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	<title>आचार्यश्री ज्ञानसागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>आचार्यश्री ज्ञानसागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्यश्री ज्ञानसागर जी का अवतरण दिवस मनाया : भक्ति और सेवा का उमड़ा सागर </title>
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		<pubDate>Sat, 02 May 2026 07:24:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री ज्ञानसागरजी का 69वां अवतरण दिवस श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परेड में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ हर्षाेल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया गया। मुरैना में जन्मे आचार्य श्री के अवतरण दिवस पर पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। अंबाह से पढ़िए, यह खबर&#8230; अंबाह। आचार्यश्री ज्ञानसागरजी का 69वां अवतरण दिवस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री ज्ञानसागरजी का 69वां अवतरण दिवस श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परेड में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ हर्षाेल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया गया। मुरैना में जन्मे आचार्य श्री के अवतरण दिवस पर पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> आचार्यश्री ज्ञानसागरजी का 69वां अवतरण दिवस श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परेड में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ हर्षाेल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया गया। मुरैना में जन्मे आचार्य श्री के अवतरण दिवस पर पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन बेला में श्री जिनेंद्र प्रभु के जलाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर आचार्य श्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके पश्चात मंदिर परिसर में भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। परेड मंदिर के प्रवेश द्वार पर आयोजित विशाल भंडारे के अंतर्गत अन्नदान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन, श्रद्धालु एवं राहगीरों ने भोजन एवं शीतल पेय ग्रहण किया। भीषण गर्मी के बावजूद शीतल पेय एवं अन्न प्रसादी पाकर उपस्थित सभी लोगों ने संतोष और आनंद का अनुभव किया। सेवा भाव से परिपूर्ण इस आयोजन ने समाज में समरसता और करुणा का संदेश दिया। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य जनों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रसादी वितरण का शुभारंभ किया।</p>
<p><strong>इनकी उपस्थिति में किया गया कार्यक्रम </strong></p>
<p>प्रमुख रूप से महेश चंद जैन शिक्षक, आनंद जैन टकसारी, शगुनचंद जैन दिल्ली, महेशचंद जैन एमपीईबी, अरुण जैन पार्षद, विमल जैन राजू, संतोष जैन, कुलदीप जैन, दिलीप जैन, उपेंद्र पटेल, अनिल जैन खरगोला, विकास जैन पांडे, ओपी जैन, पूरनचंद जैन, अमित जैन टकसारी, श्रेयांस जैन, विकास जैन एसके, लबली जैन, मनीष जैन, अजय जैन बबलू, डॉ. बी जैन, सोनू जैन, राहुल नायक एवं आकाश जैन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>सच्चा धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं </strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख वक्ता कुलदीप जैन ने आचार्य श्री के जीवन, विचार और समाज में उनके योगदान पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री का जीवन केवल एक साधु जीवन नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरक धारा है, जिसने चंबल अंचल की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी है। विमल जैन राजू ने कहा कि आचार्य श्री ने अपने तप, त्याग और संयम से यह सिद्ध किया है कि सच्चा धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जीवन को संस्कारित करने की एक सतत प्रक्रिया है।</p>
<p><strong>मुरैना का नाम आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित किया</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने समाज को अहिंसा, शाकाहार, अपरिग्रह और आत्मसंयम का मार्ग दिखाया। उनके प्रवचन केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला हैं। महेश जैन एमपीईबी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि उनके आदर्शों को अपनाए तो समाज में व्याप्त अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः संभव है। उन्होंने विशेष रूप से यह बात कही कि आचार्य श्री ने चंबल अंचल को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है और मुरैना का नाम आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित किया है। कार्यक्रम में महेशचंद जैन शिक्षक ने भी आचार्य श्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संयम, त्याग, तपस्या और समाज सुधार की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री ने जैन दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p><strong>आचार्य श्री की महाआरती की</strong></p>
<p>इसके पश्चात उपस्थित सभी गुरुभक्तों द्वारा पूज्य आचार्य श्री की महाआरती की गई। पूरा मंदिर परिसर “जयकारों” और भक्ति गीतों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर आचार्य श्री के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। आयोजन समिति द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया और इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।</p>
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		<title>आचार्यश्री ज्ञानसागर जी के षष्ठम समाधि दिवस पर कई कार्यक्रम : अलग-अलग भाषाओं में गीत संगीत के माध्यम से भावनाएं की व्यक्त  </title>
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		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 11:44:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के षष्ठम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल- गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरुभक्तों की उपस्थिति में विशाल समारोह रखा गया। रघुनाथपुर से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की यह खबर&#8230; रघुनाथपुर (पश्चिम बंगाल)। आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के षष्ठम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के षष्ठम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल- गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरुभक्तों की उपस्थिति में विशाल समारोह रखा गया। <span style="color: #ff0000">रघुनाथपुर से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रघुनाथपुर (पश्चिम बंगाल)</strong>। आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के षष्ठम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल- गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरुभक्तों की उपस्थिति में विशाल समारोह रखा गया। जिसमें अपने गुरु से प्राप्त मार्गदर्शन पर चलने तथा उनके आशीर्वाद से किए जा रहे समाज उत्थान कार्याें को आगे बढ़ाने के लिए सतत् प्रयासरत रहने की भावना व्यक्त की गई। गुरु भक्ति में बंगाल, उड़ीसा और झारखंड प्रांत से पधारे सभी ने अपने प्रथम दिगंबर गुरु, वर्तमान समय में भगवान स्वरुप, हमारे दुःख-पीड़ा को समझने वाले महामानव किस पुण्योदय से हमारे बीच अल्प समय के लिए आए थे और समय रहते हमें छोड़कर देवलोक प्रस्थान कर गए। ऐसी भावना अपनी-अपनी भाषा में भजन संगीत, वाचन के माध्यम से प्रस्तुत की गई। बालिकाओं ने नृत्य के साथ भक्ति प्रस्तुत की। कार्यक्रम आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, आर्यिकारत्न श्री सुज्ञानमति माता जी के आशीर्वाद से बाल ब्रम्हचारीणी मंजुला दीदी के निर्देशन में श्री ज्ञानसागर गुरु भक्त परिवारों के सहयोग से भाव दिगंबर जैन सराक ट्रस्ट दिल्ली एवं प्राच्य श्रावक श्रमण समिति सराक क्षेत्र के संयोजन से संपन्न हुआ।</p>
<p><strong>प्रतियोगियों को पुरस्कार प्रदान किए</strong></p>
<p>कार्यक्रम में गुरुदेव के कृतित्व पर निबंध प्रतियोगिता, चित्र अंकन, गुरु मंदिर सजाओ, आरती थाली सजाओ आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी को सम्मानित किया गया। पुरस्कार मंजुला दीदी ने प्रदान किए। प्राच्य श्रावक श्रमण समिति के पदाधिकारी पुटुक जैन, रमेशचंद जैन, गयाराम जैन, युधिष्ठिर जैन, संजय जैन, सृष्टिधर जैन, असित लायेक किरीटी, भूषण जैन, जितेंद्र जैन, तापस जैन, लिल्टू जैन, गौरांग जैन, रामदुलाल जैन, विद्युत जैन के साथ-साथ सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ट्रस्ट की ओर से संजय कुमार पाटनी ने कार्यक्रम को संबोधित किया।</p>
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		<title>सराकोत्थान केंद्र रघुनाथपुर में ज्ञानसागरजी का स्मृति दिवस मनाया : गुरु भक्ति के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भक्तों ने लिया पुण्य लाभ  </title>
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		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 08:54:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के पंचम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल-गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरु भक्तों की उपस्थिति में समारोह रखा गया। रधुनाथपुर से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; रघुनाथपुर/प.बंगाल। सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के पंचम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के पंचम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल-गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरु भक्तों की उपस्थिति में समारोह रखा गया। <span style="color: #ff0000">रधुनाथपुर से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रघुनाथपुर/प.बंगाल।</strong> सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के पंचम समाधि दिवस के उपलक्ष्य में हजारों प्राच्य जैन सराक बंधुओं, महिला, बाल-गोपाल एवं सराक क्षेत्र के जैनेतर गुरु भक्तों की उपस्थिति में समारोह रखा गया। इसमें अपने गुरु से प्राप्त मार्गदर्शन पर चलने तथा उनके आशीर्वाद से किए जा रहे समाजोत्थान कार्याें बढ़ाने के लिए सतत् प्रयासरत रहने की भावना व्यक्त की। गुरु भक्ति में बंगाल, उड़ीसा और झारखंड प्रांत से पधारे सभी ने अपने प्रथम दिगंबर गुरु, वर्तमान समय में भगवान स्वरूप, हमारे दुःख-पीड़ा को समझने वाले महामानव किस पुण्योदय से हमारे बीच अल्प समय के लिए आए थे और समय रहते हमें छोड़कर देवलोक प्रस्थान कर गए। ऐसी भावना अपनी-अपनी भाषा में भजन संगीत, वाचन के माध्यम से प्रस्तुत की गई। बालिकाओं ने नृत्य के साथ भक्ति प्रस्तुत की।</p>
<p><strong>प्रतियोगिताओं में दिखाया अपार उत्साह </strong></p>
<p>कार्यक्रम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, आर्यिकारत्न श्री सुज्ञानमति माताजी के आशीर्वाद से बाल ब्रह्मचारिणी बहन मंजुला दीदी के निर्देशन में श्री ज्ञानसागर गुरु भक्त परिवारों के सहयोग से भाव दिगंबर जैन सराक ट्रस्ट दिल्ली एवं प्राच्य श्रावक श्रमण समिति सराक क्षेत्र के संयोजन से हुआ। जिसमें गुरुदेव के कृतित्व पर निबंध प्रतियोगिता, चित्र अंकन, गुरु मंदिर सजाओ, आरती थाली सजाओ आदि प्रस्तुति की गई। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी को पुरस्कार मंजुला दीदी ने प्रदान किए।</p>
<p><strong>इनका योगदान सराहनीय रहा </strong></p>
<p>प्राच्य श्रावक श्रमण समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पुटुक माजी, रमेशचन्द मांझी, गयाराम माजी, युधिष्ठिर माजी, संजय माजी, सृष्टिधर मांझी, असित लायेक, किरीटी भूषण मांझी, जितेन्द्र माजी, तापस माजी, लिल्टू माजी, गौरांग मांझी, रामदुलाल मंडल, विद्युत माजी के साथ-साथ सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ट्रस्ट की ओर से संजयकुमार पाटनी ने संबोधित किया।</p>
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		<title>ज्ञानसागर गुरु मंदिर जिनालय आधारशिला 6 मार्च को :  भव्यातिभव्य जिनालय का होगा निर्माण </title>
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		<pubDate>Sun, 02 Mar 2025 08:13:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में ज्ञानसागर गुरु मंदिर एवं नवीन जिनालय की आधारशिला 6 मार्च को रखी जाएगी।ज्ञानतीर्थ पहुंचने के लिए बड़ा जैन मंदिर मुरैना एवं नसियां जी जैन मंदिर मुरैना से ई-रिक्शा की व्यवस्था एवं कार्यक्रम के बाद वापसी के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में ज्ञानसागर गुरु मंदिर एवं नवीन जिनालय की आधारशिला 6 मार्च को रखी जाएगी।ज्ञानतीर्थ पहुंचने के लिए बड़ा जैन मंदिर मुरैना एवं नसियां जी जैन मंदिर मुरैना से ई-रिक्शा की व्यवस्था एवं कार्यक्रम के बाद वापसी के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुरैना।</strong> श्री दिगंबर जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में ज्ञानसागर गुरु मंदिर एवं नवीन जिनालय की आधारशिला 6 मार्च को रखी जाएगी। ज्ञानतीर्थ के ट्रस्टी योगेश जैन (खतौली वाले) दिल्ली ने बताया कि आचार्यश्री सुमति सागर जी, आचार्यश्री सन्मति सागर जी एवं आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज की पावन धरा पर एबी रोड हाइवे पर नवनिर्मित ज्ञान तीर्थ मुरैना में ज्ञान गुरु मंदिर एवं नवीन जिनालय का शिलान्यास समारोह गुरुवार 6 मार्च को सुबह 10 बजे से होने जा रहा है। समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के स्वप्नों को साकार करने एवं अधूरे कार्यों को पूर्ण करने का दृढ़ संकल्प ज्ञानसागर भक्त परिवार ने लिया है। आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज के शिष्य सप्तम पट्टाचार्य ज्ञेयसागर जी महाराज के आशीर्वाद से आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी की प्रेरणा एवं निर्देशन में आर्यिका आर्षमति माताजी, आर्यिका सुज्ञानमति माताजी, आर्यिका दयामती माताजी एवं छाणी परंपरा के सभी साधु- साध्वियों के मंगल आशीर्वाद से क्षुल्लिका श्री अर्हतमति माताजी एवं क्षुल्लिका संस्कृति भूषण माताजी के सानिध्य में ज्ञानातीर्थ परिवार की ब्रह्मचारिणी बहन मंजुला दीदी के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार जी निशांत टीकमगढ़ एवं नितिन भैयाजी खुरई शिलान्यास समारोह की सभी क्रियाओं को संपन्न कराएंगे।</p>
<p><strong>यह समाजजन लेंगे कार्य करने का सौभाग्य</strong><br />
समारोह के शुभारंभ में ध्वजारोहण मुकेशकुमार जैन विटूमैन आगरा, चित्र अनावरण बकीलचंद, नीरज जैन, पंकज जैन, राजीव जैन खैकड़ा एवं दीप प्रज्वलन सतेंद्रकुमार जैन बुढ़ाना बाले करेंगे। दोनों जिनालयों का निर्माण वास्तुविद चंद्रशेखर जैन विदिशा की देखरेख में होगा। भव्यातिभव्य नवीन जिनालय की आधारशिला चंद्रकांता जैन, बृजेश जैन, राजेश जैन, यतीश जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, मेडिकल परिवार मुरैना एवं ज्ञान गुरु मंदिर की आधारशिला आनंद जैन, राहुल जैन, रजत जैन खेकड़ा परिवार सूर्य नगर दिल्ली द्वारा रखी जाएगी।</p>
<p><strong>समारोह की तैयारियां जारी</strong><br />
जैन समाज की स्वयं सेवी संस्था जैन मित्र मंडल मुरैना के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन खनेता वाले ने बताया कि शिलान्यास समारोह में संपूर्ण भारतवर्ष से सैकड़ों की संख्या में आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज के भक्तों के सम्मिलित होने की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समारोह में सम्मिलित होने वाले सभी गुरुभक्तों के आवास, स्वल्पाहार एवं भोजनादि की समुचित व्यवस्था शिलान्यास पुण्यार्जक परिवार आनंद जैन खेकड़ा वाले परिवार, सूर्यनगर दिल्ली एवं पंकज मेडिकल परिवार मुरैना की ओर से की जा रही है।</p>
<p><strong>शिलान्यास समारोह में शामिल होने की अपील</strong><br />
6 मार्च को स्थानीय समाज के ज्ञानतीर्थ पहुंचने के लिए बड़ा जैन मंदिर मुरैना एवं नसियां जी जैन मंदिर मुरैना से ई-रिक्शा की व्यवस्था एवं कार्यक्रम के बाद वापसी के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। शिलान्यास समारोह में जैन मित्र मंडल मुरैना को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मित्र मंडल के सभी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण एकजुटता एवं सजगता के साथ करेंगे। शिलान्यास समारोह के आयोजक ज्ञानसागर भक्त परिवार, ज्ञानतीर्थ महा आराधक परिवार, सकल जैन समाज मुरैना, जैन मित्र मंडल मुरैना ने सभी गुरुभक्त साधर्मी बंधुओं से अधिकाधिक संख्या में 6 मार्च को शिलान्यास समारोह में सम्मिलित होने की अपील की है।</p>
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		<title>जैनाचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज का मंगल प्रवेश 12 को: सिहोनिया से 10 फरवरी को होगा विहार  </title>
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		<pubDate>Sun, 09 Feb 2025 10:42:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज ससंघ का मंगल आगमन मुरैना में 12 फरवरी को होगा। यहां श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय का महामस्तकाभिषेक होगा। जैन समुदाय सामूहिक रूप से आचार्य संघ की अगवानी करेगा। यहां 18 वर्ष बाद महामस्तकाभिषेक होने जा रहा है। पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। आचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज ससंघ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज ससंघ का मंगल आगमन मुरैना में 12 फरवरी को होगा। यहां श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय का महामस्तकाभिषेक होगा। जैन समुदाय सामूहिक रूप से आचार्य संघ की अगवानी करेगा। यहां 18 वर्ष बाद महामस्तकाभिषेक होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुरैना।</strong> आचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज ससंघ का मंगल आगमन मुरैना नगर में 12 फरवरी को होने जा रहा है। अभीक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी महामुनिराज अपने 21 शिष्यों के साथ अतिशय क्षेत्र सिहोनिया जी में विराजमान हैं। पूज्य गुरुदेव के ससंघ सानिध्य में जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र सिहोनिया में श्री मज्जिमेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का 6 दिवसीय आयोजन 5 फरवरी से 10 फरवरी तक चल रहा हैं। प्राण प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ का समापन 10 फरवरी को होगा। महोत्सव के समापन पश्चात पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महा मुनिराज अपने 21 शिष्यों के साथ 10 फरवरी को दोपहर 3 बजे मुरैना की ओर पद विहार करेंगे। रात्रि विश्राम मिरघान में होगा। 11 फरवरी की आहारचर्या बड़ागांव में होगी। रात्रि विश्राम मुड़ियाखेड़ा के आसपास होने की संभावना है।</p>
<p>बुधवार 12 फरवरी को बड़ोखर में जैन समुदाय के लोग सामूहिक रूप से आचार्य संघ की अगवानी करेंगे। वहां से गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में गुरुदेव को श्री महावीर दिगंबर जैन नसिया जी मंदिर लाया जाएगा। अंबाह रोड पर स्थित नसियाजी जैन मंदिर में आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से निर्मित श्री नंदीश्वर द्वीप एवं पंचमेरू में विराजमान जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। नंदीश्वर द्वीप जिनालय का अभी हाल ही में युगल मुनिराज श्री शिवानंद जी एवं मुनिश्री प्रश्मानंद जी महाराज की प्रेरणा से सौंदर्यीकरण कराया गया था।</p>
<p><strong>क्या है नंदीश्वर द्वीप जिनालय</strong></p>
<p>जैन दर्शन के अनुसार हम जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र के आर्यखंड में निवासरत हैं। यहां से जो आठवां द्वीप है। उसे नंदीश्वर द्वीप कहते हैं। श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय की चारों दिशाओं में तेरह-तेरह जिन मंदिर एवं चैत्यालय होते हैं। प्रत्येक दिशा में एक-एक अंजनगिरी पर्वत होता है। नंदीश्वर दीप एवं पंचमेरू में कुल 132 जिनबिम्ब विराजमान होते हैं।</p>
<p><strong>18 वर्ष पश्चात प्रथमबार होगा महामस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>वरिष्ठ समाजसेवी अनूप जैन भंडारी ने बताया कि उत्तर भारत के प्रथम दिगंबराचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज छाणी परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य मासोपवासी समाधि सम्राट श्री सुमतिसागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या आर्यिका राजमती माताजी की भावना को साकार रूप देते हुए उनकी संघस्थ ब्रह्मचारिणी चंद्रकला वाई अजमेर एवं ब्रह्मचारिणी रामकली वाई मुरार द्वारा समाजजन के सहयोग से मुरैना नसिया जी जैन मंदिर में श्री नंदीश्वर द्वीप पंच मेरु जिनालय की स्थापना कराई गई थी। षष्ठ पट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 27 जनवरी से 3 फरवरी 2006 तक नंदीश्वर जिनालय का ऐतिहासिक भव्य श्री मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ था। जिसमें आचार्य ज्ञानसागर के सानिध्य में 3 फरवरी 2006 को 132 जिनबिम्बों को सिर पर रखकर ऐतिहासिक नगर गजरथ निकला गया था 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के पावन सानिध्य में प्रथमवार श्री नंदीश्वर द्वीप पंचमेरू जिनालय में विराजमान 132 जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक कराया जाएगा।</p>
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