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	<title>आचार्य विनिश्चय सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>आचार्य विनिश्चय सागरजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>धूमधाम से मनाया आचार्य विनिश्चय सागरजी का 28 वां दीक्षा महोत्सव : जयपुर सहित देशभर से शामिल हुए श्रद्धालु  </title>
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		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 05:10:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[गुरु कृपा से ही शिष्य की पहचान है। गुरु उपकार जन्मों जन्मों तक नहीं भुलाया जा सकता है। ये उदगार गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ने 28 वां संयम दीक्षा महोत्सव के दौरान रविवार को दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में व्यक्त किए। जयपुर से पढिए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गुरु कृपा से ही शिष्य की पहचान है। गुरु उपकार जन्मों जन्मों तक नहीं भुलाया जा सकता है। ये उदगार गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ने 28 वां संयम दीक्षा महोत्सव के दौरान रविवार को दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढिए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> गुरु कृपा से ही शिष्य की पहचान है। गुरु उपकार जन्मों जन्मों तक नहीं भुलाया जा सकता है।</p>
<p>ये उदगार गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ने 28 वां संयम दीक्षा महोत्सव के दौरान रविवार को दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वास्तविकता सामने आती है तो सारे विकल्प अपने आप समाप्त हो जाती। आज मेरा दीक्षा दिवस मनाया जा रहा है लेकिन, यह सब गुरु गणाचार्य विराग सागर जी महाराज की ही कृपा है। 27 वर्ष पूर्व गुरु विराग सागर महाराज द्वारा मुनि दीक्षा के रूप में किया गया उपकार आज फलीभूत हो रहा है। सभी को वैराग्य और दीक्षा के भाव बनाने चाहिए। आज भाव बनाओगे तो एक दिन अवश्य वेराग्य प्राप्त होगा। जैन दर्शन कहता है कि संन्यास और दीक्षा परिग्रह के त्याग के बिना नही हो सकती है। भगवान पदम प्रभु के दर्शन करने से भावों में निर्मलता आती है। इससे पूर्व चित्र अनावरण, दीप प्रज्जवलन, पाद पक्षालन, संगीतमय पूजा शास्त्र भेंट, जाप्य माला भेंट, नववर्ष कैलेंडर विमोचन, मंगल प्रवचन सहित कई आयोजन किए गए।</p>
<p><strong>ध्वजारोहण कर दीक्षा दिवस समारोह का शुभारंभ</strong></p>
<p>इस मौके पर जयपुर, रामगंजमंडी सहित पूरे देश से बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि दीक्षा दिवस महोत्सव के अवसर पर श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ को प्रातः 11.30 बजे बैण्ड बाजों के साथ संत भवन से मंदिर जी के दर्शन करते हुए झांझरी सभागार तक लाया गया। दोपहर 12.15 बजे समाज श्रेष्ठी धर्म चन्द राकेश, लोकेश लुहाड़िया आकोदा वालों ने ध्वजारोहण कर 28 वें दीक्षा दिवस समारोह का शुभारंभ किया। प्रबंध समिति पदमपुरा, आचार्य विनिश्चय सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के साथ रामगंजमंडी, नैनवा, शिवाड, निवाई आदि से आने वाले समाज श्रेष्ठीजनो ने भगवान पदमप्रभु एवं आचार्यो के चित्र का अनावरण किया । मुनि भक्त वीरचंद, गजेंद्र, प्रवीण, विकास बडजात्या, राजेश-सीमा अजमेरा वैशाली नगर वालों ने दीप प्रज्वलन किया।</p>
<p><strong>इन्होंने किया पाद प्रक्षालन</strong></p>
<p>दिव्या बाकलीवाल, तन्वी जैन, आयुषी वैशाली, पायल टीम के नृत्य सहित मंगलाचरण के बाद समाज श्रेष्ठी अशोक- शकुन्तला, अंकित- प्रियंका चांदवाड ने स्वर्ण कलश से तथा मयंक-विजया सावला ने रजत कलश से आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का पाद पक्षालन किया। इस मौके पर श्रद्धालुओं द्वारा नाचते-गाते आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज की अष्ट द्रव्य से संगीतमय पूजा की गई। सुरेंद्र सुनीता हल्देनियां, अनिल पुलकित लुहाड़िया,आशीष जैन परिवार ने आचार्य श्री को मुख्य शास्त्र भेंट किया। समाज श्रेष्ठी अशोक प्रेम लता बाकलीवाल, पुष्पा, कुलदीप सोनी, कुसुम अभिषेक साखूनियां, मनीष &#8211; संतोष बगडा, प्रदीप-सुन्दर काला, डाॅ.अजीत जैन, शांति जैन द्वारा सभी मुनिराजों को जिनवाणी भेंट की गई।</p>
<p><strong>मुनियों के प्रवचन हुए</strong></p>
<p>इस मौके पर मुनि प्रांजल सागर, प्रवीर सागर, प्रत्यक्ष सागर, प्रज्ञान सागर, प्रसिद्ध सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए। इस मौके पर जनकपुरी, इंजीनियर्रस कालोनी, गोरधन नगर, चित्रकूट कालोनी, राधा विहार, विवेक विहार, कोटखावदा सहित कई स्थानों से अल्प प्रवास के लिए श्री फल भेट कर निवेदन किया गया। मुख्य संयोजक प्रदीप जैन, पदम बिलाला, डाॅ विमल कुमार जैन एवं चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि सायंकाल 28 थालियों में 28 दीपकों से आचार्य श्री की संगीतमय महाआरती की गई ।इससे पूर्व आचार्यश्री को नई पिच्छीका भेंट की गई। पुरानी पिच्छीका मुनि भक्त सुरेन्द्र &#8211; सुनिता जैन हल्देनियां को मिली। पदमपुरा कमेटी के मानद् मंत्री हेमन्त सोगानी ने विनयांजलि देते हुए फरवरी माह में होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी। मंच संचालन मुनिश्री प्रांजल सागर जी महाराज ने किया।</p>
<p><strong>यहां से आए श्रद्धालु</strong></p>
<p>विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक जयपुर से विभिन्न कालोनियों से 31 बसों एवं सैकड़ों चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों द्वारा हजारों श्रद्धालु पदमपुरा पहुंचे। आयोजन में जयपुर, कोटा, टौक, रामगंज मण्डी, निवाई, नैनवा,शिवाड, चाकसू, कोटखावदा, झांसी, दिल्ली सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।</p>
<p>जिनवाणी स्तुति से समापन हुआ।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे मौजूद</strong></p>
<p>मुख्य संयोजक पदम बिलाला एवं डॉ विमल कुमार जैन तथा पदमपुरा क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष सुधीर जैन एवं मानद् मंत्री हेमंत सोगानी ने बताया कि धर्म सभा के मौके पर ज्ञान चन्द झांझरी, उमरावमल संघी, पार्षद पारस जैन, महावीर अजमेरा, राज कुमार कोठ्यारी, प्रदीप जैन, विनोद जैन कोटखावदा, पदम चन्द बिलाला, डाॅ विमल कुमार जैन, महेश काला, जे एम जैन, चेतन जैन निमोडि़या, ज्ञान चन्द झांझरी, अशोक बाकलीवाल, निर्मल पाटोदी,सुरेन्द्र जैन, कुलदीप सोनी, पुलकित जैन, सीए शुभम जैन हल्देनिया ,नितिन जैन हल्देनिया , अंकित जैन, गजानन्द काला, दीपिका जैन कोटखावदा, प्रेम लता बाकलीवाल पुष्पा सोनी, कुसुम साखूनियां, सुनिता हल्देनिया,श्रुति सोनी,मीनू निमोडिया, वैशाली सोनी, तन्वी जैन आदि उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>16 दिसम्बर को होगा मंगल प्रवेश</strong></p>
<p>प्रवास समिति के महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ का सोमवार को आहार चर्या के बाद जयपुर की ओर मंगल विहार होगा। आचार्य श्री ससंघ का सोमवार सायंकाल 5.00 बजे बिलवा के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका नंगमति माताजी ससंघ से भव्य मिलन होगा। रात्रि विश्राम भी यहीं होगा। मंगलवार 16 दिसम्बर को प्रातः 7.30 बजे मंगल विहार होकर प्रातः 9.00 बजे गोरधन नगर के दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश होगा।</p>
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