<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%A8-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BF-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 26 Dec 2025 12:37:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>प्राकृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल धारा : नैनागिरि में राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ उद्घाटन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/prakrit_language_is_the_main_stream_of_indian_knowledge_tradition/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/prakrit_language_is_the_main_stream_of_indian_knowledge_tradition/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 12:37:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Vasunandiji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Central Sanskrit University]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tirtha Nainagiri Trust Committee]]></category>
		<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Prakrit Language Development Foundation]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन (रजि.) सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97081</guid>

					<description><![CDATA[केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) तथा प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला का उद्घाटन सत्र गुरुवार को हुआ। यह सत्र केवल एक औपचारिक उद्घाटन नहीं, बल्कि प्राकृत भाषा के पुनर्जागरण का सशक्त उद्घोष सिद्ध हुआ। नैनागिरि से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) तथा प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला का उद्घाटन सत्र गुरुवार को हुआ। यह सत्र केवल एक औपचारिक उद्घाटन नहीं, बल्कि प्राकृत भाषा के पुनर्जागरण का सशक्त उद्घोष सिद्ध हुआ। <span style="color: #ff0000">नैनागिरि से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नैनागिरि।</strong> केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) तथा प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला का उद्घाटन सत्र गुरुवार को हुआ। यह सत्र केवल एक औपचारिक उद्घाटन नहीं, बल्कि प्राकृत भाषा के पुनर्जागरण का सशक्त उद्घोष सिद्ध हुआ। प्रातः प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न 14 प्रांतों से आए विद्वान, शोधार्थी, शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री तथा कार्यशाला के मीडिया प्रभारी राजेश रागी ने बताया कि उद्घाटन की मंगलवेला में आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज द्वारा विरचित प्राकृत स्तुति के सामूहिक उच्चारण से संपूर्ण सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इसके पश्चात् राष्ट्रगीत एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगीत के गायन ने राष्ट्रीय चेतना और अकादमिक एकात्मता का भाव जाग्रत किया। अतिथियों ने चित्रानावरण एवं दीप प्रज्वलन कर ज्ञान दीप प्रज्वलित किया।</p>
<p><strong>कार्यशालाएं नई पीढ़ी को अपनी भाषायी जड़ों से जोड़ने का माध्यम </strong></p>
<p>उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. यशवंतसिंह ठाकुर ने उद्बोधन में कहा कि प्राकृत भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल धारा है, जिसके बिना दर्शन, साहित्य और संस्कृति की सम्यक् समझ अधूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं नई पीढ़ी को अपनी भाषायी जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. ऋषभचंद जैन फौजदार ने प्राकृत भाषा को लोक और शास्त्र के सेतु के रूप में निरूपित करते हुए कहा कि 21 दिवसीय यह कार्यशाला अध्ययन, चिंतन और शोध की दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगी।मुख्य वक्तव्य में डी. ब्र. राकेश जैन ने प्राकृत भाषा के व्याकरणिक, दार्शनिक एवं साहित्यिक पक्षों की वैज्ञानिकता को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्राकृत केवल अतीत की भाषा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की शोधदृभाषा भी है।</p>
<p><strong>कार्यशाला के उद्देश्यों को किया रेखांकित </strong></p>
<p>उद्घाटन सत्र में अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का स्वागत-सम्मान जैन तीर्थ नैनागिरि कमेटी एवं प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन ने परंपरागत विधि से किया। स्वागत भाषण में डॉ. कैलाशचन्द सैनी ने कार्यशाला के उद्देश्यों, संरचना और अपेक्षित उपलब्धियों को रेखांकित किया जबकि, नैनागिरि तीर्थक्षेत्र प्रतिनिधि देवेन्द्र जैन लुहारी ने तीर्थक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक गरिमा पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong>प्राकृत भाषा भारतीय संस्कृति की प्राण </strong></p>
<p>प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन का परिचय देते हुए डॉ. आशीष जैन ने प्राकृत भाषा के संरक्षण, प्रशिक्षण और शोध के लिए किए जा रहे सतत् प्रयासों की जानकारी दी। कार्यशाला की रूपरेखा एवं अध्यापकों का परिचय डॉ. धर्मेन्द्र जैन ने प्रस्तुत किया तथा डॉ. सतेंद्र जैन ने कार्यशाला के शैक्षिक, अकादमिक एवं व्यावहारिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए वैचारिक समृद्धि का अवसर बनेगा। कुलगुरु अभिभाषण में प्रो. यशवंतसिंह ठाकुर ने प्राकृत अध्ययन को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताया। वहीं अध्यक्षीय भाषण में प्रो. ऋषभचंद जैन फौजदार ने इसे भारतीय भाषायी चेतना के पुनर्संस्कार का सशक्त प्रयास बताया। मुनिश्री शाश्वतसागर जी महाराज ने अपने आशीष वचनों में कहा कि प्राकृत भाषा भारतीय संस्कृति की प्राण है। इस पुनर्जीवित करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ माध्यम है।</p>
<p>संचालन डॉ. आशीष जैन आचार्य ने किया। उद्घाटन सत्र का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा राजेश जैन रागी बकस्वाहा एवं डॉ. प्रभातकुमार दास ने आभार जताया। प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज द्वारा विरचित प्राकृत स्तुति पूर्वक कार्यक्रम को सार्थक पूर्णता प्रदान की। उद्घाटन सत्र ने यह स्पष्ट कर दिया कि 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/prakrit_language_is_the_main_stream_of_indian_knowledge_tradition/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन तीर्थ नैनागिरि में लगाया स्वास्थ्य शिविर : 300 से अधिक मरीजों का हुआ प्रशिक्षण </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/health_camp_organized_in_jain_pilgrimage_nainagiri/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/health_camp_organized_in_jain_pilgrimage_nainagiri/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Feb 2025 17:15:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bakswaha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[shree digambar jain tirth nainagiri]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[sidhh kshetra naina giri truth kameti]]></category>
		<category><![CDATA[svasthya shivir]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[ग्वालियर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बकस्वाहा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन तीर्थ नैनागिरी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=74264</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि कमेटी के तत्वावधान में जैन तीर्थ नैनागिरि परिसर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 300 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया।नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया गया। पढ़िए बकस्वाहा से रत्नेश जैन रागी की खबर&#8230; बकस्वाहा। तहसील अंतर्गत श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि कमेटी के तत्वावधान में जैन तीर्थ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि कमेटी के तत्वावधान में जैन तीर्थ नैनागिरि परिसर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 300 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया।नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए बकस्वाहा से रत्नेश जैन रागी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा।</strong> तहसील अंतर्गत श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि कमेटी के तत्वावधान में जैन तीर्थ नैनागिरि परिसर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 300 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। 154 मरीजों के एक्स रे, 29 मरीजों का टीबी रोग परीक्षण, 25 ग्रामीणों की आंखों का परीक्षण तथा 30 लोगों का ब्लड ग्रुप परीक्षण के साथ ही अन्य रोगों का निदान किया गया।</p>
<p><strong>पोषण युक्त किट का वितरण किया</strong></p>
<p>इस शिविर में सभी रोगियों को निःशुल्क दवाओं का वितरण एवं टीबीसे ग्रसित मरीजों को एक माह का पोषण युक्त किट का वितरण किया गया। इस आदिवासी और पिछड़ा व हरिजन वर्ग बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्र नैनागिरि के अलावा समीपस्थ मानकी,खिरिया, बेरखेरी,सुजारा,देवपुर, गुगवारा सहित अनेक गांव के मरीजों ने अपने रोगों के परीक्षण का लाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>इन्होंने दिया शिविर में योगदान</strong></p>
<p>इस शिविर में डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी,जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि मशकोले, जिला पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर डॉ. चक्रेश जैन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ.असाटी, धुर्वे तथा नैनागिरि के सीएचओ सोनी सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने परीक्षण में योगदान दिया।</p>
<p><strong>इन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया</strong></p>
<p>जैन तीर्थ नैनागिरि की ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष आईएएस सुरेश जैन, भोपाल सीईओ विनोद जैन तथा शिविर संयोजक जैन तीर्थ नैनागिरि कमेटी के मंत्री राजेश रागी और देवेन्द्र लुहारी ने जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य प्रशासन, सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस शिविर में नैनागिरि तीर्थ के मैनेजर शिखर चंद्र, सहायक विकास जैन के साथ क्षेत्र स्टाफ का सहानीय सहयोग रहा।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-74267" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0053-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />साधनहीनों कपड़े बांटे</strong></p>
<p>इस शिविर के पूर्व 0 से लेकर 10 वर्ष के बच्चों को गर्म एवं अन्य आवश्यक कपड़े और साधनहीन पिछड़े ग्रामीणों को कम्बल आदि का नि:शुल्क वितरण जैन क्षेत्र कमेटी की ओर से किया गया ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/health_camp_organized_in_jain_pilgrimage_nainagiri/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
