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	<title>आचार्य श्री पुलक सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>आचार्य श्री पुलक सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य श्री पुलक सागरजी ने किए पगल्याजी जल मंदिर दर्शन : निर्माणाधीन तीर्थ पावापुरी का भी किया अवलोकन </title>
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		<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 10:56:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री पुलक सागरजी महाराज ससंघ ने शनिवार को प्रातः लोहारिया तालाब की पाल पर स्थित भगवान ऋषभदेव पगल्याजी जल मंदिर और आचार्यश्री रयण सागर शांतिधाम के दर्शन किए। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230; सागवाड़ा। आचार्यश्री पुलक सागरजी महाराज ससंघ ने शनिवार को प्रातः लोहारिया तालाब की पाल पर स्थित भगवान ऋषभदेव पगल्याजी जल मंदिर और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री पुलक सागरजी महाराज ससंघ ने शनिवार को प्रातः लोहारिया तालाब की पाल पर स्थित भगवान ऋषभदेव पगल्याजी जल मंदिर और आचार्यश्री रयण सागर शांतिधाम के दर्शन किए। <span style="color: #ff0000">सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागवाड़ा।</strong> आचार्यश्री पुलक सागरजी महाराज ससंघ ने शनिवार को प्रातः लोहारिया तालाब की पाल पर स्थित भगवान ऋषभदेव पगल्याजी जल मंदिर और आचार्यश्री रयण सागर शांतिधाम के दर्शन किए। आर्यिका विजयमति वूमन्स फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेरणा शाह ने बताया कि इससे पूर्व समाजजनों सेठ महेश नोगमिया, पावापुरी तीर्थ कमेटी अध्यक्ष कुलदीप गांधी तथा ट्रस्ट्रियों ने आचार्य पुलक सागर जी ससंघ को श्रीफल युक्त अर्घ्य चढ़ाकर बैंडबाजों के साथ जल मंदिर लाया गया। जहां पगल्याजी मंदिर कमेटी अध्यक्ष हेमंत वखारिया के नेतृत्व में आचार्य का पाद प्रक्षालन किया गया।</p>
<p><strong>यह तीर्थ नया अध्याय बनेगा- आचार्य श्री </strong></p>
<p>इसके बाद आचार्य संघ लोहारिया तालाब के मध्य सकल दिगंबर जैन समाज सागवाड़ा द्वारा आचार्य सुनील सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्माणाधीन पावापुरी तीर्थ पहुंचे। जहां संपूर्ण तीर्थ का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पुरातन धर्म नगरी सागवाड़ा के इतिहास में यह तीर्थ नया अध्याय बनेगा। निर्माणाधिन पावापुरी जल मंदिर परिसर में निर्माण कमेटी अध्यक्ष कुलदीप गांधी एवं श्रद्धालुओं द्वारा आचार्य श्री पुलकसागरजी का पाद प्रक्षालन किया गया।</p>
<p><strong>इस मौके पर यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस अवसर पर ट्रस्टी दिनेश मेहता, रिनेश कोठारी, अश्विन बोबडा, कन्हैयालाल मेहता, विजयकुमार जैन , पवन गोवाडिया, पुलक मंच अध्यक्ष वैभव गोवाडिया, राजू डेचिया, प्रेरणा शाह, प्राशु शाह, प्रियदर्शी गांधी, आनंद कोड़िया, अतुल सारगिया, निमेष शाह, भाविक शाह, प्रदुमन सारगिया, दीपक शाह, नरेंद्र मुंगेड, महेन्द्र शाह, चंद्रशेखर संघवी, स्नेहलता गांधी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।</p>
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		<title>जिसका नैचर अच्छा उसका फ्यूचर अच्छा : आचार्य श्री पुलक सागरजी का 11 साल बाद धरियावद में मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Fri, 20 Jun 2025 15:03:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य पुलक सागर जी महाराज ससंघ 8 पिच्छी का धरियावद नगर में तीसरी बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। इससे पहले लगभग 11 वर्षों पूर्व 2015 में आचार्य श्री संघ का आगमन हुआ था। धरियावद से पढ़िए, यह खबर&#8230; धरियावद। आचार्य पुलक सागर जी महाराज ससंघ 8 पिच्छी का धरियावद नगर में तीसरी बार भव्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य पुलक सागर जी महाराज ससंघ 8 पिच्छी का धरियावद नगर में तीसरी बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। इससे पहले लगभग 11 वर्षों पूर्व 2015 में आचार्य श्री संघ का आगमन हुआ था। <span style="color: #ff0000">धरियावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> आचार्य पुलक सागर जी महाराज ससंघ 8 पिच्छी का धरियावद नगर में तीसरी बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। इससे पहले लगभग 11 वर्षों पूर्व 2015 में आचार्य श्री संघ का आगमन हुआ था। आगमन के बाद आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि हर किसी के पास मोबाइल हो या ना हो, पर स्माइल जरूर होना चाहिए। अपराधी को सजा देने से कोई फायदा नहीं होता है। उसका व्यवहार (नैचर) बदल दिया जाए तो जीवन बदल जाता है। मैं धरियावद में बदला लेने नहीं, धरियावद वालों का नैचर बदलने आया हूं। जिसका नैचर अच्छा, उसका फ्यूचर भी अच्छा होता है। दुनिया में आदमी के चले जाने के बाद उसके नैचर (स्वभाव) को ही लोग याद करते हैं। जब आप स्वयं बदलने के लिए तैयार हैं तो मैं अवश्य आपको बदलने का प्रयास कर सकता हूं। सूर्य सभी को समान रूप से प्रकाश देता है। इसलिए आस्था का एक दीया अवश्य जलाएं, इससे कई जन्मों का अंधियारा दूर हो जाता है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83443" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250620-WA0032.jpg" alt="" width="716" height="464" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250620-WA0032.jpg 716w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250620-WA0032-300x194.jpg 300w" sizes="(max-width: 716px) 100vw, 716px" />आचार्यश्री का धरियावद में तीसरी बार मंगल पदार्पण हुआ है। पहले शीतकाल, दूसरे ग्रीष्मकाल और अब तीसरी बार वर्षाकाल में उनका आगमन हुआ है। महाराज जी ने कि वर्षायोग चाहे धरियावद में हो ना हो पर यहां चार दिन चातुर्मास का लाभ अवश्य देकर जाऊंगा, यह वादा है। श्रीफल जैन न्यूज के अशोक कुमार जेतावत ने बताया कि आचार्य श्री का आगमन धरियावद में हुआ है। धरियावद नगरी वागड़ क्षेत्र में भक्ति के नाम से जानी जाती है। वहीं, यह नगरी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन के नाम से पूरे देश में जानी-पहचानी जाती है।</p>
<p><strong>शांतिधारा के बाद निकाला जुलूस</strong></p>
<p>आचार्य पुलक सागर का शुक्रवार को प्रातः दिगंबर जैन मऊ अतिशय क्षेत्र से अभिषेक, शांतिधारा के बाद जुलूस के साथ धरियावद नगर हेतु विहार प्रारंभ हुआ। मार्ग में जयकारों की गूंज के साथ जुलूस नगर की ओर बढ़ने लगा। लसाड़िया चौराहे पर स्थानीय समाजजन ने बैंड बाजों के जुलूस के साथ महिला मंडल ने सिर पर मंगल कलशों के साथ आचार्य संघ की परिक्रमा कर अगुवानी की। मार्ग में जगह-जगह सर्व समाज के भक्तों ने पाद प्रक्षालन, पुष्प वृष्टि, अर्घ्य समर्पण और आरती कर मंगल अगवानी की।</p>
<p><strong>आचार्य श्री का वात्सल्य मिलन हुआ</strong></p>
<p>जुलूस जैसे ही पुराना बस स्टैंड पहुंचा, श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के पास नगर में विराजित वयोवृद्ध दिगंबर जैन आचार्य श्री चंद्र सागर जी महाराज ससंघ 4 पिच्छी का वात्सल्य मिलन हुआ। दोनों आचार्य आपस में गले मिले और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जुलूस के साथ श्री चंद्रप्रभ उद्यान परिसर पहुंचे। यहां स्थित आनंद सभागार में शोभायात्रा धर्मसभा परिवर्तित हो गई। दोनों आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट का लाभ प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन डागरिया परिवार को मिला। धर्मसभा का संचालन पंडित विशाल जैन ने किया।</p>
<p><strong>जब तक संत हैं तब तक एकता कायम रहती है</strong></p>
<p>आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक संत एक मंच पर विराजित हैं, तब तक समाज में एकता कायम रहती है। आचार्य श्री चंद्रसागर जी महाराज ने कहा कि संत समागम और सत्संगत से असंख्यात कर्मों की निर्जरा हो जाती है। जिस प्रकार अंजुली में भरा पानी ज्यादा देर नहीं टिक पाता और खाली हो जाता है, उसी तरह सत्संगत से पाप कर्मों के नष्ट होने में देर नहीं लगती है।</p>
<p><strong>भारत में महापुरुषों का अवतरण इसलिए देश महान </strong></p>
<p>आचार्य श्री चंद्रसागर जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक इस संसार में संतों का आगमन होता रहेगा, तब तक इस संसार में शांति खुशहाली बनी रहेगी। पूरी दुनिया में भारत को भारतमाता और भारत देश महाना कहा जाता है। विश्व में विश्व गुरु भी भारत को ही कहा गया है। उसका एकमात्र कारण भारत की इस भूमि पर महापुरुषों का अवतरण होता रहा है। सबसे ज्यादा महापुरुष इसी भूमि पर हुआ करते हैं। उन्होंने कहा कि साधु की संगति करोड़ों अपराधों को हराने वाली होती है। जहां साधु की वाणी सुनने को मिल जाती है, वहां आने वाली पीड़ाएं दूर हो जाती हैं। आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज का जैसा नाम है, वैसा ही स्वभाव, व्यवहार और वाणी भी वैसी ही है।</p>
<p><strong>इस तरह होंगे नित्य कार्यक्रम</strong></p>
<p>आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज का धरियावद में अल्प प्रवास रहेगा। इस दौरान रोजाना प्रातः 7 बजे से अभिषेक एवं शांतिधारा, 8.30 बजे से मंगल प्रवचन, 10 बजे से आहारचर्या, दोपहर 12 बजे से सामायिक, सांयकाल 7 बजे से आनंद यात्रा, आरती, गुरु वंदना, गुरु भक्ति आदि कार्यक्रम होंगे।</p>
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