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	<title>चित्र अनावरण &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>आचार्य भगवंत कहते है हमें सम के साथ बदल जाना चाहिए: अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी ने हाईलिंक में त्याग का संकल्प लेने का आह्वान किया  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 11:54:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आदिनाथ से महावीर जयंती तक निकाली जा रही धार्मिक पदयात्रा और पालकी यात्रा के हाईलिंक में समापन के बाद निर्माणाधीन दिगंबर जैन मंदिर के समीप धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंच पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी, मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमितसागर जी, मुनिश्री सहजसागर जी ससंघ विराजित रहे। आचार्य भगवंतों के चित्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आदिनाथ से महावीर जयंती तक निकाली जा रही धार्मिक पदयात्रा और पालकी यात्रा के हाईलिंक में समापन के बाद निर्माणाधीन दिगंबर जैन मंदिर के समीप धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंच पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी, मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमितसागर जी, मुनिश्री सहजसागर जी ससंघ विराजित रहे। आचार्य भगवंतों के चित्र अनावरण के साथ दीप प्रज्वलन किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आदिनाथ से महावीर जयंती तक निकाली जा रही धार्मिक पदयात्रा और पालकी यात्रा के हाईलिंक में समापन के बाद निर्माणाधीन दिगंबर जैन मंदिर के समीप धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंच पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी, मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमितसागर जी, मुनिश्री सहजसागर जी ससंघ विराजित रहे। आचार्य भगवंतों के चित्र अनावरण के साथ दीप प्रज्वलन किया गया। इस कार्य के लिए संजय पाटोदी, संजय बड़जात्या, गिरीश रारा सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे। इस अवसर पर निर्माणाधीन मंदिर और वेदी पर प्रतिमाएं विराजित करने के लिए बोलियां लगाई गईं। मूलनायक भगवान की प्रतिमा की बोली सवा 11 लाख में विपिन भाई ने ली। इसके अलावा अन्य प्रतिमाओं की बोली में भी समाजजनों ने हिस्सा लेकर पुण्यार्जन किया। महिला मंडल ने भी बोलियों में हिस्सा लिया। मंचासीन मुनिराजों का सर्वप्रथम हाईलिक दिगंबर जैन कमेटी की ओर से पाद प्रक्षालन किया गया। समाजजनों और महिला मंडल की ओर मुनिराजों को श्रीफल और शास्त्र भेंट किया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवीन अध्यक्ष आनंद गोधा, नवीन गोधा, वरिष्ठ समाज सेवी कैलाश वेद, संजय बडजात्या, दिलीप जैन, गिरीश रारा, जीतेंद्र पाटोदी लोकेंद्र गंगवाल, नीलेश बडजात्या, विकास रारा, मयंक जैन, संजय बडजात्या, जीतेंद्र पोरवाल, मयंक काला, टीके वेद, नकुल पाटोदी, अनूप जैन सहित भोपाल, महाराष्ट्र, गुजरात आदि स्थानों से समाजजन भी मौजूद रहे।</p>
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<p><strong>समाज में त्याग करने वालों की संख्या नगण्य </strong></p>
<p>धर्मसभा में अंतर्मुखी मुनिश्री ने कहा कि हम भगवान महावीर को मानते हैं। उनके गुणों की पूजा करते हैं। कभी महावीर जैसा बनने की कोशिश नहीं की। धर्मसभा में मुनिश्री ने श्रावकों के कर्तव्यों और धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान आदिनाथ और भगवान महावीर के संदेशों में से हम कितने का पालन करते हैं। कितने व्रतों का पालन करते हैं। उन्होंने त्याग के बारे में कहा कि समाज में आलू, प्याज, जमीकंद का संपूर्ण त्याग करने वालों की संख्या नगण्य है। मुनिश्री ने कहा कि कम से कम एक महीने, दो महीने का ही त्याग का संकल्प ले लीजिए तो जीवन धन्य हो जाएगा। इस मौके पर विपिन जैन ने आजीवन आलू का त्याग का मुनिश्री के समक्ष प्रवचन के दौरान ही लिया। प्रवचन को आगे बढ़ाते हुए मुनिश्री ने कहा कि आर्यिका&#8230;.माताजी ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने जनेऊ धारण नहीं किया है। वह पूजा और अभिषेक का अधिकारी नहीं है। मुनिश्री ने व्रत, संयम, तप और त्याग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुनिश्री ने दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा के शपथ ग्रहण के लिए समाजजनों से कहा कि आपने उन्हें अपना अमूल्य मत देकर जिताया है तो शपथ ग्रहण भी आपको ही करवाना है। अच्छा हो कि शपथ विधि मंदिर में भगवान के सामने हो। इसके लिए समाजजन मिलकर तारीख भी तय कर लें।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102880" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016-1320x990.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260324-WA0016.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>अपनी आस्था की भी प्राणों से भी ज्यादा रक्षा करनी चाहिए</strong></p>
<p>मुनिश्री के प्रवचन के बाद मुनिश्री आदित्यसागर जी ने अपना मंगल उदबोधन दिया। मुनिश्री ने कहा कि हमें प्राणों से अधिक किसकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि मोबाइल फोन की? उन्होंने कहा कि हमें अपने प्राणों से भी अधिक चार चीजों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि हमें अपनी समता की प्राणों से अधिक रक्षा करनी चाहिए। हमें अपनी आस्था की भी प्राणों से भी ज्यादा रक्षा करनी चाहिए। अपने व्रतों की भी पूरी तरह रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही गुरु शिष्य के संबंधों की भी अपनी जान से अधिक रक्षा करनी चाहिए और अन्य समाजजनों को भी प्रेरित करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि यह चर्चा अक्सर सुनी है कि खाना पचना नहीं। जिसका खाना पचता नहीं वह इंसान बचता नहीं। मुनिश्री आदित्यसागर जी ने कहा कि भारत में जैन धर्म का विशु़द्ध दर्शन है। किसी की क्रिया को देखकर भले ही वह गलत हो अपनी आस्था और श्ऱद्धा कभी मत बिगाड़ना।</p>
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<p><strong>पुस्तक पोस्टर का विमोचन और सम्मान किया </strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान श्रीफल मीडिया हाउस की सद्य प्रकाशित पुस्तक के पोस्टर का विमोचन मुनिराजों और समाज श्रेष्ठियों के हाथों किया गया। इस अवसर पुस्तक पोस्टर के बारे में श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा संजय जैन ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाईलिंक सोसायटी की ओर से श्री दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवीन अध्यक्ष का पगड़ी, दुप्पटा और माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर नवीन गोधा को भी अभिनंदित किया गया। कार्यक्रम के बाद यहां पर समाजजनों के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रतीक जैन ने किया।</p>
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		<title>भावना भाव नाशिनी होती है भाव से भव सुधरता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भाव, भावना और भव के बीच संबंध समझाए  </title>
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		<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:58:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी सहित 55 से अधिक साधुओं का लघु कुंभ पदमपुरा में विराजित है। पदमपुरा से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; पदमपुरा। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी सहित 55 से अधिक साधुओं का लघु कुंभ पदमपुरा में विराजित है। <span style="color: #ff0000">पदमपुरा से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पदमपुरा</strong>। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी सहित 55 से अधिक साधुओं का लघु कुंभ पदमपुरा में विराजित है। मंगलवार को धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बताया कि संसारी प्राणी संसार का नाश अर्थात जन्म मरण से छुटकारा चाहता है। भावना भव नाशिनी होती है भाव से भव सुधरता है, भव संसार का नाश होता है। उसके लिए 12 भावना, 16 कारण भावना का वर्णन शास्त्रों में बताया गया है। भावना वैराग्य की करना चाहिए। उसके बिना धर्म कार्य का फल नहीं मिलता है। संसार ,शरीर, विषय भोगों से विरक्ति लेना चाहिए। बुराई छोड़ने से और छोटे-छोटे निर्मित पाकर वैराग्य प्रकट होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-99758" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260210-WA0013-300x231.jpg" alt="" width="300" height="231" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260210-WA0013-300x231.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260210-WA0013.jpg 463w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>साधुओं के उपदेश मनोरंजन में भी रहस्य और संदेश समाहित होता है</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने धर्मदेशना में बताया कि चक्रवर्ती जो कि 6 खंड का अधिपति हैं। वह भी हर समय वैराग्य का चिंतन करते हैं। उन्होंने धर्म का, भक्ति का सार को, आत्मा को समझा। 24 तीर्थंकरों ने जो कुछ जीवन में प्राप्त किया, वह दिव्य ध्वनि से हमें दिया है। साधुओं के उपदेश मनोरंजन में भी रहस्य और संदेश समाहित होता है, उससे जीवों का कल्याण होता है भावना संसार में पतन या उन्नति दोनों करती है यह संसार असार है, अशरण है, अनित्य है। केवल धर्म ही मंगलकारी शरणभूत है। धर्म को धारण करने से परमात्मा पद मिलता है, साधुओं के प्रवचन उपदेश को श्रवण कर उसके मर्म को समझ कर जीवन में उन्नति करना चाहिए़। इसके पूर्व मंगलाचरण चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन के बाद आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने तीनों आचार्यों, मुनिराजों, साधुओं का गुणानुवाद किया। आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी ने पुण्य, समय और मृत्यु का की विवेचना श्लोक से की।</p>
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से सलूंबर के दंपति ने दीक्षा का किया निवेदन </strong></p>
<p>आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने भाइयों के प्रेम, विनम्रता, बड़प्पन के आदर्श श्री प्रसन्न सागर जी को निरूपित किया। पाप छोड़कर पुण्य ग्रहण करो। संतों के सानिध्य में आकर छोटे-छोटे नियम लेने बुराई छोड़ने पर भी उनका दर्शन करना सार्थक होगा। दोनों आचार्यों ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण प्रक्षालन कर आचार्य भक्ति परिक्रमा पूर्वक की। मंगलवार को पदमपुरा से आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी का संघ सहित चाकसू के लिए मंगल विहार हुआ। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को सलूंबर के दंपति 8 प्रतिमाधारी हुकमीचंद एवं उनकी धर्मपत्नी कांतादेवी 7 प्रतिमाधारी ने दीक्षा के लिए निवेदन कर श्रीफल समर्पित किया। वही अन्य श्रावक ने भी व्रत नियम ग्रहण किए।</p>
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		<title>आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी का जैन भवन में मंगल प्रवेश : माताजी ने कहा-नई प्रतिभावान पीढ़ी को सही दिशा दिखाना समाज का महत्वपूर्ण कर्तव्य  </title>
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		<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 07:25:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का रविवार को शहर के जैन भवन में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः 9 बजे समाज बंधुओं ने बस्सी चौराहे पर आर्यिका संघ की अगवानी की। वहां से गाजे बाजे के साथ सकल जैन समाजजन नाचते-गाते प्रमुख मार्गों से होते हुए आर्यिका संघ को जैन भवन लाए। टोडारायसिंह से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का रविवार को शहर के जैन भवन में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः 9 बजे समाज बंधुओं ने बस्सी चौराहे पर आर्यिका संघ की अगवानी की। वहां से गाजे बाजे के साथ सकल जैन समाजजन नाचते-गाते प्रमुख मार्गों से होते हुए आर्यिका संघ को जैन भवन लाए। <span style="color: #ff0000">टोडारायसिंह से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोडारायसिंह।</strong> गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का रविवार को शहर के जैन भवन में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः 9 बजे समाज बंधुओं ने बस्सी चौराहे पर आर्यिका संघ की अगवानी की। वहां से गाजे बाजे के साथ सकल जैन समाजजन नाचते-गाते प्रमुख मार्गों से होते हुए आर्यिका संघ को जैन भवन लाए। इस दौरान जगह जगह भक्तों ने गुरु मां की आरती कर पाद प्रक्षालन कर आर्शीवाद लिया। जैन भवन के प्रवेश द्वार पर गुरु मां का 51 विशेष थाल सजाकर पाद प्रक्षालन किया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गुंज उठा। जैन समाज अध्यक्ष संतकुमार जैन और प्रवक्ता मुकुल जैन ने बताया कि इस मौके पर धर्मसभा हुई। कार्यक्रम की शुरूआत चित्र अनावरण से की गई। चित्र अनावरण अग्रवाल चौरासी समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष अनिल मित्तल और सभी जैन मंदिरों के अध्यक्ष ने किया। इंदु मित्तल ने मंगलाचरण किया। आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आजकल बेवकूफ बच्चे पैदा होना बंद हो गए हैं। नई प्रतिभावान पीढ़ी को सही दिशा दिखाना समाज का महत्वपूर्ण कर्तव्य है, नहीं तो इनकी प्रतिभा का उपयोग गलत हो जाएगा।</p>
<p><strong>जैन श्रावक को पिच्छी और कमंडल का उपासक होना चाहिए</strong></p>
<p>माताजी ने कहा कि समय के साथ सबकुछ बदल जाए लेकिन देव ,शास्त्र, गुरु की भक्ति मत बदलना। धर्म की अंगुली पकड़कर चलते रहेंगे तो जीवन धन्य हो जाएगा। यदि धर्म छूट गया तो जीवन में विपदाओं की बाढ़ आ जाएगी। उन्होंने टोडा में मंगल प्रवेश को वात्सल्य प्रवेश बताया। इस अवसर पर उन्होंने टोडा में स्वाध्याय शुरु करने के लिए महिला-पुरुषों की टीम का गठन किया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष संतकुमार जैन ने कहा कि टोडा के लोगों का सौभाग्य है कि आर्यिका माताजी का टोडा में आगमन हुआ है। एक जैन श्रावक को पिच्छी और कमंडल का उपासक होना चाहिए और हर जैन मुनि और आर्यिका संघ का प्रवेश-आहार-विहार पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ कराना चाहिए।</p>
<p><strong>मुनि-आर्यिका और श्रावक-श्राविका धर्म के चार पहिए</strong></p>
<p>आर्यिका श्री ने कहा कि जिस प्रकार एक रथ को चलाने के लिए चार पहियों की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार धर्मरूपी रथ को आगे बढ़ाने के लिए मुनि-आर्यिका और श्रावक-श्राविका रूपी चार पहियों की बहुत जरूरत है। अगर एक भी पहिया अपने दायित्व और कर्तव्य से पीछे हटा तो धर्म का पहिया वहीं रुक जाएगा। इस अवसर पर सकल जैन समाज के साथ पीपलू, केकड़ी, देवली,राजमहल, झिराना आदि जगह से सैकड़ों श्रावक उपस्थित रहे। संचालन पंडित संजीव कासलीवाल ने किया।</p>
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		<title>नववर्ष की पूर्व संध्या पर पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा रखे तैयार : आचार्यश्री ने प्रवचन में नए साल में संकल्प लेने की बात कही  </title>
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		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:28:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने नववर्ष के पूर्व दिवस अपना मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर हमें अपने पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा तैयार करना है। इस वर्ष में कितना दान किया, कितना धर्म किया, कितना पाप किया, कितना पुण्य किया। इन सभी कार्यों की एक सूची [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने नववर्ष के पूर्व दिवस अपना मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर हमें अपने पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा तैयार करना है। इस वर्ष में कितना दान किया, कितना धर्म किया, कितना पाप किया, कितना पुण्य किया। इन सभी कार्यों की एक सूची बनानी है। जो अच्छे कार्य इस वर्ष में करने बाकी रह गए हैं। <span style="color: #ff0000">केकड़ी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>केकड़ी</strong>। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने नववर्ष के पूर्व दिवस अपना मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर हमें अपने पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा तैयार करना है। इस वर्ष में कितना दान किया, कितना धर्म किया, कितना पाप किया, कितना पुण्य किया। इन सभी कार्यों की एक सूची बनानी है। जो अच्छे कार्य इस वर्ष में करने बाकी रह गए हैं। अगले वर्ष में इसे निश्चित रूप से पूर्ण करना है। उन्होंने कहा जो गलत कार्य पाप का बंध इस वर्ष में हो गया है, उसके लिए पश्चाताप करके नियम लेना है कि नववर्ष में ऐसा कभी नहीं हो। नववर्ष के एक दिन पूर्व आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर को अपने मरीज के लिए, माताऋपिता को अपने बच्चों के लिए और गुरु को अपने शिष्यों के भविष्य के लिए निर्दयी होना पड़ता है। गुस्सा अपनों को सुधारने के लिए किया जाता है। मरीज पर गुस्सा करके निर्दयी बनकर उसका इलाज करने के बाद वही मरीज उस डॉक्टर को भगवान मानने लग जाता है। दूध और पानी का उदाहरण देते हुए मुनिराज ने बताया कि पानी और दूध दोनांे को गरम करो, दूध उबलकर बाहर निकलता रहता है और समाप्त हो जाता है जबकि, पानी गर्म होकर भी बाहर नहीं निकलता है। गुस्सा मानव प्रवृति है परंतु पानी की तरह हो ज्यादा उफनकर अपना अस्तित्व समाप्त नहीं करना चाहिए।</p>
<p><strong>सांयकालीन कार्यक्रम में महाआरती की </strong></p>
<p>समाज के अध्यक्ष ज्ञान चंद जैन ज्वैलर्स व मंत्री कैलाश जैन (मावा) वालो ने बताया कि आनंदयात्रा के पश्चात आचार्यश्री द्वारा प्रश्नमंच का आयोजन किया गया तथा महाआरती की गई। प्रातःकालीन जिनाभिषेक,नित्यनियम पूजा, शांतिधारा का आयोजन आचार्यश्री के सानिध्य में किया गया। भगवान नेमिनाथ की शांतिधारा का पुण्यार्जन ज्ञानचंद सुनीलकुमार जैन ज्वैलर्स ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong> चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट</strong></p>
<p>आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन भागचंद ज्ञानचंद जैन, कुमार विनय कुमार सोनू, मोनू सावर परिवार ने किया। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य हगामीलाल हेमराज जैन बड़गांव वालों ने प्राप्त किया। आचार्य श्री को शास्त्र भेंट राजेश कुमार कमलेश कुमार मनोहरपुरा वालों ने किया।</p>
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		<title>आचार्यश्री विरागसागर जी का 33वां आचार्य पदारोहण मनाया: चित्र का अनावरण कर आचार्य भक्ति की  </title>
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		<pubDate>Sun, 09 Nov 2025 09:35:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धार शहर में विराजित उपाध्याय मुनिश्री विभंजनसागर जी महाराज के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज का 33वां आचार्य पदारोहण दिवस मनाया। कार्यक्रम दिगंबर जैन समाज के गणमान्य श्रेष्ठीजनों के बीच मामाजी टेंट हाउस के कारखाना स्थल पर किया गया। धार से पढ़िए, साभार यह खबर&#8230; धार। शहर में विराजित उपाध्याय मुनिश्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>धार शहर में विराजित उपाध्याय मुनिश्री विभंजनसागर जी महाराज के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज का 33वां आचार्य पदारोहण दिवस मनाया। कार्यक्रम दिगंबर जैन समाज के गणमान्य श्रेष्ठीजनों के बीच मामाजी टेंट हाउस के कारखाना स्थल पर किया गया। <span style="color: #ff0000">धार से पढ़िए, साभार यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धार।</strong> शहर में विराजित उपाध्याय मुनिश्री विभंजनसागर जी महाराज के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज का 33वां आचार्य पदारोहण दिवस मनाया। कार्यक्रम दिगंबर जैन समाज के गणमान्य श्रेष्ठीजनों के बीच मामाजी टेंट हाउस के कारखाना स्थल पर किया गया। कार्यक्रम का आरंभ अद्विता व अद्वेत के मंगलाचरण नृत्य से हुई। इसके बाद छाबड़ा परिवार ने आचार्यश्री के चित्र का अनावरण कर द्वीप प्रज्वलन किया। पाद प्रक्षालन कर उन्हें जिनवाणी भेंट की गई। आचार्यश्री के जीवन प्रसंग के बारे में बताया गया कि वे मात्र 17 वर्ष की आयु में गृह त्यागर कर संयम के मार्ग पर चले थे। 1983 में दीक्षा धारण की और 1992 में आचार्य पद आदि की विभिन्न ऐतिहासिक घटनाएं सामने आईं।</p>
<p>आचार्यश्री ने तीन सौ से अधिक संयमियों को दीक्षा प्रदान की और 170 मुनि वृतियों को सल्लेखना समाधि करवाई। आज उनके शिष्य पूरे देश में जैन धर्म की प्रभावना और प्रचार-प्रसार में अनवरत लगे हैं। छाबड़ा परिवार ने चातुर्मास में मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त किया था। इस अवसर पर उन्होंने गुरुदेव की सेवा में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष श्रेणिक गंगवाल, सचिव संजय छाबड़ा सहित अन्य समाजजन और गुरु भक्त मौजूद रहे।</p>
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		<title>जैसवाल जैन युवाजन की सामूहिक क्षमावाणी में जनसैलाब उमड़ा: 501 यात्रियों को कराई जाएगी सम्मेद शिखर जी की वंदना </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Oct 2025 13:51:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली द्वारा आयोजित जैसवाल जैन उपरोचियां समाज का भव्य क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आध्यामिक साधना केंद्र छतरपुर दिल्ली में संपन्न हुआ। समारोह के शुभारंभ में श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं जिनवाणी की स्थापना की गई। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली द्वारा आयोजित जैसवाल जैन उपरोचियां</strong> <strong>समाज का भव्य क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आध्यामिक साधना केंद्र छतरपुर दिल्ली में संपन्न हुआ। समारोह के शुभारंभ में श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं जिनवाणी की स्थापना की गई। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुरैना।</strong> जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली द्वारा आयोजित जैसवाल जैन उपरोचियां समाज का भव्य क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आध्यामिक साधना केंद्र छतरपुर दिल्ली में संपन्न हुआ। समारोह के शुभारंभ में श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं जिनवाणी की स्थापना की गई। कार्यक्रम के मध्य समाज के प्रतिभाशाली बच्चों, तीर्थयात्रा के सहयोगियों एवं आए हुए सभी स्थितियों का बहुमान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध उद्यमी गणेशीलाल सुरेशचंद सजल जैन (महक परिवार) दिल्ली, विशिष्ट अतिथि राजेंद्र भंडारी (अध्यक्ष टिकटोली) मुरैना, श्रेयांश जैन सन्नी (संस्थापक संभव फाउंडेशन) अजमेर ने अपने उद्बोधन में क्षमावाणी पर्व के आयोजन एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से सामाजिक सौहार्द, समरसता, एकता एवं सामंजस्य का वातावरण निर्मित होता है। समाज के सभी लोगों का खासकर युवा बंधुओं का उत्तरदायित्व है कि समाज में एकजुटता, भाईचारा एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए क्षमावाणी स्नेह सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहना चाहिए। स्नेह सम्मेलन के इस भव्य आयोजन हेतु जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली बधाई का पात्र है।</p>
<p><strong>क्षमा करने से मन की मलीनता दूर होती है</strong></p>
<p>जीएसटी गुरु के नाम से ख्याति प्राप्त सीए विमल जैन ने क्षमावाणी पर विशेष उद्बोधन देते हुए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि क्षमा का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है। क्षमा मांगने और क्षमा करने से मन की मलीनता दूर होती है, मन हल्का होता है, मन को शांति मिलती है, मन पावन व पवित्र हो जाता है। युवाजन द्वारा आयोजित सामूहिक क्षमावाणी स्नेह सम्मेलन से समाज में एकता, सामंजस्य एवं सौहार्द का वातावरण निर्मित होगा। यही हम सब की पावन भावना है। आपने जीएसटी को धर्म के साथ जोड़कर समझाने का प्रयास किया। मोटिवेशनल स्पीकर सीए विमल जैन के समय ऐसी शांति छाई कि सुई के गिरने की आवाज को भी सुना जा सकता था।</p>
<p>वरिष्ठ समाज सेविका, मंच संचालिका नीरू जैन गणेश नगर दिल्ली ने मंच संचालन से समारोह में चार चांद लगा दिए। आपके कुशल मंच संचालन के कारण ही भव्य समारोह निर्बाधगति से निरंतर 6 घंटे से अधिक समय तक चलता हुआ उच्च शिखर पर पहुंचा। मंच संचालन में अनुमूषा जैन का सहयोग भी सराहनीय रहा।</p>
<p><strong> चित्रकला प्रतियोगिता एवं लकी ड्रॉ का आयोजन किया </strong></p>
<p>समारोह में जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली ने घोषणा की कि नववर्ष में दिल्ली एनसीआर में निवासरत सभी सजातीय परिवारों की परिवार परिचय पुस्तिका डायरेक्टरी का प्रकाशन किया जाएगा। साथ ही पांच सौ एक सजातीय बंधुओं को श्री सम्मेद शिखर जी की यात्रा कराई जाएगी। कार्यक्रम के मध्य में बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता एवं लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। सभी अतिथियों एवं प्रतिभाओं का युवाजन परिवार की ओर से आत्मीय बहुमान किया गया। समाज की प्रतिभाओं, महिलाओं एवं नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समारोह में सम्मिलित सभी बंधुओं के आवास, परिवहन, स्वल्पाहार एवं वात्सल्य भोज की अति उत्तम व्यवस्था की गई थी। सुव्यवस्थित आयोजन की सभी लोगों ने सराहना एवं प्रशंसा की।</p>
<p><strong>समारोह में यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>समारोह में जैसवाल जैन सेवा न्यास के महामंत्री सीए कमलेश जैन गुरुग्राम, नगर पालिका अम्बाह के पूर्व अध्यक्ष जिनेश जैन, एडवोकेट महेशचंद जैन अंबाह, सुनील जैन पुच्ची, सुनीत जैन ठेकेदार मुरैना सहित विभिन्न शैलियों से आए हुए अतिथिगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। जैसवाल जैन युवाजन के अध्यक्ष नवीन जैन, कार्याध्यक्ष चौधरी मोहित जैन चीकू, उपाध्यक्ष सुनील जैन, महामंत्री अजय जैन बॉबी, कोषाध्यक्ष सीए अजय जैन, प्रचारमंत्री गिरीश जैन एवं सभी सदस्यों की अथक मेहनत का परिणाम था कि सकल जैसवाल जैन समाज दिल्ली एनसीआर के लगभग 2000 से अधिक बंधुओं ने समारोह में सहभागिता प्रदान की।</p>
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		<title>आचार्यश्री विनम्रसागर जी का 63वां अवतरण दिवस मनाया : दिगंबर समाजजनों की मौजूदगी में एक दिन में ही तीन उत्सव एक साथ हुए </title>
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		<pubDate>Thu, 02 Oct 2025 13:23:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शहर के विजयनगर स्थित पंचबालयति मंदिर में दिगंबर जैन समाज की ओर से तीन उत्सव एक साथ मनाए गए। पहले आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज का 63वां अवतरण दिवस मनाया गया। इसमें प्रदेशभर के समाजजन शामिल हुए। मुनिश्री विनुतसागर जी महाराज और आर्यिका विमुदश्री माताजी का दीक्षा दिवस भी मनाया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;साभार।  [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शहर के विजयनगर स्थित पंचबालयति मंदिर में दिगंबर जैन समाज की ओर से तीन उत्सव एक साथ मनाए गए। पहले आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज का 63वां अवतरण दिवस मनाया गया। इसमें प्रदेशभर के समाजजन शामिल हुए। मुनिश्री विनुतसागर जी महाराज और आर्यिका विमुदश्री माताजी का दीक्षा दिवस भी मनाया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;साभार। </span></strong></p>
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<p><strong>इंदौर।</strong> शहर के विजयनगर स्थित पंचबालयति मंदिर में दिगंबर जैन समाज की ओर से तीन उत्सव एक साथ मनाए गए। पहले आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज का 63वां अवतरण दिवस मनाया गया। इसमें प्रदेशभर के समाजजन शामिल हुए। मुनिश्री विनुतसागर जी महाराज और आर्यिका विमुदश्री माताजी का दीक्षा दिवस भी मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित प्रवचन में आचार्यश्री विनम्रसागर जी महराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होना चाहिए। आत्मज्ञान और आत्म साक्षात्कार का मार्ग जीवन का सर्वोत्तम उद्देश्य है। हर जीव में ईश्वर का अंश है और यही ज्ञान हमें मोक्ष की ओर ले जाता है। चातुर्मास समिति के संयोजक राहुल जैन केसरी ने बताया कि अवतरण दिवस महोत्सव में सुबह पूजन, विधान हुआ। आचार्य श्री के जीवन वृत का वाचन कर 63 वर्षों की तपस्या यात्रा प्रस्तुत की गई। सुबह कार्यक्रम की शुरूआत गुरुदेव के आशीर्वाद में प्रक्षालन, चित्र अनावरण से की गई। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन, सुरेश भैया, जिनेश भैया, हर्ष जैन, डीके जैन, अक्षय कासलीवाल, आकाश कोयला आदि मौजूद रहे। विजयनगर महिला मंडल, पंचबालयति महिला मंडल, सुखलिया महिला मंडल, स्कीम 78 महिला मंडल, महालक्ष्मीनगर महिला मंडल, तिलकनगर महिला मंडल आदि की महिलाएं भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम के दौरान राजीव निराला, प्रदीप जैन शास्त्री आदि ने आचार्यश्री को शास्त्र भेंट किए। मुनिश्री विनुतसागर जी महाराज और आर्यिका श्री विमुद श्री माताजी ने भी आचार्यश्री के आशीर्वाद लिया और सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का महत्व बताया।</p>
<p><strong>5 अक्टूबर को होगी इंदौर में जिनेश्वरी दीक्षा</strong></p>
<p>विजयनगर स्थित आईडीए ग्राउंड में 5 अक्टूबर को दोपहर एक बजे आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज के सान्निध्य में जिनेश्वरी दीक्षा होगी। आचार्यश्री ने कहा कि कि यह महोत्सव बहुत खास है। इसमें आप अवश्य देखें कि जब एक जैन संत बनता है तो अपने ही हाथों से बालों को खींचकर त्याग करता है। वस्त्र उतारकर सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है और आजीवन तप में लग जाता है।</p>
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		<title>चातुर्मास आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण समय: मुरैना में वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह 20 जुलाई को   </title>
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		<pubDate>Fri, 18 Jul 2025 14:22:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज का वर्षायोग के लिए भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह 20 जुलाई को होगा। दोपहर एक बजे से विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मंगलाचरण, ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ होगा। नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज का वर्षायोग के लिए भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह 20 जुलाई को होगा। दोपहर एक बजे से विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मंगलाचरण, ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ होगा। नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> नगर में विराजमान दिगम्बर जैन युगल मुनिराजों का भव्य चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह 20 जुलाई को आयोजित होगा। जैन धर्म में चातुर्मास का तो महत्व है ही साथ ही चातुर्मास के आरंभ से पूर्व विधिवत मंगल कलशों की स्थापना का भी विशेष महत्व है। जैन श्रावक-श्राविकाएं जिस तरह चातुर्मास में संतों के सानिध्य के लिए विशेष तैयारियां करते हैं, उसी तरह चातुर्मास के शुभारंभ के पहले कलश स्थापना को लेकर भी समाज विशेष तौर पर तैयारियों में जुट जाते हैं। यह धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना जाता है। मंगल कलश स्थापना के समय श्री जिनेंद्र प्रभु का आह्वान और मंत्रोचारण के साथ चातुर्मास स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक है।</p>
<p>इसे शुभता और शक्ति का प्रतीक भी माना गया है। कलश स्थापना का अर्थ है मंत्रोचारण के साथ श्री जिनेंद्र प्रभु का आह्वान करना और पवित्र ऊर्जा का प्रवेश कराना है। जिससे शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जैसा कि वर्णित है कि चातुर्मास आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक महत्वपूर्ण समय होता है और कलश स्थापना इस अवधि में की जाने वाली पूजा-पाठ और साधनाओं को और अधिक फलदायी बनाती है। चातुर्मास त्याग, तप, व्रत और संयम की साधना का समय होता है। चातुर्मास का समय साधु-संतों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि वे इस दौरान अपनी साधना और उपासना में अधिक समय लगाते हुए स्व कल्याण के साथ साथ प्राणिमात्र के कल्याण हेतु सतत् प्रयास करते हैं।</p>
<p>वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक राजेंद्र जैन दयेरी वाले ने बताया कि बड़े जैन मंदिर में आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज से दीक्षित आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज का वर्षायोग के लिए भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी (मुरैना वाले) व संघस्थ ब्रह्मचारी संजय भैयाजी (बम्होरी) के मार्गदर्शन एवं ब्रह्मचारी अजय भैयाजी (झापन तमूरा वाले) दमोह के निर्देशन में 20 जुलाई को दोपहर एक बजे से विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होने जा रहा है।</p>
<p><strong>नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे</strong></p>
<p>इस अवसर पर देशभर से सैकड़ों की संख्या में गुरुभक्तों के सम्मिलित होने की संभावना को देखते हुए आवास, भोजनादि की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस अवसर पर भजन गायक एवं संगीतकार आदीश जैन एंड पार्टी गढ़ाकोटा द्वारा संगीत की स्वर लहरी से सभी को मंत्र मुग्ध किया जाएगा। मंगलाचरण, ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ होगा। नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम उपरांत सभी के लिए सामूहिक वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई है।</p>
<p>किसी भी शुभ कार्य को करने से पूर्व मंगल कलश की स्थापना का विधान प्रायः सभी धर्मों में देखने को मिलता है। चातुर्मास के दौरान कलश स्थापना एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। जो न केवल सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और आत्म-साक्षात्कार के लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है। जैन धर्म में कलश को एक शुभ वस्तु के रूप में देखा जाता है। जो सृजन और जीवन की संभावना का प्रतिनिधित्व करता है। कलश को सुरक्षात्मक भी माना जाता है और यह माना जाता है कि यह नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।</p>
<p>इस अवसर पर मुनिराजों के पावन सानिध्य में प्रातःकालीन बेला में स्यादवाद युवा क्लब मुरैना द्वारा सामूहिक रूप से श्री जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया जाएगा। तत्पश्चात बालिका मंडल द्वारा श्री भक्तामर विधान का आयोजन किया जाएगा। इस मांगलिक आयोजन में स्यादवाद युवा क्लब एवं बालिका मंडल के सभीजन अपने विशेष परिधान में उपस्थित रहेंगे।</p>
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		<title>सोशल ग्रुप सार्थक महिला का शपथ ग्रहण संपन्न: समारोह में हुआ अतिथि और समाज प्रवक्ता का किया सम्मान  </title>
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		<pubDate>Fri, 18 Jul 2025 08:26:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप सार्थक महिला की नवनिर्वाचित अध्यक्ष बनी मोती रानी जैन, कार्य अध्यक्ष साधना जैन, सचिव रूबी जैन, कोषाध्यक्ष रिंकी जैन। इनका शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसमें अतिथियों का सम्मान किया गया। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; भिंड। शहर के कीर्ति स्तंभ जैन मंदिर परिसर में गुरुवार को श्री दिगंबर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप सार्थक महिला की नवनिर्वाचित अध्यक्ष बनी मोती रानी जैन, कार्य अध्यक्ष साधना जैन, सचिव रूबी जैन, कोषाध्यक्ष रिंकी जैन। इनका शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसमें अतिथियों का सम्मान किया गया। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> शहर के कीर्ति स्तंभ जैन मंदिर परिसर में गुरुवार को श्री दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सार्थक महिला का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम हुआ। मंच उद्घाटन, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। महावीर प्रार्थना एवं मंगलाचरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्षद बीना, ओमप्रकाश अग्रवाल बाबूजी, शपथ विधि अधिकारी आलोक जैन राष्ट्रीय संयुत मंत्री फेडरेशन, अति विशिष्ट अतिथि अनुपम चौधरी ग्वालियर रीजन अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि आशीष जैन चंबल रीजन सचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.एसके जैन, राष्ट्रीय सहसचिव महावीर प्रसाद जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जैन, निर्देशक मंडल सदस्य राकेश जैन बच्चू, चित्र अनावरणकर्ता निशा राकेश जैन, द्वीपप्रज्जवलन कर्ता नीता-चकेश जैन, मंच उद्घाटनकर्ता नेहा जैन अड़ोखर पूजा जैन, मंचासीन रहे। कार्यक्रम संयोजक स्नेहलता जैन, मोती रानी जैन, मंजू जैन बजरिया सहित समस्त श्री दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सार्थक महिला कार्यकारणी उपस्थित रही।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-85385" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0010-990x743.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />कार्यक्रम में जैन समाज प्रवक्ता एवं अखिल भारतीय जैन पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष सोनल जैन को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम अल्पित जैन के द्वारा किया गया नवीन अध्यक्ष के उद्घोष के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-85384" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0009-414x232.jpg 414w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />सभी सदस्यों और बाहर से आए हुए अतिथियों का सम्मान किया गया और मंच संचालन सुनील जैन रीजन सचिव ने किया। कार्यक्रम में भिंड जिले की सभी शाखाएं राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्य विनम्र सागर जी के चातुर्मास की मंगलकलश स्थापना: पंचबालायति जिनालय विजयनगर जैन मंदिर में बड़ी संख्या समाजजन हुए शामिल </title>
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		<pubDate>Fri, 18 Jul 2025 07:42:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 जुलाई रविवार सुबह 8 बजे से आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 जुलाई रविवार सुबह 8 बजे से आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> विजयनगर स्थित पंचबाल्यती जैन मंदिर पूर्वाेत्तरक्षेत्र में 13 जुलाई रविवार सुबह 8 बजे से आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। संयोजक राहुल जैन केसरी ने बताया इसे ब्रह्मचारी सुरेश मलैया और जिनेश मलैया के निर्देशन में सम्पन्न कराया गया। इस अवसर का सौभाग्य संदीप जैन मोहरासरिया और नवीन आनंद गोधा परिवार को मिला। मंडप उद्घाटन का सौभाग्य अनिल मोदी परिवार को प्राप्त हुआ। मुख्य मंचीय कार्यक्रम में महालक्ष्मीनगर की जैन बालिकाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। संचालन नीता कासलीवाल ने किया। इसके बाद गुरुदेव के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन हुआ। इस अवसर पर गजेंद्र गिन्नी, हर्ष जैन, अशोक रानी डोसी, नवीन गोधा, राजकुमार पाटोदी, दिलीप पाटनी, धर्मेंद्र जैन, ब्रह्मचारी सुरेश मलैया, डीके जैन और उपस्थित रहे। गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य आकाश, दीपिका और कोल परिवार को मिला। शास्त्र भंेट का पुण्य गिरीश जैन और गिन्नी परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ने 13 चातुर्मास कलशों की स्थापना की।</p>
<p><strong>कलश स्थापना का सौभाग्य इन समाजजनों ने लिया </strong></p>
<p>प्रथम कलश समाजगौरव गजेंद्र मायाजी और गिरीश गौतम गिन्नी परिवार को मिला। द्वितीय कलश हर्ष-तृप्ति परिवार को। गुरुदेव ने बताया कि यह कलश 48 दिनों तक भक्तामर विधान का केंद्र रहेगा। तृतीय कलश भरत मोदी परिवार को, चतुर्थ कलश अशोक रानी दोषी परिवार को, पंचम कलश धर्मेन्द्र (सिमकैन परिवार) को, षष्ठ कलश आजाद जैन (बीड़ी वाले परिवार) को, सप्तम कलश मनीष-सपना गोधा परिवार को, अष्टम कलश मनोज बकलीवाल परिवार को, नवम कलश एस.के. चित्रा परिवार को, दशम कलश मुकेश विजय पाटोदी परिवार को, एकादश कलश भरत जैन (आईरिस परिवार) को, द्वादश कलश सचिन जैन (उद्योगपति परिवार) को और त्रयोदश कलश नवीन-अभिलाषा परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर एक कलश तीर्थरक्षा हेतु शिखरजी कलश भी स्थापित किया जिसे घाटे परिवार की विटिया को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-85369" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004.jpg" alt="" width="1600" height="1066" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-1024x682.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-1536x1023.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-990x660.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250718-WA0004-1320x879.jpg 1320w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />शुद्ध उच्चारण में भक्तामर स्तोत्र का अध्ययन करें: आचार्य श्री </strong></p>
<p>प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि इंदौर समाज अनुकरणीय है। युवाओं, युवतियों, श्रावकों और महिलाओं को शुद्ध उच्चारण में भक्तामर स्तोत्र का अध्ययन करना चाहिए। भगवान के समक्ष सही उच्चारण में पाठ करने से विद्या, सिद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है। समारोह में हसमुख जैन गांधी,राजीव निराला, विनोद जैन, आर.के. जैन,दिनेश जैन, अजय कासलीवाल, अनिल जैन, एसडीओ देवेंद्र सेठी, सीमा जैन रवि जैन, सहित पूर्वाेत्तर क्षेत्र के सभी जिनालयों के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन डीके जैन और प्रदीप शास्त्री ने किया। संयोजन का दायित्व एवीएन अनुराग जैन ने निभाया।</p>
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