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	<title>अर्घ्य समर्पित &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>अर्घ्य समर्पित &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>धामनोद में गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी का 71 वां संयम दिवस मनाया : समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:47:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम दिवस के 71 वर्ष होने पर समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की और माताजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। धामनोद से पढ़िए, यह खबर.. धामनोद/धार। नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम दिवस के 71 वर्ष होने पर समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की और माताजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, यह खबर..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद/धार</strong>। नगर में गणिनी शिरोमणि ज्ञान मती माताजी के संयम दिवस के 71 वर्ष होने पर समाज जनों ने मंदिर में अभिषेक कर शांतिधारा की और माताजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। समाज सेवी प्रीति जैन, सुरक्षा जैन और पीयूष जैन ने अर्घ्य समर्पित करवाया। इस दौरान प्रीति पीयूष जैन ने अपनी भावांजलि में गणिनी ज्ञान मती माताजी के बारे कहा कि माताजी जैन समाज की धरोहर, जिन्होंने अपने ज्ञान से जैन समाज को दिशा-दर्शन दिया। जो धर्म की अलख जगाई। तीर्थों की रक्षा की और उनको जीवंतता प्रदान की। जो ऐतिहासिक हैं। इस अवसर दीपक प्रधान ने कहा कि हम लोगों का पुण्य का उदय हुआ, जब अयोध्या की पावन भूमि पर जाने का स्वर्णिम अवसर आया। माताजी सुदृढ़ जी की माताजी मधु सराफ थी। उनकी दीक्षा देखने का पुण्य अवसर आया। जब माताजी ने अपने हाथों से दीक्षा प्रदान की। जब माताजी से मिले और आशीर्वाद मिला और प्रमुख चन्दना मति माताजी का भी आशीर्वाद और बाल ब्रह्मचारी स्वामी जी रविन्द्र कीर्ति जी से आशीर्वाद लिया। अयोध्या की व्यवस्था इतनी जोरदार हैं। अयोध्या तीर्थ में डॉ. जीवन प्रकाश जी का भी आशीर्वाद मिलता है। अयोध्या की गतिविधियों से अवगत कराते हैं। इस अवसर सुरेशचंद जैन, अनिल जैन, अजय जैन, राजेश जैन, सुनील जैन, डॉ. प्रकाश कियावत, जिनेंद्र जैन, नरेंद्र महान, राकेश जैन, दीपांशु जैन, पंडित नितिन जैन, कांता बड़कुल, मीना जैन, उषा जैन, शोभा जैन, किरण बाई जैन भी थी। संचालन दीपक प्रधान ने किया।</p>
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		<title>सिद्धचक्र महामंडल विधान में 256 अर्घ्य समर्पित किए : सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 06:06:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया। संगीतमय विधान में संगीतकार विमल जैन एण्ड पार्टी के द्वारा मधुर से संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया। अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इंद्र और इंद्राणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।</p>
<p><strong>हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं</strong></p>
<p>विधान के अंतर्गत बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने बताया कि कर्म सहित संसारी जीव हम सभी शुभ-अशुभ कर्मों के अधीन हैं। शुभ और अशुभ कर्म भी हमारे द्वारा उपार्जित किए जाते हैं। हम जैसे जैसे भाव करते हैं। वैसे-वैसे कर्मों का आगमन होता है। कर्मों का आना-जाना हमारे भावों पर ही आधारित है। यदि हम घर में दुकान अच्छे भाव करते हैं तो वह हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं और यदि हम मंदिर में गुरु चरणों में बैठकर भाव करते हैं तो वह भाव हमारे पाप कर्मों को इकत्रित करते हैं। जैसे कर्म हम करते उसका वैसा ही फल भोगना पड़ता है।</p>
<p><strong>कर्म गरीब अमीर को नहीं देखते</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने कहा कि आप किसी से डरे या नहीं पर कर्मों से हमेशा डरना क्योंकि कर्मों के दरबार में पक्षपात नहीं होता l कर्म कभी छोटे बड़े जा भेद नहीं करते। जब कर्म उदय में आते हैं तो ग़रीब अमीर को नहीं देखते। श्री राम भगवान के जब कर्म उदय में आए तो राजपाठ को छोड़ चौदह वर्ष का वनवास भोगना पड़ा। जंगल-जंगल भटकना पड़ा। कितनी यातनाएँ पीड़ा सहन करनी पड़ी l जैन धर्म में ईसा आता है। भगवान प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु ने पूर्व भव में खेत में हल चलाते समय छह घड़ी के लिए बैलों के मुख में रस्सी बाध दी थी ताकि वह हरि घास खेत की फसल ना खा पाए। जब कर्म बंधा तो तीर्थंकर पर्याय में उन्हें भी छह महीने भोजन नसीब नहीं हुआ। राजा श्रीपाल ने और सात सौ उप राजाओं ने एक मुनि का अनादर कर उनके शरीर पर थूक दिया था। जब बह कर्म उदय में आया तो सात सौ साथियों के साथ श्रीपाल को शरीर में कुष्ठ निकल आया। उन्होंने एक मुनि पर थूका था। सारी दुनिया ने उन सभी पर थूका। हमेशा अच्छे कर्म करते रहो। भगवान पल-पल आपका साथ देगा,आपके साथ रहेगा।</p>
<p>इस मौके संयोजक अशोककुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, अरुण जैन, महेश चंद जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, सतेंद्र जैन राम प्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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		<title>बच्चों ने षोडशकरण पूजा कर अर्घ्य समर्पित किए : दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने की सामूहिक पूजा  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 16:17:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन पाठशाला डडूका के बच्चों ने पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के निर्देशन में 15 वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ के कैवल्य ज्ञान कल्याणक, षोडशकारण माह, पूर्णिमा पर दिगम्बर जैन पाठशाला के बच्चो ने सामूहिक पूजा की। डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230; डडूका। दिगंबर जैन पाठशाला डडूका के बच्चों ने पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के निर्देशन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन पाठशाला डडूका के बच्चों ने पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के निर्देशन में 15 वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ के कैवल्य ज्ञान कल्याणक, षोडशकारण माह, पूर्णिमा पर दिगम्बर जैन पाठशाला के बच्चो ने सामूहिक पूजा की। <span style="color: #ff0000">डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डडूका।</strong> दिगंबर जैन पाठशाला डडूका के बच्चों ने पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के निर्देशन में 15 वें तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ के कैवल्य ज्ञान कल्याणक, षोडशकारण माह, पूर्णिमा के अवसर पर दिगम्बर जैन पाठशाला के बच्चो ने सामूहिक पूजा की। अर्घ्य समर्पित किए। 12जनवरी 2026को आयोज्य शीतकालीन परीक्षा सांगानेर बोर्ड में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।</p>
<p>प्रातः मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान के अभिषेक के बाद पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया ने बच्चों को षोडशकारण माह की महत्ता बताई। भगवान धर्मनाथ के जीवन दर्शन पर भी प्रश्नोत्तर के माध्यम से जानकारी दी। इस अवसर पर रियल जैन, माही जैन, मिष्ठी जैन, भाग्य जैन, निश्चल जैन, जियाना जैन, नियम जैन, हर्षल जैन, कथनी जैन, दीक्षिता जैन और माही जैन ने सामूहिक शांति पाठ कर विश्व शांति की प्रार्थना की।</p>
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		<title>कलशा ढारों रे, ढारों रे, जल भरकर से गूंजा अतिशय क्षेत्र टिकटोली: भगवान श्री शांतिनाथ विधान अनुष्ठान में अर्घ्य समर्पित किए </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pour_the_pot_pour_it_the_holy_place_of_tiktoli_resonated_with_the_sound_of_filling_it_with_water/</link>
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		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:45:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। विमानोत्सव, महामस्तकाभिषेक एवं वार्षिक मेले के पावन अवसर पर हजारों हजारों की संख्या में मौजूद साधर्मी बंधुओं की उपस्थिति में प्रातःकालीन बेला में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। भगवान श्री शांतिनाथ विधान अनुष्ठान में अर्घ्य समर्पित किए गए। विधानाचार्य नमन भैया सागर ने मंत्रोच्चारण के साथ सभी क्रियाओं को विधिविधान पूर्वक कराया। श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन त्रिमूर्ति परमोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार शांतिधारा करने का सौभाग्य चौधरी मोहित जैन चीकू पटेल नगर दिल्ली को प्राप्त हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सुनील जैन (उप पुलिस महानिरीक्षक) चम्बल संभाग सपत्नीक सहभागिता प्रदान की। समारोह की अध्यक्षता पवन जैन (से.नि. डीजी भोपाल) ने की। समारोह के शुभारंभ में डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती वंदना जैन ने मंगलाचरण किया। तत्पश्चात पवन पिंकी जैन पालम दिल्ली ने उप पुलिस महा निरीक्षक सुनील जैन एवं पूर्व डीजी भोपाल पवन जैन के साथ ध्वजारोहण, सीए अजय शिल्पी जैन नोएडा ने मंच उद्घाटन किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-97324" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-262x300.jpg" alt="" width="262" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-262x300.jpg 262w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-894x1024.jpg 894w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-768x880.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033.jpg 899w" sizes="(max-width: 262px) 100vw, 262px" /></p>
<p><strong>इन अतिथियों की रही मौजूदगी</strong></p>
<p>समारोह में सुनील जैन (उप महानिरीक्षक पुलिस) चम्बल संभाग, पूर्व डीजी पवन जैन भोपाल, चम्बल संभाग के कमिश्नर सुरेशकुमार शर्मा, मुरैना सीईओ कमलेश भार्गव, डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन, सुनील जैन सूरत, महेशचंद्र बंगाली, पवन जैन मुरैना, आलोक जैन बैंगलोर, मोहित जैन चीकू दिल्ली, सीए अजय जैन नोएडा, गिरीश जैन गुरुग्राम, नवीन जैन राजा बाजार, अजय जैन बॉबी, सतेंद्र जैन इंदौर सहित जैसवाल जैन युवाजन के सभी सदस्य उपस्थित थे।</p>
<p><strong>’कर्नाटक की पंचमी जैन की प्रस्तुति को सभी ने सराहा</strong></p>
<p>समारोह में कर्नाटक के मुलबद्री से आई हुई भरत नाट्य कलाकार पंचमी मरूर जैन ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति की सभी ने सराहना की। पंचमी जैन ने कर्नाटक की विशेष पारंपरिक वेशभूषा में आचार्यश्री ज्ञानसागर, आचार्यश्री विद्यासागर एवं आचार्यश्री समय सागर महाराज पर विशेष नाट्य प्रस्तुति पर सभी की वाहवाही एवं तालिया बटोरी। इस क्षेत्र पर अपनी प्रथम प्रस्तुति के लिए वे एक दिवसीय अल्प प्रवास पर कर्नाटक से यहां आईं हुईं थीं।</p>
<p><strong>गाजे बाजे के साथ निकाला गया भव्य विमानोत्सव</strong></p>
<p>क्षेत्र कमेटी के महामंत्री ओमप्रकाश जैन ने बताया कि वार्षिक मेले के अवसर पर गाजे बाजे के साथ श्रीजी की भव्य नालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्री आदिनाथ जिनालय से श्री भगवान शांतिनाथ स्वामी को चांदी की पालकी में सिंहासन पर सवार किया गया । हार, मुकुट मणिमाला से सुसज्जित इन्द्रों ने पालकों को अपने कंधों पर लेकर संपूर्ण टिकटोली क्षेत्र परकोटे की परिक्रमा लगाई । साधर्मी बंधुओं, माता बहिनों ने भक्तिरस से ओतप्रोत जैन भजनों पर भक्ति नृत्य किए । सभी युवा साथी अपने अपने हाथों में पचरंगीन ध्वजा को लेकर आसमान की ओर लहराकर अपनी खुशी को प्रदर्शित कर रहे थे । भव्य शोभायात्रा में पुरुषवर्ग श्वेत बस्त्रों में एवं महिलाएं केसरिया साड़ी में शोभायमान थीं।</p>
<p><strong>’पुण्यशाली 16 बंधुओं ने किया महामस्तकाभिषेक’</strong></p>
<p>आयोजन समिति के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन मुरैना ने जानकारी देते हुए बताया कि लकी ड्रॉ के माध्यम से सौभाग्यशाली 16 साधर्मी बंधुओं को मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी के महामस्तिकाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । सागर से आए विधानाचार्य पंडित नमन भैया शास्त्री सागर द्वारा जैसे ही मंत्रोच्चारण किया ष्कलशा ढारों रे, ढारों रे जल भरकरष् भजनों की स्वर लहरी के साथ स्वर्ण एवं रजत कलशों से प्रासुक जल की धार प्रभु के सिर पर आई, संपूर्ण पंडाल करतल ध्वनि एवं भगवान के जय जय कारों से गूंज उठा।</p>
<p><strong>’जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली ने सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी’</strong></p>
<p>युवाओं की सेवाभावी संस्था जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली ने टिकटोली अतिशय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया । सभी युवा साथियों ने तन मन धन से टिकटोली क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए समुचित अर्थ सहयोग की घोषणा की।</p>
<p><strong>’मित्र मंडलों की रही विशेष भूमिका’</strong></p>
<p>इस भव्य आयोजन में जैन मित्र मण्डल मुरैना ने सभीजनों के लिए कूपनों के माध्यम से स्वल्पाहार एवं टिकटोली पहुंचने के लिए मुरैना से निःशुल्क बसों की व्यवस्था की । अतिशय मित्र मंडल जौरा ने समारोह में सम्मिलित होने वाले सभीजनों के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था कर समाजसेवा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । दोनों ही मित्र मण्डल के सेवा कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की ।</p>
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		<title>डडूका की दिगंबर जैन पाठशाला में रविव्रत पार्श्वनाथ पूजा की : बच्चों ने हनीक्षा सेठ को श्रद्धांजलि की अर्पित  </title>
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		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:20:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[स्थानीय दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने रविवारीय पूजा क्रम में रविवार सुबह मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया। साथ ही रविव्रत पार्श्वनाथ पूजा पढ़ी गई। डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230; डडूका। स्थानीय दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने रविवारीय पूजा क्रम में रविवार सुबह मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया। साथ ही रविव्रत पार्श्वनाथ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>स्थानीय दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने रविवारीय पूजा क्रम में रविवार सुबह मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया। साथ ही रविव्रत पार्श्वनाथ पूजा पढ़ी गई। <span style="color: #ff0000">डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डडूका।</strong> स्थानीय दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने रविवारीय पूजा क्रम में रविवार सुबह मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक किया। साथ ही रविव्रत पार्श्वनाथ पूजा पढ़ी गई। पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के संयोजन में बच्चों ने पार्श्वनाथ भगवान, आदिनाथ भगवान, चंद्रनाथ प्रभु, बाहुबली भगवान, शांति नाथ भगवान तथा महावीर स्वामी और जिनवाणी माता को भक्ति भाव से अर्घ्य समर्पित किए। विश्व शांति की कामना के साथ आयोजित शांतिपाठ में पाठशाला के 12 बच्चों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>पूजन के बाद बच्चों ने डडूका जैन समाज की युवा बिटिया हनीक्षा सेठ सुपुत्री तेजपालजी सेठ के असामयिक देह परिवर्तन पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 11जनवरी 2026 को आयोज्य भारतवर्षीय श्रमण संस्कृति परीक्षा बोर्ड सांगानेर की परीक्षा की तैयारी के लिए मॉडल पेपर से बच्चों को अभ्यास कराया गया।</p>
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		<title>भगवान पार्श्वनाथ एवं चंदा प्रभु भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक मनाया : कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान में 44 अर्घ्य समर्पित </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 03:10:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 8 वें तीर्थंकर चंदा प्रभु भगवान एवं 23 वे तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जैन मंदिरों में मनाया गया। सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230; सनावद। जैन धर्म के 8 वें तीर्थंकर चंदा प्रभु भगवान एवं 23 वे तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के 8 वें तीर्थंकर चंदा प्रभु भगवान एवं 23 वे तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जैन मंदिरों में मनाया गया। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> जैन धर्म के 8 वें तीर्थंकर चंदा प्रभु भगवान एवं 23 वे तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव नगर के सभी जैन मंदिरों में मनाया गया। समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि नगर में शीतकालीन वाचना के लिए विराजमान संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्या सागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री अक्षय सागर महामुनिराज, मुनि श्री निराकुल सागर महामुनिराज एवं क्षुल्लक श्री तत्त्वार्थ सागर जी महाराज के सानिध्य में भगवान चंदा प्रभु भगवान  एवं पार्श्वनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा जैन मंदिर में मनाया गया। जिसके अंतर्गत प्रातःकाल की बेला में मूलनायक भगवान का अभिषेक विशेष पूजन मुनि श्री के सानिध्य में हुआ। तत्पश्चात मुनि श्री अक्षय सागर जी महामुनिराज ने रत्न करण श्रावकाचार्य पर व्याख्यान करते हुए कहा कि कितने लोग धर्म करते क्या कर्तव्य करते हैं। पता नहीं आत्मा बनाने वाला धर्म प्राप्त करने के बाद भी भगवान बनना दूर भक्त भी नहीं बन पा रहा हैं। वर्तमान में जो जीवन मिला है वह वर्तमान भविष्य बनाने के लिए तो मिला है। वर्तमान हमारा अच्छा होगा तो दुर्गति से बचेंगे। अगर नहीं होगा तो क्या होगा जीव का परमात्म देव पूर्व पर जब तक विश्वास नहीं होता जब हमारा धर्म प्रारंभ नहीं होता है। इसी क्रम में दोपहर में बड़ा मंदिर जी में मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज के सानिध्य में कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान हेमा सुरेश मुंशी, सरोज नंदलाल जैनी, प्रभा सुरेश लश्करे, राजू बाई मूलचंद जैन, अंजू सुरेन्द्र पाटनी पुण्यार्जक परिवार के द्वारा रचाया गया। विधान में 44 अर्घ्य समर्पित किए गए। जिसका मुनिश्री ने प्रत्येक अर्घ्य का विशेष महत्व बताते हुए अर्घ्य समर्पित किए। इस अवसर पर प्रशांत चौधरी,विपिन जैन , कैलाश चंद चौधरी, नंदलाल जैनी, अचिंत्य जैन, अप्सरा जटाले, सुनीता पाटनी, अंशुमा जैन, सुनीता जैन, मोहिनी जैन, पुष्पा घाटे,हीरा मणि भूच सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-96473" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002.jpg" alt="" width="1600" height="719" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-1536x690.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-990x445.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251216-WA0002-1320x593.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /> इस अवसर पर मंदिर के शिखरों पर नवीन ध्वजा भी लगाई गई। वहीं शाम को मुनि संघ के सानिध्य में गुरु भक्ति,आरती एवं क्लास की गई। जिसमें राजू जैन , प्रफुल्ल जैन, जंगलेश जैन, बसंत पंचोलिया, वारिश जैन, सुधीर चौधरी, आशीष झाझरी, संगीता बाकलीवाल, सारिका जैन, संगीता पाटोदी, सावित्री बाई जटाले,रेखा जैन, मंजुला भूच, संगम बाई सराफ सहित सभी समाजजन उपस्थित रहे। इस पावन अवसर पर मुनि संघ को आहारदान देने का सौभाग्य विशाल वारिश जैन परिवार एवं मुकेश कुमार समर्पण कुमार शुभम् पेप्सी परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
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		<title>सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में हो रही सिद्धों की आराधना: पूज्य बड़े बाबा के आंगन में उत्सव का माहौल, अर्घ्य किए अर्पित  </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 10:37:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से विद्यानिधि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से 2 से 8 नवंबर तक श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन हो रहा है। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती एवं प्रवचन हो रहे हैं। कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; कुंडलपुर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से विद्यानिधि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से 2 से 8 नवंबर तक श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन हो रहा है। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती एवं प्रवचन हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर (दमोह)।</strong> सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में अतिशयकारी पूज्य बड़े बाबा के आंगन में अनंतानंत सिद्धों की आराधना करने का महान पुण्योदय महान समाधिधारक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से विद्यानिधि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से 2 से 8 नवंबर तक श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन हो रहा है। विधानाचार्य ब्र. विमल भैया इंदौर, पंडित उदयचंद्र शास्त्री सागर, ब्र. रोहित भैया दमोह, ब्रह्मचारिणी बहन श्रद्धा दीदी पटेरा के निर्देशन में संगीतकार अक्षय जैन पार्टी सागर की मधुर स्वर लहरियों के साथ विधान पुण्यार्जक विनोद सराफ सुमन सराफ पटेरा समस्त सराफ परिवार के साथ श्रद्धालु श्रावक भक्त भक्ति भावपूर्वक विधान में अर्घ्य समर्पित कर पुण्यार्जन कर रहे हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-93696" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018.jpg" alt="" width="1512" height="1006" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018.jpg 1512w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-1024x681.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-768x511.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-990x659.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0018-1320x878.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1512px) 100vw, 1512px" /> प्रचार मंत्री कुंडलपुर जयकुमार जैन ‘जलज’ ने बताया कि विधान के प्रथम दिवस मंगल घटयात्रा, वेदी शुद्धि, पात्र शुद्धि के साथ ध्वजारोहण कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ, महामंत्री इंजीनियर आरके जैन, कोषाध्यक्ष अशोक सराफ सहित पदाधिकारी सदस्यों ने किया। द्वितीय दिवस सिद्धों की आराधना कर क्रमशः 8, 16, 32 अर्घ्य समर्पित किए। तृतीय दिवस विधानाचार्यों के निर्देशन में संगीत की स्वर लहरियों के साथ नाचते-गाते भक्ति भावपूर्वक 64 और 128 अर्घ्य समर्पित किए गए। विधान पुण्यार्जक परिवार विनोद सुमन, शकुंतला सराफ, ताराबाई जैन, अशोक मंजू सराफ, मनोज विनीता, प्रमोद संध्या, नीलेश निधि ,हेमंत हिमांशी, सिद्धार्थ अंकित सराफ, आदित्य राखी मोदी, अंकित सृष्टि, शशि जैन, जीवनलाल मुन्नी, आनंद अनिता, विनोद अनिता, राजकुमार नंदिता, नीलम, महीश नीलांजना, राकेश निधि, आशीष स्वाति, विकास निक्की ,आदित्य, ईशान, श्रेयस ,संस्कार, समय, साक्षी, नैनी, श्रेया, श्रेय, स्वास्ति, स्पर्श ,जिनांशी, आदिरा सराफ परिवार विधान में भक्ति पूर्वक सहभागिता दर्ज कर रहे हैं। प्रातः अभिषेक, शांतिधारा के साथ पूजन विधान चल रहा है। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती एवं प्रवचन हो रहे हैं। सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिन 256 अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे।</p>
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		<title>भोग आकांक्षा की चाहत जीवन को बर्बाद करती है : मुनि श्री प्रमाणसागर जी ने श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के दौरान प्रकट किए प्रभावी विचार  </title>
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		<pubDate>Wed, 08 Oct 2025 12:42:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैसे-जैसे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का क्रम आगे बढ़ रहा है। वैसे-वैसे भगवान की भक्ति और अर्घ्य उत्तरोत्तर बढ़ते जा रहे हैं। विधान के पांचवे दिवस 128 अर्घ्य चढ़ाए गए। तथा गुरुवार को 256 अर्घ्य चढ़ाए जाएंगे। भोपाल से पढ़िए, अविनाश जैन विद्यावाणी की यह खबर&#8230; भोपाल (अवधपुरी)। जैसे-जैसे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का क्रम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैसे-जैसे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का क्रम आगे बढ़ रहा है। वैसे-वैसे भगवान की भक्ति और अर्घ्य उत्तरोत्तर बढ़ते जा रहे हैं। विधान के पांचवे दिवस 128 अर्घ्य चढ़ाए गए। तथा गुरुवार को 256 अर्घ्य चढ़ाए जाएंगे। <span style="color: #ff0000">भोपाल से पढ़िए, अविनाश जैन विद्यावाणी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>भोपाल (अवधपुरी)।</strong> जैसे-जैसे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का क्रम आगे बढ़ रहा है। वैसे-वैसे भगवान की भक्ति और अर्घ्य उत्तरोत्तर बढ़ते जा रहे हैं। विधान के पांचवे दिवस 128 अर्घ्य चढ़ाए गए। तथा गुरुवार को 256 अर्घ्य चढ़ाए जाएंगे। इसी प्रकार 512 तथा भगवान के सहस्त्र नाम के साथ 1024 अर्घ्य समर्पित होकर रविवार को विधान का समापन होगा। इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि जिसके हृदय में सम्यक्त्व का प्रकाश उदघाटित होता है वह तो मौका देखता है और भगवान की भक्ति में रम जाता है। उन्होंने सम्यक दृष्टि, धर्मी और अधर्मी तीनों में अंतर स्पस्ट करते हुए कहा कि धर्मी धर्म के लिये मौका देखता है, जबकि अधर्मी आए हुए मौका को छोड़ता है। एक सम्यक् दृष्टि संसार में कर्तव्य भाव से रहता लेकिन, उसमें रमता नहीं। भोगों से उदासीन होकर देव शास्त्र और गुरु की शरण को स्वीकार करते हुए एक ही भावना भाता है कि हे प्रभु में दुनिया में कहीं भी रहूं मेरी दृष्टि आपके चरणों की ओर रहे।</p>
<p><strong>जिसके</strong> अंदर विवेक नहीं है वह पूतना रूपी पंचेन्द्रिय की वासना से ग्रस्त</p>
<p>उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि पूतना ने नंदगांव के बच्चों को आकर्षित करने के लिए अपना आकृषण स्वरुप बनाया। जिससे बच्चे आकृषित होकर उसके आंचल में दुग्धपान करने हेतु चले गए और वह सभी मूर्क्षा को प्राप्त हुए लेकिन, बाल रूप के श्रीकृष्ण पूतना के उन मनोभावों को समझ गये और उन्होंने पूतना का ही काम तमाम कर दिया। इस दृष्टि से जब में तत्व का चिंतन करता हूं तो पाता हूं कि जिसके अंदर विवेक नहीं है। वह पूतना रूपी पंचेन्द्रिय की वासना से आकर्षित भोग आकांक्षा को ही अपनी शरण मान लेता है तथा वह अपने जीवन का सर्वनाश करता है तथा जिसके अंदर विवेक रूपी श्रीकृष्ण प्रकट हो जाते हैं। वह भोग आकांक्षा रूपी पूतना को नष्ट कर संसार से पार हो जाता है।</p>
<p><strong>भगवान</strong> के प्रति उमड़ने वाली भक्ति ही सम्यक् दर्शन का हेतु</p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि विषयों में रमने वाले लोग बहुत हैं लेकिन, विषयों से हटकर भगवान की भक्ति करने वाले लोग विरले होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया का आकर्षण बहुत तीव्र होता है,जो हमें विषय भोगों की ओर आकर्षित करता है, लेकिन जिन्हें परम पुण्य का शुभ संयोग मिलता है। वह अपने एक एक पल को भगवान की भक्ति में लगाता है। आचार्य कुंद कुंद कहते है कि अरिहंत भगवान के प्रति उमड़ने वाली भक्ति ही सम्यक् दर्शन का हेतु है। यदि वह भक्ति आपके अंदर प्रकट हो गई तो समझना बेड़ा पार हो गया। इस अवसर पर मुनि श्रीसंधानसागरजी महाराज सहित क्षुल्लक श्री आदर सागर जी, क्षुल्लक श्री समादरसागर जी, क्षुल्लक श्री चिद्रूप सागर जी, क्षुल्लक श्री स्वरुप सागर, क्षुल्लक श्री सुभग सागर महाराज सहित समस्त संघस्थ ब्रह्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य ब्र.अशोकभैया ब्र.अभयभैया ने किया एवं विधान में सहयोग अमित वास्तु इंदौर एवं पंडित सुदर्शन पिंडरई ने किया।</p>
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		<title>पुण्य कर्म के उदय से जीवन में मिलती है दीक्षा: आर्यिका विकाम्या श्री माताजी ने सागवाड़ा में श्री शांतिनाथ महार्चना में दी देशना  </title>
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		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 12:29:47 +0000</pubDate>
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<p><strong>स्थानीय पुनर्वास कॉलोनी के विमलनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के परिसर में मंगलवार को आर्यिका विकाम्या श्री माताजी, आर्यिका विगुंजन श्री माताजी संसघ सानिध्य में दिनेश खोडनिया परिवार द्वारा समाधिस्थ आर्यिका विचित्रा श्री माताजी की स्मृति में एक दिवसीय श्री शांतिनाथ महार्चना विधान प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के तत्वावधान मे अनेक श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हुआ। <span style="color: #ff0000">सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागवाड़ा</strong>। स्थानीय पुनर्वास कॉलोनी के विमलनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के परिसर में मंगलवार को आर्यिका विकाम्या श्री माताजी, आर्यिका विगुंजन श्री माताजी संसघ सानिध्य में दिनेश खोडनिया परिवार द्वारा समाधिस्थ आर्यिका विचित्रा श्री माताजी की स्मृति में एक दिवसीय श्री शांतिनाथ महार्चना विधान प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के तत्वावधान में अनेक श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर मंगलवार प्रातः शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को पांडूक शिला पर विराजित कर प्रतिष्ठाचार्य पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ महाभिषेक किया गया। साथ ही आर्यिका विकाम्या श्री माताजी के मंत्रोच्चारण के साथ विश्व शांति कामनार्थ प्रतिमा पर शांतिधारा की गई। सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, अखंड दीप पंच मंगल कलश स्थापना के बाद नवदेवता पूजा की गई। इसके बाद यजमान खोडनिया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा शांतिनाथ विधान मंडप पर 125 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ्य समर्पित किए गए। धर्मसभा में आर्यिका विकाम्या श्री माताजी ने कहा कि जीवन मे संयम को धारण करना श्रेष्ठ वृत्ति है। अनंत पुण्य का बंध होने पर जीव को जैनेश्वरी दीक्षा प्राप्त होती है। भूरी बा ने जीवन के अंतिम क्षण में जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा ग्रहण कर विचित्रा श्री नाम प्राप्त कर यम संल्लेखना के साथ अपनी मनुष्य पर्याय को धन्य किया। हम सभी जिनेंद्र भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि हमारा भी जीवन का अंत समाधिमरण से हो।</p>
<p>हमारी अन्तिम यात्रा विमान से निकले ताकि हमारा जीव निकट भव्य बनकर शिवपद को प्राप्त करें। पंच परमेष्ठी भगवान की शांतिनाथ भगवान की आरती की गई। इस अवसर पर सेठ महेश नोगमिया, पुनर्वास कॉलोनी जैन समाज अध्यक्ष नरेंद्र गलालिया, अश्विन बोबडा, सुमतिलाल सरिया, मनोज गलालिया, अशोक शाह, दिनेश जांगा, रमेश भगत, संजय सारगिया, निलेश संघवी, पूर्व पालिकाध्यक्ष नरेंद्र खोडनिया, ट्रस्टी संतोष खोडनिया, बदामीलाल खोडनिया, पूर्वक शाह, वीणा सेठ, साधना कोठारी, पूजा पगारिया, रागिनी गलालिया, उषा खोडनिया, अरुणा, निर्मला खोडनिया उपस्थित थे।</p>
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		<title>निर्वाण कांड भाषा का 382 वां रचना दिवस मनाया: सिद्ध और अतिशय क्षेत्र का स्मरण कर अर्घ्य किए समर्पित  </title>
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		<pubDate>Thu, 02 Oct 2025 13:24:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ दिगंबर जैन समाज की ओर से जैन धर्म की महान जिनवाणी रचना निर्वाण कांड भाषा का रचना दिवस मनाया गया। प्रातः गर्भ गृह में पार्श्व नाथ का जलाभिषेक लक्ष्य नितेश शाह ने किया। राजेंद्र कोठिया ने निर्वाण कांड का सस्वर पाठ किया। डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230; डडूका। दिगंबर जैन समाज की ओर से जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> दिगंबर जैन समाज की ओर से जैन धर्म की महान जिनवाणी रचना निर्वाण कांड भाषा का रचना दिवस मनाया गया। प्रातः गर्भ गृह में पार्श्व नाथ का जलाभिषेक लक्ष्य नितेश शाह ने किया। राजेंद्र कोठिया ने निर्वाण कांड का सस्वर पाठ किया। <span style="color: #ff0000">डडूका से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डडूका।</strong> दिगंबर जैन समाज की ओर से जैन धर्म की महान जिनवाणी रचना निर्वाण कांड भाषा का रचना दिवस मनाया गया। प्रातः गर्भ गृह में पार्श्व नाथ का जलाभिषेक लक्ष्य नितेश शाह ने किया। राजेंद्र कोठिया ने निर्वाण कांड का सस्वर पाठ किया। सभी ने निर्वाण क्षेत्र का अर्घ्य चढ़ा सभी सिद्ध क्षेत्र एवं अतिशय क्षेत्र का पावन स्मरण किया। निर्वाण कांड की रचना संवत 1741 में भैयालाल नामक जैन साहित्यकार ने की थी।</p>
<p>आज इसकी रचना का 382 वां रचना दिवस मनाया गया। गर्भ गृह में प्रथम तीन अभिषेक कर्ताओं की ओर से वस्तुपाल शाह, मनोज एस शाह, दिनेश जे शाह, अंकित डी.शाह, समाज अध्यक्ष राजेश के शाह, अजीत कोठिया, विजयचंद सेठ, जय कुमार शाह एवं बदामीलाल कोठिया ने भी अर्घ्य समर्पित किए। यह जानकारी समाज प्रवक्ता राकेश शाह ने दी।</p>
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