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	<title>आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य श्री विनम्रसागर जी के सानिध्य में हुआ भक्तामर विधान : सि़द्धक्षेत्र बावनगजा में हुआ भक्ति भाव से जुटे गुरु भक्त  </title>
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		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:54:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य विराग सागर जी के शिष्य आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में शनिवार को भक्तामर विधान धूमधाम से आयोजित किया गया। आचार्य संघ ने शनिवार को पहाड़ पर स्थित मंदिरों की वंदना और दर्शन कर भगवान आदिनाथ के चरणों में विशेष ध्यान और साधना की। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य विराग सागर जी के शिष्य आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में शनिवार को भक्तामर विधान धूमधाम से आयोजित किया गया। आचार्य संघ ने शनिवार को पहाड़ पर स्थित मंदिरों की वंदना और दर्शन कर भगवान आदिनाथ के चरणों में विशेष ध्यान और साधना की। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद।</strong> बड़वानी के दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र बावनगजा में आचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के ससंघ के सानिध्य में शनिवार को भक्तामर विधान धूमधाम से आयोजित किया गया। आचार्य संघ ने शनिवार को पहाड़ पर स्थित मंदिरों की वंदना और दर्शन कर भगवान आदिनाथ के चरणों में विशेष ध्यान और साधना की। साथ ही इस रमणीय स्थल पर आकर आचार्य संघ ने एक अलग ही अनुभूति को प्राप्त किया। मुनिसंघ ने चुलगिरी के मंदिर के दर्शन कर यहां से मोक्ष गए इंद्रजीत, कुंभकर्ण और साढ़े तीन करोड़ मुनिराज की भक्तिमय साधना अर्चना की। साथ ही तलहटी के मंदिरों के दर्शन किए। शनिवार को आचार्य संघ के सानिध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम और पूजन किया गया। आचार्य श्री का भी पूजन हुआ। इसके बाद आचार्य संघ की आहार चर्या हुई। आचार्य संघ की सामयिक के बाद भक्तामर विधान हुआ। जिसमें श्रावकों द्वारा भगवान आदिनाथ के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया। आचार्य श्री को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया। कई श्रावक-श्राविका उपस्थित हुए। शाम को प्रतिक्रमण, गुरु भक्ति, भगवान की आरती और आचार्य श्री की आरती उपस्थित श्रावकों ने की।</p>
<p>उसके पूर्व आचार्य संघ की अगवानी ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और ट्रस्ट के सदस्यों ने आरती उतार कर पाद प्रक्षालन और श्रीफल भेंटकर की। रविवार सुबह हजारों श्रावक-श्राविकाओं के बीच 84 फीट ऊंची भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के चरणों के अभिषेक और 1008 मंत्रों से शांतिधारा होगी। दोपहर को आहार के बाद आचार्य श्री का 16 वां दीक्षा दिवस कार्यक्रम और प्रवचन होंगे। ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए बाहर से यात्रियों का आना प्रारंभ हो गया है। यह जानकारी मनीष जैन ने दी।</p>
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		<title>तीन दिवसीय 23 वां गुरु उपकार दिवस महोत्सव का समापन: भक्ति भाव से हुए विधानों में आराधना की रही होड़ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Jun 2025 09:34:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज का 23 वां गुरु उपकार दिवस सभी समाजजनों की उपस्थिति में दिगंबर जैन धर्मशाला में हुआ। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम किए गए। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का 1008 उच्चारित मंत्रों से अभिषेक किया गया। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;  [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज का 23 वां गुरु उपकार दिवस सभी समाजजनों की उपस्थिति में दिगंबर जैन धर्मशाला में हुआ। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम किए गए। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का 1008 उच्चारित मंत्रों से अभिषेक किया गया। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए विराजित आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज का 23 वां गुरु उपकार दिवस सभी समाजजनों की उपस्थिति में दिगंबर जैन धर्मशाला में हुआ। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम किए गए। आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज के 23 वें गुरु उपकार दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों में प्रथम दिवस सहस्त्र नाम के 1008 कलशों से श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का 1008 उच्चारित मंत्रों से अभिषेक किया गया द्वितीय दिवस 48 जोड़ों एवं समाजजनों द्वारा 48 मांडने रचाकर भक्तामर विधान आचार्य संघ के सानिध्य में हुआ। वहीं रात्रि में भक्तामर दीप आराधना हुई । तृतीय मुख्य दिवस पर प्रातः श्रीजी अभिषेक पूजन हुआ। इसके बाद सामूहिक आहार चर्या बड़ा मंदिर के हॉल में हुई। मुख्य दिवस पर आहार दान देने का सौभाग्य पवनकुमार विनीश कुमार गोधा परिवार एवं संतोषकुमार बाकलीवाल परिवार एवं अजमेरा परिवार को प्राप्त हुआ। दोपहर में मुख्य कार्यक्रम के आरंभ में श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर से चतुर्विध संघ नगर के मुख्य मार्गाे से होता हुआ जैन धर्मशाला पहुंचा। जहां सभा का शुभारंभ आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के चित्र अनावरण इंदौर आए अतिथियों ने किया। दीप प्रज्वलन इंदौर, भोपाल, बांसवाड़ा एवं अन्य नगरों से आए अतिथियों ने किया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-82674" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019.jpg" alt="" width="1080" height="618" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019.jpg 1080w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019-300x172.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019-1024x586.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019-768x439.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250609-WA0019-990x567.jpg 990w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" />इन्होंने अर्जित किया परम सौभाग्य </strong></p>
<p>मंगलाचरण गवाक्षी, कर्णिका,घनिष्का, लब्धी, नव्या ने किया। इसी क्रम में आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नितिन जैन बांसवाड़ा परिवार को प्राप्त हुआ शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य राहुल स्पोर्ट्स इंदौर परिवार को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री का महा अर्घ्यों से पूजन नगर की सभी संस्थाओं एवं बाहर से पधारे अतिथियों एवं स्थानीय समाजजनों ने किया। कविवर शहनाज़ हुसैन केकड़ी ने अपनी ओजस्वी कविता पाठ से सभा से तालियां बटोरी। गुरु उपकार दिवस पर आचार्य श्री को नवीन पिच्छिका देने का सौभाग्य पवन कुमार भाई विनीश कुमार गोधा सनावद परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं पुरानी पिच्छिका पाने का सौभाग्य संधस्थ ब्रह्मचारी अनिल भैया बांसवाड़ा को प्राप्त हुई। आचार्य श्री को नवीन कमंडल देने का सौभाग्य खुशकंवर सुरेशकुमार पांड्या अमर ज्योति बस परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>चतुर्विद संघ की 23 दीपों से आरती की </strong></p>
<p>इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपनी देशना में कहा कि हमें गुरु पसंद आ जाएं ये बड़ी बात नहीं, हम गुरु को पसंद आ जाएं ये बड़ी बात है। यही हुआ हमें गुरु और गुरुजी को हम पसंद आ गए और हमने गुरु जी से व्रत धारण किए। एक बार गुरुजी के चरणों में समर्पण के देखिए, सारी दुनिया आप को सिर पर उठा लेगी। आचार्यश्री ने कहा कि गुरु बड़ी मुश्किल से पसंद आते हैं। जिनके चरणों में समर्पण हों और जिनके चरणों में समर्पण हों जाएं तो देखिए गुरु आप को क्या नहीं देते। आज का दिन हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है। आज से 22 वर्ष पूर्व जो गुरुजी ने जो उपकार किया था वो हम कभी नहीं भूल पाएंगे। दीक्षा गुरु एक होते हैं और शिक्षा गुरु अनेक लेकिन, श्रद्धा गुरु तीन कम नौ करोड़ होते हैं। अंत में चतुर्विद संघ की 23 दीपों से आरती करने का सौभाग्य राजीव जैन इंदौर परिवार को प्राप्त हुआ। साथ ही आचार्य श्री रचित अनेक पुस्तकों का विमोचन बाहर से पधारे अतिथियों ने किया। संचालन सुनील जैन डीपीएस एवं प्रशांत जैन किया। आभार समाज अध्यक्ष मनोज जैन एवं मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मुकेश जैन माना। इस अवसर पर बड़वाह, बेड़िया, खंडवा, इंदौर, बांसवाड़ा, भोपाल, सहित अनेक शहरों के समाजजन उपस्थित थे।</p>
<p><strong>संक्षिप्त परिचय </strong></p>
<p>विदित है कि आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज का पूर्व नाम रतनस्वरूप जैन था। आप का जन्म 1 अक्टूबर 1963 को भिंड में हुआ था। आपने एम.काम डिस्ट्रिक टॉप में की है। आप की ऐलक दीक्षा 9 अगस्त 1992 को द्रोणगिरी में हुई थी। आप की मुनिदीक्षा 8 जून 2003 को ललितपुर में हुई थी। उनको आचार्य पद 12 दिसंबर 2003 में बांसवाड़ा राजस्थान में प्राप्त हुआ था। आप के गुरु राष्ट्र संत आचार्य विराग सागर जी महाराज हैं।</p>
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		<title>48 पुण्यार्जक परिवारों सहित समाजजनों ने की सहभागिता : 48 मांडनों से रचाया गया भक्तामर मंडल विधान  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 16:17:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए सनावद में विराजित परम पूज्य उच्चारणाचार्य श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के 23वें गुरु उपकार दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन आचार्य संघ के सान्निध्य में आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना निलय में भक्तामर मंडल विधान संपन्न हुआ। पढ़िए सन्मति जैन काका की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए सनावद में विराजित परम पूज्य उच्चारणाचार्य श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के 23वें गुरु उपकार दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन आचार्य संघ के सान्निध्य में आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना निलय में भक्तामर मंडल विधान संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन काका की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए सनावद में विराजित परम पूज्य उच्चारणाचार्य श्री विनम्रसागर जी महामुनिराज के 23वें गुरु उपकार दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन आचार्य संघ के सान्निध्य में आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना निलय में भक्तामर मंडल विधान संपन्न हुआ। इस अवसर पर 48 पुण्यार्जक परिवारों ने 48 मांडने सजाकर भक्तिभाव से सहभागिता की।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-82517" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038.jpg" alt="" width="1599" height="899" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038.jpg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-1320x742.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250607-WA0038-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" />विशेष आयोजन की झलकियां:</strong></p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत श्रीजी को बड़े मंदिर से लाकर पांडुशिला पर विराजमान कराने और जलाभिषेक से हुई। इस अवसर पर शांतिधारा का सौभाग्य इंदौर के श्रीमती सरिता सलभ कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>विधान के पूर्व पात्र चयन:</strong></p>
<p>सौधर्म इंद्र: संगीता-महेन्द्रकुमार पाटोदी परिवार</p>
<p>कुबेर इंद्र: नीतू-प्रशांत जैन परिवार</p>
<p>अन्य इंद्र पात्र: निकिता-वैभव सराफ, पूर्णिमा-तपन जैन, निधि-आशीष झांझरी और राजेश हीरो परिवार</p>
<p><strong>भावविभोर कर देने वाली भक्ति</strong></p>
<p>आचार्य श्री विनम्रसागर जी ने विधान के सभी अर्घों का अर्थ बताते हुए उनका महत्व समझाया। साथ ही संगीतकार सम्यक जैन (इंदौर) द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने सभी को भावविभोर कर दिया।</p>
<p><strong>देशना और प्रेरणापुंज विचार</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने मंगलदेशना से पूर्व पाद प्रक्षालन व शास्त्र भेंट का सौभाग्य रवीन्द्र कुमार-प्रवीण कुमार (विवेक जैन परिवार) और सलित कुमार-प्रफुल्ल कुमार परिवार को प्रदान किया। अपनी देशना में आचार्य श्री ने कहा कि आज जो बीज हम बो रहे हैं, उसका फल कल अवश्य मिलेगा। जिस प्रकार वृक्ष तत्काल फल नहीं देता, लेकिन समय पर मीठे फल देता है, वैसे ही भक्तामर विधान का फल निश्चित रूप से मिलेगा। भक्तामर स्तोत्र भावनाओं का अद्भुत संगम है, जब ये भाव जीवन में उतरेंगे तो जीवन सफल और सार्थक बन जाएगा। साधु-संतों का समागम जब भी मिले, उसे कभी गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने भक्तामर के प्रत्येक श्लोक की सूक्ष्म व्याख्या कर उसका गूढ़ अर्थ बताया।</p>
<p><strong>रात्रिकालीन आराधना और सेवा</strong></p>
<p>सभी समाजजनों द्वारा रात्रि में पार्श्वनाथ बढ़ाजे मंदिर में भक्तामर दीप आराधना सम्पन्न की गई।</p>
<p><strong>आर्यिका तपस्विनी माताजी के 99वें जन्मदिवस पर विशेष आहारदान</strong></p>
<p>इस पावन अवसर पर आर्यिका तपस्विनी माताजी के 99वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सुरेशकुमार-खुशकवरबाई पंड्या (अमर ज्योति बस परिवार, सनावद) ने सम्पूर्ण आचार्य संघ को आहारदान कर पुण्य अर्जित किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>समवशरण रचना पीर कल्याणी नसिया जी में विधान आयोजन: भक्तों की भक्ति और उल्लास अतुलनीय  </title>
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		<pubDate>Mon, 03 Mar 2025 06:38:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मोतीलाल नेहरू रोड स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पीर कल्याणी नसिया में भव्य समवशरण की रचना और श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान किया जा रहा है। इसमें समाजजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मांगलिक गतिविधियां की। आर्यिका विश्रेयश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में यह आयोजन किया जा रहा है। आगरा से पढ़िए सुनील जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मोतीलाल नेहरू रोड स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पीर कल्याणी नसिया में भव्य समवशरण की रचना और श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान किया जा रहा है। इसमें समाजजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मांगलिक गतिविधियां की। आर्यिका विश्रेयश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में यह आयोजन किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए सुनील जैन की यह खबर.</span>..</strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मोतीलाल नेहरू रोड स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पीर कल्याणी नसिया में भव्य समवशरण की रचना सहित श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान जारी है। आर्यिका विश्रेयश्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य एवं पंडित आशुतोष जैन शास्त्री के निर्देशन में भक्त इस विधान की मांगलिक गतिविधियों में सहभागिता कर रहे हैं। नसिया जी जैन मंदिर में बने समवशरण के समक्ष बैठ भक्तों ने मांगलिक विधान की गतिविधियां की। भक्तों की भक्ति और उल्लास इन क्षणों में देखने लायक थी।</p>
<p><strong>प्रभु भक्ति की रंगारंग छटा छाई</strong></p>
<p>समवशरण की रचना के समक्ष बैठ पूरे आगरा नगर के साधर्मी इस मांगलिक विधान का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। प्रभु भक्ति की रंगारंग छटा इस दौरान नसिया जी परिसर में सराबोर रहती है और गुरुमां के सानिध्य में भक्त खूब भक्ति कर रहे हैं। इस अवसर पर आगरा दिगंबर जैन परिषद के महामंत्री सुनील जैन ठेकेदार, अशोक जैन, सुनील जैन, सत्येंद्र जैन, सुशील जैन, रामेश जैन, राजेंद्र जैन, राजेश जैन, शुभम जैन, नसिया जी के जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</p>
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		<title>तीन आचार्य संघों का कुण्डलपुर में मंगल प्रवेश: श्रावकों, तीर्थयात्रियों ने की भव्य अगवानी  </title>
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		<pubDate>Sun, 05 Mar 2023 12:43:16 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज]]></category>
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					<description><![CDATA[सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज, आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विहर्षसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए जयकुमार जलज व राजेश रागी की रिपोर्ट&#8230; कुण्डलपुर। सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज, आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विहर्षसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए जयकुमार जलज व राजेश रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर।</strong> सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज ,आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विहर्षसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ के साथ कमेटी के अन्य पदाधिकारी सदस्य, जैन समाज कुंडलपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए श्रावक, उपस्थित तीर्थयात्री एवं कर्मचारी स्टाफ कुंडलपुर ने आचार्य संघ की भव्य अगवानी की एवं पाद प्रक्षालन किया।</p>
<p>आचार्य संघ सीधे पहाड़ी पर स्थित पूज्य बड़े बाबा मंदिर पहुंचा। यहां पर पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान का कार्यक्रम हुआ। समस्त आचार्य संघ ने निर्माणाधीन पूज्य बड़े बाबा के मंदिर का अवलोकन किया।</p>
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