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	<title>अशोक नगर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>अशोक नगर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी से भड़का जैन समाज, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग : कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एसपी को सौंपा ज्ञापन, बोले एसपी राजीव मिश्रा- संत पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा </title>
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		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 06:10:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#8220;संतों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है।&#8221; अशोक नगर में जैन समाज ने साधु-संतों पर सोशल मीडिया पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। एसपी राजीव मिश्रा ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पढ़िए अशोक नगर से यह विशेष रिपोर्ट  अशोक नगर। साधु-संतों के खिलाफ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>&#8220;संतों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है।&#8221; अशोक नगर में जैन समाज ने साधु-संतों पर सोशल मीडिया पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। एसपी राजीव मिश्रा ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अशोक नगर से यह विशेष रिपोर्ट </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर</strong>। साधु-संतों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अमर्यादित और घृणित टिप्पणियों को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।</p>
<p><strong>एसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा</strong></p>
<p>इस दौरान पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने जैन समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि संत किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर होते हैं। उनके विरुद्ध अपमानजनक और अनर्गल बातें लिखना किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कुछ संदिग्धों तक जांच पहुंच चुकी है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा तथा कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>मुनि पुंगव सुधासागर जी को बनाया गया निशाना</strong></p>
<p>जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल एवं महामंत्री राकेश अमरोद ने बताया कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रमुख शिष्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज को लक्ष्य बनाकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियां की गई हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस संबंध में 3 जून को अशोक नगर थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। समाज चाहता है कि जांच जल्द पूरी कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।</p>
<p><strong>समाज विरोधी तत्व चला रहे अभियान</strong></p>
<p>महामंत्री राकेश अमरोद ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से समाज विरोधी तत्व संगठित तरीके से ऐसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समाजों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति संतों और धार्मिक आस्थाओं का अपमान करने का साहस न कर सके।</p>
<p><strong>सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का आरोप</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी पहचान और सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज पुलिस जांच पर भरोसा रखता है, लेकिन दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी चाहता है ताकि जिले का सामाजिक वातावरण दूषित न हो</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने की मांग</strong></p>
<p>ज्ञापन में जैन समाज ने व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।</p>
<p>समाजजनों ने कहा कि संतों के सम्मान और धार्मिक सौहार्द की रक्षा के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।</p>
<p><strong>ये रहे उपस्थित</strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, उपाध्यक्ष प्रदीप तारे, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, सांसद प्रतिनिधि संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, विनोद मोदी, हेमंत टडैया, नरेश जैन, सौरव बाझल, नीरज जैन, सुलभ अखाई, राहुल सिंघई सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर का हुआ शुभारंभ : मुनि श्री सुधासागरजी के सानिध्य में पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव के कार्यकर्ताओ का सम्मान  </title>
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		<pubDate>Mon, 25 May 2026 09:32:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजा का बल, कितनी बड़ी सेना, राज्य की सीमाओं से अंदाज़ा लगाया जाता है यह कितना शक्तिशाली है। ऐसे ही जब करोड़ों देवता जिनका जन्म कल्याणक मनाने आते हैं वे तीर्थ के कर्ता कहलाते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा में मुनि श्री सुधा सागरजी ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजा का बल, कितनी बड़ी सेना, राज्य की सीमाओं से अंदाज़ा लगाया जाता है यह कितना शक्तिशाली है। ऐसे ही जब करोड़ों देवता जिनका जन्म कल्याणक मनाने आते हैं वे तीर्थ के कर्ता कहलाते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा में मुनि श्री सुधा सागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> राजा का बल, कितनी बड़ी सेना, राज्य की सीमाओं से अंदाज़ा लगाया जाता है यह कितना शक्तिशाली है। ऐसे ही जब करोड़ों देवता जिनका जन्म कल्याणक मनाने आते हैं वे तीर्थ के कर्ता कहलाते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा में मुनि श्री सुधा सागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हर छः महीने आठ समय में छः सौ आठ जीव भगवान बन रहे हैं। 608 जीव भगवान बन रहे हैं तो आप 608 के नाम पता करो उनकी माला फेरों उनकी जाप देना। एक-एक को नमस्कार करो। इतना सबकुछ आप नहीं कर सकते। इसलिए तो ये वीआईंपी व्यवस्था बनाई, वैसे तो घट-घट में भगवान बैठा है बेटे के घट में भगवान है तो क्या बाप उसकी पूजा करने लगे। उसी समय बेटे को शू-शू आ गई तब आप क्या करेंगे। जैन दर्शन में कहा कि प्रत्येक आत्मा भगवान आत्मा है। वैष्णव दर्शन में भी घट-घट में भगवान माना गया। सब धर्म मानते हैं लेकिन व्यवहार नहीं बनेगा। आप की पत्नी की आत्मा में भी भगवान है तो क्या आप उसकी पूजा करेंगे।</p>
<p><strong>पंच कल्याणक महोत्सव के कार्यकर्ताओ का होगा सम्मान</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि सोमवार को मुनि श्री सुधासागरजी के सान्निध्य में श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ एवं चातुर्मास में कार्य करने वाले सभी संगठनों व महिला मंडलों के श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद कोषाध्यक्ष सुनील अखाई के नेतृत्व में सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>शिविर का उद्घाटन समारोह हुआ</strong></p>
<p>श्रमण संस्कृति बाल संस्कार शिविर का हुआ शुभारंभ</p>
<p>मुनिश्री सुधासागरजी ससंघ के सान्निध्य में रविवार को ध्वजारोहण के साथ श्रमण संस्कृति शिविर शुभारंभ किया गया। मुनिश्री ने कहा कि प्रकृति अपना रूप बदलती है। कभी ये अपना रूप भाग्य के अधीन कभी कर्म के अधीन कर देती है। कभी भाग्य के अधीन होने पर आप कर्म की कठपुतली बनकर रह जाएगा। वहीं दूसरा कर्म करके अपना रास्ता बनने वाले कर्म युग में पैदा हुए किस्मत से धर्म नहीं चलता कर्म से धर्म चलता है। श्रमण संस्कृति कर्म से चलती है इसके साथ भाग्य भरोसे चलने वाले भी हैं। आज श्रमण संस्कृति को समझने वाले हैं।</p>
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		<title>अशोक नगर के भक्तों ने किए मुनिश्री सुधासागर जी को श्रीफल भेंट : महापूजन कर नगर पधारने का किया निवेदन  </title>
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		<pubDate>Mon, 18 May 2026 06:46:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मेरा काम बने दुनिया से मुझे कोई मतलब नहीं है ये खतरनाक विचार हैं। हम अपने, पड़ोसी समाज और नगर के हित के लिए क्या सोच रहे हैं ये विचार करना है। यह उद्गार रामलीला मैदान बहादुरपुर में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। मेरा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मेरा काम बने दुनिया से मुझे कोई मतलब नहीं है ये खतरनाक विचार हैं। हम अपने, पड़ोसी समाज और नगर के हित के लिए क्या सोच रहे हैं ये विचार करना है। यह उद्गार रामलीला मैदान बहादुरपुर में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> मेरा काम बने दुनिया से मुझे कोई मतलब नहीं है ये खतरनाक विचार हैं। हम अपने, पड़ोसी समाज और नगर के हित के लिए क्या सोच रहे हैं ये विचार करना है। यह उद्गार रामलीला मैदान बहादुरपुर में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज मुझे आप मंदिर से उठाकर रामलीला मंच पर लाए हैं। सभी लाभ लेना चाहते हैं। सौभाग्य से आप महापुरुषांे की कर्मभूमि भारत में जन्मे हैं। जहां आप भगवान से अपने सुख की कामना करते हैं। तीन लोक के नाथ से भी आप अपने लिए सुख चाह रहे हैं। थोड़ा दुःख आया तो रोना शुरू कर देते हैं। हमारी संस्कृति भूखे उठाती है लेकिन, पेटभर कर ही सुलाती है। मुझे सुखी होना चाहिए, इसमें कोई दिक्कत नहीं है होना ही चाहिए। इसके साथ एक भावना और जोड़ दो दूसरे भी सुखी रहें।</p>
<p><strong>तुम अपने साथ कितने लोगों के लिए जोड़ सकते हैं</strong></p>
<p>इस दौरान मुनिश्री ने कहा कि तुम अपनों के साथ कितनों को और जोड सकते हो। तुम कितनों को सुखी कर सकते हो। मैंने पहले कहा कि तुम कितने लोगों के लिए सुख के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। सुखी हो आप लोग को महाराज से लाभ है और कितनों लोगों को महाराज जी का आशीर्वाद मिले। परिवार को सुख मिले ऐसी प्रार्थना करने वाले ही मनुष्य जन्म को प्राप्त करते हैं।</p>
<p><strong>जो दुसरों को दुख देकर अपने सुख की कामना ठीक नहीं</strong></p>
<p>जो दुसरो को दुखी करके अपनो को और अपने परिवार को सुख चाहते हैं। वे सुखी नहीं हो सकते। कड़वा सच तो ये है कि ऐसे लोग तिर्यच अर्थात पशु पर्याय में चले जाते हैं। अपनों से प्यार करना पशुओं के लक्षण है। यदि तुम्हारे मन ये लक्षण दिखे तो मानकर चलना कि आप मरकर पशु योनि में जाएंगे, ये कड़वा सच है। तीसरा व्यक्ति वह है जो अपनो से बाहर हटकर पड़ोसी को सुखी करने का भाव करें जो मेरे नगर के लोग को मेरा देश के लोग के सुख की कामना करे, मेरा जिला मेरा मोहल्ला सुखी रहे आज मैं उनकी बात कर रहा हूं। जिनसे मेरे खून का संबंध नहीं है फिर भी मैं उनके सुख की कामना करता हूं। अपने पड़ोसी को भी आशीर्वाद मिले। इस मोहल्ले में किसी की आंख में आंसू ना आए। अपने नगर की तरफ से फरियाद करना नगर और पड़ोसी को सुखी करने की प्रार्थना करने वाले जीते जी देवता कहलाते हैं और और ये मरकर देव पर्याय को प्राप्त करते हैं।</p>
<p><strong>हम सब की भावना गुरु चरण अशोक नगर में पड़ें</strong></p>
<p>इसके पहले धर्मसभा में मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि आज अशोक नगर जिला जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई के नेतृत्व में सैकड़ों भक्तों को लेकर इस भावना से महा पूजन करने आए हैं कि मुनिश्री सुधा सागर जी के चरण अशोक नगर की ओर बढ़ चलें। इसके बाद जैन समाज के मंत्री शैलेंद्र श्रागर के मधुर भजनों के साथ महापूजन हुआ। इसमें स्थापना अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन, टींगू मिल सहित अन्य भक्तों ने की। इसके साथ ही सभी भक्तों ने पूजन कर महा अर्घ्य समर्पित करते हुए अशोक नगर आगमन की भावना रखते हुए श्रीफल भेंट किए।</p>
<p><strong>अशोक नगर जैन समाज ने श्रीफल भेंट किया </strong></p>
<p>आहार चर्या के बाद अशोक नगर जैन समाज ने नगर आगमन की भावना करते हुए मुनिश्री सुधासागरजी ससंघ को श्री फल भेंट किए जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल ने कहा कि हम सब की इच्छा है कि अशोक नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर के शिविर का भव्य आयोजन हो, ये सौभाग्य अशोक नगर को मिले। इस दौरान जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने भजनों की प्रस्तुति देते हुए कहा कि हम सब को पुनः सौभाग्य मिले। इस दौरान उपाध्यक्ष अजित बरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी, संयोजक उमेश सिंघई, संयोजक मनोज रन्नौद, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगलदीप, मंत्री शैलेंद्र दददा, मंत्री राजेंद्र हलवाई, पूर्व महामंत्री विपिन सिंघई, हेमंत टडैया, जैन सोशल ग्रुप ( सास्वत), जैन युवा वर्ग समन्वय ग्रुप, अरिहंत गुप, जैन मिलन, भक्तामर मंडल गांव मंदिर, पार्श्वनाथ जैन मिलन, विद्या सुघामय सेवा संगठन सहित सभी महिला मंडल ने श्रीफल भेंट किए।</p>
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		<title>ज्ञान से सबकुछ जाना जा सकता है इसके लिए भी ज्ञान जरूरी : मुनिश्री सुधासागरजी के सानिध्य में वेदी प्रतिष्ठा समारोह के लिए पंचायत कमेटी ने किए श्रीफल भेंट  </title>
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		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:49:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ ज्ञान जब भी जहां से भी मिले प्राप्त कर लेना चाहिए। कुमति ज्ञान और सुमित ज्ञान के साथ ज्ञान आठ प्रकार का होता है। अवधि ज्ञान के साथ कुअवधिज्ञान भी होता है।यह उद्गार देवोदय तीर्थ देवगढ़ में मुनि श्री सुधासागर जी ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। ज्ञान से सब कुछ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> ज्ञान जब भी जहां से भी मिले प्राप्त कर लेना चाहिए। कुमति ज्ञान और सुमित ज्ञान के साथ ज्ञान आठ प्रकार का होता है। अवधि ज्ञान के साथ कुअवधिज्ञान भी होता है।यह उद्गार देवोदय तीर्थ देवगढ़ में मुनि श्री सुधासागर जी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> ज्ञान से सब कुछ जाना जा सकता है इसके लिए भी ज्ञान प्राप्त करना होगा। ज्ञान जब भी जहां से भी मिले प्राप्त कर लेना चाहिए। कुमति ज्ञान और सुमित ज्ञान के साथ ज्ञान आठ प्रकार का होता है। अवधि ज्ञान के साथ कुअवधिज्ञान भी होता है।यह उद्गार देवोदय तीर्थ देवगढ़ में मुनि श्री सुधासागर जी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विनय करने से ज्ञान सहजता से प्राप्त हो जाता है। जब ज्ञान प्राप्त करने की बात आई तो श्री रामचन्द्र जी ने लक्ष्मण जी को रावण के पास ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेज दिया लेकिन, रावण कुछ नहीं बोला तब श्री राम ने कहा कि ज्ञान विनय के साथ आता है और श्री लक्ष्मण जी ने रावण से युद्ध भूमि में ज्ञान प्राप्त किया। ये कहीं भी कभी भी मिल सकता है। इस दौरान जैन समाज अशोक नगर द्वारा वेदी प्रतिष्ठा के लिए श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>मुनि संघ के चरणों में निवेदन कर आगमन आग्रह</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने देवगढ़ से लौटकर बताया कि मुनिश्री सुधासागरजी के अशोकनगर जिले से निकले की संभावना को देखते हुए श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर की वेदी प्रतिष्ठा के साथ ही गांव मंदिर एवं पार्श्वनाथ मंदिर की वेदी प्रतिष्ठा का निवेदन प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भैया के साथ जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री विजय धुर्रा, संयोजक उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, मनीष वरखेडा़, नीलेश टिकंल, एनएस हेमंत टडैया, प्रदीप कांसल, मनोज जैन लल्ला, प्रदीप कडरया, आस्तिक जैन सहित सभी सदस्यों ने श्रीफल भेंटकर किया।</p>
<p><strong> सत्य को जानकर सत्य नहीं कह पाते</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि सत्य तो सत्य ही होता है। आज वर्तमान में सत्य को जानकर सत्य नहीं कह पाते तो कोई बात नहीं। मौन रहना भी सत्य का समर्थन समझना चाहिए। दुष्टजनों के समाने सत्य नहीं बोल पाने पर गिलानी नहीं करना चाहिए। दुष्ट जनो के समाने मौन रहने पर वे आपको मूर्ख मानकर छोड़कर चले जाएंगे। मेरे मौन रहने से सब हमें मूर्ख ही समझ रहे हैं। मूर्ख के समाने सत्य बोलने से वह आप पर हमला कर सकता है। ऐसे समय में मौन रहना ही ठीक है। अराजक तत्वों के सामने मौन रहना ही ठीक है क्योंकि, वे कुछ भी कर सकते हैं।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश में प्रवेश पर नगर में मंदिरों की हो प्रतिष्ठा</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल ने कहा कि अशोक नगर में ऐतिहासिक शाही पंच कल्याणक महा महोत्सव हुआ। अब हम सब उम्मीद कर रहे हैं। जब आपका मध्य प्रदेश में प्रवेश हो तो नगर के सभी जिनालय में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव मनाए जाने का हम सब को सौभाग्य प्राप्त हो ये निवेदन लेकर आए हैं। ‌इस दौरान प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया जी ने कहा कि समाज पूरी ताकत लगाकर प्रयास करती रहेगी तो हो सकता है गुरु जी के चरण फिर एक बार अशोक नगर जिले की ओर बढ़ जाएं। सबसे अच्छा तो ये है कि पूरा जिला एक साथ प्रयास करें।</p>
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		<title>धर्मसभा में दिए प्रवचन : पिता के वचनों को निभाने वन गए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम &#8211; मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज </title>
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		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 05:37:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ महापुरुषों ने सदैव मानवता और जगत कल्याण का मार्ग दिखाया है। साधु-संत हमेशा समाज के हित और कल्याण की ही बात करते हैं। उनके वचनों में सदैव मंगल और कल्याण की भावना निहित रहती है। उक्त उद्गार मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने सुभाष गंज में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> महापुरुषों ने सदैव मानवता और जगत कल्याण का मार्ग दिखाया है। साधु-संत हमेशा समाज के हित और कल्याण की ही बात करते हैं। उनके वचनों में सदैव मंगल और कल्याण की भावना निहित रहती है। उक्त उद्गार मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने सुभाष गंज में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> महापुरुषों ने सदैव मानवता और जगत कल्याण का मार्ग दिखाया है। साधु-संत हमेशा समाज के हित और कल्याण की ही बात करते हैं। उनके वचनों में सदैव मंगल और कल्याण की भावना निहित रहती है। उक्त उद्गार मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने सुभाष गंज में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।</p>
<p><strong>साधु-संतों के वचनों में होता है कल्याण का संदेश</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि साधु-संत सदैव आनंद में रहते हैं और दूसरों को भी शांति एवं सुख का मार्ग दिखाते हैं। यदि मनुष्य अपनी इंद्रियों को संयमित कर ले और जीवन में सरलता अपनाए, तो उसे भी सच्चे आनंद की अनुभूति हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संसार में हर व्यक्ति सामान्य रूप से जन्म लेता है, लेकिन जो व्यक्ति तप, त्याग और सद्गुणों के माध्यम से अपने भीतर के दिव्य स्वरूप को जागृत करता है, वही महान बनकर समाज की आस्था का केंद्र बन जाता है।</p>
<p><strong>श्रीराम के जीवन से मिलती है प्रेरणा</strong></p>
<p>मुनि श्री ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता के वचनों की मर्यादा रखने के लिए राजपाट, सुख-सुविधाएं और परिवार का त्याग कर वनवास स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ नहीं चाहते थे कि श्रीराम वन जाएं, वे उन्हें राजसिंहासन पर देखना चाहते थे, लेकिन श्रीराम ने पिता के सम्मान और वचन की मर्यादा को सर्वोपरि रखा। यही कारण है कि उन्हें “मर्यादा पुरुषोत्तम” कहा गया।</p>
<p><strong>आदर्शों को अपनाने से मिलेगा जीवन का उद्धार</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि हम श्रीराम के आदर्शों की चर्चा तो बहुत करते हैं, लेकिन यदि उनके जीवन का एक भी आदर्श अपने जीवन में उतार लें, तो हम इस संसार रूपी भवसागर से पार हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महान संतों और विभूतियों के सान्निध्य में जाने से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मकता एवं सद्भावना का संचार होता है। जब किसी व्यक्ति के व्यवहार, वाणी और दृष्टि में दया, करुणा और प्रेम झलकने लगता है, तब वह व्यक्ति धीरे-धीरे परमात्मा पद की ओर अग्रसर हो जाता है।</p>
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		<title>नगर में भव्य मंगल प्रवेश : सुख होने पर भी मन नहीं लगता, क्योंकि आप सुख की गहराई को पहचान नहीं रहे-मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज </title>
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		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:45:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; अशोक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, विपिन सिंघई, सुलभ अखाई, हेमंत टडैया, सचिन एन.एस., टिकट जैन सहित अन्य प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। इसके पश्चात मुनिश्री को बैंड-बाजे के साथ पार्श्वनाथ मंदिर ले जाया गया, जहाँ महिला मंडलों ने कलशों से उनका स्वागत किया।</p>
<p><strong>पार्श्वनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में पार्श्वनाथ मंदिर से मुनिश्री का भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। शोभायात्रा में सबसे आगे श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला के बच्चे धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। उनके पीछे युवा मंडल द्वारा दिव्य घोष वादन किया जा रहा था, तथा युवा वर्ग जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहा था। यह शोभायात्रा पछाड़ीखेड़ा रोड, एफ.ओ.वी. पुल, गांधी पार्क, भगवान महावीर मार्ग, आचार्य श्री विद्यासागर द्वार होते हुए सुभाष गंज पहुँची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन, आरती एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।</p>
<p><strong>आदिश्वर धाम में धर्मसभा एवं महाशांति धारा</strong></p>
<p>शोभायात्रा आदिश्वर धाम, सुभाष गंज पहुँचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। मुनिश्री के सान्निध्य में जगत कल्याण की कामना से महाशांति धारा का आयोजन किया गया, जिसका सौभाग्य विजय धुर्रा परिवार—ओमप्रकाश, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार धुर्रा, राजेश कासल सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मुनिश्री के पाद-प्रक्षालन का सौभाग्य जैन समाज के मंत्री चक्रवर्ती राकेश कुमार एवं विवेक कुमार अमरोद को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>महावीर जन्म जयंती तक घर-घर गूंजेंगे भजन</strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य मुनिश्री झांसी (उत्तर प्रदेश) से पदविहार करते हुए अशोक नगर पधारे हैं। वर्तमान में भगवान आदिनाथ से लेकर अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती तक का मंगलमय वातावरण घर-घर में भजनों के रूप में गूंज रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 30 तारीख को भगवान महावीर जन्म जयंती समारोह परम पूज्य मुनिश्री के सान्निध्य में मनाया जाएगा।</p>
<p><strong>नियमित धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने जानकारी दी कि अब प्रतिदिन प्रातः 8 बजे अभिषेक एवं महाशांति धारा का आयोजन होगा तथा उसके पश्चात मुनिश्री के मंगल प्रवचन होंगे। सायंकाल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान जैन समाज के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय के.टी., संयोजक पार्श्वनाथ मंदिर मनोज रन्नौद, संयोजक गंज उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, विपिन सिंघई, टिंकल जैन, सुलभ अखाई, सचिन एन.एस., सौरव जैन, निर्मल मिर्ची, हेमंत टडैया, रवि ट्रेडिंग, विनोद मोदी, सौरव वाझल सहित अनेक प्रमुख जनों ने श्रीफल भेंट कर ग्रीष्मकालीन वाचन का निवेदन किया।</p>
<p><strong>मुनिश्री का संदेश: आत्मपरिवर्तन ही सच्चा मार्ग</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक हमारे कर्म नहीं बदलेंगे, तब तक हम स्वयं नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि हमारे सामने भी भगवान प्रत्यक्ष नहीं आए, लेकिन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का सान्निध्य मिला और उसी के प्रभाव से जीवन में परिवर्तन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हम हैं, वह गुरुओं के आशीर्वाद का ही परिणाम है और यही आशीर्वाद वे सभी श्रद्धालुओं को देते हैं कि वे भी अपने जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति करें।</p>
<p><strong>अशोक नगर के चातुर्मास की महिमा का किया स्मरण</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि अशोक नगर में मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का भव्य चातुर्मास हुआ था, जो यहां के श्रद्धालुओं के वर्षों के समर्पण और साधना का परिणाम था। उन्होंने कहा कि उस चातुर्मास की महक आज भी इस नगर की फिजाओं में व्याप्त है और यह यहां के धर्मप्रेम का प्रतीक है।</p>
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		<title>जिले भर में मनाई गई भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती : श्री आदिनाथ जयंती समारोह पर हुआ भगवान का महामस्तकाभिषेक </title>
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		<pubDate>Fri, 13 Mar 2026 07:56:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[युग के आदि में अषि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश देने वाले जैन दर्शन के प्रथम तीर्थंकर तथा इस धरती के पहले चक्रवर्ती सम्राट राजा ऋषभदेव, जिन्हें आदि ब्रह्मा आदिनाथ स्वामी के नाम से जाना जाता है, की जन्म जयंती श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में जिनशासन एकता संघ के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>युग के आदि में अषि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश देने वाले जैन दर्शन के प्रथम तीर्थंकर तथा इस धरती के पहले चक्रवर्ती सम्राट राजा ऋषभदेव, जिन्हें आदि ब्रह्मा आदिनाथ स्वामी के नाम से जाना जाता है, की जन्म जयंती श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में जिनशासन एकता संघ के संयोजन में भक्ति भावपूर्वक मनाई गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> युग के आदि में अषि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश देने वाले जैन दर्शन के प्रथम तीर्थंकर तथा इस धरती के पहले चक्रवर्ती सम्राट राजा ऋषभदेव, जिन्हें आदि ब्रह्मा आदिनाथ स्वामी के नाम से जाना जाता है, की जन्म जयंती श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में जिनशासन एकता संघ के संयोजन में भक्ति भावपूर्वक मनाई गई।</p>
<p>इस दौरान राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ द्वारा डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रित कर भगवान आदिनाथ जी का जन्म कल्याणक अत्यंत प्रभावना के साथ मनाया गया।</p>
<p>समारोह के प्रारंभ में भगवान श्री आदिनाथ स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष विपिन सिंघई, डॉ. हेमंत टडैया सहित अन्य प्रमुख जनों द्वारा किया गया।</p>
<p>विश्व युद्ध की राह पर खड़ी दुनिया को भगवान ऋषभदेव के सिद्धांतों की जरूरत — विजय धुर्रा</p>
<p>समारोह को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि आज का पवित्र दिन हमारे वर्तमान काल के प्रथम तीर्थंकर 1008 श्री आदिनाथ भगवान के जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का है। राजा ऋषभदेव इस धरती के पहले सम्राट थे। उन्होंने अषि, मसि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का उपदेश देकर मानवता की कड़ियों को एक सूत्र में बांधा। आज उनके सिद्धांतों की विश्व को आवश्यकता है। विश्व शांति के लिए राजा ऋषभदेव के सिद्धांतों को अपनाना जरूरी है।</p>
<p>जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष विपिन सिंघई ने कहा कि हमारे जिले में दर्शन तीर्थ थूवोनजी, चंदेरी, कदवाया और मियांदांत जैसे पवित्र तीर्थ हैं, जहां भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की विशाल प्रतिमाएं विश्व को शांति का संदेश दे रही हैं। हमें उनके उपदेशों से अपने जीवन को धन्य बनाना चाहिए।</p>
<p>नर से नारायण बनने की कठिन डगर दिखाई राजा ऋषभदेव ने — रघुवंशी</p>
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से दिनेश रघुवंशी ने कहा कि नर से नारायण बनने की कठिन डगर पर राजा ऋषभदेव चले। उनकी घोर तपस्या का वेदों में भी विशेष उल्लेख मिलता है। उसी तपस्या के कठोर पथ पर हमारे आचार्य भगवंत विद्यासागर जी महाराज और राष्ट्र संत श्री सुधासागर जी महाराज चल रहे हैं। हमने उनकी कठिन साधना को नगर में देखा है। उनके सान्निध्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी समारोह भी इसी गंज मैदान में मनाया गया था।</p>
<p>जैन युवा वर्ग से डॉ. हेमंत टडैया ने कहा कि राजा ऋषभदेव नारी शिक्षा के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को अनिवार्य माना और स्वयं राज्य व्यवस्था में व्यस्त रहते हुए भी ब्राह्मी और सुंदरी को अक्षर ज्ञान देकर सभी कलाओं में पारंगत बनाया। हमें इससे प्रेरणा लेकर अपने बच्चों को ऐसे विद्यालयों में शिक्षा दिलानी चाहिए, जहां संस्कार और अनुशासन का वातावरण हो।</p>
<p><strong>जैन समाज अध्यक्ष ने धन्यवाद ज्ञापित कर किया बहुमान</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल ने सभी महानुभावों को आदि ब्रह्म परमेश्वर श्री आदिनाथ भगवान के जन्म एवं तप कल्याणक महा महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के प्रेरणादायक विचारों से हम अपने जीवन को और अधिक उन्नत बनाएंगे।</p>
<p>इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद मध्य भारत के धर्म प्रमुख डॉ. दीपक मिश्रा, अशोक रघुवंशी, ऋषभ बाझल, राकेश गुप्ता सहित सभी प्रमुख जनों का पंचायत कमेटी द्वारा सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>महामस्तकाभिषेक के साथ जगत कल्याण की कामना से हुई शांति धारा</strong></p>
<p>इस दौरान जगत कल्याण की कामना से महाशांति धारा की गई, जिसका सौभाग्य दिनेश महिदपुर, अभिजीत कुमार वरखेड़ा, सुचित कुमार, सचिन कुमार कांसल, ऋषभ कुमार बहादुरपुर, राजीव कुमार जाट, सतेन्द्र कुमार, लोकेश कुमार पीरोट, धर्मेन्द्र कुमार रोकड़िया सहित अन्य भक्तों को प्राप्त हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर आदिश्वर धाम सुभाष गंज के बड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 108 रिद्धि कलशों से महामस्तकाभिषेक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर महामस्तकाभिषेक का सौभाग्य प्राप्त किया।</p>
<p>इस दौरान जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने कहा कि सभी जीव निरोग रहें तथा सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण रहें। सभी जीवों के कल्याण की भावना के साथ मंगल कामना की गई। इसके पश्चात भगवान की महापूजन संपन्न हुई।</p>
<p><strong>अड़तालीस दीपों से जगमगाया जिनालय, हुई महाआरती</strong></p>
<p>संध्या को आरती के बाद श्री भक्तावर मंडल सुभाष गंज द्वारा अड़तालीस दीपों से जिनालय को आलोकित करते हुए महाआरती की गई। महाआरती से पूर्व रिद्धि मंत्रों की आराधना करते हुए श्री भक्तावर जी का संगीतमय पाठ किया गया तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ दीप आराधना की गई।</p>
<p>भक्तों ने भक्ति भावपूर्वक एक-एक दीप प्रज्ज्वलित कर दीपों की स्थापना की। इसके पश्चात भक्तामर मंडल के सत्यम सिंघई, विजय धुर्रा, संचित बजाज, डॉ. पंकज जैन सहित अन्य भक्तों द्वारा मधुर भजनों के साथ भगवान की भक्ति की गई।</p>
<p><strong>जिले भर में मनाई गई आदिनाथ जन्म जयंती</strong></p>
<p>जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती आंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूवोनजी में भी धूमधाम से मनाई गई। यहां भगवान आदिनाथ स्वामी का अभिषेक तथा 108 रिद्धि मंत्रों से विशेष अभिषेक किया गया।</p>
<p><strong>मियांदात में मुनिश्री के सान्निध्य में हुई महापूजा</strong></p>
<p>चंदेरी के निकट जंगल में स्थित अतिशय क्षेत्र मियांदात में मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज के सान्निध्य में भगवान आदिनाथ की जन्म जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस दौरान भगवान का कलशाभिषेक एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>मुंगावली में भगवान का पालना झुलाकर मनाई आदिनाथ जयंती</strong></p>
<p>मुंगावली में आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती पर भगवान का भक्ति भावपूर्वक पालना झुलाया गया। इस दौरान भगवान आदिनाथ का अभिषेक और विधि-विधान से महापूजन किया गया। सभी मंदिरों में भक्तों ने जल, चंदन, अक्षत और पुष्प से विशेष पूजा-अर्चना की।</p>
<p><strong>शाडारौ में भी मनाई गई जयंती</strong></p>
<p>शाडारौ में भी भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती पर महिला मंडल द्वारा विशेष द्रव्य थाल सजाकर भगवान का गुणगान किया गया। इस अवसर पर भगवान आदिनाथ स्वामी का कलशाभिषेक तथा जगत कल्याण की कामना से महाशांति धारा की गई।</p>
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		<title>विश्व शांति के लिए इस तरह के महायज्ञों से वातावरण शुद्ध होता है : मुनि श्री सुधासागरजी के सानिध्य में विश्व शांति महायज्ञ होगा, भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा होगी विराजमान  </title>
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		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 04:22:25 +0000</pubDate>
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<p><strong>जिले की सीमा पर स्थित खनियाधाना में मुनि श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य हो रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में नगर के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया और मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए,राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोक नगर।</strong> जिले की सीमा पर स्थित खनियाधाना में मुनि श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य हो रहे श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में नगर के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया और मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। इस दौरान विश्व शांति महायज्ञ में सवा करोड़ मंत्रों के साथ सौधर्म इंद्र इंसान सनत कुमार, महेंद्र इंद्र, कुबेर इंद्र महाज्ञय नायकों ने प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया सुयश के मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां समर्पित की। जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि पिछले सात दिनों से चल रहे श्री मद्जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ गजरथ महोत्सव में हम सब भाग लेकर अपने पुण्य को बढ़ा रहे हैं। प्रतिष्ठा महोत्सव में हमारे ज़िले के बगला चौराहे पर नव निर्मित मंदिर में विशाल भगवान पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जिसकी प्रतिष्ठा इस महोत्सव में हो रही है।</p>
<p>मंगलवार को अशोक नगर,मुंगावली, शाढ़ौरा, पिपरई, चंदेरी, ईसागढ़, कदवया सहित पूरे जिले से बड़ी संख्या में भक्त आए हैं और सभी इस विश्व शांति महायज्ञ में अपनी भक्ति समर्पित कर रहे हैं।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के महामंत्री राकेश अमरोद, विपिन सिंघई, शैलेंद्र दद्दा, हेमंत टडैया, मनोज लल्ला, सौरव बांझल, सुनील मामा जैन, युवा वर्ग से सचिन एनएस, रीनू जैन, राहुल खजूरिया, शालू, भारत, आलोक रानीपुर, गोलू बांझल, मोनू जैन सीमेंट, ओपी धुर्रा, अनिल जैन, विनोद विजयपुरा, सहित अन्य भक्त विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><strong>मुंगावली सेवादल ने किया दिव्य घोष </strong></p>
<p>जिले का सबसे पुराना सेवादल श्री दिगंबर जैन वीर सेवादल का दिव्य घोष सभी के आकर्षण का केंद्र बना था। मुंगावली सेवादल को गजरथ के आगे एवं मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के समक्ष भी वादन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान सेवादल के चंद्रकुमार मोदी, अरविंद जैन मक्कू, अशोक सर्राफ, काली मोदी, मुकेश जैन सहित पूरे दल ने बैंड बजाते हुए तीन परिक्रमा करते हुए जयघोष किया।</p>
<p><strong> श्रोता वक्ता के अनुभव सुन अपने जीवन में उतारना चाहते हैं</strong></p>
<p>इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि विश्वशांति महायज्ञ में जो मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की जाती है। इससे वातावरण शुद्ध तो होता ही है पर्यावरण को सभी तरह से स्वच्छ बनाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रथम तो वक्त के समाने बैठकर उसके अनुभव सुनना चाहत हैं। उसके ज्ञान को मापना चाहते हैं। सुनने की शक्ति तो सभी में है। बोलने की शक्ति सभी के पास नहीं होती है। यदि हमसे कुछ थोड़ा अधिक है तो वह जानना चाहते हैं कि इसमें ये विशेषता कहां से आई? समवशरण कि विशेषता है कि यदि किसी को जिज्ञासा हुई तो उसका समाधान तत्काल होता है। भगवान महावीर स्वामी की दिव्य ध्वनि 66 दिनों तक नहीं खिरी। किसी के मन में कोई प्रश्न ही नहीं उठा तो समस्या का समाधान तो अपने आप हो जाता है। भगवान का नाम लेते ही सब समस्याओ का समाधान होते चला जाता है।</p>
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		<title>दुनिया को वश में करने वाले मन को वश में करना सीखें: अशोक नगर और थूवोनजी कमेटी ने गोलाकोट पहुंच मुनिश्री सुधा सागर जी का आशीर्वाद लिया  </title>
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		<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:47:07 +0000</pubDate>
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<p><strong>दुनिया को अपने वश में करने को बेताब रहने वाले सबसे पहले अपने मन को वश में करना सीखें। जब तुम्हारा मन ही तुम्हारी नहीं सुनता तो दुनिया कैसे अपने बस में करोगे। यह उद्गार तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोकनगर</strong>। दुनिया को अपने वश में करने को बेताब रहने वाले सबसे पहले अपने मन को वश में करना सीखें। जब तुम्हारा मन ही तुम्हारी नहीं सुनता तो दुनिया कैसे अपने बस में करोगे। यह उद्गार तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दुनिया कोई इतनी छोटी नहीं है कि आप उसे अपने बस में कर लें। सबसे पहले अपने आप को बस में करने की तैयारियां करनी होगी। अपने मन को भी बस में करना इतना आसान नहीं है। ये मन बंदर की तरह है, जैसे बंदर डाल-डाल पात-पात डोलता रहता है। वैसे ही हमारे मन की स्थिति है। मुनि श्री ने कहा कि हम स्वयं भी इसको नहीं समझ पाते सबसे पहले अपने मन की स्थिति को समझें उसको समझकर धीरे-धीरे अपने मन को नियंत्रित करना प्रारंभ कर दे तो एक दिन आप अपने मन पर विजय प्राप्त कर लेंगे।</p>
<p><strong> बड़े लोग छोटो को रिस्पेक्ट दे दे तो आपका संगठन बन जाएगा</strong></p>
<p>इस दौरान मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि बड़े लोग छोटों को रिस्पेक्ट दे दे तो आपका संगठन बन जाएगा। संगठन बनाने के लिए समर्पण की आवश्यकता है। आप अपने बच्चों को अच्छी तरह से रखने का बहाना बनाकर मां बाप अलग हो जाते हैं। जब वही बेटे आप से अलग होने की बात करते हैं तो आप का हृदय कांप जाता है। इसका कारण समझना पड़ेगा। जब आप अलग होकर बच्चों के सामने पचास बार अलग होने की बात कहते हैं तब ही भविष्य की योजना आपके बच्चे के मन में बन जाती है और फिर आप कुछ भी नहीं कर सकते इसलिए संयुक्त परिवार में रहने के लिए अपने मन को मनाएं। इसके इतने फायदे हैं जिसे आप हर समय महसूस कर सकते हैं।</p>
<p><strong>जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव के लिए कमेटी तैयार </strong></p>
<p>अशोक नगर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि जिले की सीमा पर स्थिति अति प्राचीन तीर्थ क्षेत्र गोलाकोट तीर्थ खनियाधाना में होने वाले श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के लिए अशोक नगर जैन समाज एवं दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी तैयार है। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य का हमें भरपूर लाभ मिला। 20 जनवरी से होने वाले महा महोत्सव के लिए रेलमार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा अशोक नगर स्टेशन से रहेगी। वहीं जैन समाज थूवोनजी कमेटी आपके स्वागत के लिए तैयार है। इस दौरान गोलाकोट तीर्थ पर भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का महा मस्तिष्काभिषेक के साथ जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। जिसका सौभाग्य जैन पंचायत के सदस्य नवीन सर ठेकेदार देवेंद्र जैन सहित अन्य भक्तों को मिला। इस दौरान मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने अंचल से सैकड़ों भक्तों का समूह पहुंचा। इस दौरान अशोक नगर जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ, थूवोनजी कमेटी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास, राजेश कक्का, विनोद मोदी, राजीव चंदेरी मनोज जैन, लोकेश पीरोट, नवीन ठेकेदार ने मुनि श्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
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		<title>युवा वर्ग ने बहुत सेवा की सेवा के बदले कुछ नहीं चाहना ही सच्ची भक्ति : सेवा भावी संगठनों का जैन पंचायत कमेटी ने किया सम्मानित  </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:48:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[युवा वर्ग ने बहुत सेवा की सेवा के बदले कुछ नहीं चाहना ही सच्ची भक्ति है। भक्ति सिर्फ भगवान के चरणों में बैठकर नहीं होती भगवान की भक्ति करने वाले की व्यवस्था बनाए रखना गुरु भक्तो भगवान की भक्ति करने वाले को भोजन कराना बहुत बड़ा काम है। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>युवा वर्ग ने बहुत सेवा की सेवा के बदले कुछ नहीं चाहना ही सच्ची भक्ति है। भक्ति सिर्फ भगवान के चरणों में बैठकर नहीं होती भगवान की भक्ति करने वाले की व्यवस्था बनाए रखना गुरु भक्तो भगवान की भक्ति करने वाले को भोजन कराना बहुत बड़ा काम है। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोक नगर।</strong> अशोक नगर के युवा वर्ग ने बहुत सेवा की सेवा के बदले कुछ नहीं चाहना ही सच्ची भक्ति है। भक्ति सिर्फ भगवान के चरणों में बैठकर नहीं होती भगवान की भक्ति करने वाले की व्यवस्था बनाए रखना गुरु भक्तो भगवान की भक्ति करने वाले को भोजन कराना बहुत बड़ा काम है। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भोजनशाला में काम करने वाले कभी मंच पर नहीं दिखते लेकिन, उन्होंने कितनी मेहनत की ये वो भक्त आकर कहते हैं कि अशोक नगर के युवाओं ने बहुत ही रुचि पूर्ण भोजन से सभी को तृप्त किया। यहां के सभी सेवा संगठनों ने बहुत काम किया है। उसी का परिणाम है कि सभी कार्य सफल हुए।</p>
<p><strong>असीम कालीन भक्तामर विधान का होगा शुभारंभ</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि अशोक नगर में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में असीम क़ालीन भक्तामर मंडल विधान प्रारंभ होने जा रहा है। आप और हम सब मिलकर मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में प्रातः काल आठ बजे सुभाष गंज मैदान में मंगल प्रवचन होने तथा उपरान्त असीम क़ालीन भक्तामर के मंगल कलशों की स्थापना प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार के साथ कलशों की स्थापना होगी।</p>
<p><strong>सेवा भावी संगठनों का किया बहुमान</strong></p>
<p>इस दौरान मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि सेवा दल युवा वर्ग सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जो मेहनत की है वह लोग हमेशा याद रखेंगे। किसी भी कार्य की सफलता में संगठित होकर कार्य करने का ही परिणाम है कि आज आपके काम से हमारे चातुर्मास की प्रशंसा हो रही है। कहा तो यही जा रहा है कि अशोक नगर में अभूतपूर्व चातुर्मास हुआ तो होता है। सभी को बहुत-बहुत आशीर्वाद इस दौरान श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी की ओर से जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, राजेन्द्र अमन, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी, संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास सहित अन्य प्रमुखजनों ने सभी सेवा भावी संगठनों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।</p>
<p><strong>चातुर्मास पर लिखी गई कृति का विमोचन</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के पूर्व महामंत्री सुभाषचंद्र राजपुर दारा लिखित कृति का विमोचन जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रमुख अरविंद कचनार सहित अन्य प्रमुखजनों ने किया। इस दौरान मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने कहा कि सन् 1992 में सुभाष पंचायत कमेटी में थे। बहुत अच्छा प्रयास किया सभी को आशीर्वाद लेखन भी एक कला है। साहित्य हमारे समाज का आइना है और ये आने वाली पीढ़ियों को हमारे दारा किया गये कार्य से अवगत कराते रहते हैं।</p>
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