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	<title>आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>वैराग्य पथ पर चले कुणाल अब मुनिश्री पुण्यरत्नसागर जी : दलाल बाग में दो मुमुक्षुओं ने ली दीक्षा  </title>
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		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 07:18:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वीआईपी रोड दलाल बाग स्थित नवरत्न वाटिका में दो दिन में दीक्षा समारोह और एक मुनिराज का गणि पद प्रदान महोत्सव हुआ। आचार्य श्री विश्वरत्नसागर, आचार्यश्री मृदुरत्न सागर जी महाराज सहित 70 साधु-साध्वी भगवंतों की निश्रा एवं उपधान तप के 70 तपस्वियों की उपस्थिति में यह अनुष्ठान किया गया। इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वीआईपी रोड दलाल बाग स्थित नवरत्न वाटिका में दो दिन में दीक्षा समारोह और एक मुनिराज का गणि पद प्रदान महोत्सव हुआ। आचार्य श्री विश्वरत्नसागर, आचार्यश्री मृदुरत्न सागर जी महाराज सहित 70 साधु-साध्वी भगवंतों की निश्रा एवं उपधान तप के 70 तपस्वियों की उपस्थिति में यह अनुष्ठान किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> वीआईपी रोड दलाल बाग स्थित नवरत्न वाटिका में दो दिन में दीक्षा समारोह और एक मुनिराज का गणि पद प्रदान महोत्सव हुआ। आचार्य श्री विश्वरत्नसागर, आचार्यश्री मृदुरत्न सागर जी महाराज सहित 70 साधु-साध्वी भगवंतों की निश्रा एवं उपधान तप के 70 तपस्वियों की उपस्थिति में यह अनुष्ठान किया गया। रविवार को युवा कुणाल कमठोरा 21 ने सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम, त्याग और वैराग्य की राह चुनी। सुबह 9 बजे से दोपहर तक करीब 5 घंटे चली शास्त्रोक्त विधि के बाद मुमुक्षु कुणाल को आचार्यश्री ने नया नाम मुनि श्री पुण्यरत्नसागर दिया। साथ ही मुनिराज उदयरत्सागर जी को गणिवर्य की उपाधि प्रदान करते हुए उन्हें जिन शासन की परंपरा के अनुसार नूतन वस्त्र भेंटकर पाट पर विराजित किया। अर्बुद गिरिराज जैन श्वेतांबर तपागच्छ उपाश्रय ट्रस्ट, पीपली बाजार, समग्र जैन श्वेतांबर श्री संघ मालवा महासंघ्ज्ञ एवं नवरत्न परिवार के तत्वावधान में हुए आयोजन में हजारों समाजबंधु शामिल हुए। मुमुक्षु कुणाल पिछले दो वर्षों से अनेक तीर्थों सहित करीब एक हजार किमी विहार और गुरुकुलवास कर चुके हैं। वर्धमान तप की 15 ओली भी की। वे अब तक साध्वी वर्या सौम्ययशा श्रीजी की निश्रा में संयम की राह पर अग्रसर हुए।</p>
<p><strong>उदयरत्न सागर जी को गणि पदवी मिली</strong></p>
<p>मुनिराज श्री उदयरत्नसागर जी महाराज को गणि पद प्रदान महोत्सव भी इसी दौरान आरंभ हुआ। मुनिराज को गणिवर्य कीर्तिरत्नसागर जी महाराज ने नंदी सूत्र के 750 मंत्र सुनाए। उन्हें शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के सामने संकल्प दिलाए। आचार्यश्री एवं साधु भगवंतों ने उन्हें पाट पर विराजित कर चंदन तिलक लगाया और लाभार्थी परिवारों ने नूतन वस्त्र भेंट किए।</p>
<p><strong>आचार्यश्री ने संन्यास का प्रतीक ओघा सौंपा</strong></p>
<p>सुबह जब संसारी वेशभूषा में सोने के गहने पहने कुणाल आचार्यश्री से आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे तो उन्हें संन्यास का प्रतीक ओघा सौंपा गया। जिसे पाकर वे मंच पर खुशी से झूम उठे। भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा की साक्षी में उन्होंने वैराग्य पथ पर चलने की विभिन्न विधियां निभाई। इस मौके पर समाजबंधुओं का बहुमान भी हुआ। महोत्सव के मुख्य लाभार्थी दिलीप-ललित सी जैन और प्रीतेश अनिता ओस्तवाल ने उन्हें साधु जीवन में काम आने वाली कामली, आसन, डांडी और अन्य वस्तुएं भेंट की। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से पुण्यपाल सुराना, कैलाश नाहर, मनीष सुराना, दिलसुखराज कटारिया, अंकित मारू, दिलीप मंडोवरा और दीपक सुराना आदि ने समाजबंधुओं और संतों की अगवानी की। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ.प्रकाश बांगानी, यशवंत जैन, धर्मचंद्र जैन आदि मौजूद थे।</p>
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		<title>50 क्विंटल फल और 50 किलो फूलों से सजा भगवान शांतिनाथ का दरबार: श्रद्धालुओं ने श्रृंगार दर्शन कर परमात्मा की आराधना कर पुण्य लाभ लिया  </title>
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		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 09:11:41 +0000</pubDate>
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<p><strong>अर्बुद गिरिराज जैन श्वेतांबर तपागच्छ उपाश्रय ट्रस्ट पीपली बाजार द्वारा दलाल बाग वीआईपी रोड पर शुक्रवार को शांतिनाथ भगवान की महापूजा की गई। वाराही गुजरात से पहली बार इंदौर लाई गई शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के दरबार को 50 क्विंटल फलों, 50 किलो फूलों, रंगोली और हजारों दीपकों से सजाया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> अर्बुद गिरिराज जैन श्वेतांबर तपागच्छ उपाश्रय ट्रस्ट पीपली बाजार द्वारा दलाल बाग वीआईपी रोड पर शुक्रवार को शांतिनाथ भगवान की महापूजा की गई। वाराही गुजरात से पहली बार इंदौर लाई गई शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के दरबार को 50 क्विंटल फलों, 50 किलो फूलों, रंगोली और हजारों दीपकों से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रृंगार दर्शन किए और परमात्मा की आराधना कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। नवरत्न वाटिका में मुनिराज श्री उदयरत्नसागर जी महाराज को गणिवर्य पद प्रदान करने के लिए बुधवार से महोत्सव चल रहा है। शांतिनाथ भगवान की स्वयं-भू प्रतिमा की साक्षी में आयोजित इस समारोह में 54 हजार फलों से सजे दरबार में 108 दीपों से महा आरती एवं महा पूजा की गई। आयोजन में संयोजक पुण्यपाल सुराना, कैलाश नाहर, ललित सी जैन, मनीष सुराना, दिलसुखराज कटारिया, प्रीतेश ओस्तवाल, अंकित मारू, दिलीप मंडोवरा, दीपक सुराना ने साधु-साध्वी भगवंतों की अगवानी की। आचार्य श्री विश्वरत्नसागर जी महाराज, गणिवर्य कीर्तिरत्नसागर जी महाराज, मुनिश्री उत्तमरत्नसागर जी महाराज ने साधु जीवन की महिमा पर प्रकाश डाला। रविवार को उदयरत्न महाराज को गणि पद से अलंकृत किया गया।</p>
<p><strong>मुमुक्षुओं की दीक्षा यात्रा हुई शुरू </strong></p>
<p>मुमुक्षु सुरेश कोठारी और कुणाल कमठोरा भी दीक्षा ग्रहण कर संन्यास मार्ग पर अग्रसर होंगे। दीक्षार्थी कुणाल का वर्षीदान वरघोड़ा शनिवार को सुबह 9 बजे कॉलानी नगर उपाश्रय से रवाना होकर दलाल बाग स्थित नवरत्न वाटिका पहुंचा। वह पिछले दो वर्षों से साध्वी सौम्ययशा श्रीजी महाराज की निश्रा में एक हजार किमी से अधिक का विहार कर चुके हैं। दीक्षा महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम रविवार को सुबह 11.30 बजे से प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे स्वामी वात्सल्य होगा।</p>
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		<title>बेटी बचाओ एवं स्व समाज विवाह अभियान चलाने की जरूरत: आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सुरीश्वरजी मसा ने जैन पत्रकार प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को संबोधित किया  </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 11:45:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हम सामाजिक संरचना और भविष्य की पीढ़ी के संरक्षण को लेकर काफी चिंतित हैं। बेटी बचाओ और स्व समाज विवाह विषय पर विशेष फोकस करने और इसे मुहिम (अभियान) के तौर पर चलाने की आवश्यकता है। बेटे एवं बेटियों के विवाह केवल जैन समाज के भीतर ही हों। बदनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230; बदनावर। हम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>हम सामाजिक संरचना और भविष्य की पीढ़ी के संरक्षण को लेकर काफी चिंतित हैं। बेटी बचाओ और स्व समाज विवाह विषय पर विशेष फोकस करने और इसे मुहिम (अभियान) के तौर पर चलाने की आवश्यकता है। बेटे एवं बेटियों के विवाह केवल जैन समाज के भीतर ही हों। <span style="color: #ff0000">बदनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बदनावर।</strong> हम सामाजिक संरचना और भविष्य की पीढ़ी के संरक्षण को लेकर काफी चिंतित हैं। बेटी बचाओ और स्व समाज विवाह विषय पर विशेष फोकस करने और इसे मुहिम (अभियान) के तौर पर चलाने की आवश्यकता है। बेटे एवं बेटियों के विवाह केवल जैन समाज के भीतर ही हों। यह विचार आचार्य श्री नवरत्नसागर सुरीश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सुरीश्वरजी मसा ने जैन पत्रकार प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारियों एवं जिला अध्यक्षों की दलाल बाग इंदौर में हुई बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुख्य चिंता जैन बेटियों के अन्य समाज में विवाह को लेकर है।</p>
<p>जिससे जैन समाज की संख्या और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। इस पर रोक लगाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। बखतगढ़ सहित बदनावर तहसील एवं जिलेभर से भी जैन पत्रकार प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए एवं आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। आचार्यश्री ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करना कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा जैन समाज की कार्यशैली, धार्मिक, सामाजिक गतिविधियों और सेवा कार्यों से जोड़ा जाए। इसमें जैन पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। विवाह से संबंधित जैन संस्कारों और सांस्कृतिक महत्व पर लेख, समाचार और वीडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।</p>
<p>जहाँ युवा पीढ़ी को जैन समाज की धरोहर और विवाह संस्था के महत्व को समझाया जा सके। बैठक में विशेष रूप से प्रवीण खारीवाल इंदौर, दीपक दुग्गड इंदौर, प्रदीप बाफना बड़ावदा, राजेंद्र लोढा टांडा, नितेश लुणिया कसरावद, अशोक जैन मनावर, प्रकाश बारोड जावरा, आशीष जैन उज्जैन, विनोद शाह विदिशा, महेंद्र बम्बोरी, गणतंत्र मेहता रतलाम, दिलीप दरड़ा बखतगढ़, प्रवीण मंडलेचा दसई, शैलेंद्र श्रीमाल इंदौर, महावीर जैन इंदौर आदि शामिल हुए। इस अवसर पर आचार्यश्री से विचार विमर्श कर अगला जैन पत्रकारों का महाअधिवेशन मार्च माह में उज्जैन में आयोजित करना तय किया गया। प्रदेश संयोजक दीपक दुग्गड़ ने आचार्यश्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।</p>
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		<title>औषधीय जड़ी बूटियों से प्राचीन जैन प्रतिमाओं का शुद्धिकरण : शुद्धिकरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया समाजजनों ने  </title>
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		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 09:40:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देश के लगभग 2 हजार जैन मंदिरों का एक साथ एक ही दिन और एक ही समय पर शुद्धिकरण संपन्न हुआ। आचार्य श्री नवरत्नसागरसूरिश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी मसा की प्रेरणा से 14 वर्षों से जिनालय शुद्धिकरण का पावन कार्य निरंतर मनावर में भी गतिमान है। मनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230; मनावर। देश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>देश के लगभग 2 हजार जैन मंदिरों का एक साथ एक ही दिन और एक ही समय पर शुद्धिकरण संपन्न हुआ। आचार्य श्री नवरत्नसागरसूरिश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी मसा की प्रेरणा से 14 वर्षों से जिनालय शुद्धिकरण का पावन कार्य निरंतर मनावर में भी गतिमान है। <span style="color: #ff0000">मनावर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मनावर।</strong> देश के लगभग 2 हजार जैन मंदिरों का एक साथ एक ही दिन और एक ही समय पर शुद्धिकरण संपन्न हुआ। आचार्य श्री नवरत्नसागरसूरिश्वरजी मसा के शिष्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरजी मसा की प्रेरणा से 14 वर्षों से जिनालय शुद्धिकरण का पावन कार्य निरंतर मनावर में भी गतिमान है। पर्यूषण पर्व के आने के पहले रविवार को शुद्धिकरण आयोजन तय रहता हैं। नवरत्न परिवार के अध्यक्ष आकेश नवलखा ने बताया कि अति प्राचीन भगवान की प्रतिमाओं का शुद्धिकरण विशेष औषधीय जड़ी बूटियों से युक्त चूर्ण और समुद्रीय फैन आदि के विशेष लेपन आदि क्रियाओं द्वारा विधि विधान से हुआ। मनावर श्वेताम्बर जैन समाज के श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर एवं श्री राजेंद्रसूरिजी जैन दादावाडी पर यह कार्य दो टीमों के साथ पूरे जिनालय की हर भाग की सफाई की गई। आरती एवं पूजन भी किया गया।</p>
<p>समाज के मिलींद फूलेरा, शेखर खटोड़, अमित नाहर, रितेश फूलेरा, सचिन भंडारी, मनीष चत्तर, संजय खटोड, राज खटोड, दिनेश काकरेचा, राहुल काकरेचा, अनमोल खटोड, अंकिता नाहर, मधु काकरेचा, कल्पना ललित खटोड, आशा ओरा आदि ने सेवाएं दी। नगर के जैन मंदिर के पुजारी निरंजन शर्मा और दादावाड़ी के पुजारी दिनेश राठौड़ का भी शुद्धिकरण में सहभागिता देने के लिए भेंट देकर अभिनंदन किया गया।</p>
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