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	<title>कोटा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>कोटा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्पन्न:  कोटा के चांदखेड़ी में जुटे देशभर के प्रतिनिधि, जनगणना में 100% सहभागिता का संदेश </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 16:04:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कोटा के चांदखेड़ी में दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर से 1000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता का आह्वान किया गया।  कोटा ।कोटा के चांदखेड़ी दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>कोटा के चांदखेड़ी में दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर से 1000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। <span style="color: #ff0000">अधिवेशन में जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता का आह्वान किया गया।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> कोटा ।</strong>कोटा के चांदखेड़ी दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करते हुए दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के 30वें राष्ट्रीय अधिवेशन की मेजबानी की। यह आयोजन अभूतपूर्व भव्यता, अनुशासन और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ, जिसने हर किसी को प्रभावित कर दिया।</p>
<p dir="ltr"><strong>आध्यात्मिक शुरुआत से बना खास माहौल</strong></p>
<p dir="ltr">अधिवेशन की शुरुआत श्रीजी के अभिषेक पूजन से हुई। इसके बाद महिला बैंड दल की मधुर धुनों के बीच राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अतिथियों ने धर्म ध्वजारोहण किया। मुख्य पंडाल का उद्घाटन मुल्कराज–अंजली बादशाह ने किया, वहीं चंद्रोदय ग्रुप के बालकों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।</p>
<p dir="ltr"><strong>बड़े नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति</strong></p>
<p dir="ltr">कार्यक्रम की अध्यक्षता चांदखेड़ी जैन तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष हुकमचंद जैन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन “आदित्य” की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊँचा किया।<br />
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झाँझरी, महासचिव विनय जैन, कोषाध्यक्ष अश्विन कासलीवाल, निवर्तमान अध्यक्ष राकेश विनायका एवं आशीष सूतवाला के नेतृत्व में उज्जैन रीजन के तत्वावधान में यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।</p>
<p dir="ltr"><strong>देशभर से उमड़ा जनसैलाब</strong></p>
<p dir="ltr">राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नितिन जैन के अनुसार 14 रीजन के 350 ग्रुपों से जुड़े 1000 से अधिक पदाधिकारी अपने परिवार सहित अधिवेशन में शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या ने आयोजन को सच में ऐतिहासिक बना दिया।</p>
<p dir="ltr"><strong>जनगणना को लेकर बड़ा संदेश</strong></p>
<p dir="ltr">अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झाँझरी ने सभी से अपील की कि जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैन धर्म की प्रभावना से जुड़े प्रकल्पों को और तेज गति देने का संकल्प भी दोहराया।</p>
<p dir="ltr"><strong>सम्मान से बढ़ाया उत्साह</strong></p>
<p dir="ltr">अधिवेशन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए चंबल रीजन को सर्वश्रेष्ठ रीजन घोषित किया गया। इसके साथ ही सीए मनोज जैन, सुनील घिया, मयूरी पाटनी, मुल्कराज बादशा एवं मयंक जैन सहित कई पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।</p>
<p dir="ltr"><strong>टीमवर्क की शानदार मिसाल</strong></p>
<p dir="ltr">इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में पियूष नेहा जैन, महावीर रुचि जैन, योगेश शिवांगी जैन और उनकी टीम का योगदान बेहद सराहनीय रहा। उनकी मेहनत और समर्पण ने इस अधिवेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>ओम बिरला से 6 सदस्यों पर लगाए झूठे आरोपों की जांच की मांग : सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने लगाए थे आरोप  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 16:26:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कोटा स्थित कैंप कार्यालय में रविवार को सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अखिलेश मेडतवाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र काला के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला एवं क्षेत्रीय सांसद से भेंट की। रामगंजमंडी से पढ़िए, अखिलेश जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। कोटा स्थित कैंप कार्यालय में रविवार को [&#8230;]]]></description>
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<p>कोटा स्थित कैंप कार्यालय में रविवार को सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अखिलेश मेडतवाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र काला के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला एवं क्षेत्रीय सांसद से भेंट की। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अखिलेश जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></p>
<hr />
<p>रामगंजमंडी। कोटा स्थित कैंप कार्यालय में रविवार को सकल दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अखिलेश मेडतवाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र काला के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला एवं क्षेत्रीय सांसद से भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने नमन रावका द्वारा जीर्णोद्धार कार्य में असहमति प्रकट करते हुए प्रस्तुत ज्ञापन (परिवाद) के संदर्भ में 6 गणमान्य सदस्यों पर लगाए गए कथित झूठे आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की तथा बिड़ला से निष्पक्ष जांच एवं न्यायोचित निस्तारण की मांग की। ओम बिड़ला ने प्रतिनिधि मंडल की बात को गंभीरता से सुना और मामले में सकारात्मक एवं निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।</p>
<p>इस दौरान धर्मेंद्र लुहाड़िया के साथ समाज के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी बात रखी और न्यायपूर्ण निर्णय की अपेक्षा व्यक्त की। आपको बता दें कि समाज के 6 सदस्यों पर लगाए गए आरोपों के कारण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस विषय को लेकर समाज उग्र प्रदर्शन करते हुए न्यायालय में ज्ञापन भी प्रस्तुत कर चुका है तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठा चुका है। उनका कहना है कि ये सभी 6 सदस्य समाज में सक्रिय रहकर तन-मन-धन से सेवा करते आए हैं और उन पर लगाए गए आरोप मिथ्या एवं दोषपूर्ण हैं।</p>
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		<title>मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज के चरणों में सिंगोली के भक्तों ने किया श्रीफल भेंट : भक्त महावीर जी तीर्थ पर मुनिश्री के दर्शन के लिए पधारे </title>
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		<pubDate>Wed, 04 Mar 2026 13:36:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज विगत दिनों से श्री महावीर जी तीर्थ पर विराजमान है। जहां दिव्य अलौकिक प्रभावना महाराज श्री के सानिध्य में हो रही है। सिंगोली से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; सिंगोली। मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज विगत दिनों से श्री महावीर जी तीर्थ पर विराजमान है। जहां दिव्य अलौकिक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज विगत दिनों से श्री महावीर जी तीर्थ पर विराजमान है। जहां दिव्य अलौकिक प्रभावना महाराज श्री के सानिध्य में हो रही है। <span style="color: #ff0000">सिंगोली से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सिंगोली।</strong> मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज विगत दिनों से श्री महावीर जी तीर्थ पर विराजमान है। जहां दिव्य अलौकिक प्रभावना महाराज श्री के सानिध्य में हो रही है। श्री महावीर जी तीर्थ से प्रशांत जैन खानपुर ने बताया कि मुनिश्री का तीर्थ पर आगमन होने से भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। होली होने से भी काफी भक्त तीर्थ पर मौजूद रहे। महाराज श्री के सानिध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा आदि क्रियाएं हुई। इसी बेला में दिल्ली के काफी भक्त और जयपुर, कोटा, बूंदी , आगरा, सवाईमाधोपुर,चांदखेड़ी, इत्यादि स्थानों से भक्त महावीर जी तीर्थ पर मुनिश्री के दर्शन हेतु पधारे। महाराज श्री के सानिध्य में अप्रैल माह में सिंगोली मध्य प्रदेश में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इसी कड़ी में सिंगोली समाज की ओर से भारी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर गुरुदेव के चरणों में श्रीफल समर्पित कर नगर आगमन हेतु निवेदन भी किया। महाराज श्री ने अपने मंगल प्रवचन में अष्टानिका पर्व की समाप्ति पर इंद्र देव नंदीश्वर दीप में खुशियां मनाते हैं एवं वातसल्य पूर्वक एक दूसरे को रंग लगाकर भक्ति नृत्य करते हैं। प्रभु की आराधना करते हैं। उन्होंने विद्याधर राजा एवं सोमा रानी की कथा के माध्यम से इस पर्व का विशेष महत्व बताया।</p>
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		<title>मुनिश्री योगसागरजी महाराज संघ की भव्य अगवानी : भव्य शोभायात्रा में मुनिराज का जयघोष, कोटा का आसमान हुआ गर्वित  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 14:37:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री 108 विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री 108योगसागरजी महाराज ससंघ का कोटा नगर में मंगल प्रवेश रविवार हुआ। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; कोटा। आचार्य श्री 108 विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री 108 विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री 108योगसागरजी महाराज ससंघ का कोटा नगर में मंगल प्रवेश रविवार हुआ। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> आचार्य श्री 108 विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री 108योगसागरजी महाराज ससंघ का कोटा नगर में मंगल प्रवेश रविवार हुआ। सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष प्रकाश बज़ ने बताया कि प्रातः साढ़े 7 बजे आरोग्य नगर स्थित जैन जन उपयोगी भवन से भव्य शोभायात्रा एलआईसी बिल्डिंग, अहिंसा सर्किल होते हुए आरके पुरम स्थित श्री दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर पहुंची। कार्याध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि शोभायात्रा में घोड़े, बग्घी, ढोल, बैंड, हाड़ौती का परंपरागत कच्ची घोड़ी नृत्य, ध्वज पताका लिए हुए बालक-बालिका, महिला मंडल, युवा मंडल, दिव्य घोष आदि मुनि संघ के चले। पुरुष वर्ग श्वेत एवं महिला मंडल केसरिया परिधान में नजर आए।</p>
<p><strong>राणपुर से कोटा पहुंचा मुनि संघ</strong></p>
<p>सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के महामंत्री पदम बड़ला ने बताया कि मुनि संघ की आहार चर्या राणपुर में हुई तथा 2 बजे कोटा के लिए संघ का विहार प्रारंभ हुआ।</p>
<p>बंधा-धर्मपुरा सड़क मार्ग से 12 किमी विहार कर संघ आरोग्य नगर स्थित जैन जन उपयोगी भवन पहुंचा। जहाँ संतों की आगवानी सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष की अगुवाई में समिति के पदाधिकारियों ने की। विहार के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे। विहार में प्रकाश बज़, जेके जैन,मनोज आदिनाथ,पदम बडला, मनोज जैसवाल, संजय निर्माण, जम्बू सर्राफ़, नरेश वेद, नवीन दौराया आदि साथ रहे।</p>
<p><strong>गौवंश संरक्षण के लिए ठोस कानून की आवश्यकता: मुनिश्री </strong></p>
<p>विहार मार्ग में सभी संतों ने संचालक संदीप अग्रवाल सराफ और गौवंश विशेषज्ञ डॉ.महेंद्र गर्ग के आग्रह पर एक गौशाला में निर्मित गौ परिक्रमा का अवलोकन किया। इस दौरान मुनिश्री योगसागरजी महाराज ने कहा कि सरकार को गौ हत्या के खिलाफ सख्त कानून बनाकर गौ संरक्षण कराना चाहिए। इस विषय पर बातें अधिक और काम कम हो रहा हैं। गौ प्रेमी निरंतर गौशालाओं के माध्यम से गौवंशों का संरक्षण कर रहे हैं किंतु, सरकार द्वारा ठोस कदम उठाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। साथ ही गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात कही।</p>
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		<title>हमारी कलम में इतनी ताकत नहीं जो दर्शन को लिख सके : विज्ञमति माताजी ने जिनवाणी के महत्व और प्रभाव का किया विवेचन  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Dec 2025 07:19:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी संघ सहित तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। शुक्रवार की प्रातः बेला में धर्मसभा की शुरुआत समाज के श्रेष्ठीजन के साथ बाहर से पधारे हुए व्यक्तियों ने श्री जी के चित्र एवं पूर्वाचार्य के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी संघ सहित तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। शुक्रवार की प्रातः बेला में धर्मसभा की शुरुआत समाज के श्रेष्ठीजन के साथ बाहर से पधारे हुए व्यक्तियों ने श्री जी के चित्र एवं पूर्वाचार्य के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी संघ सहित तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। शुक्रवार की प्रातः बेला में धर्मसभा की शुरुआत समाज के श्रेष्ठीजन के साथ बाहर से पधारे हुए व्यक्तियों ने श्री जी के चित्र एवं पूर्वाचार्य के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। माताजी के कर कमलों में शास्त्र भेंट किए गए। इस अवसर पर धर्मसभा में आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचन की शुरुआत जिनवाणी वंदना से की। माताजी ने जिनवाणी के विषय में कहा कि जिनवाणी का बहुत विस्तृत वर्णन है। हमारी और तुम्हारी कलम में इतनी ताकत नहीं है, जो जैन दर्शन को समझ सके, लिख सके। इसी के साथ उन्होंने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गुरु चरणों में एवं जिनवाणी के चरणों में जाना होगा। इस चेतन आत्मा के भटकने कारण कोई और नहीं तेरी करनी का फल है, जो तुम्हें भटकाता है। यदि भटकने से बचना चाहते हैं तो कर्मों से छुटकारा पाना होगा और इसको जानना होगा। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन कहता है कि मंत्र-तंत्र कोई कार्यकारी नहीं होते, जब आपका पुण्य होगा तभी कार्यकारी होंगे।</p>
<p><strong>जिनवाणी के प्रति श्रद्धान से ही ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय संभव </strong></p>
<p>आर्यिका श्री ने ज्ञानावरणीय कर्म के विषय में बताया कि हमारा ज्ञान का क्षयोपशम इसीलिए नहीं हो रहा है क्योंकि, हम जिनवाणी को पढ़ते समय वाक्य को शुद्ध रूप से नहीं पढ़ते। जब तक हमारा जिनवाणी के प्रति श्रद्धान नहीं होगा। तब तक ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय नहीं होगा। इसके बंध का कारण बताते हुए गुरु मां ने कहा कि इसका कारण है कि हम हर समय दूसरों की बुराई करते रहते हैं। दूसरे के दोषों को देखते हैं। यदि हम दूसरों के दोषों को देखते हैं तो नीच गोत्र का बंध करते हैं। उन्होंने कहा मात्र गाथाओं को रटने से ज्ञान नहीं होता उन्हें आत्मसात भी करना होगा। धर्मसभा का संचालन राजकुमार लुहाड़िया ने किया।</p>
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		<title>नेत्र शिविर संपन्न : 80 मरीज ऑपरेशन के लिए कोटा रवाना  </title>
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		<pubDate>Mon, 22 Dec 2025 10:26:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत विकास परिषद द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित किया गया नेत्र शल्य एवं चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष यह शिविर प्रायोजक सुरेश कुमार एवं सिद्धार्थ कुमार बाबरिया (दौतड़ा वाले) द्वारा अपने स्वर्गीय पूज्य पिता कस्तूरचंद बाबरिया एवं स्वर्गीय माता धापूबाईजी बाबरिया की पावन स्मृति में आयोजित किया गया। पढ़िए अभिषेक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत विकास परिषद द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित किया गया नेत्र शल्य एवं चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष यह शिविर प्रायोजक सुरेश कुमार एवं सिद्धार्थ कुमार बाबरिया (दौतड़ा वाले) द्वारा अपने स्वर्गीय पूज्य पिता कस्तूरचंद बाबरिया एवं स्वर्गीय माता धापूबाईजी बाबरिया की पावन स्मृति में आयोजित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> भारत विकास परिषद द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित किया गया नेत्र शल्य एवं चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष यह शिविर प्रायोजक सुरेश कुमार एवं सिद्धार्थ कुमार बाबरिया (दौतड़ा वाले) द्वारा अपने स्वर्गीय पूज्य पिता कस्तूरचंद बाबरिया एवं स्वर्गीय माता धापूबाईजी बाबरिया की पावन स्मृति में आयोजित किया गया।</p>
<p><strong>शिविर का शुभारंभ</strong></p>
<p>शिविर का शुभारंभ प्रशांत जैन आचार्य द्वारा मंगलाष्टक एवं णमोकार महामंत्र के उच्चारण के साथ किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम को विधिवत प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर शिविर के प्रायोजक श्री सुरेश कुमार, श्री सिद्धार्थ कुमार बाबरिया एवं उनके परिवार का सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>ओपीडी एवं रोगियों की जांच</strong></p>
<p>नेत्र चिकित्सा शिविर में कुल 683 मरीजों की ओपीडी रही। मरीजों की नेत्र जांच कोटा भारत विकास परिषद के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राहुल गर्ग एवं उनकी सहयोगी टीम द्वारा की गई। जांच के उपरांत मोतियाबिंद के 256 एवं नाखून के 11, कुल 267 मरीजों को ऑपरेशन योग्य पाया गया।</p>
<p><strong>ऑपरेशन के लिए मरीजों की रवानगी</strong></p>
<p>चयनित मरीजों में से लगभग 80 मरीजों को आज भारत विकास परिषद कोटा की बस द्वारा ऑपरेशन के लिए कोटा रवाना किया गया। शेष मरीजों के ऑपरेशन आगामी तीन दिनों में पूर्ण किए जाएंगे।</p>
<p><strong>परिषद पदाधिकारियों की जानकारी</strong></p>
<p>भारत विकास परिषद के संजय पतीरा एवं सुनील जैन ने बताया कि परिषद प्रतिवर्ष नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित करती है। इस वर्ष का यह शिविर विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा, क्योंकि विगत छह दिनों में रामगंजमंडी क्षेत्र में दो अन्य नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित हो चुके थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों ने भारत विकास परिषद पर विश्वास जताते हुए उपचार हेतु परिषद को ही चुना, जो परिषद के प्रति क्षेत्रवासियों के गहरे विश्वास को दर्शाता है।</p>
<p><strong>आगामी शिविरों की घोषणा</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि आगामी तीन वर्षों के लिए गुप्त प्रायोजकों द्वारा नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे भविष्य में भी जरूरतमंदों को लाभ मिलता रहेगा। शिविर में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।</p>
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		<title>ऐतिहासिक और भव्य आयोजन के साक्षी बने श्रद्धालु : आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य में निकली पदयात्रा </title>
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		<pubDate>Sun, 21 Dec 2025 15:32:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य में कोटा से स्वास्तिधाम तक निकली जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा ने न केवल जिनशासन की प्रभावना दिखाई, बल्कि हरित क्रांति का संदेश भी दिया। इस भव्य पदयात्रा का मुख्य संयोजन मिथुन मित्तल और रामगंजमंडी नगर के युवा कार्यकर्ताओं ने किया। पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की रिपोर्ट&#8230; रामगंजमंडी। परम पूज्य पर्यावरण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य में कोटा से स्वास्तिधाम तक निकली जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा ने न केवल जिनशासन की प्रभावना दिखाई, बल्कि हरित क्रांति का संदेश भी दिया। इस भव्य पदयात्रा का मुख्य संयोजन मिथुन मित्तल और रामगंजमंडी नगर के युवा कार्यकर्ताओं ने किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> परम पूज्य पर्यावरण संरक्षक एवं तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य में कोटा से स्वास्तिधाम तक निकली जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा ने न केवल जिनशासन की प्रभावना दिखाई, बल्कि हरित क्रांति का संदेश भी दिया। इस भव्य पदयात्रा का मुख्य संयोजन मिथुन मित्तल और रामगंजमंडी नगर के युवा कार्यकर्ताओं ने किया।</p>
<p><strong>अविस्मरणीय पदयात्रा का अनुभव</strong></p>
<p>पदयात्रा के दौरान शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि यह एक ऐसा पल था जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। पैदल चलने के बावजूद थकान महसूस नहीं हुई और भक्त भक्ति और नृत्य के माध्यम से यात्रा का आनंद लेते रहे। पदयात्रा में भोजन और आवास की व्यवस्थाएं किसी शादी समारोह जैसी की गईं। प्रत्येक रुकावट स्थल पर धर्मशाला के बजाय रिसोर्ट जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।</p>
<p><strong>गुरु और श्रद्धालुओं का दिव्य मिलन</strong></p>
<p>पदयात्रा के दौरान गणिनी गुरु मां आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी स्वयं संघ सहित आचार्य श्री के स्वागत के लिए जहाजपुर कस्बे में उपस्थित हुईं। जगह-जगह स्वागत द्वार और तोरण द्वार से आगवानी की गई। भक्तों ने भक्ति में झूमते हुए गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया</p>
<p>स्वस्तिधाम तीर्थ पर महिला शक्ति ने मंगल कलश लेकर गुरुदेव का भव्य स्वागत किया। क्षेत्र समिति द्वारा भी ऐतिहासिक आगवानी की गई, जिसे स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।</p>
<p><strong>जिनधर्म प्रभावना में आचार्य श्री का योगदान</strong></p>
<p>गणिनी गुरु मा स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि जिनधर्म की प्रभावना में आचार्य श्री का बड़ा योगदान है। उन्होंने पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि आचार्य श्री के मार्गदर्शन में भक्तों ने पदयात्रा में सहभागिता की और इस दिव्य आयोजन का आनंद लिया।</p>
<p>आचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर महाराज ने कहा कि जो सरल होता है वह तरल होता है, और जो तरल होता है वह शुद्ध बहाव में होता है। उन्होंने प्रज्ञासागर नाम के महत्व को बताते हुए कहा कि साधना के द्वारा ऊँचाइयाँ छूना और अनुकरणीय बनना संभव है।</p>
<p><strong>पदयात्रा का समापन</strong></p>
<p>शनिवार की बेला में पदयात्रा का समापन हुआ। प्रातः श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई। इसके बाद आहारचर्या, दीप प्रज्वलन, चित्र अनावरण और मंगलाचरण किया गया। पदयात्रा में विशेष सहयोग देने वाले भक्तों का सम्मान किया गया और आसपास के क्षेत्र से आए भक्तों ने गुरुवर से आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p>आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि श्रद्धालुओं ने जहाजपुर पदयात्रा में स्वर्ण कलश बनकर इसे पूर्णता प्रदान की है।</p>
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		<title>जिन धर्म प्रभावना पदयात्रा अहिंसा शाकाहार का जयघोष : पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का एक पर्याय बन जागरूकता फैला रही  </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 12:52:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; कोटा। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। पदयात्रा संयोजक रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल ने बताया कि जैसे-जैसे यह पदयात्रा आगे बढ़ रही है, भक्तों का रेला बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही गुरुदेव ने जो पर्यावरण संरक्षण की महिमा में पौधरोपण का जो बीड़ा उठाया है, वह भी किया जा रहा है एवं कई स्थानों पर पौधरोपण भी किया जा रहा है। मित्तल ने बताया कि भक्त भक्तिमय भजनों पर झूम रहे हैं और आलम यह है कि भक्त यह कह रहे गुरुदेव का आशीष हमें इतना मिल रहा है कि हमें पैदल चलने की थकान ही नहीं हो रही है।</p>
<p>भक्तों के मन के यही भाव हो रहे हैं, स्वस्तिधाम चलेंगे प्रज्ञासागर जी के संग में मुनिसुव्रत के द्वारे, नर-नारी सब चलो प्रज्ञा सागर जी के संग में, गुरु संग चलकर हम तो भाग्य चमकाएंगे। मंगलवार सुबह पदयात्रा तानसेन से मंगल मंगल विहार करते हुए देवपुरा बूंदी पहुंची। जहां आहारचर्या हुई। मंगलवार दोपहर में मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स पहुंचेगी। जहां पदयात्रा का रात्रि विश्राम होगा। बुधवार की प्रातः बेला में मंगल प्रभात को मंगल करते हुए नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स से मंगल विहार करते हुए बंधन रिसोर्ट्स पहुंचेगी, जहां आहारचर्या होगी। यहां से मंगल प्रस्थान करते हुए यह मंगल यात्रा चतरगंज पहुंचेगी। जहां रात्रि विश्राम होगा। 18 दिसंबर की प्रातः बेला में चतरगंज से मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नान तलाई चौराहा पहुंचेगी। जहां आहारचर्या होने के बाद दोपहर की बेला में मंगल विहार करते हुए भेड़िया गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। यह पदयात्रा आनंद मंगल की कामना करते हुए विश्व शांति का घोष लिए 19 दिसंबर को जहाजपुर पहुंचेगी। सुबह-सुबह पदयात्रा सरसिया पहुंचेगी। यहां से दोपहर में मंगल विहार करते हुए मंगल की कामना लिए यह पदयात्रा संध्या बेला में भक्ति गीत करते हुए झूमते हुए जहाजपुर में मंगल प्रवेश करेगी।</p>
<p>जहां पदयात्रा का अलौकिक एवं दिव्या भव्य स्वागत होगा एवं गुरुदेव की ऐतिहासिक अगवानी होगी। 20 दिसंबर की प्रातः बेला में स्वस्ति धाम तीर्थ पर विश्व शांति की कामना के लिए आचार्य श्री संघ सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी एवं विधिवत पदयात्रा का समापन किया जाएगा। मिथुन मित्तल ने बताया कि पदयात्रा के दौरान तय किया कि यात्रा मार्ग में पौधे लगाए जाएंगे। यह यात्रा हरित क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।</p>
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		<title>आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी ने दिया वात्सल्य रात्रि भोजन त्याग का सूत्र : जिनधर्म पदयात्रा रवाना, पहला पड़ाव बड़गांव में </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 09:38:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; कोटा। तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। पदयात्रा संयोजक मिथुन मित्तल ने बताया कि 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। पदयात्रा के दौरान धर्मध्वज, रथ और वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। मार्ग में श्रावकों ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन, आरती की तथा पुष्पवर्षा कर जयकारे लगाए। पुण्यार्जक परिवार बग्घी पर सवार रहा। आचार्यश्री ने गीतात्मक शैली में कहा- &#8216;मैं जा रहा हूं जाते-जाते क्या दूं, अपने प्यार को आशीर्वाद के रूप में दूं।&#8217; उन्होंने आचार्य वीरसेन के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्यक दृष्टि का प्रमाण मृत्यु के समय णमोकार मंत्र का स्मरण है। कबीर के दोहे ‘ढाई आखर प्रेम का’ के माध्यम से उन्होंने वात्सल्य और प्रेम को धर्म का मूल बताया। समाज को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों का चयन होना चाहिए चुनाव नहीं</p>
<p><strong>हरित संदेश, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प </strong></p>
<p>चेयरमेन यतीश जैन खेड़ावाला ने बताया कि पदयात्रा के दौरान तय किया कि यात्रा मार्ग में पौधे लगाए जाएंगे। यह यात्रा हरित क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। महामंत्री नवीन दोराया ने बताया कि पदयात्रा में रात्रि भोजन निषेध है।</p>
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		<title>रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल को बनाया यात्रा संयोजक : कोटा से स्वस्ति धाम जहाजपुर तक होने जा रही है 7 दिवसीय पदयात्रा  </title>
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		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 11:01:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रज्ञा की ज्योति में जिन धर्म की प्रभावना के लिए आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज सान्निध्य में कोटा से स्वस्ति धाम जहाजपुर तक 14 से 20 दिसंबर तक पदयात्रा होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पदयात्रा का संयोजक रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल को बनाया गया है।  कोटा। प्रज्ञा सिंधु की प्रज्ञा दिव्या ज्योति लिए आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रज्ञा की ज्योति में जिन धर्म की प्रभावना के लिए आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज सान्निध्य में कोटा से स्वस्ति धाम जहाजपुर तक 14 से 20 दिसंबर तक पदयात्रा होने जा रही है। <span style="color: #ff0000">इस ऐतिहासिक पदयात्रा का संयोजक रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल को बनाया गया है। </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा</strong>। प्रज्ञा सिंधु की प्रज्ञा दिव्या ज्योति लिए आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज संघ सान्निध्य में जिन धर्म की प्रभावना के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा चंबल नदी के तट पर बसे धर्म परायण नगर कोटा से स्वस्ति धाम जहाजपुर के लिए 14 से 20 दिसंबर तक निकाली जा रही है। जिसका मुख्य संयोजक रामगंजमंडी के धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व मिथुन जैन मित्तल को बनाया गया है। संयोजक मित्तल ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य अहिंसा, शांति, शाकाहार का प्रचार जिन धर्म की प्रभावना एवं धर्म की जागृति का एक प्रचार हो एक जागृति हो एक चेतना हो। पदयात्रा संस्कारों का शंखनाद है। जिसे हम धर्म से जुड़ने का एक माध्यम भी कह सकते हैं। मित्तल ने कहा कि इस पदयात्रा में समस्त आवास की व्यवस्था यातायात एवं भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही उन्होंने विशेष रूप से रामगंजमंडी के समाज बंधुओं से अपील की है कि अधिक से अधिक इस पदयात्रा में सम्मिलित हों। जिसके लिए श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में फार्म उपलब्ध है, तुरंत अपने फार्म भरके जमा करा दें। ताकि व्यवस्था की जा सके। इसमें विवरण में जिस तारीख में जाना चाहे भर सकते हैं।</p>
<p>तारीख विवरण लिखा हुआ है। आप उसे भर कर शीघ्र जमा करें। यह पदयात्रा 14 दिसंबर को दोपहर की बेला में कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर से प्रारंभ होगी, जो बड़गांव में रात्रि विश्राम करेगी। अगले दिन 15 दिसंबर को प्रातः बेला में यहां से यह पदयात्रा भक्ति में झूमते गाते-नाचते हुए धर्म का जय घोष करते हुए आचार्य श्री के सानिध्य में प्रातः बेला में रवाना होगी। जो तालेड़ा पहुंचेगी। जहां आचार्य श्री की मंगल आहारचर्या एवं मंगल प्रवचन होंगे। उसके बाद दोपहर की बेला में तालेड़ा से मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा जीव दया का उद्घोष लिए तानसेन पहुंचेगी। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत पर्यावरण को एक नई दिशा प्रदान करते हुए यह पदयात्रा 16 दिसंबर की प्रातः बेला में तानसेन से मंगल मंगल विहार करते हुए देवपुरा बूंदी पहुंचेगी। जहां आहारचर्या होगी। 16 दिसंबर की दोपहर में मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स पहुंचेगी, जहां पदयात्रा का रात्रि विश्राम होगा। 17 दिसंबर की प्रातः बेला में मंगल प्रभात को मंगल करते हुए नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स से मंगल विहार करते हुए बंधन रिसोर्ट्स पहुंचेगी, जहां आहारचर्या संपन्न होगी। यहां से मंगल प्रस्थान करते हुए यह मंगल यात्रा चतरगंज पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 18 दिसंबर की प्रातः बेला में चतरगंज से मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नान तलाई चौराहा पहुंचेगी। जहां आहारचर्या होने के बाद दोपहर की बेला में मंगल विहार करते हुए भेड़िया गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 19 तारीख की संध्या बेला में जहाजपुर में मंगल प्रवेश करेगी। यह पदयात्रा आनंद मंगल की कामना करते हुए विश्व शांति का घोष लिए 19 दिसंबर की बेला में जहाजपुर पहुंचेगी।</p>
<p>19 दिसंबर की प्रातः बेला में पदयात्रा प्रातः बेला में सरसिया पहुंचेगी यहां से दोपहर में मंगल विहार करते हुए मंगल की कामना लिए यह पदयात्रा संध्या बेला में भक्ति गीत करते हुए झूमते हुए जहाजपुर में मंगल प्रवेश करेगी। जहां पदयात्रा का अलौकिक एवं दिव्या भव्य स्वागत होगा एवं गुरुदेव की ऐतिहासिक अगवानी होगी। 20 दिसंबर की प्रातः बेला में स्वस्ति धाम तीर्थ पर विश्व शांति की कामना के लिए आचार्य श्री संघ सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मंगल अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न होगी एवं विधिवत पदयात्रा का समापन किया जाएगा।</p>
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