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	<title>जिनबिंब &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>जिनबिंब &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>इंदौर में होगा श्री मञ्जिनेन्द्र 1008 श्री नेमीनाथ एवं चौबीस जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव: 15 से 20 मार्च 2026 तक नरीमन सिटी में भव्य आयोजन, महापात्र-पात्र एवं इन्द्र-इन्द्राणी बनने का सुअवसर </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:02:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजेश जैन ने बताया कि इंदौर के नरिमन सिटी स्थित श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में 15 से 20 मार्च 2026 तक श्री मञ्जिनेन्द्र 1008 श्री नेमीनाथ एवं चौबीस जिनबिंब का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होगा। 22 फरवरी को पात्र चयन कार्यक्रम रखा गया है। इन्दौर ब्यूरो की विशेष रिपोर्ट  इंदौर। जैन समाज के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजेश जैन ने बताया कि इंदौर के नरिमन सिटी स्थित श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में 15 से 20 मार्च 2026 तक श्री मञ्जिनेन्द्र 1008 श्री नेमीनाथ एवं चौबीस जिनबिंब का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होगा। 22 फरवरी को पात्र चयन कार्यक्रम रखा गया है। <span style="color: #ff0000">इन्दौर ब्यूरो की विशेष रिपोर्ट </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन समाज के लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का अवसर आने वाला है। नरिमन सिटी स्थित श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में रविवार, 15 मार्च से शुक्रवार, 20 मार्च 2026 तक श्री मञ्जिनेन्द्र 1008 श्री नेमीनाथ भगवान एवं चौबीस जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>यह महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्वितीय संगम होगा। पंचकल्याणक के पावन अवसर पर जिनबिंबों की प्रतिष्ठा, विविध धार्मिक अनुष्ठान, अभिषेक, पूजन एवं विशेष विधान संपन्न होंगे। यह आयोजन मुनि श्री आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में किया जाएगा ।</p>
<p><strong>पात्र चयन कार्यक्रम</strong></p>
<p>महोत्सव में महापात्र, पात्र एवं इन्द्र-इन्द्राणी बनने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए रविवार, 22 फरवरी 2026 को प्रातः 9:30 बजे पात्र चयन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के पश्चात वात्सल्य भोज भी रखा गया है।</p>
<p><strong>आयोजन स्थल</strong></p>
<p>श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर परिसर, नरिमन सिटी, इंदौर (मध्यप्रदेश) में या आयोजन होगा । इस आयोजन</p>
<p>श्री दिगम्बर जैन मंदिर धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, नरिमन सिटी, इंदौर किया जाएगा ।</p>
<p>मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप बिलाला,मंत्री प्रवीण जैन,कोषाध्यक्ष निलेश मोदी द्वारा समाज के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया गया है।</p>
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		<title>धर्म को खतरा दिखावटी धर्मात्माओं से है-जैनाचार्य वसुनंदीजीः श्री नंदीश्वर दीप महामस्ताभिषेक एवं स्वाध्याय भवन का शुभारंभ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Feb 2025 14:13:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[कोई भी शुभ कार्य करने से पहले प्राणी मंगल लिखता है, मंगल बोलता है। सांसारिक कार्यों को करने से पूर्व हम मंगल मंगल करते है, बोलते हैं किंतु हम अपने जीवन को यानि कि अपनी आत्मा को मंगल नहीं बनाते। सभी प्राणी अपने इष्टदेव का, अपने गुरुओं का स्मरण, भजन पूजन केवल जिव्हा से करते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>कोई भी शुभ कार्य करने से पहले प्राणी मंगल लिखता है, मंगल बोलता है। सांसारिक कार्यों को करने से पूर्व हम मंगल मंगल करते है, बोलते हैं किंतु हम अपने जीवन को यानि कि अपनी आत्मा को मंगल नहीं बनाते। सभी प्राणी अपने इष्टदेव का, अपने गुरुओं का स्मरण, भजन पूजन केवल जिव्हा से करते है, मन से नहीं करते। ऐसा करने से आत्मा का मंगल नहीं होगा। जब तक मंगल का अर्थ आत्मा में नहीं उतरेगा, तब तक कुछ नहीं होगा। उक्त उद्गार अभिक्षण ज्ञानोपयोगी जैनाचार्य वसुनंदीजी महाराज ने संबोधित करते हुए व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> सांसारिक प्राणी अपने जीवन को मंगल करने के लिए पूजा पाठ, जाप अनुष्ठान आदि करता है। जब तक मंगल का अर्थ आत्मा में नहीं उतरेगा, तब तक कुछ नहीं होगा। उक्त उद्गार जैनाचार्य वसुनंदीजी महाराज ने श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। धर्म के सार को समझाते हुए पूज्य गुरुदेव ने कहा कि धर्म को खतरा अधर्मियों या पापियों से नहीं हैं। अधर्मी या पापी लोग किसी भी धार्मिक कार्य में रुचि नहीं रखते, वे अपने घर बैठते हैं, इसलिए उनसे धर्म को कोई खतरा नहीं हैं। धर्म को खतरा है नकली धर्मात्माओं से, धर्म को खतरा है दिखावटी धर्मात्माओं से। ऐसे लोग धार्मिक जगहों पर, धार्मिक अनुष्ठानों में नकली धर्मात्मा बनकर धर्म के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-74402" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023.jpg" alt="" width="1599" height="1566" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023.jpg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-300x294.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-1024x1003.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-768x752.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-1536x1504.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-65x65.jpg 65w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-990x970.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250212-WA0023-1320x1293.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" />मंगलाचरण</strong> व पाद प्रक्षालन किया</p>
<p>धर्मसभा के शुभारंभ में मंगलाचरण किया गया। इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव का पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य विनोद जैन खड़ियाहार एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य सतीशचंद जैन रतिराम पुरा, वीरेंद्रकुमार आकाश जैन जितवार का पुरा, पदमचंद गौरव जैन चौटावाले, विनोद जैन खड़ियाहार वाले को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठाचार्य संजय जैन शास्त्री सिहोनिया ने किया।</p>
<p><strong>जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक </strong></p>
<p>इस अवसर पर श्री नंदीश्वर दीप जिनालय में विराजमान जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक किया गया। धौलपुर जैन समाज ने अध्यक्ष धनेश जैन एवं मनियां जैन समाज ने सुमन जैन के नेतृत्व में आचार्यश्री को श्रीफल भेंट किया। मुरैना जैन समाज ने पूज्यश्री को श्रीफल भेंटकर आगामी चातुर्मास, मुरैना में करने हेतु निवेदन किया।</p>
<p><strong>वसुनंदीजी महाराज का मंगल प्रवेश</strong></p>
<p>आज प्रातः आचार्यश्री ने अपने 21 शिष्यों के साथ मुरैना नगर में प्रवेश किया। कार्यक्रम से पूर्व पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज का गाजे-बाजे सहित भव्य शोभायात्रा के साथ श्री नसियांजी जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश कराया गया। नगर की सीमा पर पहुंचकर जैन समाज के लोगों ने पूज्यश्री की अगवानी की। लोगों ने जगह-जगह पर आचार्यश्री एवं उनके शिष्यों का पाद प्रक्षालन व आरती उतारकर स्वागत किया।</p>
<p><strong>पूज्यश्री के सानिध्य में स्वाध्याय भवन का शुभारंभ</strong></p>
<p>दोपहर में पूज्यश्री को भव्य शोभायात्रा के साथ बड़े जैन मंदिर ले जाया गया। बड़े जैन मंदिर में पूज्यश्री के सानिध्य में स्वाध्याय भवन का शुभारंभ किया गया। पूज्य गुरुदेव ने बड़े जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए सभी को धर्मवृद्धि का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के पश्चात शाम को आचार्यश्री ने ज्ञानतीर्थ के लिए पद विहार किया।</p>
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		<title>परिवार वहां ले जाओ जहां तुम्हारा तन-मन-धन और परिवार न बिगड़े : जीवन को आदर्श बनाने के प्रबोधन से उपकृत हैं जैन समाज धर्मानुयायी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 10:59:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों सागर में विराजमान है और यहां अपनी देशना से जैन धर्मावलंबी समाजजनों को उपदेशित कर आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं। सागर से पढ़िए उनके प्रवचनों पर आधारित यह खबर&#8230; सागर जीने का मजा तभी है, जब व्यक्ति जिंदगी का मूल्य समझे। हीरा तभी आनंद दे सकता है जब व्यक्ति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों सागर में विराजमान है और यहां अपनी देशना से जैन धर्मावलंबी समाजजनों को उपदेशित कर आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000">सागर से पढ़िए उनके प्रवचनों पर आधारित यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>सागर जीने का मजा तभी है, जब व्यक्ति जिंदगी का मूल्य समझे। हीरा तभी आनंद दे सकता है जब व्यक्ति को उसका मूल्य समझ में आ जाए। हीरा गधे के पास गया तो निर्मूल हो गया और जौहरी के पास गया तो अनमोल हो गया। यह प्रबोधन सोमवार को मुनिश्री सुधासागर जी ने अपने प्रवचन के दौरान दिया। मुनिश्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों सागर में विराजमान है और यहां अपनी देशना से जैन धर्मावलंबी समाजजनों को उपदेशित कर आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अपने प्रवचन में आगे कहा कि ऐसे ही यह अपनी जिंदगी है, अज्ञानी मूर्ख को यह जिंदगी भार हो जाती है और एक वो जौहरी है जो अपनी जिंदगी की एक-एक चीज को अनमोल समझता है।</p>
<p><strong>जिंदगी के मोल को समझो</strong></p>
<p>अनमोल कर दो जिंदगी को, हीरा बदलना नहीं है हीरे को समझना है। जन्म का आना अलग-अलग है, मरण के मरघट एक, एक मरघट में सबको जलना है लेकिन, एक की शवयात्रा होती है और शिवयात्रा होती है। एक लेटकर जाता है और एक बैठकर जाता है। एक को लोग रोते-रोते भेजते हैं और एक को हंसते-हंसते भेजते हैं।</p>
<p><strong>अमरता का अनुभव होना चाहिए</strong></p>
<p>जाना तो सबको है। एक की मौत आती है तो वह घबरा जाता है, एक की मौत आती है तो वह महोत्सव मनाता है, मर रहा है और अमरता का अनुभव कर रहा है. बस इसी अनुभूति का नाम है आनंद।</p>
<p><strong>अपनी जिंदगी पर गर्व करो</strong></p>
<p>जिंदगी का एक ही मोटिवेशन लो कि हम अनमोल है, हमारा कोई मूल्य नहीं है, तुम्हारे अंदर इतना धनीपने का आनंद आएगा क्योंकि,मैं अनमोल हूं। मेरे पास बहुत बड़ी शक्ति है, मेरे पास ज्ञान है, दर्शन है, चरित्र है, मेरे पास सोचने समझने की ताकत है, अपनी जिंदगी पर गर्व करो, दीन हीन मत बनो।</p>
<p><strong>अपने पास जो है उसका आनंद लो</strong></p>
<p>यदि तुम्हारी जिंदगी भी तुम्हें कम पड़ रही हो आनंद के लिए क्योंकि, संसारी प्राणी की आदत है कि उसको कितना ही कुछ दे दो, दूसरे की संपत्ति पर उसकी नियत खराब होती ही है, उसको जितना भी मिलता जाए कम है। अपनी वस्तु से आकर्षण यदि पराई वस्तु का बढ़ जाता है। बस यहीं से हमारी शक्तियां खत्म होना चालू हो जाती हैं। यहीं से अशुभ दिन शुरू हो जाता है। इसलिए तुम्हारे पास जो कुछ है उसका आनंद लो। कोई तुम्हारे पास नहीं है, तुम तो हो।</p>
<p><strong>मुनियों को देख पशु सम्यकदृष्टि बन जाते हैं </strong></p>
<p>नोट खर्च करके भोजन करने में वो आनंद नहीं, जितना नोट रख रहे, उसमें आनंद है। कभी-कभी भगवान किसी को समझ में नहीं आते, बस भगवान की मुद्रा देखने में आनंद आ रहा है। जैसे एक कंजूस व्यक्ति को तिजोरी में रखे हुए धन से आनंद आता है, ऐसे ही धर्मात्मा को कुछ भी न मिले, कुछ भी न करें।</p>
<p><strong>जिनबिम्ब दर्शन से सम्यकदर्शन प्राप्त होता है</strong></p>
<p>श्री भगवान को देखने मात्र से आनंद आता है। पशुओं को जिनबिम्ब दर्शन से सम्यकदर्शन प्राप्त हो जाता है, अब वो क्या समझता और जानता होगा कुछ नहीं एक आनंद से भरा जाता है। मुनियों को देखकर पशु सम्यकदृष्टि बन जाते हैं।</p>
<p><strong>हिल स्टेशन से अशांत होकर लौटते हैं</strong></p>
<p>कितनी बार तुम बच्चों को घूमाने ले जाते हो, उतना बच्चा सुधार कर नहीं बिगड़ कर आता है पर, घूमने जाने के बाद तुम सोचो जितने अच्छे विचारों से गए थे, वहां तुम्हारे विचार बिगड़े हैं या बने हैं। हिल स्टेशन से लौटा हुआ व्यक्ति बिगड़ा हुआ, अशांत होकर लौटता है। उसे अपनी जिंदगी बेकार लगने लग जाती है। दूसरे अच्छे लगने लग जाते है।</p>
<p><strong>बच्चों को धर्म क्षेत्र पर ले जाओ</strong></p>
<p>हिल स्टेशनों पर घूमने वालों को अपनी पत्नी बेकार लगती है। दूसरे की छोरी अच्छी लगती है। महिलाओं के भी यही हाल है। 99 प्रतिशत बिगड़ते हैं और जब तुम धर्म क्षेत्र पर बच्चों को लेकर आओ, सुधरेगा नहीं तो बिगड़कर भी नहीं आएगा। नई जनवरी है, नया साल है और तुम्हारा मन-तन-धन और परिवार बिगड़ रहा है तो बताओ कैसे तुम्हारा नया साल अच्छी निकलेगा।</p>
<p><strong>ऐसी जगह जाओ जहां मन न बिगड़े</strong></p>
<p>यदि 1 जनवरी को सब कुछ बिगाड़ दिया, उसका साल भी बिगड़ा हुआ निकलेगा। इसलिए नए साल को बिगाड़ने मत दो, सालभर नहीं एक दिन की कह रहा हूं, अतः ऐसे स्थान पर जाओ जहां मन बिगड़े नहीं। जहां जाते ही तुम्हारे मन में पवित्रता आ जाए, जिसे देखकर तुम्हारा मन न बिगड़े, उसे देखना एक जनवरी को।</p>
<p><strong> समझना अच्छे दिन आने वाले हैं</strong></p>
<p>जिसकी बात सुनकर मन न बिगड़े, उसे देखना एक जनवरी को। धन वहां खर्च करना। जिसके बाद धन भी नसमझना अच्छे दिन आने वाले हैं। बिगड़े। परिवार को वहां ले जाओ, जहां तुम्हारा परिवार न बिगड़े। छुट्टी के दिन, अच्छे या शुभ दिन क्षेत्र पर भी भीड़ बढ़ेगी, समझना अच्छे दिन आने वाले हैं।</p>
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		<title>दुर्ग के परिवार ने लिया है 24 जिनबिंब स्थापित करने का संकल्प : आदिनाथ भगवान की भव्य प्रतिमा विराजमान </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 May 2023 07:59:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्धसागर महा मुनिराज के मंगल आशीर्वाद से 12 मई को इतिहास के सुनहरे पन्ने में एक पन्ना और दर्ज हुआ। काकोरी लखनऊ में प्रथम तीर्थेश देवाधिदेव आदिनाथ भगवान की भव्य विशाल 21 फीट पद्मासन प्रतिमा विराजमान हुई है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230; इंदौर/लखनऊ मूर्ति प्रदाता परिवार जन। परम पूज्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्धसागर महा मुनिराज के मंगल आशीर्वाद से 12 मई को इतिहास के सुनहरे पन्ने में एक पन्ना और दर्ज हुआ। काकोरी लखनऊ में प्रथम तीर्थेश देवाधिदेव आदिनाथ भगवान की भव्य विशाल 21 फीट पद्मासन प्रतिमा विराजमान हुई है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर/लखनऊ </strong><strong>मूर्ति प्रदाता परिवार जन।</strong> परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्धसागर महा मुनिराज के मंगल आशीर्वाद से 12 मई को इतिहास के सुनहरे पन्ने में एक पन्ना और दर्ज हुआ। काकोरी लखनऊ में प्रथम तीर्थेश देवाधिदेव आदिनाथ भगवान की भव्य विशाल 21 फीट पद्मासन प्रतिमा विराजमान हुई है। इससे पहले प्रथम पद्मासन प्रतिमा 21 फीट 3 इंच की दुर्ग नसिया जी में देवाधिदेव श्री चन्द्रप्रभ भगवान की, द्वितीय पद्मासन प्रतिमा 21 फीट कमल सहित देवाधिदेव शासन नायक देवाधिदेव श्री महावीर भगवान की कुण्डलपुर (नालंदा) बिहार में, तृतीय पद्मासन प्रतिमा 21 फीट देवाधिदेव प्रथम तीर्थेश श्री आदिनाथ भगवान की काकोरी लखनऊ में विराजमान हुई है।</p>
<p>दुर्ग के देवेंद्र कुमार-बीना देवी ,सजल &#8211; मयूरी, स्नेह-नेहा ,ब्रा.परी दीदी, अंशी, मोक्षी, सिद्धांशी, वर्धमान अभिजात काला ने परिवार दुर्ग अपने बेटे के जन्म दिन पर ऐसा संकल्प लिया कि आप ऐसे 21 फीट के 24 जिनबिंब स्थापित करेंगे। इसी कड़ी में तीन जिनबिंब स्थापित किए जा चुके हैं। दुर्ग के इस परिवार की दौर दिगंबर जैन समाज के मंत्री डॉ. जैनेन्द्र जैन, आजाद जी जैन बीड़ी वाले, सुशील पांड्या, संजीव जैन संजीवनी, राजेश जैन दद्दू, प्रदीप बड़जात्या, परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष मुक्ता जैन आदि समाज जन के पुण्य की अनुमोदना की है।</p>
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