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	<title>ऋषभदेव पखवाड़े &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>ऋषभदेव पखवाड़े &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>भगवान ऋषभदेव की स्तुति से भक्तिमय हो गया माहौल: ऋषभदेव पखवाड़े के तहत विद्यालय में हुए आर्यिकाओं के प्रवचन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 13:13:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयला में विद्यालयी शिक्षा विभाग के आदेश की अनुपलना में नवीन शिक्षण सत्र में शुभारंभ ऋषभ पखवाड़े के तहत आचार्य श्री सन्मति महाराज और आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी की शिष्या गणिनी आर्यिकारत्न श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन के माध्यम से देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयला में विद्यालयी शिक्षा विभाग के आदेश की अनुपलना में नवीन शिक्षण सत्र में शुभारंभ ऋषभ पखवाड़े के तहत आचार्य श्री सन्मति महाराज और आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी की शिष्या गणिनी आर्यिकारत्न श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन के माध्यम से देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन के बारे में बताया। <span style="color: #ff0000">बामनवास से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बामनवास।</strong> उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोयला में विद्यालयी शिक्षा विभाग के आदेश की अनुपलना में नवीन शिक्षण सत्र में शुभारंभ ऋषभ पखवाड़े के तहत आचार्य श्री सन्मति महाराज और आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी की शिष्या गणिनी आर्यिकारत्न श्री संगममति माताजी ने विद्यार्थियों को प्रवचन के माध्यम से देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन के बारे में बताते हुए उनके सिद्धांतों को जीवन में उतरने की सीख दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान और मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने ऋषभ देव की स्तुति की। जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता से ओतप्रोत हो गया। इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग की निदेशक एकता जैन ने प्रधानाचार्य अनिता मीणा का दुपट्टा पहनाते हुए जय जिनेंद्र का बैज लगाकर उनका स्वागत सम्मान किया।</p>
<p>विद्यालय के शिक्षक बाबूलाल जैन ने देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की। प्रधानाचार्य अनिता मीणा ने बताया कि शिक्षा विभाग अभिनव पहल पर किया जा रहा ऋषभदेव पखवाड़ा विद्यार्थियों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को सामने ला रहा है। विधार्थी की आयु के अनुसार प्रतियोगिताओं का आयोजन करने से बालक सहज रूप से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है। वर्तमान परिपेक्ष्य में भगवान ऋषभदेव भगवान के संदेश जियो और जीने दो,शान्ति से रहने दो के सिद्धान्त ही विश्व को शान्ति की ओर ले जा सकते हैं।</p>
<p><strong>’विधार्थियों को आर्यिकाओं का विशेष प्रवचन’</strong></p>
<p>आर्यिका श्री संगममति माताजी ने बताया कि भगवान ऋषभदेव युग के शुरुआत जब हुई जब योगभूमि समाप्त हो रही थी तब अयोध्या की पावन धरा पर ऋषभदेव का जन्म हुआ वे बचपन से ही अत्यन्त शांत, तेजस्वी और मानवीय गुणों से भरपूर था स उन्होंने संसार को जीवन जीने की कला सिखाई। समाज को व्यवस्थित करने के लिए वर्णों की स्थापना कि जिससे मनुष्य अनुशासन के साथ रह सकें। आर्यिका 105 संयोमती माताजी ने बताया कि ऋषभदेव के 100 पुत्र थे,जिनमें चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम से अपने देश का नाम भारत पड़ा। उनकी पुत्रीयों ब्राह्मी और सुंदरी ने लिपि और अंक विद्या का ज्ञान दिया। जिसके कारण आज हम लिख पढ़ पा रहे है। क्षुल्लिका सम्पर्कमति माताजी, सानिध्यमति माताजी और समर्पितमति माताजी ने बताया कि भगवान ऋषभदेव भगवान के बताए सिद्धांतों को अपने जीवन उतारते हुए सभी बच्चे उन्नति के पथ पर अग्रसर हो और अपने माता-पिता और गुरुओं का सदा सम्मान करें।</p>
<p><strong>यह अतिथि और नागरिक गण उपस्थित रहे। </strong></p>
<p>इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार मीणा,राधेश्याम मीणा,धर्मसिंह मीणा,निलमणि मीणा,पूनम सैनी, नेमीचन्द मीणा,नेतराम मीणा मीणा,गंगाराम मीणा,घनश्याम मीणा,बाबूलाल जैन,अमित कुमार, कमरुद्दीन खांन, मीरा गुप्ता, मोहसीन खान, बनवारी लाल जांगिड़,नीलम सैनी,समयराज गुर्जर और वर्धमान दिगम्बर जैन विकास समिति के सदस्य सुनील कुमार जैन,सुमनलता जैन एवं संयोमति माताजी के संघ के साथ पैदल विहार में सहयोग प्रदान करने वाले विजय जैन,प्रदीप जैन,ममता जैन,मोनिका जैन,अरविन्द कुमार, शुभम कुमार,अनिकेत कुमार, लक्ष्मण कुमार आदि उपस्थित थे।</p>
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		<title>बच्चों को बांटी विश्व णमोकार महामंत्र दिवस मिठाई : शिक्षा विभाग के निर्देश पर ऋषभदेव पखवाड़े की शुरुआत </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:40:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शिक्षा विभाग की अभिनव पहल पर देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जीवन चरित्र पर होने वाली प्रतियोगिता की शुरुआत ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सेकंडरी स्कूल और वर्धमान कोचिंग सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में प्री-प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों से की। बामनवास से पढ़िए, यह खबर&#8230; बामनवास। शिक्षा विभाग की अभिनव पहल पर देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जीवन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शिक्षा विभाग की अभिनव पहल पर देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जीवन चरित्र पर होने वाली प्रतियोगिता की शुरुआत ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सेकंडरी स्कूल और वर्धमान कोचिंग सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में प्री-प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों से की। <span style="color: #ff0000">बामनवास से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बामनवास।</strong> शिक्षा विभाग की अभिनव पहल पर देवाधिदेव ऋषभदेव भगवान के जीवन चरित्र पर होने वाली प्रतियोगिता की शुरुआत ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सेकंडरी स्कूल और वर्धमान कोचिंग सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में प्री-प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों से की। बच्चों को इस अवसर पर भगवान ऋषभदेव के जीवन चरित्र पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। इसके बाद उन्हें विद्यालय के निदेशक अखलेश गुर्जर ने माता मरूदेवी के सोलह सपनों के बारे में बताते हुए उनका अर्थ समझाया।</p>
<p><strong>नन्हे मुन्नों ने ध्यान मुद्रा में किया णमोकार महामंत्र का जाप</strong></p>
<p>विश्व णमोकार महामंत्र दिवस पर बच्चों ने एक साथ समधुर आवाज में णमोकार महामंत्र का निर्दाेष आवाज में जाप किया। जिससे पूरे विद्यालय का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेंटर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि णमोकार महामंत्र में पांच परमेष्ठि को नमन किया जाता है। अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और सर्वसाधु इन परम पद को पाने के लिए आपको धर्म की राह पर चलकर भावना बनाकर जीवन को त्याग की ओर करने का पुरूषार्थ करना होगा।</p>
<p><strong>विभिन्न प्रतियोगिताएं होगी </strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर ने बताया कि सोमवार को विद्यालय में शिक्षा विभाग के आदेशों की अनुपालना में विद्यार्थियों में ऋषभदेव पखवाड़े के तहत ऋषभ स्तुति, ऋषभदेव पर आधारित शिक्षाप्रद कहानी, चित्रकला एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता, मंगलवार को निबंध और प्रश्नोत्तर, रचनात्मक लेखन एवं कविता पाठ प्रतियोगिता, बुधवार को योग शिविर लगाया जाएगा। विश्व णमोकार महामंत्र दिवस पर बच्चों को विद्यालय में मिठाई का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की नीरज गुर्जर, शिवानी मीणा, गणेश योगी, योग शिक्षक रीना गुर्जर उपस्थित थे।</p>
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		<title>नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ ऋषभदेव पखवाड़े से : विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना का विकास होगा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/new_academic_session_kicks_off_with_rishabhdev_fortnight/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:16:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल शर्मा और शिक्षा विभाग के मुखिया मदन दिलावर के दिशा निर्देश पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा राजस्थान में पहली बार नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ ऋषभदेव पखवाड़े से शुरू करना सरकार का बड़ा फैसला है। जयपुर से पढ़िए, जिनेंद्र जैन की यह खबर&#8230; जयपुर। राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल शर्मा और शिक्षा विभाग के मुखिया मदन दिलावर के दिशा निर्देश पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा राजस्थान में पहली बार नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ ऋषभदेव पखवाड़े से शुरू करना सरकार का बड़ा फैसला है। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, जिनेंद्र जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल शर्मा और शिक्षा विभाग के मुखिया मदन दिलावर के दिशा निर्देश पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा राजस्थान में पहली बार नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ ऋषभदेव पखवाड़े से शुरू करना सरकार का बड़ा फैसला है। यह ऐतिहासिक निर्णय जो विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ आध्यात्मिक परम्परा से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है। इससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना का विकास होगा,जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p>इस सम्बन्ध में प्रारम्भिक शिक्षा एवं पं. राज,(प्राथमिक शिक्षा) विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने शासन स्तर से प्रदत्त निर्देशों की पालना में आदेश जारी कर समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समग्र शिक्षा एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा को ऋषभ पखवाड़े के अन्तर्गत सभी विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश प्रदान किये है। इस निर्णय को अल्पसंख्यक वर्ग और युवा वर्ग ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।</p>
<div class="wp-block-pdfemb-pdf-embedder-viewer"><a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/Letter-_Rega-Rishabh-Pakhavara.pdf" class="pdfemb-viewer" style="" data-width="max" data-height="max" data-toolbar="bottom" data-toolbar-fixed="on">Letter _Rega-Rishabh - Pakhavara</a></div>
<p><strong>तीन वर्गों में होगी प्रतियोगिताएं</strong></p>
<p>पूर्व प्राथमिक स्तर (तीन से छह वर्ष): ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना, कहानी सुनना,श्रमणों के प्रवचन, चित्रकारी,पोस्टर निर्माण l</p>
<p>प्राथमिक स्तर ( सात से ग्यारह वर्ष): ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना,कहानी सुनना,श्रमणों के प्रवचन,चित्रकला,पोस्टर निर्माण, निबन्ध लेखन,कविता,एकल गायन l</p>
<p>माध्यमिक स्तर (12-18 वर्ष) : ऋषभदेव की स्तुति,प्रार्थना,श्रमणों के प्रवचन,एकल गायन,रंगोली,निबन्ध लेखन,रचनात्मक लेखन,योग शिविर, कविता,समूह चर्चा,डिजिटल प्रस्तुतियां,मूक अभिनय l</p>
<p>चित्रकला और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा,तप,ज्ञान,उपदेश और चारित्र से जुड़े प्रसंगों के साथ राष्ट्रीय एकता,ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह (बैल),स्वास्तिक,पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल किए गए है l</p>
<p><strong>राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के संस्था प्रधान और निदेशकों से अपील की </strong></p>
<p>ऋषभ पखवाड़े के बारे आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए सम्बन्धित जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी से कार्यालय समय में सम्पर्क कर ली जा सकती है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के परम संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने सरकार के इस फैसले को युवा वर्ग और नवीन युवा वर्ग के हित में बताते हुए कहा कि नवीन शैक्षणिक सत्र में विधार्थी वैदिक संस्कृति और श्रमण संस्कृति की परम्पराओं से अवगत होगे। संरक्षक डॉ. शीतल प्रसाद जैन और खिल्लीमल जैन ने बताया कि राजस्थान सरकार के विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा चलाए जा रहे ऋषभ पखवाड़े से विद्यार्थियों को भगवान ऋषभदेव के जीवन से अहिंसा और अपरिग्रह के पालना करने की सीख के साथ आत्म -साक्षात्कार करने का अवसर मिलेगा l सह संरक्षक लोकेश जैन और मंगल चन्द जैन ने बताया कि भगवान ऋषभ देव द्वारा प्रतिपादित षट्कर्म सिद्धान्त (असि,मसि,कृषि, वाणिज्य,शिल्प और कला ) विद्यार्थियों के भविष्य में जीवनयापन करने में बहुत उपयोगी होगा l</p>
<p><strong>अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षाविदों एवं युवा वर्ग ने जताया मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार</strong></p>
<p>इस अवसर पर अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षाविदों एवं युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर,मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास शासन सचिव स्कूल शिक्षा राजेश कुमार यादव,निदेशक माध्यमिक और प्रारम्भिक शिक्षा सीताराम जाट,विशेष सचिव चित्रा गुप्ता,शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर तथा मोनिका बराला और गोविन्द नारायण दाधिच,सहायक शासन सचिव विजय सिंह और हरिनारायण मीणा,अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा,राजकुमार शर्मा,अनुभाग अधिकारी ज्योति सोनी और दीपा मीणा,सहायक निदेशक गुणवत्ता जितेन्द्र सिंह आदि का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
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