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	<title>णमोदय तीर्थ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>णमोदय तीर्थ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>णमोदय तीर्थ के उदय के साथ मुंगावली को मिलेगी नई पहचान : अथाईखेड़ा गांव में बनेगा भव्य जिनालय  </title>
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		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:43:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कष्ट दुःख असाता को भी समता भाव पूर्वक सहन करने से साता वेदनी कर्म का ही वंद होता है। ऐसा नहीं है कि आप दुख दारुणय कष्टों को समता भाव पूर्वक सहते जा रहे हैं फिर भी कष्ट ही आए समता से आगे चलकर साता का ही उदय आएगा। यह उद्गार मुनि श्री सुधासागरजी महाराज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कष्ट दुःख असाता को भी समता भाव पूर्वक सहन करने से साता वेदनी कर्म का ही वंद होता है। ऐसा नहीं है कि आप दुख दारुणय कष्टों को समता भाव पूर्वक सहते जा रहे हैं फिर भी कष्ट ही आए समता से आगे चलकर साता का ही उदय आएगा। यह उद्गार मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे जिज्ञासा समाधान में बोल रहे थे। <span style="color: #ff0000">मुंगावली से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंगावली।</strong> कष्ट दुःख असाता को भी समता भाव पूर्वक सहन करने से साता वेदनी कर्म का ही वंद होता है। ऐसा नहीं है कि आप दुख दारुणय कष्टों को समता भाव पूर्वक सहते जा रहे हैं फिर भी कष्ट ही आए समता से आगे चलकर साता का ही उदय आएगा। यह उद्गार मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे जिज्ञासा समाधान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दुःख का यदि हम दुःख ना माने तो सुख जरूर आएगा। ये प्रकृति का नियम है कि यदि कष्ट दुःख आने पर अपना आपा खो दे तो दुःख ही बढ़ेगा सुख नहीं मिल सकता। सुख पाने के लिए तो दुःख को भी हंसी-हंसी में झेलना ही होगा। फिर देखो सुख आपके पीछे पीछे दौड़ा आएगा। मुनिश्री ने कहा कि अब आपके नगर को एक नई पहचान मिलने जा रही है। अब लोग णमोदय तीर्थ के करने आएंगे। इससे मुंगावली को एक नई पहचान मिलेगी।</p>
<p><strong>मंदिर निर्माण में सहयोग करने का किया वादा</strong></p>
<p>इसके पहले जैन समाज अशोक नगर अध्यक्ष राकेश कांसल के साथ अथाईखेड़ा जैन समाज ने मुनिश्री सुधासागरजी से अथाईखेड़ा गांव में नए जिनालय के निर्माण का निवेदन किया। निर्मल जैन ने कहा कि हम वर्षाें से आपके आगमन का इंतजार कर रहे हैं। जिससे मंदिर का निर्माण हो। जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि अथाईखेड़ा वाले आज अशोक नगर की पूरी कमेटी को साथ लाए हैं। ये किशनगढ़ बिजोलिया आबा हर जगह गए। यहां खनियाधाना गोला कोट के बाद आस जगी कि आपके चरण इस ओर बढ़ सकते हैं और आज अथाईखेड़ा की उम्मीद जगी है। आपका मार्ग दर्शन और आशीर्वाद चाहिए। प्रदीप भैया भूमि का अवलोकन कर लें और भूमिका पूरी बन जाए। इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित पूरी कमेटी ने अथाईखेड़ा मंदिर निर्माण में सहयोग का निवेदन किया।</p>
<p><strong>भू-दान के साथ मंदिर निर्माण का लिया संकल्प</strong></p>
<p>मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में नगर के श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार अथाईखेडा एवं उनकी जीवन संगनी ने दो बीघा ज़मीन के साथ मंदिर निर्माण के साथ प्रभु की विशाल प्रतिमा स्थापित करने की भावना रखी तो जैन समाज के पूर्व महामंत्री गिरीश अथाईखेडा ने कहा कि हम सब मिलकर भव्य जिनालय को आकार देने के लिए कृतसंकल्पबद्ध हो रहे हैं। आपके चरण चालीस वर्ष पूर्व पड़े। अब अथाईखेड़ा पधारें पर मंदिर निर्माण का संकल्प पूरा कराएं इस दौरान अजित बरोदिया, प्रदीप तारई, शैलेंद्र श्रागर, पत्रकार अरविंद कचनार, सांसद प्रतिनिधि संजीव भारिल्य, विपिन सिंघई, शैलेंद्र दददा, हेमंत टडैया, मनीष सिंघई, रिंकेश कांसल, मुनेश विजयपुरा, मुन्ना बांझल, टिंकल जैन, पवन जैन अथाईखेड़ा उपस्थित थे।</p>
<p><strong>धर्मशाला के साथ विस्तार भू-भाग व संत शाला हो </strong></p>
<p>इस दौरान मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जब भी कोई नवीन योजना बनती है तो भविष्य को भी ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। मंदिर निर्माण वर्षाें में कभी हो पाते हैं। ये निर्मल गिरीश बहुत पुराना भक्त है। अथाईखेड़ा परिवार मंदिर निर्माण के साथ एक अच्छी धर्मशाला व संत निवास का भी निर्माण हो तो सभी आवश्यकताओं की धीरे धीरे पूर्ति हो जाएगी। बहुत दिनों से निवेदन चल रहा है ये कार्य भी जल्दी पूरा हो। मेरी भी भावना आपके साथ शामिल हो रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वयं का आंकलन करते रहना चाहिए तब ही आपका पुरुषार्थ सफल होगा और सफलता भी मिलती चली जाएगी। हमारे मन वचन काय की चेष्टाओ से ही तो कर्मांे का आस्त्रव होता है। इनको रोकने का नाम ही संवर कहलाता है। सांसकारिक दशा में कर्मबंधता नहीं कर्मबंध किया जाता है। जब तक कषाय को नहीं रोकेंगे तो कर्म तो बंधते ही रहेंगे। कषाय को मंद करने के लिए बाहरी वातावरण को तो रोकना ही होगा। अंदर मन वचन काय की चेष्टाओं को भी शांत करना होगा।</p>
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		<title>नवनिर्मित हो रहे जिनालय में तिलकदान के साथ प्रभु हुए विराजित : अशोक नगर जैन समाज प्रतिनिधि मंडल ने मुनिश्री ससंध को श्रीफल किए भेंट   </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 08:48:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। मुंगावली से पढ़िए, यह खबर&#8230; मुंगावली। गृहस्थ जीवन में रहते [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">मुंगावली से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंगावली।</strong> गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है। उसे अपने स्वरूप का, जगत का ज्ञान ही नहीं रहता। यह उद्गार सुधा सागर सभागार में मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यहां तक कि जीव आत्मा को अपने दुःख का भी भान नहीं रहता। जब कभी सौभाग्य से सदगुरु का समागम मिलता है, तब उसे समझ में आता है कि मैं कहां उलझ गया और अब उलझन सुलझने का नाम ही नहीं ले रही। मुनिश्री ने कहा कि उसी भूल को सुधारने का मौका हमें इस दुर्लभ मनुष्य जन्म में मिला है। इसे हाथ से नहीं निकलने देना। जगत की भलाई के लिए जो कुछ भी बन पड़े करते चले जाना।</p>
<p><strong>अशोक नगर समाज ने किए श्रीफल भेंट</strong></p>
<p>बुधवार को अशोक नगर जैन समाज पंचायत कमेटी के अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित बरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, मंत्री शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी, संयोजक उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, पंचायत सदस्य विपिन सिंघई, नितिन बज, हेमंत टडैया, पंच कल्याणक के पात्र शैलेंद्र दददा, धर्मेंद्र रोकड़िया, सचिन कांसल, गिरीश अथाईखेडा रिंकेश कांसल, मुनेश विजयपुरा, मुन्ना बांझल, अक्षय टडैया प्रमुखजनों ने मुनि संघ को श्रीफल भेंटकर शांतिनगर गांव मंदिर में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का निवेदन किया। इस दौरान जैन समाज के मंत्री धुर्रा ने कहा कि गुरुदेव शांतिनगर गांव मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए हम सब निवेदन लेकर आए हैं।आपके चरण पड़ते ही सब कार्य पूरा हो जाएगा।</p>
<p><strong>अशोक नगर से बने आईएएस चितवन जैन का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>अशोक नगर जिले से बने आईएएस चितवन जैन ने श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के साथ पहुंचकर परिवार सहित मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा का मन में प्रबल भाव था। गुरुदेव यह भावना आपके आशीर्वाद से प्रल्लवित हुई। इस सेवा को और भी अच्छी तरह से करते हुए ऐसा क्या करें कि लोग याद रखें। मुनिश्री सुधासागरजी ने कहा कि सबसे पहले राष्ट्र है, राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तब आप और हम सब मिलकर धर्म संस्कृति के लिए कुछ कर सकते हैं। आज सबसे अच्छा समय है, जब आप अपनी इच्छा के अनुसार धर्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ही भूल के कारण ये जीव आत्मा भटक रही है। हमारी ही भूल हम पर हावी हो रही है इन भूलों को सुधारने का करने उद्यम करना होगा। कर्मों के अनुसार न करके स्वयं को निरखकर, ज्ञाता, दृष्टा स्वभाव की ओर अपने चंचल चित्त को लगाए रखना होगा। इससे राग, द्वेष, मोह में कमी आएगी। जो दःुखों का मुख्य कारण है। अपने स्वभाव रूप आनंद पाने की तरफ़ कम से कम एक कदम तो उठाएं।</p>
<p><strong>णमोदय तीर्थ के नाम से जाना जाएगा नव निर्मित जिनालय</strong></p>
<p>पिछले 12 वर्षों से बन रहे नवीन जिनालय में विराजमान होने वाले भगवान श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का तिलकदान करने का सौभाग्य उषा देवेंद्रकुमार अर्पितकुमार सिंघई ने प्राप्त किया। सर्व प्रथम तिलकदान की क्रिया को मुनिश्री सुधासागरजी ससंघ के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार के बीच किया। इसके बाद सर्व समाज और बाहर से पधारे भक्तों भी तिलकदान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बताया गया कि यह मंदिर णमोदय तीर्थ के नाम से जाना जाएगा। इस अवसर पर जैन समाज अध्यक्ष रूपेश जैन, मंत्री शशांक सिंघई, पूर्व अध्यक्ष चंद्रकुमार मोदी, अरविंदकुमार मक्कू, मनीष मोदी, दीप टडैया काली मोदी, संजय सिंघई उपस्थित थे।</p>
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