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	<title>आदिनाथ धाम &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>आदिनाथ धाम &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नववर्ष पर 1008 दीपों से जगमगाया आदिनाथ धाम : गोलाकोट तीर्थ पहुंचकर मुनिश्री सुधासागरजी का हजारों भक्तों ने लिया आशीर्वाद </title>
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		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 05:38:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नववर्ष के आगमन आदिनाथ धाम सुभाष गंज मैदान में 1008 दीपों से जगमगाए आदिनाथ धाम में भगवान की महाआरती के साथ श्री भक्तामर महा मंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ किया गया। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। नववर्ष के आगमन आदिनाथ धाम सुभाष गंज मैदान में 1008 दीपों से जगमगाए आदिनाथ धाम में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नववर्ष के आगमन आदिनाथ धाम सुभाष गंज मैदान में 1008 दीपों से जगमगाए आदिनाथ धाम में भगवान की महाआरती के साथ श्री भक्तामर महा मंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ किया गया। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> नववर्ष के आगमन आदिनाथ धाम सुभाष गंज मैदान में 1008 दीपों से जगमगाए आदिनाथ धाम में भगवान की महाआरती के साथ श्री भक्तामर महा मंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ किया गया। श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान की महाआराधना कर अपने आने वाले कल और जगत की सुख शांति समृद्धि के लिए नववर्ष पर भगवान की 1008 दीपों से महाआरती की।अशोक नगर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि प्रातः काल की बेला में भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का महा मस्तिष्काभिषेक और कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। साथ ही अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूवोनजी में दर्शनोदय तीर्थ के खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का महा मस्तिष्काभिषेक एवं शांतिधारा की गई।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने आशीर्वाद प्राप्त किया</strong></p>
<p>जिले की सीमा पर स्थित अतिशय क्षेत्र तीर्थोदय तीर्थ गोला कोट में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने अंचल से हजारों भक्तों का समूह पहुंचा। इस दौरान अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास, शालू, भारत नीरज बड़कु, सौरव बांझल, सुनील मामा, विवेक अमरोद, नीरज इंटीरियर, रिक्कू मिर्ची, मनीष महू, राहुल सिंघई सहितअन्य सैकड़ों भक्तों ने मुनि श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया</p>
<p><strong>जब मेरे दुःख के दिन आए तो तेरे चरण मेरे पास हो</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि आप लोगों ने आज के दिन को नया वर्ष मान लिया तो आज एक आशीर्वाद देते हैं। आपको कभी मांगना ना पड़े। भेंट को कोई इंकार नहीं कर सकता। भेंट इतनी मिल जाए कि आपकी हर ख़ुशी पूरी हो जाए। हर व्यक्ति की ख्वाहिश रहती है कि वह जीवन में आगे बढ़े और अपने जीवन का विकास करता रहे। करना भी चाहिए इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है। इसके लिए सही दिशा में काम होना चाहिए जव जव भी मेरे दुःख के दिन आए तो प्रभु तेरे चरण मेरे पास होने चाहिए बस इतना ही करना मुझे तेरे चरण मिलते रहे।</p>
<p><strong>सिद्ध किसे कहें जोआत्मा की शक्ति को जागृत करे</strong></p>
<p>इस दौरान धर्मसभा में मुनि श्री ने कहा कि परम पवित्र सकल मंगल रूप चैतन्यमयी आत्मा का लक्ष्य अपने स्वरूप की प्राप्ति है। सारी सृष्टि हमारे लिए है। सिद्ध किसे कहें जो हमारे आत्मा की शक्ति को जागृत करे। हमारे अंदर स्वतः अतिशय को प्रकट करे। बिना निमित्त के स्वत: अतिशय को प्रकट करे। अनाधिकाल से हम निमित्त की ऐसी कठपुतली बन गए कि हमारे लिए विना निमित्त के कुछ हो ही नहीं रहा। वर्तमान में बहुत सारे लोग अच्छा करते हैं। अच्छा बौलते है। अच्छा सोचते हो तो अच्छा क्यों नहीं हो रहा। मन में अच्छी बात आ रही है फिर भी बुरा हो रहा है। तुम अपने मन से भटके हो।</p>
<p><strong>तुम्हारा सगा वही है जो सदा भला सोचे</strong></p>
<p>आपके मन में ऐसी ऐसी बातें आती है कि मन घबरा जाता है। दिन में तो जैसे-तैसे निकल लेते हैं। रात में सपने में बोल पड़ते हैं। आंख तो हमारे है वो ही नहीं देख रही जो‌ हम मुंह से बोलना चाहता है। वह नहीं बोल पा रहे। तुम्हारा सगा वही है जो तुम्हारे लिए सदा भला सोचता है। तुम्हारे अहित में कभी नहीं सोचेगा तुम कितनी भी गलती कर दो। फिर भी तुम्हारे लिए हितकारी हो हम कैसे भी हो फिर भी वह व्यक्ति मेरा अहित नहीं कर सकता तो भी वह हमारे संबंध में अच्छा ही सोचेगा हित ही चाहेगा।</p>
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		<title>पंचकल्याणक : ऐसा कोई पर्याय नहीं जिसे केवलज्ञान से संपन्न व्यक्ति नहीं जानता &#8211; मुनि श्री सुधासागर जी महाराज </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 15:21:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम एवं भक्ति भाव के साथ शहर के ढोगा प्रांगण में चल रहा है। समारोह में प्रतिदिन शाम को 6:00 बजे से जिज्ञासा समाधान का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम एवं भक्ति भाव के साथ शहर के ढोगा प्रांगण में चल रहा है। समारोह में प्रतिदिन शाम को 6:00 बजे से जिज्ञासा समाधान का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम एवं भक्ति भाव के साथ शहर के ढोगा प्रांगण में चल रहा है। बुंदेलखंड सहित देशभर से प्रतिदिन 25 से 30,000 हजारों श्रद्धालु महामहोत्सव में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। यह महोत्सव निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्री गंभीर सागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहा है। महोत्सव के प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी प्रदीप भैया जी अशोकनगर हैं। समारोह में प्रतिदिन शाम को 6:00 बजे से जिज्ञासा समाधान का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका संचालन अमित भैया, जबलपुर के द्वारा किया जा रहा है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38584" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0010-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>हुए नियमित कार्यक्रम</strong></p>
<p>मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि बुधवार को प्रातः 6:00 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक शांति धारा संपन्न हुई। इसके बाद 8:00 नित्यम पूजन एवं तप कल्याणक की पूजा संपन्न हुई। वहीं 8:30 निर्यातक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज मंच पर विराजमान हुए। उनके पाद प्रक्षालन, चित्र अनावरण एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य किरण जैन, सुभाष धमासिया, संजय धमासिया को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>भगवान के लिए भेंट जरूर ले जाएं</strong></p>
<p>मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि आज हम केवलज्ञान कल्याणक मनाने जा रहे हैं। आज पंचकल्याणक महोत्सव का चौथा दिन है। जब भी हम भगवान के दरबार में जाते हैं, कुछ ना कुछ लेकर के जाना चाहिए। अगर हम खाली हाथ जाएंगे तो खाली हाथ वापस आना पड़ेगा। अगर भगवान के दरबार में हम कुछ भेंट लेकर जाएंगे तो वापिस कुछ ना कुछ हमें जरूर प्राप्त होगा। मुनि श्री ने कहा कि जब सुदामा द्वारिकाधीश के दरबार में जाते हैं, वह अपने साथ कपड़े की पोटली में मुट्ठी भर चावल लेकर जाते हैं। जब सुदामा श्री कृष्ण के पास पहुंचते हैं तो अपनी भेंट श्रीकृष्ण को देते हुए कहते हैं ऐ मित्र तुम्हारी भाभी ने तुम्हारे लिए कुछ भेजा है। श्रीकृष्ण उस कपड़े की पोटली को खोल कर देखते हैं। बड़े ही प्रसन्न मन से सुदामा द्वारा लाए हुए चावलों को ऐसे ही खा जाते हैं, जैसे बहुत दिनों से कुछ खाया ना हो। जब भी तुम लोग किसी बड़े के यहां जाओ तो कुछ ना कुछ भेंट लेकर जरूर जाना। सुदामा ने किसान के खेत के बीज रूपी चावल श्रीकृष्ण को भेंट किए थे। श्रीकृष्ण ने उस बीज के बदले पूरी फसल सुदामा को भेंट की। श्रीकृष्ण ने पहले उन चावलों को खाया, फिर उनको फसल के रूप में वापस लौटा दिया। श्रीकृष्ण ने ऐसा इसलिए किया कि सुदामा को कुछ ऐसा अनुभव ना हो कि इन्होंने हमें कुछ वैसे ही दे दिया। मुनिराज आदिकुमार को आहार दान देने का सौभाग्य राजा सोम एवं राजा श्रेयांश को प्राप्त हुआ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38585" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230222-WA0011-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>चार कर्मों का क्षय होने से केवलज्ञान का उदय</strong></p>
<p>इसके बाद मुनि श्री दोपहर 3:00 बजे में समवशरण में विराजमान हुए। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन के अनुसार केवल विशुद्धतम ज्ञान को कहते हैं। इस ज्ञान के चार प्रतिबंधक कर्म होते हैं- मोहनीय, ज्ञानावरण, दर्शनवरण तथा अंतराय। इन चारों कर्मों का क्षय होने से केवलज्ञान का उदय होता हैं। इन कर्मों में सर्वप्रथम मोहकर का, तदनन्तर इतर तीनों कर्मों का एक साथ ही क्षय होता है। ऐसी कोई भी वस्तु नहीं, ऐसा कोई पर्याय नहीं जिसे केवलज्ञान से संपन्न व्यक्ति नहीं जानता। फलत: आत्मा की ज्ञानशक्ति का पूर्णतम विकास या आविर्भाव केवलज्ञान में लक्षित होता है। इसी के साथ केवल ज्ञान कल्याणक संपन्न हुआ।</p>
<p><strong>मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा</strong></p>
<p>कमेटी के लुइस चौधरी ,विमल जैन एवं बाबा नायक ने बताया कि गुरुवार को मोक्ष कल्याण मनाया जाएगा। प्रातः 5:30 बजे मंगलाष्टक, शांति मंत्र, श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा पूजन, कैलाश पर्वत की प्रारंभिक क्रिया संपन्न होंगी। प्रातः 7:30 पर 9:00 प्रभात की नई किरण के साथ भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से निर्वाण की प्राप्ति होगी। तत्पश्चात अग्निकुमार देवों का आगमन होगा। वहीं 9:00 बजे कल्याणक पूजन एवं विश्व शांति महायज्ञ के बाद मुनि श्री के प्रवचन होंगे। दोपहर 1:00 बजे से विशाल पंच गजरथ महोत्सव भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और 3:00 बजे मुनि श्री के मंगल प्रवचन होंगे।</p>
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		<title>महोत्सव : तपकल्याणक में हुए प्रवचन सहित विभिन्न कार्यक्रम </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 15:06:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आदिनाथ धाम के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तपकल्याणक मनाया गया। प्रातः 6:00 बजे से मंगलाष्टक रक्षा मंत्र, श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा एवं नित्यम पूजा संपन्न हुई। पढ़िए राजीव सिघई की एक रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तपकल्याणक मनाया गया। प्रातः 6:00 बजे से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आदिनाथ धाम के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तपकल्याणक मनाया गया। प्रातः 6:00 बजे से मंगलाष्टक रक्षा मंत्र, श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा एवं नित्यम पूजा संपन्न हुई। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिघई की एक रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तपकल्याणक मनाया गया। प्रातः 6:00 बजे से मंगलाष्टक रक्षा मंत्र, श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा एवं नित्यम पूजा संपन्न हुई। इसके बाद 8:30 बजे निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज मंच पर विराजमान हुए। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि स्यादवाद धर्म नहीं होता, एक दृष्टिकोण है।</p>
<p>स्यादवाद द्रव नहीं है, अनेकांत धर्म है। स्यादवाद धर्म की अभिव्यक्ति करने का साधन है। मुनि श्री ने कहा कि जो देखने में नहीं आता और होता है, वह चमत्कार है। जैसे भगवान का कोई अभिषेक नहीं कर रहा है, हम अभिषेक की अनुभूति कर रहे हैं, यही चमत्कार है। कार्यक्रम के मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि दोपहर 12:00 से तप कल्याणक का कार्यक्रम शुरू हुआ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38531" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020.jpg" alt="" width="1118" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020.jpg 1118w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020-262x300.jpg 262w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020-894x1024.jpg 894w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020-768x879.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230221-WA0020-990x1133.jpg 990w" sizes="(max-width: 1118px) 100vw, 1118px" /></p>
<p><strong>मोक्ष का मार्ग समझो</strong></p>
<p>दोपहर में मुनि श्री ने प्रवचन के दौरान कहा पहाड़ की चट्टान पर बैठकर आनंद प्राप्त होता है तो समझ लो तुम्हारा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। जब सर्दी में नदी किनारे एवं बारिश के समय पेड़ के नीचे बैठने का मन करे तो जल्दी मोक्ष मिलने वाला है। अशुभ के समय सुख की अनुभूति होती है, समझ लो मोक्ष जाना है। जहां रात न हो, वहां निकलने वाला सूरज मांगलिक नहीं होता।</p>
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		<title>पंचकल्याणक महोत्सव : गर्भकल्याणक के उत्तर रूप में दिखाई गई कई क्रियाएं, मुनि श्री के प्रवचन भी हुए </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 11:34:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Adinath Dham]]></category>
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					<description><![CDATA[नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी के पंचकल्याणक महोत्सव में रविवार को गर्भ कल्याणक का उत्तर रूप दिखाया गया। रविवार को गर्भ कल्याणक की पूजन की गई। पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तृत रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी के पंचकल्याणक महोत्सव में रविवार को गर्भ कल्याणक का उत्तर रूप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी के पंचकल्याणक महोत्सव में रविवार को गर्भ कल्याणक का उत्तर रूप दिखाया गया। रविवार को गर्भ कल्याणक की पूजन की गई। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तृत रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी के पंचकल्याणक महोत्सव में रविवार को गर्भ कल्याणक का उत्तर रूप दिखाया गया। रविवार को गर्भ कल्याणक की पूजन की गई। प्रातः 6:00 बजे से मंगलाष्टक, रक्षा मंत्र, श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा जैसे कई कार्यक्रम हुए। इसके बाद पूजा संपन्न हुई। 8:30 से निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज आदिनाथ मंदिर ढोगा से आकर मंच पर विराजमान हुए। मुनि श्री के पाद प्रक्षालन और चित्र अनावरण का सौभाग्य सुंदर लाल, अशोक जैन एवं सुरेश जैन, निर्भय जैन को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जो भी तुम्हारे पास है उसको पूर्ण समझो</strong></p>
<p>मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि व्यक्ति के पास जो होता है, उसका सुख उसे नहीं होता। जो उसके पास नहीं होता है, उसकी कमी उसे सताती है। कोई ऐसी वस्तु नहीं जिसका विरोधी पक्ष ना हो, दुनिया का कोई ऐसा शब्द नहीं हुआ जिसका विरोधी शब्द ना हुआ हो। प्रत्येक इंद्रीय अपना स्वतंत्र कार्य करती है। एक इंद्रीय दूसरी इंद्रीय का सहयोग नहीं करती। जब हमारी आंख में परेशानी होती है तो कान इंद्रीय उसका सहयोग नहीं करती। मुनि श्री ने कहा कि जब हमारे शरीर की इंद्रियां भी हमारे बस में नहीं हैं फिर हम दूसरों से सहयोग की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। ये पांचों इंद्रियां स्वतंत्र कार्य करती हैं। ऐसे ही आत्मा के गुण अपना स्वतंत्र कार्य करते हैं। जैन दर्शन कहता है कि जो भी तुम्हारे पास है, उसको पूर्ण समझो, संपूर्ण समझो। अपनी सत्ता स्वाधीन रखो। अपने गुणों को मजबूत करना है। सब कुछ होते हुए भी तुम्हें महसूस करना होगा कि हमारा कोई नहीं है। दर्शन को इतना समर्थ मान लो कि जब हम कोई पदार्थ देखना चाहे तो हमें देखने की अनुभूति होना चाहिए। सत्य को चुनौती के रूप में स्वीकार करना है। हमें सत्य से ऊपर उठना है। रात है यह सत्य है, लेकिन रात्रि में दिन की अनुभूति हो जाए, यह चमत्कार है।</p>
<p><strong>मनाया जाएगा जन्मोत्सव</strong></p>
<p>सोमवार को सुबह 7:48 बजे बालक आदिकुमार का जन्म होगा। इसके लिए संपूर्ण अयोध्या नगरी को सजाया गया है। घर-घर जन्म की खुशियों में दीपक जलाए जाएंगे। मिठाई बांटी जाएगी। एक पल तो नारकीय जीवों को भी नरक में शांति का अनुभव होता है। यह सब बालक आदिकुमार के जन्म के प्रभाव के कारण होता है। तीर्थंकर के गर्भ में आने के 6माह पहले से ही देवता उनकी भावी जन्म नगरी में दिव्य रत्नों की वर्षा 15 माह तक लगातार रोज करते हैं तीर्थंकर को जन्म देने वाली मां को 16 स्वप्न दिखाई देते हैं। तीर्थंकर के जन्म से सौधर्म इन्द्र का आसन कंपायमान होता है व अन्य चारों निकाय के देवों के महलों में भी विचित्र संकेत होते हैं व नरक के जीवों को भी कुछ क्षण की शांति मिलती है। तीर्थंकर के जन्म के बाद सौधर्म इन्द्र बालक को ऐरावत हाथी पर बिठाकर सुमेरु पर्वत पर ले जा कर अभिषेक कर असंख्य देवों के साथ तीर्थंकर का जन्म कल्याणक मनाते हैं।</p>
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		<title>पंचकल्याणक महोत्सव : मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में दिखाया गया गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 04:30:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Adinath Dham]]></category>
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					<description><![CDATA[नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव में शनिवार को प्रातः 6:30 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, नव देवता की पूजा के बाद याग मंडल विधान किया गया। पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तृत रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव शहर के ढोगा मैदान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव में शनिवार को प्रातः 6:30 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, नव देवता की पूजा के बाद याग मंडल विधान किया गया।</strong> <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िए राजीव सिंघई की विस्तृत रिपोर्ट&#8230;</strong></span></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का पंचकल्याणक महोत्सव शहर के ढोगा मैदान में शुक्रवार से प्रारंभ हो चुका है। शनिवार को प्रातः 6:30 मंगलाष्टक श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, नव देवता की पूजा के बाद याग मंडल विधान किया गया। शनिवार को पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप दिखाया गया। कार्यक्रम के मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि सुबह 8:30 बजे निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज मंच पर विराजमान हुए।</p>
<p>श्रीजी की शांति धारा एवं मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के पाद प्रक्षालन शास्त्र भेंट एवं चित्र अनावरण का सौभाग्य नरेंद्र जैन एवं संजय जैन राजीव जैन को प्राप्त हुआ। मुनि श्री ने पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो हम कर सकते हैं, उसके बारे में सोचें। हम एक कदम चल सकते हैं तो एक कदम आगे बढ़ें। हमारी मंजिल एक कदम पास आ जाएगी। जैसे ही हमने एक कदम की प्रशंसा की, एक कदम के बाद हमारा प्रयास दूसरे कदम के लिए प्रारंभ हो जाता है। हमें जीवन में एक कदम आगे बढ़ने की अनुभूति करनी है। उसके ज्ञान का उपकार बताना है। उससे हमारी शक्ति जागृत होती है। मुनि श्री ने कहा कि भगवान कुछ नहीं करते, कुछ नहीं देते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38331" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230218-WA0046-990x743.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>भगवान के दर्शन करने से जो आनंद की भक्ति की अनुभूति होती है, वह हमारा जागरण कराती है। संसार सागर में आज तक व्यक्ति अपने आप में पूर्ण नहीं हो पाया। संसार में संपूर्णता कभी होती ही नहीं है। कुछ ना कुछ हमारे जीवन में अपूर्ण रहता है। कोई ना कोई कमी हमें रहेगी। जो अवधि ज्ञानी हैं, वे भी संपूर्णता को प्राप्त नहीं हो पाते हैं। जो सुख हमें भगवान के दर्शन करने मे मिलता है, संसार में कहीं नहीं है। यही पूर्णता है, यही संपूर्णता है। हमारे जीवन में पूर्णता की अनुभूति होना चाहिए, तभी हम संसार को पार कर सकते हैं।</p>
<p>कार्यक्रम के संयोजक बाबा नायक,कार्यकारी अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने बताया कि शनिवार को मुनि श्री के आहारदान का सौभाग्य संध्या प्रदीप भदौरा को प्राप्त हुआ। शाम 6:00 बजे जिज्ञासा समाधान का आयोजन प्रतिदिन किया जा रहा है। 7:00 बजे से महाआरती 8:00 से हो रही है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप दिखाया गया और गर्भ कल्याणक की पूर्व क्रियाओं का मंचन किया गया। कमेटी की ओर से लुइस चौधरी, विमल जैन, डीके जैन, गुलाब दाऊ आदि लोग शामिल रहे।</p>
<p><strong>दिखाए जाएंगे 16 स्वप्न</strong></p>
<p>रविवार को प्रातः 6:00 बजे मंगलाष्टक शांति मंत्र, नित्यम, अभिषेक, शांतिधारा, गर्भ कल्याणक पूजन होगा। इसके बाद 8:15 बजे मुनि श्री की मंगल देशना खिरेगी। दोपहर 1:00 बजे माता की गोद भराई, 3:00 बजे मंगल घट यात्रा, मंदिर शुद्धि, वेदी शुद्धि, शिखर शुद्धि आदि होंगे। रात्रि 8:00 गर्भ कल्याणक की उत्तर क्रियाओं में महाराजा नाभिराय का दरबार, लगेगा। माता मरूदेवी के सोलह स्वप्न आदि दिखाए जाएंगे।</p>
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