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	<title>आचार्य विराग सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>आचार्य विराग सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>भरत कुसुम मोदी आहार कक्ष यात्री निवास का हुआ शिलान्यास: आर्यिका विदूषी श्री ससंघ का मिला सानिध्य  </title>
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		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 13:07:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका विदुषी श्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में मांगलिक मंत्रोच्चार और क्रियाओं के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। दानवीर सेठ भरत कुसुम मोदी द्वारा पंडित मौसम शास्त्री के मुखारबिंद से यह कार्य संपन्न किया। धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर&#8230; धामनोद। विश्व के प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी जो कई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आर्यिका विदुषी श्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में मांगलिक मंत्रोच्चार और क्रियाओं के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। दानवीर सेठ भरत कुसुम मोदी द्वारा पंडित मौसम शास्त्री के मुखारबिंद से यह कार्य संपन्न किया। <span style="color: #ff0000">धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद।</strong> विश्व के प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी जो कई साधु संतों की तपस्थली है और कई मुनियों की और सिद्धों की मोक्ष स्थली है। जहां से इंद्रजीत कुंभकर्ण और कई करोड़ों मुनियों ने तपस्या कर के मोक्ष को प्राप्त किया। ऐसी तप स्थली पर गुरुवार को गणचार्य विराग सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका विदुषी श्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में मांगलिक मंत्रोच्चार और क्रियाओं के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। कई संस्थाओं के संरक्षक देव शास्त्र गुरु भक्त तीर्थ रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए हमेशा तत्पर दानवीर सेठ भरत कुसुम मोदी द्वारा पंडित मौसम शास्त्री के मुखारबिंद से यह कार्य संपन्न किया। अतिथियों का सम्मान कार्यक्रम ट्रस्ट कमेटी द्वारा किया गया। जिसमें आर्यिका संघ को मंचासीन किया गया तथा हरसुख दिगंबर जैन छात्रावास के बच्चों द्वारा संगीतमय मंगलाचरण किया गया। अतिथि भरत कुसुम मोदी एवं अन्य अतिथियों द्वारा भगवान आदिनाथ, आचार्य विराग सागर जी के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया गया। मास्टर मोक्ष द्वारा ये कार्य मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न करवाया। अतिथियों का सम्मान माला पचरंग के अंग वस्त्र तिलक लगाकर ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और ट्रस्ट सदस्यों ने किया। विनोद दोशी ने बताया कि 2008 में जो मेला संपन्न हुआ तब भी मूर्ति का जीर्णाेद्धार भरत कुसुम मोदी द्वारा ही करवाया गया था।</p>
<p><strong>इन्होंने किया कार्यक्रम में सहयोग </strong></p>
<p>इस अवसर पर इंदौर से संजय पाटोदी, अशोक पाटोदी, अशोक चौधरी, राहुल सेठी भी साथ पधारे। सभा का संचालन एवं अतिथि परिचय विपुल गंगवाल ने दिया और स्वागत भाषण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी ने प्रस्तुत किया और मोदी द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की गई। नरेश पहाड़िया सुसारी द्वारा अतिथि सम्मान में कविता पढ़ी गई। इस अवसर पर मोदी के साथ पधारे संजय पाटोदी और अशोक पाटोदी इंदौर द्वारा भरत कुसुम द्वारा तीर्थ रक्षा, तीर्थ उद्धार, जिन शासन की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को रेखांकित किया गया और उनकी सहृदयता सरलता, प्रेम, वात्सल्य और सहयोग के बारे में उपस्थित समुदाय को अवगत करवाया गया।</p>
<p><strong>मोदी ने दिया सहयोग का आश्वासन </strong></p>
<p>इस अवसर पर भरत कुसुम मोदी ने अति संक्षिप्त में आहार कक्ष और यात्री निवास के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही विश्व की अद्वितीय सबसे प्राचीन 84 फिट उत्तुंग भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के जीर्णाेद्धार के लिए भी स्वीकृति प्रदान की और ट्रस्ट कमेटी को निर्देशित किया कि ये काम शीघ्र करवाओ ताकि शीघ्रता से पंच कल्याणक एवं महा मस्तकाभिषेक हो सके। मोदी को सभी ट्रस्टियों ने अभिनंदन पत्र प्रदान किया। जिसका वाचन ट्रस्टी निलेश रावका ने किया।</p>
<p><strong>  आर्यिका विदुषी श्री माताजी ने की अनुमोदना </strong></p>
<p>इस अवसर के लिए आज प्रातः आर्यिका विदुषी श्री माताजी का संघ सहित मंगल प्रवेश हुआ और अपने उद्बोधन में पूरी ट्रस्ट कमेटी को आशीर्वाद दिया। साथ ही भरत कुसुम मोदी के इस पुनीत कार्य की खूब अनुमोदना सराहना कर खूब आशीर्वाद दिया। साथ ही आगे भी इसी तरह देव, शास्त्र,गुरु के लिए सहयोग के लिए कहा गया। साथ ही वी माताजी ने हिदायत भी दी कि किसी भी तीर्थ को पंथ वाद और संत वाद में मत बांटना और आप यह पुण्य कार्य यह दान और उत्कृष्ट कार्य पिछले पुण्य से कर रहे हो। अतः इस जीवन में ये पुण्य कार्य करोगे तो अगले भव में सुखों को प्राप्त करोगे।</p>
<p><strong>धर्म की प्रभावना कर खूब सेवा करें</strong></p>
<p>माताजी ने चिड़िया के आग बुझाने वाला दृष्टांत देते हुए बताया। चिड़िया ने बोला कि जब भी इतिहास लिखा जाएगा मेरा नाम आग बुझाने वालों में लिखा जाएगा। अतः आप अच्छे कार्य करने वालो में अपना नाम दर्ज करवाए और संत वाद पंथ वाद से खुद भी दूर रहें और तीर्थ क्षेत्र को भी दूर रखें।,तीर्थ कमेटी दान लेते वक्त पंथ नहीं पूछते और साधु संत आते हैं तब पंथ और संत वाद करते हो। हमंे समाज को जोड़ना हैं। आप खूब क्षेत्र पर विकास कार्य करे और धर्म की प्रभावना कर खूब सेवा करें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर ट्रस्ट कमेटी के जितेंद्र गोधा, मनोज गोधा, अंजड़, नरेंद्र भाई धामनोद ,संजय भाई, धामनोद, चक्रेश पहाड़िया, जिनेंद्र दोषी बड़वानी समाज अध्यक्ष, अशोक दोशी बड़वानी, निमाड़ मालवा के श्रावक श्राविकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। आभार ट्रस्टी धर्मेंद्र जैन अंजड़ ने माना। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मनीष जैन ने प्रदान की।</p>
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		<title>महिला जैन मिलन के शपथ ग्रहण समारोह में पौधे लगाने का संकल्प: भारतीय जैन मिलन के उद्देश्य जन-जन तक पहुंचाएं </title>
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		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 14:29:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। <span style="color: #ff0000">सागर से मनीष विधार्थी की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर</strong>। महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतिवीर कमलेंद्र जैन, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष अरूण चंदेरिया, कार्यकारी अध्यक्ष वीर संजय शक्कर,संयुक्त मंत्री अतिवीर संजीव दिवाकर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनीष विद्यार्थी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अति वीरांगना मंजु सतभैया, मंचासीन रहे। चित्रावरण, दीपप्रज्वलन मंचासीन अतिथि द्वारा किया गया। मंगलाचरण पाठशाला की बच्चियों द्वारा किया गया। महावीर वंदना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। सभी मंचासीन अतिथियों का शॉल, श्रीफल, माला, अंग वस्त्र सम्मान शाखा के पदाधिकारी द्वारा किया गया। सर्वप्रथम दोनों शाखा के पूर्व मंत्री द्वारा वर्ष भर में किए गए कार्यक्रमों की समीक्षा प्रस्तुत की गई।</p>
<p><strong>आगामी योजनाओं की जानकारी दी</strong></p>
<p>नए अध्यक्ष द्वारा अनेक आयोजन करने के विषय में उनकी रूपरेखा दी। क्षेत्रीय अध्यक्ष अरुण चंदेरिया द्वारा जैन मिलन के कार्यों को एवं उपदेशों को कर्तव्य निष्ठा के साथ पूर्ण करने की संकल्प शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान दसवीं बारहवीं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। अंत में मुख्य अतिथि कमलेन्द्र जैन ने कहा आप लोगों ने भारतीय जैन मिलन के उपदेश एवं उनके द्वारा गतिविधियों को आयोजित कर जैन धर्म की प्रभावना में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। जैन मिलन प्रतिवर्ष होने वाले कार्यक्रमों के लिए वार्षिक कैलेंडर आपको देता है, उसे कैलेंडर में दिए हुए कार्यक्रमों को आप अपनी शाखा द्वारा आयोजित कर भारतीय जैन मिलन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करना है। कार्यक्रम का संचालन वीरांगना संगीता पडेले ने किया। एवं आभार वीरांगना नीता बरा ने माना। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संयोजिका अनीता जैन, संगीता चंदेरिया ममता जैन, संगीता पडेले,शशि सतभैया , क्षेत्रीय संयोजिका मंजु सतभैया, संयोजक विमल जैन, मकरोनिया शाखा अध्यक्ष सुरेश जैन बीज निगम एवं नगर की सभी शाखों के अध्यक्ष मंत्री उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्य विराग सागर जी का प्रथम समाधि दिवस मनाया:  मुनियों और समाजजनों ने विनयांजलि अर्पित की </title>
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		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 11:53:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; नांद्रे। आचार्य विशुद्धसागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई।<span style="color: #ff0000"> नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नांद्रे।</strong> आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्रुतसागर महाराज भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर नांद्रे में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री सिद्ध सागरजी ने नांद्रे में आचार्य श्री विराग सागर महाराज जी के प्रथम स्मृति दिन पर अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री आदिसागर जी ‘अंकलीकर’, उनके शिष्य आचार्य श्री महावीरकीर्ति जी महाराज, उनके शिष्य आचार्य श्री विमलसागर जी, उनके शिष्य आचार्य श्री सन्मतिसागर जी, तथा आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज की परंपरा में आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज अत्यंत प्रेरणास्पद हैं।</p>
<p>आचार्य श्री विरागसागर जी का जन्म 2 मई 1963 को दमोह जिले के पथरिया में हुआ था। इनके पिता का नाम कपूरचंद और माता का नाम श्यामादेवी था। बचपन में उनका नाम अरविंद था। 2 जून 1980 को मध्यप्रदेश कि धार्मिक नगरी बुढार में आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज (फफोतू ) के करकमलों से क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण कर क्षुल्लक श्री पूर्णसागर जी बन गए। औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में 1 दिसंबर 1983 को आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज से मुनि दीक्षा ग्रहण की। आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज की अनुमति से 8 नवंबर 1992 को सिद्धक्षेत्र द्रोणागिरी (मप्र) में चतुर्विध संघ द्वारा आपको आचार्य पद प्रदान किया गया। आचार्य विरागसागर महाराज जी ने 227 शिष्यों को दीक्षा दी हैं। जो संपूर्ण भारतवर्ष में धर्म की भारी प्रभावना कर रहे हैं।</p>
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		<title>महावीर जन्मोत्सव पर आकर्षक झांकी सजाई : साथ सजाया बालक महावीर का पालना </title>
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		<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 18:06:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री वर्धमान ग्रुप द्वारा बनाई गई झांकी 3 दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी जाएगी। महावीर जयंती पर्व पर महावीर उद्यान में बीएस पटेल समूह द्वारा सीमेंट की दो चेयर प्रदान की गई। महावीर जिनालय में सुंदर झांकी के साथ बालक महावीर आकर्षक पालना भी सजाया गया। खंडवा से पढ़िए यह खबर&#8230; खंडवा। अहिंसा के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री वर्धमान ग्रुप द्वारा बनाई गई झांकी 3 दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी जाएगी। महावीर जयंती पर्व पर महावीर उद्यान में बीएस पटेल समूह द्वारा सीमेंट की दो चेयर प्रदान की गई। महावीर जिनालय में सुंदर झांकी के साथ बालक महावीर आकर्षक पालना भी सजाया गया। <span style="color: #ff0000">खंडवा से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>खंडवा।</strong> अहिंसा के प्रवर्तक भगवान महावीर स्वामी का जन्म महोत्सव ₹ नगर में सकल जैन समाज द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के समस्त जैन मंदिरों में भगवान महावीर का आकर्षक पालना सजाया गया था। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि महावीर जयंती महोत्सव पर श्री वर्धमान ग्रुप द्वारा महावीर जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर बजरंग चौक स्थित महावीर जिनालय में सुंदर झांकी के साथ बालक महावीर आकर्षक पालना भी सजाया गया। मनोरम दृश्य में गोधा स्टेट सुमति धाम इंदौर में होने वाले आचार्य पदारोहण को सुंदर स्वरूप देकर सजाया गया। इस दृश्य में मालवा की धारा पर अहिल्या की नगरी इंदौर में पावन सुमति धाम पर आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का आचार्य विराग सागर जी द्वारा आशीर्वाद एवं पदारोहण के दृश्य का जीवंत चित्रण किया गया। झांकी का निर्माण समाज के अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया एवं शरद बड़जात्या के मार्गदर्शन में वर्धमान ग्रुप की सभी महिला सदस्यों द्वारा किया गया।</p>
<p><strong>बुजुर्गों के लिए 100 कुर्सियां प्रदान की</strong></p>
<p>समाज के सचिव ने बताया कि महावीर जयंती पर स्व. छोटू भाई पटेल की स्मृति में बीएस पटेल समूह के जतिन पटेल द्वारा घंटाघर स्थित महावीर उद्यान मैं बैठने के लिए दो सीमेंट की बडी चेयर प्रदान की गई। जिसमें आठ लोग बैठ सकेंगे। वही नरेंद्र भगवान परिवार द्वारा धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रमों में बुजुर्गों को बैठने के लिए 100 कुर्सियां प्रदान की गई। मंदिर में यह झांकी 3 दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी जाएगी। महावीर जयंती पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसके दर्शन कर झांकी एवं सजे हुए पालने की सराहना की।</p>
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		<title>आचार्य विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ का चातुर्मास : कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य हुआ आयोजन </title>
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		<pubDate>Wed, 05 Jul 2023 16:30:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Virag Sagar ji]]></category>
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					<description><![CDATA[जैन तीर्थ श्रेयांशगिरि में परम पूज्य बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारतगौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ (30साधुओं सहित) के 45वे मंगल वर्षायोग/ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ भारी जनसमुदाय की उपस्थिति में किया गया। पढ़िए राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230; श्रेयांशगिरि (पन्ना)। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन तीर्थ श्रेयांशगिरि में परम पूज्य बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारतगौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ (30साधुओं सहित) के 45वे मंगल वर्षायोग/ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ भारी जनसमुदाय की उपस्थिति में किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>श्रेयांशगिरि (पन्ना)।</strong> पन्ना जिला अंतर्गत सलेहा के निकटवर्ती जैन तीर्थ श्रेयांशगिरि में परम पूज्य बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारतगौरव, राष्ट्रसंत, गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज ससंघ (30साधुओं सहित) के 45वे मंगल वर्षायोग/ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ भारी जनसमुदाय की उपस्थिति में किया गया। चातुर्मास समिति एवं भरत सेठ ने बताया कि श्रेयांशगिरि में पूज्य गुरुदेव का वर्ष 2014 के बाद हो रहे चातुर्मास कलश स्थापना एवं गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम में देश के मध्य प्रदेश, नागालैंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित जैन तीर्थ नैनागिरि व द्रोणगिरि, जैन समाज बकस्वाहा, बड़ामलहरा, घुवारा सहित अनेक स्थानों से भारी संख्या में धर्मावलंबियों ने सम्मिलित होकर इस पुण्यशाली क्षणों के साक्षी बनकर सौभाग्य एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>बताई चातुर्मास की महिमा</strong></p>
<p>चातुर्मास का प्रथम कलश पुखराज, मनोज कुमार जैन सतना, द्वितीय कलश कपूरचंद जैन जयपुर व तृतीय कलश राहुल जैन अहिंसा परिवार करहल वालों को प्राप्त हुआ । परम पूज्य गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पुखराज, मनोज सतना एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य विष्णु कुमार बोहरा निवाई वालों को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन के माध्यम से श्रेयांशगिरि के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए चातुर्मास की महिमा का व्याख्यान किया एवं उपस्थित समस्त भक्तजनों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
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