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	<title>खानपुर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>खानपुर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>बाबा तेरा गूंजे जयकारा गजब का है तेरा नजारा : भरत का भारत महानाट्य का भाव पूर्ण किया गया मंचन  </title>
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		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 11:35:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चांदखेड़ी में नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रसिद्ध निर्देशिका जैन रत्न साधना मादावत जैन के निर्देशन रंगशाला इंदौर की ओर से महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारतम, भरत का भारत महानाट्य का भव्य भाव पूर्ण मंचन किया गया। देश में सबसे ज्यादा शांतिधारा चांदखेड़ी क्षेत्र में होती है। 1 जनवरी को लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>चांदखेड़ी में नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रसिद्ध निर्देशिका जैन रत्न साधना मादावत जैन के निर्देशन रंगशाला इंदौर की ओर से महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारतम, भरत का भारत महानाट्य का भव्य भाव पूर्ण मंचन किया गया। देश में सबसे ज्यादा शांतिधारा चांदखेड़ी क्षेत्र में होती है। 1 जनवरी को लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। <span style="color: #ff0000">खानपुर (झालावाड़) से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खानपुर (झालावाड़)।</strong> आदिनाथ दिगंबर जैन, चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी में 31 दिसंबर को भव्य धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारतम, भरत का भारत का भव्य भाव पूर्ण मंचन किया गया। चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि विजय चौधरी, विशिष्ट अतिथि रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका, विजय बहादुर, अजय बाकलीवाल, नरेश जैन वेद, महावीर माडसाब, विनोद सुलराया एवं कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने दीप प्रज्वलन किया। प्रातः शांतिधारा रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका, विजय बहादुर ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान पत्रिका के राज्य संपादक विजय चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि का कोर कमेटी ने स्वागत किया। सर्वप्रथम बच्चों और महिलाओं ने मंगलाचरण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में रंगशाला की निर्देशिका साधना मादावत इंदौर का स्वागत एवं सम्मान मनषी जैन, प्रीति जैन, निशा जैन कागला, साक्षी जैन, दिगंबर जैन महिला मंडल चांदखेड़ी कोर कमेटी की महिलाओं ने राजस्थानी पगड़ी और माला पहनाकर किया। रात्रि 8 बजे आर्यवर्त विजेता के महावैराग्य की महागाथा-भरतस्य भारत, भरत का भारत, भरत चक्रवर्ती की भव्य दिग्विजय यात्रा डोल नगाड़े गाजे-बाजे एवं बग्गियों के साथ निकाली गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने खूब भक्ति नृत्य करते हुए उत्साह से भाग लिया।</p>
<p><strong>मुनिश्री सुधासागरजी के आशीर्वाद से हो रहा है विकास </strong></p>
<p>महामंत्री नरेश जैन वेद ने क्षेत्र के सभी आगंतुकों का स्वागत किया और क्षेत्र की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने क्षेत्र पर चल रहे विकास कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कार्यक्रम में अतिथियों तथा सहयोग करने वाले पुण्यार्थियों व कार्य करने वाले कर्मचारियों का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि मुनिश्री सुधासागरजी के पावन आशीर्वाद से इस क्षेत्र का दिन-प्रतिदिन विकास हो रहा है। इस क्षेत्र पर जो निर्माण हो रहा है और जो भी कार्य चल रहा है। वह सब मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से हो रहा है। पहले चांदखेड़ी क्षेत्र पर आर्थिक कमी रहती थी लेकिन जब से मुनिश्री सुधासागर जी महाराज का आशीर्वाद मिला है तब से क्षेत्र आर्थिक रूप से संपन्न हो गया है।</p>
<p><strong>क्षेत्र में लगभग 250 कमरों की है व्यवस्था </strong></p>
<p>देश में कहीं सबसे ज्यादा शांतिधारा होती है तो वह चांदखेड़ी में होती है। यहां पर यात्रियों के लिए धर्मशाला बनाई गई थी और अब 100 कमरों की सुसज्जित धर्मशाला बनाई गई है लेकिन, वह भी अभी कम पड़ रही है। क्षेत्र में लगभग 250 कमरों की व्यवस्था है। इसके अलावा दिल्ली धर्मशाला, मांगलिक भवन, स्कुल, गौशाला, मल्टीस्पेशलिटी हॉल, विद्यासागर हॉल, गांव के सभी होटल में रूकने की व्यवस्था की गई। किसी को कोई भी असुविधा नहीं हुई। धर्मशाला में ठहरने के लिए समस्त प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है।</p>
<p><strong>इनका रहा योगदान </strong></p>
<p>इस अवसर पर अमित बुडानिया (एसपी झालावाड़), गरिमा जिंदल (डीएसपी, खानपुर) अनेक प्रशासनिक एवं राजनीतिक गणमान्यजन मौजूद रहे। भोजन व्यवस्था के पुण्यार्जक शिखरचंद जैन (नौगांवा, अलवर), डॉ. अनुरेश जैन एवं डॉ. नेहा जैन (इंदौर), कांतिलाल जी परिवार (इंदौर), जिनेंद्र परिवार (कटनी) एवं दीपचद, आशा लुहाड़िया (छबड़ा) का विशेष योगदान रहा।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर चांदखेड़ी समिति के मुकेश चेलावत, अजय बाकलीवाल, विनोद सुरलाया, महेंद्र कांसल, अशोक सेठी, महावीर प्रसाद जैन, मुकेश जैन मासूम, कैलाश जैन पापड़ीवाल, आनंद ठोरा, महावीर भैया, कल्पेश भाई सूरत, देवेंद्र मियाना एवं कमेटी के अन्य सदस्य आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों की उपस्थिति रही। आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ। संचालन महेंद्र कांसल एवं महावीर भैया ने किया। संपूर्ण आयोजन सफलता के शिखर पर रहा। समस्त भारत वर्ष से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ गया।</p>
<p><strong>बाबा आदिनाथ के स्वतः दिव्याभिषेक के दर्शन से हुए कृतार्थ </strong></p>
<p>मनोहारी आदिनाथ बाबा के दर्शन से सभी के अंतर्मन में दिव्य शांति का अनुभव हुआ। रात्रि को 12 बजे से 3 बजे भगवान आदिनाथ की मुख्य प्रतिमा पर अपने आप देवों द्वारा अभिषेक सभी श्रद्धालुओं ने देखा और मंदिर में जयकारों की गुंज सुनाई दी। बाबा के सामने जाते ही उनसे दूर नहीं जाने को मन करता परन्तु सभी को दर्शन लाभ मिला। किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। मुझे यहां एक भजन की लाइन याद आ रही है कि ‘बाबा तेरा गूंजे जयकारा गजब का है तेरा नजारा स्वर्ग सुख भी इसके आगे खारा’ जय हो चांद खेड़ी वाले बाबा। हजारों श्रद्धालुओं के वात्सल्य भोज की व्यवस्था देखते ही बनती थी। किसी तरह की कोई कमी नजर नहीं आई। वास्तव में बाबा के चमत्कार को नमस्कार है।</p>
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		<title>चांदखेड़ी दिगंबर जैन मंदिर परिसर में घटित घटना की निष्पक्ष जांच हो: धार्मिक सौहार्द बनाये रखने के लिए जैन संगठनों ने की अपील  </title>
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		<pubDate>Tue, 18 Nov 2025 14:17:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झालावाड़ जिले के खानपुर में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी दिगंबर जैन मंदिर, जो कि लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन जैन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र है, वहां प्रतिवर्ष देशभर से अनेक श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए भारत वर्ष से समाज जन आते हैं। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। झालावाड़ जिले के खानपुर में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झालावाड़ जिले के खानपुर में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी दिगंबर जैन मंदिर, जो कि लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन जैन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र है, वहां प्रतिवर्ष देशभर से अनेक श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए भारत वर्ष से समाज जन आते हैं। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर</strong>। झालावाड़ जिले के खानपुर में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी दिगंबर जैन मंदिर, जो कि लगभग तीन सौ वर्ष प्राचीन जैन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र है, वहां प्रतिवर्ष देशभर से अनेक श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए भारत वर्ष से समाज जन आते हैं। मंदिर परिसर में यात्रियों के लिए धर्मशाला भोजन शाला आदि की भी व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं जैन राजनीतिक चेतना मंच के अध्यक्ष सुभाष काला ने बताया कि मंदिर परिसर में वर्षों से कुछ अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी रखी हुई थीं। जिनकी कोई देखरेख नियमित पूजा-अर्चना नहीं होती थी। इस संबंध में गांव के प्रमुख नागरिकों एवं चांदखेड़ी जैन मंदिर ट्रस्ट समिति के बीच आपसी चर्चा एवं सहमति से यह निर्णय हुआ कि इन मूर्तियों देवी-देवताओं को अन्य स्थान देकर एवं नया मंदिर बनाकर विधि विधान से विराजमान किया जाए। जिससे सभी मूर्तियों देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना सम्मानपूर्वक और नियमित रूप से हो सके।</p>
<p>इस समझौते के अंतर्गत ग्रामीणों के निवेदन पर चांदखेड़ी मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा नए मंदिर निर्माण के लिए 750 वर्गफुट का भूखंड चांदखेड़ी मंदिर ट्रस्ट द्वारा और 21 लाख की सहयोग राशि देने की सहमति दी गई। दद्दू ने कहा कि बहुत ही सौहार्द वातावरण में नगर के पुजारी व ग्रामीणों द्वारा आपसी सहमति से मूर्तियों का स्थानांतरण किया गया किंतु कुछ व्यक्तियों के विरोध के कारण उसी दिन पुलिस की निगरानी में मूर्तियों को पुनः पूर्व स्थान पर स्थापित कर दिया गया। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा समिति, पुजारी और ग्रामवासियों के विरुद्ध झूठी शिकायत व प्राथमिकी दर्ज करवाई गईं, जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हुआ। यह स्पष्ट रूप से उल्लेखनीय है कि इन मूर्तियों के स्थानांतरण की कार्रवाई चांदखेड़ी जैन मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा नहीं की गई थी।</p>
<p><strong>धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं</strong></p>
<p>समिति का इस स्थानांतरण कार्य से किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं था। यह पूरा कार्य ग्रामीणों द्वारा आपसी सहमति पत्र देकर अपने स्तर पर किया गया था। विश्व जैन संगठन के मयंक जैन बताया कि वास्तविकता यह है कि चांदखेड़ी मंदिर ट्रस्ट समिति का किसी प्रकार की असंवैधानिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था। समिति का केवल यह उद्देश्य था कि सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना आदर और भक्ति के साथ नियमितता से हो सके। जैन राजनीतिक चेतना मंच के अध्यक्ष सुभाष काला ने राजस्थान सरकार और प्रशासन को पत्र लिखकर निवेदन है कि इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए एवं मंदिर ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के विरुद्ध की गई झूठी एवं मनगढ़ंत शिकायतों को स्थगित किया जाए। भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा धार्मिक वातावरण को भंग करने का प्रयास न किया जाए। इसके लिए उच्चस्तरीय प्रशासनिक निगरानी व शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए एवं मंदिर परिसर में धार्मिक सौहार्द, सामंजस्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।</p>
<p><strong><a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/DOC-20251114-WA0102.pdf" class="pdfemb-viewer" style="" data-width="max" data-height="max" data-toolbar="bottom" data-toolbar-fixed="on">DOC-20251114-WA0102</a>त्वरित एवं न्यायसंगत अविलंब कार्रवाई की जाए </strong></p>
<p>प्रशासन एवं सरकार से अनुरोध है कि इस विषय में त्वरित एवं न्यायसंगत अविलंब कार्रवाई की जाए ताकि गांव में आपसी शांति, सौहार्द एवं धार्मिक एकता बनी रहे। दद्दू ने भारत वर्षीय जैन समाज से आह्वान करते हुए कहा कि समाज जागे और अपनी धर्म संस्कृति एवं अपने-अपने आयतनों की सुरक्षा के लिए भारत वर्षीय जैन समाज एक साथ एक अवाज पर खड़ा हो। देखें जैन समाज के साथ किस प्रकार की धोखाधड़ी की गई है संलग्न शपथ पत्र 5 नवंबर का जो कि चांदखेड़ी नगर के प्रतिष्ठित व्यक्ति रामबाबू विश्व हिंदू परिषद तथा गो क्षक सेवादल के महत्वपूर्ण पदाधिकारी सदस्य है द्वारा दिया गया कथन का अध्ययन करें।</p>
<p><strong><a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/chandkhedi.pdf" class="pdfemb-viewer" style="" data-width="max" data-height="max" data-toolbar="bottom" data-toolbar-fixed="on">chandkhedi</a>चांदखेड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष या कमेटी का कोई हाथ नहीं </strong></p>
<p>प्रकरण से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस जो कि चांदखेड़ी के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा की गई थी जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मूर्ति हटाने में चांदखेड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष या कमेटी का कोई हाथ नहीं है। प्रार्थना है कि इसी प्रकरण के विषय में न्यायालय सेशन न्यायाधीश झालावाड़ के संलग्न जमानती आदेश नवंबर की कंडिका क्रमांक 6 पर गौर करें। मूर्तियां हटाने में अभियुक्त अध्यक्ष हुकम जैन काका द्वारा चोरी करना सिद्ध नहीं होता तथा अध्यक्ष या सह अभियुक्तों की सहमति भी सिद्ध नहीं होती।</p>
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		<title>साधनों में नहीं साधना में रहना सीखो-गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजीः 1 अप्रैल को माताजी ससंघ का झालावाड़ में मंगल प्रवेश  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/learn_to_live_in_sadhana_and_not_in_meanslearn_to_control_your_desires/</link>
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		<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 04:19:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[1 अप्रैल को माताजी ससंघ का झालावाड़ में मंगल प्रवेश होगा। आज जमाना नहीं बदला अपितु हमारी सोच बदलती जा रही है। गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ससंघ का चांदखेड़ी से मंगल विहार हुआ। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा-सोच के अनुसार हमें वस्तु उस रूप दिखाई देती है इसलिए कहा जाता है जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।‘ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>1 अप्रैल को माताजी ससंघ का झालावाड़ में मंगल प्रवेश होगा। आज जमाना नहीं बदला अपितु हमारी सोच बदलती जा रही है। गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ससंघ का चांदखेड़ी से मंगल विहार हुआ। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा-सोच के अनुसार हमें वस्तु उस रूप दिखाई देती है इसलिए कहा जाता है जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।‘ <span style="color: #ff0000">पढ़िए चांदखेड़ी से पारस जैन ‘पार्श्वमणि‘ की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>चांदखेड़ी (खानपुर)</strong> प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ससंघ का चांदखेड़ी से मंगल विहार हुआ। 1 अप्रैल को माताजी ससंघ का झालावाड़ में मंगल प्रवेश होगा। माताजी ससंघ के सानिध्य में आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज का आचार्य पदारोहण दिवस मनाया गया। माताजी ससंघ की निर्विघ्न आहारचर्या बघेर ग्राम में संपन्न हुई।</p>
<p><strong>जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि</strong></p>
<p>माताजी ने सभी को धर्माेपदेश देते हुए कहा कि-आज जमाना नहीं बदला अपितु हमारी सोच बदलती जा रही है। सोच के अनुसार हमें वस्तु उस रूप दिखाई देती है इसलिए कहा जाता है जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि। दुख की मूल जड़ हमारी सोच और इच्छा है। अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल करना सीखो, साधनों में नहीं साधना में रहना सीखो। लोगों में साधना नहीं होती योगों में साधना होती है। धर्म सुविधाओं में नहीं होता, कष्टों में होता है।</p>
<p><strong>एक मिनट की सोच से पूरी जिंदगी बदल जाती है </strong></p>
<p>अपनी सोच में स्वार्थपना नहीं होना चाहिए। स्वार्थ से किया गया धर्म हमें फल नहीं देगा। सृष्टि को बदलने का प्रयास मत करो अपनी दृष्टि को बदलने की कोशिश करो। अपने नजारे को बदलो किनारे बदल जायेंगे। मिथ्यादृष्टि की नहीं सम्यकदृष्टि की सोच बनाओ क्योंकि 1 मिनट में जिंदगी नहीं बदलती लेकिन एक मिनट की सोच से पूरी जिंदगी बदल जाती है।</p>
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		<title>खानपुर चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी: 1500 यात्रियों ने दर्शन कर पूजन अभिषेक किया </title>
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		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 09:58:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देश-विदेश में विख्यात चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी मंदिर में भगवान आदिनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। रविवार को 20 बसों से श्रद्धालु पहुंचे। नववर्ष पर धार्मिक कार्यक्रम महामस्तकाभिषेक, शांतिधारा होगी। पढ़िए खानपुर से महावीर जैन की यह खबर&#8230; खानपुर(राजस्थान). खानपुर कस्बे के दिगंबर जैन चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चंदखेड़ी में नव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>देश-विदेश में विख्यात चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी मंदिर में भगवान आदिनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। रविवार को 20 बसों से श्रद्धालु पहुंचे। नववर्ष पर धार्मिक कार्यक्रम महामस्तकाभिषेक, शांतिधारा होगी। <span style="color: #ff0000">पढ़िए खानपुर से महावीर जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खानपुर(राजस्थान).</strong> खानपुर कस्बे के दिगंबर जैन चंद्रोदय अतिशय क्षेत्र चंदखेड़ी में नव वर्ष के आगमन को लेकर इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान आदिनाथ के दर्शन कर यहां के सौंदर्य और अनवरत करोड़ की लागत से होने वाले निर्माण कार्यों को देखकर अभिभूत हो रहे हैं। रविवार को भी यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई शहरों से 20 से अधिक बसों में 1500 से अधिक यात्रियों ने आकर भगवान आदिनाथ के दर्शन कर पूजन और अभिषेक के साथ में शांतिधारा की।</p>
<p><strong>नववर्ष की प्रातः बेला में शांतिधारा होगी</strong></p>
<p>यहां नव वर्ष की पूर्व संध्या पर मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाट्य निर्देशिका साधना जैन मादावत द्वारा भगवान नेमिनाथ की वैभवशाली वैराग्य गाथा पर आधारित महानाटक का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके तहत नेमिनाथ भगवान की भव्य बारात और भजन कार्यक्रम भी होगा। नववर्ष की प्रातःकालीन बेला में आदिनाथ भगवान का महा मस्तकाभिषेक और शांतिधारा होगी।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-71739" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005.jpg" alt="" width="1080" height="1080" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005.jpg 1080w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-300x300.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-1024x1024.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-150x150.jpg 150w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-768x768.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-65x65.jpg 65w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/12/IMG-20241230-WA0005-990x990.jpg 990w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" />मंगलवार को रात 12 बजे से शुरू होगा दर्शन</strong></p>
<p>क्षेत्र पर विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री अरहसागर जी महाराज का मंगल सानिध्य प्राप्त होगा। मंगलवार रात्रि 12 बजने के साथ ही यहां भगवान आदिनाथ के दर्शनों का दौर शुरू होगा। जो अगले दिन तक जारी रहेगा।यहां हर वर्ष देश और प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु आकर भगवान आदिनाथ के दर्शन करते हैं और नववर्ष की शुरुआत करते हैं।</p>
<p><strong>चार मंजिल का अतिथि गृह तैयार</strong></p>
<p>यहां आने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिशय क्षेत्र कमेटी की ओर से अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त 64 कमरों का चार मंजिला अतिथि गृह तैयार किया गया है। चार मंजिला सुधासागर रेजिडेंसी तैयार किया गया है। इसके अलावा तीन मंजिला गोशाला, प्रक्षालगृह के अलावा तीर्थ क्षेत्र में अंडरपास पार्किंग सहित अनेक निर्माण किए गए हैं।</p>
<p><strong>100 कमरों का आधुनिक भवन बनेगा</strong></p>
<p>अतिशय क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष हुकुम जैन काका ने बताया कि आने वाले समय में सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। इसके तहत निर्माणाधीन 100 कमरों का नया आधुनिक भवन 50 गुणा 52 वर्ग फीट का, 3658 वर्ग फीट में भूगर्भ का विस्तार किया जाएगा। इसके बाद 600 से 700 श्रद्धालु भूगर्भ में भगवान आदिनाथ के एक साथ दर्शन कर सकेंगे।</p>
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