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	<title>छत्रपति नगर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>छत्रपति नगर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>संत पंथ और संघ के नाम पर जिन शासन को बदनाम न करें: मुनिश्री आदित्य सागर जी ने संघ की मान्यताओं से बाहर निकलने की दी प्रेरणा  </title>
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		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:47:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु यदि आपकी मान्यताओं का ना हो तो आप उसे नमस्कार नहीं करते। यह उद्गार शुक्रवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु यदि आपकी मान्यताओं का ना हो तो आप उसे नमस्कार नहीं करते। यह उद्गार शुक्रवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में अपने तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन धर्मसभा में आदित्य सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु यदि आपकी मान्यताओं का ना हो तो आप उसे नमस्कार नहीं करते। यह उद्गार शुक्रवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में अपने तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन धर्मसभा में आदित्य सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तेरह पंथ, बीस पंथ और साधु किस संघ का है के आधार पर साधु को नमस्कार करते हैं। अपने भीतर संत पंथ और संघ की मान्यताओं से बाहर निकलो और बिना किसी भेदभाव के णमो लोए सव्ब साहूणम के अनुसार सभी पंथों और संघों के साधुओं में भेदभाव और उनकी उपेक्षा ना करते हुए उन्हें श्रद्धा के साथ नमस्कार करो। संत पंथ और संघ की आपकी मान्यताओं से जिन शासन बदनाम हो रहा है। आपकी मान्यताएं आपको पाप में ले जाएंगी।</p>
<p><strong>जिसका मन स्वाध्याय में लग जाए उसका मन पाप कर्म में नहीं लगेगा</strong></p>
<p>राजेश जैन दद्दू ने बताया कि धर्मसभा में मुनिश्री ने पुण्य पाप की भी चर्चा की और कहा कि सभी संसारी प्राणी पुण्य के फल की इच्छा करते हैं लेकिन, पुण्य कार्य नहीं करते। इसी प्रकार पाप का फल भी कोई नहीं चाहता लेकिन, पाप सभी करते हैं। रात्रि भोजन, दैनिक जीवन एवं व्यवहार और व्यापार में झूठ, चोरी, हिंसा, कुशील, परिग्रह, ईर्ष्या, द्वेष और कषाय यह सब पाप की क्रियाएं हैं। इनसे बचना चाहते हो तो जिनवाणी का स्वाध्याय करो। जिसका मन स्वाध्याय में लग जाए उसका मन पाप कर्म में नहीं लगेगा। इस अवसर पर रमेशचंद्र जैन एमपीईबी, आलोक जैन नेता, पवन जैन चैलेंजर, डॉ. जैनेंद्र जैन, डॉ वीसी जैन, अखिलेश अरविंद सोधिया, निलेश जैन, उज्जवल जैन आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित थे। धर्मसभा का संचालन भूपेंद्र जैन ने किया।</p>
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		<title>पैसा कमाना जरुरी है धर्म करना उससे भी ज्यादा जरूरी: मुनिश्री आदित्यसागरजी ने जीवन के उन्नयन की चर्चा की  </title>
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		<pubDate>Wed, 27 May 2026 11:13:15 +0000</pubDate>
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<p><strong>तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को अपनी मंगल देशना तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में प्रवचन देते हुए जीवन के उन्नयन की चर्चा करते हुए सही जीवन जीने की कला सिखाई। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को अपनी मंगल देशना तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में प्रवचन देते हुए जीवन के उन्नयन की चर्चा करते हुए सही जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने कहा कि धन कमाने की धुन में लोग 60-70 वर्ष तक लगे रहते हैं। धन कमाना जरुरी है, लेकिन धर्म करना उससे भी ज्यादा जरूरी है। मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति भोगों में आसक्ति कम कर संकलेष एवं चिंता रहित समर्पण विश्वास और श्रद्धा पूर्वक भगवान की भक्ति करता है, वह निरोगी रहकर लंबा जीवन जीता है। भोग वृत्ति एवं संकलेषता रोग उत्पन्न करती है। आपने निरोगी एवं सार्थक जीवन जीने की चर्चा करते हुए कहा कि जो व्यक्ति सूर्याेदय के पूर्व उठता और सूर्यास्त के पूर्व भोजन ग्रहण करता है, खानपान में भक्ष-अभक्ष का ध्यान रखता है और भोजन ग्रहण करने के बाद सौ कदम चलता और वज्रासन में बैठता एवं व्यसन मुक्त एवं तनाव रहित धर्ममय जीवन जीता है, उसका जीवन सार्थक जीवन है। प्रवचन के पूर्व मुनि श्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डॉ. जैनेंद्र जैन ने प्रकाश डाला। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर मुनि श्री अप्रमित सागर जी, मुनि श्री सहज सागर जी एवं क्षुल्लक श्री श्रेयस सागर जी महाराज भी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का किया सौभाग्य प्राप्त </strong></p>
<p>प्रारंभ में मंगलाचरण सोनाली बगड़िया ने एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के चित्र का अनावरण एवं चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, संरक्षक प्रकाशचंद जैन, ट्रस्टी निलेश जैन, उज्जवल जैन, रमेश चंद्र जैन ने किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन सुलभ, आकांक्षा, माही एवं आरोही छाबड़ा ने किया। मुनि संघ को शास्त्र भेंट श्री शैलेंद्र, अभिषेक, एवं अतिशय सोनी परिवार ने किए। मुनि श्री के समक्ष श्री हंसमुख गांधी, वीरेंद्र जैन देवरी, आलोक जैन, अतुल जैन एवं अजय जैन रेनबो, अरविंद अखिलेश सोधीया आदि ने श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन ट्रस्ट के महामंत्री विपुल बांझल ने किया।</p>
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		<title>महाश्रमण का ससंघ का आगमन छत्रपति नगर में 27 को : जीवन की दिशा और दशा बदलने वाले प्रेरणास्पद प्रवचन होंगे </title>
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		<pubDate>Tue, 26 May 2026 11:13:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज, ससंघ का बुधवार से 29 मई शुक्रवार तक तीर्थ स्वरूप श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में मंगल प्रवास होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज, ससंघ का बुधवार से 29 मई शुक्रवार तक तीर्थ स्वरूप श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज, ससंघ का बुधवार से 29 मई शुक्रवार तक तीर्थ स्वरूप श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में मंगल प्रवास होगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज, ससंघ का बुधवार से 29 मई शुक्रवार तक तीर्थ स्वरूप श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में मंगल प्रवास होगा। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनिसंघ में इंदौर मुनिश्री अप्रमित सागर जी महाराज, मुनिश्री सहज सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री श्रेयस सागर जी*महराज संसघ सम्मिलित रहेंगे। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि हम सबके पुण्योदय से मुनिसंघ ने तीर्थ स्वरूप जिनालय में तीन दिवसीय प्रवास की स्वीकृति प्रदान की है। ट्रस्ट महामंत्री विपुल बांझल ने बताया कि तीन दिवसीय विशेष आयोजन में प्रातः 7 बजे मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज के संसघ में नित्य नियम पूजन, श्रीजी की शांतिधारा होगी। प्रातः 8.30 बजे गुरुदेव के मुखारविंद से जीवन की दिशा और दशा बदलने वाले प्रेरणास्पद प्रवचन होगा। मध्याह्न 2 बजे धर्म-अध्यात्म की तत्त्व चर्चा की जाएगी।</p>
<p>सायं 7 बजे श्रद्धालुओं के प्रश्नों पर आधारित श्रुत समाधान कार्यक्रम होगा, जिसमें मुनिश्री द्वारा श्रावकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। ट्रस्ट एवं सकल दिगम्बर जैन समाज छत्रपति नगर, गौरव नगर, महावीर बाग एवं अग्रसेन नगर ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से मुनिसंघ की आहार चर्या, वैयावृत्ति एवं सेवा कार्यों में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है। मुनि श्री आदित्यसागर जी महाराज ससंघ का 27 से 29 मई तक श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में मंगल प्रवास होगा। मुनिसंघ में मुनिश्री अप्रमित सागर जी महाराज, मुनिश्री सहज सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री श्रेयस सागर जी सम्मिलित रहेंगे। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट ने बताया कि हम सबके पुण्योदय से मुनिसंघ ने तीर्थ स्वरूप जिनालय में प्रवास की स्वीकृति प्रदान की है।</p>
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		<title>परीक्षा में सफल होने वाले शिविरार्थियों को गिफ्ट प्रमाण पत्र दिए : छत्रपति नगर में धार्मिक शिक्षण शिविर संपन्न  </title>
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		<pubDate>Mon, 04 May 2026 11:31:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। इंदौर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला मंडल के सहयोग से 26 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का समापन परीक्षा में सफल शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर हुआ। शिविर संयोजिका शुभ्रा जैन ने बताया कि शिविर में 5 से 15 वर्ष तक के 60 बच्चों को सांगानेर से आए युवा विद्वान सौरभ शास्त्री एवं सृजन शास्त्री ने जैन धर्म का प्रशिक्षण देकर उन्हें जैन धर्म से संस्कारित किया एवं देव दर्शन, प्रक्षाल, पूजन, अभिषेक एवं शांतिधारा करने की प्रक्रिया सिखाई और पूजन में प्रयुक्त अष्ट द्रव्य का नाम उनका महत्व एवं 24 तीर्थंकर के नाम एवं उनकी पहचान के चिन्ह भी याद कराए।</p>
<p>इसी प्रकार महिलाओं के लिए भी सायंकालीन शिविर में स्थानीय वरिष्ठ विद्वान भरत शास्त्री ने 40 महिलाओं को छहढाला, आलाप पद्धति का स्वाध्याय कराया एवं जैन धर्म के मूल स्वरूप और जैन धर्म के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी से भी अवगत कराया।</p>
<p><strong>इन्होंने परीक्षा में मारी बाजी </strong></p>
<p>राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शिविर के अंतिम दिन बच्चों एवं महिलाओं की परीक्षा भी हुई। बच्चों के लिए आयोजित जैन धर्म प्रथम भाग की परीक्षा में मीत जैन ने प्रथम, अवनी जैन ने द्वितीय एवं भव्य जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आलाप पद्धति की परीक्षा में सुरेखा प्रदीप जैन प्रथम, सविता मुकेश द्वितीय एवं नेहा सिंघई तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। छहढाला की परीक्षा में अपेक्षा जैन प्रथम, रागिनी जैन द्वितीय एवं एषणा जैन तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण रही। सभी शिविरार्थियों को प्रोत्साहन पुरस्कार एवं परीक्षा में सफल होने वाले शिविरार्थियों को गिफ्ट एवं प्रमाण पत्र दिए गए।</p>
<p><strong>दान के रूप में 61 हजार की निधि प्रदान की</strong></p>
<p>इस अवसर पर जिनालय ट्रस्ट द्वारा युवा विद्वान भरत शास्त्री, सौरभ शास्त्री एवं सृजन शास्त्री का सम्मान किया गया एवं ट्रस्ट द्वारा श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर को ज्ञान दान के रूप में 61 हजार की निधि प्रदान की गई। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, डॉ. जैनेंद्र जैन, कमल जैन, कैलाश जैन नेता, सोनू बेगमगंज एवं महिला मंडल की शुभ्रा जैन, मनीष जैन, वैशाली जैन, सोनाली बागड़िया, सुनीता नायक साधना जैन आदि महिला नेत्री उपस्थित थीं।</p>
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		<title>बच्चों को दिए धर्म के संस्कार और धर्म की शिक्षा उन्हें धर्म से जोड़े रखेगी: ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर में बच्चे सीख रहे संस्कार  </title>
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		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 10:19:25 +0000</pubDate>
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<p><strong>दिगंबर जैन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में चल रहे ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर में बच्चे देव दर्शन, प्रक्षाल,अभिषेक, शांति धारा और अष्ट द्रव्य से पूजन करना सीख रहे हैं और उन्हें जैन धर्म की शिक्षा (प्रथम भाग),जैनत्व के संस्कार, 24 तीर्थंकरों के नाम एवं उनकी पहचान के चिन्ह भी याद कराए जा रहे हैं। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> दिगंबर जैन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में चल रहे ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर में बच्चे देव दर्शन, प्रक्षाल,अभिषेक, शांति धारा और अष्ट द्रव्य से पूजन करना सीख रहे हैं और उन्हें जैन धर्म की शिक्षा (प्रथम भाग),जैनत्व के संस्कार, 24 तीर्थंकरों के नाम एवं उनकी पहचान के चिन्ह भी याद कराए जा रहे हैं। प्रतिदिन प्रातः 7.30 से 9 बजे तक सांगानेर से पधारे युवा विद्वान सौरभ शास्त्री एवं सृजन शास्त्री शिविर में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को सरल भाषा में प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से बचपन में बच्चों को दी जा रही धर्म की शिक्षा और संस्कार उन्हें जीवन भर धर्म से जोड़े रखेंगे। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि संध्या 7 से 9 बजे तक महिलाओं के लिए भी शिक्षण शिविर लग रहा है, जिसमें वरिष्ठ युवा विद्वान भरत शास्त्री आचार्य देवसेन विरचित ग्रंथ आलाप पद्धति का स्वाध्याय करा रहे हैं। आलाप पद्धति ग्रंथ संस्कृत गद्य में रचित ग्रंथ है इसमें गुण, पर्याय, स्वभाव, प्रमाण, नय, प्रमाण का कथन आदि जैन धर्म की व्यवहारिक शिक्षा का वर्णन है। स्वाध्याय का शुभारंभ करते हुए भरत शास्त्री ने कहा कि आलाप पद्धति अर्थात अपेक्षाकृत कथन करने की अथवा बोलचाल की रीति है। आलाप पद्धति व्यवहार को भी सुधारती है। जैन धर्म के आध्यात्मिक पक्ष एवं उसके स्वरूप को समझने की दृष्टि से आलाप पद्धति ग्रंथ का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है।</p>
<p>शिविर में छत्रपति नगर महावीर बाग अग्रसेन नगर और गौरव नगर में सक्रिय समस्त महिला मंडल की महिलाएं भाग ले रही हैं और इनमें प्रमुख हैं मुक्ता जैन, शुभ्रा जैन, मनीषा जैन, रजनी जैन, मीना जैन, सोनाली बागढीया वैशाली जैन, सुनीता जैन और अंजलि जैन। महिला मंडल की ओर से बच्चों को प्रतिदिन स्वल्पाहार भी कराया जा रहा है एवं गिफ्ट भी दिए जा रहे हैं।</p>
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		<title>छत्रपति नगर में ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर आरंभ : प्रथम दिन 50 बच्चों ने पूजन अभिषेक शांति धारा करने का प्रशिक्षण लिया </title>
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		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:27:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, महावीर बाग, गौरव नगर एवं अग्रसेन नगर में कार्यरत समस्त महिला संगठन के संयुक्त तत्वावधान में 26 अप्रैल से 3 मई तक ज्ञान की आराधना करने एवं बच्चों को जैन धर्म का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। छत्रपति नगर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, महावीर बाग, गौरव नगर एवं अग्रसेन नगर में कार्यरत समस्त महिला संगठन के संयुक्त तत्वावधान में 26 अप्रैल से 3 मई तक ज्ञान की आराधना करने एवं बच्चों को जैन धर्म का प्रशिक्षण दिया जाएगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, महावीर बाग, गौरव नगर एवं अग्रसेन नगर में कार्यरत समस्त महिला संगठन के संयुक्त तत्वावधान में 26 अप्रैल से 3 मई तक ज्ञान की आराधना करने एवं बच्चों को जैन धर्म का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें संस्कारित करने के लिए ग्रीष्मकालीन जैन धर्म शिक्षण शिविर का शुभारंभ दिगंबर जैन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर के ऋषभ सभागृह में हुआ। शिविर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर से पधारे युवा विद्वान सौरभ शास्त्री, सृजन शास्त्री एवं स्थानीय वरिष्ठ युवा विद्वान पंडित भरत शास्त्री प्रशिक्षण देंगे। शिविर का शुभारंभ जिनालय ट्रस्ट के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन सहित समस्त ट्रस्टी पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से आचार्य श्री विद्यासागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करने के बाद समस्त महिला संगठन की ओर से शिविर संयोजक शुभ्रा जैन, रजनी जैन, अंजली जैन, सोनाली बगड़िया एवं अखिल भारतीय महिला परिषद की संभाग अध्यक्ष मुक्ता जैन द्वारा ज्ञान आराधना मंगल कलश की स्थापना से हुआ। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शिविर के प्रथम दिन 50 बच्चों ने पूजन अभिषेक शांति धारा करने का प्रशिक्षण लिया एवं इसका महत्व भी उन्हें समझाया गया। शिविर में भाग ले रहे बच्चों के लिए प्रतिदिन जलपान, झोलिया शरबत आदि की व्यवस्था रहेगी एवं उन्हें प्रतिदिन उपहार स्वरूप गिफ्ट भी प्रदान की जाएगी।</p>
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		<title>तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय में होगा मान स्तंभ का अभिषेक : मान स्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद प्रथम बार भव्याति भव्य महा मस्तकाभिषेक होगा  </title>
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		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:25:27 +0000</pubDate>
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<p><strong>तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में निर्मित 45 फीट ऊतुंग सुदर्शनीय मानस्तभ में विराजित चतुर्मुखी 12 प्रभु प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी और मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में स्वर्ण रजत कलशों से शुक्रवार को प्रातः 9 बजे महामस्तकाभिषेक होगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में निर्मित 45 फीट ऊतुंग सुदर्शनीय मानस्तभ में विराजित चतुर्मुखी 12 प्रभु प्रतिमाओं का आचार्य द्वय विद्या-समय सागरजी महाराज के आशीर्वाद एवं मुनि द्वय श्री विमल सागर जी और मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के निर्देशन में स्वर्ण रजत कलशों से शुक्रवार को प्रातः 9 बजे महामस्तकाभिषेक होगा। ट्रस्ट के महामंत्री विपुल बांझल ने बताया कि पिछले वर्ष मान स्तंभ प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद प्रथम बार भव्याति भव्य महा मस्तकाभिषेक होने जा रहा है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्वेत मार्बल के मान स्तंभ का निर्माण छत्रपति नगर निवासी देवरीवाला परिवार के पितृ पुरुष स्व. कपूरचंद जैन के पुत्र रमेशचंद्र जैन, राजेंद्र जैन एवं वीरेंद्र जैन, भूपेंद्र जैन और जितेंद्र जैन देवरीवाला परिवार ने अपनी मां कंचन बाई (समाधिस्थ आर्यिका समाधिश्री माताजी) की स्मृति में मुनि श्री गुप्ति सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित किया गया है। ट्रस्ट के कार्याध्यक्ष डॉ. जैनेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष रमेश जैन, ट्रस्टी कमल जैन, नीलेश जैन, जिनेश जैन एवं राकेश नायक ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आग्रह किया है।</p>
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		<title>मुनि श्री विमल सागर जी को छत्रपति नगर पधारने के लिए श्रीफल भेंट : 3 से 9 अप्रैल तक दलाल बाग परिसर में होगा पंच कल्याणक  </title>
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		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:14:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित बेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। नगर में दिगंबर जैन परवार समाज की ओर से मल्हारगंज में स्थापित एकमात्र श्री दिगंबर जैन चंदा प्रभु [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित बेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> नगर में दिगंबर जैन परवार समाज की ओर से मल्हारगंज में स्थापित एकमात्र श्री दिगंबर जैन चंदा प्रभु जिनालय का नवीनीकरण कार्य किया गया है। काम पूर्ण होने के बाद जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित वेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। यह आयोजन 3 से 9 अप्रैल तक दलाल बाग परिसर में (छत्रपति नगर के समीप) होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागरजी एवं मुनिश्री अनंत सागर जी का गंजबासौदा से इंदौर के लिए विहार चल रहा है।</p>
<p><strong>इन्होंने किया श्रीफल भेंट</strong></p>
<p>विहार के दौरान मंगलवार को प्रातः सोनकच्छ आष्टा के बीच मुनि श्री के आहार स्थल पर छत्रपति नगर दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन के नेतृत्व में ट्रस्टीगण श्रुत जैन, नीलेश जैन टैलेंट, जिनेश जैन एवं वीरेंद्र देवरी, अजय मामा, सुरेश पड़ोसी, अभिषेक जैन और गुड्डू गढ़ाकोटा आदि समाज श्रेष्ठियों ने मुनि श्री से सौजन्य भेंटकर एवं श्रीफल समर्पित कर छत्रपति नगर में पधारने निवेदन किया।</p>
<p><strong>मुनि श्री ने आशीर्वाद देकर स्वीकृति प्रदान की</strong></p>
<p>मुनि श्री से प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय परिसर छत्रपति नगर में निर्मित संत सदन में प्रवास एवं विश्राम करने का भी अनुरोध किया। इस निवेदन पर मुनि श्री ने मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाथों से आशीर्वाद देकर स्वीकृति प्रदान की। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनि श्री का आशीर्वाद मिलने से छत्रपति नगर के रहवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। मुनि संघ के 22 मार्च तक मां अहिल्या की नगरी इंदौर में मंगल प्रवेश की संभावना है।</p>
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		<title>पालकी में निकलेंगे भगवान आदिनाथ जी : छत्रपति नगर में भक्तिभाव से मनेगी आदिनाथ जयंती  </title>
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		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 09:51:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, देवाधिदेव भगवान 1008 श्री ऋषभदेव जी (श्री आदिनाथ भगवान) का जन्मोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी 12 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। आखिर जिनके पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम &#8216;भारत&#8217; हुआ। उनका जन्मकल्याणक जो है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर पालकी में श्रीजी विराजमान कर चल समारोह निकाला जाएगा। चल समारोह श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर से आरंभ होकर गौरव नगर, महावीर बाग, अग्रसेन नगर होकर श्री आदिनाथ जिनालय पहुंचेगा। यहां श्रीजी का स्वर्ण एवं रजत कलशों से अभिषेक किया जाएगा। छत्रपति नगर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने समाज जनों से आह्वान करते हुए कहा कि पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्रों मएवं महिलाएं अपने अपने मंडल की साड़ियों में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं। दद्दू ने कहा कि व्यापक तैयारियां जारी हैं।</p>
<p><strong>यह होंगे विशेष कार्यक्रम</strong></p>
<p>इस पावन दिवस पर प्रातःकालीन कार्यक्रम मूलनायक श्री आदिनाथ भगवान बड़े बाबा का महा मस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा प्रातः 6.30 से 8.15 बजे तक होगी। श्रीजी को पालकी में विराजमान कर चल समारोह प्रातः 8.30 बजे से निकलेगा। सांध्य बेला में श्री जी की भव्य आरती एवं 48 दीपकों के साथ भक्तांबर पाठ की मंगल आराधना श्री आदिनाथ ट्रस्ट कमेटी के कमल जैन चेलेजर डॉ. जैनेन्द्र जैन, विपुल बांझल, निलेश जैन टेलेंट, श्रुत जैन, रमेशचंद जैन एवं महिला मंडल, बहु मंडल एवं समस्त समाजगणों ने सम्पूर्ण जैन समाज से आयोजन में पधारकर शामिल होने का अनुरोध किया है।</p>
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		<title>सभी प्राणियों के प्रति सत्वेषु मैत्री का भाव रखें: आर्यिका यशस्विनी माताजी के आशीर्वचनों को सुनने के लिए भक्तों की रहती है भीड़  </title>
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		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:50:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aryaka Yashaswini Mataji]]></category>
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		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का भाव समाप्त हो रहा है एवं समाज में भी विकृतियां बढ़ रही हैं। यह उद्गार शनिवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में गणिनी आर्यिका [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का भाव समाप्त हो रहा है एवं समाज में भी विकृतियां बढ़ रही हैं। यह उद्गार शनिवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में गणिनी आर्यिका यशस्विनी माताजी ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> प्रत्येक प्राणी सत्वेषु मैत्री अर्थात सभी प्राणियों के प्रति मैत्री एवं वात्सल्य का भाव रखें। आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का भाव समाप्त हो रहा है एवं समाज में भी विकृतियां बढ़ रही हैं। यह उद्गार शनिवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में गणिनी आर्यिका यशस्विनी माताजी ने धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक प्राणी वसुधैव कुटुंबकम की भावना से जिए और सुख-दुःख में समता भाव रखे एवं सभी जीवों के प्रति भी मैत्री भाव, प्रमोद भाव, करुणा भाव एवं मध्यस्थ भाव रखे। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि माताजी आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में विराजमान हैं और प्रतिदिन प्रातः 8.45 बजे से 9.45 बजे तक मंगल प्रवचन होते हैं।</p>
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