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	<title>आदिनाथ स्वामी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>आदिनाथ स्वामी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>निर्वाण कल्याणक महोत्सव पर 48 दीपकों से भक्तामर महाअर्चना : सभी जिनालयों में हुए भक्तिपूर्वक धार्मिक, उमड़े श्रद्धालु  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:10:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जिनालयों में भक्तिपूर्वक विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जिनालयों में भक्तिपूर्वक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जिनालयों में भक्तिपूर्वक विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना</strong>। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जिनालयों में भक्तिपूर्वक विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। भगवान ऋषभदेव आदिनाथ स्वामी के निर्वाण कल्याणक के पावन अवसर नगर के सभी जिनालयों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह सभी जिनेंद्र भक्तों द्वारा आदिनाथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से निर्वाण कांड का वाचन करते हुए मोक्ष लक्ष्मी की कामना के साथ निर्वाण लड्डू समर्पित किया।</p>
<p><strong> नसिया जिनालय में स्याद्वाद युवा क्लब ने की भक्ति</strong></p>
<p>भगवान आदिनाथ स्वामी के निर्वाण कल्याणक के पावन अवसर पर स्याद्वाद युवा क्लब मुरैना सेगमेंट द्वारा श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर में शाम को 6.30 बजे से 48 दीपकों के साथ भक्तामर पाठ की महाअर्चना की गई। भजन गायक मनीष जैन एंड पार्टी की संगीत लहरी के साथ भक्तामर महाअर्चना में भक्तामर स्त्रोत के एक-एक श्लोक का सामूहिक पाठ किया गया। प्रत्येक श्लोक के वाचन के बाद मंत्रोचार के साथ श्रावक-श्रेष्ठियों ने प्रज्वलित दीप स्थापित किए। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में स्याद्वाद युवा क्लब मुरैना सेगमेंट के सभी सदस्यों के साथ सकल जैन समाज मुरैना ने भाग लिया। स्याद्वाद युवा क्लब मुरैना सेगमेंट के सभी सदस्यों ने संगीत की स्वर लहरी के साथ भक्ति नृत्य किए।</p>
<p><strong>बड़े जैन मंदिर में विलोकसागर बालिका मंडल ने लिया लाभ </strong></p>
<p>श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा जैन मंदिर में आदिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सुबह अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन के बाद निर्वाण लड्डू समर्पित किया गया। विलोकसागर बालिका मंडल की सदस्याओं ने शाम को सभी भक्तों की उपस्थिति में श्री 1008 भक्तामर महाअर्चना की। इसमें सकल जैन समाज के लोग शामिल हुए। भक्तामर महाअर्चना में सामूहिक रूप से 48 श्लोकों का वाचन करते हुए 48 दीप प्रज्वलित किए गए। विलोकसागर बालिका मंडल की बालिकाओं एवं समाज के श्रावक श्रेष्ठियों ने भक्तिमय जैन भजनों पर नृत्य किए। सभी लोग श्री जिनेंद्र प्रभु की भक्ति करते हुए अपने आप को आनंदित महसूस कर रहे थे।</p>
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		<title>महिला मंडल एवं जैन मिलन ने वितरित किया इक्षु रस : स्वयंसेवी संस्थाओं ने किए कई कार्यक्रम  </title>
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		<pubDate>Thu, 01 May 2025 10:55:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर जैन समाज की स्वयं सेवी संस्थाओं ने गन्ने का रस वितरित किया। बड़ा जैन मंदिर, पल्लीवाल जैन मंदिर, रुई की मंडी एवं आदिनाथ चैत्यालय गंज में कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने गन्ने का रस लोगों को पिलाया। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। अक्षय तृतीया के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर जैन समाज की स्वयं सेवी संस्थाओं ने गन्ने का रस वितरित किया। बड़ा जैन मंदिर, पल्लीवाल जैन मंदिर, रुई की मंडी एवं आदिनाथ चैत्यालय गंज में कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने गन्ने का रस लोगों को पिलाया। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर जैन समाज की स्वयं सेवी संस्थाओं ने गन्ने का रस वितरित कर परंपरा का निर्वहन किया। जैन दर्शन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व बताया गया है। अक्षय तृतीया पर आदिनाथ स्वामी का प्रथम पारणा हुआ था। प्रथम पारणा में आदिनाथ को इक्षु रस दिया गया था। तभी से जैन धर्मावलंबी इस पर्व को मनाते आ रहे हैं। इस अवसर पर बड़ा जैन मंदिर, पल्लीवाल जैन मंदिर, रुई की मंडी एवं आदिनाथ चैत्यालय गंज में जैन समाज की स्वयंसेवी संस्थाओं ने विभिन्न कार्यक्रम किए। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में जैन मिलन महिला राजुल ने गन्ने के रस का स्टॉल लगाकर सभी को इक्षु रस पिलाया। जैन मिलन राजुल की सभी सदस्याएं सभी लोगों को गन्ने के रस के गिलास वितरित कर रही थीं। कार्यक्रम में जैन मिलन बालिका का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर अध्यक्ष वीरांगना आशिमा जैन, सचिव वीरांगना बबीता जैन, कोषाध्यक्ष वीरांगना नीलिमा जैन, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष वीरांगना शिल्पी जैन, क्षेत्रीय उप मंत्री अतिवीर संजय जैन, जैन मिलन मुरैना के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन बाबा, वीरांगना रेनू जैन, क्षेत्रीय संयोजिका लीना जैन, सीमा जैन, सरिता जैन, प्रियंका जैन, रेनू जैन, पिंकी जैन, शोभना जैन, बबीता जैन, सोमी जैन आदि सदस्य मौजूद रहीं।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-80153" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1835" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-scaled.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-300x215.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-1024x734.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-768x550.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-1536x1101.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-2048x1468.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-990x709.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0014-1320x946.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" />पार्श्वनाथ महिला मंडल ने पिलाया गन्ने का रस</strong></p>
<p>श्री पार्श्वनाथ महिला मंडल ने आलोक प्रेस रुई की मंडी में गन्ने के रस का स्टॉल लगाकर सभी लोगों को इक्षु रस पिलाया। महिला मंडल की अध्यक्षा रेनू प्रदीप जैन, मंत्री सरिता अभिषेक जैन, बीना जैन, शारदा जैन, कल्पना जैन, प्रीति जैन, डोली जैन, रिंकी जैन आत्मीयता के साथ सभी लोगों को गन्ने का रस वितरित कर पीने हेतु निवेदन कर रहीं थी।</p>
<p><strong>पल्लीवाल जैन मंदिर में जैन मिलन ने किया विशेष कार्यक्रम</strong></p>
<p>अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जैन मिलन महिला मुरैना ने दिव्य एवं सेवामय कार्यक्रम किया। प्रातःकालीन बेला में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। तत्पश्चात लोगों को गन्ने के रस का वितरण किया गया। गर्मी के मौसम में यह सेवा कार्य सभी के लिए अत्यंत सराहनीय एवं लाभकारी सिद्ध हुआ। इस आयोजन में सह-कोषाध्यक्ष सरिता जैन, चेयरमैन बबीता जैन, अध्यक्ष सपना जैन, मंत्री कल्पना जैन, कोषाध्यक्ष शीतल जैन, सीमा जैन, श्वेता जैन, बबीता जैन, शालु जैन, प्रीति जैन, ऊषा जैन, वर्धमान जैन, मिलन अध्यक्ष सुप्रिया जैन, निधि जैन, बबीता जैन, आरती जैन, सीमा जैन ने सक्रिय भूमिका निभाई। अध्यक्ष वीरांगना सपना जैन, मंत्री वीरांगना कल्पना जैन, कोषाध्यक्ष वीरांगना शीतल जैन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-80155" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011.jpg" alt="" width="1200" height="1158" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011.jpg 1200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011-300x290.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011-1024x988.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011-768x741.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011-990x955.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250501-WA0011-434x420.jpg 434w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />आदिनाथ चैत्यालय में हुआ आयोजन</strong></p>
<p>आदिनाथ स्वामी के प्रथम पारणा दिवस के रूप में मनाया जाने वाला पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर श्री आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय में आशीष जैन गढ़ी वाले के नेतृत्व में सभी समाजजनों द्वारा बुजुर्ग एवं बच्चों को गन्ने का रस पिलाया गया। जिसकी सभी ने प्रशंसा की।</p>
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		<title>बीजारोपण आज फलीभूत हुआ हैः नंदनवन आध्यात्मिक विकास का स्थल उपक्रम है-आचार्यश्री वर्धमान सागरजी </title>
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		<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 09:07:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का संघ सहित धरियावद नगर से विश्व के सबसे छोटे शिखर वाले दिगंबर जैन श्री चंद्रप्रभु जिनालय, नंदनवन में प्रवेश हुआ। समंतभद्र विद्या विहार के विद्यार्थियों ने आचार्यश्री की परिक्रमा लगाकर भव्य मंगल अगवानी की। पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230; धरियावद। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागरजी महाराज की परंपरा के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का संघ सहित धरियावद नगर से विश्व के सबसे छोटे शिखर वाले दिगंबर जैन श्री चंद्रप्रभु जिनालय, नंदनवन में प्रवेश हुआ। समंतभद्र विद्या विहार के विद्यार्थियों ने आचार्यश्री की परिक्रमा लगाकर भव्य मंगल अगवानी की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> प्रथमाचार्य श्री शांतिसागरजी महाराज की परंपरा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागरजी महाराज का संघ सहित धरियावद नगर से विश्व के सबसे छोटे 37 शिखर वाले दिगंबर जैन श्री चंद्रप्रभु जिनालय नंदनवन में प्रवेश हुआ। समंतभद्र विद्या विहार के विद्यार्थियों ने गार्ड ऑफ ऑनर के रूप में आचार्यश्री की परिक्रमा लगाकर भव्य मंगल अगवानी की। इस अवसर पर समंतभद्र विद्या विहार के विद्यार्थी सहित हज़ारों समाजजन एवं पंडित हंसमुख शास्त्री ने परिवार सहित आचार्यश्री के चरण प्रक्षालन आरती की।</p>
<p><strong>यह अनादि निधन धर्म है </strong></p>
<p>इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री वर्धमान सागरजी ने देशना में बताया कि जैन धर्म तीर्थंकरों द्वारा दी गई देशना के आधार पर प्रतिपादित धर्म है। यह अनादि निधन धर्म है। श्री विशुद्धमति माताजी ने संलेखना की साधना के लिए इस क्षेत्र का चयन किया था। पंडितजी ने उनके संकेत अनुसार संयम साधना के लिए इस क्षेत्र का निर्माण करवाया।</p>
<p><strong>बीजारोपण आज फलीभूत हुआ है </strong></p>
<p>वर्षों पूर्व हमने सरसों के दाने डाले थे जो आज फलीभूत होकर उच्च स्तरीय विकास हुआ है। यह हंसमुखजी की चिंतन शक्ति, कुशलता, और कार्य क्षमता का सूचक है। आज वर्षों बाद नंदनवन क्षेत्र प्रवेश पर आनंद की अनुभूति हुई। जो बीजारोपण हमने किया था वह आज फलीभूत हुआ है। नंदनवन देव शास्त्र गुरुओं का स्थल है समाज को आध्यात्मिक लाभ और स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रतिदिन आना चाहिए। आचार्यश्री ने आगे बताया कि आर्यिका विशुद्धमतिजी की समाधि के पूर्व 22 वर्षों पहले इसी स्थल पर हमने कहा था कि माताजी की समाधि के लिए आचार्यश्री शांति सागरजी की परंपरा की 5 पीढ़ी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति, श्री विशुद्धमति, हम, आर्यिका शुभमति, श्री पुण्य सागरजी और हमारे शिष्य उपस्थित हैं।</p>
<p><strong>जिनालयों के दर्शनकर नसियाजी में प्रवेश हुआ </strong></p>
<p>शहर के मध्य में आचार्यश्री शांति सागरजी के शिष्य आचार्य कुंथूसागरजी ने भी संयम समाधि, नसियाजी क्षेत्र में की थी। इनका नंदनवन हिमवन जैसा विकास नहीं हुआ है। समाज को इसमें रुचि लेना चाहिए। इसके पूर्व आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनिश्री पुण्य सागरजी सहित सभी साधुओं का धरियावद के सभी जिनालयों के दर्शनकर नसियाजी में प्रवेश हुआ। भगवान श्री आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, संघ सानिध्य में संपन्न हुई। उसके पश्चात संघ का विहार नंदनवन के लिए हुआ।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं के नेत्र अश्रुपूर्ण रहे </strong></p>
<p>संघ से विहार कारण श्रद्धालुओं के नेत्र अश्रुपूर्ण रहे। समाज ने निवास समक्ष आचार्यश्री के चरण प्रक्षालन कर आरती की। नंदनवन में पंडितश्री हंसमुखजी शास्त्री ने अगले कार्यक्रमों की जानकारी देकर बताया कि 27 की शाम को हिमवन में भजन संध्या और संघ का रात्रि विश्राम होगा। आचार्यश्री के आशीर्वाद से नंदनवन तो बन गया है किंतु और तीन वन धरियावद के आसपास बनने है। पांडुक वन, भद्रसाल वन आदि का निर्माण आचार्यश्री के आशीर्वाद बगैर नहीं होगा उसके लिए उन्हें कुछ वर्ष धरियावद ही रुकना होगा। आचार्य संघ का मंगल विहार प्रतापगढ़ मंदसौर की ओर चल रहा हैं।</p>
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		<title>82 वर्षीय मुनिश्री पूर्ण सागरजी का समाधि मरण हुआः 24 मार्च को विमान यात्रा डोला निकालकर आचार्य मुनि संघ सानिध्य में अग्नि संस्कार हुए </title>
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		<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 12:47:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री अजीत सागरजी के शिष्य मुनिश्री पुण्य सागर से दीक्षित शिष्य 82 वर्षीय मुनिश्री पूर्ण सागरजी का दिनांक धरियावद, राजस्थान में समस्त संघ सानिध्य में समाधि मरण हो गया। पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230; धरियावद। दिन रात मेरे स्वामी, में भावना यह भावु। देहांत के समय मे तुमको न भूल जावू। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री अजीत सागरजी के शिष्य मुनिश्री पुण्य सागर से दीक्षित शिष्य 82 वर्षीय मुनिश्री पूर्ण सागरजी का दिनांक धरियावद, राजस्थान में समस्त संघ सानिध्य में समाधि मरण हो गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> दिन रात मेरे स्वामी, में भावना यह भावु। देहांत के समय मे तुमको न भूल जावू। मरण समय गुरु पाद मूल हो व्रत संयम पालू, पंडित पंडित मरण हो ऐसा अवसर दो। इन सार गर्भित भावनाओ को बिरले ही भव्य जीव अपने जीवन मे चरितार्थ करते है। आचार्यश्री अजीत सागरजी के शिष्य मुनिश्री पुण्य सागरजी से दीक्षित शिष्य 82 वर्षीय मुनिश्री पूर्ण सागरजी का दिनांक 24 मार्च 2025 को पूर्वाह्न 9.40 बजे धरियावद, राजस्थान में समस्त संघ सानिध्य में समाधि मरण हो गया।</p>
<p><strong>डोला विमान यात्रा हजारों की उपस्थिति में निकाला गया</strong></p>
<p>ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी, विकास भैया, लक्की रमावत ने बताया कि दोपहर 12.10 बजे समाधिस्थ 82 वर्षीय मुनिश्री पूर्ण सागरजी का डोला विमान यात्रा आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनिश्री पुण्य सागरजी संघ सानिध्य और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकाला गया। मुनिश्री के डोले के आगे कमंडल लेकर भूमि शुद्धि का, मुनिश्री के डोले को कंधे लगाने का सौभाग्य महावीर, राजेंद्र मेहता थांदला एवं परिजनों को प्राप्त हुआ। नियत समाधि स्थल परिसर में पंडित हंसमुखजी के निर्देशन में मंत्रोचार से स्थल शुद्धि की गई। समाधिस्थ मुनिश्री की पूजन शांतिधारा और पंचामृत अभिषेक गृहस्थ अवस्था के परिजन पुत्र महावीर, राजेंद्र थांदला एवं परिवार द्वारा किया गया। परम पूज्य मुनिश्री की समाधि के कारण संघ के सभी साधुओं ने आज उपवास किया। अग्नि संस्कार के पश्चात उपस्थित आचार्य संघ, आर्यिका माताजी एवं समस्त समाज ने परिक्रमा देकर अपनी विनयाजंलि प्रस्तुत की।</p>
<p><strong>मुनिश्री पूर्ण सागरजी का सामान्य परिचय  </strong></p>
<p>थांदला मध्यप्रदेश के श्री रतनलाल मेहता 81 वर्षीय ने मुनिश्री पुण्य सागरजी संघ समक्ष दीक्षा हेतु श्रीफल अर्पित किया। आपकी क्षुल्लक दीक्षा चतुर्थ पट्टाधीश आचार्यश्री अजीत सागरजी के शिष्य परम पूज्य मुनिश्री पुण्य सागरजी के करकमलों से सिद्धक्षेत्र सोनागिर में 9/07/2023 को हुई। आपका नूतन नामकरणजी क्षुल्लक श्री पूर्ण सागर हुआ। आपने जन्म नगरी थांदला मध्यप्रदेश में गृहस्थ अवस्था के भतीजे मुनिश्री पुण्य सागरजी से 6/5/2024 को मुनि दीक्षा ग्रहण की। गृहस्थ अवस्था की पत्नी ने भी आर्यिका दीक्षा लेकर श्री पूर्णिमामति बनी। उनकी भी समाधि पूर्व में ही हो गई। कुछ दिन पूर्व आपके केश लोचन भी आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनिश्री पुण्य सागरजी एवं अन्य साधुओं ने किए।</p>
<p><strong>52 साधुओं के संघसानिध्य में णमोकार मंत्र सुनते हुए हुआ </strong></p>
<p>22 मार्च 2025 को आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनिश्री पुण्य सागरजी एवं संघ के सभी साधुओं से क्षमा याचना कर क्षमा भाव धारण कर चारो प्रकार के अन्न जल आदि का आजीवन त्यागकर यम संल्लेखना धारण कर सभी प्रकार के आहार का त्याग किया। आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनि श्रीपुण्य सागरजी सहित संघ के साधु संबोधन करते रहे। यम संलेखना धारी मुनिश्री पूर्ण सागरजी का शांत परिणामो से निराकुलता सहित दिनांक 24 मार्च 2025 को पूर्वान्ह 9.50 बजे उत्कृष्ट समाधि मरण आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, दीक्षा गुरु मुनिश्री पुण्य सागरजी सहित 52 साधुओं के संघ सानिध्य में आचार्यश्री के श्रीमुख से अरिहंत सिद्ध णमोकार मंत्र सुनते हुए हुआ। क्षपक मुनि पूर्ण सागरजी की विमान डोलयात्रा चन्द्र प्रभु संतभवन, परिसर से रवाना होकर समाधि स्थल पहुंची।</p>
<p><strong>धार्मिक विधि विधानपूर्वक अंतिम संस्कार हुए</strong></p>
<p>राजस्थान प्रांत के अनेक नगरों पारसोला, बांसवाड़ा, थांदला रीछा ,धरियावद, नरवाली, मुंगाडा, गामड़ी, दाहोद के हजारों गुरुभक्तों ने भाग लिया समाधिस्थल पर पूर्ण विधि विधान से विमान यात्रा पूर्व नियत स्थल पर ले गए जहाँ पर पूर्ण विधि विधान से समाधिस्थ मुनिश्री के धार्मिक संस्कार कर पूजन पंचामृत अभिषेक किए गए। अग्नि संस्कार पूर्व गृहस्थ अवस्था के पुत्र महावीर, राजेंद्र मेहता एवं परिजनों द्वारा किये गए।</p>
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		<title>23 मार्च को 1008 श्रीआदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणकः आदिनाथ जैन नसिया में आचार्य संघ सानिध्य में विभिन्न कार्यक्रम होंगे </title>
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		<pubDate>Sun, 23 Mar 2025 04:09:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज एवम् वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम होंगे। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया जायेगा। पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230; धरियावाद। जैन धर्म के प्रथम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज एवम् वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम होंगे। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया जायेगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए धरियावद से राजेश पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावाद।</strong> जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया जायेगा। नगर के मध्य कुथुसागर, दिगंबर जैन नसिया मंदिर में भगवान आदिनाथ का जल, अनेक फलों के रस से, नारियल, सूखे मेवे में काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट आदि शर्करा, घी, दूध, दही, सर्वाेषघी, चार कलश, अनेक लाल सफेद चंदन, विभिन्न पुष्प, मंगल आरती, दूध से शांतिधारा सहित अनेक द्रव्यों से पंचामृत अभिषेक, सुगंधित जल, शांतिधारा की जायेगी।</p>
<p><strong>इस वर्ष विशेष आयोजन होगा</strong></p>
<p>समाज के महावीर वरखावत, महावीर डागरिया, लक्की रामावत शुभम् दोषी ने बताया कि वर्तमान में नगर में जैन जगत के सर्वाेच्च महान आचार्य वात्सल्य वारिधी आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज एवं वात्सल्य मूर्ति मुनिश्री पुण्यसागरजी महाराज ससंघ (52 पीछी) विशाल संघ सहित विराजमान है। जिनके सानिध्य में भगवान का भव्य पंचामृत अभिषेक आयोजित होगा।</p>
<p><strong>भगवान की शांतिधारा व विशेष पूजन</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अनुसार आचार्य संघ सहित प्रातःकाल चन्द्रप्रभु मंदिर से नसिया मंदिर पधारेगे जहाँ मंगल अभिषेक आयोजित होगा। आचार्यश्री के मुखारविंद से भगवान की शांतिधारा की जायेगी। जिसके बाद भगवान की विशेष पूजन आयोजित होंगे। कार्यक्रम को लेकर समाजजन द्वारा विभिन्न तैयारियां की जा रही है। नगर के सभी जिनालयों में श्री आदिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, पूजन तथा रात्रि में श्री जी की आरती, पालना झुलाना और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति पूर्वक होंगे।</p>
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