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	<title>चातुर्मास 2026 &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>चातुर्मास 2026 &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>इंदौर बना तीर्थ : राष्ट्रसंत सुधासागर जी महाराज का 2026 चातुर्मास आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग में होगा </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:14:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रसंत, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का चातुर्मास इंदौर के छत्रपति नगर स्थित आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग में सुनिश्चित हुआ है। यह इंदौर के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक गौरव का अवसर माना जा रहा है। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट। इंदौर। सर सेठ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राष्ट्रसंत, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का चातुर्मास इंदौर के छत्रपति नगर स्थित आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग में सुनिश्चित हुआ है। यह इंदौर के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक गौरव का अवसर माना जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर</strong>। सर सेठ हुकुमचंद जी एवं लोकमाता देवी अहिल्याबाई की धर्मनगरी इंदौर के लिए ऐतिहासिक एवं परम सौभाग्य का अवसर आया है। राष्ट्रसंत, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का पावन वर्षायोग (चातुर्मास) छत्रपति नगर स्थित तीर्थस्वरूप आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग, इंदौर में सुनिश्चित हुआ है।</p>
<p><strong>इंदौर को मिला आध्यात्मिक सौभाग्य</strong></p>
<p>धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए कहा कि यह घोषणा इंदौर के लिए अत्यंत गौरव, श्रद्धा और आध्यात्मिक सौभाग्य का विषय है। पूज्य गुरुदेव के चातुर्मास से इंदौर की धरा धन्य होगी तथा श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मकल्याण का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>धर्मप्रेमियों से सहभागिता का आह्वान</strong></p>
<p>राजेश जैन दद्दू ने देशभर के धर्मप्रेमी समाजजनों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इंदौर पहुँचकर पूज्य गुरुदेव के मंगल सान्निध्य, दिव्य प्रवचनों एवं आत्मकल्याणकारी मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त करें।</p>
<p><strong>संतों का आगमन बनाता है तीर्थ</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि जब ऐसे महान तपस्वी संत किसी नगरी में विराजते हैं, तो वह स्थान स्वयं तीर्थ बन जाता है। गुरुवर के चरण जहाँ पड़ते हैं, वहाँ धर्म, संयम और आध्यात्मिक जागरण की गंगा प्रवाहित होती है।</p>
<p><strong>धर्मप्रभावना का महापर्व</strong></p>
<p>उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 का यह चातुर्मास इंदौर के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम, साधना और धर्मप्रभावना का महापर्व सिद्ध होगा, जिसकी प्रेरणा और प्रभाव वर्षों तक समाज को प्राप्त होता रहेगा।</p>
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		<title>चातुर्मास 29 जुलाई से, संयम और संस्कारों से जुड़ेगा समाज : चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 10:13:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[29 जुलाई से प्रारंभ होने वाला चातुर्मास जैन धर्म का प्रमुख साधना काल है। चार माह तक साधु-साध्वियाँ एक स्थान पर रहकर धर्म, संयम, तप एवं संस्कारों का संदेश देंगे। पढ़िए श्रीफल साथी संपादकीय डेस्क की यह रिपोर्ट। नई दिल्ली। जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p style="text-align: left"><strong>29 जुलाई से प्रारंभ होने वाला चातुर्मास जैन धर्म का प्रमुख साधना काल है। चार माह तक साधु-साध्वियाँ एक स्थान पर रहकर धर्म, संयम, तप एवं संस्कारों का संदेश देंगे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी संपादकीय डेस्क की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p style="text-align: left"><strong>नई दिल्ली।</strong> जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा। वर्षा ऋतु के चार महीनों में जैन साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना, स्वाध्याय, तप, त्याग, प्रवचन एवं धर्मप्रभावना के माध्यम से समाज में संयम, सदाचार, अहिंसा और नैतिक जीवन का संदेश देंगे। इस अवधि में देशभर के जैन मंदिरों, स्थानकों एवं उपाश्रयों में धार्मिक, आध्यात्मिक और संस्कारमूलक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।</p>
<p><strong>आगमिक परंपरा का पालन</strong></p>
<p>श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि जैन आगमों के अनुसार वर्षा ऋतु में असंख्य सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति होती है। अहिंसा की भावना को सर्वोच्च मानते हुए जैन साधु-साध्वियाँ इस काल में विहार नहीं करते, बल्कि एक ही स्थान पर निवास करते हैं। आगमिक व्यवस्था के अनुसार वे चातुर्मास के दौरान निर्धारित सीमा से बाहर नहीं जाते। इस वर्ष पक्खी पर्व होने के कारण चातुर्मास का शुभारंभ 29 जुलाई से होगा।</p>
<p><strong>आत्मजागरण का विशेष अभियान</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल संतों के स्थिर निवास का समय नहीं, बल्कि समाज के आध्यात्मिक जागरण का चार माह का महाअभियान है। इस दौरान प्रवचन, स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, जप, तप, ध्यान, आयंबिल, उपवास, एकासन, पौषध, नवकारसी एवं अन्य धार्मिक आराधनाएँ कराई जाती हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्याग, व्रत एवं आत्मसंयम का संकल्प लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।</p>
<p><strong>वर्तमान समय में बढ़ा महत्व</strong></p>
<p>श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र ने कहा कि आज का समाज तनाव, प्रतिस्पर्धा, उपभोक्तावाद और मानसिक अशांति जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में चातुर्मास व्यक्ति को संयम, आत्मनिरीक्षण, अनुशासन, सादगी, जीवदया, पर्यावरण संरक्षण, नैतिकता और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह पर्व आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।</p>
<p><strong>सात्विक जीवनशैली का संदेश</strong></p>
<p>चातुर्मास के दौरान सात्विक एवं संयमित भोजन पर विशेष बल दिया जाता है। श्रद्धालु जमीकंद, गरिष्ठ भोजन तथा अनेक तिथियों पर हरी सब्जियों एवं फलों का भी त्याग करते हैं। आयंबिल, उपवास, एकासन, पौषध, सामायिक एवं प्रतिक्रमण जैसी आराधनाओं के माध्यम से आत्मसंयम का अभ्यास किया जाता है।</p>
<p><strong>चातुर्मास के प्रमुख पर्व</strong></p>
<p>चातुर्मास के दौरान अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व मनाए जाएंगे—</p>
<p>&#8211; 29 जुलाई – चातुर्मास प्रारंभ</p>
<p>&#8211; 8 सितंबर – पर्यूषण महापर्व प्रारंभ (श्वेतांबर)</p>
<p>&#8211; 15 सितंबर – संवत्सरी महापर्व एवं दशलक्षण पर्व प्रारंभ (दिगंबर)</p>
<p>&#8211; 25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी</p>
<p>&#8211; 18 अक्टूबर – नवपद आयंबिल ओली प्रारंभ</p>
<p>&#8211; 9 नवंबर – भगवान महावीर का 2553वाँ निर्वाण कल्याणक</p>
<p>&#8211; 10 नवंबर – गौतम प्रतिपदा एवं वीर निर्वाण संवत् 2553 का शुभारंभ</p>
<p>&#8211; 14 नवंबर – ज्ञान पंचमी</p>
<p>&#8211; 24 नवंबर – चातुर्मास पूर्णाहुति</p>
<p>इसके अतिरिक्त संतों की जन्म जयंती, पुण्यतिथि, धार्मिक संगोष्ठियाँ, संस्कार शिविर, युवा एवं महिला सम्मेलन तथा सामूहिक आराधनाओं का भी आयोजन होगा।</p>
<p><strong>देशभर में 19 हजार से अधिक साधु-साध्वियाँ</strong></p>
<p>श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ की वर्ष 2026 की सूची के अनुसार इस वर्ष संघ में 362 चातुर्मास निर्धारित किए गए हैं। वर्तमान में संघ में 214 साधु एवं 961 साध्वियाँ धर्मप्रभावना में सक्रिय हैं। वहीं देश की चारों प्रमुख जैन परंपराओं—स्थानकवासी, मूर्तिपूजक, तेरापंथ एवं दिगंबर—को मिलाकर लगभग 19 हजार से अधिक साधु-साध्वियाँ धर्म, शिक्षा, संस्कार, अहिंसा और सामाजिक जागरण का कार्य कर रहे हैं।</p>
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		<title>देहरा में सजेगा धर्म का महाकुंभ: श्रमणाचार्य श्री विमर्श सागर जी ससंघ का 19 जुलाई को होगा भव्य मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 16:53:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्थान के देहरा अतिशय क्षेत्र में 19 जुलाई को श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। चार माह के चातुर्मास में प्रवचन, आराधना एवं 20 से 28 जुलाई तक सिद्धचक्र महामण्डल विधान और विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन होगा। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट। तिजारा (राजस्थान)। श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान के देहरा अतिशय क्षेत्र में 19 जुलाई को श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। चार माह के चातुर्मास में प्रवचन, आराधना एवं 20 से 28 जुलाई तक सिद्धचक्र महामण्डल विधान और विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>तिजारा (राजस्थान)।</strong> श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देहरा में इस वर्ष का चातुर्मास धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति का विराट संगम बनने जा रहा है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष सुरेश जैन ने बताया कि परम पूज्य श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश 19 जुलाई 2026 को प्रातः देहरा तीर्थ में होगा। गुरुवर के आगमन को लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण व्याप्त है।</p>
<p>प्रचार मंत्री उमंग जैन ने बताया कि मुनि संघ प्रातः लगभग 7:30 बजे देहरा पहुंचेगा। मंगल प्रवेश मार्ग को तोरण द्वारों, पुष्प सज्जा, रंगोलियों, धर्मध्वजाओं एवं स्वागत बैनरों से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालु मंगल कलश, आरती, पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ गुरुवर का अभिनंदन करेंगे। देहरा, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, अलवर, दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी सहित अनेक नगरों से हजारों श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।</p>
<p>देहरा जैन मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री नरेंद्र जैन तथा वरुण जैन, अमन जैन, शैलू जैन एवं शिंभू जैन ने बताया कि चातुर्मास के चार माह के दौरान प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल धर्मसभा, मंगल प्रवचन, स्वाध्याय, शंका समाधान, जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, सामूहिक आराधना, भक्ति तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>गुरुवर अपने प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से अहिंसा, सत्य, संयम, आत्मकल्याण, संस्कार और सदाचार का संदेश देंगे। उनके सान्निध्य में श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और धर्म आराधना का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।</p>
<p>इसी क्रम में 20 जुलाई से 28 जुलाई 2026 तक श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का भव्य आयोजन होगा। नौ दिवसीय इस महाआयोजन में देशभर से इन्द्र-इन्द्राणियां, विधानाचार्य, संगीत मंडलियां एवं हजारों श्रद्धालु सहभागिता करेंगे। भगवान जिनेन्द्र की आराधना, विश्वशांति, राष्ट्र की उन्नति, समाज की समृद्धि तथा समस्त जीवों के कल्याण की मंगल भावना के साथ यह आयोजन सम्पन्न होगा।</p>
<p>समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर गुरुवर के दर्शन, वंदन एवं मंगल प्रवचनों का लाभ लेने तथा सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ में सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है। देहरा तीर्थ का यह चातुर्मास क्षेत्र के सबसे ऐतिहासिक एवं स्मरणीय धार्मिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।</p>
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		<title>जनकपुरी में रचने जा रहा इतिहास, पहली बार किसी आचार्य संघ का होगा चातुर्मास : आचार्य श्री आदित्य सागर जी का रविवार को भव्य मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:18:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर के जनकपुरी–ज्योतिनगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर अपने 47वें वर्ष में पहली बार किसी आचार्य संघ के चातुर्मास का साक्षी बनने जा रहा है। 19 जुलाई को आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी मुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। पढ़िए श्रीफल साथी पदम जैन बिलाला एवं राकेश जैन (दूरदर्शन) की यह रिपोर्ट। जयपुर। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जयपुर के जनकपुरी–ज्योतिनगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर अपने 47वें वर्ष में पहली बार किसी आचार्य संघ के चातुर्मास का साक्षी बनने जा रहा है। 19 जुलाई को आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी मुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी पदम जैन बिलाला एवं राकेश जैन (दूरदर्शन) की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर</strong>। श्री दिगम्बर जैन मंदिर, जनकपुरी–ज्योतिनगर ने 17 जुलाई को अपनी स्थापना के 46 वर्ष पूर्ण कर 47वें वर्ष में प्रवेश किया। स्थापना वर्ष के शुभारंभ के साथ ही मंदिर एवं जनकपुरी जैन समाज एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। वर्ष 2026 में पहली बार यहां किसी आचार्य संघ का चातुर्मास आयोजित होगा, जिसे समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है।</p>
<p><strong>पहली बार मिलेगा चातुर्मास का सौभाग्य</strong></p>
<p>मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार जनकपुरी जैन समाज को पहली बार किसी आचार्य संघ के चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह उपलब्धि मंदिर एवं समाज के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी।</p>
<p><strong>19 जुलाई को होगा भव्य मंगल प्रवेश</strong></p>
<p>आध्यात्मयोगी आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी मुनिराज ससंघ का 19 जुलाई (रविवार) को चातुर्मासार्थ श्री दिगम्बर जैन मंदिर, जनकपुरी–ज्योतिनगर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। प्रातःकाल आचार्य श्री ससंघ का मंगल विहार बरकत नगर दिगम्बर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर भव्य शोभायात्रा के रूप में जनकपुरी मंदिर पहुंचेगा, जहाँ धर्मसभा का आयोजन होगा।</p>
<p><strong>28वें वर्षायोग पर विशेष आयोजन</strong></p>
<p>आचार्य श्री के 28वें वर्षायोग के उपलक्ष्य में विशेष रूप से 28 स्वागत द्वार बनाए गए हैं। मंदिर में प्रवेश के समय 28 थालों से पाद प्रक्षालन तथा 28 दीपों से मंगल आरती कर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आचार्य श्री का अभिनंदन किया जाएगा।</p>
<p><strong>भव्य तैयारियाँ पूरी</strong></p>
<p>चातुर्मास समिति, मंदिर प्रबंध समिति, महिला मंडल एवं युवा मंच द्वारा मंदिर परिसर तथा पूरे मंगल प्रवेश मार्ग को आकर्षक रूप से सजाया गया है। आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना</strong></p>
<p>प्रवेश समारोह एवं धर्मसभा में जनकपुरी, ज्योतिनगर, बरकत नगर, महेश नगर, कीर्ति नगर, मधुबन तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है। समाजजन इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं।</p>
<p><strong>धर्म और समाज के लिए प्रेरणादायी अवसर</strong></p>
<p>यह चातुर्मास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में धर्म, संयम, संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। जनकपुरी जैन समाज का यह ऐतिहासिक आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।</p>
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		<title>मुनि पुंगव सुधा सागर जी के ऐतिहासिक चातुर्मास की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार : मंगल आगमन एवं भव्य स्वागत की रूपरेखा पर धर्मसभा में हुआ व्यापक मंथन </title>
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		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 00:33:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर में मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के प्रस्तावित मंगल आगमन एवं ऐतिहासिक चातुर्मास-2026 की तैयारियों को लेकर धर्मसभा आयोजित हुई। स्वागत, विहार एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा कर समाज ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। पढ़िए श्रीफल साथी इंदौर ब्यूरो की यह रिपोर्ट। इंदौर। परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंदौर में मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के प्रस्तावित मंगल आगमन एवं ऐतिहासिक चातुर्मास-2026 की तैयारियों को लेकर धर्मसभा आयोजित हुई। स्वागत, विहार एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा कर समाज ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। <span style="color: #993300">पढ़िए श्रीफल साथी इंदौर ब्यूरो की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
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<figure id="attachment_109530" aria-describedby="caption-attachment-109530" style="width: 300px" class="wp-caption alignnone"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-109530" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-300x147.jpg" alt="" width="300" height="147" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-300x147.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-1024x501.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-768x376.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-1536x752.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-2048x1002.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-990x485.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260717_055402-1320x646.jpg 1320w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-109530" class="wp-caption-text">Oplus_16908288</figcaption></figure>
<p><strong>इंदौर</strong>। परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के प्रस्तावित मंगल आगमन एवं वर्ष 2026 के ऐतिहासिक चातुर्मास की तैयारियों को लेकर गुरुवार रात्रि मोदीजी की नसिया, बड़ा गणपति में धर्मसभा आयोजित की गई। बैठक में गुरुदेव के भव्य स्वागत, विहार, चातुर्मास एवं विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।</p>
<p><strong>समाज ने दिखाई अभूतपूर्व एकजुटता</strong></p>
<p>धर्मसभा में समाज के वरिष्ठजन, विभिन्न जिनालयों के अध्यक्ष, मंत्री एवं प्रतिनिधि, महिला मंडलों, युवा संगठनों, मुनि भक्त मंडलों तथा सकल दिगंबर जैन समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने एक स्वर में कहा कि मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज का इंदौर आगमन केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर होगा।</p>
<p><strong>स्वागत एवं व्यवस्थाओं पर बनी विस्तृत योजना</strong></p>
<p>बैठक में श्री एम.के. जैन एवं श्रीमती पुष्पा प्रदीप कासलीवाल के संरक्षण तथा श्री अमित कासलीवाल एवं श्री दिलीप पाटनी के मार्गदर्शन में स्वागत, विहार, आवास, समाज सहभागिता तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत योजना पर चर्चा की गई। विभिन्न समितियों के दायित्वों पर भी विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित</strong></p>
<p>इस अवसर पर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, इंदौर समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, नवीन गोधा, हर्ष जैन, संदीप एवं सुनीता जैन (मोरया सरिया), विजय पाटोदी, प्रतिपाल टोंग्या, राजेश (दद्दू), आकाश पंड्या, कुशलराज जैन (पम्पम), उषा पाटनी, साधना दगड़े, मोदीजी की नसिया के ट्रस्टीगण, शेखर छाबड़ा, दिलीप एवं प्रमिला पाटनी, हेमंत जैन, कमल जैन, भूपेंद्र जैन, मुकेश जैन, सुनील गोधा, जयदीप जैन, अनूप गांधी, रेखा पतंग्या, कमल काला, रेखा संजय जैन, निधि जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक चातुर्मास बनाने का संकल्प</strong></p>
<p>बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि इंदौर नगर मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज के मंगल आगमन एवं चातुर्मास-2026 को भव्य, ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा। समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान भी किया गया।</p>
<p><strong>समाज के लिए प्रेरणादायी अवसर</strong></p>
<p>धर्मसभा में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संगठन, संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। सभी समाजजनों से आयोजन को सफल बनाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की गई।</p>
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		<title>मुनि पुंगव 108 सुधा सागर जी के संभावित चातुर्मास हेतु बैठक : इंदौर में ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों पर हुआ मंथन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 05:24:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि पुंगव 108 सुधा सागर जी महाराज के संभावित इंदौर चातुर्मास-2026 की तैयारियों को लेकर जाल सभागृह में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाज के विभिन्न संगठनों और मंदिर समितियों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। पढ़िए श्रीफल साथी सतीश जैन की यह रिपोर्ट। इंदौर। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि पुंगव 108 सुधा सागर जी महाराज के संभावित इंदौर चातुर्मास-2026 की तैयारियों को लेकर जाल सभागृह में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाज के विभिन्न संगठनों और मंदिर समितियों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सतीश जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जगत पूज्य मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर जी महामुनिराज के वर्ष 2026 के संभावित चातुर्मास को लेकर बुधवार को जाल सभागृह में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य इस संभावित ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा तैयार करना एवं समाज के विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाना था।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-109490" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006-1320x592.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260716-WA0006.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>एकजुट होकर आयोजन सफल बनाने का संकल्प</strong></p>
<p>दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि बैठक में सभी दिगंबर जैन मंदिरों के अध्यक्ष, मंत्री, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, महिला मंडल की सदस्याएं तथा युवा संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि चातुर्मास का आयोजन तभी सफल होगा, जब इंदौर की समस्त संस्थाएं एक परिवार की भावना से मिलकर कार्य करेंगी।</p>
<p><strong>सकल दिगंबर जैन समाज ने किया निवेदन</strong></p>
<p>बैठक के निवेदक सकल दिगंबर जैन समाज, इंदौर रहे। आयोजन की तैयारियों में अशोक दोशी, गिरीश जैन गिन्नी, धर्मेंद्र जैन (सिनकेम), आकाश जैन कोल ने सक्रिय भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित</strong></p>
<p>बैठक में अशोक बड़जात्या, ब्रह्मचारी अनिल भैया जी, सामाजिक संसद के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, कार्याध्यक्ष सौरभ पाटोदी, मंत्री देवेंद्र सोगानी, कैलाश वेद, डी.के. जैन, जैनेश झांझरी, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष महावीर जैन, सुभाष सामरिया, नकुल पाटोदी, आर.के. जैन, श्रीमती रानी डोशी, छाया जैन, मुकेश टोंग्या, हेमंत जैन, रवि जैन, नीरज जैन, अजय जैन, पी.सी. जैन, श्रीपाल जैन तथा अनिल जैन ‘जैनको’ सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक चातुर्मास की ओर बढ़ते कदम</strong></p>
<p>बैठक में उपस्थित सभी समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर जी महाराज का चातुर्मास इंदौर में होता है, तो यह शहर के धार्मिक एवं सामाजिक इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय सिद्ध होगा।</p>
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		<title>मुनि श्री सुधासागर महाराज का चातुर्मास: इंदौर के लिए आत्मसाधना, संगठन और समाज निर्माण का स्वर्णिम अवसर </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 18:24:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रेखा संजय जैन, ग्रुप संपादक श्रीफल की कलम से  इंदौर की पुण्यभूमि को परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज का चातुर्मास प्राप्त होना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आत्मसाधना, संस्कार और संगठन का महापर्व है। यह अवसर समाज को नई दिशा देने, नई चेतना जगाने और एकजुट होकर भविष्य-निर्माण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<blockquote><p><strong><span style="color: #ff0000">रेखा संजय जैन, ग्रुप संपादक श्रीफल की कलम से </span></strong></p></blockquote>
<p>इंदौर की पुण्यभूमि को परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज का चातुर्मास प्राप्त होना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आत्मसाधना, संस्कार और संगठन का महापर्व है। यह अवसर समाज को नई दिशा देने, नई चेतना जगाने और एकजुट होकर भविष्य-निर्माण का संकल्प लेने का है।</p>
<p>इस पुण्य अवसर के लिए सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, कार्यकारी अध्यक्ष नवीन गोधा एवं महामंत्री हर्ष जैन विशेष बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं। उनके पुरुषार्थ, समर्पण और सतत प्रयासों ने इंदौर समाज को यह दुर्लभ सौभाग्य दिलाया। पहला कदम उन्होंने बढ़ाया, अब इस यात्रा को पूरे समाज को मिलकर आगे बढ़ाना है।</p>
<p>अब समय किसी एक ,दो,तीन व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे इंदौर समाज का है। प्रत्येक श्रावक-श्राविका यह भाव रखे कि “यह चातुर्मास मेरा है, मेरी साधना का है, मेरे परिवार के संस्कारों का है और मेरे समाज के उज्ज्वल भविष्य का है।” यही भावना मुनि श्री सुधासागर महाराज के संदेश का वास्तविक स्वरूप है।</p>
<p>यह चातुर्मास केवल प्रवचनों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक परिवार में आत्मसाधना की डुबकी, बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण, युवाओं में सेवा की प्रेरणा और समाज में संगठन की नई चेतना प्रवाहित करे। जब समाज एक सूत्र में बंधता है, तब धार्मिक विकास की गंगा स्वयं प्रवाहित होती है।</p>
<p>कहा गया है कि सच्ची भक्ति के आगे भगवान भी प्रसन्न हो जाते हैं। इंदौर समाज को यह पुण्य अवसर मिला है, इसलिए इसे केवल उत्सव बनाकर नहीं, बल्कि जीवन-परिवर्तन का माध्यम बनाकर सार्थक करना होगा। आज आवश्यकता है कि बैठकर ऐसी योजनाएँ बनाई जाएँ जिनसे समाज का प्रत्येक व्यक्ति — बच्चे, युवा, महिलाएँ और वरिष्ठजन — किसी न किसी रूप में इस चातुर्मास से जुड़े।</p>
<p>आनंद गोधा, नवीन गोधा और हर्ष जैन जिस प्रकार सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करते हैं, वही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। यही समन्वय और सहभागिता इस चातुर्मास की भी सफलता का आधार बने।</p>
<p>मुनि श्री सुधासागर महाराज का एक प्रेरक संदेश सदैव स्मरणीय है — “समाज का कार्य करोगे तो लड्डू नहीं, पत्थर भी खाने पड़ सकते हैं; फिर भी समाज का मार्गदर्शन और सेवा नहीं छोड़नी चाहिए।” यह वाक्य प्रत्येक समाजसेवी के लिए प्रेरणा है कि सेवा का मार्ग त्याग, धैर्य और समर्पण से ही प्रशस्त होता है।</p>
<p>इसी भावना के साथ यह भी आवश्यक है कि इंदौर में ही नहीं, जहाँ-जहाँ चातुर्मास हो रहे हैं, वहाँ भी सहयोग और सेवा का भाव लेकर पहुँचा जाए। यदि किसी मंदिर या समिति को आवश्यकता हो तो सबसे पहले पूछा जाए — “हम आपकी क्या सेवा कर सकते हैं?” यही जैन संस्कृति का वास्तविक स्वरूप है।</p>
<p>अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर महाराज ने भी प्रेरणा दी कि परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर महाराज का स्वागत, अभिनंदन और चरणवंदन ऐसा हो कि पूरे देश में इंदौर समाज की संगठन-शक्ति और श्रद्धा की मिसाल दी जाए। साथ ही, चातुर्मास से पूर्व आचार्य श्री 108 सुनीलसागर महाराज के नगर-प्रवेश और स्वागत को भी हम सभी मिलकर ऐतिहासिक बनाएँ।</p>
<p>आइए, हम पूरी  इंदौर समाज का चातुर्मास बनाएँ। यही समय है जब मतभेदों से ऊपर उठकर मन, वचन और कर्म से एक होकर आत्मकल्याण, समाज-निर्माण और धर्म-प्रभावना का नया इतिहास लिखा जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>12 जुलाई को इंदौर में होगा आचार्य श्री सुनील सागर महाराज का मंगल प्रवेश : 38 पिच्छीधारी मुनि संघ के सान्निध्य में तीन दिवसीय प्राकृत महोत्सव भी होगा </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:34:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज का 38 पिच्छीधारी मुनि संघ सहित 12 जुलाई को इंदौर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। 11 जुलाई को नवग्रह अतिशय क्षेत्र में मंगल मिलन तथा 12 से 14 जुलाई तक प्राकृत महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट। इंदौर। आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज का 38 पिच्छीधारी मुनि संघ सहित 12 जुलाई को इंदौर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। 11 जुलाई को नवग्रह अतिशय क्षेत्र में मंगल मिलन तथा 12 से 14 जुलाई तक प्राकृत महोत्सव आयोजित किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज का 38 पिच्छीधारी मुनि संघ सहित इंदौर नगर में भव्य मंगल प्रवेश 12 जुलाई को होगा। इससे पूर्व 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे श्री दिगंबर जैन नवग्रह अतिशय क्षेत्र में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज से उनका चरण वंदन एवं मंगल मिलन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, शकुंतला वेद तथा समाजजन आचार्य संघ का भावपूर्ण स्वागत करेंगे।</p>
<p><strong>11 जुलाई को होगा मंगल मिलन</strong></p>
<p>11 जुलाई को नवग्रह अतिशय क्षेत्र में आयोजित मंगल मिलन कार्यक्रम में श्रद्धालु आचार्य श्री का चरण वंदन करेंगे। यह आयोजन नगर प्रवेश से पूर्व आध्यात्मिक मिलन का विशेष अवसर होगा।</p>
<p><strong>राजवाड़ा से निकलेगी भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>12 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे राजवाड़ा से नगर प्रवेश शोभायात्रा प्रारंभ होगी। मार्ग में नेमिनगर जैन कॉलोनी के अध्यक्ष कैलाश लुहाड़िया, मुख्य संयोजक इन्द्र कुमार सेठी सहित विभिन्न जैन संस्थाएं एवं समाजजन आचार्य श्री का स्वागत एवं चरण वंदन करेंगे। आचार्य श्री का वर्ष 2026 का चातुर्मास जैन कॉलोनी में संपन्न होगा।</p>
<p><strong>महावीर कीर्ति स्तंभ पर होगा भव्य स्वागत</strong></p>
<p>शोभायात्रा रीगल स्थित महावीर कीर्ति स्तंभ पहुंचेगी, जहां उदासीन आश्रम ट्रस्ट, श्री दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद (कीर्ति स्तंभ), दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, महावीर ट्रस्ट तथा अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के मार्गदर्शन में विभिन्न संस्थाओं द्वारा पाद प्रक्षालन एवं भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके पश्चात उदासीन आश्रम स्थित महावीर मंदिर में धर्मसभा आयोजित होगी।</p>
<p><strong>तीन दिवसीय प्राकृत महोत्सव</strong></p>
<p>उदासीन आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने बताया कि 12 से 14 जुलाई तक तीन दिवसीय प्राकृत महोत्सव आयोजित किया जाएगा। देशभर से प्राकृत भाषा के विद्वान इसमें सहभागिता करेंगे। प्रतिदिन प्रातः 8 बजे एवं दोपहर 2 बजे आचार्य श्री के सान्निध्य में प्राकृत भाषा एवं जैन साहित्य पर विशेष परिचर्चाएं आयोजित होंगी।</p>
<p><strong>प्राकृताचार्य के रूप में विशिष्ट पहचान</strong></p>
<p>आचार्य श्री सुनील सागर महाराज को &#8216;प्राकृताचार्य&#8217; की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने प्राकृत भाषा में अनेक ग्रंथों, स्तुतियों एवं साहित्यिक कृतियों की रचना कर जैन साहित्य को समृद्ध किया है। उनका साहित्यिक एवं आध्यात्मिक योगदान देशभर में विशेष रूप से सराहा जाता है।</p>
<p><strong>धर्म और ज्ञान का महापर्व</strong></p>
<p>आयोजकों के अनुसार नगर प्रवेश, धर्मसभा एवं प्राकृत महोत्सव के माध्यम से इंदौर में धर्म, संस्कृति और जैन साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित होगा तथा हजारों श्रद्धालुओं को धर्म लाभ प्राप्त होगा।</p>
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		<title>शिष्य की शोभा गुरु से होती हैः वसगडे में मुनि श्री सिद्धसागर जी ने दिया गुरु-भक्ति का संदेश </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:30:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज ने अपने गुरु पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि हम शरीर से गुरु से दूर हैं, लेकिन मेरा मन और मेरा हृदय आज भी गुरु के चरणों में है। वसगडे से पढ़िए, श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; वसगडे (महाराष्ट्र)। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज ने अपने गुरु पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि हम शरीर से गुरु से दूर हैं, लेकिन मेरा मन और मेरा हृदय आज भी गुरु के चरणों में है। <span style="color: #ff0000">वसगडे से पढ़िए, श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>वसगडे (महाराष्ट्र)।</strong> पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज और मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज वर्तमान में वसगडे में विराजमान हैं। विराजमान मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज ने अपने गुरु पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि हम शरीर से गुरु से दूर हैं, लेकिन मेरा मन और मेरा हृदय आज भी गुरु के चरणों में है। गुरु जी का आशीर्वाद सदा मेरे साथ है। उन्होंने आगे कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है। उनके बिना जीवन व्यर्थ है। गुरु ही ज्ञान का दीप जलाकर जीवन के अंधकार को दूर करते हैं। जिस प्रकार घर की शोभा माँ से बढ़ती है, उसी प्रकार शिष्य की शोभा गुरु से होती है।</p>
<p><strong>आचार्य भगवन के चरणों में नमन </strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का विहार वर्तमान में राजधानी दिल्ली की ओर चल रहा है। आज समस्त जिन दर्शन की शोभा आचार्य भगवन विशुद्ध सागर जी महाराज से बढ़ रही है। हम आचार्य भगवन के चरणों में नमन करते हैं।</p>
<p><strong>जयसिंहपुर में 19 जुलाई को होगा मंगल प्रवेश  </strong></p>
<p>मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज एवं मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज का चातुर्मास 2026 जयसिंहपुर में होगा। 19 जुलाई को प्रातः 7 बजे जयसिंहपुर में उनका मंगल प्रवेश होगा।</p>
<p><strong>28 जुलाई को मंगल कलश स्थापना</strong></p>
<p>चातुर्मास कार्यक्रम के अंतर्गत 28 जुलाई को मंगल कलश स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की जिम्मेदारी श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जयसिंहपुर चौथी गली एवं सकल दिगंबर जैन समाज, जयसिंहपुर द्वारा ली गई है। समाज के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर लाभ लेने की अपील की है।</p>
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		<title>मंडलेश्वर में होगा आर्यिका 105 लक्ष्मीभूषण माताजी का चातुर्मास : पश्चिम निमाड़ के श्रद्धालुओं को मिलेगा धर्मलाभ का सुअवसर </title>
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		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 04:58:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विद्याभूषण आचार्य सन्मति सागर जी (बड़ागांव वाले) की सुशिष्या आर्यिका 105 श्री लक्ष्मीभूषण माताजी ने वर्ष 2026 का चातुर्मास मंडलेश्वर में करने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पश्चिम निमाड़ क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं को धर्म, प्रवचन एवं संयम साधना का लाभ प्राप्त होगा। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद/खंडवा। नर्मदा तट [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विद्याभूषण आचार्य सन्मति सागर जी (बड़ागांव वाले) की सुशिष्या आर्यिका 105 श्री लक्ष्मीभूषण माताजी ने वर्ष 2026 का चातुर्मास मंडलेश्वर में करने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पश्चिम निमाड़ क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं को धर्म, प्रवचन एवं संयम साधना का लाभ प्राप्त होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद/खंडवा।</strong> नर्मदा तट स्थित मंडलेश्वर नगर में वर्ष 2026 का चातुर्मास आर्यिका 105 श्री लक्ष्मीभूषण माताजी के सान्निध्य में आयोजित होगा। बुधवार को खंडवा के नवकार नगर स्थित श्री मुनिसुव्रतनाथ जिनालय एवं संत निवास में विराजमान पूज्य माताजी को मंडलेश्वर चातुर्मास हेतु श्रीफल अर्पित कर समाजजनों ने भावपूर्ण निवेदन किया, जिसे माताजी ने सहर्ष स्वीकार किया।</p>
<p><strong>समाजजनों ने किया श्रीफल समर्पण</strong></p>
<p>दिगंबर जैन समाज मंडलेश्वर के अध्यक्ष रक्षित जैन, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र जैन एवं राजेन्द्र धनोते, मंत्री मनोज जैन, सहमंत्री अंतिम जैन, मुनि सेवा समिति अध्यक्ष नयन जैनी, प्रियकारिणी महिला मंडल अध्यक्ष कुमुदिनी धनोते सहित रचना जैन, संध्या जैन, सीमा जैन, सोनिका जैन एवं राकेश जैन ने माताजी के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। संघस्थ ब्रह्मचारिणी रिम्पी दीदी एवं उषा दीदी भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।</p>
<p><strong>पश्चिम निमाड़ को मिलेगा धर्मलाभ</strong></p>
<p>मंडलेश्वर में चातुर्मास होने से सनावद, बड़वाह, महेश्वर, खरगोन, कसरावद, पिपलगांव, बालसमुंद, बेड़िया, धरगांव, मोहना, बामंदी, बरसलाय सहित आसपास के अनेक नगरों एवं ग्रामों के श्रद्धालुओं को धर्मसभा, प्रवचन एवं आराधना का लाभ प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>अष्टानिका पर्व से पूर्व पहुंचेगी मंडलेश्वर</strong></p>
<p>सकल दिगंबर जैन मुनि सेवा ट्रस्ट, खंडवा के अविनाश जैन ने बताया कि आर्यिका श्री ने महाराष्ट्र के मलकापुर में ग्रीष्मकालीन वाचना पूर्ण करने के बाद खंडवा में अल्प प्रवास किया है। वे अष्टानिका पर्व से पूर्व सनावद, बड़वाह एवं धरगांव में धर्म प्रभावना करती हुई मंडलेश्वर पहुंचेंगी।</p>
<p><strong>प्रतिनिधिमंडल का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>मंडलेश्वर प्रतिनिधिमंडल के खंडवा आगमन पर मुनि सेवा समिति के अविनाश जैन, अतुल जैन, अर्पित भैया जैन तथा नवकार नगर ट्रस्ट मंडल के पंकज छाबड़ा ने उनका सम्मान किया तथा चातुर्मास का पुण्य अवसर मिलने पर शुभकामनाएं दीं।</p>
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