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	<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>णमोकार अखंड पाठ संपन्न हुई णमोकार विधान पूजा : रात्रि में हुई भक्ति संध्या में श्रद्धालुओं की अद्भुत आस्था आई नजर  </title>
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		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 12:58:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शनिवार को सुबह 8 बजे बडे ही भक्ति के साथ संपन्न हुआ। जयपुर से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शनिवार को सुबह 8 बजे बडे ही भक्ति के साथ संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शनिवार को सुबह 8 बजे बडे ही भक्ति के साथ संपन्न हुआ। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि णमोकार महामंत्र अखंड पाठ के बाद प्रातः 8.30 से 11.30 तक णमोकार महामंत्र विधान पूजा और विश्व शांति के लिए हवन सौधर्म इंद्र बने मनोज बोहरा परिवार ने किया। मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं अजित शास्त्री गायत्री ने करवाई। इस कार्यक्रम में विधान मंडप पर मंगल कलशों की स्थापना उदयभान अनिता बड़जात्या, अशोक अंजू जैन विधानसभा वाले, आलोक बीना चौकडायत, संतोष निर्मला गंगवाल ने की। इस विधान में सहयोग सुनील लता सोगानी परिवार के साथ विधान में भाग लेने वाले परिवारों ने किया।</p>
<p><strong>विधान में इन्होंने लिया भाग </strong></p>
<p>विधान में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबडा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा, मुकेश सोगानी, गजेंद्र छाबड़ा, पदम झांझरी, अनिल गोधा आदि के साथ सैंकड़ों श्रेष्ठी महिला-पुरुषों ने भाग लिया। संचालन अरुण शाह ने किया। उन्होंने कहा कि शनिवार रात 8 बजे से आदिनाथ यूथ विंग की ओर से भक्ति संध्या की गई। 26 अप्रैल को प्रातः 7.30 बजे से श्रीजी की भव्य विशाल रथयात्रा का आयोजन मंदिर जी से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गाे से होता हुआ मंदिर जी पहुंचेगा। इसके बाद मंदिर के शिखर में स्थित जिन बिम्बों के अभिषेक आदि कार्यक्रम होंगे।</p>
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		<title>तीन दिनी वार्षिकोत्सव 24 घंटे णमोकार अखंड पाठ के साथ शुरू : श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर में हो रहा आयोजन  </title>
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		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:32:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति जयपुर के तत्तावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शुक्रवार सुबह 8 बजे मांगलिक क्रियाओं के साथ विधानाचार्य पं अजित शास्त्री ने प्रारंभ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति जयपुर के तत्तावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शुक्रवार सुबह 8 बजे मांगलिक क्रियाओं के साथ विधानाचार्य पं अजित शास्त्री ने प्रारंभ कराया। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, उदयभान जैन बड़जात्या की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> जयपुर।</strong> श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म प्रबंध समिति जयपुर के तत्तावधान में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 24 से 26 अप्रैल तक आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से 24 घंटे का अखंड णमोकार महामंत्र का पाठ शुक्रवार सुबह 8 बजे मांगलिक क्रियाओं के साथ विधानाचार्य पं अजित शास्त्री ने प्रारंभ कराया। इस कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा, मनोज बोहरा, पुलक मंच की राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या, मुनि वैय्यावृत्ति महिला समूह की अध्यक्ष प्रमिला शाह आदि महानुभावों ने किया। आचार्य श्री ने गायत्री नगर प्रवास के दौरान विश्व णमोकार महामंत्र दिवस के अवसर पर 24 घंटे का णमोकार महामंत्र कराने का आह्वान किया।</p>
<p>उस समय हर घंटे के पाठ करने वाले श्रेष्ठी परिवारों का चयन किया गया। संचालन अरूण शाह ने किया। उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल को णमोकार अखंड पाठ के समापन के बाद 8.30 से णमोकार विधान का कार्यक्रम रखा गया है एवं रात्रि में 8 बजे से युवा विंग द्वारा भक्ति संध्या होगी एवं 26 अप्रैल को प्रातः 7.30 बजे से श्रीजी की रथ यात्रा, मन्दिर जी शिखर में स्थित जिन बिम्बों के अभिषेक आदि कार्यक्रम होंगे।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में अमृत स्नान महोत्सव : गायत्री नगर में तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का होगा महामस्तिकाभिषेक  </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 09:39:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महावीर तपोभूमि उज्जैन और गोलोक धाम के प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर जी के 41 वें गृह त्याग दिवस के अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म गायत्री नगर में शुक्रवार को प्रातः 8.30 बजे से आचार्य श्री की प्रेरणा और आशीर्वाद से मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अमृत स्नान महोत्सव हुआ। जयपुर से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महावीर तपोभूमि उज्जैन और गोलोक धाम के प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर जी के 41 वें गृह त्याग दिवस के अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म गायत्री नगर में शुक्रवार को प्रातः 8.30 बजे से आचार्य श्री की प्रेरणा और आशीर्वाद से मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अमृत स्नान महोत्सव हुआ। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, उदयभान जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> जयपुर</strong>। महावीर तपोभूमि उज्जैन और गोलोक धाम के प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर जी के 41 वें गृह त्याग दिवस के अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म गायत्री नगर में शुक्रवार को प्रातः 8.30 बजे से आचार्य श्री की प्रेरणा और आशीर्वाद से मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अमृत स्नान महोत्सव हुआ। सर्वप्रथम धर्म सभा में मंगलाचरण मंजू सेवा वाली ने किया। गजेंद्र प्रीति छाबड़ा परिवार की ओर से आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया और शास्त्र भेंट किए।</p>
<p>मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, संयुक्त मंत्री मुकेश सोगानी ने गुरु आस्था परिवार के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र बाकलीवाल निमोडिया वालों और गजेंद्र छाबड़ा का अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>1 घंटे तक विभिन्न मुद्राओं में स्नान कराया</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने णमोकार दिवस पर णमोकार महामंत्र के संबंध में धर्मसभा में प्रकाश डाला और कहा कि 24 घंटे का अखंड सामूहिक पाठ जरुर कराया जाए। धर्म सभा में अमृत स्नान के अंतर्गत सर्वप्रथम आचार्य श्री ने मंत्रोच्चारण से शुभारंभ किया और उन्होंने ऋद्धि मंत्रों से लगभग 1 घंटे तक विभिन्न मुद्राओं में स्नान कराया। स्नान के संबंध में उपस्थित पुरुष वर्ग सफेद वस्त्रों व महिलाएं पीले वस्त्रों में शोभायमान थे। उनका श्रीफल मंत्रित कराया और रोग शोक और विद्या धन प्राप्ति के लिए अपने-अपने घरों, पूजा स्थलों, रसोई घरों में मंत्रित श्रीफल रखने की विधि बताई।</p>
<p><strong>ऋषभदेव का महामस्तिकाभिषेक 170 कलशों से </strong></p>
<p>सभा का संचालन मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने किया और यह ऐतिहासिक प्रथम बार अमृत महोत्सव हुआ। उसके लिए आचार्य श्री के उपकारों के लिए कोटि-कोटि नमन किया। 11 अप्रैल को मंदिर में सामूहिक कलश और शांति धारा 7 बजे से होगी और मूलनायक प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का महामस्तिकाभिषेक 170 कलशों से किया जाएगा। इस अवसर पर आचार्य श्री के 41 वें गृह त्याग दिवस पर 41 पुरुषों को जो नियमित अभिषेक करेंगे गुरु आस्था परिवार गायत्री नगर सम्मानित करेगा। इस अवसर पर विभिन्न कॉलोनी से अनेकों गुरु भक्त चेतन निमोडिया, पवन निमोडिया, मनोज बोहरा, आलोक चौकडियात चाकसू वाले आदि उपस्थित थे।</p>
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		<title>महावीर जयंती पर भक्ति और उत्साह के साथ हुआ आयोजन : जीवन यात्रा में रत्नत्रय धर्म एवं वैराग्य अपनाकर आत्मा को परमात्मा बनाने का पुरुषार्थ करें &#8211; आचार्य श्री वर्धमान सागर जी </title>
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		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 16:48:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवं आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में रामलीला मैदान, जयपुर में 30 मार्च को भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवं आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में रामलीला मैदान, जयपुर में 30 मार्च को भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अशांति से ग्रसित है और शस्त्रों की होड़ बढ़ रही है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवं आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में रामलीला मैदान, जयपुर में 30 मार्च को भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अशांति से ग्रसित है और शस्त्रों की होड़ बढ़ रही है। ऐसे समय में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का अहिंसा एवं शांति का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज परिवार, समाज, राज्य और विश्व में अशांति का कारण भोगमय जीवन है। जब तक मनुष्य भोग की प्रधानता को नहीं छोड़ेगा, तब तक उसे वास्तविक सुख और शांति प्राप्त नहीं हो सकती। आचार्य श्री ने बताया कि भगवान महावीर का जन्मकल्याणक इसलिए मनाया जाता है क्योंकि उनका जन्म अंतिम होता है और वे भगवान बनते हैं, जबकि सामान्य मनुष्य केवल जन्मदिन मनाता है। उन्होंने जीवन में रत्नत्रय धर्म और वैराग्य को अपनाकर आत्मा को परमात्मा बनाने का पुरुषार्थ करने का आह्वान किया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-103556" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260330-WA0047-138x300.jpg" alt="" width="138" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260330-WA0047-138x300.jpg 138w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260330-WA0047-472x1024.jpg 472w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260330-WA0047.jpg 590w" sizes="(max-width: 138px) 100vw, 138px" /></p>
<p><strong>आचार्य प्रज्ञा सागर जी का संदेश</strong></p>
<p>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने अपने उद्बोधन में आगामी वर्ष महावीर जयंती पर 24 तीर्थंकरों के रथ एवं 24 जिनवाणी माता की पालकी यात्रा निकालने की घोषणा की। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक व्यक्ति को शाकाहारी बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>महावीर जयंती के उपलक्ष्य में राजस्थान जैन महासभा द्वारा सकल जैन समाज जयपुर के सहयोग से नगर के प्रमुख चौराहों से 24 तीर्थंकरों के रथ एवं आकर्षक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मार्ग में स्थान-स्थान पर भगवान की मंगल आरती की गई। शोभायात्रा का समापन रामलीला मैदान पर हुआ।</p>
<p>कार्यक्रम स्थल पर ध्वजारोहण का लाभ श्री विवेक काला परिवार ने प्राप्त किया, जबकि भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन श्रीपाल एवं श्री सुरेश सबलावत परिवार द्वारा किया गया। आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य प्रमोद पहाड़िया को प्राप्त हुआ तथा जिनवाणी भेंट सुधांशु कासलीवाल द्वारा की गई।</p>
<p>इसके पश्चात सभी 24 तीर्थंकरों का अभिषेक एवं शांतिधारा कर भगवान महावीर स्वामी की विधिपूर्वक पूजन की गई।</p>
<p><strong>विशेष उपलब्धि</strong></p>
<p>30 मार्च को सभी 24 तीर्थंकरों के समक्ष 2625 चंवरों से नृत्य भक्ति कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया, जिसका प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर सुभाष जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन किया गया। मंच संचालन आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी द्वारा एवं सभा संचालन मनीष वैद द्वारा किया गया।</p>
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		<title>निर्वाण एवं पावन भूमि की वंदना से पुण्य रूपी अक्षय निधि प्राप्त होती हैं: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने चाकसू में दी मंगल देशना  </title>
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		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 15:18:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। चाकसू से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; चाकसू। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। <span style="color: #ff0000">चाकसू से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>चाकसू।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। दोनों आचार्य संघ सानिध्य में श्री जी का पंचामृत अभिषेक हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संक्षिप्त आशीर्वचन में बताया कि सिद्ध, अतिशय क्षेत्र , तीर्थंकरों की पंचकल्याणक भूमि पावन होती हैं। इनसे क्षेत्र के नाम अनुरूप पुण्य रूपी अक्षय निधि प्राप्त होती हैं। आदिश्वर भगवान ने भोग भूमि के बाद असि मसि कृषि, शिल्प, कला और वाणिज्य का उपदेश जनता प्रजा को बेहतर जीवन यापन के लिए दिया। पुत्रियों के माध्यम से अंक और लिपि का ज्ञान दिया इसलिए पुण्य को अक्षय रखे। प्रातः आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने संघ सहित आचार्य वर्धमान सागर जी को पदमपुरा बिहार के लिए मंगल विदाई दी। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने चरण वंदना कर परिक्रमा लगाकर संघ को विदाई दी। प्रज्ञा सागर जी महाराज के चरण वंदना कर संघ के शेष साधुओं ने भक्ति की। ब्रह्मचारी गज्जू भैय्या ,परमीत भद्रावती के अनुसार 6 फरवरी को सुबह चाकसू से आचार्य श्री संघ का मंगल विहार हुआ।</p>
<p>3.4 किमी शीतला माता मंदिर चाकसू में आहार हुआ। दोपहर को 6.3 किमी विहार कर शिवदास पूरा सड़क टोल निकट रात्रि विश्राम हुआ। 7 फरवरी को 3.3 किमी विहार कर आचार्य संघ की आहार चर्या महात्मा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज शिवदासपूरा में होगी। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 31 साधुओं सहित अतिशय क्षेत्र पदमपुरा बाडा में 8 फरवरी दोपहर को प्रवेश होगा। पूर्व से विराजित आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी एवं क्षेत्र कमेटी , पंच कल्याणक समिति आचार्य संघ की भव्य आगवानी करेंगे।</p>
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		<title>नववर्ष की पूर्व संध्या पर पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा रखे तैयार : आचार्यश्री ने प्रवचन में नए साल में संकल्प लेने की बात कही  </title>
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		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:28:20 +0000</pubDate>
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<p><strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने नववर्ष के पूर्व दिवस अपना मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर हमें अपने पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा तैयार करना है। इस वर्ष में कितना दान किया, कितना धर्म किया, कितना पाप किया, कितना पुण्य किया। इन सभी कार्यों की एक सूची बनानी है। जो अच्छे कार्य इस वर्ष में करने बाकी रह गए हैं। <span style="color: #ff0000">केकड़ी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>केकड़ी</strong>। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने नववर्ष के पूर्व दिवस अपना मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर हमें अपने पूरे वर्ष के कर्मों का लेखा जोखा तैयार करना है। इस वर्ष में कितना दान किया, कितना धर्म किया, कितना पाप किया, कितना पुण्य किया। इन सभी कार्यों की एक सूची बनानी है। जो अच्छे कार्य इस वर्ष में करने बाकी रह गए हैं। अगले वर्ष में इसे निश्चित रूप से पूर्ण करना है। उन्होंने कहा जो गलत कार्य पाप का बंध इस वर्ष में हो गया है, उसके लिए पश्चाताप करके नियम लेना है कि नववर्ष में ऐसा कभी नहीं हो। नववर्ष के एक दिन पूर्व आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर को अपने मरीज के लिए, माताऋपिता को अपने बच्चों के लिए और गुरु को अपने शिष्यों के भविष्य के लिए निर्दयी होना पड़ता है। गुस्सा अपनों को सुधारने के लिए किया जाता है। मरीज पर गुस्सा करके निर्दयी बनकर उसका इलाज करने के बाद वही मरीज उस डॉक्टर को भगवान मानने लग जाता है। दूध और पानी का उदाहरण देते हुए मुनिराज ने बताया कि पानी और दूध दोनांे को गरम करो, दूध उबलकर बाहर निकलता रहता है और समाप्त हो जाता है जबकि, पानी गर्म होकर भी बाहर नहीं निकलता है। गुस्सा मानव प्रवृति है परंतु पानी की तरह हो ज्यादा उफनकर अपना अस्तित्व समाप्त नहीं करना चाहिए।</p>
<p><strong>सांयकालीन कार्यक्रम में महाआरती की </strong></p>
<p>समाज के अध्यक्ष ज्ञान चंद जैन ज्वैलर्स व मंत्री कैलाश जैन (मावा) वालो ने बताया कि आनंदयात्रा के पश्चात आचार्यश्री द्वारा प्रश्नमंच का आयोजन किया गया तथा महाआरती की गई। प्रातःकालीन जिनाभिषेक,नित्यनियम पूजा, शांतिधारा का आयोजन आचार्यश्री के सानिध्य में किया गया। भगवान नेमिनाथ की शांतिधारा का पुण्यार्जन ज्ञानचंद सुनीलकुमार जैन ज्वैलर्स ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong> चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट</strong></p>
<p>आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन भागचंद ज्ञानचंद जैन, कुमार विनय कुमार सोनू, मोनू सावर परिवार ने किया। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य हगामीलाल हेमराज जैन बड़गांव वालों ने प्राप्त किया। आचार्य श्री को शास्त्र भेंट राजेश कुमार कमलेश कुमार मनोहरपुरा वालों ने किया।</p>
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		<title>पंच तीर्थ प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का मंगल प्रवेश : धर्मप्रेमियों ने भव्य जुलूस के साथ आचार्य संघ की अगवानी की </title>
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		<pubDate>Sun, 28 Dec 2025 08:32:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ नेमिनाथ जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी केकड़ी में आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का केकड़ी में धूमधाम से मंगल प्रवेश हुआ। केकड़ी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; केकड़ी। श्री नेमिनाथ जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी केकड़ी में आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज का केकड़ी में धूमधाम से मंगल प्रवेश हुआ। समाज के अध्यक्ष [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> नेमिनाथ जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी केकड़ी में आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का केकड़ी में धूमधाम से मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000">केकड़ी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>केकड़ी।</strong> श्री नेमिनाथ जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी केकड़ी में आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज का केकड़ी में धूमधाम से मंगल प्रवेश हुआ। समाज के अध्यक्ष ज्ञान चंद जैन ज्वेलर्स व मंत्री कैलाश जैन मावा वालों ने बताया कि सकल जैन समाज एवं धर्मप्रेमियों ने भव्य जुलूस के साथ आचार्य संघ की अगवानी की। सावर तिराहे से सरदार पेट्रोल पंप, पुलिस थाना, तीन बत्ती, घंटाघर होते हुए जुलूस बोहरा कॉलोनी स्थित नेमिनाथ मंदिर पहुँचा जहाँ जुलूस धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।</p>
<p>दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य देवालाल सुरेश कुमार, आनंद कुमार उनियारा परिवार ने प्राप्त किया। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन महेन्द्र कुमारज़ रमेशकुमार, जयेश रांटा परिवार ने किया। आचार्य श्री को शास्त्र भेंट का सौभाग्य पारस मल महावीर प्रसाद लाभ चंद बघेरा परिवार ने प्राप्त किया। संघस्थ मुनि व आर्यिका को शास्त्र भेंट का सौभाग्य भाग चंद ज्ञान चंद जैन कुमार विनय ,सोनू, मोनू अग्रवाल सावर, भाग चंद ज्ञान चंद सुनील कुमार जैन ज्वैलर्स, चांद मल शीतल कुमार पारा,विनोद कुमार गणेश कुमार मेहरुकलां ने प्राप्त किया। शांति नाथ बहु मंडल ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।</p>
<p><strong>मंगल प्रवचन</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने मंगल प्रवचन करते हुए बताया कि उनका 16 वर्षों बाद पुनः कनकावती नगरी में प्रवेश हुआ है।</p>
<p>आठ दिन के अल्पप्रवास के दौरान केकड़ी नगरी में जिनधर्म की गंगा बहाने की बात कहीं। कार्यक्रम का संचालन पंडित अनिकेत भैया ने किया । आचार्य श्री आहारचार्य का असीम सौभाग्य महेंद्र कुमार जयेश कुमार रांटा ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong> यह रहेंगे कार्यक्रम </strong></p>
<p>आचार्य श्री के नित्य कार्यक्रम नित्य नियम पूजा, शांतिधारा के पश्चात प्रतिदिन पांडाल में मंगल प्रवचन होंगे। दिन में शास्त्र सभा व शाम को आनंदयात्रा का कार्यक्रम सम्पन होगा।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सान्निध्य में हो रही पदयात्रा अलौकिक : रामगंजमंडी, भवानीमंडी एवं हाडोती के भक्तों ने कहा-अद्भुत आध्यात्मिक आनंद का पल  </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:46:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। पदयात्रा का आलम यह है कि इसमें भक्ति आस्था का समन्वय देखने को मिल रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी यह एक पर्याय बनाकर परिलक्षित हो रही है। इस अलौकिक पदयात्रा में कोटा ही नहीं संपूर्ण हाडोती के साथ दूरदराज के भक्त भी सम्मिलित हो रहे हैं। बुधवार को इस पदयात्रा में रामगंजमंडी, भवानी मंडी, छबड़ा के भक्तजन पहुंचे। वे सभी पदयात्रा का वातावरण देख गदगद हो गए। पदयात्रा का रात्रि विश्राम चतरगंज कृषि विश्वविद्यालय में हुआ।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने शामिल होकर लिया धर्मलाभ </strong></p>
<p>जहां रामगंजमंडी से सुलोचना लुहाड़िया, शकुंतला मित्तल, भवानीमंडी से पारस सेठी, किरण सेठी, अजीत सेठी ने पहुंचकर पदयात्रा में सहभागिता की एवं आचार्य श्री संघ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने पदयात्रा की तारीफ करते हुए कहा कि मिथुन मित्तल के संयोजन में यह पदयात्रा सही मायने में जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा अलौकिक प्रभावना का पर्याय बन गई है। इन्होंने पदयात्रा के प्रबंधन अनुशासन एवं संयोजन की भी जमकर तारीफ़ की और कहा कि हमें साक्षात समवशरण देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि बग्गी, ऊंट गाड़ी, घोड़े आदि पर सवार भक्त भक्ति से परिपूर्ण नजर आ रहे थे।</p>
<p><strong>पदयात्रा में प्रज्ञा की ज्योति अपने आप में दिव्यमान</strong></p>
<p>क्या बच्चे क्या बुजुर्ग क्या युवा हर वर्ग पैदल चलते हुए भी थक नहीं रहे थे। भक्ति मय भजनों में झूमता नजर आ रहा था। उन्होंने सभी से अपील की कि जितने भी दिन पदयात्रा के शेष हैं, एक बार आप सब भी इस दिव्य पदयात्रा में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। यह पदयात्रा जैन धर्म की प्रभावना के साथ-साथ अहिंसा शाकाहार मैत्री का संदेश दे रही है। जो इस कलिकाल में अभूतपूर्व उदाहरण है। साथ ही उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस पदयात्रा में प्रज्ञा की ज्योति अपने आप में दिव्यमान होकर प्रज्वलित हो रही है।</p>
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		<title>संत निवास संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की सीढ़ी : आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने किया संतशाला का शिलान्यास  </title>
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		<pubDate>Sat, 29 Nov 2025 11:43:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी मुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में कृष्णा नगर रंगबाड़ी जैन मंदिर परिसर के समीप संतशाला निर्माण के लिए शिलान्यास विधि-विधान से हुआ। यह कृष्णा नगर दिगंबर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी मुनिराज ससंघ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी मुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में कृष्णा नगर रंगबाड़ी जैन मंदिर परिसर के समीप संतशाला निर्माण के लिए शिलान्यास विधि-विधान से हुआ। यह कृष्णा नगर दिगंबर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>कोटा।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी मुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में कृष्णा नगर रंगबाड़ी जैन मंदिर परिसर के समीप संतशाला निर्माण के लिए शिलान्यास विधि-विधान से हुआ। यह कृष्णा नगर दिगंबर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है। इस मांगलिक अवसर के मुख्य पुण्यार्जक राजमल जैन, अरविंद सरोज जैन परिवार रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री के सान्निध्य में अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। प्रतिष्ठित पंडित उदय शास्त्री के निर्देशन में वास्तु-विधान कराया गया। पुण्यार्जक परिवारों द्वारा स्वर्ण, रजत एवं ताम्र शिलाओं का विधिपूर्वक प्रतिष्ठापन किया गया। साथ ही निर्देशानुसार विविध वास्तु यंत्रों की स्थापना भी हुई।</p>
<p>संतशाला निर्माण के लिए कैलाश, सिद्धार्थ सेठी परिवार, पुरुषोत्तम खेड़ा वाले, छोटूलाल, कुलदीप, प्रदीप परिवार तथा विजय कुमार चंद्रकांता जैन परिवार का योगदान उल्लेखनीय रहा।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे सौभाग्यशाली</strong></p>
<p>धर्मसभा का शुभारंभ हर्षाली जैन के मंगलाचरण से हुआ। दीप प्रज्वलन एवं चित्र अनावरण का सौभाग्य सरोज संजय बाकलीवाल परिवारजन तथा पाद प्रक्षालन का सौभाग्य इंद्र कुमार इंद्रा जैन परिवारजन को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट करने वालों में शांति प्रकाश मयंक, सिद्धार्थ सेठी, महेंद्र (चेचट), मोहन (राजगढ़), मनोज अक्षय तथा लालचंद मनीष जैन परिवार शामिल रहे।</p>
<p><strong>इन समाजजनों की उपस्थिति सराहनीय रही</strong></p>
<p>अपने मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि संतशाला का निर्माण मोक्ष मार्ग की सीढ़ी है। यहां साधु-साध्वी की तपस्या से समाज लाभान्वित होता है। संत निवास से समाज में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति बढ़ती है। मंच संचालन संजय निर्माण एवं सचिन जैन गोधा ने किया। कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, महामंत्री पदम बड़ला, गुरु आस्था परिवार के लोकेश सोनी, मनोज जैसवाल, पारस पत्रिका तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष संजय बाकलीवाल एवं महामंत्री निर्मलकुमार जैन ने सभी दानदाताओं, महिला मंडल, युवा मंडल एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन 1008 वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर विकास समिति, कृष्णा नगर द्वारा किया गया।</p>
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		<title>जैन पत्रकार जगत का सर्वाेच्च सम्मान प्रदीप जैन को: कोटा में 13 सितंबर को होगा सम्मान  </title>
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		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 11:22:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज का सर्वाेच्च पत्रकार सम्मान राजा श्रेणिक पुरस्कार प्रथम बार प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व सदस्य एवं दैनिक विश्व परिवार के संपादक एवं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के परामर्श दाता प्रदीपकुमार जैन को कोटा में प्रदान किया जाएगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। जैन समाज का सर्वाेच्च पत्रकार सम्मान राजा श्रेणिक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज का सर्वाेच्च पत्रकार सम्मान राजा श्रेणिक पुरस्कार प्रथम बार प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व सदस्य एवं दैनिक विश्व परिवार के संपादक एवं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के परामर्श दाता प्रदीपकुमार जैन को कोटा में प्रदान किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>इंदौर।</strong> जैन समाज का सर्वाेच्च पत्रकार सम्मान राजा श्रेणिक पुरस्कार प्रथम बार प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व सदस्य एवं दैनिक विश्व परिवार के संपादक एवं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के परामर्श दाता प्रदीपकुमार जैन को तपो भूमि प्रदाता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज संसघ के मंगलमय सानिध्य में 13 सितंबर को कोटा राजस्थान में दिया जाएगा। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आप के पुरस्कार के लिए चयनित होने से से जैन समाज में खुशी की लहर है।</p>
<p>पुरस्कार के लिए चयन पर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों अमित कासलीवाल, मनोहर झांझरी, राकेश विनायका, कमलेश कासलीवाल, हंसमुख गांधी, टीके वेद एवं संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल एवं समस्त सोशल ग्रुप पदाधिकारियों ने बधाई दी है।</p>
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