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	<title>आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सृष्टि की अवस्था और सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है : नवीन वेदियों का विधि विधान के साथ हुआ शिलान्यास  </title>
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		<pubDate>Fri, 29 May 2026 12:55:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है। जब तक तुम सृष्टि की अवस्था का ज्ञान नहीं करोगे तुम्हारे लिए सृष्टि समझ में ही नहीं आएगी। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है। जब तक तुम सृष्टि की अवस्था का ज्ञान नहीं करोगे तुम्हारे लिए सृष्टि समझ में ही नहीं आएगी। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है। जब तक तुम सृष्टि की अवस्था का ज्ञान नहीं करोगे तुम्हारे लिए सृष्टि समझ में ही नहीं आएगी। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। वे धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी सृष्टि को समझने का उपदेश चल रहा है, कहीं अंतिम समय तक आप जिंदगी की व्यवस्थाओं में ही ना लगे रहें। इस जिंदगी को तीन भागों में बांटकर अपने जीवन को व्यवस्थित करें। बालक, युवा तीसरे वृद्ध अवस्था इसको दो भागों में विभाजन कर प्रोढ़ भाग में तुम अपने अधीनस्थ की व्यवस्था बनाओ जवानी में तो आपने स्वयं की व्यवस्था बनाई। अब प्रोढ़ अवस्था में आपको अपने बेटा बिटिया के जीवन की सारी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना आपका प्रथम दायित्व है।</p>
<p><strong>बालपन के बाद जवानी आते ही युवा स्वयं को संभालें </strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि बालपन के बाद जवानी आते ही युवा स्वयं को संभाल होगा। तब तुम्हारी पढ़ाई-लिखाई भोजन आदि की सुविधाएं आपको परिवार से मिलती हैं। विद्यार्थी जब तक पढ़ रहा है सारी व्यवस्थाएं परिवार करेगा। शादी के बाद स्वयं की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए घर गृहस्थी को भी चलना है। ये विधि महापुराण में लिखी है। डॉ. अंबेडकर जैन दर्शन के बहुत बड़े ज्ञाता थे। उन्होंने सेवा काल का समय कानूनी रूप से निश्चित किया है। ये आगम में लिखा है। साठ साल के बाद कर्म बंध भी दुगुनी गति से होने लगेगा। जैसे नदी पर खतरे के निशान से ऊपर पानी बढ़ते ही अपने आप को सावधान किया जाता है। वैसे ही 60 वर्ष के बाद भी वही काम कर रहा है। साठ वर्ष के बाद अपने जीवन के दो भाग करते हुए अपने जीवन के साथ बच्चों की व्यवस्था करे। दस साल तक व्यवस्था करना, अगल चरण में अपने आप को व्यवस्थित करें अवस्था को देखते हुए धीरे-धीरे व्यापार धन्धा कपड़ा आदि शादी में परिवार तक जाते हुए अपने वानप्रस्थ की तैयारियां 12 वर्षाे में सब कुछ छोड़ना है। निर विकल्प निर द्रव्य हो जाएं। इस तरह की जिंदगी जीने पर सब कुछ करने पर भी उसका खाता सही रहेगा। गृहस्थ रहते हुए भी आप संयम की ओर बढ़ते चले जाना है।</p>
<p><strong>शांति नगर त्रिकाल चौबीस सुधर्मोदय तीर्थ क्षेत्र कोे पहचानेंगे</strong></p>
<p>इसके पहले धर्मसभा में जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि श्री सुधासागरजी ने त्रिकाल चौबीस जिनालय को श्री दिगंबर जैन धर्माेदय तीर्थ क्षेत्र नाम देते हुए इसको विकसित करने रूप चार वेदियों का शिलान्यास प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार के बीच किया गया। जिसका सौभाग्य प्रदीपकुमार, मनोजकुमार, संजीव कुमार कांसल परिवार, प्रदीप कटपीस, महेंद्र कुमार रोमिल, डॉ. कमलेश उमेश कांसल अर्चित कांसल संजीवकुमार, मनोजकुमार साहिल ,यश महावीर स्वीट्स, नेमीचंद आनंदकुमार, नरेंद्रकुमार, नवीन, राजीव, मनोज, मनीष, आशीष, अभिषेक, अनुराग ठेकेदार परिवार सहित अन्य प्रमुख जनों को मिला। इस दौरान अन्य शिलाएं भी स्थापित की गई। सभी का सम्मान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित अन्य प्रमुख जनों ने किया।</p>
<p><strong>सुधा सागर संत निवास का हुआ शिलान्यास</strong></p>
<p>शुक्रवार अशोक नगर जैन समाज के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। आज धर्मोंदय तीर्थ क्षेत्र पर नवीन मुनि श्रीसुधासागरजी संत निवास का शिलान्यास प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार के बीच हुआ। संत सुधा सागर संत शाला शिलान्यास जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, महामंत्री राकेश अमरोद, संजीव महावीर स्वीट्स, रमेशचंद्र प्रकाशचंद्र जामनेर, धर्मेंद रोकड़िया, केवलचंद भैसरवासए अजित वरोदियाए अशोक टिंग मिल, नेमीचंद्र ठेकेदार, आनंद ठेकेदार, नवीन ठेकेदार परिवार ने सामुहिक रूप से किया। इस दौरान भक्तों की जयकार के बीच शिलान्यास की विधि की गई।</p>
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		<title>पत्रकार समाज का दर्पण है मीडिया का है बड़ा दायित्व : मुनिश्री सुधासागरजी के सानिध्य में जैन समाज ने किया पत्रकारों का सम्मान  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 12:51:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पत्रकार समाज का दर्पण है, सबसे के प्रति मीडिया का बहुत बड़ा दायित्व है। जहां तक पत्रकार की बात है। सन 1988 से अशोक नगर का मीडिया सबसे आगे रहा। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। अशोक नगर से पढ़िए, राजीव सिंघई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पत्रकार समाज का दर्पण है, सबसे के प्रति मीडिया का बहुत बड़ा दायित्व है। जहां तक पत्रकार की बात है। सन 1988 से अशोक नगर का मीडिया सबसे आगे रहा। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोक नगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> पत्रकार समाज का दर्पण है, सबसे के प्रति मीडिया का बहुत बड़ा दायित्व है। जहां तक पत्रकार की बात है। सन 1988 से अशोक नगर का मीडिया सबसे आगे रहा। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अभी पत्रकार की ओर से प्रश्न आया तो जब दोनों पक्ष आकार समर्पित हो जाए तो मैं समय दे सकता हूं। गुरु कानून नहीं है, गुरु श्रद्धा में होते हैं। पचास प्रतिशत केस सिर्फ परेशान करने की नियत से होते हैं। नीम ना मीठे होय ताहे खाओ घी गुड़ से चिंता मत करना कर्म सजा देता है। समय भले लग जाए। आपका विचार बहुत अच्छा क्षमा वाणी पर वास्तविक रूप जब सही होगा। जब आप इसको घरों में अपनाते हुए इसको जीवन में लाएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकार भले तीखी खबरों को प्राथमिकता दें लेकिन, हानि और लाभ देखा जाता है आपकी एक खबर छप गई, जिससे समाज में आक्रोश आ जाए। अशांति फैल जाए, ऐसी खबर को संभाल कर प्रकाशन में भेजना चाहिए।</p>
<p><strong>पत्रकारिता का उद्देश्य खबरों में दिखना चाहिए</strong></p>
<p>मुनिश्री कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज के चौथे स्तंभ के रूप में है तो वह खबरों में भी दिखना चाहिए। पत्रकार समाज का एक दर्पण है। सुबह उठकर हर व्यक्ति पेपर पड़ता है। हमारे शास्त्रों को कम आपके अखबारों को सुबह से जनता पढ़ने लग जाती है। इसका महत्व भी पत्रकारों समझना चाहिए। आपका भी बहुत बड़ा दायित्व है। हर खबर पर पत्रकारों की पैनी नजर होना ही चाहिए। आज सोशल मीडिया में भ्रामक खबरें ज्यादा चल रही है। बाटसेव पर कोई भी कुछ भी लिख रहा है। उसके प्रति उत्तरदाई कोई नहीं है, निकालने वाले मज़े ले रहे हैं। कल जब यही स्थिति उनके ऊपर आएगी तो सहन नहीं कर पाएंगे। सबसे पहले पढ़ने वालों को भी संयम रखना चाहिए और संयम से उसका उत्तर देना चाहिए।</p>
<p><strong>मीडिया जगत को जैन समाज ने किया सम्मानित</strong></p>
<p>मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित पंचायत कमेटी ने अशोक नगर पत्रकारों को मंच से स्मृति चिन्ह पीत वस्त्र श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान पत्रकार अरविंद कचनार पत्रिका, सचिन शर्मा, शंटू भइया नईदुनिया, मनोज जैन हरिभूमि, राजकुमार शर्मा दैनिक भास्कर, गुरविंदर सिंह, राजकुमार, संतोष सोनी, राजकुमार नामदेव, राजेंद्र रजक, अखलेश, जागरण नीरज इंटिरियर, सौरव सिन्नी, संतोष डिक्स मनोज कलाकार, पवन पत्रकार, दिनेश कुमार, हेमंत टडैया सहित अन्य प्रमुख जन विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान मंत्री शैलेंद्र श्रागर ने कहा कि हमारे सभी पत्रकार साथियों ने बहुत ही सुंदर खबरों का प्रकाशन किया। आप बहुत आभार। आप हमेशा सहयोग करते हैं और अच्छी बातों को जन जन तक पहुंचाते हैं।</p>
<p><strong>29 मई को होगा नवीन वेदी का शिलान्यास के साथ मुहूर्त</strong></p>
<p>इसके पहले जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि श्री सुधासागरजी की अशोक नगर यात्रा की निशानी हमें मिलने जा रही है। इस बार श्री शांति सागर त्रिकाल चौबीस के तीसरे खंड पर वेदी शिलान्यास के साथ मुहूर्त अषि मसि कृषि का संदेश देने वाले भगवान श्री आदिनाथ स्वामी की भव्य पद्मासन प्रतिमा विराजमान होगी। जिसका सौभाग्य नेमीचंद, आनंद कुमार, नवीन कुमार ठेकेदार परिवार को मिलने जा रहा। इनका सम्मान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित अन्य प्रमुख जनों ने स्मृति चिन्ह भेंटकर किया।</p>
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