<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>कलशारोहण महा महोत्सव &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A3-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Thu, 22 May 2025 10:48:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>कलशारोहण महा महोत्सव &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा का हुआ आगाज : जिनबिम्ब स्थापना, कलशारोहण, विश्वशांति महायज्ञ होंगे  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_day_vedi_pratishtha_started/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_day_vedi_pratishtha_started/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 May 2025 10:48:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Samaysagar]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vidyasagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jina idol installation]]></category>
		<category><![CDATA[Kalashrohan Maha Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pramansagar]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Sammedachal Development Committee Madhuban]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Sammedshikhar]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[two-day altar consecration]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री समयसागर]]></category>
		<category><![CDATA[कलशारोहण महा महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[जिनबिम्ब स्थापना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री प्रमाणसागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी मधुबन]]></category>
		<category><![CDATA[श्री सम्मेदशिखर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=81361</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज के आशीर्वाद से गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज की प्रेरणा से श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी मधुबन श्री सम्मेदशिखर में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा, जिनबिम्ब स्थापना तथा कलशारोहण महा महोत्सव 22 मई गुरुवार को आरंभ हुआ। 23 मई शुक्रवार को इसका समापन होगा। श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज के आशीर्वाद से गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज की प्रेरणा से श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी मधुबन श्री सम्मेदशिखर में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा, जिनबिम्ब स्थापना तथा कलशारोहण महा महोत्सव 22 मई गुरुवार को आरंभ हुआ। 23 मई शुक्रवार को इसका समापन होगा। <span style="color: #ff0000">श्री सम्मेदशिखर से पढ़िए राजकुमार जैन अजमेरा की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>श्री सम्मेदशिखर/कोडरमा।</strong> आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज के आशीर्वाद से गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज की प्रेरणा से श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी मधुबन श्री सम्मेदशिखर में दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा, जिनबिम्ब स्थापना तथा कलशारोहण महामहोत्सव 22 मई गुरुवार को हुआ। 23 मई शुक्रवार को इसका समापन होगा। यह महा महोत्सव मुनि श्री समतासागरजी महाराज, मुनि श्री पवित्र सागर महाराज, मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज, मुनि श्री अतुलसागर महाराज, आर्यिकारत्न गुरमति माताजी, आर्यिकारत्न दृढ़मति माताजी ससंघ तथा ऐलक श्री निश्चयसागर महाराज ऐलक श्री निजानंद सागर महाराज क्षु. श्री संयम सागर महाराज के संघ सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य वाल ब्र.अशोक भैया एवं इंदौर आश्रम के अधिष्ठाता अनिल भैया के निर्देशन में किया जा रहा है।</p>
<p><strong>विविध विधानों से सुवासित रहा माहौल </strong></p>
<p>राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं गुणायतन के मुख्य जन संपर्क अधिकारी वीरेंद्र जैन छाबड़ा ने बताया गुरुवार को प्रातः 5.45 बजे से अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। गुणायतन स्थित जिनालय में होकर शोभायात्रा ‘श्री पावनधाम जिनालय’ श्री सम्मेदाचल विकास कमेटी के कार्यक्रम स्थल तक पहुंची एवं यहां पर 7 बजे ध्वजारोहण, जाप्य अनुष्ठान, मंडप शुद्धि, नवीन वेदी शुद्धि, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन हुआ। मुनिसंघ आर्यिका संघ के मांगलिक देशना भी हुई। इस शुभ मांगलिक अवसर पर गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला, कार्याध्यक्ष एनसी जैन, महामंत्री अशोक पांडया, सीईओ सुभाष जैन, एनएल जैन, प्रद्युमन जैन, शैलेंद्र जैन, सिद्दार्थ जैन, कपूर जैन, निर्मल जैन सहित समस्त पदाधिकारियों ने समस्त श्रेष्ठी महानुभावों को आमंत्रित कर कार्यक्रम में पधारने का अनुरोध किया है। सभी अतिथियों के आवास एवं भोजन व्यवस्था गुणायतन में है।</p>
<p><strong>मूकमाटी महाकाव्य संग्रह है</strong></p>
<p>प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि प्रातः गुणायतन मंदिर परिसर में मुनि श्री समतासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागरजी की अष्टद्रव्य से पूजन किया गया तथा मुनि श्री के मुखारबिंद से शांतिधारा एवं मांगलिक प्रवचन हुए। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि शिशु को पोषक तत्व देना जरूरी होता है, तभी शिशु की काया बलिष्ठ और स्वस्थ होती है। ऐसे ही किसान अपने खेत में बीज को बो कर के उसमें खाद-पानी देता है तब अंकुरण के बाद जो फसल आती है वह पुष्ट होकर आती है। फसल आने के पहले अपने लहलहाते खेत को देखकर किसान को जो आनंद का सुःखद अहसास होता है, वह किसान ही समझ सकता है क्योंकि, उसका परिश्रम पनप रहा है और जब उसकी फसल खेत से घर पर आ जाती है तो उसके चेहरे की चमक बढ़ जाती है। मुनि श्री ने कहा कि इस संदर्भ में आचार्य गुरुदेव किसान कि इस सफलता को फिसलने पर फसल शब्द से संबोधित करते हैं। आचार्य श्री शब्दों के जादूगर थे। शब्दों का ऑपरेशन कर उसे जोड़-तोड़ कर एक नया अर्थ निकाल देते थे। ऐसे शब्दों के प्रयोग से ही आचार्य श्री की साहित्य श्रृंखला निकली है। उसमें प्रमुख हिंदी भाषा में मूकमाटी महाकाव्य संग्रह है। जिसमें ऐसे शब्दों का तथा हायकू का सम्मिश्रण किया गया है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। आचार्य श्री शब्दों के पारखी एवं सारगर्भित प्रयोग करते थे।</p>
<p><strong>दान धर्म करना तीर्थयात्रा कराना आसान है</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने ऐसे कई काव्य संग्रह को लिखा। जब पहली किताब श्रमण संगम वर्ष 1975-76 कोलकाता के कल्याणमल झांझरी ने प्रकाशित कराई, जो आज 10 प्रतिमाओं के साथ अपनी साधना को कर रहे है। मुनि श्री ने 42 वर्ष पूर्व की स्मृतियों को संजोते हुए उस समय के समाज प्रमुखों का नाम लिया और कहा कि ये लोग राजस्थान से लेकर बुंदेलखंड तक पीछे लगे रहे। मुनि श्री ने कहा कि दान धर्म करना तीर्थयात्रा कराना आसान है लेकिन, खुद संयम का पालन कर परिवार को संयमित करना बहुत कठिन होता है। उन्होंने कोलकाता के श्रावकों की तारीफ करते हुए कहा कि इनका पूरा ग्रुप इधर-उधर की बातें न करते हुए अपने पूरे समय का सदुपयोग करते थे। मुनि श्री ने अपनी यादों को ताजा करते 42 साल पूर्व की उन यादों को साझा किया एवं ऐलक दीक्षा से लेकर मुनि दीक्षा तक के कई पलों को स्मरण कर उन सभी के परिवारों का नाम सहित उल्लेख कर आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_day_vedi_pratishtha_started/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
