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	<title>इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>कांफ्रेस से दंत चिकित्सा में नए युग का सूत्रपात : शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों का हुआ संगम  </title>
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		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:24:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की ओर से इमर्जिंग ट्रेंड्स इन कंटेम्परेरी डेंटिस्ट्री पर आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में 250 रिसर्च पेपर्स एंड पोस्टर्स प्रेजेंट किए गए। यूजी श्रेणी में टीएमयू की योगेशवरी और वृंदा अग्रवाल का पोस्टर अव्वल, पीजी में डॉ. मेघना का पोस्टर पेपर प्रेजेंटेशन में प्रथम रहा। मुरादाबाद से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की ओर से इमर्जिंग ट्रेंड्स इन कंटेम्परेरी डेंटिस्ट्री पर आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में 250 रिसर्च पेपर्स एंड पोस्टर्स प्रेजेंट किए गए। यूजी श्रेणी में टीएमयू की योगेशवरी और वृंदा अग्रवाल का पोस्टर अव्वल, पीजी में डॉ. मेघना का पोस्टर पेपर प्रेजेंटेशन में प्रथम रहा। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> बाबा कीनाराम ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, चंदौली के दंत चिकित्सा विभाग के डॉ. पीयूष शिवहरे ने डायोड लेजर पर बोलते हुए कहा कि डायोड लेजर तकनीक ने आधुनिक दंत चिकित्सा में क्रांति ला दी है, जिससे अधिक सटीक, दर्द रहित और प्रभावी उपचार विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। उन्होंने बताया,लेजर &#8211; लाइट एम्प्लीफिकेशन बाय स्टिमुलेटेड एमिशन ऑफ रेडिएशन एक ऐसा उपकरण है, जिसके उपयोग से ऑपरेशन के आसपास के क्षेत्रों को न्यूनतम क्षति पहुंचाते हुए कोमल और कठोर ऊतकों को काटने, आकार देने या हटाने का कार्य का आसान हो जाता है। डॉ. शिवहरे ने दंत चिकित्सा में विभिन्न प्रकार के लेजर के उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया, डायोड लेजर,सीओ 2 लेजर, एनडीएग लेजर, ईआर लेजर प्रमुख हैं। इनमें से डायोड लेजर अपने कॉम्पैक्ट आकार, किफायती मूल्य और कोमल ऊतकों से संबंधित प्रक्रियाओं में अधिक प्रभावशीलता के कारण विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। डॉ. शिवहरे तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की ओर से इमर्जिंग ट्रेंड्स इन कंटेम्परेरी डेंटिस्ट्री पर आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन में गेस्ट स्पीकर बोल रहे थे। कॉन्फ्रेंस में कुल 250 रिसर्च पेपर्स एंड पोस्टर्स प्रेजेंट किए गए। यूजी श्रेणी में टीएमयू की योगेशवरी और वृंदा अग्रवाल का पोस्टर अव्वल,जबकि पीजी में डॉ. मेघना का पोस्टर प्रथम, रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन में डॉ. हर्षित सेठी फर्स्ट आए।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-104503" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-300x200.jpg" alt="" width="300" height="200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1024x683.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1536x1025.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-2048x1366.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-990x660.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1320x881.jpg 1320w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक नए युग का नेतृत्व कर रहे हैं</strong></p>
<p>सिंहगढ़ डेंटल कॉलेज से डॉ. विनीत विनय ने एंटरप्रेन्योरशिप इन डेंटिस्ट्री एंड एआई डिडेक्शन ऑफ ओरल कैंसर पर बोलते हुए कहा, तकनीकी प्रगति को बाज़ार तक पहुंचाने में उद्यमियों की अहम भूमिका है। डेंटल स्टार्टअप स्थापित करके, उपयोगकर्ता के अनुकूल उपकरण विकसित करके और रोगी प्रबंधन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर वे नवाचार और नैदानिक अभ्यास के बीच की खाई को पाट सकते हैं। कई उद्यमी टेलीडेंटिस्ट्री पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे परामर्श और अनुवर्ती जांच, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में अधिक सुविधाजनक हो जाती हैं। शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और उद्यमी मिलकर दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक नए युग का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके सहयोगात्मक प्रयासों से रोगी देखभाल में सुधार हो रहा है, दक्षता बढ़ रही है और आधुनिक दंत उपचार अधिक किफायती और व्यापक रूप से उपलब्ध हो रहे हैं। यह गतिशील तालमेल मौखिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में संभावनाओं की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ा रहा है।</p>
<p><strong>दंत चिकित्सा पद्धतियां साक्ष्य-आधारित हों </strong></p>
<p>अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से डिपार्टमेंट ऑफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी के प्रो. प्रद्युम्न वर्मा ने कोन बीम 3डी इमेजिंग तकनीक पर बोलते हुए कहा,शोधकर्ता वैज्ञानिक ज्ञान के विस्तार और नई उपचार पद्धतियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।दूसरी ओर समेकित देखभालरू बहुविषयक अभ्यास का भविष्य पैनल चर्चा में वक्ताओं ने कहा, बायोमटेरियल्स, रीजनरेटिव डेंटिस्ट्री और डिजिटल इमेजिंग जैसे क्षेत्रों में उनके कार्यों से दांतों के रंग के अनुरूप रेस्टोरेशन, स्टेम सेल थेरेपी और बेहतर निदान उपकरण जैसी महत्वपूर्ण खोजें संभव हुई हैं। निरंतर शोध यह सुनिश्चित करता है , दंत चिकित्सा पद्धतियां साक्ष्य-आधारित हों और आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल मानकों के अनुरूप हों। दूसरी ओर नवप्रवर्तक इन वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक समाधानों में लागू करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने दंत कृत्रिम अंगों के लिए 3डी प्रिंटिंग एक ही दिन में क्राउन बनाने के लिए सीएडी/सीएएम सिस्टम और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाओं के लिए लेजर तकनीक जैसे अत्याधुनिक उपकरण पेश किए हैं। ये नवाचार न केवल सटीकता बढ़ाते हैं ,बल्कि उपचार के समय और रोगी की असुविधा को भी काफी कम करते हैं। पैनल चर्चा में डॉ. शलभ मेहरोत्रा ,डॉ. स्वतंत्र अग्रवाल, डॉ. सत्यजीत नायक, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. विनीता निखिल, डॉ. के. वी. अरुण कुमार, डॉ. जॉनसन और डॉ. पुनीत बत्रा आदि शामिल रहे।</p>
<p><strong>इनकी रही सहभागिता </strong></p>
<p>कॉन्फ्रेंस में तीर्थंकर महावीर डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप तांगड़े, वाइस प्रिंसिपल डॉ. अंकिता जैन के संग- संग सुभारती डेंटल कॉलेज एवम् रिसर्च सेंटर, मेरठ से कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री और एंडोडोंटिक्स विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता निखिल,मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस, नई दिल्ली से ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. सुनीता गुप्ता,आईटीएस डेंटल कॉलेज और अस्पताल, दिल्ली से ओरल सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. के.वी. अरुण, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी से पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग, दंत विज्ञान संकाय के प्रो. नवीन पी.जी. मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली से जन स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग के एचओडी डॉ. विक्रांत मोहंती,एसजीटी यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद से स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग से डॉ. शौर्य टंडन,कोठीवाल डेंटल कॉलेज एवम् अनुसंधान केंद्र, मुरादाबाद से मुख चिकित्सा एवम् रेडियोलॉजी विभाग से एचओडी डॉ. राजेंद्र गौड़ा पाटिल, डॉ. अभिनय अग्रवाल, डॉ. निमिष अग्रवाल, डॉ. विकास सिंह, डॉ. शिल्पा दत्ता मलिक, डॉ. उपेंद्र मलिक, डॉ. हरतिमा निगम, डॉ. जैनुल आब्दीन, डॉ. सिवान सतीश, डॉ. दीपक ठाकुर, डॉ. कार्तिकेय सक्सेना, डॉ. अतुल जैन, डॉ. रचना बहुगुणा की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। इनके अलावा स्टूडेंट्स तीशा जैन, साक्षी जयसवाल, उत्सव बेरा आदि की कॉन्फ्रेंस में सक्रिय भूमिका रही।</p>
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		<title>इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में 27 से जुटेंगे जैनोलॉजी के विद्वान : जैन अध्ययन केंद्र और भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र- आईकेएस के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/scholars_of_jainology_to_gather_at_international_conference_starting_on_the_27th/</link>
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		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:44:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में जैन कर्म सिद्धांत की समकालीन प्रासंगिकता पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी में गहन मंथन होगा। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में जैन कर्म सिद्धांत की समकालीन प्रासंगिकता पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी में गहन मंथन होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के भारतीय दार्शनिक परिषद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में जैन कर्म सिद्धांत की समकालीन प्रासंगिकता पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी में गहन मंथन होगा। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्याम सुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में जैन कर्म सिद्धांत की समकालीन प्रासंगिकता पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी में गहन मंथन होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के भारतीय दार्शनिक परिषद की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का 27 मार्च को टीएमयू के ऑडिटोरियम में शंखनाद होगा। टीएमयू के जैन अध्ययन केंद्र और भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र- आईकेएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में संपूर्णानंद यूनिवर्सिटी, वाराणसी से डॉ. फूलचंद प्रेमी जैन बतौर मुख्य अतिथि, जबकि जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा और एनएमसी, दिल्ली की मेंबर डॉ. इंदु जैन बतौर विशिष्ट अतिथि अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। संगोष्ठी में टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रहेगी। टीएमयू के जैन अध्ययन केन्द्र के डायरेक्टर प्रो. विपिन जैन कहते है, संगोष्ठी भारतीय दार्शनिक परंपराओं के गहन अध्ययन और समकालीन संदर्भों में उनकी उपयोगिता को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। यह कार्यक्रम न केवल अकादमिक संवाद को सुदृढ़ करेगा, बल्कि युवा शोधकर्ताओं को अपने विचार साझा करने का एक सशक्त मंच भी प्रदान करेगा। यह संगोष्ठी परंपरा और आधुनिकता के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। संगोष्ठी में जैन अध्ययन से जुड़े शोधार्थी, विभिन्न विषयों के विद्यार्थी और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान अपने-अपने शोध पत्रों का वाचन करेंगे।</p>
<p>संगोष्ठी में जैनोलॉजी के जाने-माने विद्वान- इसरो के पूर्व साइंटिस्ट डॉ. राजमल जैन, मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. नलिन के. शास्त्री, डॉ. श्रेयांश जैन, प्रो. जय कुमार जैन, एलवीएसएसयू नई दिल्ली से प्रो. अनेकांत जैन, उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी-हरिद्वार के पूर्व वीसी डॉ. दिनेश शास्त्री, वीएल इंस्टिट्यूट नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. वीके जैन, प्रो. राका जैन, धर्म फॉर लाइफ की फाउंडर मेधावी जैन आदि भी जैन धर्म और दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। टीएमयू आईकेएस सेंटर की कॉर्डिनेटर डॉ. अलका अग्रवाल ने उम्मीद जताई, राष्ट्रीय संगोष्ठी से प्रतिभागियों को जैन कर्म सिद्धांत की गहराई और उसकी आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिलेगा। इस संगोष्ठी में संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जैन कर्म सिद्धांत को समकालीन सामाजिक, नैतिक एवं दार्शनिक परिप्रेक्ष्य में पुनः स्थापित करना और भारतीय ज्ञान परंपरा के इस महत्वपूर्ण पक्ष को व्यापक विमर्श में लाना है। कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ. रत्नेश जैन, जबकि सह संयोजिका की जिम्मेदारी डॉ. नम्रता जैन को सौंपी गई है।</p>
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		<title>100 साइंटिफिक पेपर्स और पोस्टर किए जाएंगे प्रस्तुत : एलाइड हेल्थ एंड फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन पर टीएमयू में होगी दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/tmu_to_host_two_day_international_conferenceon_allied_health_and_forensic_investigation/</link>
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		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 08:29:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जाने-माने नेशनल और इंटरनेशनल स्पीकर्स शामिल होंगे। उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य बतौर मुख्य अतिथि होंगे। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जाने-माने नेशनल और इंटरनेशनल स्पीकर्स शामिल होंगे। उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य बतौर मुख्य अतिथि होंगे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जाने-माने नेशनल और इंटरनेशनल स्पीकर्स शामिल होंगे। उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य बतौर मुख्य अतिथि, जबकि एसआईएफएस-इंडिया के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. रणजीत सिंह गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में तथा यूनिवर्सिटी ऑफ द फिलीपींस, मनीला के कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की डीन डॉ. टेरेसा गुआज़ोन डी गुज़मैन इंटरनेशनल स्पीकर के रूप में व्याख्यान देंगी।</p>
<p><strong>खास बातें</strong></p>
<p>-13 कीनोट लेक्चर के साथ 100 साइंटिफिक पेपर्स और पोस्टर प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<p>-पैनल डिस्कशन, जाने-माने एक्सपर्ट्स और स्कॉलर्स के इंटरैक्टिव सेशन होंगे।</p>
<p>-आइडिया एक्सचेंज और एकेडमिक कोलेबोरेशन के लिए उत्कृष्ट मंच उपलब्ध होगा।</p>
<p>-आधा दर्जन राज्यों के रिसर्चर्स एवं एक्सपर्ट्स गहन मंथन करेंगे।</p>
<p>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से “एलाइड हेल्थ एंड फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन-2026” विषय पर दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन 27 मार्च से टीएमयू के ऑडिटोरियम में किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस ऑफ मेडिकल साइंसेज के पोस्टडॉक्टरल फेलो डॉ. अमोद शर्मा, एमिटी यूनिवर्सिटी, दुबई के प्रोफेसर डॉ. नृशांत सिंह, फोरेंसिक प्रयोगशाला मुरादाबाद के उप निदेशक डॉ. कपिल, तीर्थंकर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी, सीआरआई गाजियाबाद के वरिष्ठ निदेशक डॉ. दिलीप कुमार, आरआईएमटी पंजाब के प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. जासूजा सहित अन्य विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। टीएमयू की ओर से कुलपति प्रो. वी.के. जैन एवं डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन भी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p><strong>नवाचारों पर होगी चर्चा</strong></p>
<p>कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन एवं कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉन्फ्रेंस में 13 कीनोट लेक्चर, 100 साइंटिफिक पेपर्स एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन, पैनल डिस्कशन तथा विभिन्न यूनिवर्सिटी और संस्थानों के विशेषज्ञों एवं स्कॉलर्स के इंटरैक्टिव सेशन आयोजित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कॉन्फ्रेंस प्रतिभागियों को अपनी रिसर्च फाइंडिंग्स साझा करने, आइडिया एक्सचेंज करने और एकेडमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी। ब्लेंडेड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न संस्थानों के रिसर्चर्स, एकेडेमिक्स, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स एवं छात्र भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान मेडिकल इमेजिंग, रेडियोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, ऑप्टोमेट्री एवं फोरेंसिक साइंस के क्षेत्रों में हाल की प्रगति और नवाचारों पर गहन चर्चा होगी। युवा शोधार्थी और छात्र मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह कॉन्फ्रेंस हेल्थकेयर सेक्टर में सीखने, नेटवर्किंग और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।</p>
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		<title>टीएमयू की पैरामेडिकल फैकल्टी का इंटरनेशनल मंच पर धमाकेदार प्रदर्शन : फिलिपींस कॉन्फ्रेंस में तीन सीनियर फैकल्टी ने रखे अपने शोध और अनुभव </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 04:34:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Education News]]></category>
		<category><![CDATA[Forensic Science]]></category>
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		<category><![CDATA[इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमयू]]></category>
		<category><![CDATA[पैरामेडिकल साइंसेज़]]></category>
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					<description><![CDATA[फिलिपींस में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में टीएमयू की पैरामेडिकल साइंसेज़ की तीन सीनियर फैकल्टी ने अपने-अपने विषयों पर दमदार व्याख्यान दिए। कॉन्फ्रेंस की थीम ग्लोबल साउथ की संस्कृति, मेमोरी और पहचान पर आधारित रही। रिपोर्टर – प्रो. श्याम सुंदर भाटिया “ज्ञान का दम हो, तो दुनिया आपका मंच बन जाती है!” तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>फिलिपींस में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में टीएमयू की पैरामेडिकल साइंसेज़ की तीन सीनियर फैकल्टी ने अपने-अपने विषयों पर दमदार व्याख्यान दिए। कॉन्फ्रेंस की थीम ग्लोबल साउथ की संस्कृति, मेमोरी और पहचान पर आधारित रही। <span style="color: #ff0000">रिपोर्टर – प्रो. श्याम सुंदर भाटिया</span></strong></p>
<hr />
<p style="text-align: center"><span style="color: #ff0000"><strong>“ज्ञान का दम हो, तो दुनिया आपका मंच बन जाती है!”</strong></span></p>
<p>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की पैरामेडिकल साइंसेज़ फैकल्टी ने फिलिपींस की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ फिलिपींस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कॉन्फ्रेंस की थीम थी— Forensics of the Forgotten: Uncovering Memory, Culture &amp; Identity in the Global South.</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-95861" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001.jpg" alt="" width="1600" height="1192" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-1024x763.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-768x572.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-1536x1144.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-990x738.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251204-WA0001-1320x983.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />तीन सीनियर फैकल्टी, तीन दमदार व्याख्यान</strong></p>
<p>टीएमयू के तीन विशेषज्ञ—</p>
<p>प्रो. रूचि कांत,</p>
<p>श्री रवि कुमार,</p>
<p>श्री योगेश कुमार,</p>
<p>ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े विषयों पर बेहद प्रभावशाली लेक्चर दिए।</p>
<p>प्रो. रूचि कांत: रेज़िलिएंस कैसे बनता है?</p>
<p>ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में प्रो. रूचि कांत ने बताया कि—</p>
<p>रेज़िलिएंस न्यूरोएंडोक्राइन, इम्यून और मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं से बनता है।</p>
<p>संकट के बाद कोर्टिसोल, सूजन और न्यूरोप्लास्टिसिटी पर असर पड़ता है।</p>
<p>लिंग व उम्र की भूमिका हार्मोनल बदलावों—एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन, मेनोपॉज, एंड्रोपॉज—से तय होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैविक व सामाजिक तंत्र मजबूत हों तो रिकवरी तेज होती है।</p>
<p>श्री रवि कुमार: फॉरेंसिक साइंस में क्या कमी?</p>
<p>अपने सत्र में रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि—</p>
<p>फॉरेंसिक शिक्षा में बड़े गैप हैं।</p>
<p>कैपेसिटी बिल्डिंग की सख्त जरूरत है।</p>
<p>उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे—</p>
<p>AI,</p>
<p>नैनोटेक्नोलॉजी,</p>
<p>वर्चुअल ऑटोप्सी,</p>
<p>3D इमेजिंग,</p>
<p>एथिक्स और करिकुलम मॉडर्नाइजेशन</p>
<p>फॉरेंसिक साइंस का भविष्य बदल रहे हैं।</p>
<p>श्री योगेश कुमार: मृत्यु के बाद शरीर में क्या होता है?</p>
<p>योगेश कुमार ने फॉरेंसिक टैफोनॉमी पर रोचक जानकारी दी—</p>
<p>मृत्यु के बाद शरीर पर पौधों, मिट्टी, मौसम और जीव-जंतुओं का गहरा प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>कीड़ों जैसे ब्लो फ्लाई के लार्वा का जीवन-चक्र देखकर मृत्यु का समय समझा जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि एंटोमोलॉजी फॉरेंसिक जांच का मजबूत आधार है।</p>
<p style="text-align: center"><strong><span style="color: #ff0000">“ज्ञान का सफर सीमाओं से नहीं, हौसलों से तय होता है!”</span></strong></p>
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