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	<title>केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>केंद्रीय मंत्री शिवराज से मिला जिन शासन एकता संघ का प्रतिनिधिमंडल : वैशाली शोध संस्थान को बचाने की मांग की </title>
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		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:12:59 +0000</pubDate>
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<p><strong>वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी की जन्मस्थली वैशाली स्थित &#8216;प्राकृत जैन शास्त्र एवं अहिंसा शोध संस्थान&#8217; के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को लेकर जिन शासन एकता संघ के संघ नायक राकेश जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। <span style="color: #ff0000">भोपाल से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भोपाल।</strong> वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी की जन्मस्थली वैशाली स्थित &#8216;प्राकृत जैन शास्त्र एवं अहिंसा शोध संस्थान&#8217; के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को लेकर जिन शासन एकता संघ के संघ नायक राकेश जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार के तुगलकी निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की। जिसमें संस्थान को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर कला एवं संस्कृति विभाग को हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह संस्थान केवल एक सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत का पहला जैन संस्कृति का सरकारी प्राकृत एवं जैन दर्शन शोध संस्थान है। 23 अप्रैल 1956 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसकी नींव रखी थी। संघ का आरोप है कि सरकार का यह निर्णय संस्थान की 70 साल पुरानी शोध संस्कृति और अकादमिक पहचान को पूरी तरह समाप्त कर देगा। दद्दू ने कहा कि इन प्रमुख बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। सरकार का तर्क है कि डिजिटाइजेशन के लिए इसे हस्तांतरित किया जा रहा है, जबकि ज्ञापन के अनुसार संस्थान में ऐसी कोई महत्वपूर्ण पांडुलिपियाँ वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं, जो इस आधार को पुष्ट करें। उच्च शिक्षा विभाग से हटने के बाद यह संस्थान एक जीवंत शोध केंद्र के बजाय केवल एक साधारण &#8216;पुस्तकालय&#8217; बनकर रह जाएगा। जब दरभंगा का संस्कृत संस्थान और नालंदा का पाली संस्थान सुचारू रूप से चल रहे हैं, तो केवल जैन संस्थान के साथ ऐसा अन्यायपूर्ण निर्णय क्यों लिया जा रहा है?</p>
<p><strong>प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान संघ नायक राकेश जैन गोहिल, वीरेंद्र अजमेरा, डॉ. मनोज जैन, रवि जैन पत्रकार, एड. योगेश जैन, पंडित जयदीप शास्त्री और अनिल जैन (सीए) सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्री से इस विषय में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और बिहार सरकार के अन्यायपूर्ण इस निर्णय को निरस्त करवाने की मांग की।</p>
<p><strong> राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मुख्य मांगें</strong></p>
<p>संस्थान के हस्तांतरण के निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। संस्थान को पुनः उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाए। पिछले 20 वर्षों से लंबित नियुक्तियों को तत्काल पूरा कर शैक्षणिक गतिविधियों को गति दी जाए। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि वे शीघ्र ही इस विषय पर बिहार मुख्यमंत्री से बात करेंगे। जिन शासन एकता संघ ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक संस्थान की लड़ाई नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा जैन संस्कृति के एक महत्वपूर्ण अध्याय को बचाने का संकल्प है। इसमें आपका एवं भारत सरकार का सहयोग अपेक्षित है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मंयक जैन ने कहा कि सरकार हमारी मांग मानले नहीं तो पुरे भारत वर्ष में सरकार के तुगलकी आदेश के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।</p>
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		<title>‘देखो जानो और जाने दो’ की रीति अपनाओ :  केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 09:46:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी विधान महोत्सव में पधार कर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा रचित ‘विचार ग्रंथ’ का विमोचन भी किया। विदिशा से पढ़िए, यह खबर&#8230; विदिशा। अधिकारों से विचारों में शांति नहीं आती जहां विचारों की शांति [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी विधान महोत्सव में पधार कर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा रचित ‘विचार ग्रंथ’ का विमोचन भी किया। <span style="color: #ff0000">विदिशा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>विदिशा।</strong> अधिकारों से विचारों में शांति नहीं आती जहां विचारों की शांति होती है। वहां अधिकार नहीं होते’ यह उद्गार आचार्य विशुद्धसागरजी ने श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस पर अपनी मंगल देशना में व्यक्त किए। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी विधान महोत्सव में पधार कर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी द्वारा रचित ‘विचार ग्रंथ’ का विमोचन भी किया। समारोह के मुख्य अतिथि शिवराज सिंह चौहान जो कि केंद्रीय कृषि मंत्री एवं प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री हैं, को सूत्र देते हुए कहा कि ‘देखो जानो और जाने दो’ की रीति-नीति से चलोगे तो कभी आपको कष्ट नहीं होगा। आचार्य श्री ने कहा कि ‘किसी के प्राण लेना भारत का धर्म नहीं है’। जो देश विश्व का विनाश करने की धमकी दे रहे हैं। उन देशों को समझ लेना चाहिए कि भारत ने ‘आचरण’ पर विश्वास रखा है और जिसने आंख गरम की उन आंखों को ठंडा भी किया है। यही दृष्टि मोक्ष मार्ग की है। आचार्य श्री ने कहा कि भारत की इस भूमि पर भगवान ऋषभदेव ने राज्य किया और जिस देश को कभी भरत चक्रवर्ती ने संभाला। उस देश का नाम इन्ही चक्रवर्ती के नाम से भारत पड़ा।</p>
<p><strong>भगवान ऋषभदेव ने ही बेटियों की शिक्षा को दिया बढ़ावा </strong><br />
आचार्य श्री ने शिवराज सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ यह आंदोलन अभी का नहीं है। यह सूत्र तो भगवान ऋषभदेव के शासन काल का सूत्र है। भारतीय संस्कृति में सबसे पहले शिक्षा दी तो वह ब्राह्मी और सुंदरी नाम की बेटियों को दी थी। भारत कृषि प्रधान देश यंू ही नहीं बना भगवान ऋषभ देव ने कहा कि ऋषि बनो या कृषि कास्तकार बनो। 60 मिनट के इस प्रवचन को मुख्य अतिथि शिवराज सिंह भी एकटक सुनते रहे। आचार्य श्री ने कहा कि किसी के प्राण लेना भारत का धर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की सभी बेटियों का आह्वान कर कहा कि चेहरा मत देखो धर्म देखो, वंश देखो भारतीय संस्कृति को जीवित रखना है तो अपना जीवनसाथी अपने ही धर्म और रीति रिवाज का चुनो। किसी मांसाहारी के रीति रिवाज का नहीं, तभी आपका धर्म और जीवन सुरक्षित है।</p>
<p><strong>अच्छे विचारों से जीवन है तथा बुरे विचारों से पतन</strong><br />
इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि संतों का सानिध्य मिलना दुर्लभ सौभाग्य है। जब मेरे से पूछा गया कि आपके पास कितना समय है तो मैंने कहा कि समय ही समय है। मैं आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज का शिष्य हूं और आज तो आपके विचार ग्रंथ का विमोचन है और सारा खेल विचारों का ही है। यह सारा संसार विचारों की ही उत्पत्ति है। अच्छे विचारों से जीवन है तथा बुरे विचारों से ही पतन है। उन्होंने वाल्मीकि कथा सुनाते हुए कहा कि परिवार में कोई उनके पापों का कोई भागीदार नहीं मिला और एक घटना ने उनको डाकू से संत बना दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वार्थी संसार है और आपने जो विचार ग्रंथ लिखा है। उस ग्रंथ से कई लोगों की जिंदगी बदलेगी। मुख्य अतिथि ने कहा कि मैं यहां पर कोई मंत्री के रुप में नहीं आया। मैं तो आप से आशीर्वाद प्राप्त करने आया हूं। मैं तो आचार्य विद्यासागरजी महाराज का शिष्य आपके चरणों में नतमस्तक होने और नमोस्तु शासन जयवंत हो करने आया हूं। आपके दर्शन का सौभाग्य मिला।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83129" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM.jpeg" alt="" width="1080" height="631" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM.jpeg 1080w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM-300x175.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM-1024x598.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM-768x449.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-16-at-3.09.44-PM-990x578.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" />भारत अहिंसा परमो धर्मः के रास्ते पर चलने वाला देश</strong><br />
उन्होंने देश और दुनिया की बात करते हुए कहा कि जिस भाषा में बड़े नेता बोल रहे हैं। यह उनके बोलने का अधिकार नहीं है। रुस, इजरायल और ईरान ,हमास आदि देशों का नाम लेते हुए कहा कि चारों ओर अशांति है। युद्ध के नगाड़े चारों ओर बज रहे हैं। महा विनाशकारी अस्त्रों का जखीरा सामने है। समझ में नहीं आता यह दुनिया सही दिशा में चलेगी कैसे? उन्होंने कहा कहा कि भारत अहिंसा परमो धर्मा के रास्ते पर चलने वाला देश है। उन्होंने आशीर्वाद चाहा कि किसान कल्याण के क्षेत्र तथा बेटियों के लिए कार्य कर सकूं। उन्होंने कहा कि संचालिका कीर्ति की तारीफ करते हुए कहा कि मेरे दो बेटे थे और अपने घर में बहु नहीं बेटी लेकर आया हूं। आपके चरणों में अपने दुर्गुणों को निकाल कर अपने आपको विशुद्ध कर सकूं। इस अवसर पर श्री सकल दि. जैन समाज के पदाधिकारियों ने शॉल, श्रीफल एवं मोमेंटो से उनका स्वागत किया तथा आचार्य श्री द्वारा लिखित ग्रंथ ‘विचार’ का विमोचन सुरेशचंद्र जैन एडवोकेट सहित अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी, महामंत्री प्रदीप एलआईसी, सौरभ लंदन जयकुमार जैन, अविनाश जैन सहित सभी पदाधिकारियों ने किया। आभार व्यक्त स्वागताध्यक्ष संजय सेठ ने किया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।</p>
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