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	<title>आचार्यश्री वर्धमान सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>आचार्यश्री वर्धमान सागर जी 2027 का चातुर्मास इंदौर में हो किया श्रीफल भेंट : इंदौर पोरवाड़ समाज ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से लिया आशीर्वाद </title>
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		<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 10:46:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 35 पिच्छी सहित जयपुर राणा जी की नसिया चूलगिरी पर संघ सहित विराजित हैं। जहां सभी लोग वर्ष 2026 के वर्षायोग के लिए निवेदन कर रहे हैं। जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; जयपुर। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 35 पिच्छी सहित जयपुर राणा जी की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 35 पिच्छी सहित जयपुर राणा जी की नसिया चूलगिरी पर संघ सहित विराजित हैं। जहां सभी लोग वर्ष 2026 के वर्षायोग के लिए निवेदन कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 35 पिच्छी सहित जयपुर राणा जी की नसिया चूलगिरी पर संघ सहित विराजित हैं। जहां सभी लोग वर्ष 2026 के वर्षायोग के लिए निवेदन कर रहे हैं। वहीं इंदौर ने वर्ष 2027 के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को वर्षायोग का श्रीफल भेंटकर निवेदन किया। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी की प्रेरणा, पोरवाड़ समाज के भरत भाई जीरभार एवं अध्यक्ष नमीष टेमी के मार्गदर्शन में पूर्व अध्यक्ष सुदर्शन जटाले सहित 60 से अधिक इंदौर पोरवाड समाज के सदस्यों ने पोरवाड समाज गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, मुनिश्री दर्शित सागर जी, आर्यिका श्री दर्शनामति, श्री देशना मति, श्री महायश मति, श्री निर्मोह मति, श्री पद्म यश मति सहित सभी साधुओं के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p><strong>अपनी भावनाओं में भक्ति में वृद्धि करें</strong></p>
<p>इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने धर्म उपदेश में बताया कि वर्ष 2026 का चातुर्मास राजस्थान में होना है अपने वर्ष 2027 के चातुर्मास के लिए बुकिंग अर्जी लगाई है। आपकी अर्जी फाइल में रखी है, विचार करेंगे। चातुर्मास योग संयोग से होते हैं उसके लिए प्रतीक्षा करना होती है। केवल श्रीफल चढ़ाने से संघ नहीं आता है संघ को लाने के लिए आपको आना होगा। आचार्य श्री ने आगे बताया कि भावना बनाने से योग संयोग बनते हैं। भावनाओं से कार्य सिद्ध होते हैं। आप अपने-अपने कॉलोनी के श्रीजी के समक्ष निवेदन कर अपनी भावनाओं में भक्ति में वृद्धि करें। संघ की आहार चर्या अनुसार आहार देने की भी भावना बनाएं।</p>
<p><strong>इन्होंने किया निवेदन </strong></p>
<p>इंदौर के नेमीनगर, सुदामानगर, स्कीम नं 71,गुमास्ता नगर, कालानी नगर, राजेन्द्र नगर, परिवहन नगर, सुमतीधाम, विजयनगर, सुखलिया, बंगाली चौराहा, तिलकनगर, गोयलनगर, वैशाली नगर आदि विभिन्न मंदिरों और समाज के सदस्यों के साथ पोरवाड महिला संगठन के पदाधिकारी उपाध्यक्ष निपुण शरद जैन, महिला संगठन अध्यक्ष जया अजीत जैन, सचिव कविता जैन, प्रफुल्ल जटाले, मोना शिरीष जैन, शरदजैन, अजीत जैन, विमल अनिता जैन,राजेंद्र टी जैन, डॉ. बिंदु जैन, विनोद सेठिया, अरविन्द सेठिया, प्रदीप संतोष चौधरी, विपिन हेमा जैन, तेजवंती जैन, ललित मीना जैन, संगीता जैन, चंचला जैन, सपना जैन, राजकुमार सरिता जैनी, सावन प्रमथेश जैन, पंकज संध्या जैन, दिनेश प्रविणा जैन, सुनीता जैन, रागिनी दिलीप जैन, कुलभूषण, सोनू जैन, अजिता जैन, मधु इंदौरीलाल , संजय वर्षा जैन और सुधांशु रश्मि जटाले सहित सदस्य आचार्य श्रीवर्धमान सागर जी के दर्शन एवं वर्ष 2027 का चातुर्मास अहिल्या नगरी इंदौर में करने का निवेदन करने पहुंचे।</p>
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		<title>आचार्यश्री संघ का दिव्य मिलन देख भक्त जन अभिभूत: अगवानी के दौरान जयकारों की गूंज से वातारण धर्ममय हुआ  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Feb 2026 16:31:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज का विहार चाकसू होते हुए पदमपुरा के लिए चल रहा है। चाकसू में पूर्व से विराजित आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने संघ सहित आकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चरण वंदना की। चाकसू से पढ़िए, यह खबर&#8230; चाकसू। आचार्यश्री वर्धमान सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p style="text-align: left"><strong>आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज का विहार चाकसू होते हुए पदमपुरा के लिए चल रहा है। चाकसू में पूर्व से विराजित आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने संघ सहित आकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चरण वंदना की। <span style="color: #ff0000">चाकसू से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p style="text-align: left"><strong>चाकसू।</strong> आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज का विहार चाकसू होते हुए पदमपुरा के लिए चल रहा है। चाकसू में पूर्व से विराजित आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने संघ सहित आकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चरण वंदना की। दोनों आचार्य संघ के मिलन को देखकर जनता बहुत आह्लादित अभिभूत हुई और दोनों संघ के दर्शन करने के लिए समाज जन काफी संख्या में मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align: left">समाज ने श्री चंद्रप्रभु भगवान, आचार्य श्री शांतिसागर महाराज, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया। भक्तों ने अगवानी कर चरण वंदना कर परिक्रमा लगाई। स्टेज पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को विराजित कर दूध, केसर, रत्नों पुष्प से चरण प्रक्षालन किए। आचार्य श्री ने आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी को आशीर्वाद दिया। दोनों आचार्य मंचासीन हुए।</p>
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		<title>भामाशाह अशोक पाटनी आरके मार्बल ने आचार्यश्री के दर्शन किए : आचार्य श्री से अनेक धार्मिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन लिया </title>
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		<pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:14:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का निवाई से पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में होने वाले पंचकल्याणक के लिए मंगल विहार जारी है। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में 18 से 22 फरवरी तक श्रीमद् चौबीसी जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्यश्री वर्धमान सागर जी के प्रमुख सानिध्य में होगा। निवाई से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; निवाई। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का निवाई से पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में होने वाले पंचकल्याणक के लिए मंगल विहार जारी है। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में 18 से 22 फरवरी तक श्रीमद् चौबीसी जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्यश्री वर्धमान सागर जी के प्रमुख सानिध्य में होगा। <span style="color: #ff0000">निवाई से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>निवाई।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का निवाई से पदमपुरा अतिशय क्षेत्र में होने वाले पंचकल्याणक के लिए मंगल विहार जारी है। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में 18 से 22 फरवरी तक श्रीमद् चौबीसी जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आचार्यश्री वर्धमान सागर जी के प्रमुख सानिध्य में होगा। बुधवार को भामाशाह अशोक पाटनी आरके मार्बल ग्रुप किशनगढ़ ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के रामपुरा में विहार के दौरान सड़क पर दर्शन किए। उन्होंने आचार्य श्री से अनेक धार्मिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन लिया। इस अवसर पर पदमपुरा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के पदाधिकारी और टोंक, निवाई, जयपुर अन्य नगरों के समाजजन भी उपस्थित रहे। अशोक पाटनी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल विहार में जैन ध्वज लेकर नंगे पैर पैदल भी चले। उल्लेखनीय है कि अशोक जी पाटनी दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा पंच कल्याणक महा महोत्सव के परम शिरोमणि संरक्षक भी है।</p>
<p><strong>पदम प्रभु के दर्शन के लिए आचार्य संघ भी उत्साहित</strong></p>
<p>इसके पूर्व 4 फरवरी को आचार्य श्री संघ की आहार चर्या शर्मा तोल कांटा वेयर हाउस कोठून पर हुई। दोपहर को 6.4 किमी मंगल विहार कर रात्रि विश्राम ओमप्रकाश के परिसर बालाजी मंदिर रामपुरा जयपुर रोड पर हुआ। 5 फरवरी को आचार्यश्री वर्धमान सागर जी का 3 किमी विहार होगा तथा नाथू लाल जैन के परिसर चाकसू रोड पर आहरचर्या होगी। परमीत जैन, पवन बोहरा, मोहित चंवरिया, आशीष के अनुसार मंगल विहार में निवाई, जयपुर, टोंक ,बोली, किशनगढ़ आदि अनेक नगरों के पुरुष और महिलाएं चल रही है। राजनीतिक, सामाजिक पदाधिकारी भी आचार्य श्री का दर्शन कर रहे हैं। पदमपुरा के श्री पदम प्रभु के दर्शन के लिए आचार्य संघ भी उत्साहित है।</p>
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		<title>24 घंटे संगीतमय भक्तामर पाठ 19 से: सृजन म्यूजिकल ग्रुप के संयोजन में होगा कार्यक्रम </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/24_hours_musical_bhaktamar_paath_from_19_th/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 13:46:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर गोकूल नगर में 24 घंटे संगीतमय श्री भक्तामरजी पाठ एवं महाआरती का आयोजन 19 और 20 जुलाई को किया जा रहा है। इसके आयोजक सृजन ग्रुप ‘एक अनूठी पहल’ इंदौर हैं। सहयोगी संस्था श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन महिला मंडल इंदौर, पोरवाड़ चिकित्सा प्रकोष्ठ इंदौर हैं। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर गोकूल नगर में 24 घंटे संगीतमय श्री भक्तामरजी पाठ एवं महाआरती का आयोजन 19 और 20 जुलाई को किया जा रहा है। इसके आयोजक सृजन ग्रुप ‘एक अनूठी पहल’ इंदौर हैं। सहयोगी संस्था श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन महिला मंडल इंदौर, पोरवाड़ चिकित्सा प्रकोष्ठ इंदौर हैं। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर गोकूल नगर में 24 घंटे संगीतमय श्री भक्तामरजी पाठ एवं महाआरती का आयोजन 19 और 20 जुलाई को किया जा रहा है। इसके आयोजक सृजन ग्रुप ‘एक अनूठी पहल’ इंदौर हैं। सहयोगी संस्था श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन महिला मंडल इंदौर, पोरवाड़ चिकित्सा प्रकोष्ठ इंदौर हैं। श्री दिगंबर जैन पोरवाड़ समाज इंदौर के अध्यक्ष नमीष जैन (टेमी) और सचिव श्रेष्ठी जैन ने बतायाकि पोरवाड़ समाज गौरव अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज के सानिध्य और आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद से इसका आयोजन किया जा रहा है। संरक्षक मनीष जैन (इटावदी), अध्यक्ष विशाल धनोते, सचिव अंतिम जैन, कोषाध्यक्ष रिनिष जैन ने बताया कि यह बेहद हर्ष का विषय है कि आप सभी के सहयोग से सृजन ग्रुप की ओर से लगातार 13 वर्षों से 24 घंटे का संगीतमय भक्तामर पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इस साल 24 घंटे संगीतमय भक्तामर पाठ का आयोजन गोकूलनगर के श्री दिगंबर जैन मंदिर में किया जा रहा है।</p>
<p><strong>पारस चैनल पर होगा प्रसारण </strong></p>
<p>सभी साधर्मी बंधुआंे से आग्रह है कि भगवान आदिनाथ की स्तुति में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ लें। आयोजन 19 जुलाई को दोपहर 3 बजे से 20 जुलाई को दोपहर 3 बजे तक होगा। संगीतकार संगम जैन और सोनाली जैन का सहयोग भी रहेगा। उन्होंने बताया कि भक्तामर पाठ के आरंभ और समापन एडवोकेट मुकेश पी जैन द्वारा रजत दीपक और यंत्रों से किया जाएगा और इसकी रिकार्डिंग पारस चैनल करेगा और प्रसारण 2-3 दिन बाद पारस चैनल पर किया जाएगा। भक्तामर पाठ और महाआरती के बाद स्वल्पाहार की व्यवस्था है।</p>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रसारण भी होगा</strong></p>
<p>आयोजन के पुर्ण्याजक परिवार चंद्रकांता जैन, जितेंद्र मोनिका जैन, हर्ष जैन हैं। कार्यक्रम में सहयोगी भरत जैन, प्रकाशचंद्र जैन बालसमुद, सुदर्शन जटाले रहेंगे। बता दें कि 24 घंटे संगीतमय भक्तामर पाठ का अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्रसारण भी होगा। विगत 3 साल से यह प्रसारण हो रहा है। इसमें विश्व भर से अनेक जैन परिवार शामिल हुए हैं। इस साल भी इंदौर के अलावा देश-विदेश में रहने वाले जैन परिवारों को इस आयोजन से जोड़ने के लिए ऑफ लाइन के साथ-साथ जूम ऑनलाइन प्लेटफार्म दिया जा रहा है। इससे इंदौर से बाहर और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जोड़ा जा सकेगा।</p>
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		<title>आचार्यश्री वर्धमान सागर जी का 36 वां पदारोहण दिवस मनाया : पंचामृत अभिषेक कर शांतिधारा की  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Jun 2025 14:28:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस समाजजनों ने भक्तिभाव से मनाया। दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन आदि ने पंचामृत अभिषेक किया। आचार्य श्री के सामूहिक पूजन में अर्घ्य और नेवैद्य समर्पित किए। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस समाजजनों ने भक्तिभाव से मनाया। दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन आदि ने पंचामृत अभिषेक किया। आचार्य श्री के सामूहिक पूजन में अर्घ्य और नेवैद्य समर्पित किए। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> निमाड़ की माटी के लाल नगर गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 36 वां आचार्य पदारोहण दिवस समाजजनों ने भक्तिभाव से मनाया। इस अवसर पर दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में प्रातः 7 बजे से नवनीत जैन, कमल केके, राहुल स्वास्तिक, मनोज जैन सहित सभी समाजजनों ने भव्य पंचामृत अभिषेक किया। आचार्य श्री के सामूहिक पूजन में अर्घ्य और नेवैद्य सुनील पांवणा, रदेश जैन, सुनील मास्टर साहब ने समर्पित किए। सभी भक्तों ने आचार्य श्री के चित्र के समक्ष भक्ति की। जैसा कि सभी को ज्ञात है कि आज आचार्य शांतिसागर जी के चरित्र को चरितार्थ कर पूरे विश्व में उनकी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। आप एक ऐसी शान एक ऐसी विभूति जिन्होंने एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन बार बाहुबली भगवान के महा मस्तकाभिषेक करवाया। लोग एक बार जाने को तरसते हैं कि एक बार गोमटेश्वर बाहुबली भगवान के दर्शन हो जाए लेकिन, जब भी इतिहास लिखा जाएगा। जब-जब बाहुबली भगवान के साथ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का नाम भी लिखा जाएगा। एक ऐसे आचार्य, जिन्होंने एक साथ तीन-तीन बार भगवान बाहुबली के पंचकल्याणक महा मस्तकाभिषेक कराने का सौभाग्य प्राप्त किया है। ऐसे आचार्य का गुणगान करना अतिशयोक्ति नही होंगी।</p>
<p>36 वर्ष पूर्व आज ही के दिन तिथि के अनुसार आषाढ़ सुदी दूज और 24 जून 1990 को पारसोला राजस्थान में आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज ने आचार्य पद प्रदान किया था। आप वर्तमान में स्वस्ति धाम जहाजपुर में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। इस अवसर पर साक्षात उपस्थित होकर वारिश जैन, वीरेंद्र मुंशी, सुरेंद्र पाटनी, पुष्पा जैन, हीरामणी भूच, अंजू पाटनी, ज्योतिबाला धनोते, चंदा पाटनी आदि समाजजनों ने अपनी विनयांजलि समर्पित की।</p>
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		<title>मुनिराजों का दीक्षा दिवस पर हो रहा गुणानुवाद : आचार्य श्री को भी कर रहे हैं याद </title>
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		<pubDate>Mon, 10 Feb 2025 13:43:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री अजीत सागर जी से दीक्षित मुनिराजों का 10 फरवरी को दीक्षा दिवस है। इस अवसर जैन समाज मुनिराजों और आचार्यश्री का गुणानुवाद कर रहा है। अभिषेक और शांतिधारा की गई। मंगलाचरण हुए। पढ़िए इंदौर और भींडर से यह खबर&#8230; इंदौर/भींडर। पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री अजीत सागर जी से दीक्षित मुनिराजों का 10 फरवरी को दीक्षा दिवस है। इस अवसर जैन समाज मुनिराजों और आचार्यश्री का गुणानुवाद कर रहा है। अभिषेक और शांतिधारा की गई। मंगलाचरण हुए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए इंदौर और भींडर से यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><span style="color: #000000"><strong>इंदौर/भींडर।</strong> </span> पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित शिष्यों एवं संघस्थ साधुओं के दीक्षा दिवस पर जैन समाज उनका गुणानुवाद कर रहा है। राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित मुनियों का दीक्षा दिवस है। 10 फरवरी को मुनिश्री अपूर्व सागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी का 28 वां संयम दीक्षा वर्ष, 10 फरवरी को समाधिस्थ मुनिश्री देवेंद्र सागर जी, समाधिस्थ मुनिश्री देवेश सागर जी को 15 वां दीक्षा वर्ष, आचार्य श्री अजीत सागर जी के शिष्य मुनिश्री चिन्मय सागर जी का36 वां दीक्षा वर्ष है। इन मुनियों के दीक्षा दिवस पर सकल दिगम्बर जैन समाज इनकी देशनाओं को याद करते हुए गुणानुवाद करता है। आचार्य श्री को नमोस्तु। सभी मुनिराजों को नमोस्तु।</p>
<p><strong>भींडर में मनाया दीक्षा दिवस</strong></p>
<p>समाज के प्रवक्ता इंद्रलाल फांदोत एवं संघस्थ बा. ब्र. नमन भैया जी ने बताया कि धर्मनगरी भींडर में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़े मंदिर में वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री अपूर्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री अर्पितसागर जी महाराज का 28 वां मुनि दीक्षा दिवस बा ब्र नमन भैया जी के निर्देशन में श्रद्धालुओं द्वारा मनाया गया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-74249" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1920" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-scaled.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-2048x1536.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250210-WA0038-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /> पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा की</strong></p>
<p>प्रातः श्री जी का भव्य पंचामृत अभिषेक शांतिधारा, पूजन किया गया, तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ चन्दना पचोरी और आशा वक्तावत ने मंगलाचरण करके किया। चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन इंदौर से पधारे श्रावक श्रेष्ठी भरत जैन और राजू भैया ने किया। मुनि श्री विवर्जितसागर जी महाराज सहित भरत जैन इंदौर , पारसमल पचोरी, श्रीपाल हाथी, सुलोचना फांदोत, दीपक धर्मावत आदि महानुभावों ने और बा. ब्र. नमन भैया जी ने भी अपने उद्गार युगल मुनि श्री के प्रति रखे और कार्यक्रम के संचालन किया।</p>
<p><strong>28 द्रव्यों से संगीतमय पूजन</strong></p>
<p>विनयांजलि के बाद आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज की 28 द्रव्यों से संगीतमय पूजन और 28 दीपकों से आरती की गई। पूजन में आदिनाथ जैन मंदिर और शांतिनाथ जैन मंदिर के सभी श्रावक श्राविकाओं में भक्ति नृत्य करते हुए गुरुवर की पूजन संपन्न की। युगल मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य भरत जी जैन परिवार इंदौर को एवं पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नानालाल बोहरा परिवार भींडर को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रीपाल हाथी, शांतिलाल सुलोचना फांदोत, अंजना जयंतीलाल फांदोत, मंजू बाई मनसुख डुंगरिया, मौसम देवी नानालाल बोहरा ने अपनी शक्ति अनुसार ब्रह्मचर्य व्रत का नियम भी ग्रहण कर पूज्य मुनि संघ से आशीर्वाद लिया और अपने जीवन को संयमित बनाने का संकल्प लिया। अंत में युगल मुनि श्री ने अपने-अपने प्रवचनों में अपने गुरुदेव के उपकारों का गुणगान किया। समस्त कार्यक्रम में वर्तमान अध्यक्ष विमल लिखमावत, पूर्व अध्यक्ष पारसमल पचोरी, उपाध्यक्ष श्रीपाल हाथी सहित सभी श्रावक-श्राविका, युवा-युवतियों ने भक्ति भाव के साथ युगल मुनिश्री का दीक्षा दिवस मनाया।</p>
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		<title>1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का मंदिर स्थापना दिवस मनाया: 23 दृव्यों से हुआ भगवान अभिषेक और शांतिधारा  </title>
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		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 16:26:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वसंत पंचमी पर स्थापना दिवस मनाया गया। इस मंदिर की स्थापना हुई थी। यह 400 साल पुराना मंदिर है। भगवान पार्श्वनाथ का 23 दृव्यों से अभिषेक किया गया। सजावट कर दीपोत्सव मनाया गया। पढ़िए पारसोला से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; पारसोला। पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वसंत पंचमी पर स्थापना दिवस मनाया गया। इस मंदिर की स्थापना हुई थी। यह 400 साल पुराना मंदिर है। भगवान पार्श्वनाथ का 23 दृव्यों से अभिषेक किया गया। सजावट कर दीपोत्सव मनाया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पारसोला से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पारसोला।</strong> पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित सन्मति नगर में विराजित हैं। जयंतीलाल कोठारी अध्यक्ष दशा हूमड दिगंबर जैन समाज ने बताया कि नगर के प्राचीन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर की 400 वर्ष पूर्व माध सुदी पंचमी वसंत पंचमी के दिन स्थापना हुई थी। स्थानीय दिगंबर जैन समाज ने मंदिर के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ भगवान का 23 द्रव्यों से भव्य पंचामृत अभिषेक किया।</p>
<p><strong>इन दृव्यों से किया अभिषेक </strong></p>
<p>सौभाग्यशाली परिवारों ने विशेष द्रव्यों जल, दूध, दही, केशर, सर्वाेषधी, सेवफल, अनार,केले, चीकू, नारियल पानी, धी, मौसबी, पपीता, नारंगी, अमरूद, अंगूर, सहित विभिन्न मौसमी फलों, सूखे मेवे बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता,आदि के रसों, चंदन, चार कलशों, सुगंधित जल पुष्पों की वृष्टि शांतिधारा की।</p>
<p><strong>मुनिश्री हितेंद्रसागर जी ने करवाई शांतिधारा</strong></p>
<p>मुनिश्री हितेंद्र सागर जी द्वारा उच्चारित मंत्रोच्चार से सुगंधित जल से अभिषेक कुलदीप,पंडित कीर्तिश, श्रेणिक तथा वृहद शांतिधारा करने का सौभाग्य महावीर वगैरिया परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सभी मंदिरों में सुंदर मन मोहक फूलों से सजावट कर प्रकाश से दीपोत्सव मनाया गया।</p>
<p><strong>श्री शांतिसागर जी ने बताया था मंदिर को अतिशयकारी</strong></p>
<p>पंडित कीर्तिश, राजेश पंचोलिया ने बताया कि उल्लेखनीय है कि प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी प्रतापगढ़ चातुर्मास के समय पारसोला आए थे। तब दो दिनों के प्रवास में इस प्राचीन श्री पार्श्वनाथ भगवान को अतिशयकारी बताया था। सन 1990 में खाड़ी युद्ध में नगर के भक्तों के कुवैत में प्राण संकट में थे। तब इस मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी और मुनि श्री वीरसागर की के आशीर्वाद तथा प्रेरणा से विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। सभी भक्त सुरक्षित वापस आए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सन्मति नगर विराजित हैं। आचार्य संघ सानिध्य में धार्मिक मंडल विधान हो रहे हैं। वसंत पंचमी पर चौंसठ रिद्धि विधान की पूजा हुई। जिसमें मंत्रोच्चार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने किए।</p>
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		<title>गिरनार जी श्री नेमीनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण भूमि है : धर्म पद यात्रा के बारे में दी जानकारी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/girnarji_is_the_land_of_meditation_enlightenment_and_nirvana_of_lord_neminath/</link>
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		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 03:43:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म, तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई तक विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली निकाली जाएगी। धर्म पद यात्रा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म, तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई तक विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली निकाली जाएगी। धर्म पद यात्रा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने जानकारी दी। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मार्गदर्शन और आशीर्वाद लिया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पारसोला से राजेश पंचोलिया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पारसोला:</strong> आचार्यश्री वर्धमान सागर जी 33 साधुओं के विशाल संघ सहित सन्मति नगर में विराजित है। आचार्यश्री ने धर्म देशना में बताया कि गुजरात के गिरनार उर्जयंत पर्वत 22 वे तीर्थंकर 1008 श्री नेमिनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण मोक्ष स्थल है। 72 करोड़ 700 मुनिराजों की निर्वाण स्थली है। श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को देहली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई पर विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली का आयोजन किया गया है।</p>
<p><strong>धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे इंतजाम होने चाहिए</strong></p>
<p>प्रशासन का कर्तव्य है कि जैन समाज को मोक्ष कल्याणक पर भगवान के दर्शन चरणों की वंदना करने के अवसर जैन समाज की 22वें तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान की धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे प्रशासन को इंतजाम करना चाहिए क्योंकि, श्री नेमिनाथ भगवान जैन समाज के आराध्य हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सन्मति नगर पारसोला में विश्व जैन संगठन के प्रतिनिधियों एवं जैन समाज के समक्ष 1 फरवरी को प्रगट की।</p>
<p><strong>आचार्य श्री ने अनुभव किए साझा</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व जैन संगठन के इस धर्म प्रभावना के कार्य में सभी को शामिल होकर सहयोग करना चाहिए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने वर्ष 1992 में की गई वंदना दर्शन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमने फरवरी मार्च 1992 में हमारे संघ, आचार्यश्री निर्मलसागर जी और आर्यिका श्री विजयमति माताजी के संघ सहित सभी पांचों टोक के दर्शन वंदना की और हमने 8 दिन के प्रवास में तीन बार दर्शन वंदना की।</p>
<p><strong>आचार्य पुष्पदंत सागर जी ने जिनवाणी की रचना की</strong></p>
<p>इसके पूर्व मुनि श्री हितेंद्रसागर जी ने बताया कि गिरनार पर्वत में सहस्त्र वन में आचार्य धरसैनाचार्य, आचार्य भुतबली और आचार्य पुष्पदंत सागर जी महा मुनिराज ने जिनवाणी की रचना यहीं से की। आचार्य श्री के दर्शन चरण वंदना कर विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि विश्व जैन संगठन द्वारा श्री नेमिनाथ भगवान गिरनार धर्म पदयात्रा की जाएगी। 1008 श्री आदिनाथ भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस 23 मार्च से बलबीर नगर दिल्ली से 101 दिवसीय श्री गिरनार सिद्ध क्षेत्र यात्रा 2 जुलाई तक श्री नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा का शुभारंभ होगा।</p>
<p><strong>आचार्य का आशीर्वाद लेने आए </strong></p>
<p>विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन दिल्ली 1 फरवरी को पारसोला में विराजित प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन करने और इस मंगलमय पदयात्रा कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद लेने के लिए अपने साथियों सहित पधारे हैं।</p>
<p><strong>अतिथियों का स्वागत किया</strong></p>
<p>संजय जैन देहली ने आचार्य के समक्ष धार्मिक पदयात्रा का उद्देश्य बताया कि समग्र अखिल भारतीय जैन समाज को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष स्थल से जोड़ने के लिए यह पद यात्रा की जा रही है। इस अवसर पर पारसोला दिगंबर जैन समाज द्वाराआए अतिथियों का नगर की परंपरा अनुसार स्वागत किया गया।</p>
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		<title>आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय में रोज हो रही भक्तामर आराधना: 48 दीपकों से श्रावक कर रहे नित आरती और भक्तामर आराधना </title>
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		<pubDate>Fri, 31 Jan 2025 12:45:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय (स्कीम नंबर 71) में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याणक माघ कृष्ण चतुर्दशी को मनाया गया। यहां 28 जनवरी से ही प्रतिदिन शाम को श्रीजी की आरती और 48 दीपकों से भक्तामर स्तोत्र आराधना की जा रही है। पढ़िए इंदौर से सुनील जैन की यह खबर&#8230; इंदौर। आचार्यश्री 108 शांतिसागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय (स्कीम नंबर 71) में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याणक माघ कृष्ण चतुर्दशी को मनाया गया। यहां 28 जनवरी से ही प्रतिदिन शाम को श्रीजी की आरती और 48 दीपकों से भक्तामर स्तोत्र आराधना की जा रही है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए इंदौर से सुनील जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर</strong>। आचार्यश्री 108 शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाचार्य वात्सल्य वारिधी आचार्यश्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद और मुनिश्री 108 चारित्र सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय (स्कीम नंबर 71) में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याणक माघ कृष्ण चतुर्दशी को मनाया गया। यहां 28 जनवरी से ही प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से श्रीजी की आरती और 48 दीपकों से भक्तामर स्तोत्र आराधना की जा रही है। दिगंबर जैन समाज की ओर से आग्रह किया गया है कि आप भी आकर अपनी ओर से भक्तामर आराधना कर सकते हैं।</p>
<p><strong>इनके द्वारा की जाएगी भक्तामर आराधना</strong></p>
<p>चैत्यालय की संरक्षक आरती जैन, सनत जैन, निखिल जैन, महेंद्र टी जैन ने बताया कि 1 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम का लाभ सरिता-राजेंद्र टी जैन लेंगे। 2 फरवरी रविवार को होने वाले कार्यक्रम के लिए सुनीता-पवन चौधरी, 3 फरवरी सोमवार को ममता-सुनीलजी &#8216;ईशान&#8217;, 4 फरवरी मंगलवार को आशा कोरिया, 5 फरवरी बुधवार को माताजी मानकुंवर की पुण्यतिथि पर आभा-सुशील जैन और आकाश-प्रकाश जैन, 6 फरवरी गुरुवार ज्योति-पंकज सेठिया, 7 फरवरी शुक्रवार को कु.आशी-सुगंधीबाई कोठारी, 8 फरवरी शनिवार को कविता-कैलाश चंद पोरवाल, 9 फरवरी 2025 रविवार (मा.अविचल के जन्मदिन पर) रिया-निखिलजी जैन, 20 फरवरी गुरुवार आरती-सनत जैन (विवाह वार्षिकी पर) पुण्यार्जन करेंगे। दीप भक्तामर आराधना करेंगे।</p>
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		<title>धरियावद से मूंगाणा और पारसोला तक की पदयात्राः श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री सुनील सागर और वर्धमान सागर के दर्शन किए </title>
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		<pubDate>Thu, 26 Dec 2024 07:36:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धरियावद से मूंगाणा होते पारसोला तक की पदयात्रा बुधवार को की गई। इसमें बड़ी संख्या में युवा,महिलाएं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। एक दिवसीय यात्रा के दौरान आचार्यों और ससंघों के दर्शन का श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। पढ़िए धरियावाद से यह खबर&#8230; धरियावद। नगर से मूंगाणा और पारसोला तक एक दिवसीय पदयात्रा की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>धरियावद से मूंगाणा होते पारसोला तक की पदयात्रा बुधवार को की गई। इसमें बड़ी संख्या में युवा,महिलाएं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। एक दिवसीय यात्रा के दौरान आचार्यों और ससंघों के दर्शन का श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। पढ़िए धरियावाद से यह खबर&#8230;</strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> नगर से मूंगाणा और पारसोला तक एक दिवसीय पदयात्रा की गई। धरियावद जैन समाज के सैकड़ों श्रावक और श्राविकाएं वात्सल्य मूर्ति मुनि 108 श्री पुण्यसागर जी महाराज का आशीर्वाद लेकर श्रीकुंथुसागर दिगंबर जैन नसियाजी मंदिर से बुधवार सुबह करीब 7 बजे पैदल रवाना हुए। नगर के विभिन्न चौक-चौराहों तथा महावीर मंदिर होते हुए गाजे बाजे के साथ भव्य जुलूस लसाड़िया चौराहे पर पहुंचा। यहां से पदयात्री अपने कदमताल करते हुए अतिशय क्षेत्र मऊ खूंता होते हुए दोपहर में मूंगाणा पहुंचे।</p>
<p><strong>आशीर्वाद लिया मंदिरों में किए दर्शन</strong></p>
<p>यहां विराजित प्राकृत ज्ञान केसरी आचार्यश्री सुनील सागर जी महाराज के संघ सहित दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने नगर के जिन मंदिरों के भी दर्शन किए। श्रद्धालुगण इस दौरान भक्ति भाव से भरे हुए थे। दर्शन के बाद सभी आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।</p>
<p><strong>पारसोला में हुआ पदयात्रियों का स्वागत</strong></p>
<p>मूंगाणा से पदयात्रियों ने पारसोला की ओर रवाना हुए। शाम 5 बजे बाद पदयात्री पारसोला पहुंचे। जहां स्थानीय समाजजनों ने उनका पुष्पवृष्टि कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र प्रभु के दर्शन कर वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के दर्शन लाभ लिए। शाम को धूमधाम से प्रभु और गुरु की भव्य आरती की गई।</p>
<p><strong>पदयात्रा में बच्चों ने भी दिखाया उत्साह</strong></p>
<p>बता दें कि स्व.पारसमल सरिया की प्रेरणा से धरियावद नगर से हर साल दिसंबर माह में पद यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष प्रतिष्ठाचार्य पं.हंसमुख जैन के निर्देशन में मूंगाणा और पारसोला में विराजित आचार्य संघों के दर्शन लाभ के लिए एक दिवसीय पदयात्रा की गई। इसमें पुरुष, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने भी हिस्सा लिया।</p>
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