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	<title>चारित्र शुद्धि विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>चारित्र शुद्धि विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आठ दिवसीय चारित्र शुद्धि विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ प्रारंभ : जैनेश्वरी दीक्षा में क्षुल्लक श्री नैगम सागर महाराज बने मुनि एवं क्षुल्लिका व्रत प्रभाजी बनीं आर्यिका </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:09:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, वीटी रोड पर चारित्र शुद्धि विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ 25 जनवरी प्रातः सकलीकरण क्रियाओं के साथ प्रारंभ हुआ। जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। जयपुर से पढ़िए, उदयभान जैन की यह खबर&#8230; जयपुर। आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हाउसिंग बोर्ड ग्राउड, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, वीटी रोड पर चारित्र शुद्धि विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ 25 जनवरी प्रातः सकलीकरण क्रियाओं के साथ प्रारंभ हुआ। जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, उदयभान जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हाउसिंग बोर्ड ग्राउड, वीटी रोड पर चारित्र शुद्धि विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ 25 जनवरी प्रातः सकलीकरण क्रियाओं के साथ प्रारंभ हुआ। जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस मौके पर 2 जिनेश्वरी दीक्षाएं भी दी गई। जुलूस मुख्य संयोजक राकेश गोधा ने बताया कि शोभायात्रा में 12 तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को बग्गियों में सवार होकर शामिल हुए। इसके बाद आचार्यश्री के सानिध्य में समाजसेवी अनिल मीना जैन परिवार ने झंडारोहण कर शुभारंभ किया। समाजसेवी ज्ञानचंद पंकज झांझरी ने विशाल मंडप का उदघाटन किया और आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया।</p>
<p><strong>अणुव्रत का पालन करें, यही विश्व शांति की राह</strong></p>
<p>महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि आचार्यश्री के सान्निध्य में बाल ब्र. तरुण भैया ने दीक्षा की क्रियाएं कराईं। आचार्यश्री ने क्षुल्लक श्री नैगम सागरजी महाराज एवं क्षुल्लिकाश्री व्रतप्रभा को क्रमशः मुनिश्री एवं आर्यिका श्री के रूप में दीक्षा प्रदान की।</p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि अपनी इंद्रियों को विजयकर आज मुनिश्री नैगम सागर एवं आर्यिका व्रत प्रभा ने अपने मानव जीवन को धन्य कर लिया है। मेरा यहां उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं से यही कहना है कि वे भगवान महावीर एवं भगवान पारसनाथ के बताए मार्ग पर चलकर अणुव्रत का पालन करें, यही विश्व शांति की राह है। दुनिया को आज इन्हीं सिद्धांतों की सबसे अधिक आवश्यकता है।</p>
<p><strong>आनंद यात्रा, गुरु भक्ति एवं महाआरती होगी </strong></p>
<p>धर्मसभा को मुनि श्री सहजसागर जी महाराज ने अपने मंगल उद्वोधन में कहा कि जीवन में अपने दिन प्रतिदिन के पापों को नष्ट करने के लिए चारित्र शुद्धि विधान पूजा करनी चाहिए। उपाध्याय श्री पियूष सागरजी महाराज के मार्गदर्शन मांगलिक क्रियाएं प्रारंभ हुई। महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि 31 जनवरी तक किए जाने वाले इस अनुष्ठान में प्रतिदिन प्रातः 6.30 बजे से अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजा, चारित्र शुद्धि महामंडल विधान पूजा, धर्मसभा, मंगलाचरण, पाद पक्षालन सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे। शाम को 6 बजे से आनंद यात्रा, गुरु भक्ति एवं महाआरती होगी।</p>
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		<title>जीवन में जो समता धारण करते वही संत और श्रावक : आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी का जयपुर में हुआ मंगल प्रवेश    </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:15:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का रविवार सुबह 8 बजे जयपुर में मंगल प्रवेश हुआ। महाराज श्री अग्रवाल कॉलेज सांगानेरी गेट, जोहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन क्लब फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे। जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;    जयपुर। आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का रविवार सुबह 8 बजे जयपुर में मंगल प्रवेश हुआ। महाराज श्री अग्रवाल कॉलेज सांगानेरी गेट, जोहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन क्लब फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>  जयपुर</strong>। आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का रविवार सुबह 8 बजे जयपुर में मंगल प्रवेश हुआ। महाराज श्री अग्रवाल कॉलेज सांगानेरी गेट, जोहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित यूनियन क्लब फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे।राजस्थान जैन सभा के सुभाष जैन, विनोद कोटखावदा, कैलाश जैन छाबड़ा, जुलूस संयोजक राकेश गोधा के नेतृत्व में ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर धर्मसभा में आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी ने कहा कि जीवन जीना सीखना चाहिए। जीवन में समता का भाव रखना चाहिए, जो समता धारण करते हैं वही संत और श्रावक हैं। पुण्य का पैसा पुण्य में ही लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है, जिन्होंने मानव जीवन प्राप्त किया है, उसका कोई मोल नहीं है, वह अनमोल है। जिन्होंने जैन कुल में जन्म लिया, उनका जीवन बेहद अनमोल है।</p>
<p><strong>माता-पिता, गुरु और परमात्मा का उपकार माने</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने कहा कि मैं जयपुर महानगर में मन के मैल को धोने आया हूं चारित्र शुद्धि विधान के माध्यम से। उन्होंने कहा कि आप अपने जीवन में किसी की शिकायत नहीं करेंगे और किसी से कुछ नहीं मांगेंगे तो अपना जीवन धन्य होगा। आचार्य श्री ने कहा कि प्रातः उठते ही सर्वप्रथम किसान, सैनिक, माता-पिता, गुरु और परमात्मा को धन्यवाद करना चाहिए। जिनके उपकारों से हम अपना जीवन संपन्नता से जी रहे हैं।</p>
<p><strong>चारित्र शुद्धि विधान की दी जानकारी </strong></p>
<p>धर्मसभा को उपाध्याय श्री पियूष सागर जी महाराज, मुनिश्री सहज सागर जी महाराज ने भी संबोधित किया और उन्होंने चारित्र शुद्धि विधान के बारे में बताया। यह विधान 25 से 31 जनवरी तक वीटी रोड मानसरोवर ग्राउंड में हो रहा है। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि जुलूस में जयपुर महानगर की विभिन्न कॉलोनियों से पुरुष-महिला बड़ी संख्या में उपस्थित थे।</p>
<p><strong>जनकपुरी जैन मंदिर की ओर विहार </strong></p>
<p>ऐतिहासिक शोभायात्रा में 1251 महिलाएं मंगल कलश मंगल लेकर चल रही थीं। जुलूस में बैंडबाजों भटिंडा के बैंडबाजे के साथ स्थान-स्थान पर पुष्प वृष्टि एवं श्रावकों ने पाद् प्रक्षालन कर संतों की मंगल आरती की। आचार्य श्री ने गांधीनगर की ओर विहार किया। जहां आईएएस कुलदीप रांका ने अगवानी की। आहारचर्या, भी यहीं हुईं। प्रवास गांधीनगर में रहा। आचार्य श्री ने संघ सहित सोमवार सुबह जनकपुरी जैन मंदिर की ओर विहार किया। संचालन ब्र. तरुण भैय्याजी ने किया।</p>
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