, तीर्थ स्थलों की दशा सुधारने की जरूरत है, हम सभी समाज जनों को मजबूती के साथ कार्य करना पड़ेगा। जैन तीर्थ की दशा एवं दिशा पर चिंतन होना बहुत आवश्यक है, समाज एकजुट होना भी बहुत जरूरी है।</p>
<p>अपनी संस्कृति आदि की समृद्धि के लिए जहाँ आवश्यकतानुसार नये मंदिरों, तीर्थों का सृजन आवश्यक है, वहीं अनिवार्य रूप में प्राचीन तीर्थों का संरक्षण और जीर्णोद्धार इन दोनों का समन्वय आवश्यक है।</p>
<p>दो दिवसीय अधिवेशन में अनेक सुझाव और विचार आए, आशा करता हूँ नए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रेष्ठि जम्बुप्रसाद जी जैन धरातल पर जल्द ही योजनाओं को उतारेंगे, उन्होंने अपना विजन भी पुस्तिका के रूप में जारी किया है। उत्तर प्रदेश के तीर्थों की स्मारिका का भी विमोचन हुआ है। प्रांतीय कमेटियों का आयोजन एक अच्छी पहल है जो शुरू की गई है आशा करता हूँ आगामी समय में और अधिक व्यवस्थित रूप से ऐसे आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी। शुरुआत अच्छी है परन्तु आगे और अधिक व्यवस्थित और सार्थक आयोजन होंगे ऐसी आशा करता हूँ।</p>
<p>अभी सोशल मीडिया पर जारी एक खबर ने चिंता बढ़ा दी थी,  जिसमें बताया गया था कि  टोड़ी आक्शन, मुंबई द्वारा ताजमहल पैलेस में प्रस्तावित क्लासिकल इंडियन आर्ट, नीलामी किए जाने के लिए अपनी वेबसाइट पर प्राचीन पूज्य जैन तीर्थंकर की 17 प्रतिमाओं को 16 अप्रैल 2024 को नीलामी की जाएगी।  तीर्थक्षेत्र कमेटी, महासभा, विश्व जैन संगठन आदि ने भी इस दिशा में त्वरित कार्यवाही के लिए पत्र लिखा। सभी लोगों, संस्थाओं की जागरूकता की वजह से यह नीलामी रद्द हुई और संबंधित व्यक्ति ने माफी भी मांगी।</p>
<p>यह हमारी एकजुटता, जागरूकता की निशानी है। ऐसे ही हमें अपनी संस्कृति, विरासत को बचाने के लिए सदैव जागरूक रहना होगा।अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन प्रतिमाओं को अपने कब्जे में लिया जाय।</p>
<p>आओ सभी मिलकर तीर्थ क्षेत्रों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए आगे आएं।</p>
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		<title>तरुण मित्र परिषद ने की भेंट : बुजुर्ग दर्शनार्थियों के लिए प्रदान की व्हील चेयर </title>
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		<pubDate>Thu, 08 Jun 2023 04:47:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय संस्था तरुण मित्र परिषद, दिल्ली द्वारा तीर्थक्षेत्र ललितपुर में आयोजित एक सादे समारोह में बुजुर्ग दर्शनार्थियों हेतु व्हील चेयर प्रदान की गईं।पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230; ललितपुर। अखिल भारतीय संस्था तरुण मित्र परिषद, दिल्ली द्वारा तीर्थक्षेत्र ललितपुर में आयोजित एक सादे समारोह में बुजुर्ग दर्शनार्थियों हेतु व्हील चेयर प्रदान की गईं। तरुण मित्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अखिल भारतीय संस्था तरुण मित्र परिषद, दिल्ली द्वारा तीर्थक्षेत्र ललितपुर में आयोजित एक सादे समारोह में बुजुर्ग दर्शनार्थियों हेतु व्हील चेयर प्रदान की गईं।<span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> अखिल भारतीय संस्था तरुण मित्र परिषद, दिल्ली द्वारा तीर्थक्षेत्र ललितपुर में आयोजित एक सादे समारोह में बुजुर्ग दर्शनार्थियों हेतु व्हील चेयर प्रदान की गईं। तरुण मित्र परिषद के महासचिव अशोक जैन ने बताया कि परिषद द्वारा ऐसे बुजुर्ग दर्शनार्थी, जो स्वयं चलने फिरने में असमर्थ होते हैं लेकिन देव दर्शन की चाह रखते हैं, उनको सहयोग हेतु धार्मिक स्थलों को व्हील चेयर प्रदान की जाती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अभिनंदनीय तीर्थक्षेत्र के मंत्री डॉक्टर अक्षय जैन टडैया ने तरुण मित्र परिषद के कार्यकलापों, विशेषकर दिव्यांग शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद मानवों की सेवा सहायता की भरपूर प्रशंसा की।</p>
<p>इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि नगर पालिका पार्षद आलोक जैन मयूर ने अपने करकमलों से मंदिर प्रबंधन को व्हील चेयर प्रदान की। संयोजक समकित जैन ने बताया कि भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री सुरेश बाबू जैन, एडवोकेट के आग्रह पर एक व्हील चेयर देवगढ़ जैन मंदिर को भी भेंट की गई। इस अवसर पर प्रबंधक राजेन्द्र थनवारा, जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेन्द्र जैन, शशांक जैन एडवोकेट और स्नेह लता जैन भी उपस्थित थे।</p>
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		<title>जिनवाणी मां एवं अन्य शास्त्रों के रख-रखाव का अवलोकन :  सिहोनियां जैन मंदिर में की गई जिनवाणी की सामूहिक साजसज्जा </title>
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		<pubDate>Tue, 16 May 2023 12:20:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जिनवाणी सुरक्षा एवं साजसज्जा कार्यक्रम के तहत सिहोनियां जैन मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; मुरैना। जिनवाणी सुरक्षा एवं साजसज्जा कार्यक्रम के तहत सिहोनियां जैन मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिनवाणी सुरक्षा संयोजिका सरिता जैन एवं कल्पना जैन ने बताया कि 24 मई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जिनवाणी सुरक्षा एवं साजसज्जा कार्यक्रम के तहत सिहोनियां जैन मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जिनवाणी सुरक्षा एवं साजसज्जा कार्यक्रम के तहत सिहोनियां जैन मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिनवाणी सुरक्षा संयोजिका सरिता जैन एवं कल्पना जैन ने बताया कि 24 मई को श्रुत पंचमी का महापर्व जैन मंदिरों एवं घर-घर में भक्तिभाव से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जैन समाज की महिला टीम ने अतिशय क्षेत्र सिहोनियां जी पहुंचकर मन्दिर जी में विराजमान जिनवाणी मां एवं अन्य शास्त्रों के रखरखाव का अवलोकन किया। जैन समाज की महिलाओं द्वारा सिहोनियां जैन मन्दिर में विराजमान सभी शास्त्रों एवं जिनवाणियों की साफ-सफाई की। जीर्ण-शीर्ण पुस्तकों पर जिल्द एवं कागज के कवर चढ़ाए गए। जो शास्त्र पुराने बस्त्रों में रखे हुए थे, उन्हें नवीन वस्त्रों में रखा गया। सभी प्रकार के धर्म ग्रंथों को सुरक्षात्मक तरीके से सजाया गया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-44190" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM.jpeg" alt="" width="1599" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM.jpeg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-300x225.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-768x576.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-1536x1153.jpeg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-74x55.jpeg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-111x83.jpeg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-215x161.jpeg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-990x743.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-16-at-5.39.03-PM-1320x991.jpeg 1320w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" /></p>
<p><strong>अन्य मंदिरों में भी आयोजन</strong></p>
<p>अन्य दिनों में भी &#8220;चलो सजाएं शास्त्र, करें श्रृंगार मां जिनवाणी&#8221; आयोजन के तहत धार्मिक शास्त्र एवं ग्रंथों की आकर्षक साज-सज्जा अन्य मंदिरों में भी की जाएगी। मां जिनवाणी सुरक्षा एवं साज सज्जा अभियान, मुरैना की संयोजिका वीरांगना सरिता जैन एवं कल्पना जैन ने अपनी टीम के साथ सिहोनियां जी मन्दिर पहुचीं। उनकी टीम में बीना जैन, पारुल जैन, श्वेता जैन, रुचि जैन मुख्य रूप से सम्मिलित रहीं। महिलाओं की टीम ने अन्य सभी लोगों से इस अभियान में सम्मिलित होकर सहयोग प्रदान करने की अपील की है।</p>
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		<title>इंदौर में थोड़ी दूर पर है यह अतिशय क्षेत्र : क्या हवा में उड़ कर आए इस मंदिर के बारे में जानते हैं आप </title>
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		<pubDate>Tue, 25 Apr 2023 03:27:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर से 40 किमी दूर अतिशय तीर्थ क्षेत्र बनेडिया जी मंदिर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है। इस मंदिर का संबंध स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर यहां बनाया नहीं गया था बल्कि यह हवा में उड़ कर आया हुआ है। इसलिए इस मंदिर की नींव नहीं है। पढ़िए राजीव सिंघाई की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंदौर से 40 किमी दूर अतिशय तीर्थ क्षेत्र बनेडिया जी मंदिर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है। इस मंदिर का संबंध स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर यहां बनाया नहीं गया था बल्कि यह हवा में उड़ कर आया हुआ है। इसलिए इस मंदिर की नींव नहीं है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघाई की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> इंदौर से 40 किमी दूर अतिशय तीर्थ क्षेत्र बनेडिया जी मंदिर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है। इस मंदिर का संबंध स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर यहां बनाया नहीं गया था बल्कि यह हवा में उड़ कर आया हुआ है। इसलिए इस मंदिर की नींव नहीं है।</p>
<p><strong>इंजीनियरों ने की थी खुदाई</strong></p>
<p>इसी बात की पड़ताल करने के लिए इंजीनियर की एक टीम ने मंदिर की खुदाई की। खुदाई करने के बाद जो परिणाम इंजीनियर को मिले, वह बिल्कुल चौंकाने वाले थे। गांव वालों की बात इंजीनियर्स को भी बिल्कुल सही लगी कि इस मंदिर में नींव नहीं मिली। मंदिर की खुदाई के बाद इंजीनियर्स भी सोच में पड़ गए कि इतने बड़े मंदिर को बिना नींव के कैसे बनाया गया होगा और यह वर्तमान समय में भी इतने बड़े क्षेत्रफल को कवर करते हुए कैसे खड़ा है। मंदिर से जुड़ी यह कहानी दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। देश-विदेश के पर्यटक यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं।</p>
<p><iframe title="क्या हवा में उड़ कर आए इस मंदिर के बारे में जानते हैं आप" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/TmYDKdGKT-g?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen></iframe></p>
<p><strong>ऋषि हो गए तपस्या में लीन</strong></p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर के बारे में एक किस्सा बहुत प्रचलित है कि इस विशेष मंदिर को एक ऋषि अपने साथ ले जा रहे थे लेकिन तभी वह अचानक से इसे रखकर तपस्या में लीन हो गए। शाम होने तक उन्होंने इस मंदिर को अपनी जहां से नहीं उठाया और तपस्या में ही बैठे रहें, जिसके बाद ये मंदिर अपनी जगह पर स्थाई हो गया। यह भव्य मंदिर अष्टकोणीय है, जिसमें सपोर्ट देने के लिए एक भी खंबे का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस मंदिर में मूलनायक के रूप में भगवान अजितनाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान हैं। मंदिर का भव्य स्वरूप भक्तजनों का मन मोह लेता है। यहां भगवान की चमत्कारी प्रतिमा के दर्शन कर श्रावकजन भावविभोर हो जाते हैं। एक बार दर्शन के बाद मन में हमेशा बार-बार दर्शन के भाव रहते हैं।</p>
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		<title>महरौनी से टीकमगढ़ तक पहुंचे भक्तजन : गुरु को मनाने निकाली पदयात्रा </title>
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		<pubDate>Fri, 03 Mar 2023 10:18:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी और दिगम्बर जैन पंचायत महरौनी के संयुक्त तत्वावधान में महरौनी से टीकमगढ़ के लिए पदयात्रा का आयोजन किया गया। भक्तजनों ने मुनिश्री सुधासागर जी महाराज को श्रीफल अर्पित कर महरौनी प्रवास हेतु निवेदन किया। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230; महरौनी (ललितपुर)। श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी और दिगम्बर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी और दिगम्बर जैन पंचायत महरौनी के संयुक्त तत्वावधान में महरौनी से टीकमगढ़ के लिए पदयात्रा का आयोजन किया गया। भक्तजनों ने मुनिश्री सुधासागर जी महाराज को श्रीफल अर्पित कर महरौनी प्रवास हेतु निवेदन किया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी (ललितपुर)।</strong> श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी और दिगम्बर जैन पंचायत महरौनी के संयुक्त तत्वावधान में महरौनी से टीकमगढ़ के लिए पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने अपनी भागेदारी निभाई। गुरुवार को श्री सुधासागर मार्केट से शाम 4 बजे पदयात्रा का शुभारंभ किया गया, डीजे की संगीतमय धुनों पर युवा थिरकते हुए गुरु महाराज के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ चले, काफिले का जगह-जगह तिलक लगाकर स्वागत किया गया।</p>
<p>समाजसेवी वीरेंद्र डोगरया ने श्री विद्यासागर दालमिल पर काफिले का स्वागत किया और फल वितरण किए। युवक हाथों में धर्मध्वजा लेकर गुरु दर्शन की आस में टीकमगढ़ की ओर बढ़ते हुए चल दिये और रात्रि विश्राम कुंडेश्वर के पास बेक्विट हॉल में हुआ। शुक्रवार की सुबह फिर युवाओं का काफिला टीकमगढ़ की ओर बढ़ चला और मांझ मंदिर पहुंचकर मुनिश्री सुधासागर जी महाराज को श्रीफल अर्पित कर महरौनी प्रवास हेतु निवेदन किया। इस मौके पर महरौनी महिला मंडल भी उपस्थित रहा। उन्होंने भी गुरु से सानिध्य के लिए निवेदन किया।</p>
<p>पदयात्रा को सफल बनाने में प्रशान्त सिंघई बंटी, राजा चौधरी, राजू नुना ,पवन मोदी, महेंद्र खजुरिया, पंकज सिंघई, आमोद चौधरी, राजेश खिमलासा, संजीव विलौआ, रवि सराफ, महेन्द्रपठा, दीपक सिंघई, काले लौडुआ, मिलाप सराफ, बल्लू गढोली वाले, राजेश सराफ, अनिल पोली, महेश मलैया, जितेंद्र विलौआ, महावीर कठरया, शानू कठरया, अभि चौधरी, अंकित चौधरी, संतोष सिलौनया, रजनीश सिलौनया, शानू बड़कुल, सर्वज्ञ, प्रभात मोदी, सनी भायजी, साहिल, प्रमोद पठा, विनोद पठा, सचिन भायजी, मयंक सराफ, सतीश गुढा, आकाश नायक, सलिल पुजारी, सतेंद्र सिंघई, सेलू सर्राफ, अक्षय खजांची, आशीष बड़कुल, सर्वज्ञ गोयल, आकाश नायक, प्रिंस, संजू सिलौनया, सोनू सतभैया, मोनू मलैया, सोनू आदि बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।</p>
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		<title>गुरुदेव निहारो, महरौनी पधारो : वाहन रैली निकालकर पहुंचे भक्त टीकमगढ़  </title>
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		<pubDate>Tue, 28 Feb 2023 13:24:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महरौनी में मुनि श्री सुधासागर जी के निर्देशन में श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र पर विकास कार्य चल रहे हैं और एक भव्य पाषाण मंदिर के साथ-साथ चौबीसी मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। इसका शिलान्यास जैन समाज मुनिश्री सुधासागर जी के सानिध्य में करना चाहता है। इसीलिए वाहन रैली से समाज के लोग टीकमगढ़ मुनि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महरौनी में मुनि श्री सुधासागर जी के निर्देशन में श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र पर विकास कार्य चल रहे हैं और एक भव्य पाषाण मंदिर के साथ-साथ चौबीसी मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। इसका शिलान्यास जैन समाज मुनिश्री सुधासागर जी के सानिध्य में करना चाहता है। इसीलिए वाहन रैली से समाज के लोग टीकमगढ़ मुनि श्री को आमंत्रित करने पहुंचे। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तार से रिपोर्ट &#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी( ललितपुर)।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज टीकमगढ़ में विराजमान हैं। मुनिश्री का मंगल सानिध्य महरौनी समाज को मिले, इसके लिए भक्तजन अपनी भावना भा रहे हैं। इसी क्रम में समाज के पदाधिकारियों और युवाओं ने वाहन रैली का आयोजन किया। प्रातःकाल में ही युवाओं का जमघट मुनिश्री सुधासागर मार्केट के सामने होने लगा और प्रातः 08:00 बजे वाहन रैली का शुभारंभ हुआ। डीजे की धुन पर धार्मिक संगीत पर झूमते श्रद्धालु महरौनी से टीकमगढ़ की ओर बढ़ चले।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38973" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021.jpg" alt="" width="1280" height="668" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021-300x157.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021-1024x534.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021-768x401.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230228-WA0021-990x517.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>वाहन काफिला टीकमगढ़ मांझ जैन मंदिर पहुंचा, जहां मुनिश्री सुधासागर के चरणों में सभी ने श्रीफल अर्पित कर महरौनी प्रवास के लिए आग्रह किया। बता दें कि महरौनी में मुनि श्री सुधासागर जी के निर्देशन में श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र पर विकास कार्य चल रहे हैं और एक भव्य पाषाण मंदिर के साथ-साथ चौबीसी मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। इसका शिलान्यास जैन समाज मुनिश्री सुधासागर जी के सानिध्य में करना चाहता है।</p>
<p>समाज के सभी लोगों ने वाहन रैली में अपना सहयोग देकर भूमिका निभाई।रैली में अध्यक्ष कोमल चंद्र, प्रमोद सिंघई, प्रशान्त सिंघई बंटी, राजा चौधरी, प्रदीप चौधरी, मुकेश सराफ, निशांत जैन, संजीव सिंघई, सतेंद्र सिंघई, राजू नुना, युवराज सिंह सिकरवार, रवि सराफ, महेंद्र बाबा, रवि सराफ, काले, राजेश खिमलासा, जिनेश मलैया, प्रवीण, मनीष सराफ, राजेश खिमलासा, रीतेश सराफ, दीपक सिंघई, गौरव कठरया, संजु बाबा, अनिल पोली, सुबोध पठा, पवन मोदी, संजीव सराफ, अल्लू सिंघई, सर्वज्ञ, हैप्पी, आशू पारौल, अशोक सराफ, महेंद्र खजुरिया, नीलेश चौधरी, संजीव बिलौया, अरविंद बुदनया, अंकित चौधरी, प्रिंस, सौरभ सतभैया, शुभम, महेश मलैया, गब्बू सिलौनया, संजू बजाज, सुनील डेवडिया, पवन, आकर्ष, सनी भायजी आदि बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।</p>
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