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	<title>जिनवाणी आराधना &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>जिनवाणी आराधना &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>श्रुत पंचमी पर दिगंबर जैन समाज डडूका ने की जिनवाणी आराधना : प्राचीन ग्रंथों और शास्त्रों का किया संरक्षण, आचार्य पुष्पदंत-भूतबली का स्मरण </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:11:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[डडूका में दिगंबर जैन समाज द्वारा श्रुत पंचमी पर्व श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान आराधना के साथ मनाया गया। पार्श्वनाथ जिनालय में अभिषेक, जिनवाणी पूजन एवं प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजजनों ने शास्त्रों के महत्व को स्मरण करते हुए जिनवाणी माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पढ़िए अजीत कोठिया की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>डडूका में दिगंबर जैन समाज द्वारा श्रुत पंचमी पर्व श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान आराधना के साथ मनाया गया। पार्श्वनाथ जिनालय में अभिषेक, जिनवाणी पूजन एवं प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजजनों ने शास्त्रों के महत्व को स्मरण करते हुए जिनवाणी माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डडूका।</strong> दिगंबर जैन समाज डडूका द्वारा ज्ञान और शास्त्रों की आराधना का महापर्व श्रुत पंचमी पारंपरिक श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने जिनवाणी माता की आराधना कर जैन धर्म के प्राचीन ग्रंथों एवं शास्त्रों के संरक्षण का संकल्प दोहराया।</p>
<p><strong>पार्श्वनाथ भगवान का हुआ अभिषेक</strong></p>
<p>श्रुत पंचमी पर्व पर प्रातःकाल पार्श्वनाथ जिनालय के गर्भगृह में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का जलाभिषेक जय सेठ एवं प्रदीप सेठ परिवार द्वारा सम्पन्न किया गया। प्रथम तीन अभिषेककर्ताओं में रमणलाल शाह, अजीत कोठिया एवं अनिल कोठिया को यह पुण्य लाभ प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जिनवाणी माता को समर्पित किए अर्घ्य</strong></p>
<p>पार्श्वनाथ जिनालय परिसर में श्रुत पंचमी के उपलक्ष्य में राजेंद्र कोठिया के मंत्रोच्चार के साथ जिनवाणी माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित कर ज्ञान की अधिष्ठात्री जिनवाणी माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।</p>
<p><strong>प्राचीन ग्रंथों का किया संरक्षण एवं श्रृंगार</strong></p>
<p>श्रुत पंचमी के अवसर पर जिनालय में सुरक्षित प्राचीन ग्रंथों, शास्त्रों एवं पाण्डुलिपियों की विशेष साफ-सफाई, संरक्षण एवं सज्जा की गई। मुकेश शाह, समाज अध्यक्ष राजेश शाह, अनिल कोठिया, राजेंद्र कोठिया, अजीत बी. शाह, निवेश शाह, प्रदीप सेठ, केशवलाल शाह, बदामीलाल कोठिया, धनपाल शाह, मनोज एस. शाह, भरत जैन, चंद्रपाल शाह सहित अनेक समाजजनों ने इस कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई।</p>
<p>जिनवाणी को नवीन वस्त्रों और बंधनों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत भक्तिमय एवं आध्यात्मिक दिखाई दिया।</p>
<p><strong>आचार्य पुष्पदंत और भूतबली का किया स्मरण</strong></p>
<p>श्रुतपंचमी के अवसर पर जैन धर्म के महान ग्रंथ षट्खण्डागम के रचयिता आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतबली का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिनवाणी ही आत्मकल्याण, सम्यक ज्ञान और मोक्षमार्ग की आधारशिला है तथा इसके अध्ययन और संरक्षण से ही धर्म की परम्परा जीवित रहती है।</p>
<p><strong>ज्ञान आराधना का दिया संदेश</strong></p>
<p>समाजजनों ने श्रुत पंचमी को केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि ज्ञान, स्वाध्याय और आत्मचिंतन का महोत्सव बताते हुए नियमित शास्त्र अध्ययन का संकल्प लिया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और ज्ञानमय वातावरण में सम्पन्न हुआ।</p>
<p>समाज प्रवक्ता राकेश शाह ने बताया कि श्रुत पंचमी पर्व ने समाज में जिनवाणी के प्रति श्रद्धा और शास्त्र संरक्षण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया है।</p>
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		<title>श्रुत पंचमी पर निकली माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा, जयघोषों से गूंजा छीपीटोला : आचार्य निर्भयसागर महाराज ने बताया जिनवाणी को आत्मकल्याण का पथप्रदर्शक </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:09:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Nirbhaysagar Maharaj]]></category>
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					<description><![CDATA[आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज के सानिध्य में माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई तथा धर्मसभा में जिनवाणी के महत्व पर प्रेरणादायी प्रवचन हुए। पढ़िए शुभम जैन की यह रिपोर्ट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज के सानिध्य में माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई तथा धर्मसभा में जिनवाणी के महत्व पर प्रेरणादायी प्रवचन हुए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए शुभम जैन की यह रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> जैन धर्म के ज्ञान, स्वाध्याय और शास्त्र आराधना के महापर्व श्रुत पंचमी के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर, छीपीटोला में वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्रुत पंचमी महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।</p>
<p><strong>माँ जिनवाणी की निकली भव्य पालकी यात्रा</strong></p>
<p>महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल माँ जिनवाणी को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पालकी यात्रा जैन भवन से प्रारंभ होकर छीपीटोला बाजार, कीर्ति स्तंभ, पल्ला मार्केट, अरिहंत मार्केट तथा टंकी चौराहा स्थित जैन मंदिर होते हुए पुनः बड़े मंदिर जी पहुंची।</p>
<p>यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए और माँ जिनवाणी के जयघोषों से वातावरण को धर्ममय बना दिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पालकी यात्रा का स्वागत कर अपनी आस्था व्यक्त की।</p>
<p><strong>अभिषेक एवं शांतिधारा का हुआ आयोजन</strong></p>
<p>पालकी यात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजन-अर्चन कर जिनवाणी माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा ज्ञान आराधना का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>धर्मसभा में मिला जिनवाणी का संदेश</strong></p>
<p>जैन भवन के प्रथम तल पर आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रवचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आचार्य श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिनवाणी आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग दिखाती है। स्वाध्याय और शास्त्र अध्ययन के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रुत पंचमी केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि ज्ञान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जिनवाणी को जीवन में उतारने का अवसर है।</p>
<p><strong>पाठशाला के बच्चों ने लिया आशीर्वाद</strong></p>
<p>इस अवसर पर छीपीटोला पाठशाला के बच्चों ने आचार्य श्री के चरणों का प्रक्षालन किया तथा शास्त्र भेंट कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों की श्रद्धा और उत्साह ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।</p>
<p><strong>धर्ममय वातावरण में सम्पन्न हुआ महोत्सव</strong></p>
<p>श्रुत पंचमी महापर्व के अवसर पर मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति, स्वाध्याय और जिनवाणी आराधना का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने धर्मलाभ प्राप्त करते हुए जिनवाणी के अध्ययन एवं संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजन श्रद्धा, भक्ति और गरिमापूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।</p>
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