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	<title>डॉ छवि जैन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>अजमेर की जैन बेटी ने बढ़ाया मान, अमेरिका की रिसर्च टीम के साथ मिलकर बनाई ब्रेस्ट कैंसर वैक्सीन</title>
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		<pubDate>Sun, 02 Jan 2022 00:31:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#8211;छवि जैन के माता-पिता भी हैं डॉक्टर अजमेर । भारत की जैन बेटी ने देश ही नहीं, विदेशों में भी नाम रोशन किया है। मूल रूप से अजमेर की रहने वालीं डॉक्टर छवि जैन ने अमेरिका की रिसर्च टीम के साथ मिलकर महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर की वैक्सीन तैयार की है। इस वैक्सीन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000">&#8211;<strong>छवि जैन के माता-पिता भी हैं डॉक्टर</strong></span></p>
<p><strong>अजमेर । </strong>भारत की जैन बेटी ने देश ही नहीं, विदेशों में भी नाम रोशन किया है। मूल रूप से अजमेर की रहने वालीं डॉक्टर छवि जैन ने अमेरिका की रिसर्च टीम के साथ मिलकर महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर की वैक्सीन तैयार की है। इस वैक्सीन का अमेरिका में जानवरों पर ट्रायल सफल रहा है। अब ये वैक्सीन महिलाओं पर क्लीनिकल ट्रायल के रूप में शुरू की जाएगी। क्लिनिकल ट्रायल के पहले चरण में ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर से प्रभावित 18-24 साल की महिलाओं में दो हफ्ते के अंतर से तीन डोज दी जाएंगी बताया जा रहा है कि यह वैक्सीन अल्फा लेक्टलब्यूमिन नामक ब्रेस्ट कैंसर प्रोटीन पर प्रहार करती है। ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर में अल्फा लेक्टलब्यूमिन नामक ब्रेस्ट कैंसर प्रोटीन बनता है और ये वैक्सीन इसी प्रोटीन खत्म करने का काम करेगी. छवि अमेरिकन कैंसर सोसायटी की फीमेल रिसर्च एंबेसडर भी हैं। वर्तमान में डॉक्टर छवि अमेरिका के लर्निंग इंस्टीट्यूट क्लीवलैंड क्लीनिक में साइंटिस्ट हैं।</p>
<p><strong>माता-पिता हैं डॉक्टर</strong><br />
डॉ. छवि जैन के माता पिता भी डॉक्टर हैं। अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में पिता शिशु रोग विशेषज्ञ हैं और मां डॉक्टर नीना जैन भी इसी अस्पताल में एनेस्थीसिया विभाग में सीनियर प्रोफेसर हैं। अजमेर की सोफिया और मयूर स्कूल से अपनी आरंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाली छवि ने पुणे के इंस्टीट्यूट ऑफ बायो इन्फोर्मेटिक्स एंड बायो टेक्नोलॉजी से एमटेक किया। इसके बाद पीएचडी के लिए वह स्विट्रजरलैंड की स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी गईं। छवि ने लर्नर रीसर्च इंस्टीट्यूट में 2018 से जून 2021 तक काम किया। यहीं से वह डॉ. थामस बड और डॉ. विनसेंट टूही की रिसर्च पर आधारित कैंसर वैक्सीन की ट्रायल टीम में शामिल हुईं।</p>
<p><strong>इंजीनियर बनना चाहती थीं</strong><br />
छवि हमेशा से अपने कजिन की तरह इंजीनियर बनना चाहती थीं लेकिन फिर एक दिन उनकी ये सोच बदल गई। मयूर स्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने 11वीं में मैथ्स सब्जेक्ट लिया था, लेकिन एक दिन के लिए बायो की क्लास अटेंड की। इसी एक क्लास ने उनके भविष्य को बदल कर रख दिया। इसके बाद उन्होंने बायलोजी में आगे बढ़ने का मन बना लिया।</p>
<p><strong>मिले हैं कई अवॉर्ड</strong><br />
छवि को क्लीवलैंड क्लिनिक के शीर्ष नेतृत्व की ओर से एप्रीसिएशन एंड एक्सिलेन्स अवार्ड और एम्पलॉई ऑफ द क्वार्टर अवॉर्ड मिला है। केसवेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से फेलोशिप भी हासिल हुई। छवि को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मनुष्यों पर पहले अध्ययन की मंजूरी हासिल कराने में सफलता मिली है।</p>
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