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	<title>जैन धरोहर दिवस &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>तीर्थों के संरक्षण के संकल्प के साथ कोटा में मनाया जैन धरोहर दिवस : 18 मई अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर भी चर्चा की बात दोहराई </title>
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		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 05:59:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए समर्पित श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, हाड़ौती संभाग के तत्वावधान में जैन धरोहर दिवस विज्ञान नगर स्थित जैन मंदिर में श्रद्धा और समर्पण व जागरूकता के वातावरण में भव्यता के साथ मनाया गया। कोटा से पढ़िए, नीता राजेश जैन की रिपोर्ट&#8230; कोटा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए समर्पित श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, हाड़ौती संभाग के तत्वावधान में जैन धरोहर दिवस विज्ञान नगर स्थित जैन मंदिर में श्रद्धा और समर्पण व जागरूकता के वातावरण में भव्यता के साथ मनाया गया। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, नीता राजेश जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा (राज)।</strong> प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए समर्पित श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, हाड़ौती संभाग के तत्वावधान में जैन धरोहर दिवस विज्ञान नगर स्थित जैन मंदिर में श्रद्धा और समर्पण व जागरूकता के वातावरण में भव्यता के साथ मनाया गया। सकल दिगंबर जैन समाज समिति के कई वर्षों तक अध्यक्ष पद पर अपनी नि:स्वार्थ भाव से सेवाएं देने वाले संरक्षक राजमल पाटौदी ने बताया कि सुबह 9 बजे मंगलाचरण से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में मंदिर एवं मूर्ति संरक्षण के लिए राजकुमार चांदवाड़, ईश्वर सोनी एवं निखलेश सेठी ने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। संचालन पीके हरसोरा ने किया।</p>
<p><strong>मंदिरों एवं मूर्तियों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग का आह्वान </strong></p>
<p>स्वागत भाषण में पुरातत्व संयोजक जेके जैन ने बताया कि महासभा विगत 125 वर्षों से निरंतर इस दिशा में कार्यरत है। उन्होंने देवली क्षेत्र में जिन बिम्बों के संरक्षण के लिए महासभा एवं समाज के संयुक्त प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष देशभर में 600 स्थानों पर जैन धरोहर दिवस मनाया जा रहा है। साथ ही पूर्व अध्यक्ष निर्मलकुमार सेठी को विनम्र विनयांजलि अर्पित की गई। परम संरक्षक विमल जैन नांता ने समाज की एकजुटता पर बल देते हुए मंदिरों एवं मूर्तियों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। सकल दिगम्बर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला ने कहा कि जैन मंदिरों की सुरक्षा ही समाज की सुरक्षा है और इसे पवित्र दायित्व बताया। निखलेश सेठी ने सुझाव दिया कि 18 मई अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर कोटा संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मूर्तियों को समाज के समक्ष प्रदर्शित कर उनकी जानकारी दी जानी चाहिए।</p>
<p><strong>इन समाज श्रेष्ठियों का किया गया सम्मान</strong></p>
<p>मुख्य वक्ता आरके जैन ने बिलासगढ़, अटरू एवं शेरगढ़ क्षेत्रों में स्थित हजारों वर्ष प्राचीन मूर्तियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में इन्हें पुरातत्व विभाग के संरक्षण में लिया गया है। महासभा के अध्यक्ष नरेश पांड्य एवं महामंत्री राकेश चपलमन ने जानकारी दी कि कार्यक्रम में श्री आदिनाथ जैन मंदिर, बालिता द्वारा शेरगढ़ से प्राप्त अति प्राचीन मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजित करने पर सम्मान किया गया। साथ ही श्री पंचायत बघेरवाल महावीरजी नेमीश्वर, टिपटा गढ़ पैलेस को प्राचीनता के बावजूद नियमित पूजन-अर्चन बनाए रखने के लिए सम्मानित किया गया। सकल दिगंबर जैन समाज के कई वर्षों तक अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं देने वाले वर्तमान में संरक्षक राजमल पाटौदी ने अपने संबोधन में कहा कि महासभा की यह शाखा लंबे समय से प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों, मूर्तियों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सर्वेक्षण, जीर्णोद्धार एवं संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियां इस समृद्ध धार्मिक विरासत से लाभान्वित हो सकें।</p>
<p><strong>इनकी उपस्थिति रही गरिमामयी</strong></p>
<p>पारस जैन &#8220;पार्श्वमणि&#8221; ने बताया कि इस अवसर पर चित्र अनावरण का सौभाग्य श्रवण कुमार बड़जात्या को मिला तथा दीप प्रज्वलन संजय पांड्या ने किया। कार्यक्रम में संरक्षक राजमल पाटौदी, पुरातत्व संयोजक जेके जैन, महासभा अध्यक्ष नरेश पांड्य, महामंत्री राकेश चपलमन, कार्याध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, कोषाध्यक्ष जीवंधर सोगानी, मनोज जैसवाल, सुरेश हरसोरा, तारा चंद बडला, जिनेंद्र जैन (जज साहब), पंकज सेठी, अशोक पहाड़िया सहित सकल दिगम्बर जैन समाज के मान्य सदस्य उपस्थित थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस पर जबलपुर संभाग की संगोष्ठी : संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना होगा </title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 09:29:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।जबलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; जबलपुर। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।<span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जबलपुर।</strong> भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य। विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दिगंबर जैन बनी गुरुकुल जबलपुर के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी जिनेश भैया मौजूद रहे एवं अध्यक्षता चिंतामणि जैन का. अध्यक्ष तीर्थ संरक्षणी सभा जबलपुर संभाग ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आभा जैन जॉइंट कमिश्नर, डॉ. रंजना जैन इतिहास विशेषज्ञ, प्रोफेसर दीपिका जैन की उपस्थिति रही।</p>
<p>मंगलाचरण महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख नीलांजना जैन ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत समिति की कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट स्मृति भारती, पूर्णिमा जैन, संगीता जैन ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रंजना जैन ने जबलपुर संभाग में फैली हुई पुरातत्व संपदा के बारे में फील्ड की यथार्थ स्थिति सभी के समक्ष प्रस्तुत की। प्रोफेसर दीपिका जैन द्वारा कटनी जिले उमरिया पान तहसील में बिखरी हुई जैन मूर्तियां और उनके अवशेषों के बारे में जानकारी दी गई और साथ ही सुझाव दिया गया कि समाज की वरिष्ठ जन और संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि आभा जैन जॉइंट कमिश्नर द्वारा कहा गया कि हमारे पूर्वजों के द्वारा जो मूर्ति और मंदिर संरक्षित किए गए थे। उनके कारण आज हम तीर्थ की वंदना और दर्शन कर पा रहे हैं। अब हमारा दायित्व है कि हम आगामी पीढ़ी को इसी प्रकार से सुरक्षित और सुंदर मूर्तियां मूल स्वरूप में सुरक्षित हाथों में दे पाए। कार्यक्रम को सरकारी अध्यक्ष चिंतामणि जैन द्वारा संबोधित किया गया और तीर्थ संरक्षिणी सभा को सक्रिय करने हेतु सभी की सहभागिता पर जोर दिया।</p>
<p><strong>प्राकृत भाषा के प्रचार प्रसार और सीखने पर जोर</strong></p>
<p>संस्था उपाध्यक्ष अमिताभ भारती एडवोकेट द्वारा कहा गया कि जैन हेरिटेज विजिट प्रारंभ कर लोगो को जोड़ा जाए। सहसचिव एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने सुझाव दिया कि समस्या के साथ समाधान पर भी चर्चा आवश्यक है। इंजीनियर आशीष जैन द्वारा प्राकृत भाषा के प्रचार प्रसार और सीखने पर जोर दिया गया। महिला प्रमुख नीलांजना जैन द्वारा संगोष्ठी को अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद रूप में किए जाने के लिए सहमति बनी।</p>
<p><strong>प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा</strong></p>
<p>मुख्य अतिथि ब्रह्मचारी जिनेश भैया अधिष्ठाता वर्णी गुरुकुल द्वारा बताया गया कि कि पुरातत्व के क्षेत्र में प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा और प्राचीन मूर्तियों की संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। कुंडलपुर की बड़े बाबा की मूर्ति का संरक्षण के बारे में भैया जी ने आश्वासन दिया कि वे सदैव पुरातत्व के संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग संस्था को प्रदान करते रहेंगे।</p>
<p>समिति में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में एडवोकेट वैभव जैन, राजेश पूर्णिमा जैन, बसंत जैन, सुजीत जैन को सम्मिलित किया गया ।</p>
<p><strong>सबके सहयोग से हुई संगोष्ठी</strong></p>
<p>कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारी विकास जैन की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अमिताभ भारती एवं आभार प्रदर्शन एडवोकेट सत्येंद्र जैन द्वारा किया गया। भारत वर्षीय दिगंबर जैन प्रशासकीय संस्थान द्वारा कार्यक्रम सफल बनाने में सहयोग दिया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ यतीश जैन सचिव जिनेंद्र जैन के द्वारा ऑनलाइन उपस्थित रहकर मार्गदर्शन दिया गया तथा नितिन जैन मीडिया प्रभारी का सहयोग रहा। अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस पर श्रावकों की भूमिका पर हुआ मंथन : संस्था अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने तीर्थ संरक्षण पर दिया जोर </title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 09:09:27 +0000</pubDate>
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<p><strong>भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।<span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जबलपुर।</strong> भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य। विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दिगंबर जैन बनी गुरुकुल जबलपुर के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी जिनेश भैया मौजूद रहे एवं अध्यक्षता चिंतामणि जैन कार्यकारी अध्यक्ष तीर्थ संरक्षणी सभा जबलपुर संभाग ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आभा जैन जॉइंट कमिश्नर, डॉ. रंजना जैन इतिहास विशेषज्ञ, प्रोफेसर दीपिका जैन की उपस्थिति रही। मंगलाचरण महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख नीलांजना जैन ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत समिति की कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट स्मृति भारती, पूर्णिमा जैन, संगीता जैन ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रंजना जैन ने जबलपुर संभाग में फैली हुई पुरातत्व संपदा के बारे में फील्ड की यथार्थ स्थिति सभी के समक्ष प्रस्तुत की। प्रोफेसर दीपिका जैन द्वारा कटनी जिले उमरिया पान तहसील में बिखरी हुई जैन मूर्तियां और उनके अवशेषों के बारे में जानकारी दी गई और साथ ही सुझाव दिया गया कि समाज की वरिष्ठ जन और संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि आभा जैन जॉइंट कमिश्नर द्वारा कहा गया कि हमारे पूर्वजों के द्वारा जो मूर्ति और मंदिर संरक्षित किए गए थे। उनके कारण आज हम तीर्थ की वंदना और दर्शन कर पा रहे हैं। अब हमारा दायित्व है कि हम आगामी पीढ़ी को इसी प्रकार से सुरक्षित और सुंदर मूर्तियां मूल स्वरूप में सुरक्षित हाथों में दे पाए। कार्यक्रम को सरकारी अध्यक्ष चिंतामणि जैन द्वारा संबोधित किया गया और तीर्थ संरक्षिणी सभा को सक्रिय करने हेतु सभी की सहभागिता पर जोर दिया।</p>
<p><strong>प्राकृत भाषा का प्रचार-प्रसार किया जाए</strong></p>
<p>संस्था उपाध्यक्ष अमिताभ भारती एडवोकेट द्वारा कहा गया कि जैन हेरिटेज विजिट प्रारंभ कर लोगो को जोड़ा जाए। सहसचिव एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने सुझाव दिया कि समस्या के साथ समाधान पर भी चर्चा आवश्यक है। इंजीनियर आशीष जैन द्वारा प्राकृत भाषा के प्रचार-प्रसार और सीखने पर जोर दिया गया। महिला प्रमुख नीलांजना जैन द्वारा संगोष्ठी को अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद रूप में किए जाने के लिए सहमति बनी।</p>
<p><strong>प्राचीनता और आधुनिकता के समन्वय पर जोर</strong></p>
<p>मुख्य अतिथि ब्रह्मचारी जिनेश भैया अधिष्ठाता वर्णी गुरुकुल द्वारा बताया गया कि कि पुरातत्व के क्षेत्र में प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा और प्राचीन मूर्तियों की संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। कुंडलपुर की बड़े बाबा की मूर्ति का संरक्षण के बारे में भैया जी ने आश्वासन दिया कि वे सदैव पुरातत्व के संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग संस्था को प्रदान करते रहेंगे।</p>
<p>समिति में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में एडवोकेट वैभव जैन, राजेश पूर्णिमा जैन, बसंत जैन, सुजीत जैन को सम्मिलित किया गया। कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप पदाधिकारी विकास जैन की उपस्थिति रही। संचालन एडवोकेट अमिताभ भारती एवं आभार प्रदर्शन एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने किया। भारत वर्षीय दिगंबर जैन प्रशासकीय संस्थान द्वारा कार्यक्रम सफल बनाने में सहयोग दिया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ यतीश जैन सचिव जिनेंद्र जैन के द्वारा ऑनलाइन उपस्थित रहकर मार्गदर्शन दिया गया तथा नितिन जैन मीडिया प्रभारी का सहयोग रहा। अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस पर श्रावकों की भूमिका पर हुआ मंथन : संस्था अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने तीर्थ संरक्षण पर दिया जोर </title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 05:17:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।जबलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की खबर&#8230; जबलपुर। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।<span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जबलपुर।</strong> भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य। विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दिगंबर जैन बनी गुरुकुल जबलपुर के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी जिनेश भैया मौजूद रहे एवं अध्यक्षता चिंतामणि जैन कार्यकारी अध्यक्ष तीर्थ संरक्षणी सभा जबलपुर संभाग ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आभा जैन जॉइंट कमिश्नर, डॉ. रंजना जैन इतिहास विशेषज्ञ, प्रोफेसर दीपिका जैन की उपस्थिति रही। मंगलाचरण महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख नीलांजना जैन ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत समिति की कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट स्मृति भारती, पूर्णिमा जैन, संगीता जैन ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रंजना जैन ने जबलपुर संभाग में फैली हुई पुरातत्व संपदा के बारे में फील्ड की यथार्थ स्थिति सभी के समक्ष प्रस्तुत की। प्रोफेसर दीपिका जैन द्वारा कटनी जिले उमरिया पान तहसील में बिखरी हुई जैन मूर्तियां और उनके अवशेषों के बारे में जानकारी दी गई और साथ ही सुझाव दिया गया कि समाज की वरिष्ठ जन और संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि आभा जैन जॉइंट कमिश्नर द्वारा कहा गया कि हमारे पूर्वजों के द्वारा जो मूर्ति और मंदिर संरक्षित किए गए थे। उनके कारण आज हम तीर्थ की वंदना और दर्शन कर पा रहे हैं। अब हमारा दायित्व है कि हम आगामी पीढ़ी को इसी प्रकार से सुरक्षित और सुंदर मूर्तियां मूल स्वरूप में सुरक्षित हाथों में दे पाए। कार्यक्रम को सरकारी अध्यक्ष चिंतामणि जैन द्वारा संबोधित किया गया और तीर्थ संरक्षिणी सभा को सक्रिय करने हेतु सभी की सहभागिता पर जोर दिया।</p>
<p><strong>प्राकृत भाषा का प्रचार-प्रसार किया जाए</strong></p>
<p>संस्था उपाध्यक्ष अमिताभ भारती एडवोकेट द्वारा कहा गया कि जैन हेरिटेज विजिट प्रारंभ कर लोगो को जोड़ा जाए। सहसचिव एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने सुझाव दिया कि समस्या के साथ समाधान पर भी चर्चा आवश्यक है। इंजीनियर आशीष जैन द्वारा प्राकृत भाषा के प्रचार-प्रसार और सीखने पर जोर दिया गया। महिला प्रमुख नीलांजना जैन द्वारा संगोष्ठी को अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद रूप में किए जाने के लिए सहमति बनी।</p>
<p><strong>प्राचीनता और आधुनिकता के समन्वय पर जोर</strong></p>
<p>मुख्य अतिथि ब्रह्मचारी जिनेश भैया अधिष्ठाता वर्णी गुरुकुल द्वारा बताया गया कि कि पुरातत्व के क्षेत्र में प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा और प्राचीन मूर्तियों की संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। कुंडलपुर की बड़े बाबा की मूर्ति का संरक्षण के बारे में भैया जी ने आश्वासन दिया कि वे सदैव पुरातत्व के संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग संस्था को प्रदान करते रहेंगे।</p>
<p>समिति में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में एडवोकेट वैभव जैन, राजेश पूर्णिमा जैन, बसंत जैन, सुजीत जैन को सम्मिलित किया गया। कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप पदाधिकारी विकास जैन की उपस्थिति रही। संचालन एडवोकेट अमिताभ भारती एवं आभार प्रदर्शन एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने किया। भारत वर्षीय दिगंबर जैन प्रशासकीय संस्थान द्वारा कार्यक्रम सफल बनाने में सहयोग दिया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ यतीश जैन सचिव जिनेंद्र जैन के द्वारा ऑनलाइन उपस्थित रहकर मार्गदर्शन दिया गया तथा नितिन जैन मीडिया प्रभारी का सहयोग रहा। अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस पर जबलपुर संभाग की संगोष्ठी : संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना होगा </title>
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		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:01:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।जबलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; जबलपुर। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य।<span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जबलपुर।</strong> भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जबलपुर संभाग के द्वारा जैन धरोहर दिवस एवं निर्मल सेठी की पुण्यतिथि विचार गोष्ठी संपन्न हुई। विचार गोष्ठी का विषय था जैन धरोहर के संरक्षण में श्रावकों की भूमिका और कर्तव्य। विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दिगंबर जैन बनी गुरुकुल जबलपुर के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी जिनेश भैया मौजूद रहे एवं अध्यक्षता चिंतामणि जैन का. अध्यक्ष तीर्थ संरक्षणी सभा जबलपुर संभाग ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आभा जैन जॉइंट कमिश्नर, डॉ. रंजना जैन इतिहास विशेषज्ञ, प्रोफेसर दीपिका जैन की उपस्थिति रही।</p>
<p>मंगलाचरण महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख नीलांजना जैन ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत समिति की कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट स्मृति भारती, पूर्णिमा जैन, संगीता जैन ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रंजना जैन ने जबलपुर संभाग में फैली हुई पुरातत्व संपदा के बारे में फील्ड की यथार्थ स्थिति सभी के समक्ष प्रस्तुत की। प्रोफेसर दीपिका जैन द्वारा कटनी जिले उमरिया पान तहसील में बिखरी हुई जैन मूर्तियां और उनके अवशेषों के बारे में जानकारी दी गई और साथ ही सुझाव दिया गया कि समाज की वरिष्ठ जन और संस्थाओं को पुरातत्व के संरक्षण में आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि आभा जैन जॉइंट कमिश्नर द्वारा कहा गया कि हमारे पूर्वजों के द्वारा जो मूर्ति और मंदिर संरक्षित किए गए थे। उनके कारण आज हम तीर्थ की वंदना और दर्शन कर पा रहे हैं। अब हमारा दायित्व है कि हम आगामी पीढ़ी को इसी प्रकार से सुरक्षित और सुंदर मूर्तियां मूल स्वरूप में सुरक्षित हाथों में दे पाए। कार्यक्रम को सरकारी अध्यक्ष चिंतामणि जैन द्वारा संबोधित किया गया और तीर्थ संरक्षिणी सभा को सक्रिय करने हेतु सभी की सहभागिता पर जोर दिया।</p>
<p><strong>प्राकृत भाषा के प्रचार प्रसार और सीखने पर जोर</strong></p>
<p>संस्था उपाध्यक्ष अमिताभ भारती एडवोकेट द्वारा कहा गया कि जैन हेरिटेज विजिट प्रारंभ कर लोगो को जोड़ा जाए। सहसचिव एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने सुझाव दिया कि समस्या के साथ समाधान पर भी चर्चा आवश्यक है। इंजीनियर आशीष जैन द्वारा प्राकृत भाषा के प्रचार प्रसार और सीखने पर जोर दिया गया। महिला प्रमुख नीलांजना जैन द्वारा संगोष्ठी को अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद रूप में किए जाने के लिए सहमति बनी।</p>
<p><strong>प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा</strong></p>
<p>मुख्य अतिथि ब्रह्मचारी जिनेश भैया अधिष्ठाता वर्णी गुरुकुल द्वारा बताया गया कि कि पुरातत्व के क्षेत्र में प्राचीनता और आधुनिकता का समन्वय करना होगा और प्राचीन मूर्तियों की संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। कुंडलपुर की बड़े बाबा की मूर्ति का संरक्षण के बारे में भैया जी ने आश्वासन दिया कि वे सदैव पुरातत्व के संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग संस्था को प्रदान करते रहेंगे।</p>
<p>समिति में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में एडवोकेट वैभव जैन, राजेश पूर्णिमा जैन, बसंत जैन, सुजीत जैन को सम्मिलित किया गया ।</p>
<p><strong>सबके सहयोग से हुई संगोष्ठी</strong></p>
<p>कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारी विकास जैन की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अमिताभ भारती एवं आभार प्रदर्शन एडवोकेट सत्येंद्र जैन द्वारा किया गया। भारत वर्षीय दिगंबर जैन प्रशासकीय संस्थान द्वारा कार्यक्रम सफल बनाने में सहयोग दिया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ यतीश जैन सचिव जिनेंद्र जैन के द्वारा ऑनलाइन उपस्थित रहकर मार्गदर्शन दिया गया तथा नितिन जैन मीडिया प्रभारी का सहयोग रहा। अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>
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		<title>मुनि संघ एवं आर्यिका माताजी के आशीर्वाद से जैन धरोहर दिवस पर हुए कार्यक्रम : धार्मिक स्थल आध्यात्मिक केंद्र के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए </title>
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		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 11:47:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत वर्षीय दिगम्बर जैन महासभा एवं तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी इंदौर के गुमास्ता नगर, जैन कालोनी एवं सुदामा नगर समाज जनों के बीच पहुंचकर महासभा की जानकारी देते हुए ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा के लिए जनमानस से संवाद स्थापित किया। इंदौर से पढ़िए, टीके वेद की रिपोर्ट&#8230; इंदौर। पुरातत्व अन्वेषी, जिनधर्म [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत वर्षीय दिगम्बर जैन महासभा एवं तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी इंदौर के गुमास्ता नगर, जैन कालोनी एवं सुदामा नगर समाज जनों के बीच पहुंचकर महासभा की जानकारी देते हुए ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा के लिए जनमानस से संवाद स्थापित किया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, टीके वेद की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> पुरातत्व अन्वेषी, जिनधर्म प्रभावना के साथ जैन इतिहास को खोजने के लिए दर्जनों देशों की यात्रा करने वाले श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार सेठी के स्मृति दिवस पर पांचवें जैन धरोहर दिवस के दूसरे दिन भारत वर्षीय दिगम्बर जैन महासभा एवं तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी इंदौर के गुमास्ता नगर, जैन कालोनी एवं सुदामा नगर समाज जनों के बीच पहुंचकर महासभा की जानकारी देते हुए ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा के लिए जनमानस से संवाद स्थापित किया। निर्ग्रन्थ सेंटर ऑफ आर्कियोलॉजी इंदौर के पुरातत्व संयोजक ओम पाटोदी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत गुमास्ता नगर से आर्यिका माताजी ज्ञेय श्री जी के सानिध्य में की गई।</p>
<p>आर्यिका मां ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किए जा रहे हैं जबकि, उन्हें आध्यात्मिक केंद्र के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक प्रतिपाल टोंग्या, सुभाष सेठिया ने कार्यक्रम का संचालन किया। पदाधिकारी जैन कॉलोनी पहुंचे। जहां पर मुनि श्री मुनि सागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन करके आशीर्वाद प्राप्त किया एवं अपनी बात रखी। मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह हम अपने परिवार की देखभाल करते हैं वैसे ही अपनी धरोहर की रक्षा करते रहे।</p>
<p>स्थानीय कार्यक्रम संयोजक गिरीश पाटोदी ने आभार ज्ञापित किया। सुदामा नगर में समाज जनों को विरासतों के महत्व को बताते हुए जागरूक होने की बात कही गई। जहां पर मौजूद जैन गणित के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने वाले विद्वान डॉ.अनुपम जैन ने श्रद्धेय सेठी के साथ बिताए पलों को याद करते हुए जैन पुरातत्व पर उनके द्वारा किए गए अद्भुत कार्य को जनता को बताया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-105761" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023-300x134.jpg" alt="" width="300" height="134" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023-300x134.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023-1024x458.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023-768x343.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023-990x442.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260427-WA0023.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>जैन पुरावशेषों विषयक सामग्री को खोजने का प्रयत्न किया</strong></p>
<p>महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टीके वैद ने कहा कि निर्मल सेठी द्वारा जैन पुरातत्व का अन्वेषण देश-विदेश के प्राचीन जैन तीर्थों और विभिन्न भागों में अवस्थित स्थानों पर पुरातत्व और इतिहास से जुड़े विद्वानों के साथ स्वयं जाकर वहाँ की विपुल सामग्री को प्रकाश में लाने कि महत्वपूर्ण कार्य किया तथा अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका महाद्वीपो के देशों में लगभग चालीस नगरों की यात्रा कर जैन पुरावशेषों विषयक सामग्री को खोजने का प्रयत्न किया, अनेक संगोष्ठियां करवाई एवं स्वयं जैन पुरातत्व पर अनेक आलेख लिखकर जैन पुरा वैभव से जन-जन को अवगत कराया। संचालन विमलकुमार झांझरी ने किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सेठी, महामंत्री कैलाश लुहाड़िया, कार्याध्यक्ष तल्लिन बड़जात्या, कोषाध्यक्ष राकेश पाटनी एवं निर्ग्रन्थ सेंटर ऑफ आर्कियोलॉजी के पुरातत्व संयोजक ओम पाटोदी इदौर संभाग प्रभारी पवन पाटोदी जी उपस्थित रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में श्रुत संवर्धिनी महासंभा के प्रदेश अध्यक्ष इन्द्र सेठी भी उपस्थित रहे। इसी प्रकार एक दिन पूर्व संध्या में श्री अजित नाथ जिनालय मार्डन सिटी में पवन जैन पार्षद के संयोजन में एवं प्रदेश गुल्लक योजना प्रभारी ऊषा पाटनी के नेतृत्व में गुप्ति सदन दिगम्बर जैन मंदिर में जैन धरोहर दिवस पर विशेष कार्यक्रम किया गया।</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस पर पुराने तीर्थों की खोज के प्रति समाज को जागरूक किया : गोयल नगर, कनाड़िया रोड़, विद्या पैलेस एवं छावनी के दिगंबर जैन मंदिरों में मनाया दिवस </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_jain_heritage_day_the_society_was_made_aware_about_the_discovery_of_ancient_pilgrimage_sites/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:03:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए रविवार को श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार सेठी की स्मृति में पांचवां जैन धरोहर दिवस रविवार को मनाया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए रविवार को श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार सेठी की स्मृति में पांचवां जैन धरोहर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए रविवार को श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार सेठी की स्मृति में पांचवां जैन धरोहर दिवस रविवार को मनाया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर</strong>। ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए रविवार को श्रावक श्रेष्ठी निर्मलकुमार सेठी की स्मृति में पांचवां जैन धरोहर दिवस रविवार को मनाया गया। इस अवसर पर अपने प्राचीन एवं पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल, मंदिरों के रख रखाव के साथ ही पुराने तीर्थो की खोज के प्रति समाज जनों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टीके वेद, प्रादेशिक अध्यक्ष देवेंद्र सेठी, कार्याध्यक्ष तल्लीन बडजात्या, महामंत्री कैलाश लुहाड़िया, कोषाध्यक्ष राकेश पाटनी, इंदौर क्षेत्र पुरातत्व संयोजक ओम पाटोदी एवं इंदौर के सह संयोजक स्वप्निल जैन उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती बडजात्या ने मंगलाचरण किया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन किया।अतिथियों का स्वागत मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने किया।</p>
<p><strong>समाज की सबसे पुरानी संस्था- वेद</strong></p>
<p>टीके वेद ने बताया कि महासभा 125 वर्ष पूर्ण कर चुकी है एवं समाज की सबसे पुरानी संस्था है। उन्होंने कहा कि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजराज गंगवाल देहली, राष्ट्रीय महामंत्री राजकुमार सेठी कोलकाता के मार्गदर्शन और निर्देशन में कार्यक्रम देश के हर क्षेत्र में हो रहा है। इसी तारतम्य में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और संभाग मुख्यालयों, इंदौर के सभी प्रमुख जिनालयों में यह कार्यक्रम किया जा रहा हैं।</p>
<p><strong>इन्होंने रखे विचार</strong></p>
<p>कार्यक्रम में देवेंद्र सेठी, कैलाश लुहाड़िया, तल्लीन बड़जात्या, राकेश पाटनी ने भी अपनी बात रखी एवं श्रावक श्रेष्ठी निर्मल सेठी के जैन तीर्थ स्थल की खोज उनके संरक्षण संवर्धन के प्रति किए गए महत्वपूर्ण कार्यों से समाज को अवगत कराया। आभार ओम पाटोदी ने माना। इस अवसर पर पुरातत्व सह संयोजक स्वप्निल जैन भी उपस्थित रहे। संचालन दिलीप पाटनी गोयल नगर, महावीर जैन (कनाड़िया रोड़), मयंक जैन (विद्या पैलेस)एवं प्रकाश बड़जात्या (छावनी) ने किया। इस अवसर पर समाज के श्रेष्ठीगण व मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
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		<title>27 अप्रैल को होने वाला है जैन धरोहर दिवस : महाकौशल में विभिन्न स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार </title>
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		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 07:40:48 +0000</pubDate>
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<p><strong>श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षणी महासभा जबलपुर संभाग द्वारा रविवार को पुरातत्व संयोजकों की बैठक की गई। जिसमें आगम में 27 अप्रैल को होने वाले जैन धरोहर दिवस को पूरे महाकौशल में विभिन्न स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। <span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>जबलपुर।</strong> श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षणी महासभा जबलपुर संभाग द्वारा रविवार को पुरातत्व संयोजकों की बैठक की गई। जिसमें आगम में 27 अप्रैल को होने वाले जैन धरोहर दिवस को पूरे महाकौशल में विभिन्न स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। प्रारंभिक तौर पर विभिन्न स्थान पर कार्यक्रम तय किए गए। कार्यक्रम का प्रारंभ संभागीय महिला प्रमुख नीलांजना जैन, स्मृति जैन, संगीता जैन ने मंगलाचरण किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष चिंतामणि जैन ने कार्यक्रम के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.यतीश जैन ने विभिन्न स्थानों पर किस तरह से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है एवं उसके महत्व के संबंध में प्रकाश डाला। जैन पुरातत्व एवं धरोहरों के प्रति जन जागरण करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस अवसर पर प्रोफेसर दीपिका जैन ने बताया अभी भी अनेक स्थान पर खंडित जैन मूर्तियां उमरिया पान कटनी जिले के पास बिखरी हुई है। इसके संरक्षण के संबंध में कार्य किया जा सकता है। उपाध्यक्ष अमिताभ भारती द्वारा ऐसे स्थान पर हेरिटेज वॉक का कार्यक्रम आगामी दिनों में किया जाएगा। एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने भी अनेक कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। संभागीय उपाध्यक्ष निशित जैन ने विभिन्न मंदिरों में जैन धरोहर दिवस के कार्यक्रमों के आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी ने स्वीकार किया गया।</p>
<p>अनिल जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए गए और धरोहर दिवस पर संगोष्ठी आयोजन के संबंध में कार्यक्रम बनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम करने के लिए बैनर पोस्टर अभी से प्रदर्शित करने का निर्णय भी लिया गया। इस अवसर पर प्रो.ज्योति जैन ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन के साथ-साथ जैन धरोहरों को डॉक्यूमेंटेशन करने की बात कही। धन्यवाद ज्ञापन निशित जैन ने किया। संचालन नीलांजना जैन ने किया।</p>
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		<title>जैन धरोहर दिवस मनाया गया बेंगलुरू में  स्व. निर्मल कुमार सेठी की तृतीय पुण्यतिथि पर हुआ आयोजन  </title>
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		<pubDate>Fri, 03 May 2024 01:30:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[स्व. निर्मल कुमार सेठी ने अपने जीवन में 40 साल तक महासभा की अध्यक्षता को संभालते हुए देश विदेश में जैन धर्म, समाज सेवा एवं पुरातत्व के लिए जो कार्य किया,उनके कार्य को देखते हुए देश में हर साल जैन धरोहर दिवस पूरे जोर -शोर से मनाया जाता है।स्व. निर्मल कुमार सेठी की तृतीय पुण्यतिथि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>स्व. निर्मल कुमार सेठी ने अपने जीवन में 40 साल तक महासभा की अध्यक्षता को संभालते हुए देश विदेश में जैन धर्म, समाज सेवा एवं पुरातत्व के लिए जो कार्य किया,उनके कार्य को देखते हुए देश में हर साल जैन धरोहर दिवस पूरे जोर -शोर से मनाया जाता है।स्व. निर्मल कुमार सेठी की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर बेंगलुरू में ‘जैन धरोहर दिवस’ मनाया गया ।अध्यक्ष राज्यसभा सांसद नवीन जैन PNC व मुख्य अतिथि सुरेन्द्र हेगड़े थे।<span style="color: #ff0000">पढि़ए विशेष रिपोर्ट ……</span></strong></p>
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<p><strong> बेंगलुरू ।</strong>स्व. निर्मल कुमार सेठी ने अपने जीवन में 40 साल तक महासभा की अध्यक्षता को संभालते हुए देश विदेश में जैन धर्म, समाज सेवा एवं पुरातत्व के लिए जो कार्य किया,उनके कार्य को देखते हुए देश में हर साल जैन धरोहर दिवस पूरे जोर -शोर से मनाया जाता है। तृतीय स्मृति दिवस के उपलक्ष पर जैन धरोहर दिवस कार्यक्रम का आयोजन पूरे देश में किया गया। स्वर्गीय निर्मल कुमार सेठी मेमोरियल अवॉर्ड से सुचित्रा दास एवं ज्ञानमल शाह को उनके विशेष योगदान के लिए एक-एक लाख की राशि से सेठी ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया।</p>
<p>जैन धरोहर दिवस’ का आयोजन पिताजी के याद में धर्मेंद्र सेठी ने यह पूरा कार्यक्रम बहुत ही सुव्यवस्थित रूप, श्री सिद्धांत कीर्ति स्वामी जी की उपस्थिति मे किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण ज्ञानोंदय के अध्यक्ष जे के जैन बेंगलुरु ने दिया ।स्वामी सिद्धांत चक्र जी ने आशीर्वाद से सभी को संबोधित किया , नवीन जैन PNC सांसद राज्यसभा ने सेठी के कार्यों को याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>हुलास सेठी, अरुण बाकलीवाल, संजय जी गंगवाल, धर्मेंद्र जैन सेठी के परिवार में रिंकू जैन, चिरायु जैन, तमन्ना जैन, कल्पना बकलीवाल, रेखा गंगवाल, अनूप देवी जैन, संतोष गंगवाल, मधू जैन, आशीष जैन, अभिषेक जैन, सारिका जैन, टिकू कला आदि। सुरेंद्र हेगडे, जय कुमार उपाध्याय, राजकुमार सेठी महामंत्री तीर्थ, रमेश तिजारिया कार्याध्यक्ष, सुंदर लाल डागरिया वरिष्ठ उपाध्यक्ष महासभा, जमनालाल जैन हपावत अध्यक्ष ग्लोबल महासभा, महावीर गंगवाल हाथीगोला (अध्यक्ष गोहाटी समाज), अशोक छाबड़ा (असम), रमेश , भागचंद भास्कर, सोहन लाल कासलीवाल, मनीष जैन, अशोक सेठी, निहाल ठोलिया, युगल सोनी, सुमत लला , निर्मल पाटोदी, विकास जैन (बेंगलुरु), प्रमोद , के के जैन व विकास दिल्ली आदि श्रेष्ठि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को तन- मन- धन से स्व. निर्मल कुमार सेठी के सुपुत्र धर्मेंद्र सेठी ने सेठी ट्रस्ट के माध्यम से आयोजित किया एवं पारस चैनल, जिनवाणी चैनल, आदिनाथ चैनल आदि से लाइव प्रसारण हुआ।</p>
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		<title>जैन संस्कृति विश्व की महानतम संस्कृतियों में एक : जैन धरोहर दिवस मनाया गया </title>
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		<pubDate>Sun, 28 Apr 2024 10:16:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धुलियान (मुर्शिदाबाद)। श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जैन पुरातत्व संरक्षण में अपना जीवन समर्पित करने वाले निर्मल जैन सेठी की पुण्यतिथि को जैन धरोहर दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर साहिल झांझरी, मनोज बड़जात्या, संजय कुमार बड़जात्या, देवेन जी गंगवाल आदि तथा धुलियान महिला समाज के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धुलियान (मुर्शिदाबाद)।</strong> श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जैन पुरातत्व संरक्षण में अपना जीवन समर्पित करने वाले निर्मल जैन सेठी की पुण्यतिथि को जैन धरोहर दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर साहिल झांझरी, मनोज बड़जात्या, संजय कुमार बड़जात्या, देवेन जी गंगवाल आदि तथा धुलियान महिला समाज के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में संजय बड़जात्या ने कहा कि जैन संस्कृति विश्व की महानतम संस्कृतियों में एक है, अपनी प्राचीन संस्कृति को रक्षा करना उसकी सार संभाल करना व उसकी सुरक्षा का उपाय करना हम जैनियों का कर्तव्य है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-59665" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016.jpg" alt="" width="1280" height="576" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240428-WA0016-990x446.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /> निर्मल सेठी ने जैन पुरातत्व के बारे में देश- विदेश जाकर अभूतपूर्व जानकारी हासिल की थी। उन्होंने कहा कि कहीं जैन तीर्थंकर की मूर्ति मिले तो जैन पुरातत्व संग्रहालय में भिजवाना चाहिए तथा नये मंदिर में पौराणिक मूर्ति को स्थान देना चाहिए।</p>
<p><iframe title="जैन संस्कृति विश्व की महानतम संस्कृतियों में एक : जैन धरोहर दिवस मनाया गया" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/5MmMzfBZKhU?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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