<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अनुमोदना &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A4%BE/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Mon, 16 Feb 2026 07:49:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>अनुमोदना &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पंचकल्याणक महोत्सव के महापात्रों का हुआ चयन : महोत्सव समिति ने सभी के पुण्य की अनुमोदना की </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected-2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 07:49:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahapatra]]></category>
		<category><![CDATA[Mahotsav Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyanak Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shrimajjinendra Jinbimba Panchakalyanak Pratishtha and Gajrath Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पंचकल्याणक महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[महापात्र]]></category>
		<category><![CDATA[महोत्सव समिति]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=100070</guid>

					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। टीकमगढ़ से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;  टीकमगढ़। निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले नवनिर्मित मानस्तम्भ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। <span style="color: #ff0000">टीकमगढ़ से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> टीकमगढ़।</strong> निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले नवनिर्मित मानस्तम्भ जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज के आशीर्वाद और परम प्रभावक शिष्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। मीडिया प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि माता-पिता शोभा सवाई चौधरी, ज्ञानचंद्र जैन(लार वाले) टीकमगढ़, सौधर्म इन्द्र सवाई चौधरी पूनम मनीष जैन(लार वाले) भिलाई, कुबेर इन्द्र सुलेखा देवेन्द्र जैन(लार वाले) उज्जैन, महायज्ञनायक रुपल राजीव निराला (लार वाले) इंदौर,ईशान इन्द्र आभा डॉ.अरविन्द्र जैन लार, यज्ञनायक शिवानी संयम जैन एवं मौसमी आकाश जैन लार, राजा श्रेयांश प्रीति विवेक जैन लार वाले टीकमगढ़, राजा सोम निधि प्रवीण जैन(लार वाले) दुर्ग भिलाई ,भरत चक्रवर्ती संगीता खुशाल चन्द्र दलपतपुर, भरत बाहुबल कुसुम पन्नालाल जैन(लार वाले) देवास, सनत कुमार इन्द्र अलका खुशालचन्द्र जैन (लार वाले) जबलपुर, महेन्द्र इन्द्र रुपाली नितिन जैन (लार वाले) बेंगलोर, महामंडलेश्वर प्रीति मयंक सिंघई लार, ध्वजारोहणकर्ता श्रद्धा जैन सवाई चौधरी जिनेश जैन टीकमगढ़, मंच उद्घाटनकर्ता सुनीता संतोष जैन एवं डॉ.मानसी डॉ.शुभम जैन संतोष मेडिकल टीकमगढ़ को श्रावकश्रेष्ठी बनने का सौभाग्य मिला। महोत्सव समिति ने सभी के पुण्य की अनुमोदना की।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंचकल्याणक महोत्सव के महापात्रों का हुआ चयन : महोत्सव समिति ने सभी के पुण्य की अनुमोदना की </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 12:29:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahapatra]]></category>
		<category><![CDATA[Mahotsav Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyanak Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shrimajjinendra Jinbimba Panchakalyanak Pratishtha and Gajrath Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पंचकल्याणक महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[महापात्र]]></category>
		<category><![CDATA[महोत्सव समिति]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99996</guid>

					<description><![CDATA[पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। टीकमगढ़ से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;  टीकमगढ़। निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले नवनिर्मित मानस्तम्भ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। <span style="color: #ff0000">टीकमगढ़ से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> टीकमगढ़।</strong> निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले नवनिर्मित मानस्तम्भ जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज के आशीर्वाद और परम प्रभावक शिष्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले ऐतिहासिक श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के मुख्य पात्रों का चयन किया गया। मीडिया प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि माता-पिता शोभा सवाई चौधरी, ज्ञानचंद्र जैन(लार वाले) टीकमगढ़, सौधर्म इन्द्र सवाई चौधरी पूनम मनीष जैन(लार वाले) भिलाई, कुबेर इन्द्र सुलेखा देवेन्द्र जैन(लार वाले) उज्जैन, महायज्ञनायक रुपल राजीव निराला (लार वाले) इंदौर,ईशान इन्द्र आभा डॉ.अरविन्द्र जैन लार, यज्ञनायक शिवानी संयम जैन एवं मौसमी आकाश जैन लार, राजा श्रेयांश प्रीति विवेक जैन लार वाले टीकमगढ़, राजा सोम निधि प्रवीण जैन(लार वाले) दुर्ग भिलाई ,भरत चक्रवर्ती संगीता खुशाल चन्द्र दलपतपुर, भरत बाहुबल कुसुम पन्नालाल जैन(लार वाले) देवास, सनत कुमार इन्द्र अलका खुशालचन्द्र जैन (लार वाले) जबलपुर, महेन्द्र इन्द्र रुपाली नितिन जैन (लार वाले) बेंगलोर, महामंडलेश्वर प्रीति मयंक सिंघई लार, ध्वजारोहणकर्ता श्रद्धा जैन सवाई चौधरी जिनेश जैन टीकमगढ़, मंच उद्घाटनकर्ता सुनीता संतोष जैन एवं डॉ.मानसी डॉ.शुभम जैन संतोष मेडिकल टीकमगढ़ को श्रावकश्रेष्ठी बनने का सौभाग्य मिला। महोत्सव समिति ने सभी के पुण्य की अनुमोदना की।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_main_characters_of_the_panchkalyanak_festival_were_selected/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धर्म साधना जीवन को पवित्र और संतुलित बनाती है : महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर में आर्यिका विभाश्री माता जी के प्रवचन हुए  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/religious_practice_makes_life_pure_and_balanced/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/religious_practice_makes_life_pure_and_balanced/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 07:12:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Aryaka Vibhashree Mata Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Lighting of Lamp]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Nagar Extension Scheme Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Presentation of Scriptures]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Spiritual Program]]></category>
		<category><![CDATA[Washing of Feet]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[आध्यात्मिक कार्यक्रम]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका विभाश्री माता जी]]></category>
		<category><![CDATA[कोटा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दीप प्रज्वलन]]></category>
		<category><![CDATA[पाद प्रक्षालन]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[शास्त्र भेंट]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95864</guid>

					<description><![CDATA[महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद-प्रक्षालन से हुआ। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद-प्रक्षालन से हुआ। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद प्रक्षालन से हुआ। जिसका सौभाग्य अशोककुमार को प्राप्त हुआ तथा समिति एवं समाज ने उनके इस पुण्य उपक्रम की अनुमोदना की। प्रवचन में माताजी ने कर्म सिद्धांत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्म सिद्धांत मनुष्य के जीवन की दिशा निर्धारित करने वाला गहन आध्यात्मिक विज्ञान है। कर्म आत्मा की गति को नियंत्रित करते हैं और जब तक मनुष्य कर्मों के स्वरूप एवं परिणाम को नहीं समझता, तब तक वह भ्रम, मोह और चिंता में उलझा रहता है। माताजी ने कहा कि ज्ञान, संयम, तप और सत्संग से जीवन का प्रकाश बढ़ता है, इसलिए धर्म-साधना जीवन को पवित्र और संतुलित बनाती है।</p>
<p>मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन टोला ने बताया कि माताजी के प्रवचन महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ किए जा रहे हैं। जिनमें समाजजन बड़ी संख्या में आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम में विनोद टोरड़ी, मनोज जयसवाल, नरेंद्र बोरखंडिया, मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जैन सहित समाजबंधु उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/religious_practice_makes_life_pure_and_balanced/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दीक्षार्थी अवनीश भाई की अनुमोदना कर गोद भराई की रस्म की : दीक्षार्थी ने गणधर वलय विधान की पूजा की, 9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र पाठ का हुआ समापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_baby_shower_ceremony_was_performed_with_the_approval_of_dikshaarthi_avneesh_bhai/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_baby_shower_ceremony_was_performed_with_the_approval_of_dikshaarthi_avneesh_bhai/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Oct 2025 14:17:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhaman Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Binori Shobha Yatra]]></category>
		<category><![CDATA[continuous Namokar mantra recitation]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Diksha aspirant Avneesh Bhai]]></category>
		<category><![CDATA[Ganadhar ring ritual]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Tonk]]></category>
		<category><![CDATA[अखंड णमोकार मंत्र पाठ]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[गणधर वलय विधान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[टोंक]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दीक्षार्थी अवनीश भाई]]></category>
		<category><![CDATA[बिनौरी शोभायात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91506</guid>

					<description><![CDATA[धार्मिक णमोकार मंत्र के जाप से पाप नष्ट होते हैं, कर्मों का क्षय होता है तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने यह मंगल देशना बुधवार को धर्मसभा में दिए। टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; टोंक। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित अतिशय क्षेत्र टोंक में विराजित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>धार्मिक णमोकार मंत्र के जाप से पाप नष्ट होते हैं, कर्मों का क्षय होता है तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने यह मंगल देशना बुधवार को धर्मसभा में दिए। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित अतिशय क्षेत्र टोंक में विराजित हैं। आचार्य श्री के सानिध्य में बुधवार को अनेक धार्मिक अनुष्ठान सुबह से लेकर रात्रि तक हुए। जिसमें सुबह दीक्षार्थी अवनीश भाई द्वारा श्रीजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। आचार्य श्री के प्रवचन के बाद 9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र पाठ का समापन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में हुआ। अचार्य संघ की आहारचार्य के बाद दीक्षार्थी अवनीश भाई द्वारा कर पात्र में भोजन ग्रहण किया गया। दोपहर में संघ सानिध्य में वृहद प्रतिक्रमण प्रत्ययाखान कर दीक्षार्थी द्वारा गणधर वलय विधान की पूजन की गई। शाम को संपूर्ण समाज द्वारा बिनौरी शोभायात्रा निकाली जाकर दीक्षा की अनुमोदना के लिए श्रीफल,सूखे मेवे आदि से गोद भरी गई।</p>
<p><strong>आयु परिवर्तन का महत्व समझना जरूरी</strong></p>
<p>प्रातः काल आचार्य श्री ने उपदेश में बताया कि जीवन परिवर्तनशील है। संसारी प्राणी जन्म लेता है, शरीर में आयु अनुसार बालपन, किशोर अवस्था ,युवक अवस्था प्रौढ़ और बुढ़ापा क्रम से आता है। इसलिए जीवन में आयु परिवर्तन का महत्व समझना जरूरी है कि हर पल हर क्षण हमारी आयु कम हो रही है। कल भव्य प्राणी दीक्षा ले रहे हैं। दीक्षा व्यक्ति तभी लेता है जब वह संसार के दुखों से थक जाता है। संसार उसे कष्टमय लगता है। संसार के डॉक्टर जवाब दे देते हैं, तब व्यक्ति अपनी जिन धर्म पर आस्था के कारण सबसे बड़े गुरु आचार्य परमेष्ठी के पास आता है और निवेदन करता है कि आप मुझे दीक्षा देकर जन्म मरण के रोग से छुटकारा दिला दो। मैं दीक्षा लेना चाहता हूं। दीक्षा जीवन में आमूल चूल परिवर्तन है, दीक्षा लेने से ड्रेस, एड्रेस और लंच बदल जाता है। यह मंगल देश नाम आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने प्रथम आचार्य शांति सागर जी प्रवचन माला के अंतर्गत धर्म सभा में प्रकट की।</p>
<p><strong>संयम दीक्षा रूपी बांध से पुण्य रूपी ऊर्जा की प्राप्ति</strong></p>
<p>श्री ने आगे बताया कि अतिशय क्षेत्र टोंक नगर में 9 दिन अखंड श्री णमोकार मंत्र का पाठ संपूर्ण समाज ने आचार्य संघ सानिध्य में किया है। इससे पाप कर्म से आप बचते हैं ,कर्मों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज ने भी अपने जीवन में 18 करोड़ से अधिक मंत्रों का जाप किया। मंत्र जाप से मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होता है। जिस प्रकार पानी को रोक कर बांध बनाया जाता है। उसे ऊर्जा प्राप्त होती है। उसी प्रकार इस जीवन में संयम दीक्षा रूपी बांध से हमें पुण्य रूपी ऊर्जा की प्राप्ति होती है। बांध बनने से नदी का जलस्तर ऊंचा हो जाता है। उसी प्रकार संयम धारण करने से हमारे जीवन में भी उन्नति प्राप्त होती है जिस प्रकार आप पानी को नीचे से ऊपर विद्युत पंप से चढ़ाते हैं। उसी प्रकार जीवन में संयम रत्नत्रय धर्म रूपी विद्युत पंप से जीवन उन्नति को प्राप्त होता है। व्रत नियम से जीवन में उन्नति होती है।</p>
<p><strong>आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता पवन कंटान व विकास जागीरदार ने बताया कि इस अवसर पर मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने उपदेश मैं बताया कि 84 लाख मित्रों का राजा णमोकार मंत्र है। भावपूर्वक स्मरण सुनने करने से कुत्ता, बैल और अंजन चोर देवगती को प्राप्त हुए। बुधवार की धर्मसभा में प्रसिद्ध भामाशाह आरके मार्बल ग्रुप किशनगढ़ की 6 व्रत प्रतिमाधारी सुशीला अशोक पाटनी ने आचार्य श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीजी एवं आचार्य शांति सागर जी के एवं पूर्वाचार्यों के चित्र के समक्ष दीप प्रवज्जलन कर आचार्य श्री को जिनवाणी भेंटकर पूजन करने का सौभाग्य नमीष जैन अध्यक्ष पोरवाड़ समाज इंदौर, निर्मल छाबड़ा रायपुर, राजेश पंचोलिया इंदौर पवन धनोते सनावद को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>दीक्षार्थी का केशलोच 2 अक्टूबर को</strong></p>
<p>2 अक्टूबर को प्रातः दीक्षार्थी के 5 बजे केशलोच पश्चात मंगल स्नान होगा। श्री जी का अभिषेक करेंगे। संघ के आहार के बाद प्राप्त 10:00 बजे दीक्षा संस्कार किया जाकर दीक्षार्थी का नया नाम करण किया जाएगा।सौभाग्य की बात है कि संघ के मुनि श्री हितेंद्र सागर जी , आर्यिका श्री निर्मोह मति, श्री पद्मयश मति ,श्री दिव्ययश मती का भी विजयदशमी को दीक्षा दिवस है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_baby_shower_ceremony_was_performed_with_the_approval_of_dikshaarthi_avneesh_bhai/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सब दिन एक से नहीं होते सबकी रक्षा करो और दया करो : आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने धर्मसभा में साधना को परम श्रेष्ठ बताया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/all_days_are_not_the_same_protect_everyone_and_be_kind_to_them/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/all_days_are_not_the_same_protect_everyone_and_be_kind_to_them/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Sep 2025 12:50:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vishuddhasagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[anumodana]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Patharia]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Sunflower Flower]]></category>
		<category><![CDATA[Y]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पथरिया]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सूर्यमुखी पुष्प]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90904</guid>

					<description><![CDATA[परिणामों को विशुद्ध करो, परन्तु भूलकर भी गलत कार्य मत करो। गलत करना भी नहीं, गलत सोचना भी नहीं, गलत सलाह भी नहीं देना और गलत की अनुमोदना भी नहीं करना। यह उद्गार आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज ने धर्मसभा में दिए। पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230; पथरिया। परिणामों को विशुद्ध करो, परन्तु भूलकर भी गलत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>परिणामों को विशुद्ध करो, परन्तु भूलकर भी गलत कार्य मत करो। गलत करना भी नहीं, गलत सोचना भी नहीं, गलत सलाह भी नहीं देना और गलत की अनुमोदना भी नहीं करना। यह उद्गार आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज ने धर्मसभा में दिए। <span style="color: #ff0000">पथरिया से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया।</strong> परिणामों को विशुद्ध करो, परन्तु भूलकर भी गलत कार्य मत करो। गलत करना भी नहीं, गलत सोचना भी नहीं, गलत सलाह भी नहीं देना और गलत की अनुमोदना भी नहीं करना। परस्पर में जीवन ऐसे जियो कि समाज की एकता-अखंडता नष्ट ना हो। छोटों की बात भी सुनी जाए और बड़ों का भी आदर, सम्मान</p>
<p>बना रहे। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह उद्गार आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। अपने आगे कहा कि यदि कोई गलत नहीं कर रहा है, तो उसके कई कारण हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिबन्ध, धर्म का प्रतिबंध, राष्ट्र का प्रतिबंध, राज्य का प्रतिबंध, शासन का प्रतिबंध, लोकाचार का प्रतिबंध, घर-परिवार का प्रतिबंध, जिससे तुम पाप कर नहीं पा रहे हो, यह कोई बड़ी बात नहीं है। यदि तुम सच्चे धर्मात्मा हो, तो अपने मन में गलत सोचना भी नहीं, ये स्वयं का धर्म है। गलत नहीं सोचना, ये साधन है। अपने आपको संयमित रखना, यही तो साधना है। पाप नहीं करना, यह कोई बड़ी बात नहीं है। अपने चित्त को निर्मल रखना और अपने परिणामों को पवित्र रखना, यह तुम्हारी साधना है जो तुम्हें पाप से बचाएगी।</p>
<p><strong>रीति-नीति का ज्ञान नहीं होगा, तो एकता संभव नहीं </strong></p>
<p>अदृश्य और दृश्य जो है, इसे श्रुतज्ञान से जाना जाता है। हम परोक्ष ज्ञान से भी अदृश्य और दृश्य को जान सकते हैं और जान ही रहे हैं। परोक्ष भी प्रमाण है। स्मृति, प्रत्यभिज्ञान, तर्क, अनुमान, आगम ये परोक्ष-प्रमाण के भेद हैं। आगम को पढ़ो, आगम को जानो, आगम के अनुसार जीवन जियो। भैया ! सूर्यमुखी-पुष्प बनकर जीवन जियो। सूर्य जैसे-जैसे घूमता है वैसे-वैसे सूर्यमुखी पुष्प घूमता जाता है। समाज में आनंद और शांति तब ही होती है, जब समाज दिगम्बर-गुरुओं की सेवा भक्ति में तल्लीन रहती है। भैया ! तुम्हें रीति-नीति का परिचय भी होना चाहिए। यदि रीति-नीति का ज्ञान नहीं होगा, तो परिवार व समाज की एकता संभव नहीं है। यदि आपका बेटा किसी पड़ोसी से झगड़ा करके आ गया और उसका पिता आपसे शिकायत करने आगया लेकिन आप यदि समझदार हो तो आप ही अपने बेटे को थोड़ा समझाकर डांट दोगे तो सामने वाला स्वयं ही शांत हो जाएगा। जीवन भी जियो तो नीति के साथ जियो।</p>
<p><strong>पुण्यात्मा के पास आते ही शत्रु भी विनम्र हो जाता है</strong></p>
<p>पुण्यात्मा भूतों के घर में पहुंच जाए तो सम्मान प्राप्त करता है। जिसके पास नीति और पुण्य है उसे कोई पराजित नहीं कर सकता है। पुण्यात्मा के पास आते ही शत्रु भी विनम्र हो जाता है। ज्ञानियो ! संक्षेप में यही समझना; भाई भी लड़ने खड़ा हो जाए तो हाथ जोड़कर खड़े हो जाना और मन में अदृष्ट को निहारना। मैंने पूर्व-पर्याय में कभी इस जीव को कष्ट दिया होगा, इसी कारण आज भाई लड़ रहा है। चरण छू लेना, तो वह भी पानी-पानी हो जाएगा। मुनि भगवंतों पर जब-जब उपसर्ग हुए, तो उन्होंने किसी को दोष नहीं दिया, अपितु समत्व-भाव से, समता धारण कर अदृष्ट को निहारा तो वह भी भगवान् बन गए। इस प्रकार दृष्ट व अदृष्ट को निहार कर, समता धारण कर शिवत्व के लिए पुरुषार्थ करें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/all_days_are_not_the_same_protect_everyone_and_be_kind_to_them/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दीक्षार्थी भैयाओ ने दीक्षा से पूर्व आचार्य श्री का लिया आशीष : गोद भराई कर दीक्षार्थियों की अनुमोदना की  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_initiate_brothers_took_the_blessings_of_acharya_shri_before_initiation/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_initiate_brothers_took_the_blessings_of_acharya_shri_before_initiation/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 13:44:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vinishchay Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[baby shower]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Dikshaarthi Brother]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Path of Restraint]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विनिश्चय सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[गोद भराई]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दीक्षार्थी भैया]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[संयम पथ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90808</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद लेने चारों दीक्षार्थी भैया ब्रह्मचारी प्रकाश भैया, विकास भैया, उमंग भैया एवं पंकज भैया सोमवार की संध्या बेला में रामगंजमंडी पधारे। उन्होंने सर्वप्रथम मूल नायक श्री शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए। दर्शन के बाद प्रवचन सभागार में चारों दीक्षार्थी भैयाओ की गोद भराई की गई। रामगंजमंडी से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद लेने चारों दीक्षार्थी भैया ब्रह्मचारी प्रकाश भैया, विकास भैया, उमंग भैया एवं पंकज भैया सोमवार की संध्या बेला में रामगंजमंडी पधारे। उन्होंने सर्वप्रथम मूल नायक श्री शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए। दर्शन के बाद प्रवचन सभागार में चारों दीक्षार्थी भैयाओ की गोद भराई की गई। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>  रामगंजमंडी।</strong> आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद लेने चारों दीक्षार्थी भैया ब्रह्मचारी प्रकाश भैया, विकास भैया, उमंग भैया एवं पंकज भैया सोमवार की संध्या बेला में रामगंजमंडी पधारे। उन्होंने सर्वप्रथम मूल नायक श्री शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए। दर्शन के बाद प्रवचन सभागार में चारों दीक्षार्थी भैयाओ की गोद भराई की गई। सर्वप्रथम आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज संघस्थ ब्रह्मचारी प्रताप भैया, ब्रह्मचारी राहुल भैया, ब्रह्मचारी प्रीति दीदी, ब्रह्मचारी निक्की दीदी, ब्रह्मचारी सीमा दीदी द्वारा चारों दीक्षार्थी भैयाओ की गोद भराई की एवं उनके संयम पथ की अनुमोदना की। इसके बाद सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी की ओर से संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, उपाध्यक्ष कमल लुहाड़िया, महामंत्री राजकुमार गंगवाल, मंत्री राजीव बाकलीवाल ने दीक्षार्थी भैयाओं की गोद भराई की एवं उनका अभिनंदन किया। संचालन महामंत्री राजकुमार गंगवाल ने किया। गोद भराई करने के लिए सभी समाज बंधुओ में भारी उत्साह देखा गया।</p>
<p><strong>3 नवंबर को लेंगे दीक्षा </strong></p>
<p>आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 सुंदर सागर महाराज के कर कमलों से जयपुर के सांगानेर स्थित चित्रकूट कॉलोनी में चारों दीक्षार्थी भैयाओ की दीक्षा होगी। इन मांगलिक पलों में सर्वप्रथम दीक्षार्थी ब्रह्मचारी विकास भैया ने अपने उद्बोधन में सभी को दीक्षा महोत्सव में पधारने के लिए कहा और उन्होंने कहा कि आपके यहां का जिनालय काफी अलौकिक है। वह यहां के जिनालय को देखकर काफ़ी अभिभूत हुए। इसी क्रम में दीक्षार्थी उमंग भैया ने कहा कि हम उस अवस्था को प्राप्त करने जा रहे हैं, जो हमें मोक्ष रूपी लक्ष्मी प्राप्त कराएगी। आप सभी 3 नवंबर को होने वाली दीक्षा में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारें। पंकज भैया ने दीक्षा के विषय में बताते हुए कहा कि दीक्षा लेकर मुनि बनकर हम मनुष्य जीवन में भगवान बन सकते हैं। दीक्षार्थी प्रकाश भैया ने कहा कि आप भी मुनि दीक्षा लेकर महाव्रती बनकर समाधि मरण कर सकते हैं। उन्होंने नियम संयम को ग्रहण कर मुनि बनकर महाव्रती बनने को सौभाग्यशाली बताया।</p>
<p><strong>चारों दीक्षार्थी भैया में दिखा विनय संपन्नता का अद्भुत भाव </strong></p>
<p>जब चारों दीक्षार्थी भैयाओ गुरु चरणों में पहुंचे तब उन्होंने विनम्र भाव के साथ गुरु चरणों में श्रीफल समर्पित करते हुए मंगल आशीर्वाद लिया और कहा कि आप हमें आशीर्वाद दें कि हमारा यह संयम का पथ और बलवती हो और आप भी इस महोत्सव में पधारकर हमें सानिध्य प्रदान करें। उस समय का दृश्य सचमुच भाव विहल कर देने वाला था। काफी संख्या में मौजूद भक्त इन दृश्यों के साक्षी बने। सचमुच यह दृश्य विनय संपन्नता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर गया। सभी दीक्षार्थी भैयाओ ने गुरुदेव की वैयावृति की गुरुदेव की चरणों की रज को अपने मस्तक पर लगाया। इन क्षणों में गुरुदेव का वात्सल्य भाव भी अलौकिक था।</p>
<p><strong>मन शुद्ध नहीं है तो चिंतन करो चिंता मत करो </strong></p>
<p>मंगलवार की प्रातः बेला में गुरुदेव ने मन वचन के की शुद्धि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मन शुद्ध नहीं है तो चिंतन करो। चिंता मत करो। चिंता हमें अशुभ की ओर ले जाती है और संकलेश परिणाम लाती है। तत्व पदार्थ का चिंतन करना मन की शुद्धि के लिए होता है। उन्होंने कहां श्वांस को लेना उदर में रोक देना और एक समय के बाद छोड़ना मानसिक शुद्धि का कारण है। अभ्यस्थ होंगे पंच परमेष्ठी का आलंबन लेंगे तो और अच्छा होगा। मन शुद्धि के लिए स्वाध्याय भी आवश्यक है। 5 मिनट का समय निकालकर स्वाध्याय करेंगे तो आपके मन की शुद्धि होगी। वर्तमान परिपेक्ष में कहा कि वर्तमान में व्यक्ति तनाव एवं चिंता में हैं। लोग दवाखाने से परेशान हैं। मन की शुद्धि अनिवार्य है। बात करने से नहीं मन को सुरक्षित करने से होगी।</p>
<p><strong>वाणी ऐसी बोलिए मन में शक्कर हो </strong></p>
<p>वचन शुद्धि के विषय में बोलते हुए एक लोकोक्ति को बताया कि वाणी ऐसी बोलिए मन का आपा खोए औरन को शीतल करे। स्वच्छ भी निर्मल हुए। वाणी ऐसी बोलिए कि जो फूल बरसाने वाली हो। ऐसी वाणी बोलनी चाहिए, जैसे कि मन में शक्कर हो। वचन में अनर्गल नहीं बोलना, आगम सम्मत बोलना वचन शुद्धि। वाणी मीठी होनी चाहिए। बिना गुड के शक्कर जैसी मीठी होना चाहिए। शब्दों का मीठापन व्यक्ति को प्रसन्न रखता है। अच्छा रखता है क्योंकि, आपने शुद्ध मन से बोला है। काय शुद्धि के विषय में बताते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में काय शुद्धि का विशेष महत्व है उन्होंने कहा कि विज्ञान कहता है कि बाहर की गलत वर्गणाए संक्रमित होती हैं।</p>
<p><strong>समय निकालो स्वाध्याय के लिए</strong></p>
<p>यदि आप स्नान कर किए होते हैं तो ही आप धार्मिक क्रिया करने के अधिकारी हैं। कोई भी प्रकार से यदि अशुद्धि है तो काय की शुद्धि नहीं हो सकती जिसका मन शुद्ध होगा तो उसकी आत्मा भी शुद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सामने वाला प्रसन्न हो ऐसा वचन बोलो। समय निकालो स्वाध्याय के लिए, आप एक ही पेज पढ़ो स्वाध्याय मन की शुद्धि ध्यान भी मन की शुद्धि का कारण है। अभ्यास बनाना होगा मन वचन काय की। तीनों प्रकार की शुद्धियों को यदि क्रम से प्राप्त कर लेते हैं तो हम समाधि मरण को प्राप्त हो सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_initiate_brothers_took_the_blessings_of_acharya_shri_before_initiation/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जयपुर में रविवार को दशलक्षण व्रत तपस्वियों का अभिनंदन : त्यागी व्रतियों का जुलूस निकाला जाएगा, अनुमोदना और सम्मान समारोह होगा  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/greetings_to_the_ascetics_observing_dashlakshan_fast_on_sunday_in_jaipur/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/greetings_to_the_ascetics_observing_dashlakshan_fast_on_sunday_in_jaipur/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Sep 2025 14:04:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Congratulations]]></category>
		<category><![CDATA[Dashlakshan Vrat]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kuchaman City]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Jain Sabha Jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Ramlila Ground]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Influence]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Worship]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[अभिनंदन]]></category>
		<category><![CDATA[आराधना]]></category>
		<category><![CDATA[कुचामनसिटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दशलक्षण व्रत]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म प्रभावना]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान जैन सभा जयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[रामलीला मैदान]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90532</guid>

					<description><![CDATA[राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में गुलाबी नगरी जयपुर के रामलीला मैदान में रविवार को शहर सहित जहां-जहां शाखा है वहां भाद्रपद मास में एक माह, 16 दिवस, दस उपवास कर धर्म प्रभावना-आराधना में अपनी महत्वपूर्ण योगदान देने वाले यशस्वी श्रावक-श्राविकाओं और तपस्वियों का आचार्य, मुनिराज, आर्यिका, माताजी के पावन सानिध्य में अभिनंदन किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में गुलाबी नगरी जयपुर के रामलीला मैदान में रविवार को शहर सहित जहां-जहां शाखा है वहां भाद्रपद मास में एक माह, 16 दिवस, दस उपवास कर धर्म प्रभावना-आराधना में अपनी महत्वपूर्ण योगदान देने वाले यशस्वी श्रावक-श्राविकाओं और तपस्वियों का आचार्य, मुनिराज, आर्यिका, माताजी के पावन सानिध्य में अभिनंदन किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">कुचामनसिटी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामनसिटी।</strong> राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में गुलाबी नगरी जयपुर के रामलीला मैदान में रविवार को शहर सहित जहां-जहां शाखा है वहां भाद्रपद मास में एक माह, 16 दिवस, दस उपवास कर धर्म प्रभावना-आराधना में अपनी महत्वपूर्ण योगदान देने वाले यशस्वी श्रावक-श्राविकाओं और तपस्वियों का आचार्य, मुनिराज, आर्यिका, माताजी के पावन सानिध्य में अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही त्यागी व्रती तपस्यियों की तप की अनुमोदना भी की जाएगी। राजस्थान जैन सभा शाखा कुचामन के महामंत्री सुभाष पहाडिया और यक्ष सौभागमल गंगवाल ने बताया कि त्यागी व्रतियों (तपस्वी )का सुबह 7.30 बजे जुलूस बड़ी चौपड़ से शुरू होकर रामलीला मैदान मे प्रवेश करेगा। 9 बजे सामूहिक क्षमापन पर्व, धर्मसभा एवं सम्मान समारोह होगा।</p>
<p>कोषाध्यक्ष देवेंद्र पहाड़िया ने बतायाकि कुचामन शाखा के दशलक्षण व्रत उपवास करने वाले श्रावक श्राविकाओं में सुशीला देवी जैन धर्मपत्नी विमलचंद पहाडिया, राखी जैन धर्मपत्नी विशाल पाटोदी, दीपिका जैन धर्मपत्नी कैलाशचंद बड़जात्या, अमन जैन पुत्र अजयपाटोदी, नमन पुत्र जैन निर्मल काला, अमन जैन पुत्र मनोज पाटनी, रेखा जैन धर्मपत्नी भागचंद काला का जयपुर में राजस्थान जैन सभा अध्यक्ष सुभाषचंद जैन, महामंत्री मनीष वेद, कोषाध्यक्ष अमरचंद जैन दीवान, मुख्य संयोजक यश कमल अजमेरा, मुख्य समन्वयक प्रदीप जैन लाला की टीम के नेतृत्व में सम्मान किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/greetings_to_the_ascetics_observing_dashlakshan_fast_on_sunday_in_jaipur/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दसलक्षण महापर्व पर बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में 25 व्रतियों का सम्मान : समाजजनों ने व्रतियों के संयम, तप, आराधना की अनुमोदना की  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_occasion_of_the_daslakshan_mahaparva_festival_25_devotees_were_honored_at_the_saraswati_bhavan_hall_of_the_main_temple/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_occasion_of_the_daslakshan_mahaparva_festival_25_devotees_were_honored_at_the_saraswati_bhavan_hall_of_the_main_temple/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 13:35:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[25 व्रतियों का सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[austerity]]></category>
		<category><![CDATA[Commemoration of 25 Vow-Holders]]></category>
		<category><![CDATA[Commendation]]></category>
		<category><![CDATA[Daslakshan Mahaparva]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Jhumri Tilaiya श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Main Temple Saraswati Bhavan]]></category>
		<category><![CDATA[Self Control]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Worship]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[आराधना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[झुमरी तिलैया]]></category>
		<category><![CDATA[तप]]></category>
		<category><![CDATA[दसलक्षण महापर्व]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ा मंदिर सरस्वती भवन]]></category>
		<category><![CDATA[संयम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90335</guid>

					<description><![CDATA[स्थानीय बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में मंगलवार को रत्नत्रयी 25 व्रतियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समाजजनों ने व्रतियों के तप और साधना की अनुमोदना की। झुमरी तिलैया से पढ़िए, राजकुमार अजमेरा और नवीन जैन की यह खबर&#8230; झुमरी तिलैया। स्थानीय बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में मंगलवार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>स्थानीय बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में मंगलवार को रत्नत्रयी 25 व्रतियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समाजजनों ने व्रतियों के तप और साधना की अनुमोदना की। <span style="color: #ff0000">झुमरी तिलैया से पढ़िए, राजकुमार अजमेरा और नवीन जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरी तिलैया।</strong> स्थानीय बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में मंगलवार को रत्नत्रयी 25 व्रतियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समाजजनों ने व्रतियों के तप और साधना की अनुमोदना की। जैन समाज के उप मंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, किशोर जैन पांडया, ललित सेठी, सुनील सेठी, सुरेश सेठी एवं पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन किया। इस मौके पर हुए कार्यक्रम में सभी व्रतधारियों को सम्मान पत्र देकर साफा माला पहनाकर स्वागत किया गया। महिला समाज की अध्यक्ष नीलम जैन सेठी, सचिव आशा जैन गंगवाल, किरण ठोलिया, मोना छाबड़ा, पार्षद पिंकी जैन आदि महिलाओं ने सभी व्रत धारी का सम्मान स्वागत अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने की अनुमोदना </strong></p>
<p>समाज के पदाधिकारी राज जैन छाबड़ा, सुरेंद्र जैन काला, मंच संचालन कर्ता पंडित अभिषेक शास्त्री, कार्यक्रम संयोजक संजय जैन ठोलिया, मीडिया प्रभारी नवीन जैन ने श्रद्धालु व्रत धारियों के प्रति अपनी अनुमोदना प्रकट की और कहा कि जैन धर्म में व्यक्ति की नहीं गुणों की पूजा होती है। सच्चे देव शास्त्र गुरु के प्रति जो श्रद्धा रखता है, उसी को सम्मान मिलता है। आप सभी ने व्रत तपस्या की है। उसी का आज सम्मान मिल रहा है। आत्म शुद्धि के इस महापर्व पर सभी ने धर्म गंगा में डुबकी लगाई है और अपने जीवन को धर्म पथ पर लगाया है। शशि जैन छाबड़ा ने भजनों से लोगों को आनंदित किया। सभी व्रतधारियों ने अपने संबोधन में गुरुदेव सुयश सागर जी के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति नमन प्रस्तुत किया और कहा कि गुरुदेव के आशीर्वाद से ही हम यह व्रत कर पाए हैं।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-90339" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250909-WA0034.jpg" alt="" width="432" height="546" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250909-WA0034.jpg 432w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250909-WA0034-237x300.jpg 237w" sizes="(max-width: 432px) 100vw, 432px" />इन्होंने किए व्रत और इनका किया गया सम्मान </strong></p>
<p>राकेश जैन छाबड़ा, विनीत जैन गंगवाल, रुपेश जैन छाबड़ा ,आशीष जैन अजमेरा,</p>
<p>मिहिर जैन छाबड़ा, ऋषभ जैन पहाडिया ,अर्पित जैन सेठी, खुशबू जैन पांड्या, अंजू जैन पांड्या, आशिका जैन सेठी, अंजु जैन रावका, रक्षिता जैन सेठी, निधि जैन गंगवाल, शिल्पा जैन ठोल्या, शिखा जैन गंगवाल, संगीता जैन छाबडा, प्रियंका जैन छाबडा, शिल्पा जैन ठोल्या, वीणा जैन झांझरी, निधि जैन अजमेरा धर्मपत्नी पुनीत जैन अजमेरा, कोडरमा निवासी बेंगलोर प्रवासी ने रत्नत्रय व्रत धारण किया। नेहा झांझरी (रायपुर)में शोभा जैन पाटनी (दिल्ली) वंदना जैन गंगवाल(धनबाद) ने 10 लक्षण व्रत धारण किया। प्रेम जैन झांझरी ने 16 कारण व्रत धारण किया। जिनके व्रत संयम को नमन करते हुए समाज ने उन्हें सम्मानित किया और ससम्मान गाजे बाजे के साथ सभी व्रतधारियों को जैन भवन पहुंचाया गया। समाज के उप मंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन काला, सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबड़ा, बिनोद जैन अजमेरा, दिल्ली से अशोक-मंजू जैन अजमेरा आदि ने सब व्रत धारियों के पुण्य की अनुमोदना की। शाम को क्षमा वाणी पर्व मनाया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_occasion_of_the_daslakshan_mahaparva_festival_25_devotees_were_honored_at_the_saraswati_bhavan_hall_of_the_main_temple/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपवास केवल अन्न का नहीं मोह-माया और आत्म विस्मृति का है त्याग: मुनिश्री सर्वाथसागर जी ने तप और उपवास की बताई महिमा  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/fasting_is_not_just_about_food_it_is_about_giving_up_attachment_and_self_forgetfulness/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/fasting_is_not_just_about_food_it_is_about_giving_up_attachment_and_self_forgetfulness/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:36:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vishuddha Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Approval]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[fasting]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pranut Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri Sarvathsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[penance worship]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विशुद्ध सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[उपवास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तप आराधना]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री सर्वाथसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84633</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां नित पूजन विधान के साथ धर्मसभा हो रही है। इसका धर्मलाभ लेने के लिए नगर के जैन समाज के श्रेष्ठीजन बड़ी संख्या में मौजूद रह रहे है। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; पथरिया। आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां नित पूजन विधान के साथ धर्मसभा हो रही है। इसका धर्मलाभ लेने के लिए नगर के जैन समाज के श्रेष्ठीजन बड़ी संख्या में मौजूद रह रहे है। <span style="color: #ff0000">पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया।</strong> आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां नित पूजन विधान के साथ धर्मसभा हो रही है। इसका धर्मलाभ लेने के लिए नगर के जैन समाज के श्रेष्ठीजन बड़ी संख्या में मौजूद रह रहे है। सोमवार को मुनिश्री सर्वार्थ सागर महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि मुनि श्री का चातुर्मास उज्जैन की इस पावन भूमि में हो रहा है। मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी ने कहा कि मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज का जीवन एक बहती हुई निर्मल गंगा के समान है। शांत, पावन और सबको तृप्त करने वाला। आज हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उनके आठ उपवासों की अनुमोदना करने का यह पुण्य अवसर मिला है। उपवास केवल अन्न का त्याग नहीं, यह राग-द्वेष, मोह-माया और आत्म विस्मृति का त्याग है। मुनि श्री ने जिस सहजता और शुद्ध भावना से इस तप आराधना को किया है, वह वास्तव में अलौकिक है। उनका संयममय जीवन, उनकी सरलता, उनकी प्रत्येक वाणी, एक संदेश है आत्मा को जागृत करने का। वे कहते नहीं, जी कर दिखाते हैं कि धर्म केवल ग्रंथों में नहीं जीवन में उतरने योग्य अनुभव है। इस संसार में जब हम थोड़ी सी भूख में बेचैन हो जाते हैं, वहीं मुनि श्री आठ दिनों तक शरीर को त्याग कर आत्मा की शक्ति को जाग्रत करते हैं।</p>
<p>यह उपवास हमें बताता है कि हम शरीर नहीं हैं, हम आत्मा हैं। उनका हर उपवास, हर ध्यान, हर मौन कृ एक तप की गूंज है जो हम सबके हृदय को झकझोरती है। क्या हम भी कभी उस मार्ग पर चल पाएंगे? शायद नहीं, लेकिन अनुमोदना करके, उस पुण्य मार्ग की ओर कदम तो बढ़ा सकते हैं। तो आइए, हम सब मिलकर उनके तप का हृदय से अभिनंदन करें। उनकी स्वस्थ दीर्घ आयु की मंगल भावना करें और अपने जीवन में भी थोड़ा संयम, थोड़ा समर्पण और थोड़ा आत्म-चिंतन जोड़ने का संकल्प करें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/fasting_is_not_just_about_food_it_is_about_giving_up_attachment_and_self_forgetfulness/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गिरनार तीर्थ के लिए 500 यात्रियों का जत्था रवाना: विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में पहुंचेंगे गिरनारजी  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_group_of_500_pilgrims_left_for_girnar_pilgrimage/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_group_of_500_pilgrims_left_for_girnar_pilgrimage/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 07:45:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[8 Sleeper Coach Bus]]></category>
		<category><![CDATA[8 स्लीपर कोच बस]]></category>
		<category><![CDATA[anumodana]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Girnarji Tirth]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Neminath]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Bagh Aerodrome Road]]></category>
		<category><![CDATA[Moksha Kalyanak Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Moksha Sthal]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अनुमोदना]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[गिरनारजी तीर्थ]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान नेमिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर बाग एरोड्रम रोड]]></category>
		<category><![CDATA[मोक्ष कल्याणक महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[मोक्ष स्थली]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84095</guid>

					<description><![CDATA[गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनारजी तीर्थ के लिए इंदौर से यात्रियों को जत्था सोमवार शाम को रवाना हुआ। 8 बसों के माध्यम से विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में यह यात्रा हो रही है। जैन सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं समाज के वरिष्ठ जनों ने धर्मयात्रियों को मंगलकामनाओं सहित विदा किया। इंदौर से पढ़िए, राजेश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनारजी तीर्थ के लिए इंदौर से यात्रियों को जत्था सोमवार शाम को रवाना हुआ। 8 बसों के माध्यम से विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में यह यात्रा हो रही है। जैन सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं समाज के वरिष्ठ जनों ने धर्मयात्रियों को मंगलकामनाओं सहित विदा किया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> भगवान नेमिनाथ की मोक्ष स्थली पर मोक्ष कल्याणक महोत्सव में शामिल होने के लिए मां अहिल्या की नगरी इंदौर शहर से 500 से अधिक जैन श्रद्धालुओं का 8 स्लीपर कोच बसों से जत्था सोमवार शाम 7 बजे महावीर बाग एरोड्रम रोड से गिरनार तीर्थ क्षेत्र के लिए रवाना हुआ। यह धार्मिक यात्रा जैन समाज के लिए महत्वपूर्ण है। जिसको लेकर समंग्र जैन श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह दिखा। तीर्थ यात्रियों को महावीर बाग एरोड्रम रोड से जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों एवं धार्मिक संगठनों ने विदाई दी। यात्रा के संयोजक विश्व जैन संगठन इंदौर के अध्यक्ष मयंक जैन ने बताया कि भगवान नेमीनाथ के मोक्ष कल्याण दिवस बुधवार को लेकर देशभर के जैन तीर्थ क्षेत्र में एवं जिनालयों में भगवान नेमीनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जिसमें गिरनार पर्वत का विशेष महत्व है। यहीं से भगवान नेमीनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था। इस धार्मिक आयोजन में इंदौर सहित देशभर से लगभग 50 हजार श्रद्धालु गिरनार जी पहुंचकर भगवान नेमिनाथ को सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू चढ़ाएंगे।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-84097" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250701-WA0020-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />सफल मंगलमय यात्रा की अनुमोदना की</strong></p>
<p>गिरनार तीर्थ के तीर्थ यात्रियों को विदाई देने के लिए लिए 8 बसों के पुण्यार्जक सहित समाज श्रेष्ठी कांतिलालल बम, राजीव जैन पार्षद, प्रदीप बड़जात्या, कैलाश वेद, डॉ. जैनेंद्र जैन, पूर्व पार्षद पवन जैन , जयदीप जैन ,मनोज काला, नकुल पाटोदी, जैनेश झांझरी, महावीर जैन, वीरेंद्र बड़जात्या, पवन पाटोदी, संगीता विनायका आदि गणमान्य उपस्थित थे। सभी ने यात्रियों को सफल यात्रा की शुभकामनाएं देकर रवाना किया। मंगलमय यात्रा की अनुमोदना की। संयोजक मयंक जैन ने बताया कि यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_group_of_500_pilgrims_left_for_girnar_pilgrimage/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
