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	<title>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>टीएमयू आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ की आध्यात्मिक चेतना से हुआ आलोकित : यूनिवर्सिटी कैंपस दिव्य संतों के सान्निध्य से धन्य हुए श्रद्धालुगण </title>
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		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 04:42:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के लिए ऐसा ही एक गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय अवसर तब आया, जब चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक योगी, पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज अपने सहित 25 मुनिराजों के ससंघ यूनिवर्सिटी परिसर में पधारे। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। कभी-कभी इतिहास ऐसे क्षणों का साक्षी बनता है, जो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के लिए ऐसा ही एक गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय अवसर तब आया, जब चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक योगी, पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज अपने सहित 25 मुनिराजों के ससंघ यूनिवर्सिटी परिसर में पधारे। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> कभी-कभी इतिहास ऐसे क्षणों का साक्षी बनता है, जो केवल घटनाएं नहीं होतीं, बल्कि पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के लिए ऐसा ही एक गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय अवसर तब आया, जब चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक योगी, पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज अपने सहित 25 मुनिराजों के ससंघ यूनिवर्सिटी परिसर में पधारे। उनके दिव्य चरणों से टीएमयू का प्रत्येक कोना आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा, संयम और ज्ञान की पवित्र आभा से आलोकित हो उठा। गुरुवार सायंकाल यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर कुलाधिपति परिवार, यूनिवर्सिटी प्रशासन, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर आचार्य श्री एवं ससंघ का भावभीना स्वागत किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-109544" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-300x200.jpg" alt="" width="300" height="200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-1024x684.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-768x513.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-1536x1026.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-990x661.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002-1320x882.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260718-WA0002.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>आचार्य श्री का किया पाद प्रक्षालन</strong></p>
<p>णमोकार मंत्र के पावन उच्चारण, मंगल गीतों और भक्ति की मधुर स्वर लहरियों के बीच सम्पूर्ण वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो स्वयं आध्यात्मिकता धरती पर अवतरित हो गई हो। ससंघ सबसे पहले यूनिवर्सिटी जिनालय पहुंचे, जहां विधि-विधान से आचार्य श्री का पाद-प्रक्षालन, मंगल आरती एवं भव्य पूजन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात संत भवन तक निकली मंगल यात्रा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, अनुशासन और विनम्रता का अनुपम दृश्य बन गई।</p>
<p><strong>प्रथम जल-अर्घ्य समर्पित कर पूजा का शुभारंभ</strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी के रिद्धि-सिद्धि भवन में शुक्रवार प्रातः भगवान महावीर की पावन शांतिधारा, अष्ट-द्रव्य अर्घ समर्पण का भव्य एवम् आध्यात्मिक आयोजन हुआ। कुलाधिपति सुरेश जैन एवं उनके परिवार ने प्रथम जल-अर्घ्य समर्पित कर पूजा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत दिगंबर जैन समाज, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं, विश्वविद्यालय परिवार तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे श्रद्धालुओं ने क्रमशः चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप एवं फल अर्पित कर अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।</p>
<p><strong>ग्रंथ वस्तुत्व महाकाव्य की प्रतियां भेंट की</strong></p>
<p>पूरे आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और आध्यात्मिक सौहार्द का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इस अवसर की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने अपने द्वारा रचित महत्त्वपूर्ण ग्रंथ वस्तुत्व महाकाव्य की प्रतियां आशीर्वाद स्वरूप कुलाधिपति सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन तथा एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन को भेंट कीं।</p>
<p><strong>केंद्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध रहेगा ग्रंथ</strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घोषणा की कि यह ग्रंथ यूनिवर्सिटी के जिनालय तथा केंद्रीय पुस्तकालय में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के अध्ययन हेतु उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा एवं जैन दर्शन पर गंभीर अकादमिक अध्ययन को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><strong>शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विवेक, संस्कार और आत्मबोध का जागरण</strong></p>
<p>अपने मंगल प्रवचन में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर विवेक, संस्कार और आत्मबोध का जागरण है। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवम् शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा, भारतीय आगमों और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान का गंभीर अध्ययन समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रश्न किया कि आगमों में ऐसे कौन-से वैज्ञानिक और दार्शनिक सूत्र निहित हैं, जिन्हें आज की पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए? अपने आशीर्वचनों में उन्होंने कामना व्यक्त की कि तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ज्ञान, अनुसंधान, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में विश्व के नए शिखरों को स्पर्श करे। ज्ञान का प्रकाश फैले और अज्ञान का अंधकार समाप्त हो।</p>
<p><strong>चांसलर आवास- संवृद्धि में हुआ आहार</strong></p>
<p>चांसलर आवास- संवृद्धि में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का विधिपूर्वक आहार सम्पन्न हुआ, जबकि ससंघ विराजमान अन्य 24 संतों का आहार यूनिवर्सिटी परिसर के विभिन्न स्थानों पर अत्यंत श्रद्धा और विनम्रता के साथ कराया गया।</p>
<p><strong>कुलाधिपति परिवार ने आशीर्वाद प्राप्त किया</strong></p>
<p>इस अवसर पर कुलाधिपति परिवार की प्रथम महिला वीना जैन, ऋचा जैन, जहान्वी जैन, यूनिवर्सिटी परिवार तथा दिगंबर जैन समाज के अनेक गणमान्य श्रद्धालुओं ने संतों का मंगलाशीर्वाद प्राप्त किया। विद्वान पंडित ऋषभ शास्त्री की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।</p>
<p><strong>शिक्षा और अध्यात्म का अद्वितीय संगम</strong></p>
<p>शुक्रवार की सायंकाल आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ ने टीएमयू परिसर से मंगल विहार किया। उनके प्रस्थान के पश्चात भी यूनिवर्सिटी परिसर में उनकी दिव्य वाणी, संयममय जीवन और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति लंबे समय तक बनी रही। निस्संदेह, यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा और अध्यात्म के अद्वितीय संगम का ऐसा प्रेरणास्पद अध्याय था, जिसने यह संदेश दिया कि जब ज्ञान के मंदिर में तप, त्याग और आत्मानुशासन के प्रतीक संतों का आगमन होता है, तब शिक्षा केवल सूचना नहीं रहती वह संस्कार, सेवा और आत्मबोध का माध्यम बन जाती है।</p>
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		<title>टीएमयू में आईसीएआर के साइंटिस्ट का अभिमत अब खेती में वैज्ञानिक प्रबंधन जरूरी : मृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन पर किसान गोष्ठी में विद्वानों ने किसानों के लिए लाभकारी उपाय बताए। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; </title>
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		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 14:28:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की ओर से ऑडी में किण्वित जैविक खाद-एफओएम से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन पर किसान गोष्ठी हुई। इसमें एक्सपर्ट्स और शिक्षाविदों का मुरादाबाद मंडल के धरतीपुत्रों के साथ सार्थक संवाद भी हुआ। वैज्ञानिकों ने हेल्दी फार्मिंग ही सेहत का मूल आधार बताया।  मुरादाबाद। इंडियन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज की ओर से ऑडी में किण्वित जैविक खाद-एफओएम से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन पर किसान गोष्ठी हुई। इसमें एक्सपर्ट्स और शिक्षाविदों का मुरादाबाद मंडल के धरतीपुत्रों के साथ सार्थक संवाद भी हुआ। <span style="color: #ff0000">वैज्ञानिकों ने हेल्दी फार्मिंग ही सेहत का मूल आधार बताया। </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट-आईसीएआर दिल्ली के एग्रोनॉमी के हेड डॉ. संजय सिंह राठौर बोले-हेल्दी फार्मिंग ही सेहत का मूल आधार है। मृदा के स्वास्थ्य के लिए जैविक खादों का प्रयोग करना जरूरी है। खेती का वैज्ञानिक प्रबंधन करने से सभी समस्याओं का समाधान संभव है। डॉ. राठौर बोले, धरतीपुत्रों के पास भी ज्ञान का भंडार है। वे भी नवाचार करते हैं। हम उनके नवाचारों को वैज्ञानिक तरीकों से जोड़कर दीगर धरतीपुत्रों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि नवाचार करने वाले धरतीपुत्रों को कृषि मेले में प्रोफेसर की पदवी से सम्मानित भी किया जाता है। मुरादाबाद जिले में 2 कृषि विज्ञान केंद्र होना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले पूसा कृषि मेले में मुरादाबाद मंडल के किसान भी शिरकत करेंगे।</p>
<p><strong>संगोष्ठी में इनकी सहभागिता रही। </strong></p>
<p>डॉ. राठौर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान- आईएआरआई, नई दिल्ली के सस्य विज्ञान संभाग की ओर से ऑडी में किण्वित जैविक खाद-एफओएम से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवम् पर्यावरण संतुलन पर किसान गोष्ठी में बतौर विशिष्ट अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से गोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर आईसीएआर की ओर से डॉ. संजय सिंह राठौर, डॉ. ऋषिराज सिंह, डॉ. प्रवीन कुमार उपाध्याय, मुरादाबाद के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर डॉ. ऋषिकांत सिंह, जॉर्डस के एमडी डॉ. दीपक मेंदीदत्ता, टीएमयू एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. पीके जैन, मुख्य समन्वयक डॉ. अनिलकुमार चौधरी की मौजूदगी रही।</p>
<p><strong>किण्वित जैविक खाद एफओएम में जैविक खाद से ढाई गुना पोषक तत्व</strong></p>
<p>आईसीएआर के साइंटिस्ट डॉ. ऋषिराज सिंह ने कहा कि किण्वित जैविक खाद- एफओएम में जैविक खाद से ढाई गुना पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह मृदा के पीएच मान को न्यूट्रल बनाए रखता है। एफओएम के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य, मृदा उर्वरकता, मृदा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के संग-संग पर्यावरण संरक्षित और संतुलित रहता है। लाभदायक सूक्ष्म जीवों की संख्या में वृद्धि होती है। फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में भी सुधार होता है। इसका प्रयोग करना भी बेहद आसान है। रासायनिक खादों का प्रयोग 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।</p>
<p><strong>बीजारोपण करना समय की मांग </strong></p>
<p>आईसीएआर के साइंटिस्ट डॉ. प्रवीन कुमार उपाध्याय ने कहा, कृषि की नई तकनीकों, नवाचारों को किसानों तक पहुंचाना और इनका बीजारोपण करना समय की मांग है। स्वस्थ रहने के लिए मृदा स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। स्वस्थ मृदा से ही स्वस्थ फसल, स्वस्थ पशु और स्वस्थ मानव जीवन संभव है।</p>
<p><strong>कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक</strong></p>
<p>मुरादाबाद के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर डॉ. ऋषि कांत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि किसानों को कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं् सुविधाओं की जानकारी देकर वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरादाबाद के डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। खेती के साथ पशुपालन करने से लाभ बढ़ेगा और समय का सदुपयोग होगा।</p>
<p><strong>धरतीपुत्रों के हाथों में देश की असली शक्ति </strong></p>
<p>कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरादाबाद के डॉ. विश्वेन्द्र सिंह ने किसान सारथी ऐप के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को हमेशा उन्नत बीजों का प्रयोग ही करना चाहिए। उन्होंने गन्ना और धान में लगने वाले विभिन्न रोगों और उनके रोकथाम के बारे में धरतीपुत्रों को जैविक समाधान के बारे में बताया। डीन प्रो. पीके जैन ने किसानों को देश की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि धरतीपुत्रों के हाथों में देश की असली शक्ति है।</p>
<p><strong>इनकी भी सहभागिता सराहनीय रही</strong></p>
<p>गोष्ठी में टीएमयू एग्रीकल्चर कॉलेज के साइंटिस्ट डॉ. बलराजसिंह, डॉ. महेश सिंह, डॉ. गणेश दत्त भट्ट, डॉ. पुलकित चौधरी, डॉ. आशुतोष अवस्थी, डॉ. डीपी सिंह, कुसुम फरसवान के संग-संग डॉ. राजीवकुमार सिंह, डॉ. कपिला शेखावत, डॉ. सुभाष बाबू, डॉ. मोना नगरगड़े, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. स्मृति रंजन पधान के अलावा 150 से अधिक धरतीपुत्रों की मौजूदगी रही। समापन राष्ट्रगान के संग हुआ। संचालन डॉ. इशिता मिश्रा ने किया।</p>
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		<title>टीएमयू में 15 जुलाई के जुटेंगे आईसीएआर के कृषि वैज्ञानिक : आधुनिक खेती पर होगा महामंथन,मुरादाबाद मंडल के किसानों से सीधा संवाद करेंगे कृषि वैज्ञानिक और शिक्षाविद् </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 07:58:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज में 15 जुलाई को मंडलीय किसान गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद में इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट- आईसीएआर दिल्ली के वैज्ञानिक किसानों को जानकारी देंगे।मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज में 15 जुलाई को मंडलीय किसान गोष्ठी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज में 15 जुलाई को मंडलीय किसान गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद में इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट- आईसीएआर दिल्ली के वैज्ञानिक किसानों को जानकारी देंगे।<span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज में 15 जुलाई को मंडलीय किसान गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद में इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट- आईसीएआर दिल्ली के एग्रोनॉमी के हेड डॉ. संजय सिंह राठौर, सीनियर साइंटिस्ट डॉ. ऋषिराज, साइंटिस्ट डॉ. प्रवीन कुमार उपाध्याय धरतीपुत्रों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत एवम् क्षेत्रानुकूल बीजों, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक प्रयोग, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा और बदलती जलवायु के अनुसार कृषि प्रबंधन के टिप्स देंगे।</p>
<p>गोष्ठी में टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन के संग-संग मुरादाबाद के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर डॉ. ऋषि कांत सिंह आदि की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रहेगी। आईसीएआर के वैज्ञानिक किसानों को अनुसंधान आधारित नवीन तकनीकों के अलावा जलवायु अनुकूल खेती, सूखा, अत्यधिक वर्षा से फसलों की सुरक्षा, नवीन कृषि पद्धतियों, जैविक संसाधनों के संतुलित उपयोग, फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी जानकारी देंगे।</p>
<p><strong>कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन विषयों पर भी चर्चा होगी</strong></p>
<p>कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डीन डॉ. प्रवीण कुमार जैन ने बताया, गोष्ठी में परम्परागत खेती के साथ-साथ संरक्षित खेती, सब्जी उत्पादन, बागवानी, मधुमक्खी पालन, कृषि विविधीकरण और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञ किसानों को समझाएंगे कि केवल कच्ची कृषि उपज बेचने के बजाए उसकी ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन के माध्यम से अतिरिक्त आय कैसे अर्जित की जा सकती है।</p>
<p><strong>अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों-अधिकारियों से सीखने का अवसर</strong></p>
<p>उन्होंने उम्मीद जताई, यूनिवर्सिटी का प्रयास कृषि शिक्षा को केवल कक्षाओं और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखते हुए किसानों के खेतों और ग्रामीण समुदायों से जोड़ना है। किसान गोष्ठी के जरिए एग्रीकल्चर कॉलेज के स्टूडेंट्स भी किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों-अधिकारियों से सीखने का अवसर प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>वैज्ञानिक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेंगे</strong></p>
<p>किसान गोष्ठी के समन्वयक एवम् आनुवांशिकी एवम् पादप प्रजनन विभाग के हेड डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने बताया, संगोष्ठी में किसान अपनी फसलों से जुड़ी समस्याएं सीधे विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों, बीजों की गुणवत्ता, सिंचाई, मृदा परीक्षण, उर्वरकों की उचित मात्रा, खरपतवार नियंत्रण तथा कृषि उपज के विपणन से जुड़े प्रश्नों पर वैज्ञानिक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p><strong>विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देंगे</strong></p>
<p>कृषि अधिकारियों की ओर से किसानों को केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि कल्याण योजनाओं, अनुदान सुविधाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा, किसान उत्पादक संगठन और विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, पात्रता और दस्तावेजों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। गोष्ठी में कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरादाबाद के डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विश्वेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहेंगे।</p>
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		<title>पेटेंट बदल देगा ऊंटों की सूरत-सीरत : नवाचार से ऊंट के दूध का गुणवत्तापूर्ण संरक्षण के साथ बाजार का भी विस्तार  </title>
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		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 09:38:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सेन प्रतिभा के धनी, नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल हैं। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड, इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं। कनाडा से 1 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार है। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया का यह विशेष आलेख&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सेन प्रतिभा के धनी, नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल हैं। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड, इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं। कनाडा से 1 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार है। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया का यह विशेष आलेख&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सेन प्रतिभा के धनी, नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल हैं। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड, इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं। कनाडा से 1 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार है। डॉ. सेन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस है, देश-विदेश में 28 शोध पत्रों के साथ अब तक दो किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।</p>
<p><strong> 85 प्रतिशत ऊंट केवल राजस्थान में</strong></p>
<p>प्रो. श्याम सुंदर भाटिया ने बताया कि तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सेन ने नवाचार में ऊंची छलांग लगाई है। डॉ. सेन ने घुमन्तू ऊंट पालकों के लिए जीवनदायिनी सरीखा डिजाइन पेटेंट यूके से प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों राजस्थान में न केवल ऊंटों का जीवन संकट में है, बल्कि घुमन्तू पालकों की रोजी-रोटी पर भी दांव लगा है। यूं तो ऊंटों की संख्या राजस्थान में सर्वाधिक है। एक आंकड़े के मुताबिक हिन्दुस्तान में कुल ऊंटों का 85 प्रतिशत ऊंट केवल राजस्थान में पाए जाते हैं।</p>
<p><strong>जागी आशा की किरण</strong></p>
<p>यह बात दीगर है कि गुजरात, हरियाणा, पंजाब, यूपी आदि में भी ऊंटों का पालन किया जाता है। एक दर्जन पेटेंट अपनी झोली में रखने वाले डॉ. सेन ने इनके दर्द को संजीदगी से समझा है। इस पेटेंट से उन्होंने रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों और उनके कारोबारियों के लिए आशा की किरण जगा दी है।</p>
<p><strong>लागत करीब 1 से 1.5 लाख तक</strong></p>
<p>डॉ. सेन को सोलर असिसटेड मोबाइल कैमल डेयरी मिल्किंग मशीन का यूके के इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स ऑफिस से डिजाइन पेटेंट मिला है। यदि यह जमीनी हकीकत में बदलता है तो डिजाइन की गई इस मशीन में रेगिस्तान में भी 4 डिग्री तापमान तक घुमन्तू ऊंटों का दूध स्टोर किया जा सकता है। 20 लीटर क्षमता के डिजाइन की लागत करीब 1 से 1.5 लाख तक रहेगी। इस मशीन में चराई के दौरान मिल्किंग के बाद दूध ऑटोमेटिक ही ठंडा और स्टोर हो जाएगा।</p>
<p><strong>संभावनाओं और नवाचार के द्वार खुलेंगे</strong></p>
<p>यह सौर ऊर्जा पर आधारित है, जोकि रेगिस्तान में भरपूर मात्रा में मिलती है। टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन इस एक्सक्लूसिव पेटेंट डिजाइन पर डॉ. मुकुल सैन को बधाई देते हुए कहते हैं, यह पेटेंट ऊंटों और ऊंट पालकों के लिए बेशकीमती सौगात है। उन्होंने उम्मीद जताई, इस नवाचार से ऊंट के दूध का गुणवत्तापूर्ण संरक्षण के साथ बाजार का भी विस्तार होगा। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ के डीन प्रो. प्रवीन कुमार जैन कहते हैं, कॉलेज के लिए यह गौरव का विषय है। ऐसे प्रसंस्करण भविष्य में दूध के क्षेत्र में नई संभावनाएं और नवाचार के द्वार खोलेंगे।</p>
<p><strong>ऊंट के दूध में औषधि गुण</strong></p>
<p>पंजाब के अबोहर में जन्मे डॉ. सैन ने ऊंटों और ऊंट पालकों के दर्द को करीब से देखा है। छोटूपन में यह दंश तो वह नहीं समझ पाए लेकिन, एग्रीकल्चर और डेयरी में उच्च शिक्षा-दीक्षा के दौरान उन्होंने ऊंटों के जीवन कल्याण की ठानी। सोचा एक ऐसा डिजाइन ईजाद किया जाए, जिससे इनके दिन बहुर जाएं। डॉ. सेन नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टिटयूट- एनडीआरआई, करनाल से डेयरी इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं। राजस्थान के बीकानेर में प्रवास के दौरान उन्होंने ऊंट के दूध की गुणवत्ता के संरक्षण की ठानी, क्योंकि इसमें औषधीय गुण हैं। जैसे ऊंट का दूध बेनिफिसियल एक्टिव प्रोटीन से भरपूर है। डायबिटीज और पेट के रोगों में वरदान है।</p>
<p><strong>लिक्विड रूप में भी मिल जाएगा</strong></p>
<p>इसका प्रयोग ऑटिज़्म रोगियों के लिए भी किया जाता है। अब तक इसका सर्वाधिक बाजार मिल्क पाउडर के रूप में है। अब उम्मीद की जाती है, यह लिक्विड रूप में भी मिल जाएगा। डॉ. सेन प्रतिभा के धनी हैं। नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल है। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड हैं। इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं, कनाडा से 1 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार हैं।</p>
<p><strong>सुरक्षित रखने की तकनीकों पर भी होगी रिसर्च</strong></p>
<p>डॉ. सेन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हैं। 28 शोध पत्र देश-विदेश में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. सैन की 2020 में नेचुरल फाइबर कंपोजिस्ट्स, 2023 में फ्यूचरिस्टिक ट्रेंड्स इन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एंड फूड साइंसेज़ पब्लिश हो चुकी हैं। इसके अलावा वेलेराइजेशन ऑफ वेस्ट राइस स्ट्रा और एडवांसेज़ इन इंडीजीनियस डेयरी प्रोडक्ट्स की पांडुलिपियां प्रकाशकों के पास हैं। इन पुस्तकों को स्प्रिंजर सरीखे इंटरनेशलन पब्लिशर्स प्रकाशित करेंगे। इसके अलावा आठ इंटरनेशनल बुक चैप्टर समेत एक लैब मैन्युअल भी उनकी झोली में है। डॉ. सेन भविष्य की प्लानिंग बताते हुए कहते हैं, दूध हमेशा से उनके चिंतन और मनन का विषय है। वह अब दूध के उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की तकनीकों पर भी रिसर्च करेंगे।</p>
<p><strong>ऊंट को न तो वध के लिए नहीं बेचा जा सकता</strong></p>
<p>हकीकत यह है, ऊंटों और पालकों की दुश्वारियां जग जाहिर हैं। देश में सर्वाधिक ऊंटों की संख्या राजस्थान में है। राजस्थान के ख़ासकर बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर सरीखे जिलों में पुरसा हाल नहीं है। कड़वी सच्चाई यह है, राजस्थान सरकार की आंख मूंदु नीति के चलते ऊंट पालन कारोबार मुनाफे का सौदा कभी नहीं रहा है। इस पेटेंट के बाद न केवल ऊंट पालक अपना दूध बेच सकेंगे, बल्कि इनके प्रति मुहब्बत में भी इजाफा होगा, क्योंकि सरकार की मौजूदा नीति के मुताबिक ऊंट को न तो वध के लिए नहीं बेचा जा सकता है और न ही अवैध ट्रैफिकिंग की जा सकती है।</p>
<p><strong>पेटेंट ऊंटों और उनके पालकों के लिए वरदान</strong></p>
<p>राजस्थान की रीढ़ की हड्डी समझे जाने वाले ऊंट मशीनीकरण और परिवहन के आधुनिक साधनों के चलते ऊंटों की उपयोगिता में भारी गिरावट आई है। शोध रिपोर्टस के मुताबिक साढ़े चार दशक में राजस्थान में ऊंटों की संख्या 15 लाख से घटकर केवल एक लाख ही रह गई है। अंदेशा है, डायनासोर की मानिंद एक दिन ऊंट भी कागजों तक सिमट कर रह जाएंगे। ऐसे में डॉ. मुकुल सेन का पेटेंट ऊंटों और उनके पालकों के लिए भगवान सरीखा है। इस पेटेंट के बाद ऊंट से लेकर घुमन्तू पालकों तक की सूरत-सीरत बदल जाएगी।</p>
<p><strong>दूध उपलब्धता में बेहतर वृद्धि होगी</strong></p>
<p>ऑटोमिल्किंग के संग-संग इमिडेट कूलिंग मिलेगी। हयूमन टच एक्सक्लूड हो जाएगा और दूध हाइजीन रहेगा। कोल्ड चेन मैनेजमेंट के कारण दूध की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। दूध उपलब्धता में बेहतर वृद्धि हो जाएगी। ऊंट के दूध में थैरेप्यूटिक गुण होने के कारण एक्सपोर्ट के वैश्विक द्वार खुल जाएंगे। अंततः ऊंटों की तेजी से गिरती संख्या का ग्राफ भी रुक जाएगा।</p>
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		<title>राज्यपाल आनंदी बेन ने किया प्राचार्य प्रो. एसके सिंह की पुस्तक का लोकार्पण : मानव-पर्यावरण संबंधों और सतत विकास के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का है मकसद  </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:53:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी, लखनऊ के 11वें दीक्षांत समारोह से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की भी मधुर स्मृतियां जुड़ गई हैं। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन ने बतौर मुख्य अतिथि एक दर्जन शैक्षणिक पुस्तकों का विमोचन किया। मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी, लखनऊ के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी, लखनऊ के 11वें दीक्षांत समारोह से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की भी मधुर स्मृतियां जुड़ गई हैं। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन ने बतौर मुख्य अतिथि एक दर्जन शैक्षणिक पुस्तकों का विमोचन किया। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी, लखनऊ के 11वें दीक्षांत समारोह से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की भी मधुर स्मृतियां जुड़ गई हैं। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन ने बतौर मुख्य अतिथि एक दर्जन शैक्षणिक पुस्तकों का विमोचन किया। जिसमें तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के प्राचार्य प्रो. सुशीलकुमार सिंह की संपादित पुस्तक ह्यूमन एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट भी शामिल है। इस पुस्तक की भूमिका असम के राज्यपाल के सलाहकार एवं तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के विधि संकाय के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने लिखी है। उल्लेखनीय है, प्रो. एसके सिंह की यह 9वीं पुस्तक है। पुस्तक ह्यूमन एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट में डॉ. प्रशांतकुमार वरुण और तान्या सागर ने बतौर सह-संपादक जिम्मेदारी का निर्वाह किया है।</p>
<p><strong>पर्यावरण जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की पुस्तक </strong></p>
<p>पुस्तक विमोचन के बाद प्रो. सिंह बोले- यह गौरवपूर्ण पल उनके शैक्षणिक सफर का एक अविस्मरणीय पड़ाव है। अंग्रेजी में लिखित पुस्तक ह्यूमन एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट पर्यावरण संरक्षण, मानव-पर्यावरण संबंधों और सतत विकास के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रो. सिंह ने उम्मीद जताई है कि यह पुस्तक स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, शिक्षाविदों, लॉ एक्सपर्ट्स और नीति-निर्माताओं के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।</p>
<p><strong>पुस्तक में इनका सहयोग रहा सराहनीय</strong></p>
<p>पुस्तक की भूमिका लिखने के लिए उन्होंने अपने डीन प्रो. हरबंश दीक्षित के साथ अपने सह-संपादकों डॉ. प्रशांतकुमार वरुण और तान्या सागर के समर्पण, उत्कृष्ट सहयोग एवं विद्वत्तापूर्ण योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। डॉ. प्रशांतकुमार वरुण और तान्या सागर ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लॉ में अध्यापनरत हैं।</p>
<p><strong>8 पुस्तक लिख चुके हैं इससे पहले सिंह </strong></p>
<p>कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के प्राचार्य प्रो. सुशीलकुमार सिंह की झोली उपलब्धियों से लबरेज है। ह्यूमन एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट के अलावा प्रो. सिंह आठ बुक्स लॉ एंड मीडिया, इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी लॉज़, एडमिनिस्ट्रिेटिव लॉ, प्रिंसिपल्स ऑफ क्रिमिनोलॉजी, कंप्रिहेंसिव गाइड टु सिविल प्रोसीजर कोड-1908, कंप्रिहेंसिव गाइड टू सीपीसीः थ्योरी विद मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चसं फोर लॉ स्टूडेंट्स एंड लॉ एस्प्रिेंट्स, द डॉरी पैराडॉक्स-कल्चर, सोसायटी एंड लॉ, मीडिया, प्राइवेसी एंड लॉः बेलेंसिंग फ्रीडम एंड रेगुलेशंस, कंटम्प्रेरी इश्यू इन कॉन्टिट्यूशनल मैर्ट्स लिख चुके हैं।</p>
<p><strong>20 शोध पत्र का किया है प्रस्तुतिकरण</strong></p>
<p>ये पुस्तकें दिल्ली के पब्लिशर के साथ यूपी के पब्लिशिंग हाउसों से प्रकाशित हैं। इन पुस्तकों के अलावा प्रो. सिंह के नाम चार पेटेंट भी हैं। 20 नेशनल और इंटरनेशनल रिसर्च पेपर्स भी प्रजेंट कर चुके हैं। प्रो. सिंह कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में प्राचार्य के अतिरिक्त यूनिवर्सिटी में चीफ प्रॉक्टर के पद पर भी आसीन है।</p>
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		<title>आईआईआरएफ की रैंकिंग में लॉ कॉलेज का शानदार प्रदर्शन : कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में 5वीं रैंक हासिल की </title>
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		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:41:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग 2026 की प्राइवेट कैटेगरी में देश भर में 35वीं रैंक हासिल हुई। टीएमयू कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में यह रैंक हासिल की। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा बुलंदियां छुएगा हमारा लॉ कॉलेज। मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग 2026 की प्राइवेट कैटेगरी में देश भर में 35वीं रैंक हासिल हुई। टीएमयू कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में यह रैंक हासिल की। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा बुलंदियां छुएगा हमारा लॉ कॉलेज। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने आईआईआरएफ- इंडियन इंस्टिटयूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क की ओर से जारी की गई 2026 की नवीनतम रैंकिंग में अपने शैक्षणिक प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए शानदार बढ़त हासिल की है। सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की श्रेणी में लॉ कॉलेज ने देश भर में 35वीं, जबकि उत्तर प्रदेश में 5वीं रैंक हासिल की है।</p>
<p><strong>समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता</strong></p>
<p>आईआईआरएफ रैंकिंग में टीएमयू के लॉ कॉलेज ने शिक्षण गुणवत्ता, रिसर्च, इंडस्ट्री ओरिएंटेशन, प्लेसमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और ओवरऑल अकादमिक प्रदर्शन सरीखे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी की गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक शिक्षण पद्धति और छात्रों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p><strong> अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रयास </strong></p>
<p>कुलाधिपति सुरेश जैन ने इस सफलता का श्रेय फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, एल्युमिनाई और स्टेक होल्डर्स के सामूहिक प्रयासों को देते हुए उम्मीद जताई, टीएमयू भविष्य में भी कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।</p>
<p><strong>कॉलेज बीसीआई से मान्यता प्राप्त </strong></p>
<p>आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग की प्राइवेट कैटेगरी में टीएमयू का लॉ कॉलेज भारत के शीर्ष 50 सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट लॉ कॉलेजों की सूची में शामिल है। यूपी के निजी यूनिवर्सिटीज़ और लॉ संस्थानों की सूची में भी यह टॉप कॉलेजों में गिना जाता है। लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित कहते हैं, टीएमयू का कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज बार काउंसिल ऑफ इंडिया- बीसीआई से मान्यता प्राप्त है।</p>
<p><strong>पीएचडी की सुविधा भी है</strong></p>
<p>कॉलेज में स्टूडेंट्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए आधुनिक मूट कोर्ट हॉल है, जहां छात्र असली अदालत की तरह बहस और कानूनी दांव-पेंच सीखते हैं। प्राचार्य प्रो. एसके सिंह बताते हैं, समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह देने और स्टूडेंट्स को जमीनी स्तर पर वकालत सिखाने के लिए एक सक्रिय लीगल एड सेल भी काम करता है। टीएमयू के लॉ कॉलेज में बीएएलएलबी- ऑनर्स, बीबीएएलएलबी- ऑनर्स, एलएलएम के संग-संग पीएचडी की सुविधा भी है।</p>
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		<title>एमिटी समेत यूपी की चार यूनिवर्सिटीज़ के लॉ स्टूडेंट्स की टीएमयू में इंटर्नशिप : 55 लॉ इंटर्न स्टूडेंट्स ने डीएलएसए के समीक्षा सत्र में साझा किए अनुभव </title>
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		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:22:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के अलावा यूपी की एमिटी यूनिवर्सिटी, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत चार यूनिवर्सिटीज़ के 55 लॉ इंटर्न स्टूडेंट्स ने डीएलएसए की ओर से आयोजित समीक्षा सत्र में अपने अनुभव साझा किए। मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के अलावा यूपी की एमिटी यूनिवर्सिटी, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत चार यूनिवर्सिटीज़ के 55 लॉ इंटर्न स्टूडेंट्स ने डीएलएसए की ओर से आयोजित समीक्षा सत्र में अपने अनुभव साझा किए। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में यूपी की एमिटी यूनिवर्सिटी के संग-संग गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत चार यूनिवर्सिटीज़ के 55 लॉ इंटर्न स्टूडेंट्स ने समीक्षा सत्र में सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-डीएलएसए की ओर से 21 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इस सत्र में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रमोद प्रत्येकी ने बतौर मुख्य वक्ता, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अजय वीर, कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के डीन प्रो. हरवंश दीक्षित, प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिंह की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-108840" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-300x163.jpg" alt="" width="300" height="163" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-300x163.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-1024x557.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-768x418.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-1536x835.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-990x538.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066-1320x718.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260702-WA0066.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>तत्पर रहने का संकल्प दिलाया</strong></p>
<p>कार्यक्रम में वक्ताओं ने इंटर्न स्टूडेंट्स को समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने, विधिक जागरूकता फैलाने, एक संवेदनशील एवम् उत्तरदायी विधि पेशेवर के रूप में समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। इस सत्र में टीएमयू के 20, केजीके कॉलेज के 20, आईएफटीएम के 10 और एमिटी यूनिवर्सिटी-नोएडा के 5 लॉ स्टूडेंट्स की भागीदारी रही।</p>
<p><strong>विधिक सेवा प्रणाली को निकट से समझने का अवसर</strong></p>
<p>चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रमोद प्रत्येकी ने बतौर मुख्य वक्ता कहा, इंटर्नशिप विधि स्टूडेंट्स को न्याय व्यवस्था, सामाजिक दायित्व और विधिक सेवा प्रणाली को निकट से समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अजय वीर ने स्टूडेंट्स से इंटर्नशिप के दौरान तैयार किए गए लर्निंग फॉर्म्स और अनुभव साझा कराए। उन्होंने वैकल्पिक विवाद निस्तारण-एडीआर, लोक अदालत और निःशुल्क विधिक सहायता की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।</p>
<p><strong>इंटर्नशिप कार्यक्रम व्यावहारिक ज्ञान को करते समृद्ध</strong></p>
<p>कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के डीन प्रो. हरवंश दीक्षित ने कहा, विधि शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून का ज्ञान देना नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। प्राचार्य प्रो. सुशील सिंह ने कहा, इंटर्नशिप कार्यक्रम स्टूडेंट्स के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करते हैं और उन्हें एक सक्षम, संवेदनशील और उत्तरदायी विधि व्यवसायी बनने के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>इससे पूर्व डीएलएसए के प्रतिनिधि ईशु शर्मा ने स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, विधिक जागरूकता कार्यक्रमों, समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक न्याय पहुंचाने में विधि स्टूडेंट्स की भूमिका से अवगत कराया। समीक्षा सत्र में डॉ. नम्रता जैन, डॉ. डालचंद्र गौतम, सुविज्ञ सक्सेना, अभय दीक्षित आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>टीएमयू में भक्ति और आध्यात्म का अनुपम संगम : आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा की उपस्थिति में भजनों से गूंजी यूनिवर्सिटी   </title>
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		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:08:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण भक्ति संध्या श्रद्धा, संगीत और आध्यात्म का भव्य उत्सव बन गई।कार्यक्रम में श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण भक्ति संध्या श्रद्धा, संगीत और आध्यात्म का भव्य उत्सव बन गई।कार्यक्रम में श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण भक्ति संध्या श्रद्धा, संगीत और आध्यात्म का भव्य उत्सव बन गई। पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्थापक डॉ. पवन सिन्हा &#8216;गुरुजी&#8217;, की गरिमामयी उपस्थिति में इस विशेष कार्यक्रम में श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा और बतौर विशिष्ट अतिथि डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया का भारतीय परंपरा के अनुरूप पटका एवं पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस समित गोपाल अपनी धर्मपत्नी सहित कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए। इस मौके पर टीएमयू के वाइस चेयरमैन मनीष जैन आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में पावन चिंतन धारा आश्रम की विचारधारा, आध्यात्मिक उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों पर आधारित एक प्रेरणादायी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-108666" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-300x200.jpg" alt="" width="300" height="200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-1024x683.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-1536x1024.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-990x660.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027-1320x880.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260628-WA0027.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध </strong></p>
<p>भक्ति संध्या का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित अत्यंत लोकप्रिय भजन श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी से हुआ। जैसे ही भजन की मधुर स्वर लहरियां सभागार में गूंजीं। पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। सुप्रसिद्ध भजन गायक डॉ. संजय अंदुरकर, करण मल्होत्रा, ख्याति मेहरा और आस्तिक सिन्हा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए श्रीकृष्ण भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए।</p>
<p><strong>आध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों का यह संगम</strong></p>
<p>महिमा वाचक सुरभि दीदी ने भी अपनी आध्यात्मिक प्रस्तुति के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। इस प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ते हुए भक्ति के महत्व का संदेश दिया। सभागार में भक्ति, श्रद्धा और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। संगीत, आध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। अनेक श्रद्धालु भजनों के साथ भावविभोर होकर श्रीकृष्ण नाम का संकीर्तन करते दिखाई दिए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।</p>
<p><strong>जीवन मूल्यों के संरक्षण में यूनिवर्सिटी की सराहना</strong></p>
<p>अपने संबोधन में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सत्य, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्मिकता व्यक्ति को जीवन में सही दिशा प्रदान करती है और सफलता का सशक्त आधार बनती है। वहीं आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा &#8216;गुरुजी&#8217; ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की संस्कारनिष्ठ, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था, अनुशासित वातावरण एवम् भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण के प्रति यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की।</p>
<p><strong>यह उपस्थित रहे</strong></p>
<p>कार्यक्रम का समापन सामूहिक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम में अभिषेक कपूर, प्रो. एसके जैन, प्रो. एनके सिंह, प्रो. हरवंश दीक्षित, प्रो. एमपी सिंह के अलावा प्रो. आरके द्विवेदी, प्रो. एसके सिंह, प्रो. मनु मिश्रा, नीलिमा जैन, डॉ. विनोद जैन, पावन चिंतन धारा आश्रम के रोहित केसरी, अनुयायी के संग- संग टीएमयू के स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। संचालन डॉ. माधव शर्मा और नेहा उन्नी ने किया।</p>
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		<title>टीएमयू ने टाइम्स की वैश्विक रैंकिंग्स 2026 में कराई उपस्थिति दर्ज : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी को टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग्स में मिला प्रभावशाली ओवरऑल ग्लोबल रैंक बैंड, </title>
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		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:18:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की झोली में एक साथ चार बड़ी उपलब्धियां जुड़ गई हैं। टीएमयू को सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन- टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2026 में 401-600 का प्रभावशाली ओवरऑल ग्लोबल रैंक बैंड मिला है। मुरादाबाद से पढिए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की झोली में एक साथ चार बड़ी उपलब्धियां जुड़ गई हैं। टीएमयू को सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन- टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2026 में 401-600 का प्रभावशाली ओवरऑल ग्लोबल रैंक बैंड मिला है। मुरादाबाद से पढिए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230;</strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद</strong>। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की झोली में एक साथ चार बड़ी उपलब्धियां जुड़ गई हैं। टीएमयू को सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन- टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2026 में 401-600 का प्रभावशाली ओवरऑल ग्लोबल रैंक बैंड मिला है। टीएमयू ने पहली बार प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन- टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स 2026 में हिस्सा लिया है। अपनी पहली ही भागीदारी में टीएमयू ने दुनिया भर के 1,603 संस्थानों में 401-600 का प्रभावशाली ओवरऑल ग्लोबल रैंक बैंड हासिल किया है। उल्लेखनीय है, टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स दुनिया के सबसे सम्मानित रैंकिंग फ्रेमवर्क में से एक है, जो संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डवलपमेंट गोल्स- एसडीजी में यूनिवर्सिटीज़ के योगदान के आधार पर उनका मूल्यांकन करता है।</p>
<p><strong>समाज के सस्टेनेबल विकास में योगदान</strong></p>
<p>एसडीजी की चार अलग-अलग श्रेणियों में टीएमयू ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। एसडीजी-3- गुड हेल्थ एंड वेल-बींग में रैंक बैंड 101- 200 एसडीजी 6- क्लीन वाटर एंड सेनिटेशन में रैंक बैंड 101-200, एसडीजी 5- जेंडर इक्वालिटी में रैंक बैंड 601-800, एसडीजी- 17- पार्टनरशिप फॉर द गोल्स में रैंक बैंड 301-400 भी यूनिवर्सिटी ने अपने नाम किए हैं। ये रैंकिंग्स हेल्थकेयर सेवाओं को बढ़ावा देने, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समावेशिता और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने और समाज के सस्टेनेबल विकास में योगदान देने के टीएमयू के लगातार प्रयासों को दर्शाती हैं।</p>
<p><strong>अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध</strong></p>
<p>टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन कहते हैं, टीएमयू सस्टेनेबल डवलपमेंट गोल्स- सतत विकास लक्ष्यों में अपने योगदान को और मजबूत करने, स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव डालने के अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध है। टीएमयू अपने एकेडमिक, रिसर्च, हेल्थकेयर और कम्युनिटी आउटरीच पहलों में सस्टेनेबिलिटी को आत्मसात कर रही है।</p>
<p><strong> स्टेक होल्डर्स के बहुमूल्य योगदान से मिली पहचान</strong></p>
<p>साथ ही यूनिवर्सिटी का बढ़ता ग्लोबल प्रभाव, सस्टेनेबल डवलपमेंट के प्रति प्रतिबद्धता और शिक्षा, रिसर्च, हेल्थकेयर और कम्युनिटी एंगेजमेंट के ज़रिए समाज पर सार्थक प्रभाव के समर्पण को दर्शाता है। वाइस चांसलर प्रो. वीके जैन कहते हैं, यूनिवर्सिटी डीन, प्रिंसिपल, डायरेक्टर, वाइस-प्रिंसिपल, फैकल्टी सदस्यों, एडमिनिस्ट्रेटिव टीमों और सभी स्टेकहोल्डर्स के बहुमूल्य योगदान से यह अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल पाई है।</p>
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		<title>टीएमयू को ग्रीन कैंपस श्रेणी में सर्वाेच्च प्लेटिनम प्रमाणन : भारत एनवायरनमेंट अर्थ वीक 2026 में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी समेत देशभर के 1,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने की शिरकत </title>
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		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:12:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत एनवायरनमेंट अर्थ वीक 2026 में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी समेत देशभर के 1,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने शिरकत की। इस राष्ट्रीय अभियान में 10 हजार से अधिक शिक्षकों और 1 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की सक्रिय सहभागिता रही। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी को पर्यावरण संरक्षण, सतत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भारत एनवायरनमेंट अर्थ वीक 2026 में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी समेत देशभर के 1,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने शिरकत की। इस राष्ट्रीय अभियान में 10 हजार से अधिक शिक्षकों और 1 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की सक्रिय सहभागिता रही। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवम् ग्रीन कैंपस गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देते हुए प्लेटिनम प्रमाणन से नवाजा गया है। यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र तेलंगाना के हैदराबाद में सस्टेनेबल कैंपस इम्पैक्ट समिट एंड अवार्ड्स 2026 के आयोजित समारोह में अर्थ वीक के कोर्डिनेटर प्रो. रवि जैन को प्रदान किया गया। देशभर में केवल 244 संस्थानों को ही यह सर्वाेच्च श्रेणी का प्रमाणन प्राप्त हुआ। रिसर्च हाइट फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित भारत एनवायरनमेंट अर्थ वीक 2026 में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबद्ध 1,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया। इस राष्ट्रीय अभियान में 10,000 से अधिक शिक्षकों और 1 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की सक्रिय सहभागिता रही। टीएमयू के चांसलर सुरेश जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने इस उल्लेखनीय समर्पण पर कहा कि यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी की पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।</p>
<p><strong>ाष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानकों में सकारात्मक भूमिका निभाएगी</strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सिटी विशेषकर इजीनियरिंग कॉलेज के टीचर्स के संग-संग स्टुडेंट्स ने न केवल वृक्षारोपण किया, बल्कि स्वच्छ अभियान से लेकर पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। पर्यावरणीय इन कैंपस गतिविधियों में डॉ. आशीष सिमलटी, राहुल विश्नोई, सचिन वर्मा आदि की सक्रिय भूमिका रही। प्रो. रवि जैन कहते हैं कि यह प्लेटिनम सर्टिफिकेशन यूनिवर्सिटी की प्रोफाइलिंग, प्रत्यायन प्रक्रियाओं एवं् विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानकों में सकारात्मक भूमिका निभाएगी। कुलपति डॉ. वीके जैन और डीन एकेडमिक्स डॉ. मंजुला जैन ने भी अर्थ वीक में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सीओई के डीन प्रो. आरके द्विवेदी समेत समस्त फैकल्टीज़ और स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए संकल्प दोहराया, यूनिवर्सिटी भविष्य में भी पर्यावरणीय पहलों, हरित प्रथाओं और सामुदायिक सहभागिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती रहेगी।</p>
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